
अध्याय - 5
लंबाई एवं गति का मापन

दीपा एक जिज्ञासु बालिका है| वह 11वर्ष की है और हरियाणा प्रांत के एक नगर में रहती है| विद्यालय का नया सत्र आरंभ हो चुका है| दीपा को विद्यालय के लिए नई वर्दी चाहिए क्योंकि उसका कद बढ़ गया है| उसकी माँ उसे एक कपड़े की दुकान पर ले जाती हैं| वह दो मीटर कपड़े का टुकड़ा माँगती हैं| दुकानदार एक धातु की मापक छड़ से उस कपड़े को मापता है|
उसके बाद दर्जी लचीले मापन फीते से दीपा की वर्दी का माप लेता है| उसकी माँ दर्जी से कहती हैं कि वर्दी की लंबाई चार अँगुल (चार अँगुली की चौड़ाई के बराबर) अधिक रखे|

दीपा अपने अनुभव विद्यालय के मित्रों अनीश, हरदीप, पद्मा एवं तस्नीम के साथ साझा करती है और इससे उनके बीच चर्चा आरंभ हो जाती है|

5.1 हम कैसे मापते हैं?
हरदीप कहता है, "मैंने अपनी दादी माँ को अपने हाथ की लंबाई से कपड़ा मापते हुए देखा है|"
"क्या आपने कभी किसी किसान को अपने खेत की क्यारियाँ बनाने के लिए खेत की लंबाई मापते हुए देखा है? वह चलता जाता है और अपने कदमों की संख्या गिनता जाता है", पद्मा कहती है|
"अरे, कदम ही नहीं, कभी-कभी वे मापने के लिए अपने पैर के पंजे की लंबाई का भी उपयोग करते हैं", अनीश ने कहा|
दीपा उत्साह से कहती है, "शरीर के अंगों का उपयोग कर लंबाई मापना बहुत रोचक होगा| आओ, हम भी शरीर के अंगों का उपयोग कर कुछ मापते हैं|"
"हमें क्या मापना चाहिए? अच्छा, आओ हम अपने कक्षा-कक्ष में रखे मेज की लंबाई मापते हैं", तस्नीम कहती है|
पद्ममा बात आगे बढ़ाते हुए कहती है, "और इसको मापने के लिए हम शरीर के किस अंग का उपयोग करेंगे?"
दीपा कहती है, "हम हाथ के पंजे की चौड़ाई का उपयोग करते हैं| मैं दिखाती हैं कि यह कैसे किया जाता है| मैंने अपनी माँ को इसका उपयोग करते हुए देखा है| वह इसे बालिश्त (हैंडस्पैन) कहती हैं|"
हरदीप ने कहा "अच्छा| आओ, हम अपने माप को अंकित भी करते हैं|”

