
अध्याय-10
शून्य के दूसरी ओर
अधिक और अधिक संख्याएँ!
याद कीजिए कि गणित के अध्ययन में हमने सबसे पहले जो संख्याएँ सीखी वे गणन संख्याएँ 1, 2, 3, 4,... थीं|
उसके बाद हमने सीखा कि संख्याएँ और भी अधिक हैं| उदाहरण के लिए, संख्या 0, जो 'कुछ भी नहीं' को प्रदर्शित करती है और संख्या 1 से पहले आती है| भारत में और अब संपूर्ण विश्व में भी शून्य का इतिहास बहुत महत्वपूर्ण रहा है| उदाहरण के लिए, भारतीय संख्या पद्धति में 0 से 9 तक के 10 अंकों का प्रयोग करके संख्याएँ लिखते हैं, यह संख्या पद्धति बड़ी से बड़ी तथा छोटी से छोटी संख्याएँ लिखना संभव बना देती है|
इसके पश्चात् हमने और अधिक संख्याओं के विषय में भी सीखा जो संख्याओं 0, 1, 2, 3, 4,... के बीच में स्थित हैं जैसे, 1/2, 3/2, और 13/6 ये भिन्न कहलाती हैं|
क्या इसके अतिरिक्त और भी अधिक संख्याएँ हैं? 0 एक अतिरिक्त संख्या है जिसके विषय में हम पहले नहीं जानते थे| यह 1 से छोटी संख्या है और इससे पहले भी आती है| क्या संभवतः और भी संख्याएँ हैं जो शून्य से पहले आती हैं और शून्य से छोटी हैं?
दूसरे शब्दों में, हमने संख्या रेखा देखी है-

यद्यपि, यह एक संख्या 'किरण' है, जिसे हम ज्यामिति में सीख चुके हैं| यह किरण शून्य से आरंभ होती है तथा दाईं तरफ असीमित रूप से बढ़ती जाती है| क्या 0 के बाईं ओर भी संख्याओं का अस्तित्व है, जिससे कि संख्या किरण पूर्ण होकर एक सही संख्या रेखा बना सके? इस अध्याय में हम इसी के विषय में जानेंगे|
- क्या कोई ऐसी संख्या है जो शून्य से छोटी हो? क्या आप ऐसी किसी वस्तु के 0 से कम होने का कोई तरीका सोच सकते हो ?
10.1 बेला की मजेदार इमारत
बच्चे बेला के आइसक्रीम कारखाने को देखने और उसकी स्वादिष्ट आइसक्रीम को चखने जाते हैं| बच्चों के लिए कारखाने को और भी रोचक बनाने के लिए बेला ने एक बहुमंजिला इमारत खरीदी और इसे आकर्षणों से भर दिया| उसने इसका नाम 'बेला की मजेदार इमारत' रखा|

लेकिन यह सामान्य इमारत नहीं थी !
अवलोकन कीजिए कि 'मजेदार इमारत' के कुछ तल भूतल से नीचे हैं| इन तलों पर आपको कौन-सी दुकानें देखने को मिलती हैं? वहाँ भूतल पर क्या है?

तलों में ऊपर और नीचे जाने के लिए एक लिफ्ट का उपयोग किया जाता है| इसमें दो बटन हैं- ऊपर जाने के लिए '+' तथा नीचे जाने के लिए'-' बटन| क्या आपने लिफ्ट देखी है?
स्वागत कक्ष (वेलकम कक्ष) से कला केंद्र (आर्ट सेंटर) तक जाने के लिए आपको '+' बटन को दो बार दबाना होगा|
यह बटन दबाना + + या +2 है|
दो तल नीचे जाने के लिए, आपको "-"बटन दो बार दबाना होगा| जिसे हम - - या 2 लिखते हैं|
अतः जब आप + 1 दबाते हैं (यदि आप + बटन को एक बार दबाएंगे), तब आप 1 तल ऊपर जाएँगे और जब -1 दबाते हैं (यदि आप - बटन को एक बार दबाएंगे), तब आप 1 तल नीचे आते हैं|
लिफ्ट में बटन दबाना और संख्याएँ
+ + + को + 3 लिखते हैं|
---- को - 4 लिखते हैं|
- चार तल ऊपर जाने के लिए आप क्या दबाते हैं? तीन तल नीचे जाने के लिए आप क्या दबाते हैं?
'मजेदार इमारत' के तलों को क्रमांकित करना
'मजेदार इमारत' में प्रवेश करते ही भूतल पर 'स्वागत कक्ष' है| भूतल से आरंभ करते हुए आप + 1 दबाकर भोजन कक्ष (फूड कोर्ट) पर और +2 दबाकर आप कला केंद्र पर पहुँच सकते हैं| अतः हम कह सकते हैं कि भोजन कक्ष तल + 1 पर तथा कला केंद्र तल + 2 पर है|
भूतल से शुरुआत करते हुए, खिलौना स्टोर (टॉयज़ सेंटर) पर पहुँचने के लिए आपको – 1 दबाना होगा| अतः खिलौना स्टोर, - 1 तल पर है| इसी प्रकार, भूतल से आरंभ करते हुए वीडियो गेम की दुकान पर पहुँचने के लिए आपको – 2 दबाना होगा| अतः वीडियो गेम की दुकान, – 2 तल पर है|
भूतल को 0 तल कहा जाता है| क्या आप बता सकते हैं क्यों?
- 'मजेदार इमारत' के सभी तलों के क्रमांक लिखिए|
क्या आपने देखा कि +3 पुस्तक केंद्र (बुक्स सेंटर) का तल क्रमांक है, लेकिन यह उन तलों की संख्या भी है, जब आप +3 दबाते हैं| इसी प्रकार -3 तल क्रमांक है, लेकिन यह उन तलों की संख्या भी है, जब आप -3 अर्थात् जाते हैं| - - -दबाकर नीचे जाते है |
एक संख्या जिसके आगे '+' चिह्न लगा है, धनात्मक संख्या कहलाती है| एक संख्या जिसके "-"आगे '' चिह्न लगा है, ऋणात्मक संख्या कहलाती है|
'मजेदार इमारत' में, तल 0 को संदर्भ या प्रारंभिक बिंदु मानकर ऊपर और नीचे के तलों को क्रमांकित किया गया है| भूतल से ऊपर के तलों को धनात्मक संख्याओं से क्रमांकित किया गया है| भूतल से ऊपर जाने के लिए, आपको कुछ बार '+' बटन दबाना होगा|
भूतल से नीचे के तलों को ऋणात्मक संख्याओं द्वारा क्रमांकित किया गया है| भूतल से नीचे के तलों तक जाने के लिए आपको ''-" बटन दबाना होगा|
शून्य न तो धनात्मक संख्या है और न ही ऋणात्मक संख्या| हम 0 के आगे '+' या '-' चिह्न नहीं लगाते हैं|
गति दर्शाने के लिए
भोजन कक्ष से प्रारंभ कीजिए और लिफ्ट में +2 दबाइए| आप कहाँ पहुँचेंगे ? इसे हम एक पद के रूप में दर्शा सकते हैं
प्रारंभिक तल + गति = लक्षित तल
प्रारंभिक तल +1 (भोजन कक्ष) है और दबाए गए बटनों की संख्या + 2 है| अतः आप लक्षित तल (1) + (2) = 3 (पुस्तक भंडार) पर पहुँचते हैं|
- आइए, पता लगाएँ
1) + 2 तल से प्रारंभ कीजिए और लिफ्ट में - 3 दबाइए| आप कहाँ पहुँचेंगे? इसे पद के रूप में दर्शाइए|
2) दिए गए पदों को पूर्ण कीजिए| (आप प्रारंभ तल + मजेदार इमारत में गति के संदर्भ को ध्यान रखते हुए इन्हें पूर्ण कीजिए|)
a. (+1) + (+4) =.............
b. (+4) + (+1) =...........
c. (+4) + (- 3) =.............
d. (- 1) + (+2) =............
e. (- 1) + (+1) =.........
f. (0) + (+2) =.............
g. (0) + (- 2) =...........
3) विभिन्न तलों से शुरुआत करते हुए, तल (-5) पर पहुँचने के लिए आवश्यक गतियों को ज्ञात कीजिए| उदाहरण के लिए, यदि मैं तल + 2 से प्रारंभ करता हूँ, मुझे -5 पर पहुँचने के लिए - 7 ही दबाना होगा| अतः अभिव्यक्ति (+2) + (- 7) = - 5 है|
इसी प्रकार - 5 पर पहुँचने के लिए अन्य प्रारंभिक स्थितियाँ और आवश्यक गतियों को ज्ञात कीजिए और पदों को लिखिए|
बटन दबाने का संयोजन भी है
गुरमीत खिलौनों की दुकान में था और वह दो तल नीचे जाना चाहता था| लेकिन गलती से उसने '+' बटन को दो बार दबा दिया| इसे निरस्त करने के लिए उसने '-' बटन को तीन बार दबा दिया| गुरमीत खिलौने की दुकान से कितनी तल नीचे या ऊपर पहुँचेगा?
गुरमीत एक तल नीचे जाएगा| हम संयोजित बटन दबाने से गति के परिणाम को इस प्रकार पद के रूप में कर सकते हैं- (+2) + (- 3) = - 1
- आइए, पता लगाएँ
संयोजित बटन दबाने से गति के परिणामों को ध्यान में रखते हुए दिए गए पदों का मूल्यांकन कीजिए|
a. (+1) + (+4) =----
b. (+4) + (+1) =---
c. (+4) + (- 3) + (- 2) =---
d. (- 1) + (+2) + (- 3) =---
शून्य पर वापसी !
बसंत भूतल पर है और वह बहुत जल्दी में है गलती से वह + 3 दबाता है, इसे निरस्त करने
के लिए वह क्या कर सकता है, कि वह भूतल पर ही रहे| वह इसे – 3 दबाकर निरस्त कर
सकता है| अर्थात् (+3) + (- 3) = 0
हम - 3 को + 3 का योज्य प्रतिलोम कहते हैं| इसी प्रकार + 3, - 3 का योज्य प्रतिलोम है|
योज्य प्रतिलोम के विषय में सोचने का अन्य तरीका यह भी है| यदि बसंत लिफ्ट में + 4 दबाता है और फिर – 4 दबाता है तो वह कहाँ पहुँचेगा? यदि आप तल + 4 पर हैं और आप इसका प्रतिलोम – 4 दबाते हैं, तब आप वापस 0 पर आते हैं, जो कि भूतल है|
यदि आप तल – 2 पर हैं, और आप इसका प्रतिलोम + 2 दबाते हैं, तब आप (-2) + (+2) = 0 पर जाते हैं| इसका अर्थ हुआ कि आप पुनः भूतल पर पहुँच जाएँगे|

