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अध्याय - 7

      ताप एवं उसका मापन 

 गलत मापन करने से अच्छा है कि कोई मापन किया ही न जाए|
                                                                           -अन्ना मणि 

लांबोक और उसकी बड़ी बहन फिबान शिलांग में रहते हैं| एक दिन दोनों भाई-बहन विद्यालय से घर आए| उन्होंने देखा कि उनके माता-पिता काम पर गए हुए है| लांबोक ने अपनी बहन से कहा कि उसे ज्वर का आभास हो रहा है| फिबान ने उसका माथा स्पर्श किया तो उसे लगा कि छोटे भाई को ज्वर हो सकता है| इसकी पुष्टि करने के लिए उसने अलमारी से तापमापी (थर्मामीटर) निकाला| उसने तापमापी का अग्रभाग (टिप) साबुन और जल से धोया और लांबोक का ताप मापा| तापमापी का  पाठयांक पढ़ने से उसको राहत मिली कि उसके शरीर का ताप सामान्य था| उसने तापमापी का अग्रभाग पुनः धोया, सुखाया और वापस रख दिया| तब उसने लांबोक से कहा कि वह विद्यालय की वर्दी बदलकर, भोजन कर ले तत्पश्चात कुछ समय आराम करे|
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क्या किसी व्यक्ति को केवल स्पर्श करके यह ? एकदम सही आँका जा सकता है कि उसे ज्वर है?

7.1 गरम या ठंडा?

हम अपने अनुभव से जानते हैं कि कुछ वस्तुएँ दूसरी वस्तुओं की अपेक्षा अधिक गरम होती हैं, उदाहरणार्थ ग्रीष्मकाल में किसी नल से लिया गया जल, किसी मटके अथवा किसी प्रशीतित्र (रेफ्रिजरेटर) से लिए गए जल की अपेक्षा अधिक गरम हो सकता है| हम यह केवल जल के दोनों नमूनों के स्पर्श मात्र से ही अनुभव कर सकते हैं परंतु क्या हम सदैव अपनी स्पर्श इंद्रिय पर विश्वास कर सकते हैं? आइए इस बात का पता लगाएँ|

 क्रियाकलाप 7.1- आइए, जांच करे

* चित्र 7.1 में दर्शाए अनुसार तीन बड़े पात्र लीजिए| इनको 'क', 'ख' और 'ग' नाम दीजिए|
* पात्र 'क' में गरम जल, पात्र 'ख' में नल का जल और पात्र 'ग' में बर्फ डालकर ठंडा किया गया जल लीजिए |
* हम यह क्रियाकलाप दो भागों में संचालित करेंगे पूर्वानुमान एवं प्रेक्षण |
• पहले, पूर्वानुमान कीजिए कि आप क्या अनुभव करेंगे यदि-

आप अपना दाहिना हाथ पात्र 'क' में एवं बार्यों हाथ पात्र 'ग' में डुबोएँ और 1-2 मिनट तक दोनों हाथ पात्रों में डूबे रहने दें और फिर पात्र 'क' एवं 'ग' में से अपने हाथ बाहर निकालकर दोनों हाथ एक साथ पात्र 'ख' में डुबोएँ|
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                                                                                      चित्र 71- जल में हाथ डुबोकर जान के गरम या ठंडा होने की अनुभूति

  • अपना पूर्वानुमान लिखिए|

                     पात्र 'ख' में डुबोने पर मेरा दायाँ हाथ क्या अनुभव करेगा?

                       .......................................................................................

                      पात्र 'ख' में डुबोने पर मेरा बायाँ हाथ क्या अनुभव करेगा?

                      .....................................................................................
  • अब, क्रियाकलाप संचालित कीजिए और अपने प्रेक्षणों को लिखिए|
.......................................................................................

तुलना कीजिए कि क्या आपके प्रेक्षण आपके पूर्वानुमान से मेल खाते हैं या नहीं| क्या आपके दाहिने हाथ ने वह अनुभव किया कि पात्र 'ख' का जल ठंडा है जबकि आपका बायाँ हाथ 
 अनुभव करता है कि वही जल गरम है? इन प्रेक्षणों से आप क्या निष्कर्ष निकालते हैं?  कोई  वस्तु गरम है  या  ठंडी, यह निश्चय  करने के लिये हम  सदैव अपनी  स्पर्श -इन्द्रिया  पर  भरोसा  नहीं  कर  सकते  है |

कोई वस्तु  कितनी  गरम है या ठंडी  है यह  हम   कैसे  ज्ञात  कर  सकते  हैं

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7.2 ताप

किसी पिंड की गरमाहट (अथवा ठंडक) का विश्वसनीय माप उस पिंड का ताप है| किसी गरम पिंड का ताप ठंडे पिंड की अपेक्षा अधिक होता है| दो पिंडों के मध्य तापांतर हमें बताता है कि एक पिड दूसरे पिंड की तुलना में कितना गरम है| वह उपकरण जो ताप मापता है, तापमापी (थर्मामीटर) कहलाता है|

