अध्याय 9
परिवार और समुदाय
" प्रेम और धर्म पारिवारिक जीवन के पुष्प और फल हैं | "
---- तिरुवल्लुवर

महत्वपूर्ण प्रश्न ?
- परिवार की इकाई क्यों महत्वपूर्ण हैं?
- समुदाय क्या है और इसकी क्या भूमिका है?
परिवार
हम सभी अधिकांशतः एक परिवार में रहते हैं | परिवार किसी भी समाज की मूलभूत और सबसे प्राचीन इकाई है | आज भारतीय समाज में कई प्रकार के परिवार हैं - संयुक्त परिवार से लेकर एकल परिवार तक | संयुक्त परिवार में अनेक पीढ़ियाँ एक साथ रहती हैं - दादा-दादी, माता-पिता, चाचा चाची, भाई-बहन तथा चचेरे भाई और बहन |

संयुक्त परिवारों के उदाहरण

एकल परिवारों के उदाहरण
दूसरी ओर, एकल परिवार में एक दंपत्ति और उनकी संतान होती है तथा कई बार यह अकेली माता या पिता और उनके बच्चों तक सीमित होता है |
आइए पता लगाएँ
- आपको अपने आस-पास किस प्रकार के परिवार दिखाई देते हैं? प्रत्येक प्रकार के परिवारों की उनकी संख्या के साथ सूची बनाइए |
- किस प्रकार के परिवारों की संख्या अधिक है? आपके विचार से ऐसा क्यों है?
- कक्षा की गतिविधि के रूप में आपको प्राप्त हुई जानकारी की अपने सहपाठियों की जानकारियों के साथ तुलना कर चर्चा कीजिए |
अंग्रेजी भाषा में पारिवारिक संबंधों का वर्णन करने के लिए बहुत अधिक शब्द नहीं हैं | इनमें से कुछ शब्द हमने प्रथम अनुच्छेद में देखे | भारतीय भाषाओं में इनके अनेक नाम हैं | उदाहरण के लिए, हिंदी में बुआ, ताऊ, ताई, चाचा, मौसी, नाना, नानी और अन्य बहुत सारे संबोधन होते हैं | कुछ भाषाओं जैसे तमिल में बड़े भाई-बहन अथवा छोटे भाई-बहन के लिए भी अलग-अलग शब्द हैं | क्या आप बता सकते हैं कि भारतीय भाषा में 'कजिन' के लिए कौन-सा शब्द है? अधिकांश भारतीय भाषाओं में आपको ऐसा कोई एक शब्द नहीं मिलेगा! ऐसा इसलिए क्योंकि कजिन का अर्थ केवल 'भाई' और 'बहन' होता है | इससे परिवार में सभी बच्चों के बीच गहरे संबंध का पता चलता है |
आइए पता लगाएँ
- अपने परिवार के सभी सदस्यों की सूची बनाइए जिनके बारे में आप सोच पाते हैं | इनमें कुछ दूर के संबंधी भी हो सकते हैं | अपनी मातृभाषा या क्षेत्रीय भाषा में इनके लिए प्रयुक्त होने वाले शब्द लिखिए और अंग्रेजी में इनके समकक्ष शब्द खोजने का प्रयास कीजिए | नीचे ऐसे दो उदाहरण दिए गए हैं -
| नाम | हिंदी में शब्द | अंग्रेजी में विवरण/शब्द |
|---|---|---|
| रानी | बहन | माँ के भाई की बेटी (कजिन) (अन्य संभावित अर्थों में से एक) |
| समीर | चाचा | पिता के छोटे भाई (अकल) |
- आप देखेंगे कि किस प्रकार अधिकांशतः आपकी मातृभाषा या क्षेत्रीय भाषा में एक शब्द को अंग्रेजी भाषा में स्पष्टतापूर्वक समझने के लिए कई शब्दों की आवश्यकता होती है |
भूमिकाएँ एवं दायित्व
परिवार के सदस्यों के बीच सुबंध आपसी प्रेम, देखभाल, सहयोग और अंतर्निर्भरता पर आधारित होते हैं | 'सहयोग' का अर्थ है- 'एक साथ काम करना' | परिवार के प्रत्येक सदस्य की अन्य सदस्यों के प्रति एक भूमिका और दायित्व होता है | उदाहरण के लिए, माता-पिता अपने बच्चों को खुशहाल व्यक्ति और समाज के जिम्मेदार सदस्य बनाने के लिए उत्तरदायी होते हैं | किंतु जब बच्चे बड़े होते हैं तो वह परिवार के अन्य सदस्यों, चाहे माता-पिता हों या भाई-बहन आदि, की सहायता के लिए और अधिक दायित्वों का निर्वहन करते हैं | दैनिक अभ्यास से बच्चे पारिवारिक जीवन में भागीदारी करना सीखते हैं | अनेक घरों में बच्चे, परिवार द्वारा कई पीढ़ियों से अपनाई गई परंपराओं तथा प्रथाओं को भी सीखते हैं |
आइए पता लगाएँ
निम्न प्रश्नों के उत्तर दीजिए और अपने सहपाठियों के उत्तरों के साथ इनकी तुलना कीजिए -
- आपके परिवार में इसका निर्णय कौन लेता है कि बाजार से क्या लाना है?
- आपके घर में भोजन कौन पकाता है?
- आपके परिवार में सबसे अधिक आयु किसकी है?
- आपके घर में फर्श की सफाई कौन करता है?
- आपके घर में बर्तन कौन साफ करता है?
- आपके गृहकार्य में आपकी सहायता कौन करता है?
अपने धर्म या कर्तव्यों का पालन करना भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण सिद्धांत रहा है | परिवार एक 'विद्यालय' भी है, जहाँ बच्चे अहिंसा, दान, सेवा और त्याग जैसे महत्वपूर्ण मूल्य सीखते हैं | परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए इसके सदस्य प्रायः अपनी जरूरतों को त्याग देते हैं |
आइए, ऐसी ही एक कहानी पढ़ें |