- दी गई संख्याओं के योज्य प्रतिलोम बताइए|
+4, -4, -3, 0, +2, -1
- रेखा खींचकर योज्य प्रतिलोम से जोड़िए|

तलों का उपयोग करके संख्याओं की तुलना करना
- सबसे नीचे के तल पर कौन है?
1. जय कला केंद्र में है, अतः वह + 2 तल पर है|
2. आसिन खेल केंद्र में है, अतः वह .......तल पर है|
3. बिन्नु सिनेमा केंद्र में है, अतः वह............. तल पर है|
4. अमन खिलौनों की दुकान में है, अतः वह .........तल पर है|
तल + 3, तल + 4 से नीचे है, अतः हम लिख सकते हैं 3 < 4 | हम इसे ऐसे भी लिख सकते हैं + 4 >+3 |
- क्या हम - 3 < - 4 या - 4 < - 3 लिख सकते हैं?
चूँकि तल - 4, तल - 3 से नीचे है, इसका अर्थ हुआ -4 < -3 अतः इसे 3 > - 4 भी लिख सकते हैं|

- आइए, पता लगाएँ
1. मजेदार इमारत का प्रयोग करते हुए दी गई संख्याओं की तुलना कीजिए और बॉक्स में < या > चिह्न भरिए|
a. -2...... +5
b. -5 .......+4
c. -5 .......-3
d. +6 ......-6
e. 0 .......-4
f 0....... +4
ध्यान दीजिए कि सभी ऋणात्मक क्रमांक वाले तल, 0 तल (भूतल) से नीचे हैं| अतः सभी ऋणात्मक संख्याएँ 0 से छोटी हैं| सभी धनात्मक क्रमांक वाले तल, 0 तल (भूतल) से ऊपर हैं| अतः सभी धनात्मक, संख्याएँ 0 से बड़ी हैं|
2. मजेदार इमारत में अधिक तलों की कल्पना कीजिए तथा संख्याओं की तुलना कीजिए| बॉक्स में < या > भरिए-
a. -10 .......-12
b. +17 ......-10
C. 0...... -20
d. +9 .....-9
e. -25 .......-7
f. +15 .......-17
3. यहाँ दाईं ओर एक रेखा के रूप में दिखाई गई इमारत में यदि तल A = - 12 तल D = - 1 और तल E =+ 1 है, तो तल B, C, F, Gऔर H के क्रमांक बताइए|
4. यहाँ दाईं ओर दिखाई गई इमारत में निम्नलिखित तलों को अंकित कीजिए|
a. -7
b. 4
c. +3
d. -10
कौन-सा बटन दबाना है, पता लगाने के लिए घटा
पिछली कक्षाओं में हम घटाने को 'निकाल लेना' के रूप में समझ चुके हैं| उदाहरण के लिए, किसी दराज में 10 पुस्तकें हैं| मैंने उनमें से 4 पुस्तकें ले लीं| अब दराज में कितनी पुस्तकें बची हैं?
हम घटा द्वारा उत्तर प्राप्त कर सकते हैं - 10 - 4 =6 या दस में से चार निकाल लेने के बाद छह शेष रह जाता है|
आप घटाने के अन्य तरीकों से भी परिचित हो सकते हैं, जो कि अंतर एवं समानता के वर्णन से संबंधित हैं| उदाहरण के लिए, इस स्थिति को लीजिए- 'मेरे पास 10 रुपये हैं और मेरी बहन के पास 6 रुपये है|'
अब, मैं प्रश्न पूछ सकता हूँ 'मेरी बहन को मेरे बराबर रुपयों के लिए और कितने रुपये मिलने चाहिए|' हम इसे दो तरह से लिख सकते हैं -6+? = 10 या 10 - 6 =?
यहाँ हम 'जोड़ने के लिए लुप्त संख्या ज्ञात करना' और 'घटाने' के मध्य संबंध देखते हैं|
हम घटाने के इस अर्थ का उपयोग धनात्मक और ऋणात्मक संख्याओं के घटाने के लिए 'बराबर बनाना' या 'लुप्त संख्या ज्ञात करना' के रूप में करेंगे|
- इस संदर्भ में 15 - 5, 100-10, 74-34 ज्ञात कीजिए|
अध्यापक टिप्पणी
सामान्यतः जब दो असमान मात्राएँ होती है, तब घटाव मात्राओं को बराबर करने के लिए आवश्यक परिवर्तन को इंगित करता है| घटाने की प्रक्रिया यह दर्शाती है कि लक्षित मात्रा तक पहुँचने के लिए प्रारंभिक मात्रा में कितना परिवर्तन होना चाहिए? विभिन्न तलों के संदर्भ में, प्रारंभिक स्तर से लक्षित स्तर तक पहुँचने में क्या परिवर्तन आवश्यक है? ध्यान दीजिए कि आवश्यक परिवर्तन धनात्मक (वृद्धि के लिए) एवं ऋणात्मक (कमी के लिए) हो सकते हैं|
आपका प्रारंभिक तल 'आर्ट सेंटर' और लक्षित तल 'स्पोर्ट्स सेंटर' है| आपको कौन-सा बटन दबाना चाहिए?
आपको तीन तल ऊपर जाना है, अतः आपको + 3 दबाना चाहिए| इसमें हम घटा का उपयोग करते हुए एक पद के रूप में लिख सकते हैं-
लक्षित तल - प्रारंभिक तल आवश्यक गति
उपरोक्त उदाहरण में, प्रारंभिक तल +2 (आर्ट सेंटर) है और लक्षित तल +5 है| +2 से +5 तक पहुँचने के लिए बटन + 3 दबाना है| इसलिए,
(+5)-(+2) (+3)
स्पष्टीकरण
जोड़ और घटाव के मध्य संबंध को याद कीजिए| 3 + ? = 5 में लुप्त संख्या ज्ञात करने के लिए हम घटाव को उपयोग कर सकते हैं जैसे- 5 -3 = 2 तो घटाव, जोड़े जानी वाली लुप्त संख्या ज्ञात करने के समान है|
हम जानते हैं कि-
प्रारंभिक तल + आवश्यक गति लक्षित तल
यदि आवश्यक गति प्राप्त करनी हो तो,
प्रारंभिक तल + ? = लक्षित तल
अतः हम लिख सकते हैं-
लक्षित तल - प्रारंभिक तल? आवश्यक गति
कुछ अन्य उदाहरण -
(a) यदि लक्षित तल - 1 है और प्रारंभिक तल - 2 है, तो आपको कौन-सा बटन दबाना चाहिए? आपको एक तल ऊपर जाने की आवश्यकता है, अतः आपको +1 दबाना चाहिए?
पद- (- 1) - (- 2) = (1)
(b) यदि लक्षित तल 1 है और प्रारंभिक तल +3 है, तो आपको कौन-सा बटन दबाना चाहिए? आपको चार तल नीचे जाने की आवश्यकता है, अतः आपको 4 दबाना चाहिए|
पद- (- 1) - (+3) = (- 4)
(c) यदि लक्षित तल 2 है और प्रारंभिक तल 2 है, तो आपकी कौन-सा बटन दबाना चाहिए| आपको चार तल ऊपर जाने की आवश्यकता है, अतः आपको+ 4 दबाना चाहिए|
पद - (+2) - (- 2) = (4)
आइए, पता लगाएँ
दिए गए पदों को पूरा कीजिए| आप इन्हें प्रारंभिक तल से लक्षित तल तक पहुँचने के लिए आवश्यक गति प्राप्त करने के रूप में सोच सकते हैं|
a. (+1) - (+4) =.........
b. (0) - (+2) =...........
c. (+4) - (+1) =..........
d. (0) - (- 2) =............
e. (+4) - (- 3) =...........
f. (- 4) - (- 3) =............
g. (- 1) - (+2) =...........
h. (- 2) - (- 2) =...........
i. (- 1) - (+1) =............
j. (+3) - (- 3) =...........
बड़ी संख्याओं को जोड़ना और घटाना
दिया गया चित्र एक खदान को दर्शाता है| यह वह स्थान होता है जहाँ से चट्टानों को खोदकर खनिजों को निकाला जाता है| एक ट्रक भूतल पर है, लेकिन खनिज भूतल से ऊपर तथा नीचे दोनों तरफ हैं| यहाँ एक तेज गति से चलने वाली लिफ्ट है जो लोगों और कच्ची धातु को लेकर ऊपर-नीचे जाती है|
चित्र में कुछ स्तरों को अंकित किया गया है| भूतल को 0 से अंकित किया गया है| भूतल से ऊपर के स्तरों को धनात्मक संख्याओं और भूतल से नीचे के स्तरों को ऋणात्मक संख्याओं से अंकित किया गया है| यह संख्या दर्शाती है कि यह भूतल से कितने मीटर ऊपर या नीचे है|

