अध्याय 2
महासागर एवं
महाद्वीप


महत्वपूर्ण
प्रश्न ?
- महासागर एवं महाद्वीप क्या हैं? उनके नाम क्या हैं एवं उनका वितरण कैसा है?
- महासागर एवं
महाद्वीप पृथ्वी पर जीवन को,
जिसमें मानव जीवन
भी सम्मिलित है, किस
प्रकार प्रभावित करते हैं?
आइए, अब हम अपने ग्लोब की ओर लौटते हैं और इसे धीरे-धीरे घुमाते हैं | आप चंद्रमा से लिए गए पृथ्वी के चित्र को भी देख सकते हैं | आपको सबसे अधिक कौन-सा रंग दिखाई देता है? निश्चित ही आपको नीला रंग दिख रहा होगा, परंतु यह क्या दर्शाता है? आपने उत्तर का अनुमान लगा लिया होगा— ‘जल’ | इसका अर्थ है कि पृथ्वी की अधिकांश सतह जल से घिरी हुई है | वास्तव में पृथ्वी का तीन-चौथाई भाग जल से घिरा हुआ है | इसी कारण अंतरिक्ष से देखने पर पृथ्वी नीली दिखाई देती है | इसलिए आरंभिक अंतरिक्ष यात्रियों ने स्नेह पूर्वक पृथ्वी को ‘नीला ग्रह’ कहकर पुकारा |
ग्लोब पर हम जो सबसे बड़ी जल राशियाँ देखते हैं, उन्हें ‘महासागर’ कहते हैं | चित्र 2.1 में दर्शाए गए पृथ्वी के चित्र में आपको एक अन्य रंग ‘भूरा’ भी दिखाई देगा | यह भूमि का रंग है, जो ग्लोब के लगभग एक-चौथाई भाग पर फैला हुआ है | भूमि के एक बड़े भाग को ‘भूखंड’ कहते हैं एवं भूमि के एक बड़े निरंतर विस्तार को ‘महाद्वीप’ कहा जाता है |
पृथ्वी की जलवायु के निर्माण में महासागर एवं
महाद्वीप दोनों महत्वपूर्ण भूमि का
निभाते हैं | ये जीवन के सभी पहलुओं को प्रभावित करते हैं, जिनमें सभी जीव - जंतु, पौध एवं
मानव जीवन भी सम्मिलित हैं | हम उनके प्रभाव को अपने इतिहास, संस्कृति एवं
अपने दैनिक जीवन पर भी देखते हैं |
ध्यान रखें

पृथ्वी पर जल एवं
भूमि का वितरण

अब हम चित्र 2.2 में दर्शाए गए दो मानचित्रों का परीक्षण करते हैं | यहाँ भी नीले रंग से महासागरों एवं उनके छोटे-छोटे विस्तार जैसे– सागर, खाड़ी (Bay & Gulf) आदि को दर्शाया गया है |
नोट:- इन शब्दों की परिभाषा पस्तुक के अतं में शब्दावली में दी गई है |
आइए पता लगाएँ
- प्रत्येक मानचित्र में वृत्ताकार रेखाओं को क्या कहते हैं? क्या आप जानते हैं कि दोनों ध्रुवों पर मिलने वाली रेखाओं को क्या कहा जाता है? (संकेत – आपने इनके विषय में पिछले
अध्याय में पढ़ा है, परंतु यहाँ इन्हें अलग प्रकार से प्रस्तुत किया गया है) |
- किस गोलार्ध में अधिक जल है?
- आपके अनुसार उत्तरी एवं दक्षिणी गोलार्ध में जल एवं भूमि का अनुपात कितना होगा?
समूह में चर्चा कीजिए |
- क्या सभी महासागर एक-दूसरे से जुडे हुए हैं या उनके बीच कोई विभाजन है?