शालिनी केरल के एक नगर में अपने परिवार के साथ रहती है | उसके पिता एक छोटा-सा व्यापार करते हैं और उसकी माँ, पास में स्थित एक विद्यालय में अध्यापिका हैं | शालिनी का एक छोटा भाई है | उसकी दादी, अच्चम्मा (पिता की माँ), चित्तप्पा (पिता के भाई या चाचा) और चित्ती (चाची या चाचा की पत्नी) साथ में रहते हैं | चिन्नी उनकी एक बेटी है, जो शालिनी की चचेरी बहन है | शालिनी के चाचा की नौकरी कुछ दिन पहले पहले छूट गई है | और उसकी चाची एक गृहिणी हैं | पूरा परिवार ओणम के त्योहार की तैयारी में जुटा हुआ था | अच्चम्मा ने शालिनी के पिता से कहा कि तुम्हारा भाई आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहा है, इसलिए वह त्योहार पर नए कपड़े नहीं खरीद पाएगा | जब शालिनी के माता-पिता उसे और उसके भाई को खरीददारी के लिए लेकर गए तो वे न केवल अपने लिए, बल्कि चित्तप्पा, चित्ती और चिन्नी के लिए भी कपड़े लाए | इसका परिणाम यह हुआ कि शालिनी को अपनी उम्मीद के अनुसार रेशमी कपड़े नहीं, बल्कि सादे सूती कपड़े मिले | अच्चम्मा ने शालिनी को समझाया कि परिवार में सभी एक-दूसरे की सहायता करते हैं और उनके पास जो कुछ भी है, उसे आपस में साझा करते हैं | यह जानकर शालिनी को अब अपने मनपसंद कपड़े न मिलने के लिए बुरा नहीं लगा | उसे इस बात की खुशी थी कि सभी सदस्यों को नए कपड़े मिले |
आइए पता लगाएँ
- सात सदस्यों के इस परिवार की वंशावली का एक सरल चित्र बनाइए |
- आपके विचार से शालिनी के माता-पिता सभी के लिए कपड़े क्यों लाए?
- यदि आप शालिनी की जगह होते, तो क्या करते?
यह कहानी तो केरल की है | आइए, अब सुदूर पूर्वोत्तर में मेघालय के एक गाँव की ओर चलें |
मेरा नाम तेनजिंग है | मुझे उन पहाड़ों से प्यार है जहाँ मैं रहता हूँ, यद्यपि कभी-कभी वहाँ जीवन कठिन हो जाता है | मेरे पिता एक छोटी-सी किराने की दुकान चलाते हैं | मेरी माँ एक स्थानीय हस्तशिल्प सहकारी संगठन (जहाँ पर्यटकों के लिए बिक्री हेतु सुंदर पारंपरिक कपड़े, लकड़ी की नक्काशी और अन्य सामान तैयार किए जाते हैं) में कार्यरत हैं, जिसके कारण मेरे पिताजी ने घर की सफाई, सब्जियों के बगीचे की देखभाल और घर के अन्य कामों में हाथ बंटाना शुरू किया | कभी-कभी वह हम सबके लिए भोजन पकाने में भी मेरी दादी की सहायता करते हैं |

