
परियोजना 2
जैव विविधता विवरणिका
यह परियोजना आपको आस-पास के परिवेश में सजीव वस्तुओं के बीच जैव विविधता के बारे में जानने में सहायता करेगी (चित्र 2.1)। आप अपने अवलोकनों और एकत्र की गई जानकारी के आधार पर एक जैव विविधता विवरणिका बनाएँगे।
परियोजना कार्य करने के पश्चात आप निम्नलिखित कार्य करने में सक्षम होंगे -
| जैव विविधता विवरणिका के बारे में जानने में | जैव विविधता को अंकित करने के लिए स्थानों की पहचान करने में | जैव विविधता पर एक प्रस्तुतिकरण तैयार करने में | उन स्थानों की पहचान करने में जहाँ जैव विविधता को अंकित किया जा सके | जानकारी एकत्रित करने के लिए विभिन्न स्रोतों का उपयोग करने में |

जैव विविधता, जो सजीव वस्तुओं की विविधता को दर्शाती है, इसमें पृथ्वी पर जीव के रूप समाहित हैं। इसमें पौधे, जानवर, पक्षी, मछली, कीड़े और यहाँ तक कि सूक्ष्मजीव भी सम्मिलित हैं जो मिट्टी सहित हर जगह पाए जाते हैं (चित्र 2.1 देखिए)।
आपने विज्ञान में हमारे चारों ओर विद्यमान सजीव वस्तुओं की विविधता के विषय में अध्ययन किया होगा।
किसी क्षेत्र में सजीव वस्तुओं की विविधता का दस्तावेजीकरण करने के लिए जैव विविधता विवरणिका का उपयोग किया जाता है। विवरणिका में निवास स्थान के विषय में जानकारी सम्मिलित होती है। इसके साथ ही इसमें आस-पास का परिवेश, मिट्टी के प्रकार, सजीव वस्तुओं के वैज्ञानिक और स्थानीय नाम, जानवरों का भोजन, सजीव वस्तुएँ जो दूसरों को हानि पहुँचा सकती हैं और अन्य विभिन्न प्रकार की जानकारियाँ भी सम्मिलित होती हैं।
जैव विविधता का दस्तावेजीकरण करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। निर्माण या कृषि के लिए भूमि की सफाई या जलवायु परिवर्तन जैसे कारकों के कारण जीवों के आवासों में परिवर्तन होता है, जिससे कई प्रजातियाँ विलुप्त होने लगती है। इस परस्पर जुड़ाव या निर्भरता से तात्पर्य है कि किसी भी पौधे या प्रजाति की हानि पारिस्थितिकी तंत्र को प्रभावित करती है, जिसमें मानव भी सम्मिलित है।
जैव विविधता विवरणिका लोगों को उपयोगी जानकारी भी प्रदान करते हैं, जैसे फसलों और जानवरों से संबंधित स्थानीय ज्ञान, औषधीय गुण वाले पौधे, पौधों को प्रभावित करने वाले कीड़े, फसल बोने का सही समय, इत्यादि।
आप अपने आस-पास की जैव विविधता को व्यवस्थित ढंग से सूचीबद्ध कर अपनी 'लघु जैव विविधता विवरणिका' बना सकते हैं। यदि आपको कोई ऐसा पौधा, कीट, पक्षी या जानवर मिलता है जिसे आप नहीं पहचानते, तो आप निम्नलिखित से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं-
- शिक्षकों या बुजुर्गों या परिवार के सदस्यों या विशेषज्ञों से बात करके
- पुस्तकालय में पुस्तकें पढ़कर
- कंप्यूटर पर इंटरनेट की सहायता से
- मोबाइल फोन पर एप्लिकेशन का उपयोग करके।
जैव विविधता विवरणिका में प्रयुक्त शब्द
वैज्ञानिक नाम- सजीव वस्तुओं को दिया गया एक नाम जो सभी भाषाओं में समान होता है। विभिन्न भाषाओं में इनके नाम अलग-अलग होते हैं। एक वैज्ञानिक नाम यह सुनिश्चित करता है कि लोग, विशेषकर वैज्ञानिक जानते हैं कि वे एक ही सजीव वस्तु का उल्लेख कर रहे हैं।
विविधता- इससे तात्पर्य एक ही प्रकार के पौधों में भिन्नता से है। उदाहरण के तौर पर, आम की विभिन्न किस्में हैं, जैसे अल्फांसो, केसर, रत्नागिरी, तोतापुरी चौंसा, दशहरी, लंगड़ा, बंगनपल्ली, अनवर रतोल और पैरी।