मजेदार इमारत की तरह, खदान में -
प्रारंभिक तल + गति = लक्षित तल
उदाहरण के लिए,
(+40) + (+60) = +100
(- 90) + (- 55) = - 145
लक्षित स्तर – प्रारंभिक स्तर = आवश्यक गति
उदाहरण के लिए, (+40) - (- 50) = 90
(- 90) - (+40) = - 130
• वहाँ कितनी ऋणात्मक संख्याएँ हैं?
बेला की मजेदार इमारत में सिर्फ छः तल ऊपर तथा पाँच तल नीचे थे अर्थात् संख्या -5 से +6 भी ऊपर दिए गए खदान के उदाहरण में हमारे पास -200 से +180 तक संख्याएँ हैं| लेकिन हम बड़ी से बड़ी - इमारतों और खदानों के विषय में कल्पना कर सकते हैं| जैसा कि धनात्मक संख्याएँ +1,+ 2, +3 बिना अंत के ऊपर की तरफ बढ़ती हैं, इसी प्रकार ऋणात्मक संख्याएँ -1,-2,-3,... बिना अंत के नीचे की तरफ बढ़ती रहती हैं| शून्य सहित धनात्मक और ऋणात्मक संख्याओं को पूर्णांक कहा जाता है| वे शून्य के दोनों तरफ बढ़ती हैं... - 3, - 2, - 1, 0, +1, +2, +3.......

आइए, पता लगाएँ
दिए गए पदों को पूरा कीजिए-
a. (+40) +........ =+200
b. (+40) +........ =-200
c. (- 50) + ........=+200
d. (- 50) +......... =-200
e. (- 200) - (- 40) =..........
f. (+200) - (+40) = ..........
g. (- 200) - (+40) =..........
खदान कूपक (Shaft) में गति के विषय में सोचकर अपने उत्तर की जाँच कीजिए|
किन्हीं भी संख्याओं का योग, घटाना और तुलना करना
बड़े पूर्णांकों को जोड़ने और घटाने के लिए हम बड़ी लिफ्ट की कल्पना कर सकते हैं| वास्तव में, हम ऐसी लिफ्ट की कल्पना कर सकते हैं जो शून्य (0) स्तर से आरंभ हो तथा ऊपर और नीचे की ओर हमेशा के लिए बढ़ाई जा सके| भले ही वहाँ कोई भवन या खदान न हो सिर्फ एक 'अनंत लिफ्ट' हो!
हम इस कल्पना का प्रयोग पूर्णांकों को जोड़ने या घटाने के लिए कर सकते हैं|
उदाहरण के लिए, हमें +2000 - (-200) को हल करना है| हम एक ऐसी लिफ्ट की कल्पना कर सकते हैं जो भूतल से 2000 स्तर ऊपर हो तथा 200 तल भूतल से नीचे हो| याद कीजिए कि -
लक्षित तल - प्रारंभिक तल आवश्यक गति
प्रारंभिक तल - 200 से लक्षित तल +2000 की ओर चलने के लिए हमें + 2200 (+200 शून्य प्राप्त करने के लिए, और उसके पश्चात् + 2000 और अधिक ताकि हम + 2200 प्राप्त कर सकें) दबाना होगा| इसलिए, (+2000) - (- 200) = +2200
ध्यान दीजिए, ( +2000) + (+200) भी + 2200 होता है|
- इसी प्रकार की लिफ्ट बनाकर या कल्पना करके निम्नलिखित पदों को ज्ञात करने का प्रयास कीजिए-
a. - 125+(-30)
b. +105-(-55)
c. +105 + (55)
d. +80-(-150)
e. +80 + (+150)
f. -99-(-200)
g. - 99 + (+200)
h. +1500-(-1500)
दिए गए उदाहरण में, हम देखते हैं कि +2000-(-200)=+2000+(+200)=+2200 अन्य शब्दों में, एक ऋणात्मक संख्या को घटाना, संगत धनात्मक संख्या को जोड़ने के समान है अर्थात् हम ऋणात्मक संख्या के घटा को, धनात्मक संख्या के योग से बदल सकते हैं|
- पिछले अभ्यासों में आपने जो उपरोक्त कार्य किया है, क्या आपने ध्यान दिया कि एक ऋणात्मक संख्या को घटाना, उसी संगत धनात्मक संख्या के जोड़ने के समान है?
संख्या रेखा पर वापसी
हमने इस अध्याय में पीछे जो 'अनंत लिफ्ट' देखी है, वह एक संख्या रेखा की तरह दिखाई देती है, है ना? वास्तव में यदि हम इसे 90° पर घुमा दें तो यह एक संख्या रेखा बन जाती है| यह हमें बताती है कि एक किरण रेखा को एक संख्या रेखा में कैसे पूरा करें| इसके साथ ही उस प्रश्न का उत्तर भी देती हैं, जो हमने इस अध्याय के आरंभ में पूछा था| शून्य के बाईं ओर ऋणात्मक संख्याएँ - 1, -2, - 3..... लिखते हैं|
सामान्यतः हम धनात्मक संख्याओं पर लगा '+' चिह्न हटा देते हैं और उन्हें केवल 1, 2, 3,... के रूप में लिखते हैं|

