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अध्याय-1

किरन






अरी किरन तू उठकर इतनी

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जल्दी आज चली आई।

मैं तो बिस्तर में से अपने

अब तक निकल नहीं पाई।


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कल तो तेरे साथ शाम तक

खेल बहुत से खेली मैं।

पर जब तू चल दी सोने को

तो रह गई अकेली मैं।


तू सुख से सोई होगी पर

मुझको नींद नहीं आई।

परी कथाएँ पढ़ते-पढ़ते

बड़ी देर में सो पाई।


कहने लगी किरन यह सुनकर

मैं ही कब सो पाती हूँ।

तुम्हे सुलाकर एक दूसरी

दुनिया में मैं जाती हूँ।

बच्चे जो बिस्तर में सोए

होते, उन्हें जगाती हूँ।

वहाँ शाम हो जाती है तो

लौट यहाँ फिर आती हूँ।

- निरंकार देव सेवक'

बातचीत के लिए

  1. 1. आपको कैसे पता चलता है कि सुबह हो गई है?
  2. 2. ऐसे कौन-कौन से कार्य हैं जो सूर्य के प्रकाश के बिना संभव नहीं हैं?
  3. 3. सुबह और शाम में से आपको कौन-सा समय अधिक अच्छा लगता है और क्यों?

पाठ से

सही उत्तर पर सूरज का चित्र () बनाइए -

1. किरन के अनुसार वह मुख्य रूप से कौन-सा काम करती है?
  1. (क) सोते बच्चों को जगाना ( )
  2. (ख) खेलते बच्चों को सुलाना ( )
  3. (ग) बच्चों के साथ खेलना ( )
  4. (घ) परी कथाएँ पढ़ना-पढ़ाना ( )
2. बालिका को बहुत देर तक नींद क्यों नहीं आई?
  1. (क) क्योंकि वह देर रात तक खेल रही थी। ( )
  2. (ख) क्योंकि वह पढ़ रही थी। ( )
  3. (ग) क्योंकि उसे बहुत गरमी लग रही थी। ( )
  4. (घ) क्योंकि वह घूमने गई थी। ( )
3. जब किरन आई, उस समय बालिका क्या कर रही थी?
  1. (क) वह सो रही थी। ( )
  2. (ख) वह खेल रही थी। ( )
  3. (ग) वह गीत गा रही थी। ( )
  4. (घ) वह पढ़ और लिख रही थी। ( )

सोचिए और लिखिए

  1. 1. किरन ने दूसरी दुनिया में जाने की बात क्यों कही होगी?
  2. 2. "वहाँ शाम हो जाती है तो
  3. लौट यहाँ फिर आती हूँ।"
  4. उपर्युक्त पंक्तियों में 'वहाँ' और 'यहाँ' शब्द किसके लिए प्रयुक्त हुए हैं?
  5. 3. प्रकृति हमें प्रकाश, फल, फूल, लकड़ी, वायु, पानी और बहुत कुछ देती है। हम प्रकृति के लिए क्या-क्या कर सकते हैं? सोचिए और अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए।
  6. 4. कविता की किन पंक्तियों से पता चलता है कि किरन बालिका के साथ दिन भर रहती है? उन पंक्तियों को चुनकर लिखिए।

समझ और अनुभव

  1. 1. "कहने लगी किरन यह सुनकर
  2. मैं ही कब सो पाती हूँ।
  3. तुम्हें सुलाकर एक दूसरी
  4. दुनिया में मैं जाती हूँ।"
  5. किरन कितना परिश्रम करती है, यहाँ से वहाँ नियत समय पर प्रतिदिन आती-जाती है। आपको अपने आस-पास कौन-कौन परिश्रम करते दिखाई देते हैं?
  6. 2. वे कौन-कौन से लोग हैं जो किरन की भाँति आपको जगाते हैं, आपके साथ खेलते हैं और प्रोत्साहित करते हैं? उनके लिए आप क्या-क्या करते हैं, यह भी लिखिए।
  7. 3. आपके घर या प्रदेश में सूर्य अथवा चाँद से जुड़े किसी एक त्योहार का पता लगाइए और उसके बारे में लिखिए।

अनुमान और कल्पना

  1. 1. यदि किरन कभी न आए या न जाए तो क्या होगा?
  2. 2 . यदि आपको किरन के साथ दूसरी दुनिया में जाने का अवसर मिले तो आप चाहेंगे और क्यों?

