
अधयाय-8
रचनाओं के साथ खेलना
8.1 कलाकृति
निम्नलिखित रचनाओं का ध्यानपूर्वक अवलोकन कीजिए और मुक्त-हस्त (फ्री हैंड) द्वारा इन्हें बनाने का प्रयास कीजिए|

अब अपने हाथों में एक परकार (कंपास) और रूलर (स्केल) लीजिए| आइए, देखें कि क्या हम इन उपकरणों की सहायता से इन आकृतियों को बना सकते हैं|
आइए, उससे पहले हम परकार से परिचित होते हैं| परकार किस प्रकार बना है, अवलोकन कीजिए| परकार की सहायता से हम क्या-क्या बना सकते हैं? पता लगाइए|
क्या आप वक्रों के विषय में जानते हैं? ये सभी पेंसिल द्वारा कागज पर बनाई गई आकृतियाँ हो सकती हैं, इनमें सरल रेखाएँ, वृत्त तथा अन्य आकृतियाँ सम्मिलित हैं, जैसा नीचे चित्र में दर्शाया गया है-

कागज पर एक बिंदु 'P' अंकित कीजिए| फिर बिंदु P से 4 सेमी दूरी पर विभिन्न दिशाओं में जितने संभव हो उतने बिंदुओं को अंकित कीजिए|
- सोचिए --- बिंदु P से 4 सेमी दूरी पर अंकित सभी बिंदुओं की कल्पना कीजिए| वे कैसे दिखाई देते हैं?
इसे बनाने का प्रयास कीजिए और वक्र रेखा के कुछ बिंदु लेकर जाँचिए कि वक्र रेखा पर अंकित बिंदु सही हैं? क्या वे P से ठीक 4 सेमी की दूरी पर हैं?
पता लगाइए, यदि अभी तक आपने ऐसा नहीं किया है, तो देखिए कि क्या परकार इस कार्य के लिए उपयोग किया जा सकता है|
इसके लिए परकार की सहायता से बिंदु P से 4 सेमी दूरी पर कुछ बिंदु अंकित कीजिए| यह किस प्रकार किया जा सकता है?

आप एक परकार को रूलर (स्केल) के साथ इस प्रकार खोलिए कि परकार एवं पेंसिल की नोक रूलर पर 4 सेमी की दूरी पर हों| (आकृति 8.2 देखिए)
- अब, परकार से पूरा वक्र बनाने का प्रयास कीजिए|
(संकेत - परकार की नोंक को स्थिर रखिए तथा केवल पेंसिल को घुमाइए)
इस वक्र का आकार कैसा है? यह एक वृत्त है!
इस वृत्त पर एक बिंदु लीजिए| P से इस बिंदु की दूरी क्या होगी - 4 सेमी के बराबर, या 4 सेमी से कम या 4 सेमी से अधिक? इसी प्रकार P तथा वृत्त पर एक अन्य बिंदु के बीच की दूरी क्या होगी?
जैसा कि आकृति में दिखाया गया है, बिंदु P वृत्त का केंद्र कहलाता है, केंद्र और वृत्त पर स्थित किसी बिंदु के बीच की दूरी, इसकी (वृत्त की) त्रिज्या कहलाती है|

परकार के प्रयोग का पता लगाने के बाद आगे बढ़ें और चित्र 8.1 में दिए गए चित्रों को पुनः बनाएँ|
क्या आप इन आकृतियों को वहाँ दिखाई गई आकृतियों के समान बना सकते हैं? यदि आप चाहते हैं, तो पुनः प्रयास कीजिए|
क्या उपकरणों का प्रयोग रचना को और आसान बनाता है? अब अग्रलिखित आकृतियों को बनाने का प्रयास कीजिए|
- रचना कीजिए
1. एक व्यक्ति
आप इसे कैसे बनाएँगे?

