शबनम- क्या आपको याद है, यदि एक रोटी दो बच्चों के बीच समान रूप से बाँटी जाए, तो प्रत्येक बच्चे को कितनी रोटी मिलेगी?
मुक्ता- प्रत्येक बच्चे को आधी रोटी मिलेगी|
शबनम - एक के आधे भाग को भिन्न में 1/2 लिखा जाता है| हम कभी- कभी इसे 'एक बटा दो' भी पढ़ते हैं|
मुक्ता- यदि एक रोटी 4 बच्चों में बराबर-बराबर बाँटी जाए, तो प्रत्येक बच्चे को कितनी रोटी मिलेगी?
शबनम - प्रत्येक बच्चे को 1/4 रोटी मिलेगी|
मुक्ता- और कौन-सा भाग अधिक है, 1/2 रोटी या 1/4 रोटी
शबनम - जब 2 बच्चे 1 रोटी को बराबर बाँटते हैं, तो प्रत्येक बच्चे को 1/2 रोटी मिलेगी| जब 4 बच्चे एक रोटी को समान रूप से बाँटते हैं, तो प्रत्येक बच्चे को 1\4 रोटी मिलेगी| चूँकि दूसरे समूह में अधिक बच्चे समान संख्या में रोटी बाँटते हैं, इसलिए प्रत्येक बच्चे को कम भाग मिलेगा| अतः 1\2 रोटी 1/4 रोटी से अधिक है|
1 \2 > 1\4

7.1 भिन्नात्मक इकाइयाँ और समान भाग
बेनी- कौन-सा भिन्न बड़ा है? 1\5 या 1/9 ?
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अरविन- 9 संख्या, 5 से बड़ी है| अतः मुझे लगता है कि 1\9 संख्या 1\5 से बड़ी है| क्या मैं सही हूँ?
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बेनी- नहीं! यह एक सामान्य गलती है| इन भिन्नों को भागों के रूप में सोचिए|
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अरविन- यदि एक रोटी को 5 बच्चों में बाँटा जाए तो प्रत्येक को रोटी का 1\5 भाग मिलेगा|
यदि रोटी को 9 बच्चों में बाँटा जाए, तो प्रत्येक को रोटी का 1\9 भाग मिलेगा|
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बेनी- बिल्कुल सही ! अब पुनः सोचिए कौन-सा भाग अधिक हैं?
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अरविन - यदि मैं किसी वस्तु को अधिक लोगों में बाँटता हूँ, तो मुझे कम भाग
प्राप्त होगा|
अतः 1\9 < 1\5
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बेनी- अब सही समझे !
ओह, तो 1/100,1\ 200 से अधिक है!
जब एक इकाई को कई समान भागों में विभाजित किया जाता है, तो प्रत्येक भाग को भिन्नात्मक इकाई कहा जाता है| ये सभी भिन्नात्मक इकाइयाँ हैं-
1/2, 1/3, 1/4 ,1/5 , 1/6,......1/10,.....1/50, .....1/100, आदि |
हम कभी-कभी भिन्नात्मक इकाइयों को इकाई भिन्न भी कहते हैं|
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रिक्त स्थानों में भिन्न संख्याओं को भरिए-
1. तीन अमरूदों का भार 1 किग्रा है | यदि वे लगभग समान आकार के हों, तो प्रत्येक अमरूद का लगभग भार .......किग्रा होगा|
2. एक थोक व्यापारी ने 1 किग्रा चावल को समान भार के चार पैकेटों में पैक किया| प्रत्येक पैकेट का भार .......किग्रा है|
3. चार मित्रों ने 3 गिलास गन्ने का रस का आर्डर दिया और इसे आपस में बराबर-बराबर बाँटा| प्रत्येक ने .........गिलास गन्ने का रस पिया|
4. एक बड़ी मछली का भार 1/2 किग्रा है| एक छोटी मछली का भार 1/4 किग्रा है| दोनों का सम्मिलित वजन है ........ किग्रा |
अतीत से ज्ञान !
भिन्न शब्द का प्रयोग और नामकरण भारत में प्राचीन काल से होता आ रहा है| ऋग्वेद में भिन्न 3/4 को त्रि-पद कहा गया है| इसका वही अर्थ है जो आज कई भारतीय भाषाओं में 3/4 के लिए प्रयुक्त शब्दों का होता है, जैसे- हिंदी में बोलचाल की भाषा, 'तीन पाव' और तमिल में 'मुक्काल'| वास्तव में भिन्न के लिए जो शब्द हम आज अनेक भारतीय भाषाओं में प्रयोग करते हैं वे प्राचीन समय से प्रचलित हैं|
आपके घर, नगर या राज्य में विभिन्न भाषाओं में भिन्नों के लिए उपयोग होने वाले शब्दों को खोजिए एवं उन पर चर्चा कीजिए| अपने दादा-दादी, माता-पिता, शिक्षकों और सहपाठियों से पूछिए कि वे विभिन्न भिन्नों के लिए कौन-कौन से शब्दों का उपयोग करते हैं, जैसे- एक और आधा, तीन चौथाई, एक चौथाई, आधा, चौथाई तथा दो और आधा, इन्हें यहाँ लिखिए-
............. ............. ........... ...........
5. दिए गए भिन्न शब्दों को छोटे से बड़े के क्रम में व्यवस्थित कीजिए और खाली बॉक्स में भरिए- एक और आधा, तीन चौथाई, एक चौथाई, आधा, चौथाई, दो और आधा
7.2 संपूर्ण के हिस्सों के रूप में भिन्नात्मक इकाइयाँ
दिए गए चित्र में एक संपूर्ण चिक्की दिखाई गई है|
नीचे 2 हिस्सों में तोड़ी गई चिक्की का चित्र दिखाया गया है| प्रत्येक टुकड़ा मूल चिक्की का कितना हिस्सा है?
हम देख सकते हैं कि बड़े टुकड़े में 1/4 चिक्की के 3 भाग हैं| अतः हम बड़े टुकड़े को भिन्नात्मक इकाई 1/4 का उपयोग करके माप सकते हैं| हम देखते हैं कि बड़ा टुकड़ा 3/4 चिक्की है|
- एक संपूर्ण चिक्की को विभिन्न तरीकों से 6 बराबर भागों में बाँटने पर, हमें अलग-अलग आकारों के 1/6 चिक्की के टुकड़े मिलते हैं| क्या वे समान आकार के हैं?
नीचे दर्शाई गई चिक्की की भिन्नात्मक इकाई क्या है?
नीचे दिए गए चित्र एक संपूर्ण चिक्की की विभिन्न भिन्नात्मक इकाइयाँ दर्शाते हैं| प्रत्येक टुकड़ा पूरी चिक्की का कितना भाग है?
7.3 भिन्नात्मक इकाइयों द्वारा मापना
एक कागज की पट्टी लीजिए| हम इस कागज की पट्टी को एक इकाई लंबा मानेंगे|
पट्टी को दो समान भागों में मोड़िए और फिर पट्टी को पुनः खोलें| पट्टी की लंबाई को एक इकाई मानते हुए, मोड़ के निशान (क्रीज) द्वारा बनाई गई पट्टी के दो नए भागों की लंबाइयाँ क्या हैं?