दादी के पास हमेशा मुझे सुनाने के लिए रोचक कहानियाँ होती हैं, जिनमें हँसी-मजाक और समझदारी की बातें होती है | लोगों को उनसे बेहतर तरीके से समझने वाला शायद कोई और नहीं हो सकता | मेरे दादा पढ़ाई में मेरी सहायता करते हैं और मुझे स्कूल बस स्टॉप पर ले जाते हैं | वे हमारी कॉलोनी के सामाजिक कार्य में भी सक्रिय रूप से सम्मिलित होते हैं और अन्य लोगों की सहायता के लिए सदैव तैयार रहते हैं | उदाहरण के लिए, एक बार जब हमारे क्षेत्र में बिजली चली गई थी, तब वह पास में स्थित कार्यालय में गए और वहाँ शिकायत दर्ज कराई | तूफान आने पर हमारे पास के घर को नुकसान हुआ तो उन्होंने आस-पास के सब परिवारों से धनराशि एकत्रित की और मरम्मत कराने के लिए उन्हें दी |

हम सौभाग्यशाली हैं कि हमारे माता-पिता भोजन और कपड़े जैसी मूलभूत आवश्यकताओं का प्रबंध करते हैं | जब किसी विशेष खर्च की बात आती है, तो मैंने अधिकांशतः देखा है कि वे आपस में चर्चा करते हैं | माँ कहती हैं कि हमें भविष्य में अचानक आने वाले खर्चों के लिए कुछ पैसों की बचत अवश्य करनी चाहिए |
आइए विचार करें
- तेनजिंग के पिता विशेष खर्चों के बारे में अपनी पत्नी से सलाह क्यों लेते हैं?
- घरेलू कार्यों में तेनजिंग के पिता की भागीदारी के बारे में आपका क्या विचार है?
- तेनजिंग के दादी-दादा कौन-सी भूमिकाएँ निभाते हैं?
आइए पता लगाएँ
- भारत के किसी क्षेत्र के ऐसे परिवार की कहानी की रचना कीजिए, जहाँ परिवारिक मूल्यों का पालन किया जा रहा हो | इसे लिखकर अथवा चित्र बनाकर कक्षा में साझा कीजिए |
- अपनी कक्षा के सहपाठियों को साथ लेकर दो या तीन परिवारों के आस-पास एक लघु नाटिका का मंचन कीजिए | आपके द्वारा लिखे गए नाटक में ऐसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों को अवश्य सम्मिलित कीजिए, जिनका सामना परिवार करते हैं एवं उन्हें हल करते हैं |
- शालिनी और तेनजिंग की कहानियों में हम संयुक्त परिवारों को देखते हैं | आपके विचार से आधुनिक जीवन-शैली के वह कौन-से आयाम हैं जिनके कारण कुछ दंपत्ति एकल परिवार को अपनाते हैं (अर्थात, बुजुर्ग पीढ़ी या अन्य परिजनों से अलग जीवन जीना) | दोनों प्रकार के परिवारों के कुछ लाभ और कुछ हानियाँ क्या हैं?
समुदाय
परिवार न केवल अपने अंदर बल्कि अन्य परिवारों से और आस-पास के लोगों से भी जुड़े होते हैं | आपस में जुड़े लोगों के इस समूह को 'समुदाय' कहते हैं (विभिन्न संदर्भों में 'समुदाय' के अन्य अर्थ भी होते हैं) | समुदाय के सदस्य विभिन्न कारणों से एक साथ आते हैं, जैसे कि त्योहार मनाने और मेले, विवाह तथा अन्य अवसरों के आयोजन पर | कुछ गाँवों में लोग फसल कटाई और बुआई के लिए भूमि तैयार करने जैसे कृषि कार्यों में एक-दूसरे को सहायता देने के लिए भी एक साथ आते हैं | समय बीतने के साथ समुदाय प्राकृतिक संपदा और पानी, चरागाहों तथा वन-उत्पाद जैसे संसाधनों के साझा उपयोग पर सहमत हुए | यह अनेक जनजातीय समुदायों तथा कुछ ग्राम समुदायों में देखा गया है | आज के ग्रामीण भारत के ग्राम समुदायों में भी कुछ सीमा तक इसे देखा जा सकता है | इस तरह के अभ्यास - जिन्हें अलिखित 'नियम' कह सकते हैं- से समुदायों को संसाधनों तक सुरक्षित पहुँच प्रदान होती है | परंतु इसका यह अर्थ भी है कि समुदाय के अंदर सभी परिवारों तथा व्यक्तियों के विशिष्ट कर्तव्य हैं, अन्यथा समुदाय सुचारु रूप से कार्य नहीं कर पाएँगे |