इस आकृति के दो घटक हैं|

पहले भाग को बनाने के लिए आपने तरीका खोज लिया होगा| दूसरा भाग बनाने के लिए इसे देखिए|

यहाँ चुनौती यह है कि परकार के सिरे को कहाँ रखा जाए और इस वक्र को बनाने के लिए कितनी त्रिज्या लेनी होगी| परकार में एक त्रिज्या निश्चित करके, परकार के सिरे को अलग-अलग स्थान पर रखकर देखिए कि किन बिंदुओं से हमें वक्र प्राप्त होगा| परकार की नोंक को कहाँ रखना है, इसका अनुमान लगाएँ|
2. तरंगित तरंग (लहर)
यह बनाइए

चूँकि केंद्रीय रेखाखंड की लंबाई निर्दिष्ट नहीं है, इसलिए हम इसे किसी भी लंबाई का ले सकते हैं|
हम AB को एक केंद्रीय रेखाखंड के रूप में लेते हैं, जहाँ AB = 8 सेमी है|
यहाँ, पहली लहर को अर्धवृत्त के रूप में खींचा गया है|

1. यह अर्धवृत बनाने के लिए परकार में कितनी लंबाई की त्रिज्या रखनी होगी? AX की लंबाई क्या होनी चाहिए?
2. भिन्न लंबाई की एक केंद्रीय रेखा (खंड) लीजिए तथा इस पर लहर बनाने का प्रयास कीजिए|
3. उन आकृतियों को पुनः बनाएँ जहाँ लहरें अर्धवृत से छोटी हैं (जैसा कि पिछले पृष्ठ पर दी 'एक व्यक्ति' के गले की आकृति में दिखाई देता है|) यहाँ चुनौती यह है कि दोनों लहरें समान हों| यह कठिन हो सकता है|
3. आँखें
आप परकार की सहायता से ये आँखें कैसे बनाएँगे?

संकेत के लिए, इस अध्याय के अंत में दिए गए हैं|
- रूलर (स्केल) और परकार की सहायता से अपनी पसंद की कोई अन्य कलाकृति बनाइए|
8.2 वर्ग और आयत
आइए, कुछ मूल आकृतियाँ देखें जिनकी सीमा सरल रेखाओं से बनी हैं|

ये आकृतियाँ कैसी हैं? हाँ, ये हमारे परिचित वर्ग और आयत हैं| परंतु इन्हें वर्ग या आयत क्या बनाता है?
माना, यह आयत ABCD है|

बिंदु A, B, C और D आयत के शीर्ष बिंदु हैं| रेखाएँ (रेखाखंड) AB, BC, CD और DA इसकी भुजाएँ हैं| ∠A, ∠B, ∠C और ∠D इसके कोण हैं|
नीली भुजाएँ AB और CD इसकी सम्मुख भुजाएँ कहलाती हैं, क्योंकि वे एक-दूसरे के सम्मुख स्थित हैं|
इसी प्रकार, AD और BC सम्मुख भुजाओं का दूसरा युग्म है|
याद कीजिए, एक आयत में-
R1) सम्मुख भुजाएँ समान लंबाई की होती हैं, और
R2) सभी कोण 90° के होते हैं|
जैसा कि आयतों के संदर्भ में किया है, वर्ग के लिए भी कोनों और भुजाओं को उसी प्रकार परिभाषित किया गया है|
एक वर्ग निम्नलिखित दो गुणों को संतुष्ट करता है-
S1) सभी भुजाएँ समान होती हैं, और
S2) सभी कोण 90° के होते हैं|
आकृति 8.4 में आयत को देखिए, इसका नाम ABCD दिया गया है| इस आयत को नामित करने के और भी तरीके, जैसे- BCDA, CDAB, DABC, ADCB, DCBA, CBAD और BADC हैं| तो, क्या एक आयत का नाम उसके कोनों के लेबलों के किसी भी संयोजन का उपयोग करके रखा जा सकता है? नहीं! उदाहरण के लिए, इसे ABDC या ACBD से नामित (नामकरण) नहीं किया जा सकता| क्या आप देख सकते हैं कि कौन से नाम मान्य हैं और कौन से मान्य नहीं हैं?
एक वैध नाम में आयत के कोनों का क्रम किसी भी कोने से शुरू होकर आयत के चारों ओर एक ही दिशा में बना रहता है|
- इनमें से कौन-सा नाम चित्र में दिखाए गए वर्ग के लिए मान्य नहीं है?