पूर्व में मोड़ी गई पट्टी को यदि पुनः दो समान भागों में मोड़ें तो आपको क्या प्राप्त होगा? अब आपको चार समान भाग मिलेंगे|
इसे पुनः दोह्रइएँ | रिक्त बाक्स को भरिए |
भिन्नात्मक मात्राओं को भिन्नात्मक इकाइयों का उपयोग करके मापा जा सकता है|
हम भिन्नात्मक इकाइयों को एक साथ एकत्र कर बता सकते हैं कि कुल कितनी मात्रा है|
आइए, पता लगाएँ
1. 1/2 की इस तालिका को 2 और चरणों तक जारी रखें|
2. क्या आप 1/4 के लिए समान तालिका बना सकते हैं?
3. कागज की पट्टी की सहायता 1/3 से बनाएँ| क्या आप 1/6 बनाने में इसका उपयोग कर सकते हैं|
4. एक चित्र बनाएँ और उपरोक्त के अनुसार योग कथन लिखिए-
a. 1/4 रोटी का 5 गुना
b. 1/4 रोटी का 9 गुना
5. प्रत्येक भिन्नात्मक इकाई का सही चित्र के साथ जोड़ा बनाइए-
1/3
1/5
1/8
1/6
भिन्नों को पढ़ना
हम भिन्न 3/4 को आमतौर पर 'तीन-चौथाई' या तीन बटा चार पढ़ते हैं, लेकिन इसे 3 गुना 1/4 ,के रूप में पढ़ने से हमें भिन्न के आकार को समझने में सहायता मिलती है, क्योंकि यह स्पष्ट दिखाता है कि भिन्नात्मक इकाई (1/4) है और यहाँ ऐसी कितनी भिन्नात्मक इकाइयाँ (3) हैं|
स्मरण कीजिए की हम भिन्न की ऊपरी संख्या और निचली संख्या को क्या कहते हैं| भिन्न 5/6 में, 5 अंश है और 6 हर है|
अध्यापक टिप्पणी
बच्चों को विभिन्न आकृतियों, जैसे वृत्त, वर्ग, आयत, त्रिभुज आदि का उपयोग करके भिन्नात्मक इकाइयों को समझने के लिए अनेक अवसर दीजिए|
7.4 संख्या रेखा पर भिन्नों की माप अंकित करना
हमने संख्या रेखा पर 1, 2, 3, ... इकाइयों के बराबर माप अंकित किए है| आइए, अब संख्या रेखा पर भिन्नों की मापें अंकित करने का प्रयास करें|
नीली रेखा की लंबाई कितनी है? बॉक्स में वह भिन्न लिखें जो नीली रेखा की लंबाई बताता है|
0 और 1 की बीच की दूरी एक इकाई लंबी है| यह दो बराबर भागों में विभाजित है| अतः प्रत्येक
भाग की लंबाई 1/2 इकाई लंबी है| अतः नीली रेखा 1/2 इकाई लंबी है|
- अब, क्या आप नीचे दर्शाई गई विभिन्न नीली रेखाओं की लंबाई ज्ञात कर सकते हैं? इसे बॉक्स में भी लिखिए|
1. यहाँ भिन्नात्मक इकाई, 1 इकाई की लंबाई को तीन बराबर भागों में विभाजित कर रही है| नीली रेखा की लंबाई बताने वाले भिन्न को संबंधित बॉक्स में अथवा अपनी कॉपी में लिखिए|
2. यहाँ एक इकाई को 5 बराबर भागों में बाँटा गया है| नीली रेखाओं की लंबाई बताने वाली भिन्न को संबंधित बॉक्स में अथवा अपनी नोटबुक (कॉपी) में लिखिए|
3. अब एक इकाई को 8 बराबर भागों में बाँटा गया है| उचित भिन्नों को अपनी नोटबुक (कॉपी) में लिखिए|
1. संख्या रेखा पर 1/10, 3/10 और 4/5 लंबाई की रेखाओं को दर्शाइए|
2. अपनी पसंद की पाँच और भिन्नों को लिखिए और उन्हें संख्या रेखा पर दर्शाइए|
3. 0 और 1 के मध्य कितनी भिन्न होती हैं? सोचिए, अपने सहपाठियों से चर्चा कीजिए और अपना उत्तर लिखिए|
4. नीचे दर्शाई गई नीली रेखा और काली रेखा की लंबाई क्या है? 0 और 1 के मध्य की दूरी 1 इकाई लंबी है और यह दो बराबर भागों में विभाजित की गई है| अतः प्रत्येक भाग की लंबाई 1/2 है| इसलिए नीली रेखा 1/2 इकाई लंबी है| काली रेखा की लंबाई बताने वाली भिन्न को बॉक्स लिखिए |
5. काली रेखाओं की लंबाई बताने वाली भिन्नों को संबंधित बॉक्स में लिखिए|
अध्यापक टिप्पणी
इन रेखाओं को श्यामपट्ट पर अंकित कीजिए और विद्यार्थियों से उनकी नोटबुक (कॉपी) में उत्तर लिखने के लिए कहिए|
7.5 मिश्रित भिन्न
एक से बड़ी भिन्ने
आपने, अभी संख्या रेखा पर कुछ भिन्नों को अंकित किया था| क्या आपने देखा कि सभी नीली रेखाओं की लंबाई 1 से कम थी और सभी काली रेखाओं की लंबाई 1 से अधिक थी?
उन सभी भिन्नों को लिखिए जिन्हें आपने पहले संख्या रेखा पर अंकित किया था| आइए, अब इन भिन्नों को दो समूहों में वर्गीकृत करें-
1 इकाई से छोटी लंबाई
|
1 इकाई से बड़ी लंबाई |
|
|
- क्या आपने ध्यान दिया कि 1 इकाई से बड़ी भिन्नों में कुछ बातें समान हैं?
1 इकाई से छोटी सभी भिन्नों में अंश, हर से छोटा है, जबकि 1 इकाई से बड़ी भिन्नों में अंश, हर से बड़ा है|
हम जानते हैं कि 3/2 5/2 और 7/2 सभी 1 इकाई से बड़ी हैं| किंतु क्या हम देख सकते हैं कि उनमें कितनी पूर्ण इकाइयाँ हैं?
3/2 = 1/2 + 1/2 + 1/2 = 1 + 1/2
5/2 = 1/2 + 1/2 + 1/2 + 1/2 + 1/2 = 2 + 1/2
मैं जानती हूँ कि 1/3 + 1/3 + 1/3 = 3/3 = 1 यदि मैं एक और 1/3 जोड़ती हूँ, तो मुझे 1 इकाई से अधिक प्राप्त होगा| अतः 4/3 > 1 .
1. 7/2 में कितनी पूर्ण इकाइयाँ हैं?
2. 4/3 और 7/3 में कितनी पूर्ण इकाइयाँ हैं?
एक से बड़ी भिन्नों को मिश्रित संख्याओं के रूप में लिखना
हमने देखा है कि -- 3/2 = 1 + 1/2
इसी प्रकार हम अन्य भिन्नों को भी लिख सकते हैं| उदाहरण के लिए,
4/3 = 1/3 + 1/3 + 1/3 + 1/3 = 1 + 1/3
3 * 1/3 = 1
1. निम्नलिखित भिन्नों में से प्रत्येक में पूर्ण इकाइयों की संख्या ज्ञात कीजिए-
a. 8/3
b. 11/5
c. 9/4
हमने देखा
| 8/3 = |
2 + 2/3
|
| भिन्न |
मिश्रित संख्या
|
इस प्रकार इस संख्या को "दो और दो-तिहाई" भी कहा जाता है| हम इसे के 2, 2/3 रूप में लिखते हैं|
2. क्या 1 से बड़े सभी भिन्नों को इस प्रकार से मिश्रित संख्या के रूप में लिख सकते हैं?