फसल का मौसम- प्रत्येक फसल के लिए विशेष मौसम होता है, जिसमें वह फसल उगाई जाती है।
फल आने का मौसम - यह उस मौसम को संदर्भित करता है जब पेड़ पर फल लगने लगते हैं।
बीज या पौधों का स्रोत - इसका तात्पर्य यह है कि नए पौधे कहाँ से लाएं जाते हैं, जैसे बीज, अंकुर, कंद, तनों के भाग से या किसी अन्य विधि से।
प्रभावित फसल- जो फसल कीटों, रोगों, पत्तियों या फलों को खाने वाले कीटों, या किसी अन्य कारण से क्षतिग्रस्त हुई हों।
परपोषी- यह ऐसे पौधे या जानवर होते हैं, जो अपने भोजन के लिए अन्य पौधों या जानवरों पर निर्भर होते हैं। उदाहरण के लिए, कुत्ते पिस्सू (कीडों) का घर होते हैं, जो उनका खून चूसते हैं और कुछ पौधे कैटरपिलर को आश्रय प्रदान करते हैं, जो उनकी पत्तियों और फलों को खाकर बढ़ते हैं।
कीट- ये वे कीट, पक्षी या जानवर हैं जो पौधों के लिए हानिकारक हैं।
कीटनाशक- कीटनाशकों का उपयोग कीटों द्वारा परपोषी को होने वाली हानि को रोकने या नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। ये तरल, ठोस या गैस के रूप में हो सकते हैं।
खरपतवारनाशक- खरपतवारनाशकों का उपयोग खरपतवारों द्वारा पौधों को होने वाली हानि को रोकने या नियंत्रित करने के लिए किया जाता है।
जीआई टैग- भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग सरकार द्वारा दिया जाता है जो वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त है। पौधों के विषय में इसका अर्थ है कि पौधे एक विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्र में उगाए जाते हैं और उस क्षेत्र की सभी उपज उच्च मानक स्तर की होती है। उदाहरण के लिए, हमारे देश में चावल की कई किस्में हैं, जैसे- केरल का नवारा चावल, उत्तराखंड का बासमती और पश्चिम बंगाल का गोबिंद भोग चावल जीआई टैग वाले हैं। अन्य उदाहरण, महाराष्ट्र के जलगाँव के केले का है।
मैं क्या कर पाऊँगा/पाऊँगी?
परियोजना कार्य करने के पश्चात आप निम्नलिखित कार्य करने में सक्षम होंगे-
- अपने आस-पास देखी गई जैव विविधता का व्यवस्थित रूप विवरण तैयार कर सकेंगे।
- जैव विविधता से संबंधित जानकारी एकत्र करने के लिए विभिन्न तरीकों का उपयोग कर सकेंगे।
- अपने आस-पास की जैव विविधता के बारे में अपनी समझ को प्रस्तुत करने के लिए जानकारी का विश्लेषण कर सकेंगे।
मुझे किन वस्तुओं की आवश्यकता होगी?
इस परियोजना को पूरा करने के लिए आपको निम्नलिखित सामग्रियों की आवश्यकता होगी-
एक नोटबुक, कलम, पेंसिल, शार्पनर, रबर और मापने का पैमाना जैसे कि मीटर स्केल।
- पौधों या कीटों का विस्तृत विवरण देखने के लिए हाथ से प्रयोग होने वाले आवर्धक काँच या लेंस का उपयोग कर सकते हैं।
- कैमरा या स्मार्टफोन (जो अपने शिक्षक या माता-पिता/अभिभावकों से लिया गया हो) का उपयोग फोटोग्राफ लेने या वीडियो और ऑडियो की रिकॉर्डिंग करने के लिए किया जा सकता है। हालाँकि, आपको अपनी जैव विविधता विवरणिका में जो कुछ भी सम्मिलित करना है, उसका रेखाचित्र अवश्य बनाना चाहिए।
- सजीव वस्तुओं की पहचान के लिए आप एक स्मार्टफोन का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
मैं स्वयं और दूसरों को कैसे सुरक्षित रखूँ?
