भाग 1
जीव रूपों के साथ कार्य करना

जीव रूपों में पृथ्वी पर सभी सजीव वस्तुएँ सम्मिलित हैं। इनमें मनुष्य, पशु, पक्षी, मछलियाँ, पौधे, कीड़े, यहाँ तक कि जीवाणु (बैक्टीरिया) और विषाणु (वायरस) भी सम्मिलित हैं। जीव रूपों के साथ काम करने में परियोजनाएँ आपको विभिन्न तरीकों से सजीव वस्तुओं के साथ काम करने में सहायता करेंगी। आप विभिन्न तरीकों से पौधे उगाने, अपने आस-पास की जैव विविधता को अंकित करने, औषधीय पौधों का सर्वेक्षण करने, पालतू जानवरों की देखभाल करना और प्रकृति पत्रिका से संबंधित परियोजनाओं का चयन कर सकते हैं। यह आप पर निर्भर करता है कि आप अपने साथियों के सहयोग से नया एवं रोचक क्या कर सकते हैं।
इस खंड में परियोजनाओं के दो उदाहरण दिए गए हैं। आपको केवल एक परियोजना ही चुननी होगी। आप इनमें से किसी एक परियोजना का चयन कर सकते हैं अथवा अपने शिक्षक की सहायता से अपनी रोचकता के अनुसार परियोजना तैयार कर सकते हैं।

परियोजना 1
विद्यालयी रसोई उद्यान (किचन गार्डन)
यह परियोजना आपको भोजन के लिए पौधे उगाने के विषय में सीखने में सहायता करेगी। आप अपने विद्यालयी परिसर में एक रसोई उद्यान (किचन गार्डन) बनाएँगे, जो पौधों की क्यारियों या गमलों में तैयार किया जा सकता है। (चित्र 1.1 देखें)
परियोजना कार्य करने के पश्चात आप निम्नलिखित कार्य करने में सक्षम होंगे-
| उपकरणों और सामग्रियों के विषय में जानने में | खेत/बगीचे/ नर्सरी का भ्रमण करने में | वर्मीकंपोस्ट बनाने में | विद्यालयी रसोई उद्यान की व्यवस्था और रखरखाव की योजना बनाने में | पौधों की सुरक्षा, रसोई उद्यान के उपाय, देखभाल और रखरखाव के बारे में जानने में | फसल की कटाई में |

हम सभी विभिन्न प्रकार के भोजन का आनंद लेते हैं। हममें से कुछ लोग ताजे फल और सब्जियाँ, कुछ शाक (हब्स) और मसालों के साथ पकी हुई सब्जियाँ और कुछ अचार एवं टमाटर सॉस जैसे संरक्षित खाद्य पदार्थ (प्रिजर्ल्ड फूड) के साथ खाना पसंद करते हैं। हमारे भोजन का अधिकांश भाग खेतों से आता है। सब्जियाँ (बैंगन, ककड़ी और मिर्च) अथवा शाक (हर्ब्स), धनिया और पुदीना रसोई उद्यान (किचन गार्डन) में उगाई जा सकती हैं।
रसोई उद्यान (किचन गार्डन) को सब्जियों के उद्यान के रूप में भी जाना जाता है। यह एक ऐसा उद्यान होता है जिसमें फल, सब्जियाँ और शाक (हर्स) उगाई जाती हैं। उद्यान से प्राप्त 'उत्पादन' अथवा 'उपज' सामान्यतः एक परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त होती है।
इस परियोजना में आप अपने विद्यालय में भोजन के लिए पौधे उगाने के विषय में सीखेंगे। आप अपने विद्यालय परिसर में एक रसोई उद्यान बनाएँगे, जो पौधों की क्यारियों अथवा गमलों में हो सकता है (चित्र 1.1 देखें)।
मैं क्या कर पाऊँगा/पाऊँगी?
परियोजना कार्य करने के पश्चात आप निम्नलिखित कार्य करने में सक्षम होंगे-
- सामान्य बागवानी औजारों, उपकरणों और सामग्रियों की पहचान करने और उनके उपयोग का वर्णन करने में।
- बागवानी उपकरणों का उपयोग करके विद्यालय के मैदान पर या गमलों में मिट्टी तैयार करने में।
- बीज या पौधों का रोपण सीखेंगे। पानी, खाद और उर्वरकों का उपयोग करके पौधों या बीजों की वृद्धि में उनकी सहायता करने में।
- रसोई उद्यान में पौधों को बाड़ और जैविक कीटनाशकों की सहायता से सुरक्षित रखने में।
- रसोई उद्यान अथवा गमलों में सब्जियाँ या शाक (हर्स) की कटाई करने में।
मुझे किन वस्तुओं की आवश्यकता होगी?
| उपकरण/सामग्री | चित्र | उपयोग |
|---|---|---|
| 1. खुरपी (गार्डन ट्रॉवेल) | ![]() |
इसका उपयोग मिट्टी खोदने और पौधे रोपने के लिए किया जाता है। |
| 2. हेंड कल्टीवेटर | ![]() |
इस उपकरण का उपयोग मिट्टी को नरम करने, खरपतवार हटाने और मिट्टी में खाद मिलाने के लिए किया जाता है। |
| 3. हजारा (रोज अटैचमेंट या होज पाइप) | ![]() |
इसका उपयोग क्यारियों या गमलों में नवांकुर और पौधों को पानी देने के लिए किया जाता है। |
| 4. बागवानी दस्ताने (रबर से बने) | ![]() |
इसका उपयोग हाथों की सुरक्षा और उपकरणों पर मजबूत पकड़ प्रदान करने के लिए किया जाता है। |
| 5. बागवानी कैंची | ![]() |
इसका उपयोग बगीचे में शाखाएँ, झाड़ियाँ एवं तना काटने के लिए किया जाता है। |
| 6. बीज, नवांकुर, कंद, प्रकंद, कलम, आदि। | ![]() |
इनका उपयोग बगीचे में पौधे उगाने के लिए किया जाता है। |
| 7. गमले की मिट्टी अथवा मिश्रण (गमले के लिए मिश्रण खाद, परलाइट वर्मीक्यूलाइट, मिट्टी और कॉयर या पीट-मॉस जैसी सामग्री से तैयार किया जाता है।) | ![]() |
इस सामग्री का उपयोग डिब्बों (कंटेनरों) या गमलों को भरने के लिए किया जाता है। |
| 8. जैविक मल्चिंग सामग्री जैसे- अनाज का भूसा, पत्ती की खाद, कटी हुई पत्तियाँ, कटी हुई घास, आदि। | ![]() |
इनका उपयोग नमी बनाए रखने और खरपतवारों की वृद्धि को रोकने के लिए किया जाता है। |
| 9. पौधों के सूचक-पत्र (लेबलिंग) | ![]() |
इनका उपयोग बगीचे में विभिन्न पौधों की पहचान करने के लिए किया जाता है। |
| 10. पुराने पाइप/पॉलीविनाइल क्लोराइड (पीवीसी) पाइप लकड़ी की डंडियाँ बाँस के खंभे धातु के खंभे और रस्सी |
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इनका उपयोग सुरक्षात्मक बाड़ बनाने के लिए किया जाता है। |
| 11. कूड़ेदान और तिरपाल/ पुराने मोटे कपड़े का टुकड़ा | ![]() |
इनका उपयोग खाद या वर्मीकंपोस्ट तैयार करने के लिए किया जाता है। |
| 12. नीम की पत्तियाँ और जेरी कैन/बड़ी बोतल | ![]() |
इन सामग्रियों का उपयोग जैविक कीटनाशक तैयार करने के लिए किया जा सकता है। कीटनाशक का उपयोग पौधों से हानिकारक कीटों या कीड़ों को मारने या दूर रखने के लिए किया जाता है। |
| 13. खाद | ![]() |
खाद एक प्राकृतिक उर्वरक है जो खेत में जानवरों के गोबर से तैयार किया जाता है। इसका उपयोग पौधों को अतिरिक्त पोषण प्रदान करने के लिए किया जाता है (चित्र 1.2 देखिए)। |
| 14. स्प्रे बोतल | ![]() |
इसका उपयोग किसी तरल पदार्थ की कम मात्रा छिड़कने (स्त्रे) के लिए किया जाता है। |
| 15. फावड़ा | ![]() |
यह एक ऐसा उपकरण है जिसका उपयोग मिट्टी या अन्य सामग्रियों को खोदने और हटाने के लिए किया जाता है। |
क्या आप जानते हैं?