    ताप मापने के लिए आपने संभवतः दो प्रकार के तापमापियों का प्रयोग किया होगा-ज्वरमापी (डॉक्टरी धर्मामीटर) तथा प्रयोगशाला तापमापी| डॉक्टरी थर्मामीटर मानव शरीर का ताप मापने के लिए प्रयुक्त होता है जबकि प्रयोगशाला तापमापी कई अन्य उद्देश्यों के लिए प्रयुक्त होता है| आइए, अब हम तापमापियों के विषय में और अधिक सीखते हैं और जानते है कि उन्हें ताप मापन के लिए कैसे उपयोग में लाते हैं|

7.3 ताप मापन

7.3.1 डॉक्टरी थर्मामीटर


संभवतः आप चित्र 7.2 में दर्शाए गए तापमापी से परिचित होंगे जिसे हमारे शरीर का ताप मापने के लिए उपयोग में लाया जाता है| इसे ज्वरमापी या डॉक्टरी थर्मामीटर कहते हैं| ऐसे थर्मामीटर ताप को अंकीय रूप में दर्शाते हैं| ये तापमापी अंकीय डॉक्टरी थर्मामीटर या डिजिटल डॉक्टरी थर्मामीटर भी कहलाते हैं| ये बैटरीचालित होते हैं| किसी व्यक्ति के शरीर के संपर्क में रखने पर ये तापमापी शरीर का ताप मापते हैं|

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चित्र 73 अंकीय डॉक्टरी थर्मामीटर

ताप मापने के लिए डॉक्टरी थर्मामीटर में सामान्यत उपयोग किया जाने वाला मापक्रम सेल्सियस स्केल है| इस मापक्रम पर ताप का मात्रक डिग्री सेल्सियस है, जिसे द्वारा  °C दर्शाते हैं|

क्या आप जानते हैं?



प्रारंभ में शरीर का ताप मापने के लिए पारे के तापमापी (मर्करी थर्मामीटर) का प्रयोग किया जाता था लेकिन पारा (मर्करी) एक अत्यधिक विषैला पदार्थ है और दुर्घटनावश यदि तापमापी टूट जाता है तो पारे का व्यवस्थित रूप से निपटान कठिन होता है|

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अंकीय तापमापी में इस प्रकार का कोई जोखिम नहीं होता है और इसके प्रदर्श में संख्या पढ़ना भी सरल होता है| इसलिए पारे वाले थर्मामीटर डिजिटल थर्मामीटर द्वारा प्रतिस्थापित किये जा रहे हैं| डिजिटल थर्मामीटर में ताप का निर्धारण ऊप्मा-संवेदकों द्वारा किया जाता है|






कोविड-19 महामारी के काल में कुछ विशेष तापमापी उपयोग में लाए गए जो किसी व्यक्ति के शरीर का ताप दूर से भी माप सकते थे| वे कौन से तापमापी थे?





वे संपर्क रहित तापमापी हैं जिन्हें अवरक्त तापमापी भी कहा जाता है| इस प्रकार के तापमापी किसी व्यक्ति के शरीर को स्पर्श किए बिना उसके शरीर का ताप माप सकते हैं और संक्रमण का खतरा कम करते हैं|
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क्रियाकलाप 7.2- आइए, माप करें


आइए, अब शरीर का ताप मापने के लिए डिजिटल डॉक्टरी थर्मामीटर का प्रयोग करें| आप अपना स्वयं का ताप और अपने कुछ मित्रों के ताप भी माप सकते हैं| आप अपने मित्रों से बात कीजिए कि उनमें से कौन-कौन से मित्र आपके द्वारा अपने शरीर के ताप का माप करवाने के इच्छुक हैं|

  • अपने हाथ और अंकीय तापमापी का अग्रभाग (टिप) साबुन और जल से धोइए|
  • तापमापी का पुनः नियोजन (रीसेट) बटन दबाकर तापमापी को रीसेट कीजिए|
  • तापमापी जीभ के नीचे रखकर मुँह बंद कीजिए|
  • तापमापी का अग्रभाग जीभ के नीचे रखने के पश्चात् बीप की ध्वनि आने या प्रकाश के चमकने तक प्रतीक्षा कीजिए|
  •  मुँह से तापमापी निकाल लीजिए और अंकीय प्रदर्श पर ताप पढ़िए|
  • तालिका 7.1 में ताप अंकित कीजिए|
  • तापमापी का अग्रभाग साबुन और जल से साफ कीजिए और सुखा लीजिए|
  • अपने मित्रों का ताप मापने के लिए उपरोक्त चरणों को दोहराइए|

अंकीय डॉक्टरी तापमापी का उपयोग करते समय निम्नलिखित सावधानियाँ बरतनी चाहिए-

  • तापमापी का उपयोग उसकी दिशा-निर्देश पुस्तिका पढ़ने के बाद करना चाहिए|
  • तापमापी का   अग्रभाग उपयोग करने से पूर्व और पश्चात् साबुन और जल से अच्छी तरह धो लेना चाहिए|
  • तापमापी धोते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि अंक दशनि वाले हिस्से   अर्थात् अंक प्रदर्श पर जल न पड़े| 
  • तापमापी को उसके  अग्रभाग  से नहीं पकड़ना चाहिए|



तालिका 7.1- ----10 बच्चों के शरीर के ताप
क्र . सं. नाम ताप (°C)
1

.