पृथ्वी पर उपलब्ध जल का अधिकांश भाग महासागरों में है, परंतु यह जल लवणीय
(खारा) है एवं
मानव सहित बहुत से स्थलीय जीवों के उपभोग के लिए अनुपयोगी है | दूसरी ओर अलवणीय जल (पेय जल) का पृथ्वी के जल संसाधनों में अत्यल्प हिस्सा है |
यह हिमनद (ग्लेशियर), नदियों, झीलों, वायुमंडल एवं भूमिगत जल के रूप में व्याप्त है |
आइए विचार करें
- जब पृथ्वी पर जल प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है, फिर भी ‘जल की कमी’ अथवा ‘जल
संकट’ की इतनी चर्चा क्यों सुनाई देती है?
- जल संरक्षण के कौन-कौन से उपायों से आप अवगत हैं? इनमें से किसका उपयोग
आपने अपने घर, विद्यालय, गाँव, उपनगरों एवं
नगरों में होते देखा है?
महासागर
पृष्ठ 32 पर दिए गए चित्र 2.3 में विश्व के मानचित्र में हम पाँच महासागरों— प्रशांत महासागर, अटलांटिक महासागर, हिंद महासागर, आर्कटिक महासागर एवं दक्षिणी (अथवा अंटार्कटिक) महासागर को देखते हैं |
हमने यहाँ पाँच महासागरों के नाम बताए हैं, जैसा कि मानचित्र से यह स्पष्ट है कि ये वास्तव में अलग-अलग नहीं हैं | महासागरों का यह सीमांकन प्रचलन से अधिक कुछ नहीं हैं, क्योंकि प्राकृतिक जगत ऐसी किन्हीं भी सीमाओं का पालन नहीं करता है | उदाहरणतया समुद्री जल विभिन्न महासागरों में बहता रहता है जो विविधता पूर्ण समुद्री जीवन को समृद्ध करने में सहायक है | अनेक प्रकार के पौधों एवं जीव-जंतुओं की विभिन्न प्रजातियाँ इन महासागरों में पाई जाती हैं |
समुद्री वनस्पति जगत में छोटे पौधे एवं सभी समुद्री शैवाल (Algae and Seaweeds) सम्मिलित हैं | समुद्री प्राणि जगत में हजारों प्रजातियों की रंगीन मछलियाँ, डॉल्फिन, ह्वेल और अनगिनत रहस्यमयी गहरे समुद्री जीव शामिल हैं | सूर्य की रोशनी वाली सतह से लेकर अंधेरी गहराइयों तक समुद्र के प्रत्येक क्षेत्र में जीवन के विविध रूप पाए जाते हैं |
नोट:- समुद्री महासागरों एवं सागरों में पाए जाने वाले अथवा उससे संबंधित
वनस्पति जगत किसी विशेष क्षेत्र अथवा कालखंड में पाए जाने वाले पेड़-पौधे
प्राणि जगत
किसी विशेष
क्षेत्र अथवा
कालखंड में पाए जाने वाले
जीव-जंतु

आइए पता लगाएँ
| उत्तरी गोलार | दक्षिणी गोलार | |
| प्रशांत महासागर | ||
| अटलांटिक महासागर | ||
| हिंद महासागर | ||
| दक्षिणी महासागर | ||
| आर्कटिक महासागर |
मानचित्र में देखने पर यह स्पष्ट हो जाता है कि प्रशांत महासागर सबसे बड़ा है | दूसरा सबसे बड़ा महासागर अटलांटिक है | हिंद महासागर तीसरे स्थान पर है, जबकि दक्षिणी महासागर चौथे स्थान पर है | सबसे छोटा महासागर आर्कटिक है |
ध्यान रखें
- जैसा कि महासागरों के मानचित्र से स्पष्ट है कि हिंद महासागर का विस्तार उत्तर में
एशिया, पश्चिम में अफ्रीका, पूर्व में आस्ट्रेलिया एवं दक्षिण में दक्षिणी महासागर
तक है |
- भारत के दोनों ओर हिंद महासागर के दो भाग दिखाई देते हैं— पश्चिम में अरब सागर और पूर्व में बंगाल की खाड़ी |