ध्यान रखें
- विगत वर्षों के दौरान मध्य प्रदेश के झाबुआ कस्बे के आस-पास के क्षेत्र विकट जल संकट का सामना कर रहे हैं | संकट के समय किसी व्यक्ति या परिवार को समर्थन देने के लिए साथ मिलकर काम करने की प्रथा 'हलमा' का पालन करते हुए (पृष्ठ 145 देखें) भील समुदाय ने सैकड़ों गाँवों में हजारों पेड़ लगाने का निर्णय लिया | भीलों ने बारिश के पानी को संरक्षित करने के लिए अनेक तालाब भी खोदे और वर्षा जल संचय की अनेक संरचनाएँ बनाई | उन्हें इस काम के लिए कोई पारिश्रमिक नहीं मिला, बल्कि समुदाय और पर्यावरण के प्रति अपने कर्तव्य के रूप में उन्होंने यह कार्य किया | इस 'हलमा' परंपरा का उद्देश्य धरती माँ की सेवा करना है | 2019 में शिवगंगा आंदोलन के महेश शर्मा को भील समुदाय के लिए किए गए परिवर्तनकारी कार्यों हेतु पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया |
- चेन्नई में 2015 के दौरान आई बाढ़ के समय सड़कें मानों नदियाँ बन गईं और लोग आने-जाने में असमर्थ हो गए | लगभग सभी दुकानें बंद हो गईं और सेवाएँ बाधित हुईं | अनेक निजी समूहों, विशेष रूप से आध्यात्मिक और धार्मिक संगठनों ने बड़ी मात्रा में भोजन तैयार किया तथा अभावग्रस्त लोगों के बीच बाँटा |
- इस प्रकार के अन्य अनेक उदाहरण हैं, जब लोग बिना किसी लाभ की उम्मीद के समुदाय के हित के लिए एक साथ मिलकर आगे आए | क्या आपने ऐसी किसी घटना के विषय में सुना है?
वास्तविक जीवन की उपरोक्त कहानियों में से एक ग्रामीण संदर्भ का दृष्टांत दिया गया है | शहरी क्षेत्रों में भी समुदाय होते हैं, यद्यपि यह कुछ अलग तरीके से कार्य करते हैं | आइए, वास्तविक जीवन की एक और कहानी का उदाहरण देखें |
बीस साल से अधिक समय पहले अहमदाबाद (गुजरात) के एक क्षेत्र में एक छोटी-सी ऑटो फेब्रिकेशन वर्कशॉप के मालिक, कमल परमार ने देखा कि सड़क पर वंचित बच्चों का एक समूह है | इनमें से कुछ बच्चों ने पढ़ाई छोड़ दी थी, जबकि अन्य तो कभी विद्यालय गए ही नहीं थे | कमल ने अपने नियमित काम के बाद उन्हें हर दिन शाम 5.30 बजे से रात 9.30 बजे तक पढ़ाना शुरू किया | उन्होंने बच्चों को रात में मुफ्त भोजन भी कराया | जल्दी ही उनकी कक्षा में 150 बच्चे नियमित रूप से आने लगे और पढ़ाई में उनकी बहुत रूचि भी थी |
एक स्थानीय विद्यालय के कुछ अध्यापकों ने इन कक्षाओं के बारे में सुना और उन्होंने भी वहाँ पढ़ाना शुरू किया | उनमें से एक ने बताया, "इन बच्चों के पास बैठने के लिए

समुचित बेंच नहीं हैं, कक्षाओं में पूरी तरह शांति नहीं है और गुजरते हुए बाहन काफी शोर करते हैं | फिर भी वे अध्यापकों की बातों पर अपना पूरा ध्यान लगाते हैं | इसने मेरा मन छू लिया | मुझे उनसे जो स्नेह और लगाव मिला, वह अविश्वसनीय है |" नियमित रूप से विद्यालय जाने वाले कुछ बड़े बच्चों ने भी कमल की कक्षाओं में स्वेच्छा से पढ़ाना शुरू कर दिया | इनमें से एक ने बताया, "हम वहाँ पढ़ाने गए थे, किंतु हमने उनसे बहुत कुछ सीखा |"