एक मिश्रित संख्या/मिश्रित भिन्न में एक पूर्ण संख्या होती है (जो पूर्ण भाग कहलाता है) और एक वह भिन्न जो कि 1 से कम होता है (जो भिन्नात्मक भाग कहलाता है)|
3. निम्नलिखित भिन्नों को मिश्रित भिन्न के रूप में लिखिए (उदाहरणार्थ, 9/2 = 4 ,1/2 )
a. 9/2
b. 9/5
c. 21/19
d. 47/9
e. 12/11
f. 19/6
क्या हम एक मिश्रित संख्या (मिश्रित भिन्न) को सामान्य भिन्न के रूप में लिख सकते हैं?

हाँ! मैंने मिश्रित संख्या को भिन्न के रूप में लिखने का तरीका ढूँढ़ निकाला है!

जया- मैं जानती हूँ, जब मेरे पास 3 + 3/4 हैं, इसका अर्थ है
1 = 1/4 + 1/4 + 1/4 + 1/4
तो मुझे प्राप्त होता है,
(1/4 + 1/4 + 1/4 + 1/4) + (1/4 + 1/4 + 1/4 + 1/4) + (1/4 + 1/4 + 1/4 + 1/4) + (1/4 + 1/4 + 1/4) = 15/4
अतः (4 * 1/4) + (4 * 1/4) + (4 * 1/4) + (3 * 1/4) = 15/4 1 + 1 + 1 + 3/4
आइए, पता लगाएँ
निम्नलिखित मिश्रित संख्याओं को भिन्न के रूप में लिखिए-
(a) 3 ,1/4
(b) 7, 2/3
(c) 9 ,4/9
(d) 3 ,1/6
(e) 2 ,3/11
(f) 3 ,9/10
7.6 तुल्य भिन्न
समान भिन्नात्मक लंबाई ज्ञात करने के लिए भिन्न दीवार (पट्टियों) का प्रयोग करना !
पिछले खंड में आपने विभिन्न भिन्नों को दर्शाने के लिए भिन्नात्मक इकाइयों वाले पेपर फोल्डिंग (पट्टी) का प्रयोग किया था| आइए, उसी पेपर स्ट्रिप (पट्टी) के साथ कुछ और गतिविधि करें|
- क्या 1/2 और 2/4 और की लंबाई बराबर हैं?
- क्या 2/4 4/8 और की लंबाई बराबर हैं?
हम कह सकते हैं कि 1/2 = 2/4 = 4/8
ये 'समतुल्य भिन्न' हैं जोकि समान लंबाई को दर्शाती हैं, लेकिन यह विभिन्न भिन्नात्मक इकाइयों के पदों में व्यक्त हैं|
अब कागज की पट्टियों का उपयोग कर जाँचिए कि क्या 1/3 और 2/6 समतुल्य भिन्न हैं अथवा नहीं? नीचे दिए गए चित्रानुसार दी गई पट्टियों का प्रयोग कर स्वयं की भिन्नात्मक पट्टी की दीवार बनाइए|
- भिन्न पट्टी की दीवार को देखकर, निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए|
1. क्या 1/2 और 3/6 की लंबाई बराबर हैं?
2. 2/3 और 4/6 तुल्य भिन्न हैं? क्यों?
3. 1/6 लंबाई के कितने टुकड़ों से 1/2 लंबाई प्राप्त होगी?
4. 1/6 लंबाई के कितने टुकड़ों से 1/3 लंबाई प्राप्त होगी?
हम इस विचार का विस्तार करके, भिन्नात्मक इकाई 1/10 वाली भिन्न पट्टी की दीवार बना सकते हैं| (भिन्नों की यह दीवार पुस्तक के अंत में दी गई है|)
आइए, पता लगाएँ
1. क्या 3/6 , 4/8, 5/8 तुल्य भिन्न हैं? क्यों?
2. के लिए दो तुल्य भिन्न लिखिए|
3 . 4/6 = ......=........=........=.......... (जितनी संभव हों उतनी लिखिए|)
समान भागों का प्रयोग कर तुल्य भिन्न समझना
एक रोटी को चार बच्चों में बराबर बाँटा गया| प्रत्येक बच्चे को रोटी को कितना भाग मिला?
संलग्न चित्र में चार बच्चों के बीच एक रोटी का बँटवारा दिखाया गया है|
प्रत्येक बच्चे को प्राप्त रोटी का भिन्न 1/4 है|

आप इस घटना को भाग विधि, जोड़ विधि और गुणन विधि के माध्यम से भी व्यक्त कर सकते हैं|
भाग विधि से 1 ÷ 4 =1/4
योग विधि से 1 = 1 /4 + 1 /4 + 1 /4 + 1 /4
गुणन विधि से 1 = 4 × 1/4
1. तीन रोटियों को चार बच्चों में बराबर बाँटा गया है| चित्र में विभाजन दिखाएँ और प्रत्येक बच्चे को कितना भाग मिला है, भिन्न में लिखिए| संगत विभाजन क्रिया, योग क्रिया और गुणन क्रिया भी लिखिए|
प्रत्येक बच्चे को रोटी का मिला भाग-
विभाजन क्रिया-
योग क्रिया-
गुणन क्रिया-
अपने चित्र और उत्तरों की तुलना अपने सहपाठियों से कीजिए|
2. एक चित्र बनाकर दर्शाइए कि जब 2 रोटियाँ 4 बच्चों में बराबर-बराबर बाँटी जाती हैं तो प्रत्येक बच्चे को कितना भाग मिलता है इसके संगत भाग क्रिया, योग क्रिया और गुणन क्रिया भी लिखिए|
3. अनिल एक समूह में था, जहाँ 2 केक को 5 बच्चों में बराबर बाँटा गया| अनिल को कितना केक मिला होगा?
अब यदि मेरे समूह में 10 बच्चे हैं तो मुझे कितने केक की आवश्यकता होगी ताकि समूह में प्रत्येक को अनिल के बराबर केक मिले?
क्या होगा यदि हम दो ऐसे समूह एक साथ रखें? एक समूह जिसमें 2 केक 5 बच्चों के बीच बराबर-बराबर बाँटे जाएँ और दूसरा समूह जिसमें 4 केक और 10 बच्चे हैं?
इस प्रकार दोनों स्थितियों में प्रत्येक बच्चे का भाग समान है!
आइए, हम निम्नलिखित स्थितियों में प्रत्येक बच्चे के हिस्से की जाँच करते हैं|
- 1 रोटी 2 बच्चों में बराबर बाँटी जाती है|
- 2 रोटियाँ 4 बच्चों में बराबर बाँटी जाती हैं|
- 3 रोटियाँ 6 बच्चों में बराबर बाँटी जाती हैं|
आइए, चित्र बनाएँ और इसे साझा करें!
क्या आपने ध्यान दिया कि सभी स्थितियों में प्रत्येक बच्चे का भाग बराबर है? अतः हम कह सकते हैं कि 1/2 = 2/4 = 3/6
इसलिए, 1/2, 2/4 और 3/6 सभी तुल्य भिन्न हैं|
1/2 के तुल्य कुछ और भिन्नों को ज्ञात कीजिए| इन्हें यहाँ बॉक्स में लिखिए|
निम्नलिखित स्थितियों में रोटी को बराबर-बराबर बाँटिए और प्रत्येक बच्चे के हिस्से को लिखिए| क्या इन सभी स्थितियों में प्रत्येक बच्चे का हिस्सा समान है? क्यों?