चित्र 5.1- मापने के लिए बालिश्त का उपयोग
तालिका 5.1- मेज की लंबाई मापना
पद्मा कहती है, "अरे, मेज की लंबाई के माप में हम सभी के बालिश्तों की संख्या तो भिन्न-भिन्न प्राप्त हुई है| तब हम बालिश्तों में मेज की लंबाई के बारे में क्या कह सकते हैं?"
"परंतु ये संख्याएँ भिन्न क्यों होनी चाहिए?" हरदीप विचारपूर्वक पूछता है|
तस्नीम कहती है, "मुझे लगता है कि इसका कारण हमारे बालिश्तों की माप अलग-अलग होना है|"
अनीश ने सुझाया, "आओ, इसकी जाँच करते हैं|"
अब, उन पाँचों ने अपने-अपने बालिश्त एक-दूसरे के साथ रखे और इस निष्कर्ष पर पहुँचे कि उनके बालिश्तों की लंबाई भिन्न-भिन्न है|
दीपा विचारपूर्वक कहती है, "संभवतः यही कारण है कि लोग किसी वस्तु की लंबाई मापने के लिए पैमाने या मापन-फीते का उपयोग करते हैं|"
जब दीपा और उसके साथी अपने-अपने बालिश्त की लंबाई से मेज की लंबाई की तुलना करते हैं तब मेज की लंबाई को बालिश्तों की संख्या के रूप में व्यक्त करते हैं| यहाँ मापन के लिए उपयोग में लाया गया बालिश्त एक मात्रक (यूनिट) का उदाहरण है| अतः लंबाई दो भागों में व्यक्त की जाती है- संख्या और मात्रका उदाहरण के लिए, यदि मेज की लंबाई 13 बालिश्त के समान है तो '13' संख्या है और 'बालिश्त' मापन के लिए चुना गया मात्रक है|
तथापि, बालिश्त और उसके समान अन्य मात्रक जैसे हाथ, पैर, मुट्टी या अँगुली की लंबाई भिन्न-भिन्न व्यक्तियों की भिन्न-भिन्न हो सकती हैं| अतः एक ऐसे मात्रक की आवश्यकता है जिससे अलग-अलग लोगों द्वारा लिया गया एक ही लंबाई का माप एक समान हो|
और अधिक जानें:
प्राचीन काल से ही भारत में मापन प्रणालियों का एक समृद्ध इतिहास रहा है| प्राचीन भारतीय साहित्य में कुछ मारकों का वर्णन है जैसे अंगुल (अंगुली की चौडाई), बहु-अँगुल, धनुष योजन आदि| उनका उपयोग कलाकृतियों, वास्तुकला और नगर नियोजन में होता था| बढ़ई और दर्जी जैसे पारंपरिक शिल्पकार आज भी अंगुल का उपयोग करते हैं| सिधु-सरस्वती (हडप्पा) सभ्यता के उत्खनन स्थलों से प्राप्त अनेक वस्तुओ में रेखांकित चिन्ह पाए गए हैं जो पैमाने हो सकते|
5.2 मानक मात्रक
संसार के विभिन्न भागों में समय के साथ विभिन्न मात्रक प्रणालियाँ विकसित हुई| तथापि, जब लोगों ने एक स्थान से दूसरे स्थान की यात्रा करना आरंभ किया तब इससे बहुत भ्रम उत्पन्न हुआ| इसका परिणाम यह हुआ कि संसार के विभिन्न देश एक साथ आए तथा मापन के मानक मात्रकों के विषय में एकमत होने लगे और उन्हें अपनाने लगे| आजकल उपयोग में लाई जाने वाली मात्रक-प्रणाली को 'अंतरराष्ट्रीय मात्रक प्रणाली' अथवा SI (इंटरनेशनल सिस्टम ऑफ यूनिट्स का संक्षेपाक्षर) मात्रकों के रूप में जाना जाता है|
लंबाई का SI मात्रक मीटर है| इसका प्रतीक m है| चित्र 5.2 में एक मीटर पैमाना दर्शाया गया है| एक मीटर (m) को 100 बराबर भागों में विभाजित किया जाता है| प्रत्येक भाग को एक सेंटीमीटर (cm) कहते है| संभवतः आप मीटर पैमाने के एक छोटे से भाग से परिचित हैं जो आमतौर पर 15 cm लंबा होता है उसे चित्र 5.3 में दिखाया गया है|
15 cm पैमाने को ध्यान से देखिए| इसमें (cm में) 0 से 15 तक अंकन हैं| दो बड़े चिह्नों के बीच के भाग की लंबाई 1 cm है| जैसे- 1 से 2 के बीच अथवा 5 से 6 के बीच | ध्यान दीजिए कि इस 1 cm लंबाई के भाग को फिर 10 बराबर भागों में विभाजित किया गया है| इन छोटे भागों में प्रत्येक की लंबाई को मिलीमीटर (mm) कहते हैं| 1 mm , लंबाई का वह सबसे छोटा मान है जिसे आप इस पैमाने का उपयोग कर माप सकते हैं | 1mm एकcm के दसवें भाग (Imm = 0.1cm) के बराबर है|

चित्र 5.3—15 cm लम्बाई का पैमाना
क्या बड़ी लंबाइयों जैसे कि दो शहरों के बीच रेल की पटरियों की लंबाई अथवा छोटी लंबाईयो जैसे कि किमी पुस्तक के पृष्ठ की मोटाई मापने के लिए मीटर का मात्रक के रूप में उपयोग सुविधाजनक रहेगा?
चित्र 5.2—मीटर पैमाना
बड़ी लम्बाई मापने के लिए हम बड़े मात्रक किलोमीटर (km) का उपयोग करते हैं, जो 1000 मीटर के बराबर होता है और छोटी लम्बाई मापने के लिए हम छोटे मात्रक का उपयोग करते हैं, जैसे सेंटीमीटर या मिलीमीटर
क्या आप जानते हैं?
आपने कुछ पैमानों में एक अन्य प्रकार का अंकन भी देखा होगा| इन पैमानों में यह अंकन इंच (inch) में है, जहाँ 1 inch 2.54 cm होता है| पहले के दिनों में, लबाई मापने के लिए इंच (inch), फुट (foot) जैसे मात्रकों का उपयोग होता था| इनका उपयोग अभी भी कुछ लोग करते हैं|