आपको निम्नलिखित सावधानियाँ बरतनी चाहिए:
- क्षेत्र भ्रमण के लिए जूते पहनिए।
- मच्छरों के काटने से बचने के लिए अपने हाथ और पैर ढक कर रखिए।
- जंगली पौधों, कीड़ों, पक्षियों और जानवरों को देखते समय सावधान रहिए।
- किसी भी जानवर, पक्षी या कीड़ों को परेशान मत कीजिए।
- किसी भी पौधे को नुकसान न पहुँचाएँ।
- कोई भी कूड़ा-कचरा पीछे न छोड़िए। यह सजीव वस्तुओं के लिए हानिकारक है।
आरंभ करने से पहले मुझे क्या जानने की आवश्यकता है?
गतिविधि 1- हमारे आस-पास क्या है?
अपने आस-पास देखिए और उन सजीव वस्तुओं का निरीक्षण कीजिए जिन्हें आप देख सकते हैं। आप पाएँगे कि प्रत्येक कीटों, मकड़ियों, गिलहरियों, पक्षियों और अन्य प्राणियों से भरा एक छोटा-सा जीव जगत है जो पौधों को अपना भोजन बनाते हैं और इनकी पत्तियों और शाखाओं के बीच आश्रय लेते हैं (चित्र 2.2)। आप इस तरह के अपने कुछ अवलोकनों और संबंधित सूचनाओं को अपने जैव विविधता विवरणिका में लिखिए।

चित्र 2.2- हमारे आस-पास सजीव वस्तुओं के अवलोकनों को लिखना
| सजीव वस्तुएँ या जीवित प्राणी | नाम (जितना संभव हो उतनी भाषाओं में नाम खोजने का प्रयास कीजिए) | स्थान (आप उन्हें कहाँ पाते हैं?) |
|---|---|---|
| कीटों | ||
| पक्षियों | ||
| जानवरों | ||
| कृमि |
आप अलग-अलग विशेषज्ञों को जैव विविधता के बारे में बात करने के लिए आमंत्रित कर सकते हैं, जैसे- वन अधिकारी या किसान। एक संरक्षणवादी, जो पौधों और जानवरों की सुरक्षा के लिए काम करता है, को भी जैव विविधता के विषय में व्याख्यान देने के लिए आमंत्रित किया जा सकता है। एक और व्यक्ति जिसे आप आमंत्रित कर सकते हैं वह है आयुर्वेदिक चिकित्सा का विशेषज्ञ, जैसे- एक वैद्य या आयुर्वेदाचार्य। यह व्यक्ति पारंपरिक आदिवासी चिकित्सा में पारंगत होता है, क्योंकि वे औषधीय जड़ी-बूटियों और अन्य संबंधित पौधों का उपयोग करते हैं।
आपको विशेषज्ञों से पूछने के लिए प्रश्न पहले से ही तैयार करने चाहिए। वैद्य या आयुर्वेदाचार्य से प्रश्न पूछने के कुछ उदाहरण निम्नलिखित हैं-
- हमें अपने क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के पौधे कहाँ मिल सकते हैं?
- हमें यह कैसे पता चलेगा कि उस क्षेत्र में उगने वाले पौधे लंबे समय से वहीं हैं (स्थानीय) या उन्हें अन्य स्थानों से लाया गया है?
- क्या ऐसे कोई पौधे हैं जो अब इस क्षेत्र में नहीं पाए जाते हैं?
- जैव विविधता को बढ़ावा देने के लिए हमें किस प्रकार के पौधे अधिक उगाने चाहिए?
- क्या कोई ऐसा पौधा है जिसे हमें नहीं उगाना चाहिए, क्योंकि यह जैव विविधता को हानि पहुँचाता है?
- हम अपनी जैव विविधता विवरणिका तैयार करना शुरू कर रहे हैं, इस संदर्भ में क्या आपके पास हमारे लिए कोई सुझाव है?
मुझे क्या करना है?