चित्र 1.2- भारत में पारंपरिक रूप से जानवरों के गोबर का उपयोग खाद बनाने के लिए किया जाता रहा है।
मैं स्वयं और दूसरों को कैसे सुरक्षित रखूँ?

- अपने शिक्षक से गमला उठाने के सही तरीके के विषय में पूछिए। यदि आपको लगता है कि गमला बहुत भारी है, तो किसी की सहायता लीजिए, इसे अकेले उठाने की कोशिश न करें (चित्र 1.3)।
- अपनी त्वचा की सुरक्षा के लिए उपकरणों और सामग्रियों का प्रयोग करते समय दस्ताने पहनिए। सुनिश्चित कीजिए कि यह पूर्णतः आपके हाथों के आकार के अनुसार होने चाहिए, ताकि उपकरणों पर आपकी पकड़ मजबूत हो।
- बागवानी उपकरणों और सामग्रियों का उपयोग करते समय सामग्री के सुरक्षित उपयोग के लिए दिए गए निर्देशों का पालन कीजिए।
- प्रदर्शन के दौरान सही उपयोग और तकनीकों को समझने पर ध्यान दीजिए।
- यदि आप किसी उपकरण का उपयोग करने के तरीके के बारे में अनिश्चित हैं तो किसी-न-किसी की सहायता अवश्य लीजिए।
- औजारों और उपकरणों को जंग लगने से बचाने के लिए नियमित रूप से साफ कीजिए और धोने के बाद उन्हें पोंछिए।
- सुनिश्चित कीजिए कि उपकरण स्टोर या अलमारियों पर व्यवस्थित तरीके से रखे गए हों ताकि उनसे किसी को चोट न पहुँचे।
इंटरनेट सुरक्षा- इंटरनेट का उपयोग करते समय अपने शिक्षक से सहायता लीजिए, सतर्क रहिए कि बिना जाँचें कुछ भी अपलोड या डाउनलोड न करें और अपनी व्यक्तिगत जानकारी कहीं भी साझा न करें।
आरंभ करने से पहले मुझे क्या जानने की आवश्यकता है?
अपना रसोई उद्यान बनाने के विषय में प्रायोगिक रूप से ज्ञान प्राप्त करने के लिए आप किसी कृषि फार्म पर जा सकते हैं। यदि आपके विद्यालय के पास कोई खेत नहीं है, तो आप किसी नर्सरी, बगीचे या बाग में भी जा सकते हैं (चित्र 1.4 देखिए)।