महासागर और आपदाएँ
इस अध्याय के आरंभ में दिए गए पृथ्वी के चित्र को फिर से देखिए | आपने ध्यान दिया होगा कि पूरी पृथ्वी पर कुछ सफेद आकृतियाँ दिखाई देती हैं | क्या आप अनुमान लगा सकते हैं कि वे क्या हैं? वे बादलों के विशाल समुह हैं | ये बादल महाद्वीपों में वर्षा लाते हैं | उदाहरण के लिए, भारत में हर गर्मियों में होने वाली मानसूनी वर्षा महासागरों से उत्पन्न होती है | इस वर्षा के अभाव में हमारी कृषि और पूरा जीवन अस्त-व्यस्त हो जाएगा | महासागर तूफानों को भी जन्म देते हैं— अत्यधिक वर्षा वाली विध्वंसक घटनाएँ अथवा अति प्रचंड हवाएँ जैसे कि चक्रवात, विश्व के तटीय क्षेत्रों में दूर-दूर तक क्षति पहुँचाते हैं |
एक अन्य प्राकृतिक आपदा सुनामी भी समुद्र में उत्पन्न होती है | यह विशाल और शक्तिशाली तरंगें होती हैं जो महासागर तल में तीव्र भूकूंप अथवा ज्वालामुखी के फटने
के कारण आती हैं | सुनामी हजारों किलोमीटर तक जाकर तटीय क्षेत्रों को डुबा सकती है
जिससे व्यापक स्तर पर हानि होती है |
ध्यान रखें
महाद्वीप
महासागरों के मानचित्र (चित्र 2.3) पर महाद्वीपों को भी दर्शाया गया है | आप कितने महाद्वीपों को गिन सकते हैं? इसका उत्तर इतना सरल नहीं है क्योंकि इनकी गिनती कई प्रकार से की जा सकती है | यह हमारी रुचि पर निर्भर करता है कि हम चार से सात के बीच किसी भी संख्या की सूची बना सकते हैं! इसके कारण निम्नलिखित हैं—
- उत्तरी अमेरिका और दक्षिणी अमेरिका को सामान्यत: दो महाद्वीपों में गिना जाते है,
परंतु यदि देखा जाए तो यह एक ही भूखंड है | इन्हें एक भी समझा जा सकता है |
- यूरोप और एशिया को सामान्यत: दो महाद्वीप माना जाता है, यद्यपि मानचित्र में यह
स्पष्ट दिखाई देता है कि वह एक ही भूखंड है | ऐतिहासिक और सांस्कृतिक कारणों
से यूरोप का विकास एशिया के विकास से बहुत भिन्न प्रकार से हुआ है, इसलिए इन्हें दो महाद्वीपों के रूप में देखा जा सकता है | हालाँकि भूगर्भ शास्त्री सामान्यत:
इन्हें एक ही महाद्वीप मानते है जिसे ‘यूरेशिया’ कहा जाता है |
- अफ्रीका और यूरेशिया को सामान्यत: दो महाद्वीप समझा जाता है और कभी-कभी
एक भी समझा जाता है |
| महाद्वीपों की गिनती | |
|---|---|
| चार महाद्वीप | अफ्रीका-यूरेशिया, अमेरिका, अंटार्कटिक, आस्ट्रेलिया |
| पाँच महाद्वीप | अफ्रीका, अमेरिका, अंटार्कटिक, आस्ट्रेलिया, यूरेशिया |
| छह महाद्वीप | अफ्रीका, अंटार्कटिक, आस्ट्रेलिया, यूरेशिया, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका (पृष्ठ 32 पर चित्र 2.3 में इसे दर्शाया गया है) |
| सात महाद्वीप | अफ्रीका, अंटार्कटिक, आस्ट्रेलिया, एशिया, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, यूरोप |
व्यावहारिक रूप से सात महाद्वीपों की अतिंम सूची को ही व्यापक रूप से अपनाया
और प्रयोग में लाया जाता है |
ध्यान रखें

आइए, अब पृष्ठ 36 पर दिए आरेख को देखें जो सात महाद्वीपों की सूची पर आधारित है | यह उनके वास्तविक आकार को नहीं, अपितु सापेक्षिक आकार को
दर्शाता है |