5.3 लंबाई मापने की सही विधि
किसी वस्तु की लंबाई मापने के लिए हमें एक उपयुक्त पैमाने की आवश्यकता होती है| उदाहरण के लिए, यदि आपको अपनी पेंसिल की लंबाई मापनी है तो आप 15 cm पैमाने का उपयोग कर सकते हैं| इसी प्रकार किसी कक्ष की ऊँचाई मापने के लिए मीटर पैमाना या मापन फीते की आवश्यकता पड़ सकती है| किसी वृक्ष के तने की मोटाई अथवा अपनी छाती के आकार के माप के लिए आप सीधे तौर पर मीटर पैमाने का उपयोग नहीं कर सकते| ऐसे मापों के लिए दर्जी के फीते जैसा लचीला मापन-फीता अधिक उपयुक्त होता है|
लंबाई का मापन करते समय, हमें कुछ सावधानियों बरतने की आवश्यकता होती है|
पैमाने को रखने की सही विधि क्या है?
पैमाने को वस्तु के संपर्क में इसकी लंबाई के अनुदिश (साथ-साथ) रखिए जैसा कि चित्र 5.4 में दिखाया गया है|

(ख) सही

(ग) गलत
चित्र 5.4- पैमाना रखने की विधि
पैमाने को पढ़ते समय आँख की सही स्थिति क्या है?
उदाहरण के लिए, यदि आप एक पेंसिल को पैमाने के साथ सरेखित कर उसका माप लेने का प्रयास कर रहे हैं, तो आपकी आँख की स्थिति पेंसिल की नोंक (चित्र 5.5) के ठीक ऊपर होनी चाहिए|

चित्र 5.5- आँख की सही स्थिति खः' है
यदि पैमाने के सिरे टूटे हों तो लंबाई का मापन कैसे करें?
यदि किसी पैमाने के सिरे टूटे हैं या शून्यांक स्पष्ट नहीं है तब भी इसका उपयोग मापन के लिए किया जा सकता है| ऐसे पैमाने के लिए किसी अन्य पूर्णांक, जैसे- 1.0 cm (चित्र 5.6) का उपयोग कर सकते हैं| इसके उपरांत आपको दूसरे सिरे के पाठ्यांक से इस पूर्णांक के पाठ्यांक को घटाना चाहिए उदाहरण के लिए चित्र 15.6 में एक सिरे का पाठ्यांक 1.0 cm तथा दूसरे सिरे का पाठ्यांक 10.4 cm है| अतः वस्तु की लंबाई 10.4 cm-1.0 cm = 9.4 cm है|

चित्र 5.6- टूटे किनारे वाले पैमाने को रखने की सही विधि
क्या आप जानते हैं?
दृष्टिबाधित विद्यार्थी लंबाई का मापन कैसे करते हैं वे उभरे अंकन बिंदु वाले पैमाने का उपयोग करते है जिन्हें स्पर्श से महसूस किया जा सकता है|
क्रियाकलाप 5.1- आइए, मापन करें
* लंबाई मापने के लिए अपने आस-पास की कुछ वस्तुएँ लीजिए| जैसे- कंघा, पेन, पेंसिल और एक रबड़ (इरेजर)|
* मीटर पैमाने से उनकी लंबाई का एक-एक करके मापन कीजिए और उसे तालिका 5.2 में लिखिए|
तालिका 5.2 लंबाई का मापन