अब आप अपनी जैव विविधता विवरणिका बनाने के लिए तैयार हैं। आपको प्रारंभिक चरण में उन स्थानों की पहचान करनी है जहाँ आपको जाना है (आपको उन स्थानों पर एक से अधिक बार जाना होगा)। इसके साथ ही आपको अपनी यात्राओं के लिए एक योजना भी बनानी होगी। इस योजना के आधार पर आपको जैव विविधता विवरणिका में आँकडों या तथ्यों को अंकित करना होगा। इसके पश्चात अपने अवलोकनों के आधार पर एक प्रस्तुति बनानी होगी।
आप यह तय करें कि जैव विविधता का विवरण तैयार करने के लिए किन स्थानों पर जाएँगे। उदाहरण के लिए, विद्यालय के आस-पास का क्षेत्र, जल निकायों के आसपास, अपने घर के पास, खेतों या पार्कों या बगीचों या नर्सरी के आस-पास, किसी धार्मिक स्थान के पास और बाजार के निकट (चित्र 2.3)।

चित्र 2.3 (क)- तालाब

चित्र 2.3 (ख)- वन

चित्र 2.3 (ग)- खेत

चित्र 2.3 (घ)- उद्यान
चित्र 2.3- जैव विविधता के अवलोकन के स्थान तालाब, वन, खेत, उद्यान (चित्र में घड़ी की सुई की दिशा में दक्षिणावर्त)
यदि आप अपने अवलोकनों या आपके द्वारा एकत्र की गई जानकारी की जाँच करना चाहते हैं तो आपको शीघ्रता से उन क्षेत्रों तक पहुँचना चाहिए, ताकि आप समय से वापस आ सकें।
निम्नलिखित प्रश्न आपको अपने सर्वेक्षण को व्यवस्थित रूप से संचालित करने में सहायता करेंगे।
1. आपके आस-पास किस प्रकार के आवास मौजूद हैं (जैसे वन, आर्द्रभूमि, घास के मैदान, शहरी क्षेत्र)?
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2. क्या आपने कोई ऐसा क्षेत्र देखा है जहाँ अन्य क्षेत्रों की तुलना में अधिक पौधे उगते हैं? (हाँ या नहीं)
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3. आपने अपने आस-पास किस प्रकार के जीव (पक्षी, स्तनधारी, कीड़े आदि) देखे हैं?
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4. क्या कुछ क्षेत्रों में पौधों और जानवरों के संरक्षण के लिए कोई विशेष प्रयास किए जा रहे हैं? उदाहरण के लिए, कुछ प्रजातियों का संरक्षण या क्षेत्र में प्रवेश के लिए अनुमति प्राप्त करना जैसे कदम उठाएं जा रहे हैं।
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5. अब आप किन स्थानों पर जाने की योजना बना रहे हैं, उन्हें नीचे लिखिए।
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गतिविधि 4- जैव विविधता अवलोकन के लिए भ्रमण का समय निर्धारित करना
- स्थानीय विशेषज्ञों, जीवविज्ञानियों, संरक्षणवादियों और अन्य लोगों से इस विषय में सलाह लीजिए।
- अपने आप को समूहों में विभाजित कीजिए। प्रत्येक समूह में अधिकतम पाँच विद्यार्थी हों।
- शैक्षिणक वर्ष के अलग-अलग समय पर पहचाने गए क्षेत्रों का भ्रमण करने की योजना बनाइए, ताकि आप देख सकें कि विभिन्न मौसम परिदृश्यों के दौरान कोई परिवर्तन होता है या नहीं।
भ्रमण पर जाने के लिए एक समय-सारणी बनाइए और इसे नीचे दी गई तालिका 2.2 में अंकित कीजिए-
तालिका 2.2- जैव विविधता विवरणिका के लिए भ्रमण पर जाने की समय-सारणी
1.
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- आवश्यक उपकरणों और सामग्रियों, जैसे दूरबीन, आवर्धक काँच, कैमरे, क्षेत्र पथ प्रदर्शक (फील्ड गाइड), नोटबुक, आदि भी साथ ले जाइए। पौधों, कीटों, पक्षियों और अन्य सजीव वस्तुओं का अवलोकन कीजिए।
- पहचाने गए स्थानों पर जाएँ और उनका अन्वेषण कीजिए।
जिन स्थानों पर आप गए हैं उसके आधार पर अपने अवलोकनों और चर्चाओं पर अपनी प्रतिक्रियाएँ तालिका 2.3 से 2.7 में अंकित कीजिए। जैव विविधता विवरणिका में कई पंक्तियाँ और स्तंभ (कॉलम) होते हैं (तालिका 2.3 से 2.7 देखिए)। यथासंभव अधिक से अधिक अंकित करने का प्रयास कीजिए। आप अपने शिक्षक और साथियों के साथ चर्चा में अन्य प्रकार की जानकारी से संबंधित अधिक पंक्तियाँ भी जोड़ सकते हैं। आप अपने आस-पास रहने वाली सजीव वस्तुओं से संबंधित नई तालिकाएँ भी बना सकते हैं- उदाहरण के लिए, यदि आप एक बड़े शहर में रहते हैं, तो कॉलोनी के बगीचे में फूलों और फलों के पेड़ों की खोज कीजिए (चित्र 2.4 और 2.5)|