.

.

.

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स्वस्थ मानव शरीर का सामान्य ताप 37.0 °C माना जाता है किंतु क्या आपके द्वारा किए गए क्रियाकलाप में आपने पाया कि प्रत्येक बच्चे के शरीर का सामान्य ताप 37.0 °C था? अथवा कुछ बच्चों के शरीर का ताप सामान्य ताप से कुछ अधिक या कुछ कम था?



क्या छोटे बच्चों के शरीर का ताप सामान्य वयस्कों के शरीर के ताप से  थोडा-सा अधिक होता है?


 
क्या  वृद्ध व्यक्तियों  के  शरीर का  ताप  स्वस्थ  होने पर  भी समान्यत :  युवा  व्यस्कों  के शरीर  के ताप  की  तुलना में  कम होता  है?




मैने  अपने  मित्र   को     एक  ऐसे   अंकीय  तापमापी  का  उपयोग  करते  हुए  देखा  है  जो  ताप  भिन्न  मापक्रम  पर  पढता  है | यह  स्वस्थ  मानव  शरीर  का    सामान्य  ताप   98.6 ° F  दर्शाता   है |  एक ही  ताप  को  व्यक्त  करने  वाली  इस संख्या  में   अंतर का  क्या  कारण  है ?

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प्रत्येक व्यक्ति का  ताप 37.0°C नहीं हो सकता है| वास्तव में सामान्य ताप स्वस्थ व्यक्तियों के विशाल समूह के शरीर का औसत ताप है| इसलिए, किसी पूर्णरूप से स्वस्थ व्यक्ति का सामान्य ताप 37.0 °C से थोड़ा-सा भिन्न हो सकता है| किसी व्यक्ति के शरीर का तापमान कई कारकों पर निर्भर करता है जैसे उम्र दिन का समय और गतिविधि का स्तर|

आप दिन के भिन्न-भिन्न समयों पर एक माह तक अपने ताप का माप कीजिए| ताप के ये पाठ्यांक अपने नोटबुक में अंकित भी कीजिए| एक माह पश्चात् अपने शरीर के अंकित ताप का विश्लेषण कीजिए और देखिए कि क्या उसमें कुछ परिवर्तन हुआ है| यदि हाँ तो विचार कीजिए कि इसका क्या कारण हो सकता है?

मानव शरीर का ताप सामान्यत 35°C से नीचे और 42°C से ऊपर नहीं जाता है|

छोटे बच्चों और  वृद्धों के शरीर का ताप मापने के लिए अंकीय तापमापी काँख में (बाँह के नीचे) भी रखा जा सकता है| इस प्रकार मापा गया ताप शरीर के वास्तविक ताप से 0.5°C से 1 °C तक कम होता है|
 ताप का अन्य मापक्रम (खेल) फारेनहाइट स्केल है| इस स्केल पर ताप का मास्क डिग्री फारेनहाइट है और इसे से दर्शाया जाता है| सेल्सियस स्केल पर मापा गया ताप 37.0 °C फारेनहाइट स्केल पर 98.6 °F के तुल्य है| अधिकतर वैज्ञानिक अध्ययनों में फारेनहाइट स्केल का उपयोग नहीं किया जाता है| वैज्ञानिक कार्य के लिए ताप का एक अन्य स्केल उपयोग में लाया जाता है, जिसे केल्विन स्केल कहते हैं| इस स्केल पर ताप का मानक केल्विन है, जिसे  K से दर्शाया जाता है| ताप का  SI मात्रक केल्विन है|

तीनों ही ताप-मापक्रमों के नाम उन्हें विकसित करने वाले वैज्ञानिकों सेल्सियस, फारेनहाइट एवं केल्विन के नाम पर रखे गए हैं| तापमापक्रमों को वे नाम इन वैज्ञानिकों के सम्मान में दिए गए हैं|



हम सेल्सियस  स्केल का   ताप     केल्विन   स्केल  में    निम्नवत   परिवर्तन    कर सकते हैं—  केल्विन स्केल  का  तापमान  = सेल्सियस  स्केल का  तापमान + 273.15 



और भी जानें!