- अपनी कक्षा में इस कहानी पर चर्चा कीजिए | यह कहानी समुदाय के प्रति किस तरह की मनोवृत्ति को दर्शाती है?
- कमल परमार के प्रयास में कौन-कौन से मूल्य प्रदर्शित होते है?
- उन वंचित बच्चों के बारे में सोचिए | क्या आप ऐसा मानते हैं कि समाज ने उनके प्रति अन्यायपूर्ण व्यवहार किया है?
- समाज को सभी बच्चों की शिक्षा तक पहुँच सुनिश्चित करने के लिए क्या करना चाहिए?
पिछले 30 या 40 वर्षों में नए प्रकार के समुदाय उभरे हैं | अनेक नगरीय क्षेत्रों में आवासीय कल्याण समितियाँ ऐसे समुदायों के उदाहरण हैं जो अपने नियम और व्यवस्था बनाते हैं | यह नियम अपशिष्ट प्रबंधन, सामान्य क्षेत्रों की सफाई, पालतू पशुओं की देखभाल और अन्य चीजों को लेकर हो सकते हैं | इन समुदायों में रहने वाले लोग इन नियमों और कानूनों के निर्माण में भागीदार होते हैं |

आइए पता लगाएँ
अपने परिवार के बाहर उन सभी लोगों की सूची बनाइए, जो अपने कार्यों के माध्यम से किसी न किसी रूप में आपको सहायता प्रदान करते हैं |
अब हम समझ सकते हैं कि 'समुदाय' एक लचीली संकल्पना है | इसके कुछ अन्य उदाहरण हैं -
- एक जाति या इसके उपविभाजन को भी बहुधा एक समुदाय कहा जाता है |
- एक विशेष धर्म, क्षेत्र, सामान्य कार्य या रुचि के लोगों का समूह, विशेष रूप से एक छोटा समूह, भी समुदाय कहलाता है | उदाहरण के लिए, 'मुंबई का पारसी समुदाय', 'चेन्नई का सिख समुदाय', 'अमेरिका का भारतीय समुदाय', 'केरल का वैज्ञानिक समुदाय', 'गाँव का किसान समुदाय' इत्यादि | यह सूची अंतहीन है |
- अपने विद्यालय में आप विभिन्न समुदायों का हिस्सा हो सकते हैं- निस्संदेह आप कक्षा के साथ-साथ खेल समुदाय, राष्ट्रीय सेवा योजना, राष्ट्रीय कैडेट कोर, विज्ञान या नाट्य समूह आदि का भी हिस्सा हो सकते हैं |
आइए पता लगाएँ
- आप किन प्रकार के समुदायों का हिस्सा हैं?
- क्या आपके विद्यालय में कोई क्लब है, जिसमें आप सम्मिलित हैं? यह कैसे काम करता है?
आगे बढ़ने से पहले...
- परिवार मानव समाज का आधार है | आदर्श रूप में परिवार के सदस्य अपने अनेक कर्तव्यों और कार्यों में एक-दूसरे को सहयोग प्रदान करते हैं |
- समुदाय अपेक्षाकृत बड़ी इकाई है | इसका अर्थ यह भी है कि लोग एक-दूसरे को सहयोग प्रदान करने के लिए अपना सर्वोत्तम प्रयास करते हैं | 'समुदाय' को अनेक प्रकार से परिभाषित किया जा सकता है और समुदाय अनेक प्रकार के होते हैं |
- अंततः समुदाय एक-दूसरे पर निर्भर करते हैं |
प्रश्न, क्रियाकलाप और परियोजनाएँ
- आप अपने परिवार और पास-पड़ोस में किन नियमों का पालन करते हैं? ये क्यों महत्वपूर्ण हैं?
- क्या आपको लगता है कि परिवार या समुदाय में कुछ लोगों के प्रति कुछ नियम अनुचित होते हैं? क्यों?
- कुछ ऐसी परिस्थितियों का वर्णन कीजिए जहाँ आपने देखा है कि समुदाय के सहयोग से लाभ होता है | आप इसके बारे में लिखिए अथवा चित्र बनाइए |