क्या आपने इनमें से प्रत्येक भिन्न में अंश और हर के बीच संबंध के बारे में कुछ ध्यान दिया है?

लुप्त संख्याएँ ज्ञात कीजिए-
a. 4 मित्रों के बीच बराबर-बराबर बाँटा गया 5 गिलास जूस, 8 दोस्तों के बीच बराबर-बराबर बाँटे गए ..........गिलास जूस के समान है|
अतः 5\4= ....../8
b. 4 किग्रा आलू को बराबर-बराबर 3 थैलों में भरा गया| ऐसे ही 12 किग्रा आलू को समान रूप से भरने के लिए ...........थैलों की आवश्यकता होगी?
अतः 4/3 = 12 /......
с. 5 बच्चों के बीच बराबर बाँटी गई 7 रोटियाँ और ....... बच्चों के बीच बराबर बाँटी गई .......रोटियाँ समान होंगी
अतः 7/5 =......./........
- किस समूह में प्रत्येक बच्चे को अधिक चिक्की प्राप्त होती है?
1 चिक्की को 2 बच्चों में बराबर बाँटा जाए या 5 चिक्कियों को 8 बच्चों में बराबर बाँटा जाए|
मुक्ता - इसके लिए हमें 1/2 और 5/8 के बीच तुलना करनी चाहिए कि कौन अधिक है?
शबनम -ठीक है, हमने देखा कि 1/2 = 4/8 = है, और स्पष्टतः -- 4/8<5/8
इसलिए जिन बच्चों के लिए 5 चिक्की को 8 बच्चों में बराबर बाँटा जाता है, उन्हें उन बच्चों से अधिक मिलेगा, जिनके लिए 1 चिक्की को 2 बच्चों में बराबर बाँटा जाता है| दूसरे समूह के प्रत्येक बच्चे को अधिक चिक्की मिलेगी|
- निम्नलिखित समूह के विषय में क्या कहेंगे? किस समूह में प्रत्येक बच्चे को अधिक हिस्सा मिलेगा?
1 चिक्की को 2 बच्चों में बराबर बाँटा जाए या 4 चिक्कियों को 7 बच्चों में बराबर बाँटा जाए|
शबनम - इस बार किस समूह के बच्चों को अधिक चिक्की मिलेगी?
मुक्ता -- हमें 1/7और 4/7 की तुलना करनी चाहिए|
अब
1×4 / 2/4 = 4/8 अतः, = 1/2 =4/8
शबनम - लेकिन आपने अंश और हर को पुनः 4 से गुणा क्यों किया?
मुक्ता - तुम देखोगी !
जब 4 चिक्कियों को 7 बच्चों में बराबर बाँटा जाता है, तो प्रत्येक को 4/7 चिक्की मिलेगी| जब 4 चिक्कियों को 8 बच्चों में बराबर बाँटा जाता है, तो प्रत्येक को 4/8 चिक्की मिलेगी| अतः 4/7 > 4/8

यदि बाँटी जाने वाली इकाइयों की संख्या समान है, लेकिन जिन बच्चों के बीच बाँटी जानी है उनकी संख्या अधिक है, तो भाग कम होगा|

इसलिए, 4/7 >4/8 और, 4/8 =1/2 ,अतः 4/7 > 1/2 अब मैं समझी कि तुमने अंश और हर को 4 से गुणन क्यों किया?
- मान लीजिए कि बच्चों की संख्या समान रखी गई है, किंतु बाँटी जाने वाली इकाइयों की संख्या बढ़ गई| अब आप प्रत्येक बच्चे को मिलने वाले हिस्से के विषय मे क्या कहेंगे? क्यों? चर्चा कीजिए कि कैसे आपका तर्क यह स्पष्ट करता है कि,
1/5 < 2/5 < 3/7 < 4/7और 1/2 < 5/8
- अब, निर्णय कीजिए कि दोनों समूहों में किस समूह के बच्चों को अधिक हिस्सा मिलेगा?
1. समूह 1 - 3 गिलास गन्ने के रस को 4 बच्चों में बराबर बाँटा गया|
समूह 2 - 7 गिलास गन्ने के रस को 10 बच्चों में बराबर बाँटा गया|
2. समूह 1 - 4 गिलास गन्ने के रस को 7 बच्चों में बराबर बाँटा गया|
समूह 2 - 5 गिलास गन्ने के रस को 7 बच्चों में बराबर बाँटा गया|
कौन से समूहों की तुलना करना आसान है? क्यों?
शबनम - पहले दो समूहों की तुलना करने के लिए हमें भिन्नों
3/4 और 7/10 के तुल्य भिन्न ज्ञात करना है|
मुक्ता- क्या ऐसे 6/8 = 3/4 और 21/30 = 7/10 ?
क्या ऐसा नहीं है कि जब बच्चों की संख्या समान है, तो तुलना करना आसान है|
शबनम -- यहाँ एक शर्त है| दो भिन्नों के लिए प्रयोग की गई भिन्नात्मक इकाइयाँ समान होनी चाहिए! जैसे- 2/6 और 3/6 दोनों में भिन्नात्मक इकाई 1/6 है (अर्थात्, हर समान हैं)| किंतु 6/8 और 21/30 में भिन्नात्मक इकाइयाँ समान नहीं है (दोनों में हर असमान हैं)|
मुक्ता - ठीक है, तो आओ हम तुल्य भिन्न बनाना शुरू करते हैं-
3/4 = 6/8 = 9/12 = 12/16 = 15/20 लेकिन मुझे कब रुकना है?
शबनम - समझी! कैसा रहेगा यदि हम 4 * 10 = 40 तक लिखें|
मुक्ता- आपका अर्थ दो हरों का गुणनफल?
ठीक है!