चित्र 1.4- विशेषज्ञ से सीखना
गतिविधि 1- किसान, नर्सरी कार्यकर्ता, माली या विशेषज्ञ से परस्पर संवाद हेतु कृषि फार्म, नर्सरी या उद्यान का भ्रमण
भ्रमण से पहले प्रश्नों की एक सूची बनाना महत्वपूर्ण है। नीचे उदाहरण के तौर पर कुछ प्रश्न दिए गए हैं। आप दिए गए प्रश्नों के अतिरिक्त अन्य प्रश्नों को भी पूछ सकते हैं। आप भ्रमण करने के बाद निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर देंगे।
1. कौन-कौन से पौधे उगाए जा रहे हैं?
2. क्या सभी पौधे एक ही समय पर लगाए गए थे? यदि नहीं, तो क्यों?
3. क्या रसोई उद्यान में सभी पौधे उगाये जा सकते हैं? (हाँ या नहीं)
4. बुवाई या रोपण के लिए मिट्टी कैसे तैयार की जाती है?
5. पौधों को मिट्टी से मिलने वाले पोषण के अतिरिक्त पोषण किस प्रकार प्रदान किया जाता है?
6. पौधों को जानवरों और कीटों से किसी भी प्रकार के नुकसान से कैसे बचाया जा सकता है?
7. अपने भ्रमण के दौरान आपने कौन-सी दो सबसे रोचक बातें सीखीं?
अपने साथियों और शिक्षक के साथ अवलोकनों पर चर्चा कीजिए और भ्रमण के बाद पौधे उगाने के विषय में आपने जो सीखा उसे उल्लेखित कीजिए।
प्राचीन भारत में कृषि और पौधों के जीवन के विज्ञान को बहुत महत्व दिया जाता था क्योंकि तब मुख्य कार्य खेती और पशुओं का पालन-पोषण था। पौधों के स्वास्थ्य, वृद्धि और रोगों के उपचार से संबंधित सारभूत ज्ञान और अनुभव को वृक्षायुर्वेद (पेड़ों के लिए आयुर्वेद) नामक ग्रंथ में प्रलेखित किया गया था।
वृक्षायुर्वेद के एक ही नाम से दो ग्रंथ थे, एक सालिहोत्रा (लगभग 400 ई.पू.) और दूसरा सुरपाल (1000 ई.) द्वारा लिखा गया था। सुरपाल के वृक्षायुर्वेद की ताड़ के पत्ते पर लिखी पांडुलिपि की एकमात्र मौजूदा प्रति ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में संरक्षित है।
यह पाठ पौधों की कई प्रजातियों की खेती, जल प्रबंधन, मिट्टी संरक्षण, उर्वरक और पौधों को प्रभावित करने वाली विभिन्न बीमारियों और उनके उपचार से संबंधित है।
वृक्षायुर्वेद में सुरपाल ने बिल्व (बेल या स्टोन एप्पल), न्यग्रोध (बरगद), अश्वत्थ (अंजीर या टिग) और नीम जैसे पवित्र पेड़ों के रोपण का वर्णन किया है। यह वेद कहता है कि वृक्ष लगाना मानव जीवन के अनेक लक्ष्यों में से एक को प्राप्त करना है।
जलवायु परिवर्तन, मिट्टी के कटाव और बढ़ती स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के कारण वृक्षायुर्वेद जैसे ग्रंथों में निहित पारंपरिक ज्ञान में नए सिरे से रुचि उत्पन्न हुई है। इस ज्ञान का उपयोग मिट्टी के पोषक तत्वों को बनाए रखने, अच्छी कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने और जैव विविधता को संरक्षित करने के लिए किया जा सकता है।
मुझे क्या करना है?

जैसा कि आप चित्र 1.5 में देख सकते हैं, रसोई उद्यान में पौधों को बढ़ने में सहायता करने के लिए सावधानीपूर्वक देखभाल की आवश्यकता होती है।
आइए, अब उन गतिविधियों का संचालन करते हैं, जो आपका रसोई उद्यान विकसित करने में सहायता करेंगी और साथ ही स्वस्थ पौधे उगाने का तरीका भी सिखाएँगी।
गतिविधि 2- विद्यालय के रसोई उद्यान की योजना तैयार करना
सर्वप्रथम, भूमि क्षेत्र को मापने और रसोई उद्यान के विभिन्न घटकों को तय करने की आवश्यकता है (चित्र 1.6 देखिए)। कुछ महत्त्वपूर्ण निर्णय लेने की भी आवश्यकता है। नीचे दिए गए प्रश्न आपको रसोई उद्यान की योजना बनाने में सहायता करेंगे।
1. क्या आप अपने विद्यालय में उपलब्ध भूमि या गमलों या दोनों में रसोई उद्यान तैयार करने जा रहे हैं?
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2. आप अपने रसोई उद्यान के क्षेत्रफल की गणना कैसे करेंगे?
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चित्र 1.6- रसोई उद्यान (किचन गार्डन) तैयार करना
अपने रसोई उद्यान के स्थान का चयन करते समय आपको कुछ बातों पर विचार करना चाहिए, जैसे- सूरज की रोशनी, जल निकासी और पौधों के मध्य दूरी, ताकि पानी देते समय आप सभी पौधों तक पहुँच सकें।
3. उद्यान के लिए स्थान चुनते समय आपने किन कारकों पर विचार किया?
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पौधों को वृद्धि के लिए पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। पोषक तत्व विशिष्ट तत्वों को संदर्भित करते हैं, जैसे- नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश, आदि। पौधे इन्हें अपनी वृद्धि और विकास के लिए मिट्टी से अवशोषित करते हैं। पौधों में पोषक तत्वों की आपूर्ति के लिए जैविक उर्वरक, जैसे-खाद, कंपोस्ट, वर्मीकंपोस्ट और हरी खाद तथा अकार्बनिक उर्वरक (जैसे यूरिया और सुपरफॉस्फेट) का उपयोग किया जाता है।
आप ऐसे शाक या पत्तेदार सब्जियों को उगाने पर विचार कर सकते हैं जो कम समय में तैयार हो जाती हैं। उदाहरण के लिए, आप धनिया, पुदीना, पालक या अन्य पत्तेदार सब्जियाँ उगा सकते हैं ताकि आप अपने उद्यान से उपज जल्दी प्राप्त कर सकें। ये शाक या पत्तेदार सब्जियाँ स्वास्थ्य के लिए भी बहुत लाभदायक होती हैं क्योंकि ये विटामिन और खनिजों का एक अच्छा स्रोत होती हैं। अब, अपने रसोई उद्यान के लिए पौधों का चयन कीजिए और बुवाई या रोपण के लिए बीज या पौधे की व्यवस्था कीजिए।
वर्मीकंपोस्ट तैयार करने की कई विधियाँ हैं, ऐसी ही एक विधि का वर्णन नीचे दिया गया है। इस गतिविधि में आप सीखेंगे कि वर्मीकंपोस्ट कैसे बनाया जाता है। आप इंटरनेट पर अन्य तरीके भी ढूँढ़ सकते हैं या किसानों और अन्य विशेषज्ञों से सलाह ले सकते हैं।
1. वर्मीकंपोस्ट प्लास्टिक, लकड़ी या किसी अन्य जल प्रतिरोधी सामग्री से बने डिब्बे में तैयार किया जाता है। कूड़ेदान को तिरपाल या पुराने मोटे कपड़े के टुकड़े से ढकना चाहिए। अतिरिक्त पानी निकालने के लिए इसके तल में बहुत सारे छोटे-छोटे छिद्र करने चाहिए।
2. कंपोस्ट डिब्बे में अपशिष्ट भरा होना चाहिए, जैसे- रसोई का कचरा, गिरे हुए पत्ते और उद्यान का अन्य कचरा या कोई भी जैविक कचरा। आप अपने विद्यालय में मध्याह्न भोजन से प्राप्त किसी भी अपशिष्ट का उपयोग कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त इसे घर या पास के ढाबे या रेस्तराँ से ला सकते हैं। कचरे की इन परतों को वर्मीबेड (बेडिंग मटेरियल) कहा जाता है।
3. अब वर्मी बेड को नम करने के लिए पानी डालिए। यह शिक्षक के निर्देशानुसार कीजिए।
4. लाल केंचुएँ (आइसेनिया फेटिडा) को वर्मीबेड के ऊपर डाला जाना चाहिए जिससे वह उसमें बिल बना सके (चित्र 1.7 क)। आप खेत या नर्सरी से केंचुएँ प्राप्त कर सकते हैं।