एक लिफ्ट द्वारा संख्या रेखा पर यात्रा करने के बजाए, हम इस पर चलने की कल्पना कर सकते हैं| संख्या रेखा पर दाईं ओर धनात्मक (आगे) तथा बाईं ओर ऋणात्मक (पीछे) दिशा है|
छोटी संख्याएँ, बड़ी संख्याओं के बाईं ओर लिखी जाती हैं तथा बड़ी संख्याएँ छोटी संख्याओं के दाईं ओर लिखी जाती हैं इसलिए, 2 <5; -3 <-2 और -5 < -3
- यदि आप संख्या रेखा पर चिह्नित 5 पर खड़े हैं और वहाँ से आप 9 पर पहुँचना चाहते है, इसके लिए आपको संख्या रेखा पर कितने कदम चलना है?

आपको 4 कदम चलना पड़ेगा| यही कारण है 5 + 4 = 9
(याद रखिए- प्रारंभिक संख्या + गति लक्षित संख्या)
इसके संगत घटाने का कथन है 9-5=41
(याद रखिए - लक्षित संख्या प्रारंभिक संख्या = आवश्यक गति)
- अब, यदि आप 9 से 3 पर जाना चाहते हैं, तो आपको संख्या रेखा पर कितने कदम चलना है?

आपको 6 कदम पीछे चलना है, अर्थात् आपको -6 कदम चलना है| अतः हम लिखते हैं 9+(-6)=3
(पुनः याद रखिए - प्रारंभिक संख्या + गति = लक्षित संख्या)
घटाने का संगत कथन है- 3-9=-6 (पुनः याद रखिए - लक्षित संख्या - प्रारंभिक संख्या = आवश्यक गति)
- अब आप 3 से यदि -2 पर जाना चाहते हैं तो आपको कितने कदम चलना है?

आपको - 5 कदम चलना है अर्थात् 5 कदम पीछे अत: 3 + (-5) = -2 इसके संगत घटाने का कथन है-2 -3=-5
- आइए, पता लगाएँ

1. उपरोक्त संख्या रेखा पर 3 धनात्मक तथा 3 ऋणात्मक संख्याओं को चिह्नित कीजिए|
2. उपरोक्त 3 ऋणात्मक चिह्नित संख्याओं को दिए गए बॉक्स में लिखिए-
3. क्या 2> -3? क्यों? -2<3? क्यों?
4. हल कीजिए
a. -5+0
b. 7+(-7)
c. -10+20
d. 10-20
e. 7-(-7)
f. -8-(-10)?
जोड़ और घटा के लिए बिना अंकित की गई संख्या रेखा का प्रयोग
आप उपरोक्त संख्या रेखा का प्रयोग केवल छोटी संख्याओं के योग, घटा एवं तुलना के लिए कर सकते हैं| आप एक काल्पनिक 'अनंत संख्या रेखा' या 'अचिह्नित संख्या रेखा' के प्रयोग से भी उपरोक्त संक्रियाएँ हल कर सकते हैं, जैसे-

यह रेखा सिर्फ शून्य की स्थिति को दर्शाती है| इसमें अन्य संख्याओं को अंकित नहीं किया गया है| पूर्णांकों के जोड़ और घटा के लिए इस अचिह्नित संख्या रेखा का उपयोग करना सुविधाजनक है| आप संख्या रेखा पर संख्याएँ अंकित करने के लिए अपनी कल्पना के अनुसार कोई पैमाना ले सकते हैं और इससे संख्याओं की स्थितियाँ अंकित कर सकते हैं|
उदाहरण के लिए, यह अचिह्नित संख्या रेखा (Unmarked Number line (UNL)) योग के प्रश्न को दर्शाती है- (+85)+(-60)=?

तब हम कल्पना कर सकते हैं कि 85+ (60) = 25
निम्नलिखित अचिह्नित संख्या रेखा (UNL) एक घटाने की समस्या को दर्शाती है, इसे लुप्त परिशिष्ट संख्या से संबंधित समस्या के रूप में भी लिखा जा सकता है- (-100)-(+250)=? या 250+?=-100

हम इस समस्या में देख सकते हैं कि?= -350
इस तरह आप धनात्मक और ऋणात्मक संख्याओं के साथ जोड़ और घटा के प्रश्नों को कागज पर या अपने मस्तिष्क में एक अचिह्नित संख्या रेखा का उपयोग करके हल कर सकते हैं|
अचिह्नित संख्या रेखा का उपयोग कर निम्नलिखित पदों को पूर्ण कीजिए-
a. -125+(-30)
b. +105-(-55)
c. +80-(-150)
d. -99-(-200)

घटा को जोड़ तथा जोड़ को घटा में बदलना
याद कीजिए - लक्षित तल प्रारंभिक तल = आवश्यक गति
या
लक्षित तल = प्रारंभिक तल + आवश्यक गति
यदि हम 2 से प्रारंभ करते हैं और -3 पर पहुँचना चाहते हैं, तो हमें कितनी गति की आवश्यकता है?
पहला तरीका - संख्या रेखा को देखने पर हमें पता चलता है कि हमें 5 (यानी, पीछे की दिशा में 5) बढ़ना है| इसलिए,-3,-2=-5 है| अतः आवश्यक गति -5 है|
दूसरा तरीका - 2 से -3 की यात्रा को दो भागों में बाँटते हैं|
a. 2 से 0, गति है 0-2 = -2
b. 0 से -3, गति है -3-0 = -3
कुल गति दोनों गतियों का योग है-3 + (-2)=-5
उपर्युक्त दोनों रंगीन पदों को देखिए| दूसरे पद में कोई घटा नहीं है!
इस प्रकार, हम हमेशा घटा को जोड़ में बदल सकते हैं| वह संख्या जो कि घटायी जा रही है, उसे उसके योज्य प्रतिलोम से बदला जा सकता है और फिर जोड़ा जा सकता है|
इसी तरह, किसी संख्या को जोड़ा जा रहा है तो उसके योज्य प्रतिलोम से बदला जा सकता है और फिर घटाया जा सकता है| इस प्रकार हम हमेशा जोड़ को घटाव में भी बदल सकते हैं|
उदाहरण-
a. (+7)-(+5)=(+7)+(-5)
b. (-3)-(+8)=(-3)+(-8)
c. (+8)-(-2) = (+8)+(+2)
d. (+6)-(-9) = (+6)+(+9)
10.2 टोकन मॉडल
जोड़ने के लिए टोकन का उपयोग
बेला की मजेदार इमारत का लिफ्ट चालक ऊब गया है| स्वयं के मनोरंजन के लिए, वह एक बॉक्स रखता है जो कि कई धनात्मक "हरा" और ऋणात्मक "लाल" टोकन से भरा है| हर बार जब वह '+' बटन दबाता है, वह एक धनात्मक "हरा" टोकन बॉक्स से उठाकर उसे अपनी जेब में रखता है| इसी तरह प्रत्येक बार जब वह बटन दबाता है, वह एक ऋणात्मक "लाल" टोकन उठाकर अपनी जेब में रखता है|
वह अपनी खाली जेब के साथ भूतल से प्रारंभ करता है| एक घंटे बाद उसने अपनी जेब की जाँच की तो उसे 5 धनात्मक और 3 ऋणात्मक टोकन प्राप्त हुए| बताइए अब वह किस तल पर है?
उसने '+' को 5 बार तथा "-"को 3 बार दबाया होगा| और (+5)+(-3) = + 2 अतः अब वह + 2 तल पर है|
यहाँ गणना करने का अन्य तरीका भी दिया गया है जैसे-