लंबाई लिखते समय मात्रक लिखना न भूले | अतः आपके परिणाम के दो भाग होंगे एक भाग अंक एवं दूसरा भाग मापन का मात्रक |
आपकी कक्षा में आपके कुछ मित्रों ने भी उन्हीं वस्तुओं की लंबाई मापी होगी जिनका मापन आपने किया है| आपके द्वारा मापी गई किसी वस्तु की लंबाई की तुलना अपने मित्रों द्वारा मापी गई उसी वस्तु की लम्बाई से करें| क्या मापी गई लंबाई समान है या थोड़ी भिन्न है| यदि समान नहीं है तो भिन्न होने के संभावित करणों पर चर्चा करें|
क्या आप जानते हैं?
मात्रकों के प्रतीक हिंदी में भी वही रहते हैं जो हम अंग्रेजी में लिखते हैं| अतः किलोमीटर का संकेत km, मीटर का m, सेंटीमीटर का cm एवं मिलीमीटर का संकेत mm लिखा जाएगा| ध्यान दें कि इन संकेतों का पहला अक्षर भी अंग्रेजी वर्णमाला का छोटा अक्षर ही है, जब तक कि वे वाक्य के आरंभ में न आ रहे हों| मात्रकों और उनके संकेतों के बहुवचन नहीं होते हैं| इसलिए, इनके अंत में 's' नहीं लगता है| मात्रक के संकेत के अंत में बिंदु का चिह्न भी नहीं लगाया जाता| लंबाई का मान लिखते समय संख्या और मात्रक के बीच में स्थान छोड़ना होता है|
5.4 किसी वक्र रेखा की लंबाई मापना
अनीश और उसके माता-पिता ने घर में उत्सव के अवसर पर सजावट के लिए विधुत बल्बों की लड़ी लगाई जैसा कि चित्र 5.7 में दिखाया गया है| उन्होंने लड़ी की आवश्यक लंबाई का मापन कैसे किया होगा?
वक्र-रेखा की स्थिति में, लचीले मापन फीते या धागे का उपयोग कर मापन किया जा सकता है जैसे कि चित्र 5.8 में प्रदर्शित किया गया है| इसके बाद धागे को सीधा किया जा सकता है और मीटर पैमाने का उपयोग कर उसकी लंबाई को मापा जा सकता है|

चित्र 5.7- विधुत लड़ी से सजा घर

चित्र 5.8- किसी वक्र-रेखा की लंबाई मापना
5.5 स्थिति का निर्धारण
एक दिन शिक्षिका ने अपने विद्यार्थियों को सूचित किया कि उन्होंने दो दिन पश्चात् पास के एक उद्यान में शैक्षिक भ्रमण की योजना बनाई है| शिक्षिका विद्यार्थियों से प्रातःकाल सीधे वहाँ पहुँचने के लिए कहती हैं| दीपा और उसके मित्र चर्चा करने लगते हैं कि उद्यान उनके विद्यालय की तुलना में पास होगा या दूर होगा| तस्नीम और पद्मा कहती हैं कि उद्यान पास में होगा, दीपा और अनीश को लगता है कि विद्यालय पास में होगा, हरदीप सोचता है कि दोनों लगभग बराबर दूरी पर हैं (चित्र 5.9)|

चित्र 5.9—दीपा एवं उसके मित्रो के घरों,बस सटैंड, विद्यालय और उद्यान की स्थिति
आप क्या सोचते हैं कि कौन सही है? सभी सही हैं (चित्र 5.9)| तब, उनका प्रेक्षण भिन्न-भिन्न क्यों है? क्योंकि वे विद्यालय और उद्यान की दूरी का अनुमान अपने-अपने घरों से कर रहे हैं|
इसके विपरीत यदि उन्होंने एक ही वस्तु या स्थान (जैसे कि बस स्टैंड) से दूरी के बारे में सोचा होता तो उनका प्रेक्षण समान होता|
किसी वस्तु की दूरी का निर्धारण किसी नियत वस्तु या बिंदु के सापेक्ष किया जाता है और इस बिंदु को संदर्भ बिंदु कहते हैं|
कुछ दिन पश्चात् हरदीप उत्साहपूर्वक अपने मित्रों से कहता है "आओ, हम सभी खेल के मैदान में चलते हैं| खेल शिक्षिका चाहती हैं कि हम खेल दिवस के लिए चूना पाउडर से रेखाएँ खींचकर कबड्डी कोर्ट बनाने में उनकी सहायता करें|"

चित्र 5:10 मापन-टेप
पद्मा "हमें अधिक लंबाई के मापन-फीते की आवश्यकता होगी| इसे खेल के कक्ष से लेते हैं|" (चित्र 5.10)
दीपा "आओ, सबसे पहले मैदान में हम एक ऐसा बिंदु निश्चित कर लें वहाँ से हम रेखाएँ खींचने के लिए दूरी मापेंगे| इस बिंदु को हम अपना संदर्भ बिंदु कहते हैं" (चित्र 5.11)|

कुछ दिन पश्चात् पद्मा बस से अपने नानी-नाना जी से मिलने के लिए दिल्ली जा रही थी| वह दिल्ली पहुंचने के लिए उत्सुक थी और सड़क के किनारे लगे किलोमीटर सूचक पत्थरों को पढ़ रही थी| एक किलोमीटर सूचक पत्थर पर 'दिल्ली 70 km' लिखा था (चित्र 5.12)|