चित्र 1.7 क- वर्मीकंपोस्ट तैयार करने के लिए केंचुए

चित्र 1.7 ख - बच्चे हुए भ हुए भोजन के अवशेषों का उपयोग कर तैयार किया गया वर्मीकंपोस्ट
5. कंपोस्ट डिब्बे में केंचुओं को रसोई अपशिष्ट पदार्थ (जैसे- फलों और सब्जियों के छिलके, कॉफी के अवशेष, अंडे के छिलके और गैर-चिकनाई वाले खाद्य अपशिष्ट) खिलाने चाहिए। मांस, डेयरी या तैलीय खाद्य पदार्थ और खट्टे फल डालने से बचिए, क्योंकि वे कीटों को आकर्षित कर सकते हैं या अपशिष्ट पदार्थों में उत्पन्न कृमि को नुकसान पहुँचा सकते हैं।
6. क्यारी पर आवश्यकतानुसार पानी का छिड़काव कर उसे नम रखा जाना चाहिए, लेकिन जल-भराव नहीं होना चाहिए। नमी बनाए रखने और कीटों को रोकने के लिए इसे ढक्कन से ढकना चाहिए।
7. जब वर्मी कंपोस्ट काला, भुरभुरा और मिट्टी जैसा हो जाए तो उसे डिब्बे के नीचे से निकाला जा सकता है, जो कि सामान्यतः कुछ ही महीनों में तैयार हो जाता है।
यदि केंचुएँ उपलब्ध नहीं हैं, तो आप वर्मीकंपोस्टिंग से थोड़ी अलग प्रक्रिया का उपयोग करके खाद बना सकते हैं।
आप इंटरनेट पर 'ठोस अपशिष्ट से वर्मीकंपोस्टिंग' लिखकर खाद बनाने की प्रक्रिया खोज सकते हैं।
निम्नलिखित प्रश्न आपके अधिगम की जाँच करने में सहायता करेंगे-
1. वर्मीकंपोस्ट बनाने के लिए आपने किन सामग्रियों का उपयोग किया?
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2. आपने कूड़ेदान में किस प्रकार के खाद्य अवशेष डालें?
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3. समय के साथ आपने कंपोस्ट डिब्बे में क्या परिवर्तन देखें?
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गतिविधि 4- रोपण के लिए रसोई उद्यान तैयार करना
मिट्टी की तैयारी में किसी भी प्रकार के मलबे, कंकड़-पत्थर या अवांछित पौधों को साफ करना अत्यंत आवश्यक है। यह पौधों के विकास में बाधा बन सकते हैं। इसके साथ ही इस चरण में सुनिश्चित करना है कि आपके पौधों की वृद्धि के लिए उन्हें पर्याप्त पोषण और उचित वातावरण मिले (चित्र 1.8)।

चित्र 1.8- रसोई उद्यान (किचन गार्डन) के लिए पौधों की क्यारियाँ (बाएँ) और गमले (दाएँ)
बीज बोने या पौधारोपण से पहले पौधों की क्यारियों या गमलों की मिट्टी तैयार की जानी चाहिए। आपको शिक्षक के निर्देशानुसार मिट्टी में खाद मिलाना होगा।
निम्नलिखित प्रश्न अधिगम जाँच करने में सहायता करेंगे-
1. आपने रोपण के लिए मिट्टी कैसे तैयार की?
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2. क्या आपने जैविक खाद का उपयोग किया? यदि हाँ, तो आपने मिट्टी में जैव खाद मिलाने के लिए किस अनुपात का उपयोग किया?
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गतिविधि 5- बीज बोना और पौधे रोपना
आपने गतिविधि 2 में अपने रसोई उद्यान में उगाए जाने वाले पौधों का निर्णय पहले ही कर लिया है।
बीज बोने से पूर्व बीज के पैकेट पर दिए गए निर्देशों को पढ़िए, ताकि आप रोपण की अनुशंसित गहराई, दूरी और रोपण के उचित समय को समझ सकें। आप किसानों या बागवानों (माली) से, पिछली फसल से संरक्षित किए गए कृषि बीजों को लेकर उनका उपयोग भी कर सकते हैं। इस विषय में उनसे मार्गदर्शन अवश्य लीजिए।
यदि आप पौधे रोप रहे हैं, तो संबंधित विशिष्ट देखभाल निर्देशों के लिए उनके साथ मिले लेबल या टैग को पढ़िए। यदि लेबल उपलब्ध नहीं हैं, तो उस व्यक्ति से मार्गदर्शन लीजिए जिनसे आपने उन पौधों को प्राप्त किया है।
1. बीज बोना
नीचे दिए गए क्रम के अनुसार बीज बोइए-
(क) बीज बोने के लिए सुझाए गए अंतराल के अनुसार मिट्टी में छोटे-छोटे छेद बनाइए। यदि आप गमलों में रसोई उद्यान बना रहे हैं, तो आपके लिए यह जानना आवश्यक है कि प्रत्येक गमले में कितने बीज या पौधे लगाने हैं। प्रत्येक गमले में लगाए जाने वाले बीज या पौधों की संख्या कुछ कारकों द्वारा तय की जाती है, जिसमें पौधे का प्रकार, गमले का आकार और पौधे की वृद्धि सम्मिलित है।