अंग्रेजी भाषा में सभी वर्ण बड़े और छोटे अक्षरों में अलग-अलग लिखे जाते हैं| जब हम सेल्सियस स्केल, फॉरेनहाइट स्केल एवं केल्विन स्केल अंग्रेजी में लिखते हैं तो इनके नाम बड़े अक्षर से लिखकर प्रारंभ किए जाते हैं| ताप मात्रकों के नामों में डिग्री तो छोटे अक्षरों में ही लिखा जाता है, लेकिन सेल्सियस एवं फारेनहाइट बड़े अक्षर से प्रारंभ करके लिखे जाते हैं| कितु केल्विन मात्रक में केल्विन छोटे अक्षर से शुरू करके ही लिखा जाता है| ताप के इन मात्रकों के संकेत °C, °F और K अंग्रेजी के बड़े अक्षर से दर्शाए जाते हैं| ध्यान दीजिए कि डिग्री का संकेत ( ° )K के साथ नहीं लिखा जाता है और वाक्य के अंत के अलावा अन्यत्र संकेतों के बाद कहीं भी  बिंदु नहीं लगाया जाता है| ताप के विषय में लिखते समय आंकिक संख्या और मात्रक के मध्य सदैव एक रिक्त स्थान छोड़ा जाता है| अंग्रेजी में एक डिग्री सेल्सियस से अधिक ताप बहुवचन में व्यक्त करने के लिए मात्रक के पूर्ण नाम को डिग्रीज सेल्सियस लिखा जाएगा किंतु हिंदी मे डिग्री सेल्सियस ही लिखा जाएगा|




क्या आप जानते हैं  
 तापमापी   के  अविष्कार  से  पूर्व  ज्वर  का पता  कैसे लगाया जाता था? ज्वर  किसी   व्यक्ति  की नाडी  -दर  को  प्रभावित  करता है| भारत में इसका   ज्ञान प्राचीन समय में भी था  |  यधपि   ज्वर  के    अतिरिक्त  कुछ अन्य   स्थितियों   में भी मानव   की नाड़ी -दर    के   आधार  पर प्रभावित होती है| अत:  केवल  नाड़ी-दर के आधार   पर  ही  ज्वर  का  निश्चय  नहीं   किया जा सकता| 

 

क्या डॉक्टरी थर्मामीटर का उपयोग उबलते जल अथवा बर्फ का ताप मापने के लिए किया जा सकता है? 




नहीं, उबलते जल और बर्फ का ताप डॉक्टरी थर्मामीटर की मापन-सीमा के बाहर है|





हम डॉक्टरी  थर्मामीटर की मापन-सीमा के बाहर ताप कैसे माप सकते हैं?
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7.3.2 प्रयोगशाला तापमापी


प्रयोगशाला तापमापी कई प्रकार के होते हैं किंतु आपके विद्यालय की प्रयोगशाला में उपलब्ध प्रयोगशाला तापमापी संभवतः चित्र 7.3 (क) में दर्शाए गए तापमापी के समान हो सकती है| यह एक काँच की बंद मुँह वाली लंबी, संकरी और एकसमान व्यास की नली होती है| इस नली के एक सिरे पर बल्ब होता है जिसमें द्रव भरा होता है| बाहर से देखने पर नली में बल्ब के ऊपर द्रव का एक संकीर्ण स्तंभ देखा जा सकता है| नली के साथ-साथ सेल्सियस स्केल अंकित होता है| ताप में परिवर्तन के साथ द्रव स्तंभ नली में बढ़ता या घटता है| सेल्सियस स्केल का वह चिह्न जिससे द्रव स्तंभ का शीर्ष स्तर मेल खाता है, ताप का पाठ्यांक होता है|
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चित्र 7.3 (क) प्रयोगशाला तापमापी


क्या आप जानते हैं?

 प्रयोगशाला तापमापी में प्रयुक्त द्रव सामान्यतः एल्कोहल (देखने की सुविधा के लिए प्रायः लाल रंग से मिश्रित) अथवा पारा (मर्करी) होता है|






प्रयोगशाला तापमापी का उपयोग करते समय निम्नलिखित सावधानियाँ रखनी चाहिए- 
  • इसका सावधानी से उपयोग करें| यदि यह किसी कठोर वस्तु से टकरा जाए तो यह टूट सकता है|
  •   इसे बल्ब से  पकड़कर न  उठाएँ|



क्रियाकलाप 7.3- आइए, अवलोकन  करे


आइए ,दिए गए प्रयोगशाला तापमापी  का ताप  -परिसर  ज्ञात  करे|
  • एक  प्रयोगशाला तापमापी लीजिए और  उनका  सावधानीपूर्वक  अवलोकन  किजिये |
  • निम्नलिखित  मान  अंकित  कीजिए-
          यह कितना  न्यूनतम  ताप माप सकता  है ?

              ..............................................................

            यह कितना   अधिकतम   ताप माप सकता  है ?

              ..................................................................