चित्र5.12— किलोमीटर सूचक पत्थर
इसके पश्चात् अगले किलोमीटर सूचक पत्थर पर दिल्ली 60 km लिखा था| प्रत्येक क्रमागत किलोमीटर सूचक पत्थर यह इंगित कर रहा था कि वह अपने नानी-नाना जी के घर के निकट पहुँच रही थी|
ये किलोमीटर सूचक पत्थर क्या दर्शाते हैं पदमा यह निष्कर्ष कैसे निकाल पाती है कि वह अपने गंतव्य स्थान के निकट पहुंच रही है| ?
ये किलोमीटर सूचक पत्थर दिल्ली से उसकी दूरी को इंगित कर रहे थे| अतः इस परिस्थिति में दिल्ली संदर्भ बिंदु है|

चित्र5.13 दिल्ली को संदर्भ बिंदु मानकर विभिन्न किलोमीटर सूचक पत्थरो की स्थितियाँँ
यदि किलोमीटर सूचक पत्थर दिल्ली 70 kmकि 5.13 में दिखाया गया है तो हम कह सकते हैं कि पदमा की स्थिति दिल्ली से 70km दूरी पर है| जब किलोमीटर सूचक पत्थर पर 'दिल्ली 60 km' लिखा होता है तो पद्मा की स्थिति दिल्ली से 60 km दुरी पर हैं|
क्या इसका तात्पर्य है कि सन्दर्भ बिंदु के सापेक्ष पद्मा की स्थिति समय के साथ परिवर्तित हो रही है किसी वस्तु की स्थिति एक सन्दर्भ बिंदु के सापेक्ष कब परिवर्तित होती है? क्या यह तब परिवर्तित होती है जब वस्तु गतिशील होती हैं ?
5.6 गतिशील वस्तुएँ
क्रियाकलाप 5.2 आइए, खोज करें
- अपने आस-पास की वस्तुएँ देखिए और पाँच गतिशील वस्तुओं तथा पाँच ऐसी वस्तुओं की सूची बनाइए जो स्थिर (विराम अवस्था में) हैं|
- अपने प्रेक्षण को तालिका 53 में लिखिए|
- विचार कीजिए कि आपने यह कैसे सुनिश्चित किया कि कोई वस्तु गतिशील है अथवा स्थिर है? तालिका 5.3 में अपने निर्णय का औचित्य लिखिए|
तालिका 5.3 अपने आस-पास की वस्तुओं का प्रेक्षण
अपने औचित्यों की तुलना एवं विश्लेषण कीजिए कोई कैसे निर्णय ले सकता है कि कोई वस्तु गतिशील है या स्थिर है|
कोई वस्तु गति में तब का सकती है जब किसी संदर्भ बिंदु के सापेक्ष उसकी स्थिति समय के साथ परिवर्तित होती है| यदि किसी संदर्भ बिंदु के सापेक्ष किसी कस्तु की स्थिति में समय के साथ परिवर्तन नहीं होता है तो वह वस्तु स्थिर है|
और भी जानें!
दीपा ने बस में अपने चारों ओर देखा फिर ध्यान दिया कि सभी यात्री बैठे हुए हैं| उसने एक मिनट बाद फिर अपने चारों ओर देखा और पाया कि वे अब भी अपनी सीट पर बैठे हुए है| वह आश्चर्यचकित हुई 'क्या ये गतिशील हैं?' उसने निष्कर्ष निकाला कि यात्रियों की स्थिति समय के साथ परिवर्तित नहीं हो हो रही है| अतः निश्चित ही ये स्थिर हैं| तथापि जब उसने बाहर देखा तो उसने पाया कि वे गतिशील हैं क्योंकि बाहर की वस्तुओं के सापेक्ष उनकी स्थिति बदल रही है|
संदर्भ बिंदु यह सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है कि एक वस्तु स्थिर है या गति में हैं| यदि दीपा स्वयं (या बस) को संदर्भ बिंदु मानती है तो यात्री स्थिर हैं| तथापि, यदि यह बस से बाहर की किसी वस्तु (जैसे- एक भवन) को संदर्भ बिंदु मानती तो यात्री (और वह बस) गति में हैं|
विचार करें!
मान लीजिए कि आप ऐसे पानी के जहाज में यात्रा कर रहे हैं जो शांत समुद्र पर नियत चाल से साल रेखा में चल रहा है| यह भी मान लीजिए कि जहाज में कोई खिड़की नहीं है| क्या कोई ऐसी विधि है जिससे आप यह सुनिश्चित कर सकें कि जहाज गति में है या विराम अवस्था में है?
5.7 गति के प्रकार
क्रियाकलाप 5.3- आइए, खोज करें
* एक रबड़ लीजिए और निश्चित ऊँचाई से उसे छोड़िए|
* उसकी गति का अवलोकन कीजिए|
क्या रबड़ एक सरल रेखा के अनुदिश गति करती है? जब एक संतरा पेड़ से गिरता है तो क्या यह सरल रेखा में गति करता है? क्या आपने गणतंत्र दिवस परेड देखी है? परेड के समय विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मार्च पास्ट का स्मरण कीजिए| क्या वे एक सरल रेखा में चलते हैं? जब एक भारी बॉक्स धकेला जाता है तो वह भी सीधी रेखा के अनुदिश (चित्र 5.14) गति कर सकता है|
जब कोई वस्तु सरल रेखा के अनुदिश गति करती है तो उसकी गति को सरल रेखीय गति कहते हैं| अपने चारों ओर के परिवेश से इसी प्रकार की गति की पहचान कीजिए|

