
अध्याय 1
विज्ञान का अनूठा संसार
मनुष्य सदैव अपने आस-पास के परिवेश के विषय में जानने के लिए उत्सुक रहता हैं| बचपन से ही हम अपने आस-पास के क्षेत्र के बारे में खोजने लगते हैं और प्रश्न पूछने लगते हैं| विद्यालय के प्रारंभिक स्तर में पढ़ते हु ए क्या आप अपने आस-पास के परिवेश के विषय में पता लगाकर और खोजकर आनंदित हुए? मध्य स्तर में भी हम अपने आस-पास के इस सुंदर विश्व को जानने और समझने की रोचक यात्रा की ओर अग्रसर होते रहेंगे और इसके लिए हमारे पास एक नया विषय है— विज्ञान| विज्ञान के इस अदभुत संसार में आपका हार्दिक स्वागत है!
विज्ञान देखने, सोचने, समझने और कार्य करने का एक सशक्त माध्यम
है जो विश्व के रहस्यों की परतें खोलता है|
विज्ञान क्या है?
यह एक रोमांचक साहसिक कार्य की तरह है— जहाँ हम प्रश्न पूछते हैं,
प्रकृति के विभिन्न आयाम खोजते हैं और यह समझने का प्रयास करते हैं कि ये सब
आखिर हाेता कै से है! ये सब जानने के लिए सबसे महत्वपूर्ण है ‘जिज्ञासा’ और इसी
जिज्ञासा से इस पुस्तक का शीर्षक भी आया है|
अध्ययन चाहे रेत के छोटे-छोटे कणों का हो या बड़े-बड़े पर्वतों का, एक घास के
तिनके का हो या किसी विस्तृत जंगल का, यह हमें सदा ही नित नई खोजों के लिए
प्रेरित एवं
उत्साहित करता रहता है|
क्या आपने कभी रात के आकाश
में चमकते तारों को ध्यान से देखा
और ये सोचा कि ये तारे चमकते क्यों हैं? किसी फूल को खिलते देख
आप विस्मित हुए हैं कि उसे कैसे पता चलता है कि कब खिलना है?
ये सब विज्ञान द्वारा उजागर
होने वाले अनेक रहस्यों के कुछ
उदाहरण मात्र हैं| विज्ञान के बारे में
सबसे रोचक बात यह है कि ये सर्वत्र
है| महासागर की गहराइयों से लेकर

पर्वतीय क्षेत

मरुस्थल

समुद्र-तट
अंतरिक्ष की व्यापकता तक और रसोई में पक रहे व्यंजनों से लेकर सबसे अभतपूर्व खोज ऐसे ही अकल्पनीय स्थानों में हुई हैं|

समद्र के भीतर का दृश्य

मंदाकिनी (आकाश गं
गा)
विज्ञान एक व्यापक और अंतहीन जिग्साॅ पहेली जैसा है| हमारे द्वारा की गई प्रत्येक
नई खोज इस पहेली का एक और टु
कड़ा जोड़ देती है और आपको पता है कि यही तो
इस पहेली की सबसे अच्छी बात है! इसकी कोई सीमा नहीं है कि हम क्या-क्या खोज
सकते हैं क्योंकि ज्ञान का हर नया भाग नये प्रश्नों तथा खोजों की ओर ले जाता है| हम
कभी-कभी देखते हैं कि इस पहली का एक टु
कड़ा गलत स्थान पर जोड़ दिया गया है
और उसे वहाँ से दूसरे स्थान पर ले जाने की आवश्यकता है| नई खोजें प्राय: विश्व के
बारे में हमारी समझ बढ़ाती है|
आप जैसे-जैसे यह पुस्तक पढ़ेंगे, आपके सामने अनेक रोचक विचार आयेंगे| आप
कई नये प्रयोग करेंगे जो आपको विचार करने को प्रेरत करेंगे और आप यह भी जानेंगे
कि हमारे दैनिक जीवन में ये सब कैसे उपयोगी हैं| अनुमान लगाइए कि जब हम नई-नई खोज करेंगे तो क्या होगा? तब हमें यह समझ आने लगेगा कि
ये सभी विचार एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं|
आइए, इस यात्रा को आरंभ करते हैं अपनी पथृ्वी से|
पथृ्वी एकमात्र ऐसा ग्रह है जिस पर जीवन है| पथृ्वी पर
पर्यावरण भी जिसकी रक्षा करना अति आवश्यक है| पृथ्वी पर जीवन की एक अदभु् त विविधता है— पौधे और जंतु, जो इस ग्रह के विभिन्न क्षेत्रों में जीवित रहने और फलने-फूलने में सफल हो सके हैं|
आपने किसी बीज को एक पौधे में और किसी इल्ली (कैटरपिलर) को एक संदुर तितली
में परिवर्तित होते देखा होगा तथा ऐसे अनेक अवलोकन किये होंगे| इन पौधों और
जंतुओं का विकास किस प्रकार होता है?
इस पुस्तक की सहायता
से हम क्या खोजेंगे?