              अतः  इस  तापमापी का परिसर    है -

              ...............................................................

अब चित्र 7.3 (क) में दर्शाए गए तापमापी का अवलोकन कीजिए| क्या आप इसका परिसर बता सकते हैं? इसका परिसर -10°C से 110°C है|

क्रियाकलाप 7.4- आइए, अवलोकन और परिकलन करें


आइए, तापमापी द्वारा पढ़े जा सकने वाले अल्पतम ताप का मान ज्ञात करते हैं| • पुनः वही प्रयोगशाला तापमापी लीजिए जिसका प्रयोग आपने क्रियाकलाप 7.3 में किया था तथा उसका अवलोकन कीजिए| 

निम्नलिखित बातों को अंकित कीजिए-

दो बड़े चिह्नों के मध्य इंगित ताप का अंतर कितना है?

..................................................................................................

दो बड़े चिह्नों के मध्य (छोटे चिह्नों द्वारा दर्शाए गए) भागों की संख्या कितनी है?

......................................................................................................

एक छोटे भाग द्वारा इंगित ताप कितना है?

...................................................................................................

अतः तापमापी द्वारा पढ़ा जा सकने वाला अल्पतम तापमान है

..................................................................................................


 चित्र 7.3 (क) में दर्शाए गए तापमापी के एक भाग का निकट से खींचा गया चित्र साथ में दिए गए चित्र 7.3 (ख) में दर्शाया गया है| क्या अब आप तापमापी द्वारा पढ़ा जा सकने वाला अल्पतम मान बता सकते हैं?

चित्र 7.3 (ख) में दर्शाए गए तापमापी के लिए 0 °C  और 10 °Cअथवा 10 °C और 20 °C के मध्य तापांतर 10 °C है| साथ ही इन दोनों चिह्नों के मध्य 10 भाग हैं| अतः एक छोटे भाग का मान 10°C/10 = 1 °C है| इसका तात्पर्य है कि तापमापी द्वारा पढ़े जा सकने वाला अल्पतम तापमान 1 °C  है| 

आपके विद्यालय की प्रयोगशाला में ऐसे तापमापी हो सकते हैं जिनका परिसर और सबसे छोटे भाग का मान भिन्न हो| इसलिए, यह आवश्यक है कि उपयोग करने से पूर्व दिए गए तापमापी का ध्यानपूर्वक अवलोकन किया जाए|
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चित्र 7.3 (ख)- चित्र 7.3 (क) में दर्शाए गए तापमापी के एक भाग का निकट से खीचा गया चित्र

यहाँ आपने सीखा है कि किसी दिए गए प्रयोगशाला तापमापी का ताप परिसर कैसे ज्ञात करते हैं| साथ ही, आपने यह भी सीखा है कि दिए गए प्रयोगशाला तापमापी का अल्पतम मान कैसे ज्ञात करते हैं| अब हम प्रयोगशाला तापमापी से ताप मापना सीखेंगे, लेकिन इससे पहले प्रयोगशाला तापमापी को प्रयोग करने की सही विधि सीखते हैं|

प्रयोगशाला तापमापी  से ताप मापने की सही विधि

  • जब तापमापी जल से भरे बीकर में डुबोया जाए तो इसका बल्ब बीकर की तली अथवा दीवारों को स्पर्श नहीं करना चाहिए|
  • चित्र 7.4 की भाँति तापमापी को उर्ध्वाधर रखना चाहिए| यह तिरछा नहीं होना चाहिए|
  • जब तापमापी का बल्ब पूरी तरह जल में डूबा हुआ हो ताप तभी पढ़ा जाना चाहिए|
  •  तापमापी पढ़ते समय आँख की स्थिति पढ़े जाने वाले द्रव स्तंभ के स्तर की सीध में होनी चाहिए (चित्र 7.4)|


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 चित्र 7.4  गर्मजल का  ताप मापन


 क्रियाकलाप 7.5- आइए, माप करें


* किसी बीकर में थोड़ी मात्रा में गुनगुना जल लीजिए|
* तापमापी जल में इस प्रकार डुबोइए कि तापमापी का बल्ब जल में डूबा रहे (चित्र 7.4)1
तापमापी में द्रव स्तंभ का चढ़ना देखिए| तब तक प्रतीक्षा कीजिए जब तक कि तापमापी में द्रव स्तंभ चढ़ना बंद न कर दे| अब तापमापी का पाठ्यांक नोट कीजिए (अधिक समय तक प्रतीक्षा मत कीजिए अन्यथा जल ठंडा होना शुरू हो जाएगा)|

आपके द्वारा मापे गए जल का ताप कितना है? इसकी तुलना अपने मित्रों द्वारा लिए गए पाठ्‌यांको से कीजिए| क्या आपने ध्यान दिया कि जैसे ही आप तापमापी को जल से बाहर निकालते हैं द्रव स्तंभ का स्तर गिरने लगता है|