चित्र 5.14 सरल रेखीय गति
परंतु क्या वस्तुएँ हमेशा सरळ रेखा के अनुदिश ही गति करती हैं? आपने झुलो और घुमने वालो हिंडोलो पर झूलने का आनन्द लिया होगा क्या गति के ये प्रकार भी सरळ रेखीय गती है ?
क्रियाकलाप 5.4- आइए, जाँच करें
* एक धागे के एक छोर पर एक रबड़ या एक आलू बाँधिए|
* इसके दूसरे छोर को हाथ से पकड़िए तथा इसे चित्र 5.15 की तरह घुमाइए|
* इसकी गति का अवलोकन कीजिए|
क्या रबड़ की गति घूमने वाले हिंडोले की गति के समान है?
जब कोई वस्तु वृत्तीय पथ के अनुदिश गति करती है तब उसकी गति वृत्तीय गति कहलाती है|

चित्र 5.15-वृत्तीय गति
क्रियाकलाप 5.5 आइए, जाँच करें
* एक धागे के एक छोर पर एक रबड़ या एक आलू बाँधिए|
*धागे का दूसरा छोर पकड़कर रबड़ को (चित्र 5.16) लटकाइए| अपना हाथ स्थिर रखिए|
*दूसरे हाथ का उपयोग करते हुए| हुए धीरे से रबड़ को एक ओर ले जाइए और फिर छोड़ दीजिए (चित्र 5.16)| क्या यह एक माध्य स्थिति के इधर-उधर गति करता है? क्या इसकी गति झूले की गति के समान हैं?

चित्र 5.16-दोलन गति
जब कोई वस्तु किसी नियत स्थिति के इधर-उधर गति करती है तब उसकी गति दोलत-गति कहलाती है|
क्रिया कलाप 5.6— आइए, जाँच कर
* लगभग 50 cm लंबी धातु की एक पतली पट्टी लीजिए|
* इसका एक छोर मेज पर दबा दीजिए| आप इसे दबाने के लिए कुछ पुस्तकों या एक ईंट का उपयोग (चित्र 5.17) कर सकते हैं|
• पट्टी (स्ट्रिप) के दूसरे छोर को थोड़ा दबाइए और फिर छोड़िए|
* पट्टी के इस छोर की गति का अवलोकन कीजिए|
क्या ये ऊपर-नीचे गति करती है? यह भी दोलन-गति का उदाहरण है|

5.17 एक धातु की पट्टी में दोलन गति
और भी जाने!
यदि कोई वस्तु एक निश्चित समय अंतराल के बाद अपनी गति दोहराती है तो उसकी गति आवर्ती गति कहलाती है| जब कोई वस्तु वृत्तीय गति में होती है तब यह बार-बार वृत्तीय पथ के अनुदिश गति करती है| दोलन-गति करती हुई वस्तु भी इधर-उधर गति करते हुए अपनी गति को दोहराती है| वृत्तीय गति एवं दोलन-गति दोनों ही प्रकृति में आवर्ती गति हैं|
क्रियाकलाप 5.7- आइए, पहचानें
*चित्र 5.18 में दर्शाए गए बच्चों का पार्क देखिए अथवा किसी बच्चों के पार्क का भ्रमण कीजिए|
* विभिन्न प्रकार की गति पर ध्यान दीजिए| उनका सरल रेखीय, वृत्तीय एवं दोलन-गति में वर्गीकरण कीजिए |