हमारे पास 3/4 और 7/10 हैं| दोनों हरों (4 और 10) का गुणनफल 40 है|
3/4 = 6/8 = 9/12 = 12/16 = 15/20 = 18/24 =...= 27 /36 = 30/ 40
7/10 = 14/20 = 21/30 = 28/40
तब तक लिखेंगे जब तक हर 40 न हो जाए|
लेकिन ध्यान रहे कि 15/20 और 14/20 के हर भी समान हैं|

हाँ! हमें प्रत्येक भिन्न के लिए केवल समान भिन्नात्मक इकाई प्राप्त करने की आवश्यकता है|

शबनम -अतः 3/4 और 7/10 की समान भिन्नात्मक इकाई (समान हर) के साथ तुल्य भिन्न 30/40 और 28/40 या 15/20 और 14/20 है |
स्पष्टतया 30/40 > 28/40 अतः हम कह सकते हैं कि 3/4 > 7/10
- दिए गए भिन्न युग्मों के लिए तुल्य भिन्नों को ज्ञात कीजिए, जिसमें भिन्नात्मक इकाइयाँ समान हों|
a. 7/2 और 3/5
b. 8 /3
और 5/ 6
c. 3 /4
और 3 /5
d. 6/ 7
और 8 /5
e. 9 /4
और 5/ 2
f. 1 /10
और 2 /9
g 8 /3
और 11/ 4
h. 13 /6
और 1 /9
एक भिन्न को सरलतम रूप में व्यक्त करना
किसी भिन्न के अंश और हर में 1 के अतिरिक्त कोई अन्य उभयनिष्ठ गुणनखंड न हो, तो भिन्न अपने न्यूनतम या सरलतम रूप में कही जाती है| दूसरे शब्दों में, एक भिन्न को न्यूनतम रूप में कहा जाता है यदि उसका अंश और हर जितना संभव हो उतना छोटे हों|
किसी भी भिन्न को न्यूनतम पदों में व्यक्त करने के लिए एक तुल्य भिन्न ज्ञात की जा सकती है, जिसका अंश और हर जितना संभव हो उतना छोटा हो|
आइए, देखें कैसे भिन्न को न्यूनतम पदों में व्यक्त करते हैं|
उदाहरण - क्या भिन्न 16/20 न्यूनतम पदों में है? नहीं, संख्या 16 और 20 का उभयनिष्ठ गुणनखंड 4 है| आइए, अब 16/20 को न्यूनतम पदों में व्यक्त करते हैं|
हम जानते हैं कि 16 (अंश) और 20 (हर) दोनों 4 से विभाज्य हैं|
अतः 16 ÷ 4 /20 ÷ 4
= 4 /5
अब, 4 और 5 का कोई अन्य उभयनिष्ठ गुणनखंड नहीं है| इसलिए 16/20 का न्यूनतम व्यक्त पद 4 /5 है| अतः 4 /5 को 16/20 का सरलतम रूप कहा जा सकता है, क्योंकि 4 और 5 का 1 के अतिरिक्त कोई उभयनिष्ठ गुणनखंड नहीं है|
किसी भी भिन्न को अंश और हर में उच्चतम उभयनिष्ठ गुणनखंड से विभाजित करके न्यूनतम पदों में परिवर्तित किया जा सकता है|

एक भिन्न को न्यूनतम पदों में विभिन्न चरणों में भी व्यक्त किया जा सकता है|
मान लीजिए, हमें 36/60 को न्यूनतम पदों व्यक्त करना है| सर्वप्रथम हम देखते हैं कि अंश और हर दोनों सम हैं| अतः हम दोनों को 2 से विभाजित करके देखते हैं और पाते हैं कि 36/60 = 18 /30
पुनः अंश और हर दोनों सम हैं, अतः हम पुनः उन्हें 2 से विभाजित कर सकते हैं; हमें 18/30=9/15 प्राप्त होता है|
9 = 30 15
अब हम देखते हैं कि 9 और 15 दोनों 3 के गुणज हैं, अतः दोनों को 3 से विभाजित करने पर 9/15 =3/15 प्राप्त होता है|
अब 3 और 5 का 1 के अतिरिक्त कोई उभयनिष्ठ गुणनखंड नहीं है, अतः 36/60 न्यूनतम रूप में 3/5 है|
वैकल्पिक रूप में, हम देख सकते थे कि 36/60 में अंश और हर दोनों 12 के गुणज हैं- हम देखते हैं कि 36 = 3×12 और 60 = 5×12, इसलिए हम सीधे यह निष्कर्ष निकाल सकते थे कि 36/60 =3/5 है|
आप किसी भी विधि से कीजिए, एक ही उत्तर मिलेगा! किंतु कभी-कभी चरणों में हल करना सरल होता है|
निम्नलिखित भिन्नों को न्यूनतम पदों में व्यक्त कीजिए-
a. 17/51
b. 64 /144
с. 126/ 147
d. 525 /112
7.7 भिन्नों की तुलना
कौन-सा भिन्न बड़ा है,4/5 या 7/9 ? इस प्रकार के दो भिन्नों की सीधे तुलना करना कठिन हो सकता है| यद्यपि हम जानते हैं कि समान हर वाली दो भिन्नों के तुल्य भिन्न कैसे प्राप्त करते हैं| आइए, देखें कि हम इसका उपयोग कैसे कर सकते हैं-
4/5 = (4 * 9)/(5 * 9) = 36/45
7/9 = (7 * 5)/(8 * 5) = 35/45
5 और 9 का उभयनिष्ठ गुणज 45 है, इसलिए हम 45 को उभयनिष्ठ हर के रूप में प्रयोग कर सकते हैं|

स्पष्टतः 36/45 > 35/45
अतः 4/5>7/9!
आइए, इसे किसी अन्य युग्म 7/9 और 17/21 के लिए प्रयास करें| 9 और 21 का उभयनिष्ठ गुणज 63 है, तो हम लिख सकते हैं-
7/9=7*7/9/7=49/63,
17 *21 =17×3 / 21×3= 51/63 = 9×7 63
स्पष्टतः 49 /63< 51/63
अतः 7/9 < 17/21 !
संक्षेप में!
दो या दो से अधिक भिन्नों की मापों की तुलना के चरण-
चरण 1- दिए गए भिन्नों को तुल्य भिन्नों में बदलें ताकि उन सभी को समान हर/समान भिन्नात्मक इकाई में परिवर्तित किया जा सके|
चरण 2- अब केवल अंशों की तुलना कर, तुल्य भिन्नों की तुलना कीजिए अर्थात् प्रत्येक में कितनी भिन्नात्मक इकाइयाँ हैं|
आइए, पता लगाएँ
1. निम्नलिखित भिन्नों की तुलना कीजिए और अपने उत्तर का कारण बताइए-
a. 8/3, 5/2
b. 4/9 , 3/7
C. 7/10, 9/14
d. 12/5 ,8/5
e. 9/5 ,5/2
2. निम्नलिखित भिन्नों को आरोही क्रम में लिखिए |
a. 7/10 , 11/15 , 2/5
b. 19/24 , 5/6 , 7/12
3. निम्नलिखित भिन्नों को अवरोही क्रम में लिखिए|
a. 25/16 , 7/8 , 13/4 , 17/32
b. 3/4 , 12/5 , 7/12 , 5/4
7.8 भिन्नों को जोड़ना और घटाना
मीना के पिता ने कुछ चिक्की बनाई| मीना ने इसका 1/2 भाग खाया और उसके छोटे भाई ने इसका 1/4 भाग खाया| मीना और उसके भाई ने मिलकर चिक्की का कितना भाग खाया?
हम दृश्यीकरण के माध्यम से उत्तर तक पहुँच सकते हैं| चिक्की का एक टुकड़ा लीजिए और इसे पहले इस तरह दो हिस्सों में बाँटिए|
चित्रानुसार मीना ने इसका आधा भाग खाया|
अब शेष बचे हिस्से को पुनः दो भागो में बाँटे जैसा कि चित्र में दिखाया गया है| इनमें से प्रत्येक टुकड़ा संपूर्ण चिक्की का 1/4 है|
जैसा कि चित्र में दिखाया गया है कि मीना के भाई ने संपूर्ण चिक्की का 1/4 भाग खाया|
कुल खाई गई चिक्की है, 1/2 (मीना के द्वारा) और 1/4 (उसके भाई द्वारा)
कुल खाई गई चिक्की = 1/2 + 1/4
= 1/4 + 1/4 + 1/4
= 3 * 1/4 = 3/4
संपूर्ण चिक्की का कितना भाग शेष बचा?