इसका अर्थ है कि किसी प्रयोगशाला तापमापी द्वारा ताप का पाठ्यांक तभी नोट करना चाहिए, जब तापमापी का बल्ब जल में डूबा हुआ हो|


क्या हम प्रयोगशाला तापमापी को किसी व्यक्ति के शरीर का ताप मापने हेतु उपयोग में ला सकते हैं|

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करने के लिए कुछ और
आपके शिक्षक द्वारा नीचे दी गई दो प्रयोग व्यवस्थाएँ स्थापित की गई हैं| अपनी बारी आने पर एक-एक करके दोनों व्यवस्थाओं के निकट जाइए और दोनों तापमापियों के पाठ्याक अंकित कीजिए बर्फ और उबलते जल के तापमान क्या-क्या है?
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कुछ समय पश्चात् बर्क एवं उबलते जल का तापमान पुनः  पढिए| क्या यह पहले वाले ताप के समान है अथवा परिवर्तित हो चुका है? आपने ध्यान दिया होगा कि जब पानी उबल रहा है तो इसका तापमान स्थिर रहता है| साथ ही, जब बर्फ पिघल रही हो तो उसका भी तापमान स्थिर रहता है|

सावधानी

                                              यह क्रियाकलाप केवल शिक्षक के निरीक्षण में ही किया जाना चाहिए| प्रयोग व्यवस्था को स्पर्श मत कीजिए|






क्रियाकलाप 7.6- आइए, तुलना करें


* फिबान के विज्ञान शिक्षक ने उबलते जल के ताप मापन के लिए प्रायोगिक सेटअप की व्यवस्था की| शिलांग में फिबान और उसके सहपाठियों द्वारा लिए गए उबलते जल के ताप के पाठ्यांक तालिका 7.2 अंकित किए गए हैं|


तालिका 7.2- उबलते जल का ताप
नाम
उबलते जल का ताप (°C में)
फिबान
97.8
शेमफांग
98.0
वनस्टार
97.9

क्लोय
98.0
बन्डारिशा
98.1


  • भिन्न-भिन्न विद्यार्थियों द्वारा अंकित किए गए उबलते जल के तापों की तुलना कीजिए|

विद्यार्थियों द्वारा लिए गए पाठ्यांकों में अंतर क्यों है? अंतर के संभावित कारणों पर परस्पर विचार-विमर्श कीजिए| संभवतः सभी विद्यार्थियों द्वारा पाठयांक लेने का सही तरीका नहीं अपनाया गया हो|
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7.3.3 वायु का ताप


आपने अपने विद्यालय की प्रयोगशाला में, चिकित्सक के क्लीनिक में तथा अस्पतालों की दीवारों पर तापमापी लटका हुआ देखा होगा जैसा कि चित्र 7.5 में दर्शाया गया है| ये तापमापी कक्ष के ताप का लगभग मान बताते हैं| इन्हें कक्ष-तापमापी कहा जाता है| क्या आपने समाचार-पत्रों या टीवी के समाचारों में या इंटरनेट पर मौसम पूर्वानुमान देखा है? इनमें प्रत्येक दिन के अधिकतम और न्यूनतम वायु ताप की जानकारी दी जाती है|

क्रियाकलाप 7.7 आइए, विश्लेषण करें


  •       किसी स्थान से संबंधित मौसम की रिपोर्ट क्रमशः दस दिनों तक पढ़िए अथवा सुनिए |
  •       प्रत्येक दिन के लिए वायु के अधिकतम और न्यूनतम ताप को तालिका 7.3 में अंकित कीजिए|
  •        तालिका 7.3 में अंकित डाटा का विश्लेषण कीजिए|

 तालिका 7.3 किसी स्थान विशेष का अधिकतम और न्यूनतम वायु तापमान
क्र. स. दिनांक अधिकतम वायु तापमान
न्यूनतम वायु  तापमान
1


.


.


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क्या इन दिनों में अधिकतम और न्यूनतम ताप समान स्तर पर ही रहे हैं?

चूँकि मौसम कई कारकों पर निर्भर करता है इसलिए प्रायः ये ताप प्रतिदिन परिवर्तित होते रहते हैं| सामान्यतः जैसे-जैसे ग्रीष्म ऋतु निकट आती है तो ताप बढ़ता है और जैसे-जैसे शीत ऋतु निकट आती है ताप घटता है|


और भी  जाने

वायु-ताप मापन की कई विधियाँ है| मौसम वायु-ताप पर भी निर्भर करता है इसलिए पूरे विश्व में मौसम स्टेशनों पर इसे   माँनिटर किया जाता है| वायु-ताप पर अंकित डाटा बहुत से अन्य कारकों के साथ मौसम के पूर्वानुमान के लिए उपयोग में लाया जाता है|