एक धनात्मक टोकन और एक ऋणात्मक टोकन एक-दूसरे को रद्द कर देते हैं और इस जोड़े का मान शून्य हो जाता है| (उसकी जेब में इन दो टोकन का अर्थ था कि उसने क्रमशः एक बार '+' दबाया और एक बार '' दबाया जो कि एक-दूसरे को रद्द कर देते हैं|) हम कह सकते हैं कि एक धनात्मक और एक ऋणात्मक टोकन एक 'शून्य जोड़ा' बनाते हैं| जब आप सभी शून्य जोड़ों को हटा देते हैं, तब आपके पास दो धनात्मक टोकन बचते हैं, अतः (+5) + (3) = +2 हम टोकन के उपयोग से इस प्रकार के अन्य जोड़ भी कर सकते हैं|
उदाहरण- +5 और - 8 को जोड़िए|

चित्र में हम देखते हैं कि पाँच शून्य जोड़े हटा सकते हैं और हमारे पास 3 बचता है| इसलिए (5) + (- 8) = - 3
आइए, पता लगाएँ
1. टोकन का उपयोग करते हुए जोड़ को पूरा कीजिए|
a. (6) + (4)
b. (- 3) + (- 2)
c. (5) + (- 7)
d. (- 2) + (6)
2. नीचे दिए गए टोकन युग्म में से शून्य युग्म को निरस्त (रद्द) कीजिए| प्रत्येक स्थिति में लिफ्ट चालक कौन-से तल पर है? प्रत्येक स्थिति में संगत धनात्मक कथन क्या होगा?

टोकन के उपयोग द्वारा घटाना
हम देख चुके हैं कि धनात्मक टोकन और ऋणात्मक टोकन के साथ पूर्णांकों का जोड़ कैसे करते हैं? हम टोकन का उपयोग करके घटा भी कर सकते हैं?
उदाहरण- आइए, घटाएँ-
(+5) - (+4)
यह करना सरल है| परिणाम के लिए 5 धनात्मक में से 4 धनात्मक निकाल लेते हैं|
अत: (+5) - (+4) =+ 1

उदाहरण- आइए, घटाएँ-
(- 7) - (- 5)
क्या (- 7) - (- 5) और (- 7) + (+5) समान हैं?

उदाहरण- आइए, घटाएँ-
(+5) - (+6)
5 धनात्मक रखिए
लेकिन यहाँ 6 धनात्मक लेने के लिए पर्याप्त टोकन नहीं है|

इस समस्या से निपटने के लिए हम एक अतिरिक्त शून्य जोड़ा (एक धनात्मक व एक ऋणात्मक)
हमें यह भी ज्ञात है, कि जो टोकन का सेट दिया हुआ है, इससे उसके मान में कोई अंतर नहीं
आता है|
अब आप 6 धनात्मक ले सकते हैं| देखिए क्या शेष रहा है?

अतः (+5) - (+6) = - 1
आइए, पता लगाएँ
1. टोकन का उपयोग करके निम्नलिखित अंतरों का मूल्यांकन कीजिए| यह भी जाँचिए कि आपको वही परिणाम मिलता है जो अब आप अन्य तरीकों से जानते हैं| घटाव को पूरा कीजिए-
a. (+10) - (+7)
b. (- 8) - (- 4)
c. (- 9) - (- 4)
d. (+9) - (+12)
e. (- 5) - (- 7)
f. (- 2) - (6)
2. घटाव को पूरा कीजिए-
a. (- 5) - (- 7)
b. (+10) - (+13)
с. (- 7) - (- 9)
d. (+3) - (+8)
e. (- 2) - (- 7)
f. (+3) - (+15)
उदाहरण - (+4) - (- 6)
4 धनात्मक के साथ आरंभ करते हैं

हमें इनमें से 6 ऋणात्मक लेने हैं, लेकिन यहाँ पर्याप्त ऋणात्मक नहीं हैं|
ऐसा करने में कोई समस्या नहीं है| इसमें कि हम कुछ शून्य जोड़े रखते हैं, क्योंकि इससे दिए गए टोकनों के सेट के मान में कोई परिवर्तन नहीं होगा|
लेकिन कितने शून्य जोड़े? हमें 6 ऋणात्मक लेने हैं, अतः हम 6 शून्य जोड़ों को रखते हैं-

अब 6 ऋणात्मक ले लेते हैं-

अतः, (+4) - (- 6) = +10
आइए, पता लगाएँ
1. घटाने का प्रयास कीजिए-3-(+5) आपको कितने शून्य के जोड़े रखने होंगे? इसका परिणाम क्या होगा?
2. टोकन का उपयोग करते हुए निम्न का मूल्यांकन कीजिए|
a. (- 3) - (10)
b. (8) - (- 7)
c. (- 5) - (9)
d. (- 9) - (10)
e. (6) - (- 4)
f. (- 2) - (+7)
10.3 अन्य स्थानों पर पूर्णांक
लेन-देन (जमा-निकासी)
माना आप अपनी पिछले महीने के ₹100 की बचत से स्थानीय बैंक में एक खाता खोलते हैं| अब बैंक में आपकी जमा राशि ₹100 हैं|
अगले दिन आप ₹60 कमा लेते हैं और बैंक में जमा करा देते हैं (यह राशि आपकी पासबुक में 'जमा' (credit) के रूप में दर्शाई गई है)|
- आपकी बैंक में नई शेष जमा राशि ............ है|
- अब आपकी बैंक में शेष जमा राशि है|
अगले दिन आपको व्यवसाय के लिए ₹150 की एक बड़ी खरीददारी करनी पड़ी| पुनः खाते में यह राशि निकासी में दर्शाई गई है|
- अब आपकी बैंक में शेष जमा राशि क्या है? ............
क्या यह संभव है?
हाँ, कुछ बैंक अस्थायी रूप से आपकी जमा राशि को ऋणात्मक होने की अनुमति देते हैं| यदि आपकी जमा राशि ऋणात्मक होती है, तो बैंक ब्याज या शुल्क के रूप में कुछ अतिरिक्त शुल्क लेते हैं|
पिछले दिन की आपकी बड़ी खरीददारी की रणनीति से आपके व्यवसाय में अगले दिन की आय ₹200 थी|
- अब आपकी शेष जमा राशि क्या है?...........
आप जमा राशि को धनात्मक तथा निकासी को ऋणात्मक संख्याओं के रूप में सोच सकते हैं| आपकी कुल जमा (धनात्मक संख्या) और निकासी (ऋणात्मक संख्या) का योग आपके बैंक खाते में कुल शेष जमा राशि है| यह धनात्मक या ऋणात्मक में से कोई भी हो सकती है|
सामान्यतः, आपको बैंक खाते में धनात्मक योग राशि रखने का प्रयास करना चाहिए|
- आइए, पता लगाएँ
1. माना आप ₹0 के साथ अपना बैंक खाता खोलते हैं, इसके पश्चात् आप उसमें ₹30, ₹40, और ₹50 जमा करवाते हैं और ₹40, ₹50 और ₹60 की निकासी करते हैं| अब आपके बैंक खाते में कितनी जमा राशि शेष है?
2. माना आप ₹0 के साथ अपना बैंक खाता खोलते हैं और अपने उसी खाते में से ₹1, 2, 4, 8, 16, 32, 64 और 128 निकाल लेते हैं, इसके पश्चात् आप एक बार में ₹256 रूपये जमा कर देते हैं| अब आपके बैंक खाते में कितनी जमा राशि शेष है?
3. आपके बैंक खाते में प्रायः धनात्मक जमा राशि अधिक अच्छी क्यों मानी जाती है? ऐसी कौन-सी परिस्थितियाँ हो सकती हैं, जिनके तहत अस्थायी रूप से ऋणात्मक (निकासी) शेष जमा राशि सार्थक हो सकती है?
जैसा कि आप देख सकते हैं, शून्य के साथ-साथ धनात्मक और ऋणात्मक संख्याएँ बैंकिंग और लेखांकन के क्षेत्र में अत्यंत उपयोगी हैं|
भूगोलीय प्रतिच्छेद
हम भूगोलीय विशेषताओं, जैसे- पर्वत, पठार और रेगिस्तान आदि की ऊँचाई 'समुद्र तल' से आरंभ करके नापते हैं| समुद्र तल पर ऊँचाई 0 मी. होती है| समुद्र तल से ऊपर की ऊँचाई धनात्मक तथा उससे नीचे की गहराई को ऋणात्मक संख्याओं से प्रदर्शित करते हैं|
- आइए, पता लगाएँ
1. भौगोलिक प्रतिच्छेद को देखते हुए उनकी संबंधित ऊँचाइयाँ लिखिए-