चित्र 1.9- खाँचों में बीज बोना
(ख) बीज को आपके द्वारा बनाए गए छेदों में डालें। यदि बीज बहुत छोटे हैं, तो उन्हें मिट्टी की सतह पर समान रूप से छिड़किए (चित्र 1.9 देखें)।
(ग) अनुशंसित रोपण गहराई का पालन करते हुए, बीजों को हल्के से मिट्टी से ढक दीजिए।
(घ) बीज और मिट्टी के बीच अच्छा संपर्क सुनिश्चित करने के लिए मिट्टी को हल्के से दबाइए।
2. पौधारोपण
यदि आप पौधारोपण कर रहे हैं तो नीचे दिए गए चरणों का पालन कीजिए-
(क) तैयार मिट्टी में गड्ढे खोदिए। गड्ढे जड़ों की लंबाई से बड़े होने चाहिए।
(ख) पौधों को उनके कंटेनर से सावधानीपूर्वक निकालिए, ध्यान रखिए कि जड़ों को नुकसान न पहुँचे।
(ग) प्रत्येक पौधे को तैयार गड्ढे में रखिए। पौधे के चारों ओर की मिट्टी का स्तर उसके मूल डिब्बे में मिट्टी के स्तर से मेल खाना चाहिए।
(घ) गड्ढों को धीरे से मिट्टी से भरें, पौधे को उसके स्थान पर सुरक्षित रखने के लिए प्रत्येक पौधे के आधार के चारों ओर हल्के से दबाइए।

चित्र 1.10- पौधे से पौधे के बीच की दूरी के साथ मिट्टी की सतह
स्थायी मार्कर की सहायता से सूचक-पत्र (लेबल) पर पौधे का नाम और बुवाई की तारीख लिखिए। ये सूचक-पत्र पुराने प्लास्टिक बैग से बनाए जा सकते हैं जिन्हें अनुपयोगी कार्डबोर्ड या चार्ट पेपर पर चिपकाया जा सकता है। उद्यान की प्रत्येक पंक्ति या खंड या प्रत्येक गमले में सूचक-पत्र को शुरुआत में रखिए ताकि यह पता चल सके कि उन्हें कब लगाया गया था। इससे आप पौधों की वृद्धि पर आसानी से ध्यान रख पाएँगे।
अपने अधिगम जाँच के लिए निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
1. आपने प्रत्येक प्रकार के बीज को कितनी गहराई में बोया? आपके द्वारा एकत्र की गई जानकारी को तालिका 1.1 में लिखिए।
तालिका 1.1- बीज बोने की गहराई का विवरण
| क्र.सं. | पौधे का नाम | बीज बोने की गहराई (सेंटीमीटर) |
|---|---|---|
| 1. | ||
| 2. | ||
| 3. | ||
| 4. |
2. आपने एक पौधे से दूसरे पौधे के बीच कितनी जगह छोड़ी? आपके द्वारा एकत्रित की गई जानकारी को तालिका 1.2 में लिखिए।
तालिका 1.2- पौधे से पौधे के बीच का विवरण संरक्षित करना
| क्र.सं. | पौधे का नाम | पौधे से पौधे के बीच की दूरी (सेंटीमीटर) |
|---|---|---|
| 1. | ||
| 2. | ||
| 3. | ||
| 4. |
3. क्या आपके द्वारा उगाए गए सभी पौधों के लिए पौधों से पौधे के बीच की दूरी समान थी?
हाँ / नहीं
गतिविधि 6- पौधों की देखभाल करना
पौधों को वृद्धि के लिए पोषक तत्व, पानी, सूरज की रोशनी और उचित देखभाल की आवश्यकता होती है, ताकि वे पनप सकें। इसके साथ ही, पौधे कोमल होते हैं और उन्हें जानवरों, कीटों, बीमारियों या उनके लिए प्रतिकूल मौसम के कारण होने वाले नुकसान से भी सुरक्षित रखना चाहिए।
पौधों की सामान्य सुरक्षा में बाड़ बनाना, साथ में पौधे लगाना, साफ-सफाई, निराई-गुड़ाई, हवा से सुरक्षा तथा कीटों और बीमारियों से बचाव के लिए जैविक कीटनाशकों का उपयोग सम्मिलित है।
1. बाड़ बनाना
आपको पौधों को जानवरों और उन लोगों से सुरक्षित रखना होगा जो उन पर पैर रख सकते हैं। आप अपने रसोई उद्यान के चारों ओर बाड़ बनाकर ऐसा सुनिश्चित कर सकते हैं।
(क) बाड़ को बाँस या स्थानीय रूप से उपलब्ध सामग्री का उपयोग करके बनाया जा सकता है।
(ख) उस क्षेत्र की लंबाई-चौड़ाई को मापिए जिसमें बाड़ लगाने की आवश्यकता है।
(ग) क्षेत्र का एक रेखाचित्र बनाइए और तय कीजिए कि बाड़ कहाँ लगाई जानी है।
(घ) स्थानीय रूप से उपलब्ध सामग्री, जैसे- बाँस, पुराने पाइप या पुरानी लकड़ी की छड़ियों को 'डंडे' के रूप में उपयोग करने के लिए एकत्र कीजिए और डंडों को बाँधने एवं बाड़ बनाने के लिए मजबूत रस्सी का उपयोग कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न आपको आवश्यक सामग्री की मात्रा तय करने में सहायता करेंगे-
1. बाड़ लगाने के लिए आप कौन-सी सामग्री का उपयोग करेंगे?
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2. बाड़ लगाने के लिए आपको कितने डंडों और कितनी लंबी रस्सी की आवश्यकता होगी?
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2. पौधों की देखभाल और रख-रखाव के चरण
(क) पौधों और लताओं को सहारा देने के लिए डंडे का उपयोग कीजिए- पौधों को सहारा और स्थिरता प्रदान करने के लिए डंडे का उपयोग करना चाहिए, विशेष रूप से लंबे या कमजोर तने वाले पौधों के लिए जो ऊपर से भारी हो जाते हैं और गिर सकते हैं (चित्र 1.11)। टमाटर, खीरे, मटर और सेम के पौधों को सहारा देने के लिए डंडे की आवश्यकता होती है। सबसे पहले, आपको डंडों की आवश्यकता होगी, जिसके लिए आप बाँस, एक पतली पुरानी शाखा जो पेड़ से गिर गई हो या एक पुरानी धातु या प्लास्टिक पाइप का उपयोग कर सकते हैं। डंडे की ऊँचाई और मोटाई पौधे की लंबाई और वजन के अनुसार तय की जानी चाहिए। इसके बाद, रस्सी का उपयोग करते हुए पौधे को डंडों से बाँधिए।