वास्तव में, हमारे शरीर की वृद्धि (विकास) के लिए हमें भोजन की आवश्यकता होती है| विशेष रूप से भारत जैसे विशाल और विविध देश में भोजन अत्यंत मनभावन है| देशभर में विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट पकवान और उनको बनाने की विशिष्ट विधियाँ हैं| वे सब किससे बनते हैं? हम इसे कैसे पता करेंगे?
हमें जीवित रहने के लिए भोजन के साथ-साथ जल की भी आवश्यकता होती है|
जल एक अत्यंत आनंददायक पदार्थ है| क्या आप कभी बारिश में दौड़े, भागे और कूदे
हैं? क्या आपने कभी सोचा है कि बारिश क्यों और कैसे होती है?
क्या आपने ध्यान दिया कि जल ठंडा करने पर बर्फ बन जाता है और गरम करने
पर उबलने लगता है? क्या आपको भी गरमी में ठं
डा जल पीने या सर्दियों में गरम जल
से नहाने में आनंद आता है? हम गरम और ठंडे को कैसे समझते हैं? चाहे वह जल हो
या ज्वर से तपते हमारे शरीर का तापमान, काेई वस्तु कितनी गरम है यह ज्ञात करना महत्वपूर्ण है!

और फिर, हमारे आस-पास अनेक प्रकार की वस्तुएँ हैं — जिस कागज पर हम
लिखते हैं, धातु की चाबी, प्लास्टिक का पैमाना, हमारे बॉक्स में मिटाने वाला रबर,
बॉक्स को बं
द रखने वाला चुम्बक हमारे पहनने के कपड़े, दुध पीने का प्याला और
बहुत-सी अन्य वस्तुएँ| ये सब किससे बनी होती हैं? क्या ये विभिन्न पदार्थों से बनी हैं?
हम विभिन्न पदार्थों को एक-दूसरे से कैसे पृथक करते हैं?

हम स्वयं
अपने प्रश्नों के उत्तर ढूँढ़ने का प्रयास
कैसे कर सकते है?
इस पुस्तक की यात्रा में हम जैसे-जैसे आगे बढ़ेंगे, वैसे-वैसे इस पृथ्वी पर विद्यमान
प्रत्येक वस्तु के बारे में प्रश्न की एक अंतहीन-सी सूची बनती जाएगी किंतु प्रश्नों की
यह सीमा केवल पृथ्वी केलिए ही क्यों हो? हम उससे परे सूर्य चंद्रमा और आकाश में
चमकने वाले लाखों तारों पर भी प्रश्न पूछ सकते हैं !
चाहे आपको किसी पत्ती की संरचना के बारे में जानना हो या
यह कि वस्तुएँ कैसे गति करती हैं या यह कि मुंगफली के छिलके
को कैसे अलग करते हैं, इस पुस्तक का प्रत्येक अध्याय आपकी
जानने की इच्छा को तो जागृत करेगा ही, संभवतः आपके मन में
अनेक प्रश्न भी पैदा करेगा|
चाहे आपने ध्यान न दिया हो, फिर भी आप अनेक प्रश्नों
के उत्तर अब तक ढूँढ़ते रहे होंगे| मान लीजिए कि आपकी कलम
लिखना बंद कर देती है तब आप क्या करेंगे? आप शायद अपने आप से यह प्रश्न पूछेंगे,
“मेरी कलम ने लिखना क्यों बंद कर दिया?” आप यह अनुमान लगाएँगे कि कलम में
स्याही समाप्त हो गई होगी|
तब आप इस अनुमान का परीक्षण कलम खोलकर
और रिफिल की स्याही जाँच कर करेंगे| यदि वह
खाली है तो आप जान जायेंगे कि आपका अनुमान सही था, परंतु मान लीजिए कि आप देखते हैं कि
स्याही समाप्त नहीं हुई है| तब आप क्या करेंगे?
आप एक और अनुमान लगाएँगे कि संभवत:
स्याही सूख गई है| इसकी जाँच करने के लिए
कि यह अनुमान सही है या नहीं, अब आप
कुछ और करने का प्रयास करेंगे|
वास्तव में, विज्ञान ऐसे ही कार्य करता
है| आपके यह जानने का प्रयास कि आपकी
कलम ने लिखना क्यों बंद कर दिया, वैज्ञानिक
विधि का एक उदाहरण है|