समान हर या समान भिन्नात्मक इकाई वाले भिन्नों का योग (जोड़)
उदाहरण 2/5 और 1/5 का योग ज्ञात कीजिए|
आइए, दोनों को आयताकार पट्टी (स्ट्रिप) द्वारा दर्शाते हैं| यहाँ दोनों भिन्नों में भिन्नात्मक इकाई समान है, जो 1/5 है, इसलिए प्रत्येक पट्टी को 5 बराबर भागों में बाँटा जायेगा|
अतः 2/5 को इस प्रकार दर्शाया जाएगा-
और 1/5 को इस प्रकार दर्शाया जाएगा-
दोनों भिन्नों का योग छायांकित भागों की कुल संख्या ज्ञात करने के समान है, जो 1/5 प्रत्येक समान भिन्नात्मक इकाई को दर्शाता है|
इस स्थिति में कुल छायांकित भाग 3 हैं| चूँकि प्रत्येक छायांकित भाग भिन्नात्मक इकाई 1/5 को दर्शाता है, हम देखते हैं कि 3 छायांकित भाग मिलकर भिन्न 3/5 को व्यक्त करता है|
अतः 2/5 + 1/5 = 3/5
उदाहरण- 4/7 और 6/7 का योग ज्ञात कीजिए|
आइए, पुनः दोनों को आयताकार पट्टी द्वारा दर्शाते हैं| यहाँ दोनों भिन्नों में भिन्नात्मक इकाई समान है, अर्थात् 1/7 , अतः प्रत्येक पट्टी को 7 बराबर भागों में बाँटेंगे|
तब 4/7 को इस प्रकार दर्शाया जाएगा-
और 6/7 को इस प्रकार दर्शाया जाएगा-

इस स्थिति में छायांकित भागों की कुल संख्या 10 है, और इसका प्रत्येक छायांकित भाग भिन्नात्मक इकाई 1/7 को दर्शाता है| इसलिए 10 छायांकित भाग मिलकर भिन्न 10/7 को दर्शाते हैं, जैसा कि नीचे दी गई पट्टी में देखा जा सकता है|
• समान भिन्नात्मक इकाई वाले भिन्नों को जोड़ते समय, प्रत्येक भिन्न से भिन्नात्मक इकाइयों की संख्या जोड़ेंगे|
अतः 4/7 + 6/7 = 10/7
= 1 + 3/7
= 1 3/7
- संख्या रेखा का प्रयोग कर 4/7 + 6/7 को जोड़िए| क्या आपको समान उत्तर मिला?
विभिन्न हर या भिन्नात्मक इकाई वाले भिन्नों का योग
उदाहरण - 1/4 और 1/3 का योग ज्ञात कीजिए|
विभिन्न भिन्नात्मक इकाइयों वाले भिन्नों को जोड़ने के लिए,
पहले भिन्नात्मक इकाई वाली तुल्य भिन्नों में बदलेंगे| यहाँ समान हर अर्थात् हम भिन्नात्मक इकाई 1/12 वाली तुल्य भिन्न ज्ञात कर सकते |
आइए, प्रत्येक दी गई भिन्न के लिए तुल्य भिन्न लिखिए|
1/4 = (1 * 3)/(4 * 3) = 3/12
1/3 = (1 * 4)/(3 * 4) = 4/12
अब 3/12 और 4/12 की भिन्नात्मक इकाई समान है, जो कि 1/12 है |
अतः 1/4 + 1/3 = 3/12 + 4/12 = 7/12
योग की यह विधि जो कितनी भी भिन्नों को जोड़ने के लिए काम करती है, सामान्यतः पहली बार ब्रह्मगुप्त द्वारा वर्ष 628 ईस्वी में बताई गई थी| हम भिन्नों के विकास के इतिहास का वर्णन अध्याय में आगे विस्तार से करेंगे| अभी केवल भिन्नों के योग के लिए ब्रह्मगुप्त की विधि के चरणों को समझते हैं|
भिन्नों के योग के लिए ब्रह्मगुप्त विधि
1. तुल्य भिन्नों को ज्ञात कीजिए ताकि सभी भिन्नों की भिन्नात्मक इकाई समान हों| यह हरों का एक उभयनिष्ठ गुणज ज्ञात करके किया जा सकता है (उदाहरणार्थ, हरों का गुणनफल या हरों का लघुतम सार्वगुणज)
2. समान भिन्नात्मक इकाई वाली इन तुल्य भिन्नों को जोड़िए| यह अंशों को जोड़कर और हर को समान रखकर किया जा सकता है|
3. यदि आवश्यकता हो तो प्राप्त परिणाम को न्यूनतम पदों में लिखिए|
आइए, ब्रह्मगुप्त विधि का एक और उदाहरण लेते हैं|
उदाहरण -2/3 और 1/5 का योग ज्ञात कीजिए |
दिए गए भिन्नों के हर 3 और 5 हैं| 3 और 5 का लघुतम सामान्य गुणज 15 है| अब हम देखते हैं,
2/3 = (2 * 5)/(3 * 5) = 10/15
1/5 = (1 * 3)/(5 * 3) = 3/15
इसलिए, 2/3 + 1/5 = 10/15 + 3/15 = 13/15
उदाहरण - 1/6 और 1/3 का योग ज्ञात कीजिए|
6 और 3 का लघुतम सामान्य गुणज 6 है|
1/6 केवल 1/6 ही रहेगा|
1/3 = (1 * 2)/(3 * 2) = 2/6
इसलिए, 1/6 + 1/3 = 1/6 + 2/6 = 3/6
अब यदि आवश्यक हो तो भिन्न 3/6 को पुनः न्यूनतम पदों में व्यक्त कर सकते हैं, यह अंश और हर दोनों को 3 (3 और 6 का सबसे बड़ा सामान्य गुणनखंड) से विभाजित करके किया जा सकता है|
3/6 = (3/3)/(6/3) = 1/2
अतः 1/6 + 1/3 = 1/2
आइए, पता लगाएँ
1. ब्रह्मगुप्त विधि का प्रयोग कर निम्नलिखित भिन्नों का योग कीजिए|
a. 2/7 + 5/7 + 6/7
b. 3/4 + 1/3
c 2/3 + 5/6
d. 2/3 + 2/7
e 3/4 + 1/3 + 1/5
f. 2/3 + 4/5
g 4/5 + 2/3
h 3/5 + 5/8
i 9/2 + 5/4
j. 8/3 + 2/7
k. 3/4 + 1/3 + 1/5
l. 2/3 + 4/5 + 3/7
m. 9/2 + 5/4 + 7/6
2. रहीम ने हरा पेंट बनाने के लिए 2/3 लीटर पीले पेंट को 3/4 लीटर नीले पेंट के साथ मिलाया| उसने कुल कितने लीटर हरा पेंट बनाया?
3. एक मीटर परिधि के मेजपोश का संपूर्ण बॉर्डर (किनारा) बनाने के लिए गीता ने 2/5 मीटर लेस खरीदी और शमीम ने 3/4 मीटर लेस खरीदी| उन दोनों के द्वारा खरीदी गई लेस की कुल लंबाई ज्ञात कीजिए| क्या खरीदी गई लेस संपूर्ण बॉर्डर (किनारा) को ढकने के लिए पर्याप्त है?
समान भिन्नात्मक इकाई या हर वाले भिन्नों को घटाना
भिन्नों को घटाते समय भी ब्रह्मगुप्त विधि समान रूप से लागू होती है|
आइए, 6/7 से 4/7 को घटाने की समस्या से शुरू करें, अर्थात् 6/7 - 4/7 क्या है?