                                                                                                          वैज्ञानिक से परिचय

अन्ना मणि (1918-2001) अन्ना मणि एकः भारतीय वैज्ञानिक भी जिन्हें भारत की मौसम विदुषी' के नाम से जाना जाता है| उन्होंने कई मौसम-मापन उपकरणों का अविष्कार और निर्माण किया जिसके कारण इन उपकरणों के प्रति भारत की अन्य राष्ट्रों पर निर्भरता कम हुई| उन्होंने भारत में पवन ऊर्जा और सौर ऊर्जा के उपयोग की संभावनाओं पर भी खोजबीन की| इससे भारत नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में विश्व के अग्रणी राष्ट्रों में सम्मिलित हो गया|
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 प्रमुख शब्द

वायु-ताप
विश्लेषण करना
सेल्सियस स्केल
परिकलन करना
डॉक्टरी धर्मामीटर
तुलना करना
डिग्री सेल्सियस
                                                       विचार-विमर्श करना

डिग्री फारेनहाइट
निष्कर्ष निकालना
फारेनहाइट स्केल
जाँच करना
केल्विन
माप करना
केल्विन स्केल
अवलोकन करना
प्रयोगशाला तापमापी

सावधानी
ताप का SI मात्रक
पूर्वानुमान करना
ताप या तापमान
अंकित करना





सारांश


  • किसी वस्तु का ताप बताता है कि वह कितनी गरम या ठंडी है|
  •  सर्वाधिक उपयोग में लाए जाने वाले तीन ताप-मापक्रम हैं- (क) सेल्सियस स्केल (ख) फारेनहाइट स्केल (ग) केल्विन स्केल| इन मापक्रमों में ताप के मात्रक हैं. (क) डिग्री सेल्सियस, जिसे °C से दर्शाया जाता है (ख) डिग्री फारेनहाइट, जिसे से दर्शाया जाता है तथा (ग) केल्विन, जिसे   K से दर्शाया जाता है|
  • ताप का SI मात्रक केल्विन है|
  • डॉक्टरी थर्मामीटर का उपयोग मानव शरीर का ताप मापने के लिए किया जाता है|
  • स्वस्थ वयस्क मानव का सामान्य ताप 37.0 °C या 98.6 °F होता है|
  • प्रयोगशाला तापमापियों का ताप-परिसर (मापन-सीमा) प्राय: -10°C से 110 °C होता है|





 आइए, और अधिक सीखें


1.     किसी स्वस्थ मानव शरीर का सामान्य ताप लगभग... होता है|

        (क) 98.6 °C 
        (ख) 37 °C 
        (ग) 32 °C 
        (प) 27 °C 

2.    37 °C समान ताप है-

       (क) 97.4 °F
       (ख) 97.6 °F
       (ग) 98.4 °F
       (घ) 98.6 °F

3.     रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-

        (क) किसी निकाय की गरमाहट अथवा ठंडापन उसके, जाती है| से निर्धारित की

        (ख) हिमशीत जल का ताप तापमापी द्वारा नहीं मापा जा सकता है|

        (ग) ताप का मात्रक डिग्री ........... है|

4       प्रायः प्रयोगशाला तापमापी की मापन सीमा होती है

        (क) 10 °C     से    100 °C      

        (ख) -10 °C     से     110 °C 

          (ग) 32 °C         से     45 °C 

          (घ) 35 °C      से        42 °C 

5       जल का ताप मापने के लिए बार विद्यार्थियों ने प्रयोगशाला तापमापी का उपयोग चित्र 7.6 में दर्शाए अनुसार किया|
                   t13 

                                                                विद्यार्थी 1            विद्यार्थी 2          विद्यार्थी 3                       विद्यार्थी 4                                             


किस विद्यार्थी ने ताप मापन के लिए सही प्रक्रिया अपनाई?

(क) विद्यार्थी |

(ख) विद्यार्थी 2

(ग) विद्यार्थी 3

(घ) विद्यार्थी 4

6.     नीचे दिए गए तापमानों को तापमापियों (चित्र 7.7) के आरेखों पर स्तंभों में लाल रंग भरकर दर्शाइए|


t15

चित्र- 7.7


7.       नीचे दर्शाए गए तापमापी के भाग का अवलोकन कीजिए और निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-

t16

वित्र 7.8

(क) यह किस प्रकार का तापमापी है?

(ख) तापमापी का पाठ्यांक क्या है?

(ग) इस तापमापी द्वारा मापा जा सकने वाला न्यूनतम मान क्या है?