चित्र 1.11- पौधे को सहारा देना
(ख) पौधों को पानी देना- पौधों को नियमित रूप से पानी देना आवश्यक है। यह सुनिश्चित कीजिए कि मिट्टी लगातार नम रहे लेकिन उसमें जल भराव न हो, क्योंकि अधिक पानी देना पौधों के लिए हानिकारक होता है। तय कीजिए कि पौधों को पानी कैसे दिया जाएगा। आप पानी देने के लिए एक मग और बाल्टी, पानी देने का कैन या पाइप आदि का उपयोग कर सकते हैं (चित्र 1.12 देखें)। विशेषकर सूखे के दौरान पौधों को पर्याप्त पानी मिले, यह सुनिश्चित करने के लिए एक समयसारणी विकसित कीजिए। नए पौधों को अधिक बार पानी देने की आवश्यकता होती है। वाष्पीकरण के कारण पौधों में पानी की कमी को कम करने के लिए उन्हें प्रातःकाल या दोपहर के बाद पानी देना चाहिए। पौधों को पानी देने से पहले नीचे दिए गए प्रश्नों का उत्तर दीजिए क्योंकि इससे आपको पौधों को आवश्यकता के अनुसार पानी देने में सहायता मिलेगी।

चित्र 1.12- नए बोए गए पौधों की क्यारियों में पानी देना
1. आपको कैसे पता चलता है कि पौधे को पानी की आवश्यकता है?
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2. आपको अपने पौधों को कितनी बार पानी देने की आवश्यकता है?
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3. पौधों को पानी देने का सबसे अच्छा समय क्या है?
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4. कौन-से कारक पानी देने की मात्रा और आवृत्ति को प्रभावित करते हैं?
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(ग) पानी देने के बाद मल्चिंग तकनीक का प्रयोग करें- नमी बनाए रखने, खरपतवारों को रोकने और मिट्टी का तापमान स्थिर बनाए रखने के लिए अपने पौधों के चारों ओर पुआल, लकड़ी की कतरन या कटे हुए पत्ते की परत लगाइए।
(घ) उद्यान की निगरानी और कीटों से बचाव के लिए जैविक कीटनाशकों का प्रयोग करना- जैविक कीटनाशक तैयार करने के लिए नीम का तेल, लहसुन, मिर्च, और साबुन जैसे अवयवों का उपयोग कीजिए। आवश्यकतानुसार प्राकृतिक कीटनाशक का प्रयोग कीजिए साथ ही निदेर्शों का ध्यानपूर्वक पालन कीजिए ताकि पौधों के लिए लाभकारी कीटों, पक्षियों और जानवरों को न्यूनतम क्षति पहुँचे।
क्या आप जानते हैं?
नीम आधारित कीटनाशक एक जैविक कीटनाशक है जिसका उपयोग कृषि फसलों में कैटरपिलर, टिड्डे, सफेद मक्खी और एफिड्स को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है।
आप आगे दिए गए चरणों का पालन करके जैविक कीटनाशक बना सकते हैं-
1. 500 ग्राम नीम की पत्तियाँ लीजिए (यदि संभव हो तो, आप स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र या कृषि अनुसंधान केंद्र के विशेषज्ञ से किसी अन्य कड़वे पौधे की पत्तियाँ लेने के बारे में जानकारी ले सकते हैं), पत्तियों को अच्छे से धो लीजिए और उसके बाद उनको छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ लीजिए। पत्तियों को तोड़ते समय आपको अच्छी सुगंध का अनुभव होगा।
2. तोड़ी हुई नीम की पत्तियों को 5 लीटर पानी में मिला लीजिए।
3. मिश्रण को एक जेरी कैन या बड़े आकार की बोतल में डालिए और लगभग 14 दिनों के लिए छोड़ दीजिए।
4. एक छलनी का उपयोग करके तरल से अनावश्यक ठोस पदार्थों को अलग कीजिए।
5. आप इस कीटनाशक को स्प्रे बोतल में भरकर पौधों पर छिड़काव कर सकते हैं।

चित्र 1.13- हँड कल्टीवेटर का उपयोग करके पौधे की क्यारी से खरपतवार निकालना
(ड.) खरपतवार हटाना- नियमित रूप से खरपतवारों की जाँच कीजिए और जैसे ही वे दिखाई दें उन्हें हटा दीजिए (चित्र 1.13)। यदि आपके पास निराई-गुड़ाई के लिए हैंड कल्टीवेटर है तो उसका उपयोग करना अच्छा है। यदि हैंड कल्टीवेटर उपलब्ध नहीं है तो आप अपने शिक्षक से अन्य विकल्प पूछ सकते हैं।
अपने उद्यान को सजाइए
आपके उद्यान में उगने वाले पौधे पंक्तिबद्ध, उचित लेआउट और सजावट के साथ सुंदर दिखने चाहिए। उन तरीकों के बारे में सोचिए जिनसे आप अपने उद्यान को सुंदर और व्यवस्थित बना सकते हैं साथ ही उन तरीकों पर कार्य कर सकते हैं।
अपने रसोई उद्यान को सजाने के लिए आप निम्नलिखित कार्य कर सकते हैं-
1. फूलों की क्यारियों या गमलों को सुंदर दिखाने के लिए पत्थरों का प्रयोग कीजिए। आप इन पत्थरों को आकर्षक रंगों से रंग सकते हैं।
2. सजावटी वस्तुएँ बनाइए जिन्हें उद्यान से बाहर रखा जा सके, जैसे- चित्रित मिट्टी के बर्तन, पत्थरों पर बनाई गई पेंटिंग या विद्यालय के आस-पास रखी पुरानी वस्तुओं का उपयोग करके 'मूर्तियाँ' आदि बनाइए।
3. उद्यान को पक्षियों से सुरक्षित रखने के लिए आप बिजूका भी बना सकते हैं।
श्री नेक चंद द्वारा केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में अपशिष्ट पदार्थों का उपयोग करके रॉक गार्डन नामक एक सुंदर उद्यान बनाया गया था। आप इससे प्रेरणा लेकर भी अपशिष्ट पदार्थों का उपयोग कर सकते हैं।
गतिविधि 7- पौधों की वृद्धि का अवलोकन