क्रियाकलाप 1— आइए, सोचें और लिखे
- एक ऐसी ही अन्य समस्या के बारे में लिखें जिसे आपने हल करने का प्रयास
किया हो|
- आपने किन चरणों का पालन किया?
वैज्ञानिक वे लोग होते हैं जो समस्याओं
का हल ढूँढ़ने अथवा नई वस्तुओ् की खोज करने के लिए वैज्ञानिक विधि का प्रयोग करते
हैं, परन्तु क्या कोई भी व्यक्ति जो वैज्ञानिक
विधि का पालन करता है एक वैज्ञानिक की
तरह कार्य करता है? भोजन पकाने वाला व्यक्ति यह सोचकर हैरान हो सकता है कि
दाल कुकर से बाहर कैसे निकली— क्या
कुकर में बहुत अधिक पानी था?
साइकिल की मरम्मत करने वाले व्यक्ति के बारे में सोचिए जो यह ढूँढ़ने का प्रयास कर
रहा है कि टायर से हवा कैसे निकली— हवा
कहाँ से बाहर निकल गई? या कोई विघुत ठीक करने वाला व्यक्ति यह ढूँढ़ने का प्रयास
कर रहा है कि विघुत बल्ब क्यों नहीं जल
रहा— क्या कोई समस्या बल्ब में है या स्विच
में? जब हम प्रश्न पूछने और इनका उत्तर ढूँढ़ने
का प्रयास करते हैं तो एक तरह से हम सभी
वैज्ञानिकों जैसा कार्य करते हैं!

क्रियाकलाप 2— आइए, सोचें और लिख
क्रियाकलाप 3— आइए, विचार करें और लिख
- यदि आपको किसी वस्तु या घटना के बारे में प्रश्न पूछना है कि यह क्यों होती है
तो उसके बारे में आप क्या पूछेंगे ?
- .
आप अपने प्रश्न का उत्तर किस प्रकार खोजेंगे यह लिखने का प्रयास कीजिए|
वैज्ञानिक खोजें अकेले कम ही होती हैं| दुनिया भर के वैज्ञानिक प्रायः एक-दूसरे के साथ
बड़े-बड़े समहों में कार्य करते हैं| इसलिए, यदि आप स्वयं
उत्तर नहीं ढूँढ़ पाते हैं तो अपने
मित्रों से निसंकोच सहायता माँगिए! साथ मिलकर खोजना सदैव अधिक आनंददायक
होता है|

संभवत: आपको अपने सभी प्रश्नों के उत्तर कक्षा 6 में नहीं मिलेंगे| चिंता न करें, आप
विज्ञान की यात्रा पर निकल पड़े हैं— अगले पाँच वर्षों के लिए या उससे भी आगे!
बुद्धिमान बनने के लिए प्रश्न पूछनेवाला बनना
आवश्यक है ?
जिस प्रकार बच्चे बारिश का आनंद लेते हैं, उसी प्रकार विज्ञान भी
एक आनंदमय खोज जैसा होता है| विज्ञान की इस यात्रा का आनंद लें
और खोज करते रहें| ब्रह्मांड के अद्भुत रहस्यों के बारे में सोचना कभी
भी बंद न करें और प्रश्न पूछते रहें|
क्या आप विज्ञान की इस रोमांचक यात्रा पर निकलने के लिए तैयार
हैं? आइए, इसे आरंभ करें!!