चित्र 5.18 — बच्चों के पार्क में प्रेक्षित गति के प्रकार
प्रमुख शब्द
सारांश
* मात्रकों की अंतरराष्ट्रीय प्रणाली (SI मात्रकों) को देशों द्वारा मापन के मानक मात्रकों के रूप में स्वीकार किया गया है|
* लंबाई का SI मात्रक मीटर है| इसका प्रतीक m है|
* 1 km =1000 m, 1m=100 cm, 1 cm =10 mm.
* जब दूरी किसी निश्चित वस्तु या बिंदु के सापेक्ष बतायी जाती है, तब इस बिंदु को संदर्भ बिंदु कहते हैं|
*एक वस्तु को गतिमान में तब कहा जा सकता है, जब उसकी स्थिति किसी संदर्भ बिंदु के सापेक्ष समय के साथ परिवर्तित होती है|
* जब कोई वस्तु सरल रेखा के अनुदिश गति करती है, तब उसकी गति को सरल रेखीय गति कहते हैं|
* जब कोई वस्तु वृत्तीय पथ के अनुदिश गति करती है, तब उसकी गति को वृत्तीय गति कहते हैं|
* जब कोई वस्तु किसी नियत स्थिति के इधर-उधर गति करती है, तब उसकी गति को दोलन-गति कहते हैं|
आइए, और अधिक सीखें
1. तालिका 5.5 के स्तंभ | में दी गई लंबाइयों का उनके मापन के लिए स्तंभ II में दिए गए मात्रकों में से उपयुक्त मात्रक से मिलान कीजिए|
तालिका- 5.5
2 . निम्नलिखित कथनों को पढ़िए एवं सत्य कथन के सामने 'सत्य' एवं असत्य कथन के सामने 'असत्य' लिखिए|
(क) एक सीधी सड़क पर चलती कार की गति सरल रेखीय गति का उदाहरण है| ( )
(ख) कोई वस्तु यदि समय के साथ किसी संदर्भ बिंदु के सापेक्ष अपनी परिवर्तन करती है तो वह गति में है| ( )
(ग) 1 km =100 cm ( )
3. निम्न में से कौन-सा लंबाई मापने का मानक मात्रक नहीं है?
(क) मिलीमीटर
(ख) सेंटीमीटर
(ग) किलोमीटर
(घ) बालिश्त
4. अपने घर एवं विद्यालय में उपलब्ध विभिन्न पैमाने अथवा मापन फीते लीजिए| इन सभी पैमानों में से प्रत्येक द्वारा मापे जा सकने वाले लघुतम मान को ज्ञात कीजिए| अपने प्रेक्षणों को तालिका में लिखिए|
5. मान लीजिए आपके विद्यालय एवं घर के बीच की दूरी 1.5 km है| इसे मीटर में व्यक्त कीजिए |
6. एक गिलास या बोतल लीजिए| गिलास या बोतल के तल के वक्र भाग की लंबाई मापिए और लिखिए|
7. अपने दोस्त की लंबाई मापिए और उसे मीटर, सेंटीमीटर एवं मिलीमीटर में व्यक्त कीजिए|
8. आपको एक सिक्का दिया गया है| अनुमान लगाइए कि किसी पुस्तिका के एक ओर के पूरे किनारे पर कोई रिक्त स्थान छोड़े बिना एक के बाद एक रखने पर कितने सिक्कों की आवश्यकता होगी? पुस्तिका के उसी किनारे और सिक्के को 15 cm के पैमाने पर मापकर अपने अनुमान का सत्यापन भी कीजिए|
9. सरल रेखीय, वृत्तीय एवं दोलन गति के दो-दो उदाहरण दीजिए|
10. अपने चारों ओर की विभिन्न वस्तुओं पर ध्यान दीजिए| कुछ वस्तुओं की लंबाई को mm में, कुछ की cm में और कुछ की m में व्यक्त करना आसान होता है| प्रत्येक श्रेणी में 3 वस्तुओं की सूची बनाइए एवं तालिका 5.6 में लिखिए|
तालिका 5.6- हमारे चारों ओर की कुछ वस्तुओं का आकार
11. एक रोलर कोस्टर का ट्रैक चित्र 5.19 में दिखाए गए आकार में बनाया गया है| एक गेंद बिंदु 'क' से प्रारंभ होती है और बिंदु 'च' से निकल जाती है| रोलर कोस्टर पर गेंद की गति के प्रकार और ट्रैक के संगत भागों की पहचान कीजिए|