चित्र 1.14 पौधों की वृद्धि का अवलोकन
पौधों की वृद्धि का अवलोकन उनके विकास और आवश्यकताओं को समझने में सहायक हो सकता है। अपने रसोई उद्यान में पौधों की वृद्धि पर ध्यान रखिए (चित्र 1.14)। पौधों की लंबाई में परिवर्तन का निरीक्षण कीजिए और अवलोकन को लिखिए, जैसे- पत्तियों के रंग में परिवर्तन, फूलों की उपस्थिति और कीटों द्वारा किया गया नुकसान, आदि। आप एक डायरी रख सकते हैं जिसमें आप अपने अवलोकन को अंकित कर सकते हैं। अपने अवलोकन को लिखने के लिए तालिका 1.3 का उपयोग कीजिए।
तालिका 1.3- रसोई उद्यान में उगाए गए पौधों का अवलोकन
| अवलोकन तिथि | अवलोकन (अंकुरों के उभरने, पौधों की लंबाई, कीटों, पत्तियों के रंग में परिवर्तन, फूल, आदि का विवरण) |
|---|---|
| सप्ताह 1 (तिथि) | |
| सप्ताह 2 (तिथि) | |
| सप्ताह 3 (तिथि) |
| सप्ताह 1/माह 1 |
| सप्ताह 2/माह 2 |
गतिविधि 8- फसल की कटाई

चित्र 1.15 अपने श्रम की उपज का आनंद लीजिए
उपभोग के लिए तैयार होने पर फसल की कटाई कीजिए (चित्र 1.15) और उसे गुणवत्ता और आकार के आधार पर वर्गीकृत कीजिए। आपको अपने शिक्षक से फसल की कटाई की विधि के विषय में अवश्य पूछना चाहिए। उदाहरण के लिए, साग और पालक जैसी हरी पत्तेदार सब्जियों के लिए, बारम्बार कटाई (मल्टीपल कटिंग) का उपयोग कीजिए। बाहर की पत्तियों की कटाई कीजिए जबकि अंदर की पत्तियों को बढ़ने दीजिए। गाजर और मूली जैसी जड़ वाली सब्जियों के लिए पौधे की सतह के आस-पास की मिट्टी को नरम रखिए और उन्हें हाथ या फावड़े की सहायता से बाहर निकालिए। टमाटर, बैंगन (चित्र 1.16 देखिए) और काली मिर्च जैसी फसल को बेल से काटने के लिए बागवानी में उपयोग की जाने वाली कैंची का इस्तेमाल कीजिए। ऐसी फसलों को बेल से अलग करने के लिए काटिए साथ ही छोटे तनों को लगे रहने दीजिए। किसी भी मलबे, बाहरी पदार्थ या क्षतिग्रस्त उत्पाद को हटा दीजिए ताकि केवल उच्च गुणवत्ता वाली उपज ही शेष रहे।