अध्यापक टिप्पणी
आप बच्चों से इस पृष्ठ पर चित्र दिखाकर पूछिए कि भौगोलिक प्रतिच्छेद क्या है? क्या यह पृथ्वी पर किसी स्थान पर निकाले गए एक ऊर्ध्वाधर टुकड़े की कल्पना करने जैसा है| एक तरफ से देखने पर यह ऐसा ही दिखेगा| भूगोल में ऊँचाई और गहराई मापने के लिए 'समुद्र तल' की अवधारणा पर चर्चा कीजिए|
2. इस भौगोलिक प्रतिच्छेद में सबसे उच्चतम बिंदु एवं सबसे निम्नतम बिंदु कौन-सा है?
3. क्या आप बिंदुओं A, B, ..., G को ऊँचाइयों के अवरोही (घटते) क्रम में लिख सकते हैं? क्या आप बिंदुओं को ऊँचाइयों के आरोही (बढ़ते) क्रम में लिख सकते हैं?
4. पृथ्वी पर समुद्र तल से सबसे ऊँचा स्थान कौन-सा है? इसकी ऊँचाई कितनी है?
5. भूमि या महासागर तल पर समुद्र तल के सापेक्ष सबसे निम्नतम बिंदु क्या है? इसकी ऊँचाई कितनी है? (यह ऊँचाई ऋणात्मक होनी चाहिए|)
तापमान
गर्मी के दिनों में आपने समाचारों में गर्म लहर (heatwave) के बारे में सुना होगा| जिसके फलस्वरूप आपको बहुत अधिक गर्मी लगती है, क्या आप बता सकते हैं कि उस समय तापमान क्या होता होगा? सर्दी के दिनों में तापमान ज्यादा ठंडा रहता है|
विगत वर्ष आपके क्षेत्र में गर्मियों का अधिकतम तापमान तथा सर्दियों का न्यूनतम तापमान क्या अंकित किया गया था? पता लगाइए|
जब हम तापमान मापते हैं; तो मापन की इकाई को सेल्सियस (°C) में लेते हैं| आगे दी गई तापमापी (थर्मामीटर) 40°C और 15°C तापमान दर्शा रहे हैं|
आइए, पता लगाएँ
1. क्या आप जानते हैं कि भारत में कुछ ऐसे स्थान भी हैं जहाँ कभी-कभी तापमान 0 deg * C से नीचे चला जाता है? भारत में ऐसे स्थानों का पता लगाइए जहाँ तापमान सामान्यतः बार 0 deg * C से भी नीचे पहुँच जाता है| इन स्थानों में क्या समानता है? अन्य स्थानों की तुलना में यहाँ अधिक ठंड क्यों होती है?
2. लद्दाख के लेह क्षेत्र में सर्दी के समय अत्यधिक ठंड हो जाती है| नीचे दी गई सारणी को देखिए, यह लेह के नवंबर माह के, एक दिन के विभिन्न समयों के तापमान को दर्शाती है| साथ दिन और रात के सही समय के साथ संबंधित तापमान का मिलान कीजिए|
अध्यापक टिप्पणी
आप, विद्यार्थियों के साथ तापमापी एवं उससे तापमान कैसे मापते हैं; इस पर चर्चा कीजिए| कक्षा-कक्ष में तापमापी लेकर आइए तथा गर्म एवं ठंडे पानी का तापमान मापकर विद्यार्थियों को दिखाइए| बच्चों को बताइए की तापमापी पर 0°C से नीचे भी संख्याएँ अंकित हैं| विद्यार्थियों से चर्चा कीजिए कि 0°C deg पर क्या दर्शाता है जैसे 0°C पानी का जमाव बिंदु क्या होगा|
10.4 पूर्णांकों के साथ अन्वेषण
एक रिक्त पूर्णांक ग्रिड
इन दोनों ग्रिडों में संख्याओं के विषय में कुछ विशेष है| आइए, जानते हैं कि वह क्या है?.
ऊपर की पंक्ति -----> 4+(-1)+(-3) = 0 5+(-3)+(-5)=..........
अंतिम पंक्ति ------> (-1)+(-1)+2=0 (-8)+(-2)+(7) =..........
बायाँ स्तंभ --------> 4 +(-3)+(-1)=0 5+0+(-8)=..........
दायाँ स्तंभ ---------> (-3)+1+2=0 (-5)+(-5)+(7) =...........
प्रत्येक ग्रिड में, दो पंक्तियों (ऊपर की पंक्ति व अंतिम पंक्ति) में से प्रत्येक की संख्याएँ और दो स्तंभों (बायाँ स्तंभ व दायाँ स्तंभ) में से प्रत्येक की संख्याओं को जोड़ने पर एक ही संख्या प्राप्त होती है| इस योग को हम 'सीमा योग' कह सकते हैं| प्रथम ग्रिड का 'सीमा योग' '0' है|
आइए, पता लगाएँ
1. उपरोक्त दूसरे ग्रिड के लिए गणना कीजिए और सीमा योग ज्ञात कीजिए|
2. आवश्यक सीमा योग बनाने के लिए ग्रिड को पूर्ण कीजिए-

3. उपरोक्त अंतिम ग्रिड में -4 सीमा योग प्राप्त करने के लिए एक से अधिक तरीके बताइए|
4. कौन-सी अन्य ग्रिड विभिन्न विधियों से भरी जा सकती है? इसके क्या कारण हो सकते हैं?
5. एक सीमा पूर्णांक वर्ग पहेली बनाइए और इसे पूर्ण करने के लिए सहपाठियों को चुनौती दीजिए|
संख्याओं का अद्भुत ग्रिड !
अध्याय में आगे एक ग्रिड दिया है जिसमें कुछ संख्याएँ दर्शाई हैं| दिए गए चरणों का तब तक अनुसरण कीजिए जब तक कोई संख्या शेष ना रह जाए|


1. पुनः प्रयास कीजिए, इस बार अलग संख्याएँ चुनिए| आपको इन संख्याओं का क्या योग प्राप्त हुआ? क्या यह पहले से भिन्न है? कुछ और बार प्रयास कीजिए|
2. नीचे दी गई ग्रिड के साथ भी इसी तरह का खेल खेलिए| आप क्या उत्तर प्राप्त करते हैं?