1. PQSR
2. SPQR
3. RSPQ
4. QRSP
घुमाए गए वर्ग और आयत
यहाँ चित्र में एक वर्गाकार कागज का टुकड़ा दिया गया है, जिसकी सभी भुजाएँ बराबर लंबाई की हैं और सभी कोण 90° के बराबर हैं| इसे चित्र में दिखाएँ अनुसार घुमाया जाता है| क्या यह अब भी एक वर्ग है?

आइए, जाँचें कि क्या यह अभी भी वर्ग के गुणों को संतुष्ट करता है|
- क्या अब भी इसकी सभी भुजाएँ बराबर हैं? हाँ
- क्या अब भी सभी कोणों की माप 90° है? हाँ


- सोचिए - उपरोक्त आकृति में बिना मापन उपकरणों को प्रयोग किए, क्या यह बताना संभव है कि भुजाएँ बराबर हैं या नहीं, कोण समकोण हैं या नहीं? क्या हम यह केवल डॉट पेपर में शीर्षों की स्थिति देखकर ज्ञात कर सकते हैं?
8.3 वर्ग और आयत की रचना
अब, हम वर्ग और आयत की रचना करना शुरू करेंगे| आप 6 सेमी भुजा वाले एक वर्ग की रचना कैसे करेंगे?
सहायता के लिए आप निम्नलिखित आकृतियाँ देख सकते हैं| 6 सेमी भुजा का एक वर्ग PQRS बनाया गया है|
- रचना कीजिए
- 6 सेमी और 4 सेमी लंबी भुजाओं वाले एक आयत की रचना कीजिए? रचना के बाद जाँच कीजिए कि क्या ये आयत के दोनों गुणों को संतुष्ट करता है?
- 2 सेमी और 10 सेमी भुजाओं वाले एक आयत की रचना कीजिए? रचना के बाद जाँच कीजिए कि क्या ये आयत के दोनों गुणों को संतुष्ट करता है?
- क्या 4 भुजाओं वाली ऐसी आकृति की रचना करना संभव है, जिसमें -
- सभी कोण 90° के बराबर हों, परंतु
- सम्मुख भुजाएँ बराबर नहीं हों?
8.4 आयतों में एक खोज
एक आयत ABCD की रचना कीजिए, जिसमें AB = 7 सेमी और BC = 4 सेमी हो|
एक ऐसे बिंदु X की कल्पना कीजिए, जिसे भुजा AD पर कहीं भी चिह्नित किया जा सकता है| इसी प्रकार, एक ऐसे बिंदु Y की कल्पना कीजिए, जिसे भुजा BC पर कहीं भी ले जाया जा सकता है| ध्यान दीजिए की X को अंत्य-बिंदु A और D पर भी रखा जा सकता है| इसी प्रकार, Y को अंत्य-बिंदु B और C पर भी रखा जा सकता है|