आइए पता लगाएँ
- वर्गों की संख्या को गिनिए और सबसे बड़े एवं
सबसे छोटे महाद्वीप का नाम बताइए |
- कौन-सा महाद्वीप बड़ा है— उत्तरी अमेरिका अथवा दक्षिणी अमेरिका? अफ्रीका अथवा
उत्तरी अमेरिका? अंटार्कटिक अथवा आस्ट्रेलिया?
- आरेख में यूरोप और एशिया को एक ही रंग से भरिए और उसे यूरेशिया नाम दीजिए | उसके
आकार की तुलना दक्षिणी अमेरिका से कीजिए |
- छोटे महाद्वीप से लेकर बड़े महाद्वीप तक की सूची बनाइए |
द्वीप
यदि आपने इस अध्याय के आरंभ में दिए गए दो मानचित्रों (चित्र 2.2 और 2.3) को ध्यानपूर्वक देखा हो, तो आपने पाया होगा कि महाद्वीपों में संपूर्ण भूखंड संम्मिलित नहीं हैं | भूमि के कुछ छोटे-छोटे भाग छूट गए हैं | चारों ओर जल से घिरे हुए भूखंड को द्वीप कहा जाता है | महाद्वीप भी चारों ओर जल से घिरे होते हैं, किंतु आकार में बड़े होने के कारण उन्हें द्वीप नहीं कहा जाता है | इस ग्रह पर विभिन्न आकार के लाखों द्वीप हैं |
ध्यान रखें
- विश्व का सबसे बड़ा द्वीप ग्रीनलैंड है (ग्लोब अथवा मानचित्र पर उसे ढूंढिये) | उसके
आकार को समझने के लिए आपको भारत के सबसे बड़े 10 राज्यों के क्षेत्रफल को
जोड़ना होगा |
- भारत में 1,300 से अधिक द्वीप हैं | इनमें मुख्य रूप से दो द्वीप समूह हैं — बंगाल की खाड़ी में स्थित अंडमान और निकोबार द्वीप समूह एवं अरब सागर में लक्षद्वीप द्वीप समूह ( चित्र 2.4 देखिए) |
- 1981 से भारतीय अंटार्कटिक कार्यक्रम के अतंर्गत अंटार्कटिक में अन्वेषण
किया जा रहा है | अंटार्कटिक ऐसा महाद्वीप है, जहाँ की जलवायु बहुत अधिक
ठंडी और कठोर है (चित्र 2.1 में नीचे सफेद रंग के फैलाव को देखिए जो कि
अधिकांशत: हिम है) | 1983 में भारत ने अंटार्कटिक में ‘दक्षिण गंगोत्री’ नामक
पहला वैज्ञानिक बेस स्टेशन स्थापित किया था | बाद में दो और बेस स्टेशन
स्थापित किए गए | इस सुदुर प्रदेश में भारतीय वैज्ञानिकों के लगभग 40 दलों ने
विशेष रूप से जलवायु और पर्यावरण के विकास पर शोध कार्य किए हैं | वैज्ञानिकों
के रहने के लिए यहाँ बने आवास में एक पुस्तकालय और यहाँ तक कि डाकघर
भी है |
महासागर और जीवन
महासागर और महाद्वीप पर्यावरण के अत्यावश्यक भाग हैं | भले ही हम ध्यान न दें, पर ये हमारे जीवन के अधिकांश पक्षों को प्रभावित करते हैं | हमने उल्लेख किया है कि महासागरों से महाद्वीपों पर वर्षा होती है; यह पृथ्वी के जलचक्र का भाग है जिसे आप आगे विज्ञान में पढ़ेंगे | उदाहरणार्थ, महासागरों के बिना वर्षा नहीं होगी तो पृथ्वी मरुस्थल बन जाएगी | यह भी ध्यातव्य है कि दुनिया-भर की आधी ऑक्सीजन महासागर का वनस्पति जगत उत्पन्न करता है | इसीलिए इन्हें ‘पृथ्वी के फेफड़े’ कहा जाता है | इस प्रकार महासागर जलवायु को नियंत्रित और पृथ्वी पर जीवन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं |
महासागर अनेक प्रकार से मानव जाति को प्रभावित करते हैं | आरंभिक काल से
ही एक जगह से दूसरी जगह जाने, सभी प्रकार के सामानों के व्यापार, सैनिक अभियान
संचालित करने और भोजन हेतु मछली पकड़ने के लिए लोगों ने महासागरों और सागरों