3. इन ग्रिडों में क्या विशेष हो सकता है? क्या संख्याओं में जादू है या इन्हें व्यवस्थित करने के तरीके में जादू है या दोनों में हैं? क्या आप ऐसे और ग्रिड बना सकते हैं?
1. दिए गए युग्मों के बीच सभी पूर्णांकों को बढ़ते क्रम में लिखिए|
a. 0 और-7
b. - 4 और 4
c. - 8 और -15
d. -30 और -23
2. ऐसी तीन संख्याएँ बताइए जिनका योग-8 है|
3. यहाँ दो पासे हैं जिनके फलकों पर संख्याएँ दर्शाई गई हैं -1, 2, -3, 4, -5, 6 इन पासों को उछालने पर सबसे छोटा संभावित योग - 10 = (- 5) + (- 5) है और सबसे बड़ा संभावित योग 12 = (6) + (6) है| इन दो पासों पर संख्याओं को जोड़ने से (-10) और (+12) के बीच की कुछ संख्याएँ प्राप्त करना संभव नहीं है| ऐसी संख्याओं का पता लगाइए|
4. इन्हें हल कीजिए-
8-13 |
(- 8) - (13) | (- 13) - (- 8) | (- 13) + (- 8) |
8+(-13) |
(- 8) - (- 13) | (13)-8 | 13-(-8) |
5. निम्नलिखित के वर्ष ज्ञात कीजिए ?
a. वर्तमान वर्ष से 150 वर्ष पूर्व कौन-सा वर्ष था?........
b. वर्तमान वर्ष से 2200 वर्ष पूर्व कौन-सा वर्ष था?........
संकेत- याद रखिए कि कोई 0 वर्ष नहीं था|
c. 680 ईसा पूर्व से 320 वर्ष बाद कौन-सा वर्ष होगा?.........
6. निम्नलिखित अनुक्रम को पूरा कीजिए-
a. (-40), (-34), (-28), (-22),....., .........., ........
b. 3, 4, 2, 5, 1, 6, 0, 7 ,..... , .........., ........ ,
C. ....., .........., 12, 6, 1, (-3), (-6),....., .........., ........, ,.....
7. यहाँ छह पूर्णांक कार्ड हैं (+1), (+7), (+18), (- 5), (- 2), (- 9) आप इनमें से किसी भी कार्ड का चयन कर सकते हैं तथा जोड़ और घटा के उपयोग द्वारा एक पद बनाइए|
यहाँ एक पद है- (+18) + (+1) - (+7) - (- 2) जिसका मान (+14) है| दिए गए कार्ड्स से एक से अधिक कार्ड का चयन कीजिए और एक पद बनाइए जिसका मान (-30) के आस-पास हो|
8. दो धनात्मक पूर्णांकों का योग सदैव धनात्मक होता है लेकिन एक (धनात्मक पूर्णांक) (धनात्मक पूर्णांक) धनात्मक या ऋणात्मक हो सकता है| आप निम्न के विषय में क्या कह सकते हैं-
a. (धनात्मक)- (ऋणात्मक)
b. (धनात्मक) + (ऋणात्मक)
c. (ऋणात्मक) + (ऋणात्मक)
d. (ऋणात्मक)- (ऋणात्मक)
e. (ऋणात्मक)- (धनात्मक)
f. (ऋणात्मक) + (धनात्मक)
9. इस लड़ी में 100 टोकन हैं, जो एक विशेष पैटर्न में व्यवस्थित किए गए हैं, इस लड़ी का मान क्या है?