भाषा की बात

  1. 1."कल तो तेरे साथ शाम तक
  2. खेल बहुत से खेली मैं।"
  3. 'शाम' के लिए हम संध्या, साँझ, सायं जैसे शब्दों का भी प्रयोग करते हैं। मिलते-जुलते या समान अर्थ वाले ऐसे शब्दों को समानार्थी शब्द कहते हैं।

  4. नीचे दिए गए शब्दों के समान अर्थ वाले शब्दों पर पर घेरा बनाइए -
    • नभ------आकाश, अंबा नभचर
    • हवा------वायु, व्योम, पवन
    • पेड़----------विशाल, वृक्ष, तरु
    • फूल---------कुसुम, सरिता, सुमन
    • दुनिया---------भूमि, संसार, विश्व

  5. 2. दिए गए रिक्त स्थानों की पूर्ति रेखांकित शब्दों के विपरीत अर्थ वाले शब्दों से कीजिए-
    1. (क) मैं आज यह परी-कथा पढूँगा, .................आप पढ़ लेना।
    2. (ख) मैं जब तक खेलने के लिए आई तब तक हरिका चली .................थी।
    3. (ग) वह .................आया और शाम को चला गया।
    4. (घ) मेरे जागने और .................का समय निश्चित है।

    3."चिड़ियाँ गाती गीत चलीं

    हवा चली, खिल उठे पेड़ सब।"

    इन पंक्तियों को सामान्य बातचीत के रूप में लिखा जाए तो ऐसे लिखेंगे -

    "चिड़ियाँ गीत गाती हुई उड़ रही थीं, हवा चलने लगी, हवा के चलने से पेड़-पौधों की पत्तियाँ भी हिलने लगीं जैसे कि वे प्रसन्नता से झूम रही हों।"

    आप भी सामान्य ढंग से कही गई बात को कविता का रूप दे सकते हैं। उदाहरण के लिए, इन पंक्तियों को पढ़िए -

    "चंद्रमा चमक रहा रहा है. तारे भी चमक रहे हैं, आकाश में प्रकाश ही प्रकाश हो गया है।" आइए, इन पंक्तियों को कविता का रूप देने का प्रयास करते हैं

    "चंदा चमका तारे चमके

    चमका सारा अंबर"

आप भी सामान्य रूप से कही गई किसी बात को कविता के रूप में लिखने का प्रयास कीजिए।

आपकी बातचीत

कविता में बालिका, किरन से बात कर रही है। यदि आपको भी नीचे दिए गए विकल्पों में से किसी से बात करने का अवसर मिले तो आप किससे बात करना चाहेंगे? अपने चुने गए विकल्प के सामने सही का चिह्न (✔) लगाइए
  • वृक्ष
  • पानी
  • चाँद
  • पत्ता
  • हवा
  • मिट्टी
  • बादल
  • अपने सहपाठियों के साथ चर्चा कीजिए कि आप इनसे क्या बातचीत करेंगे?
  • अपने सहपाठियों की सहायता से इस बातचीत का अभिनय भी कीजिए।
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इसे भी जानिए




हमारी धरती गेंद की तरह गोल है। वह अपनी धुरी पर घूमती हुई सूर्य की परिक्रमा करती रहती है। सूर्य निरंतर प्रकाशित रहता है। Screenshot 2025-08-05 153731 पृथ्वी का जो भाग सूर्य की ओर आ जाता है, वहाँ दिन हो जाता है। चित्र में यदि बत्ती को सूर्य मान लें और गोलक को पृथ्वी तो प्रकाश गोलक के जिस भाग पर पड़ रहा है, वहाँ दिन है और दूसरे अँधेरे भाग में रात है। अधिक जानने के लिए आप निम्न वीडियो लिंक पर भी जा सकते हैं- https://www.youtube.com/watch?v=NoCXddI2sg8&t=1s
स्रोत – वीडियो – रात और दिन, एन.सी.ई.आर.टी. ऑफिसियल यूट्यूब चैनल

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पुस्तकालय एवं अन्य स्रोत

आपको ज्ञात ही होगा कि सुनीता विलियम्स भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री हैं। शिक्षकों एवं अभिभावकों की सहायता से आप सुनीता विलियम्स के बारे में पुस्तकालय एवं अन्य स्रोतों से जानकारी एकत्रित कीजिए।


पेड़ का जादू

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बुआ के घर में पेड़ था।

पेड़ पर गिलहरी देखकर मैंने कहा,

"बुआ! आपने गिलहरी कहाँ से

खरीदी? मैं भी लूँगा। उसे पालूँगा।"

बुआ ने कहा,

"मेरे घर में पेड़ है। पेड़ के होने से गिलहरी

अपने आप आ जाती है। पेड़ पर देखो।

चिड़ियाँ बैठी हैं। चिड़ियों को मैंने

नहीं पाला। पेड़ होने से वे आ गईं।

तुम अपने घर में पेड़ उगा लो तो गिलहरी

आ जाएगी। चिड़िया आएगी। बाहर धूप

होगी तो पेड़ के नीचे छाया आ जाएगी।

तब छाया में खेलना अच्छा लगेगा।"

– विनोद कुमार शुक्ल