की यात्रा की है | महासागरों ने पूरी दुनिया के तटीय क्षेत्रों पर रहने वाले लोगों की संस्कृति को भी पोषित किया है | उन सभी संस्कृतियों की किंवदंतियों और कहानियों में समुद्र, समुद्री देवताओ और देवियों, समुद्री दैत्यों और समुद्र के कोषों— महासागर के खतरों
और उनके आशीर्वाद की बातें मिलती है |
ध्यान रखें
हमारे दिन-प्रतिदिन के जीवन में महासागर की महत्वपूर्ण भूमिका को याद रखने के लिए संयुक्त
राष्ट्र ने 8 जून को विश्व महासागर दिवस के रूप में घोषित किया है, क्योंकि महासागर भोजन
और औषधि के प्रमुख स्रोत और जैवमंडल के महत्वपूर्ण भाग के रूप में हमारे ग्रह के फेफड़े के
रूप में कार्य करते हैं | वैज्ञानिक अध्ययनों से यह पता चलता है कि मानव की बढ़ती सामुद्रिक
गतिविधियों ने महासागरों को प्रदूषित किया है | हम प्रति वर्ष लाखों टन प्लास्टिक कचरा समुद्र
में फेंकते हैं, जो समुद्री जीव-जंतुओं का जीवन संकट में डालता है | प्रदूषण के और भी बहुत से
प्रकार होते हैं | परिणाम स्वरूप समुद्री पर्यावरण पर खतरा मँडरा रहा है | समुद्रों में आवश्यकता
से अधिक मछली पकड़ना भी समुद्री जीवन के पतन का एक और कारण है | हम सभी का
सामूहिक दायित्व है कि पृथ्वी और मानवता के भविष्य के लिए महासागरों को बचाने का
प्रयास करें |
आगे बढ़ने से पहले...
- पृथ्वी की सतह पर विस्तृत जलाशयों को ‘महासागर’ और विशाल भूखंडों को
‘महाद्वीप’ कहा जाता है | महासागर आपस में जुडे हुए हैं | महाद्वीपों को विभिन्न
प्रकार से गिना जा सकता है, किंतु सामान्यत: इन्हें सात महाद्वीपों के रूप में गिना
जाता है |
- दक्षिणी गोलार्ध की तुलना में उत्तरी गोलार्ध में स्थल भाग अधिक है |
- महासागर सभी प्रकार के समुद्री जीवन को पोषित करते हैं और विश्व की
जलवायु में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं | अत्यधिक मानवीय गतिविधियों के
कारण इन पर गंभीर प्रभाव पड़ा है और इन्हें सामूहिक रूप से संरक्षित करने की
आवश्यकता है |
प्रश्न, क्रियाकलाप और परियोजनाए
2. मानचित्र बनाइए— इस अध्याय में दिए मानचित्रों को देखे बिना अपने हाथ से कागज पर महाद्वीपों का मानचित्र बनाइए और इसमें रंग भरिए | इसके बाद इस अध्याय में दिए गए महासागरों और महाद्वीपों के मानचित्र के साथ इसकी तलुना कीजिए |
3. आइए, करके देखें— नीचे दिए गए विश्व के मानचित्र में सभी महाद्वीपों और
महासागरों के नाम लिखिए |

4. वर्ग पहेली को हल कीजिए (पहेली को हल करने के लिए अंग्रेजी भाषा के शब्दों का प्रयोग कीजिए |)

| बाएँ से दाए | ऊपर सेनीच |
|---|---|
| 1. महासागरों द्वारा प्रचुर मात्रा में
उत्पन्न 3. बहुत बड़ा भूखंड 6. एक बड़ा महाद्वीप, भारत जिसका भाग है | 8. महासागरों में प्रदूषण का मुख्य स्रोत 10. सबसे ठंडा महाद्वीप |
2. पृथ्वी पर सबसे बड़ा द्वीप 4. महासागरों से उत्पन्न होने वाली बहुत बड़ी विध्वंसकारी लहर 5. सबसे छोटा महाद्वीप 7. पृथ्वी पर सबसे बड़ी जलराशि 9. वह भूखंड (महाद्वीप नहीं) जो चारों ओर सागर या महासागर से घिरा है | |