- किन स्थानों पर बिंदु X और Y परस्पर निकटतम होंगे? आपके अनुसार वे कब परस्पर अधिकतम दूरी पर होंगे? आपका सहज-ज्ञान क्या कहता है? अपने सहपाठियों के साथ चर्चा कीजिए|
अब, अपने अनुमानों के बिंदु X और Y को भुजाओं पर वास्तविक रूप में रख कर अपने अनुमानों का सत्यापन करें| मापिए वे कितने निकट या दूर हैं?
X और Y के बीच की दूरी को रेखाखंड XY की लंबाई माप कर ज्ञात किया जा सकता है|
बिंदु X और Y के बीच की न्यूनतम दूरी की तुलना AB की लंबाई से किस प्रकार की जा सकती है?
X और Y की स्थिति बदलें और जाँचें कि क्या कोई अन्य स्थिति है जहाँ वे अपने निकटतम या अधिकतम दूर हैं| आप X और Y के विभिन्न स्थानों को लेकर इस आयत की अनेक प्रतिलिपियों की रचना कर सकते हैं|
X और Y की विभिन्न स्थितियों के लिए XY की लंबाइयों का हिसाब आप कैसे रखेंगे?
ऐसा करने की एक विधि यह है| मान लीजिए कि यहाँ X और Y की कुछ स्थितियाँ हैं, जिन पर आप विचार कर चुके हैं-
-> जब A से X की दूरी 5 मिमी है तथा B से Y की दूरी 3 सेमी है, तब XY = _____सेमी _____ मिमी है|-> जब A से X की दूरी 1 सेमी है तथा B से Y की दूरी 1 सेमी है, तब XY = _____सेमी _____ मिमी है|
-> जब A से X की दूरी 2 सेमी है तथा B से Y की दूरी 4 सेमी है, तब XY = _____ सेमी _____ मिमी है| तथा आगे भी|
- क्या इसे लिखने की कोई संक्षिप्त विधि है? हम देखते हैं कि इन सभी वाक्यों में केवल X और Y की स्थितियाँ तथा XY की लंबाइयों में परिवर्तन हो रहे हैं| अतः हम इसे इस प्रकार लिख सकते हैं-
| A से X की दूरी |
B से Y की दूरी |
XY की लंबाई |
|---|---|---|
- क्या आपने यह जाँचा, कि जब X और Y को क्रमशः A और B से समान दूरी पर रखते हैं, तब XY की लंबाई क्या होती है? उदाहरण के लिए, जैसा कि निम्नलिखित स्थितियों में होता है-
| A से X की दूरी |
B से Y की दूरी |
XY की लंबाई |
|---|---|---|
| 5 मिमी | 5 मिमी | |
| 1 सेमी | 1 सेमी | |
| 1 सेमी 5 मिमी | 1 सेमी 5 मिमी |
और आगे इसी प्रकार|
- इनमें से प्रत्येक स्थिति का अवलोकन कीजिए?
1. AB की लंबाई की तुलना में XY की लंबाई कैसे है? तथा
2. चार चतुर्भुजीय आकृति ABYX का आकार|
- X और Y के बीच अधिकतम दूरी को AC या BD की लंबाई से कैसे तुलना करेंगे?
- रचना कीजिए
आयतों को तोड़ना
एक ऐसे आयत की रचना कीजिए जिसे 3 समरूप वर्गों में विभाजित किया जा सके|

हल
यदि यह कठिन प्रतीत होता है, तो आइए इस समस्या को सरल करने का प्रयास कीजिए|
- खोजिए
क्या आप ऐसे आयत की रचना कर सकते हैं, जिसे दो समरूप वर्गों में विभाजित किया जा सकता है? क्या आप यह प्रयास कर सकते हैं?
यह बुद्धिमानी होगी कि पहले योजना बनाई जाएँ और फिर रचना की जाएँ| परंतु हम योजना कैसे बनाएँ? क्या इसके विषय में आप कोई तरीका सोच सकते हैं?
एक तरीका यह है कि अंतिम आकृति का एक कच्चा चित्र बनाकर उसकी कल्पना की जाएँ|

इस आकृति से हम क्या निष्कर्ष निकाल सकते हैं?
क्या आप समान भुजाओं की पहचान कर सकते हैं?
चूंकि दोनों वर्ग समरूप हैं, इसलिए
AB = BC और FE = ED है|
चूँकि ABEF और BCDE वर्ग हैं, इसलिए इन वर्गों में से प्रत्येक की सभी भुजाएँ समान हैं| इसे निम्नलिखित रूप में लिखा जाता है-
AF=AB = BE = FE
BE = BC = CD = ED
अतः सभी छोटे रेखाखंड समान हैं|
समान भुजाओं को दर्शाने के लिए एक परिपाटी का अनुसरण किया जाता है| ऐसा इन भुजाओं पर एक चिह्न '|' अंकित करके किया जाता है| ऊपर दी कच्ची (रफ) आकृति को देखिए| उपरोक्त विश्लेषण द्वारा क्या आप इसकी रचना करने का प्रयास कर सकते हैं? याद रखिए, आपको ऐसे आयत की रचना करने के लिए कहा गया है, जिसे तीन समरूप वर्गों में विभाजित किया जा सके तथा इसके लिए कोई मापन नहीं दिए गए हैं|
आयत ACDF बनाने में AF को कोई भी लंबाई निर्दिष्ट कर सकते हैं| उदाहरण के लिए, हम यदि AF = 4 सेमी निर्दिष्ट करते हैं, तो AC की लंबाई क्या होनी चाहिए?
- खोजिए
क्या अब आयत को पूरा किया जा सकता है?
वस्तुतः, हम रूलर से AF की लंबाई को मापे बिना ही, AF खींच कर रचना प्रारंभ कर सकते हैं| इसके बाद, हम AF पर एक लंब इस प्रकार खींच सकते हैं जो दूसरी भुजा को समाहित करने के लिए पर्याप्त, लंबी हो| क्योंकि AB = AF है, इसलिए हमें उपरोक्त लंब पर AF के बराबर की लंबाई काटनी है, जिससे हमें बिंदु B प्राप्त होगा| बिना रूलर के हम यह कार्य कैसे करते हैं? क्या यह कार्य परकार का उपयोग करते हुए किया जा सकता है?
अवलोकन करें, कि परकार का प्रयोग कर किस प्रकार AF की लंबाई मापी जाती है|