इस समस्या को हल करने के लिए हम आयताकार पट्टी का पुनः प्रयोग कर सकते हैं| यहाँ, दोनों भिन्न पहले बड़े भिन्न को आयताकार पट्टी से प्रदर्शित करते हैं, जैसा कि दर्शाया गया है-
प्रत्येक छायांकित भाग को 1/7 को प्रदर्शित करता है| अब हमें 4/7 घटाना है| ऐसा करने के लिए 4 छायांकित भागों को हटा देते हैं|
भिन्नात्मक भाग जिसे हटाया जाना है|
यहाँ हम इसे सीधे कर सकते हैं, क्योंकि दोनों भिन्नों की भिन्नात्मक इकाइयाँ समान हैं
अतः हमारे पास 2 छायांकित भाग बचे हैं अर्थात् 6/7 - 4/7 = 2/7
यही अभ्यास संख्या रेखा के साथ करने का प्रयास कीजिए|
1. 5/8 - 3/8
2. 7/9 - 5/9
3. 10 /27 - 1/27
विभिन्न भिन्नात्मक इकाइयों या हरों वाले भिन्नों को घटाना
उदाहरण -- 3/4 - 2/3 का मान क्या है?
जैसा कि हम पहले ही समान भिन्नात्मक इकाई वाली भिन्नों का घटाना जानते हैं| आइए, दिए गए भिन्नों को समान भिन्नात्मक इकाई वाली तुल्य भिन्नों में बदलते हैं|
हाँ! यह करके हम दो भिन्नों को आसानी से घटा सकते हैं|
I
I
3/4 = (3×3) / (4×3) =9/12
I
I
सोचिए ! हमने अंश और हर दोनों को 3 से गुणा करने के लिए क्यों चुना?
पुनः हमने अंश और हर दोनों को 4 से गुणा करने के लिए क्यों चुना?
और इसी प्रकार
2/3 =(2×4) /(3×4) = 8 /12
अतः 3/4 - 2/3 = 9/12 - 8/12 =1/12
ब्रह्मगुप्त विधि से दो भिन्नों को घटाना -
1. दिए गए भिन्नों को समान भिन्नात्मक इकाई वाली तुल्य भिन्नों में बदलिए अर्थात्, समान हर में|
2. समान भिन्नात्मक इकाई वाली भिन्नों को घटाइए| यह हर को समान रखकर और अंशों को घटाकर किया जा सकता है|
3. प्राप्त परिणाम को आवश्यकतानुसार न्यूनतम पदों में सरल बनाइए|
आइए, पता लगाएँ
1. ब्रह्मगुप्त विधि का प्रयोग कर निम्नलिखित को घटाइए-
a. 8/15 - 3/15
b. 2/5 - 4/15
c. 5/6 - 4/9
d. 2/3 - 1/2
2. संकेतानुसार घटाइए-
a. 13/4 से 10/3
b. 18/5 से 23/3
c. 29/7 से 45/7
3. निम्नलिखित प्रश्नों को हल कीजिए-
a. जया का विद्यालय उसके घर से 7/10 किमी दूर है| वह प्रतिदिन विद्यालय पहुँचने के लिए 1/2 किमी ऑटो से जाती है और शेष दूरी पैदल चलकर तय करती है| वह स्कूल पहुँचने के लिए प्रतिदिन कितना पैदल चलती है?
b. जीविका पार्क का एक पूरा चक्कर लगाने में 10/3 मिनट लेती है और उसकी मित्र नमिता उसी कार्य को करने में 13/4 मिनट का समय लेती है| दोनों में से कौन कम समय में पूरा चक्कर लगाती है और कितना कम समय लेती है?
7.9 एक चुटकी इतिहास
क्या आप जानते हैं कि प्राचीन भारत में भिन्न को क्या कहा जाता था? संस्कृत में भी इसे भिन्न कहा जाता है, जिसका अर्थ है टूटा हुआ| इसे भाग या अंश अर्थात् भाग या खंड (टुकड़ा) भी कहा जाता था|
आज हम जिस प्रकार से भिन्न लिखते हैं, उसकी उत्पत्ति भारत में हुई थी| प्राचीन भारतीय गणितीय ग्रंथ जैसे कि बख्शाली पांडुलिपि (लगभग 300 ईस्वी) में जब वे 1/2 लिखना चाहते थे, तो वे इसे 2 के रूप में लिखते थे जो कि वास्तव में आज हम जिस तरह लिखते हैं, उससे बहुत मिलता-जुलता है| भिन्नों के साथ लिखने और काम करने की यह विधि भारत में अगली कई शताब्दियों तक प्रयोग होती रही, जिनमें आर्यभट्ट (499 ईस्वी), ब्रह्मगुप्त (628 ईस्वी), श्रीधराचार्य (लगभग 750 ईस्वी)
और महावीराचार्य (लगभग 850 ईस्वी) के साथ अन्य लोग भी सम्मिलित हैं| "1/2" और अन्य भिन्नों में अंश और हर के बीच के रेखाखंड को बाद में मोरक्को के गणितज्ञ अल-हसर (12 वीं शताब्दी में) ने लिखा| अगली कुछ शताब्दियों में यह संकेत पद्धति यूरोप और पूरे विश्व में फैल गई|
भिन्न का उपयोग प्राचीन मिस्र और बेबीलोनिया सभ्यता जैसी अन्य संस्कृतियों में भी किया गया, किंतु वे मुख्य रूप में भिन्नात्मक इकाइयों का ही उपयोग करते थे, अर्थात् अंश 1 वाली भिन्नें| सामान्यतः भिन्नों को भिन्नात्मक इकाइयों के योग के रूप में व्यक्त किया जाता था, जिन्हें अब 'मिस्र भिन्न' कहा जाता है| संख्याओं को भिन्नात्मक इकाइयों के योग के रूप में लिखना, उदाहरणार्थ, 19/ 24 = 1/2 +1/6 + 1/8 एक कला हो सकती है और यह सुंदर पहेलियों की ओर ले जाती है| हम आगे ऐसी ही एक पहेली पर विचार करेंगे|
सामान्य भिन्न (जहाँ आवश्यक नहीं कि अंश 1 हो) को सर्वप्रथम भारत में अंकगणितीय संक्रियाओं, जैसे- योग, घटाना, गुणा और यहाँ तक कि भिन्नों के विभाजन के नियमों के साथ परिचित किया गया था| शुल्व-सूत्र नामक प्राचीन भारतीय ग्रंथ से पता चलता है कि वैदिक काल में ही भारतीयों ने भिन्नों के साथ संक्रियाओं के नियमों की खोज कर ली थी| भिन्नों के साथ काम करने की और उनकी गणना करने के सामान्य नियमों और कार्यप्रणाली को पहली बार औपचारिक और आधुनिक रूप में ब्रह्मगुप्त द्वारा संहिताबद्ध किया गया था|
ब्रह्मगुप्त की विधि ही है जिसका प्रयोग आज हम भिन्नों को हल करने एवं उनकी गणना करने में करते हैं| उदाहरणार्थ, ब्रह्मगुप्त ने निम्नलिखित तरीके से भिन्नों को जोड़ने और घटाने का तरीका बताया-
"प्रत्येक भिन्न के अंश और हर को अन्य हरों से गुणा करने पर भिन्न एक उभयनिष्ठ हर में बदल जाता है| फिर योग के संबंध में, अंश (उक्त सरलीकरण से प्राप्त) को जोड़ा जाता है| घटाने के संबंध में, उनके अंतर को लिया जाता है|" (ब्रह्मगुप्तः ब्रद्मस्फुट सिद्धांत, श्लोक 12.2, 628 ईस्वी)
भिन्नों से संबंधित भारतीय अवधारणाएँ और विधियाँ अगली कुछ शताब्दियों में अरबों के माध्यम से यूरोप में पहुँची और 17वीं शताब्दी तक यूरोप में उसका सामान्य उपयोग होने लगा और फिर दुनिया भर में फैल गईं|
यदि कोई समान भिन्नात्मक इकाइयों का उपयोग करता है, तो योगफल 1 प्राप्त करने के लिए भिन्नात्मक इकाइयों को जोड़ना आसान है| उदाहरणार्थ- 1/2 + 1/2 = 1 , 1/3 + 1/3 + 1/3 = 1 , 1/4 + 1/4 + 1/4 + 1/4 = 1 आदि|
क्या आप सभी विभिन्न भिन्नात्मक इकाइयों को जोड़कर 1 प्राप्त करने का कोई तरीका सोच सकते हैं?