चित्र 5.19 रोलर कोस्टर ट्रैक
12. तस्नीम स्वयं एक मीटर पैमाना बनाना चाहती है| वह उसके लिए निम्नलिखित सामग्री पर विचार करती है प्लाईवुड, कागज, कपड़ा, लचीली रबड़, स्टील आदि| इनमें से उसे किसका उपयोग नहीं करना चाहिए और क्यों?
13. अपने दोस्तों के साथ खेलने के लिए लंबाई के मात्रकों के रुपांतरण पर एक कार्ड का खेल (कार्ड गेम) बनाने के संबंध में विचार कीजिए इसकी योजना बनाइए और इसे विकसित कीजिए|
और भी सीखे
* क्या आप पैमाने का उपयोग करके अपनी पुस्तिका या पाठ्यपुस्तक के किसी एक पेज की मोटाई को ज्ञात कर सकते हैं? एक विधि के बारे में सोचिए और लिखिए| क्रियाकलाप करके परिणाम लिखिए|
* एक ही पेड़ से गिरी हुई कुछ पत्तियों को एकत्रित कीजिए जिस पेड़ की पत्तियाँ आपने ली हैं उसका नाम पहचानिए| 15 cm पैमाने का उपयोग कर इन सभी पत्तियों की लंबाई एवं चौड़ाई का मापन कीजिए जैसा कि चित्र 5.20 में दिया गया है| अपने प्रेक्षणों को तालिका 5.7 में लिखिएँ|

चित्र 5.20 पत्ती की लंबाई और चौड़ाई का मापन
तालिका 5.7- पत्तियों की लंबाई एवं चौड़ाई
चर्चा कीजिए कि एक ही पेड़ की पत्तियाँ लंबाई एवं चौड़ाई में भिन्न-भिन्न क्यों है|
- अपने आस-पास के बड़ों से चर्चा कीजिए कि पुराने दिनों में लंबाई के मापन के लिए किन मात्रकों का उपयोग किया जाता था| इंटरनेट का उपयोग कर भारत में पुरातात्त्विक स्थलों के खनन में प्राप्त लंबाई के पैमानों की जानकारी भी प्राप्त करने का प्रयास कीजिए|
- 1 cm, 2 cm की रेखाओं अथवा उनके संयोजनों का उपयोग करके एक भूल भुलैया की रचना कीजिए| आपके लिए इसका एक भाग चित्र 5.21 में बनाया गया है| अब, आप अपनी कल्पना का उपयोग कीजिए और अपनी इच्छानुसार इसका विस्तार इतने बड़े आकार तक कीजिए जितना आप चाहते हैं|

चित्र 5.21-भूल भुलैया
- मेरी लंबाई कितनी है? एक दीवार के अनुदिश खड़े हो जाइए और किसी वयस्क (अपने से बड़े व्यक्ति) की सहायता से अपनी ऊँचाई (चित्र 5.22) को चिह्नित कीजिए| अपनी एवं अपने भाई-बहनों की लंबाई का अभिलेख रखने के लिए इसे प्रत्येक तीन माह में दोहराइए|
आइए, साइकिल का उपयोग कर दो स्थानों के बीच की दूरी का मापन करने के लिए एक मनोरंजक विधि की रचना करते हैं| धातु की एक लचीली पट्टी को साइकिल के आगे के पहिए की तीली पर इस प्रकार लगाते हैं कि हर बार जब भी यह पहिए को धारण करने वाले फ्रेम को पार करता है तो इससे टकराता है और ध्वनि उत्पन्न करता है (चित्र 5.23)| अब, धीरे-धीरे साइकिल चलाइए और गिनिए कि ध्वनि कितनी बार उत्पन्न हुई है| यह संख्या आपको बताएगी कि आपका पहिया कितनी बार घूमा है| इसके बाद पहिए की परिधि की लंबाई को धागे का उपयोग कर मापिए जैसा कि चित्र 5.8 में दर्शाया गया है| इस लंबाई का पहिए के घूमने की संख्या से गुणन कीजिए| यह आपके द्वारा तय की गई दूरी है|

चित्र 5.22- लंबाई मापना
इस प्रकार की विधियों का उपयोग वास्तव में सड़क पर होने वाली दौड़ की दूरी मापने के लिए किया जाता है| 'जोनेस काउंटर' जो साइकिल के पहिए से जुड़ा होता है और दूरी के मापन के लिए उपयोग किया जाता है, उसके बारे में पता करने का प्रयास कीजिए|

चित्र 5.3- दूरी मापन करना
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