इसका उपयोग B और C बिंदुओं को अंकित करने के लिए कीजिए तथा आयत को पूरा कीजिए|
- इस विचार के साथ एक आयत बनाने का प्रयास कीजिए जिसे तीन समान वर्गों में विभाजित किया जा सकें|
- उस आयत की भुजाओं की लंबाई बताइए, जिसे निम्नलिखित में विभाजित नहीं किया जा सकता है-
-> दो समरूप वर्ग
-> तीन समरूप वर्ग
- रचना कीजिए
1. एक आयत के अंदर वर्ग
8 सेमी और 4 सेमी भुजाओं वाले एक आयत की रचना कीजिए| इस आयत के अंदर आप नीचे आकृति में दर्शाए अनुसार एक वर्ग की रचना किस प्रकार करेंगे, जिससे कि यह वर्ग आयत के ठीक बीचों-बीच रहे?

संकेत- एक कच्ची (रफ) आकृति खींचिए| इस वर्ग की भुजा क्या होगी? बाहरी आयत और वर्ग के कोनों के बीच में कितनी दूरी होगी?
2. गिरते हुए वर्ग

सुनिश्चित करें कि वर्ग उसी तरह सरेखित हों जिस तरह वे दिखाए गए हैं|
अब, यह प्रयास कीजिए
3. छायांकन
दी गई आकृति को बनाइए| अपनी इच्छा से मापन चुनिए| ध्यान दीजिए कि बड़ी चतुर्भुजीय आकृति एक वर्ग है तथा इसी प्रकार छोटी आकृतियाँ भी वर्ग हैं|

4. वर्ग जिसके अंदर छेद है

ध्यान दें कि वृत्ताकार छेद, वर्ग के ठीक बीचों बीच है|
संकेत - सोचिए कि वृत्त का केंद्र कहाँ होना चाहिए|
5. अधिक छेदों वाले वर्ग

6. वक्रों वाला वर्ग
यह 8 सेमी की भुजा का एक वर्ग है|

संकेत- सोचिए कि परकार के नुकीले सिरे को कहाँ रखा जाए ताकि चारों चाप (arc) प्रत्येक भुजा से समान रूप से उभरें| प्रयत्न कीजिए!
8.5 आयतों और वर्गों के विकर्णों की खोज करना
एक आयत PQRS पर विचार कीजिए| PR और QS को मिलाइए| ये दोनों रेखाखंड इस आयत के विकर्ण (diagonals) कहलाते हैं|
विकर्णों की लंबाइयों की तुलना कीजिए| पहले पूर्वानुमान लगाइए, फिर आकृति में दिखाए अनुसार बिंदुओं को अंकित करते हुए आयत बनाकर विकर्णों को मापिए|