8.      प्रयोगशाला तापमापी हमारे शरीर के ताप को मापने के लिए उपयोग में क्यों नहीं लाया जाता है? इसका एक कारण दीजिए|
9.       वैष्णवी अस्वस्थ होने के कारण विद्यालय नहीं जा पाती है| उसकी माता जी ने उसके तीन दिन के तापमान का अंकन रखा है जिसे तालिका 7.4 में दर्शाया गया है|

तालिका 7.4- वैष्णवी के शरीर के तापमान
तापमान
दिन
पूर्वाह्न 7 बजे
पूर्वाह्न 10 बजे
अपराह्न 1 बजे
अपराह्न 4 बजे
सायं 7 बजे
रात्रि 10 बजे
पहला
38 .0 °C 
37 .8 °C 
38 .0°C 
38 .0°C 
40 .0 °C
39 .0 °C
दूसरा
38 .6 °C 
38 .8 °C 
39 .0 °C 
39 .0 °C
39 .0 °C
38 .0°C 
तीसरा

37 .6 °C 
37 .4 °C 
37 .2 °C 
37 .0 °C
36 .8 °C
36 .6°C 

(क) वैष्णवी का अंकित किया गया अधिकतम ताप क्या था?

(ख) किस दिन और किस समय पर वैष्णवी का अधिकतम ताप अंकित किया गया था?

(ग) किस दिन वैष्णवी का ताप सामान्य हो गया?

10. यदि आपको 22.5  °C  ताप मापना है तो नीचे दर्शाए गए तापमापियों में से कौन-सा तापमापी उपयोग में लाएँगे? व्याख्या कीजिए|

t19

चित्र 7.9- तीन तापमापी


11.       चित्र 7.10   में   दिखाए गए तापमापी में दर्शाया गया ताप है

            (क) 28  °C 

             (ख) 27.5 °C 

              (ग) 26.5  °C 

               (घ) 253  °C 

t18
   वित्र 7.10
                                                                                                               

12. किसी प्रयोगशाला तापमापी पर 0  °C  और 100 °C  मध्य 50 भाग हैं| इस तापमापी का प्रत्येक भाग कितना ताप मापता है?

13. किसी तापमापी का स्केल बनाइए जिसमें न्यूनतम भाग 0.5  °C  ताप मापता है| आप केवल 10  °C  और 20 °C   बीच के भाग को दर्शा सकते हैं|

14. कोई आपको बताता है कि उसे 101 डिग्री ज्वर है| क्या उसका तात्पर्य सेल्सियस स्केल से है अथवा फारेनहाइट स्केल से है|


और भी सीखें

  • इंटरनेट से सूचना एकत्र कीजिए कि बिल्ली, कुत्ता, घोड़ा, ऊँट, गाय और भैंस जैसे पशुओं के शरीर का ताप कैसे मापा जाता है| यदि आपके निकट में कोई पशु चिकित्सालय हो तो वहाँ जाकर आप पशुओं के शरीर के ताप का मापन होते हुए देख सकते हैं|
  • ज्ञात कीजिए कि भारत में प्रायः कौन-से स्थान सर्वाधिक ठंडे और सर्वाधिक गरम माने जाते हैं और इन स्थानों पर अंकित किए गए न्यूनतम और अधिकतम तापमान की भी जानकारी एकत्र करें|
  • हमारे सौर मंडल में विभिन्न ग्रहों की सूर्य से दूरी भिन्न-भिन्न है| इंटरनेट पर ग्रहों की सूर्य से दूरी (बढ़ते क्रम में) खोजें| एक तालिका में इनकी सूर्य से दूरी प्रदर्शित करते हुए उनका तापमान भी लिखें| तालिका में देखें कि क्या ग्रहों का औसत तापमान उनकी सूर्य से दूरी बढ़ने पर घटता है? यदि यह बात किसी ग्रह के लिए सत्य नहीं है तो ज्ञात कीजिए कि वह कौन-सा ग्रह है और ऐसा क्यों है?
  • अपनी कक्षा के कमरे में दीवार पर लटकाए गए तापमापी के समीप चित्र 7.11 के अनुसार उपकरण को व्यवस्थित कीजिए दिन के तीन भिन्न-भिन्न समयों पर मान लीजिए (प्रथन कालांश में, दोपहर भोजन के अंतराल में और अंतिम कालांश में) तापमापी 1 और 2 के पाठ्यांक अंकित कीजिए| पाठ्यकों की   तुलना कीजिए और अपना निष्कर्ष लिखिए| यह प्रक्रिया को   दो  सप्ताह तक दोहराइए
t17

चित्र 7.11 कक्ष-ताप और जल का ताप  मापन करने हेतु व्यवस्थित उपकरण

                                                                                                                  और भी  जाने

सूर्य के क्रोड (कोर) का तापमान 15 मिलियन डिग्री सेल्सियस तक पहुँच जाता है| क्या आकाश में ऐसे भी हैं जिनका तापमान इससे भी अधिक है? अधिकतम तापमान कितना हो सकता है की कोई सीमा नहीं है तथापि वैज्ञानिक तथ्यों अथवा सिद्धांतों के अनुसार म्यूनतम ताप प्राप्त करने की एक सीमा है|   यह -273.15 °C   (0 केल्विन ) के निकट है और इसे परम   शून्य  ताप कहते   हैं|