10.5 एक चुटकी इतिहास
सामान्य भिन्नों की तरह, सामान्य पूर्णांकों (शून्य और ऋणात्मक संख्याओं सहित) की कल्पना और प्रयोग एशिया में पहली बार हजारों वर्ष पूर्व किया गया था| इसके पश्चात् आधुनिक समय में यह अंततः संपूर्ण विश्व में फैल गए|
ऋणात्मक संख्याओं के उपयोग का पहला ज्ञात उदाहरण लेखांकन के संदर्भ में है| चीन के सर्वाधिक गणितीय कार्यों में से चैप्टर्स ऑन मैथमैटिकल का अध्याय 9 (jinzhang suanshu), है| जो प्रथम या द्वितीय शताब्दी ईस्वी तक पूरा हो गया था| इस अध्याय में धनात्मक और ऋणात्मक संख्याएँ लाल एवं काली छड़ी द्वारा दर्शाई गई थीं, ठीक उसी तरह जैसे हमने उन्हें लाल और हरे टोकन का उपयोग करके दर्शाया था|
प्राचीन काल में भारत में भी लेखांकन की संस्कृति अत्यंत व्यापक थी| कौटिल्य ने अपने अर्थशास्त्र में (लगभग 300 ईसा पूर्व) जमा (क्रेडिट) और निकासी (डेबिट) की अवधारणा के बारे में विस्तार से लिखा था| इसमें यह मान्यता भी सम्मिलित थी कि खाता शेष ऋणात्मक हो सकता है| लेखांकन के संदर्भ में ऋणात्मक संख्याओं का स्पष्ट उपयोग कई प्राचीन भारतीय कार्यों में देखा जाता है, जिसमें वर्ष 300 ईस्वी के आस-पास की बक्शाली पांडुलिपि भी सम्मिलित है| इस पांडुलिपि में ऋणात्मक संख्या को एक विशेष प्रतीक का उपयोग करके संख्या के पश्चात् रखा जाता था (न कि संख्या से पहले जैसा कि हम वर्तमान समय में करते हैं)|
ब्रह्मगुप्त ने 628 ईस्वी में अपनी पुस्तक ब्रहमस्फुटसिद्धांत में पहली बार धनात्मक संख्याओं, ऋणात्मक संख्याओं और शून्य का प्रयोग एक समान रूप में जमा, घटा, गुणन और विभाजन के लिए
भी किया| ब्रह्मगुप्त ने स्पष्ट रूप से धनात्मक, ऋणात्मक और शून्य के लिए कई आवश्यक नियम दिए| इन नियमों ने आधुनिक गणित हेतु मार्ग प्रशस्त किया जिसे हम वर्तमान समय में प्रयोग में ला रहे हैं|
ब्रह्मगुप्त के धनात्मक संख्याओं, ऋणात्मक संख्याओं तथा शून्य के जोड़ने एवं घटाने के कुछ मुख्य नियमों का वर्णन निम्नलिखित है-
ब्रह्मगुप्त के योग के लिए नियम (ब्रह्मस्फुटसिद्धांत 18.30, 628 ईस्वी):
1. दो धनात्मकों का योग धनात्मक होता है
(जैसे- 2+3 = 5)
2. दो ऋणात्मकों का योग ऋणात्मक होता है| दो ऋणात्मक को जोड़ने के लिए, दोनों संख्याओं को (बिना चिह्न के) जोड़ते हैं और तब प्राप्त परिणाम के सामने ऋणात्मक चिह्न लगा देते हैं|
(जैसे-(-2)+(-3) = -5)
3. एक धनात्मक एवं एक ऋणात्मक संख्या को जोड़ने के लिए, (बिना चिह्न के) बड़ी संख्या में से छोटी संख्या को घटाएँ और प्राप्त परिणाम पर बड़ी संख्या का चिह्न लगाइए|
(जैसे-5+3=2, 2+(-3)=1, और - 3 + 5 = 2)
4. एक संख्या तथा उसके प्रतिलोम का योग शून्य होता है|
(जैसे - 2+(-2) = 0)
5. किसी संख्या और शून्य का योग, वही संख्या होती है|
(जैसे-2+0=-2 और 0+0 = 0)
घटाने के लिए ब्रह्मगुप्त के नियम (ब्रह्मस्फुटसिद्धांत 18.31-18.32)
1. एक बड़े धनात्मक में से एक छोटा धनात्मक घटाया जाए तो परिणाम धनात्मक रहता है|
(जैसे-3-2=1)
2. एक छोटे धनात्मक में से एक बड़ा धनात्मक घटाया जाए तो परिणाम ऋणात्मक होता है|
(जैसे-2-3=-1)
3. एक ऋणात्मक संख्या को घटाना, इसके संगत धनात्मक संख्या को जोड़ने के समान है|
(जैसे-2-(-3) = 2+3)
4. एक संख्या को स्वयं में से घटाना शून्य प्रदान करता है|
(जैसे- 2-2=0 और-2- (-2) = 0)
5. एक संख्या में से शून्य को घटाने पर वही संख्या प्राप्त होती है (जैसे- (-2)-0 = (-2) और 0-0 = 0)| शून्य में से किसी संख्या को घटाने पर हमें इसका प्रतिलोम प्राप्त होता है| (जैसे-0-(-2) = 2)
जब आप एक बार ब्रह्मगुप्त के नियमों को समझ लेते हैं तो आप किसी भी धनात्मक संख्या, ऋणात्मक संख्या और शून्य का जोड़ना और घटाना कर सकते हो|
- आइए, पता लगाएँ
1. क्या आप ब्रह्मगुप्त के नियमों को बेला की मजेदार इमारत या संख्या रेखा के अनुसार स्पष्ट कर सकते हो?
2. प्रत्येक नियम के लिए स्वयं के उदाहरण दीजिए|
ब्रह्मगुप्त पहले गणितज्ञ थे जिन्होंने शून्य को धनात्मक एवं ऋणात्मक संख्याओं के समान महत्व दिया| इन्होंने सवप्रथम ऐसी सभी संख्याओं धनात्मक, ऋणात्मक और शून्य पर अंकगणित की संक्रियाओं के लिए स्पष्ट नियम दिए जिसे अब रिंग के नाम से जाना जाता है| इससे संपूर्ण विश्व में गणित करने का तरीका बदल जाएगा|
हालाँकि शून्य एवं ऋणात्मक संख्याओं को संख्याओं के रूप मे स्वीकारने हेतु शेष विश्व को कई शताब्दियाँ लगीं| ये संख्याएँ 9वीं शताब्दी में अरब देशों में पहुँची, उनके द्वारा स्वीकार की गईं एवं गहन अध्ययन के पश्चात् 13वीं शताब्दी में यूरोपीय देशों में विस्तृत हुई|
आश्चर्य की बात यह है कि 18वीं शताब्दी में भी कई यूरोपीय देशों में गणितज्ञों द्वारा ऋणात्मक संख्याओं को स्वीकार नहीं किया गया था| 18वीं शताब्दी में एक फ्रांसीसी गणितज्ञ लाझारे कार्नोट ने ऋणात्मक सख्याओं को 'बेतुका' कहा था| परंतु कुछ समय बाद शून्य के साथ ऋणात्मक संख्याएँ भी वैश्विक गणित और विज्ञान में अपरिहार्य सिद्ध हुईं| वर्तमान समय में ऋणात्मक, धनात्मक संख्याओं के साथ अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती हैं, जैसा कि वर्ष 628 ईस्वी में ब्रह्मगुप्त ने बहुत स्पष्ट रूप से इन्हें अनुशंसित किया था| सभी संख्याओं पर अंकगणितीय नियमों के अमूर्त रूपों ने बीजगणित के आधुनिक विकास का मार्ग प्रशस्त किया, जिसके विषय में हम भविष्य की कक्षाओं में पढ़ेंगे|
सारांश
■ ऐसी भी संख्याएँ हैं जो शून्य से कम हैं| उन्हें उनके सामने चिह्न के साथ लिखा जाता है (उदाहरण के लिए, -2), और उन्हें ऋणात्मक संख्याएँ कहा जाता है| वे संख्याएँ रेखा पर शून्य के बाईं ओर स्थित हैं|
संख्याएँ 4,-3,-2,-1, 0, 1, 2, 3, 4, ... पूर्णांक कहलाती हैं| संख्याएँ 1, 2, 3, 4, धनात्मक पूर्णांक कहलाती हैं और संख्याएँ...,4,3,2,1 ऋणात्मक पूर्णांक कहलाती हैं| शून्य (0) न तो धनात्मक है और न ही ऋणात्मक|
■ प्रत्येक दी गई संख्या के साथ एक और संख्या जुड़ी होती है जिसे दी गई संख्या में जोड़ने पर शून्य प्राप्त होता है| इसे संख्या को योज्य प्रतिलोम कहते हैं| उदाहरण के लिए, 7 का योज्य प्रतिलोम -7 है और -543 का योज्य प्रतिलोम 543 है|
■ जोड़ को प्रारंभिक स्थिति + गति लक्ष्य स्थिति के रूप में समझा जा सकता है|
■ जोड़ को गति के संयोजन की वृद्धि या कमी के रूप में भी समझा जा सकता है- गति 1 + गति 2 = परिणामी गति |
■ घटाने को लक्ष्य स्थिति - प्रारंभिक स्थिति = गति के रूप में समझा जा सकता है|
■ सामान्यतः हम ब्रह्मगुप्त के योग के नियमों का पालन करके दो संख्याओं को जोड़ सकते हैं-
a. यदि दोनों संख्याएँ धनात्मक हैं, तो इन संख्याओं को जोडने पर एक धनात्मक संख्या प्राप्त होगी (जैसे- 2 + 3 = 5)1
b. यदि दोनों संख्याएँ ऋणात्मक हैं, तो संख्याओं को जोड़िए (चिह्नों के बिना), इसके पश्चात् परिणाम प्राप्त करने के लिए ऋण चिह्न लगाइए (-2 +(-3) = -5) |
c. यदि एक संख्या धनात्मक है और दूसरी ऋणात्मक है, तो छोटी संख्या (चिह्न के बिना) को बड़ी संख्या (चिह्न के बिना) से घटाइए, और प्राप्त परिणाम में बड़ी संख्या का चिह्न लगाइए (उदाहरण के लिए, (जैसे-5+3=(-2) |
d. एक संख्या और उसका योज्य प्रतिलोम शून्य होता है (जैसे- 2+ (-2) = 0) |
e. एक संख्या और शून्य को जोड़ने पर वही संख्या मिलती है (जैसे-2+0=-2) |
■ हम दो पूर्णांकों के घटाव की समस्या को, योग समस्या में बदलकर, फिर योग के नियमों का पालन करके,
दो पूर्णांक हल कर सकते हैं| किसी पूर्णांक का घटाव उसके योज्य प्रतिलोम के जोड़ने के समान ही
होता है|
■ पूर्णांकों की तुलना की जा सकती है-... -3 <-2<-1<0<+1<+2 < +3 < ... छोटी संख्याएँ, संख्या रेखा पर बड़ी संख्याओं के बाईं ओर होती हैं|
■ हम धनात्मक और ऋणात्मक संख्याओं को जमा (credit) और निकासी (debit) के रूप में भी व्याख्यायित कर सकते हैं| हम धनात्मक संख्याओं को संदर्भ बिंदु से ऊपर की दूरी के रूप में भी व्याख्या कर सकते हैं| इसी तरह ऋणात्मक संख्याओं की संदर्भ बिंदु से नीचे की दूरी के रूप में व्याख्या की जा सकती है| ध्यात्वय है कि तापमान मापन को भी धनात्मक और ऋणात्मक रूप में अंकित किया जाता है| जब हम तापमान को डिग्री सेल्सियस में मापते हैं तो, जल के हिमांक से ऊपर का तापमान धनात्मक तापमान एवं पानी के हिमांक से नीचे का तापमान ऋणात्मक कहलाता है|
पूर्णांक - साँप सीढ़ी
नियम
■ यह दो खिलाड़ियों का खेल है| प्रत्येक खिलाड़ी के पास 1 मोहरा होता है| दोनों खिलाड़ी 0 से खेलना आरंभ करते हैं| खिलाड़ी जीतने के लिए – 50 या + 50 तक पहुँच सकते हैं, लेकिन खेल से पूर्व या खेलते समय निश्चित करने की आवश्यकता नहीं होती है|
■ प्रत्येक खिलाड़ी एक ही समय में दो पासे फेंकता है| एक पासे पर + 1 से 6 तक की संख्याएँ होती हैं और दूसरे पासे पर-1 से -6 तक की संख्याएँ होती हैं|
■ दो पासों के प्रत्येक उछाल के पश्चात् खिलाड़ी उन्हें किसी भी क्रम में जोड़ या घटा सकता है और फिर परिणाम को इंगित करने वाले चरणों को आगे बढ़ा सकता है| धनात्मक परिणाम का अर्थ है + 50 की ओर बढ़ना और ऋणात्मक परिणाम का अर्थ होगा- 50 की ओर बढ़ना|

अधिगम सामग्री पत्रक (शीट)