आयत PQRS में P और R पर बने समकोणों को सम्मुख कोण (opposite angles) कहा जाता है | सम्मुख कोणों के अन्य युग्म Q और S पर बनें हैं |
ध्यान दीजिए कि एक विकर्ण, सम्मुख कोणों के प्रत्येक युग्म के कोणों को दो छोटे कोणों में विभाजित करता है | दी गई आकृति में विकर्ण PR, ∠R को दो छोटे कोणों में विभाजित करता है, जिन्हें g और h कहा गया है | यही विकर्ण कोण P को कोणों और d में भी विभाजित करता है | क्या g और h बराबर हैं? क्या c और d बराबर हैं?
पहले पूर्वानुमान लगाइए, फिर कोणों को मापिए | आप क्या देखते हैं? उन कोण-युग्मों की पहचान कीजिए जो बराबर हैं |
- खोजिए
एक आयत की रचना किस प्रकार करें कि विकर्ण सम्मुख कोणों को बराबर भागों में विभाजित करे?
आप अपने प्रेक्षणों को किस प्रकार अंकित करेंगे? पहले, उन मापदंडों (parameters) की पहचान कीजिए, जिन पर ध्यान देने की आवश्यकता है | वे आयत की भुजाएँ हैं तथा दो विकर्णों द्वारा बनाए गए 8 कोण हैं | क्या कोई अन्य मापन भी हैं, जिन पर आप अपनी दृष्टि रखना चाहेंगे?
| भुजाएँ |
A |
B | C |
D |
E |
F |
G |
H |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
अपने प्रयोग में क्या आपने उस स्थिति पर विचार किया था, जिसमें आयत की चारों भुजाएँ बराबर हैं? अर्थात् क्या आपने एक वर्ग की स्थिति पर विचार किया था? देखिए की इस विशिष्ट स्थिति में क्या होता है |
- कोणों और भुजाओं के संदर्भ में आपने कौन-कौन से व्यापक नियम प्रेक्षित किए? उन्हें बनाने का प्रयास कीजिए तथा अपने सहपाठियों से उनकी चर्चा कीजिए |
कोई यह किस प्रकार सुनिश्चित कर सकता है कि जो भी नियम आपने देखे हैं, वे सदैव सत्य होंगे?
- रचना कीजिए
1. एक आयत की रचना कीजिए, जिसमें एक विकर्ण सम्मुख कोणों को 60° और 30° के कोणों में विभाजित करता हो |
हल
एक कच्ची (रफ) आकृति से प्रारंभ करते हैं |

इसके भागों को किस क्रम में बनाया जा सकता है?
हम संक्षिप्त रूप में, रेखाचित्र के संभव क्रम को बनाते हैं |
चरण 1

किसी AB रेखा को कल्पना के अनुसार खींचा गया है | अगला बिंदु क्या होगा जिसे अंकित करना है |
चरण 2

चरण 3
हम वह रेखा जानते हैं जिस पर बिंदु D स्थित है | AB पर बिंदु A से गुजरने वाली एक लंब रेखा बनाइए |

अब ∠A दो कोणों में विभाजित किया गया है | एक कोण 60° का है | जाँचिए कि दसरा कोण क्या है |
बिंदु D को ज्ञात करने की कम से कम दो विधियाँ हैं-
- पहला, हम इस तथ्य का उपयोग कर सकते हैं कि आयत में सभी कोण समकोण होते हैं |
- दूसरा, आयत की सम्मुख भुजाएँ समान होती हैं |





- हम इसका पता किस प्रकार लगाएँगे? B की स्थिति के बारे में हम और क्या जानते हैं?



- रचना कीजिए
- एक आयत की रचना कीजिए जिसमें एक विकर्ण सम्मुख कोणों को 50° और 40° में विभाजित करता हो|
- एक आयत की रचना कीजिए जिसमें एक विकर्ण सम्मुख कोणों को 45° और 45° में विभाजित करता हो| आप इसकी भुजाओं के बारे में क्या देखते है?
- एक आयत की रचना कीजिए जिसकी एक भुजा 4 सेमी है और विकर्ण की लंबाई 8 सेमी है|
- एक आयत की रचना कीजिए जिसकी एक भुजा 3 सेमी है और विकर्ण की लंबाई 7 सेमी है|
8.6 दो दिए हुए बिंदुओं से समदूरस्थ बिंदु
- रचना कीजिए




- सोचिए


- रचना कीजिए