चित्र 1.16- (क) बैंगन का पौधा और (ख) उगाए गए बैंगन
निम्नलिखित प्रश्न आपके अधिगम की जाँच करने में सहायता करेंगे-
1. आपने कौन-सी फसल काटी?
(क) ![]()
(ख) ![]()
(ग) ![]()
2. आपको कैसे पता चला कि फसल कटाई के लिए तैयार थी?
(क) ![]()
(ख) ![]()
(ग) ![]()
3. पौधों की कटाई के लिए आपने किन उपकरणों का उपयोग किया?
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4. कटाई के दौरान पौधों को नुकसान से बचाने के लिए आपने क्या सावधानियाँ बरतीं?
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5. रसोई उद्यान से कटाई के बाद आपने उपज का क्या किया?
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गतिविधि 9- सब्जी मंडी का भ्रमण
स्थानीय सब्जी बाजार में जाइए वहाँ सब्जियों और फलों का निरीक्षण कीजिए। विभिन्न सब्जियों और फलों के मूल्यों को लिखिए। अपने अवलोकन के आधार पर आपके द्वारा उगाई गई सब्जियों की मूल्य सूची (तालिका 1.4 देखें) तैयार कीजिए।
तालिका 1.4- बाजार में सब्जी उपज की मूल्य सूची
| सब्जी का नाम | कीमत (₹) | सब्जी का नाम | कीमत(₹) |
|---|---|---|---|
| 1. | 5. | ||
| 2. | 6. | ||
| 3. | 7. | ||
| 4. | 8. |
गतिविधि 10- मूल्य निर्धारित करना
आप अपने रसोई उद्यान से प्राप्त उपज को मध्याह्न भोजन के लिए विद्यालय की रसोई में दे सकते हैं या उस पर अपने शिक्षक और साथियों के साथ चर्चा कर सकते हैं कि इसका क्या उपयोग किया जा सकता है। रसोई उद्यान से प्राप्त उपज की कीमत का अनुमान लगाने के लिए आपको कई कारकों पर विचार करना होगा, जैसे- बीज या अंकुर का मूल्य, मृदा सुधार का मूल्य, उपकरणों का मूल्य, लेबल का मूल्य आदि। यदि आप उपज बेचने की योजना बनाते हैं, तो उसके लिए क्या प्रक्रिया अपनाई जाएगी? आप अपनी उपज की प्रत्येक वस्तु के लिए एक मूल्य निर्धारित कर सकते हैं। आप अपने साथियों और शिक्षक के साथ चर्चा कीजिए कि उपज के लिए मूल्य का निर्धारण करते समय किन विशेष बातों का ध्यान रखा जा सकता है।
तालिका 1.5 में जानकारी लिखने के बाद मूल्य की गणना कैसे की जाए, यह जानने के लिए यहाँ एक सरल विधि प्रस्तुत की गई है।
तालिका 1.5- रसोई उद्यान की उपज का अनुमानित मूल्य
| आपने क्या उगाया? (1) |
बीज/पौधे और अन्य सामग्री पर कितना पैसा खर्च किया? (2) |
आपने कितनी मात्रा में फसल उपज की कटाई (संख्या या वजन के अनुसार) की है? (3) |
उपज का बाजार मूल्य क्या है? (4) |
आपको अपनी फसल उपज के लिए कितना पैसा मिलेगा? (5) |
|---|---|---|---|---|
क्या आप जानते हैं?
क्या आप जानते हैं कि पौधे बिना मिट्टी के भी उगाए जा सकते हैं? मनी प्लांट की एक टहनी लीजिए और इसे पानी से भरी एक पुरानी बोतल में रखिए। बोतल को तेज लेकिन अप्रत्यक्ष धूप (अर्थात् अधिक तापमान वाले स्थान पर) में रखिए। प्रत्येक सप्ताह पानी बदलना न भूलिए। यह करने के बाद देखिए कि मनी प्लांट की टहनी में क्या परिवर्तन होता है।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) युक्त कुशल रसोई उद्यान।
आप कृत्रिम बुद्धिमत्ता (ए.आई.) का उपयोग करके एक कुशल रसोई उद्यान का निर्माण कर सकते हैं। ए.आई. पौधों की पहचान करने, पौधों को पानी देने, पौधों की वृद्धि को अंकित करने, कीटों की पहचान करने, आदि में आपकी सहायता करता है।
(क) ए.आई. का उपयोग करके योजना बनाना और विकसित करना
1. उपयुक्त सब्जियों और शाक की खोज कीजिए और जानिए कि उन्हें कब लगाया जाना चाहिए। मोबाइल फोन पर ए.आई.ऐप्स. आपके स्थान के अनुसार पौधों का सुझाव देते हैं।
2. सूरज की रोशनी और पौधों के मध्य की दूरी की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, उद्यान क्यारियों के लेआउट या गमलों के स्थान की योजना बनाइए। कुछ पौधे सुव्यवस्थित ढंग से विकसित होते हैं जब वे अन्य पौधों से घिरे होते हैं। इसके विपरीत कुछ पौधों को विकसित होने के लिए अधिक जगह की आवश्यकता होती है।
(ख) रसोई उद्यान बनाना
1. उभरी हुई क्यारियों या गमलों को उचित मात्रा में मिट्टी से भरिए और सुनिश्चित कीजिए कि अतिरिक्त पानी जमा न हो।
2. आवश्यक दूरी और गहराई के दिशानिर्देशों का ध्यान रखते हुए बीज या पौधे रोपिए।
3. सुगमतापूर्वक पहचान के लिए प्रत्येक पौधे पर उसका नाम और रोपण तिथि लिखिए। आप सूचक पत्र (लेबल) का प्रिंट आउट भी ले सकते हैं और सूचक पत्र पर पौधे का चित्र भी चिपका सकते हैं।
(ग) कुशल देखभाल और निरीक्षण
उपयुक्त उद्यान प्रबंधन ऐप या उद्यान वृद्धि अभिलेख ऐप ढूंढ़िए। पौधों का नियमित रूप से निरीक्षण कीजिए। पौधों की प्रगति का अवलोकन करने, कीटों या बीमारियों जैसे संभावित मुद्दों की पहचान करने के लिए ऐप का उपयोग कीजिए।
1. किसी भी अपरिचित पौधे को पहचानने के लिए छवि पहचान (इमेज रिकग्निशन) ऐप का उपयोग कीजिए। ये खरपतवार या पिछले मौसम के बचे हुए बीजों से उगने वाले पौधे भी हो सकते हैं।
2. ए.आई. ऐप सुझावों और अतिरिक्त इंटरनेट खोजों के आधार पर पानी देने की सही समय-सारणी, खाद डालने और कीटों का शीघ्र पता लगाने, आदि की जानकारी प्राप्त कर उन्हें क्रियान्वित कीजिए।
3. पौधों की वृद्धि और अन्य संबंधित पहलुओं का अवलोकन कीजिए और अपनी रुचियों के अनुसार दस्तावेज तैयार कीजिए। इस तरह आप अपने अधिगम भ्रमण का विवरण रख सकते हैं।
जियोटैगिंग, जो विभिन्न प्रकार के मीडिया जैसे फोटो, वीडियो, वेबसाइट या सोशल मीडिया पोस्ट में भौगोलिक जानकारी जोड़ने की प्रक्रिया है, आपके रसोई उद्यान के लिए भी उपयोगी हो सकती है। आप अपने उद्यान को जियोटैग करने के लिए डिजिटल तकनीकों का उपयोग कर सकते हैं (चाहे वह गमलों में या किसी अन्य रूप में हो)।
मैंने दूसरों से क्या सीखा?
गतिविधि कार्य के दौरान तीन ऐसी महत्वपूर्ण बातें लिखिए जो आपने दूसरों से सीखी हैं (वे रसोई उद्यान बनाने, पौधों की देखभाल करने या दूसरों के साथ काम करने से संबंधित भी हो सकती हैं)।
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मैंने क्या कार्य किया और इसमें कितना समय लगा?
यह समझना महत्वपूर्ण है कि किसी गतिविधि को पूरा करने में कितना समय लगता है।
प्रत्येक गतिविधि को क्रियान्वित करने में आपने कितना समय व्यतीत किया, इसका आकलन अवश्य कीजिए। इसे नीचे दी गई समय रेखा पर चिह्नित कीजिए। यदि आपने पुस्तिका में सुझाई गई गतिविधियों में अधिक समय लिया है, तो संख्या और अतिरिक्त समय जोड़िए।

मैं और क्या कर सकता/सकती हूँ?
1. अपने घर पर एक गमला उद्यान की रचना कीजिए। अपने शिक्षक के साथ चर्चा कीजिए कि इसके लिए आपको किन सामग्रियों की आवश्यकता होगी ताकि आप योजना को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित कर सकें।
2. आपके द्वारा उगाए गए पौधों के वैज्ञानिक नाम पता कीजिए।
3. अपने रसोई उद्यान को जियो-टैग कीजिए और इसमें देशांतर और अक्षांश निर्देशांक सम्मिलित कीजिए।
सोचिए और जवाब दीजिए
1. आपको क्या करने में आनंद आया?
2. गतिविधियों के दौरान आपको किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा?
3. आप अगली बार क्या नया या अलग करेंगे?
4. वे कौन-सी स्थितियाँ थीं जिनसे आपके पौधों की वृद्धि में सहायता प्राप्त हुई। यदि आपके पौधे अच्छी प्रकार से विकसित नहीं हुए तो आपको अगली बार क्या-क्या करना चाहिए?
5. परियोजना से संबंधित कौन-सी नौकरियाँ हैं? अपने आस-पास देखिए, लोगों से बात कीजिए और अपना उत्तर लिखिए। आपके द्वारा क्रियान्वित की गई गतिविधियों से संबंधित नौकरियों के कुछ उदाहरण हैं- किसान, माली, कृषि वैज्ञानिक, कृषि उपकरण (ट्रैक्टर और हार्वेस्टर) मैकेनिक।