दो विभिन्न भिन्नात्मक इकाइयों को जोड़कर 1 प्राप्त करना संभव नहीं है| इसका कारण यह है कि 1/2 सबसे बड़ी भिन्नात्मक इकाई है, एवं 1/2 + 1/2 = 1
विभिन्न भिन्नात्मक इकाइयाँ प्राप्त करने के लिए हमें कम से कम एक एक 1/2 को किसी छोटी भिन्नात्मक इकाई से बदलना होगा, किंतु तब योगफल 1 से कम होगा! अतः दो विभिन्न भिन्नात्मक इकाइयों का योग 1 प्राप्त करना संभव नहीं है|
फिर भी हम 1 को तीन विभिन्न भिन्नात्मक इकाइयों के योग के रूप में लिखने का तरीका ढूँढ़ने का प्रयत्न कर सकते हैं|
1. क्या आप तीन विभिन्न भिन्नात्मक इकाइयाँ ढूँढ़ सकते हैं, जिनका योगफल 1 हो?
इस समस्या का केवल एक हल है (3 भिन्नात्मक संख्याओं के क्रम बदलने तक)! क्या आप इसे ढूँढ़ सकते हैं? आगे बढ़ने से पहले इसे ढूँढ़ने का प्रयत्न करें|
यहाँ हल को प्राप्त करने का क्रमबद्ध तरीका दिया गया है| हम जानते हैं कि 1/3 + 1/3 + 1/3 = 1 होगा| विभिन्न भिन्नात्मक इकाइयाँ प्राप्त करने के लिए हमें कम से कम एक 1/3 को बढ़ाना होगा, एवं अन्य 1/3 को उस बढ़त के संतुलन के लिए घटाना होगा| 1/3 को अन्य भिन्नात्मक इकाई तक बढ़ाने का एकमात्र तरीका है, इसे 1/2 से बदलना| अतः 1/2 एक भिन्नात्मक इकाई अवश्य होना चाहिए|
अब 1/2 + 1/4 + 1/4 = 1 अब अलग भिन्नात्मक इकाई प्राप्त करने के लिए हमें एक 1/4 को बढ़ाना होगा एवं अन्य 1/4 को उस बढ़त के संतुलन के लिए घटाना होगा| अब 1/4 को 1/2 से अलग अन्य
भिन्नात्मक इकाई तक बढ़ाने का एकमात्र तरीका है, इसे 1/3 से बदलना है| अतः दो भिन्नात्मक इकाइयाँ अवश्य 1/2 और 1/3 होंगी! फिर तीसरी भिन्नात्मक संख्या क्या होनी चाहिए, जिससे कि तीनों भिन्नात्मक इकाइयों का योगफल 1 हो?
इससे स्पष्ट होता है कि क्यों उपरोक्त समस्या का केवल एक ही हल है|
1/2+ 1/3 + 1/6 =1
क्या होगा यदि हम चार विभिन्न भिन्नात्मक इकाइयाँ खोजें, जिनका योगफल 1 हो?
2. क्या आप चार विभिन्न भिन्नात्मक इकाइयाँ ढूँढ़ सकते हैं, जिनका योगफल 1 हो? परिणामतः इस समस्या के छः हल हैं! क्या आप उनमें से कम से कम एक ढूँढ़ सकते हैं?
क्या आप सभी हल ढूँढ़ सकते हैं? आप दो एवं तीन भिन्नात्मक इकाइयों की स्थिति के समान तर्क का प्रयोग कर प्रयास कर सकते हैं या अपनी स्वयं की विधि भी ढूँढ़ सकते हैं| जैसे ही आप एक हल ढूँढ़ लेते हैं, इसके दृश्यात्मक चित्रण के लिए तब एक वृत्त को हिस्सों में बाँटने का प्रयत्न करें, जैसा कि ऊपर चित्र में किया गया है|
सारांश
- समान भाग (हिस्से) के रूप में भिन्न- जब एक पूर्ण संख्या वाली इकाई को समान भागों में बाँटा एवं साझा किया जाता है, तो एक भिन्न प्राप्त होती है|
- भिन्नात्मक इकाइयाँ - जब एक संपूर्ण मूल इकाई को समान भागों में बाँटा जाता है, तो प्रत्येक भाग भिन्नात्मक इकाई कहलाता है|
- भिन्नों को पढ़ना - किसी भिन्न जैसे में, 5/6 में, 5 को अंश एवं 6 को हर कहा जाता है| इसे 5 बटा 6 पढ़ा जाता है|
- मिश्रित भिन्न में एक पूर्ण संख्यात्मक भाग एवं एक भिन्नात्मक भाग होता है|
- संख्या रेखा - भिन्नों को संख्या-रेखा पर प्रदर्शित किया जा सकता है| प्रत्येक भिन्न के लिए संख्या- रेखा पर इससे संबंधित एक बिंदु होता है|
- तुल्य भिन्न- जब दो या अधिक भिन्न समान भाग (हिस्सा) प्रदर्शित करती हैं, तो उन्हें तुल्य भिन्न कहा जाता है|
- न्यूनतम पद - भिन्न, जिसके अंश एवं हर में 1 के अतिरिक्त कोई अन्य उभयनिष्ठ गुणनखण्ड न हो, वह भिन्न न्यूनतम पद में या सरलतम रूप में कहलाती है|
- भिन्नों के योग (जोड़ने) की ब्रह्मगुप्त विधि - भिन्नों को जोड़ते समय उन्हें समान भिन्नात्मक इकाई वाली तुल्य भिन्नों में बदलें (अर्थात् समान हर वाली), और तब योग प्राप्त करने के लिए प्रत्येक भिन्न में भिन्नात्मक इकाइयों की संख्या को जोड़ें| यह हर को समान रखते हुए अंशों को जोड़कर प्राप्त किया जाता है|
- भिन्नों को घटाने की ब्रह्मगुप्त विधि - भिन्नों को घटाते समय उन्हें समान भिन्नात्मक इकाई वाली तुल्य भिन्नों में बदलें (अर्थात् समान हर वाली), और तब घटाने के लिए प्रत्येक भिन्न में भिन्नात्मक इकाइयों की संख्या को घटाएँ| यह हर को समान रखते हुए अंशों को घटाकर प्राप्त किया जाता है|