अपने अवलोकनों को लिखते समय आपको यह करना चाहिए-
1. अपने अवलोकनों को एक दूसरे के साथ साझा करें क्योंकि यह भी संभव है कि जब आप पहली बार किसी स्थान पर गए हों तो आप कुछ भूल गए हों, लेकिन आपके मित्र के साथ ऐसा नहीं हुआ हो। ऐसी स्थिति में आप हमेशा जाँच करने के लिए वापस भी जा सकते हैं।
2. प्रत्येक बार जब आप किसी स्थान पर जाएँ तो अन्य नई जानकारी को अवश्य लिखिए।
3. उन कीटों, कृमि, पक्षियों, पौधों और जानवरों, आदि जो भी आपके लिए नए हों या उनके विषय में नहीं जानते हों, के रेखाचित्र बनाने या उनके चित्र लेने की कोशिश कीजिए। इससे आपको बाद में उन्हें दूसरों को दिखाने या पहचान के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (ए.आई.) टूल का उपयोग करके पहचानने में सहायता प्राप्त होगी।
यदि आपको अभी भी लगता है कि आपको तालिका के किसी विशिष्ट भाग के लिए कोई जानकारी नहीं मिल रही है, तो उसे रिक्त छोड़ने का निर्णय लेने से पहले अपने शिक्षक से बात कीजिए। अब आप जैव विविधता विवरणिका बनाने के लिए तैयार हैं।
I. खेत के पौधों में जैव विविधता का अवलोकन
1. अवलोकन की तिथि
2. स्थान
3. आवास प्रकार
4. मौसम की स्थिति
5. टिप्पणियाँ
तालिका 2.3- फसल पौधों का विवरण
| क्र.सं. | विवरण | 1 (उदाहरण) | 2 | 3 | 4 | 5 |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1. | फसल का नाम | प्याज | ||||
| 2. | स्थानीय नाम | मराठी में कांदा, तमिल में वेंगयम, हिंदी में प्याज | ||||
| 3. | वैज्ञानिक नाम | एलियम सेपा |
||||
| 4. | किस्म का नाम | पचगंगा |
||||
| 5. | रोपण विधि | प्रत्यक्ष बीजारोपण या कंद या रोपण |
||||
| 6. | विशिष्ट गुण, जैसे फसल और कटाई का मौसम | प्याज को अलग-अलग मौसम में लगाया और काटा जा सकता है। |
||||
| 7. | उपयोग | कच्चा या पकाने के बाद खाया जाता है। |
||||
| 8. | "स्केच" या छायाचित्र |
II. फलदार पौधों में जैव विविधता का अवलोकन
1. अवलोकन की तिथि
2. स्थान
3. आवास प्रकार
4. मौसम की स्थिति
5. टिप्पणियाँ
तालिका 2.4- फलदार पौधों का विवरण
| क्र.सं. | विवरण | 1 (उदाहरण) | 2 | 3 | 4 | 5 |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1. | पौधे का नाम | आम | ||||
| 2. | स्थानीय नाम | आम (अंबा) | ||||
| 3. | वैज्ञानिक नाम | मैंगीफेरा इंडिका |
||||
| 4. | किस्म का नाम | अलफांसो |
||||
| 5. | रोपण विधि | ग्राफ्टिंग या बीजारोपण |
||||
| 6. | विशिष्ट गुण, जैसे फसल और कटाई का मौसम और सुगंध | फल आने का मौसम गर्मी। विशिष्ट तीव्र और सुखद सुगंधा |
||||
| 7. | उपयोग | कच्चा या फलों का गूदा या जूस बनाकर उपयोग किया जाता है। |
||||
| 8. | "स्केच" या छायाचित्र |
ध्यान दीजिए अल्फांसो आम को भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग दिया गया है जो महाराष्ट्र के विशिष्ट क्षेत्रों, विशेषकर रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग से उनकी उत्पत्ति को प्रमाणित करता है।
III. पशुओं के चारे (फाडर) के पौधों की जैव विविधता का अवलोकन
1. अवलोकन की तिथि
2. स्थान
3. आवास प्रकार
4. मौसम की स्थिति
5. टिप्पणियाँ
तालिका 2.5- चारा (फाडर) पौधों का विवरण
| क्र.सं. | विवरण | 1 (उदाहरण) | 2 | 3 | 4 | 5 |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1. | पौधे का नाम | नेपियर घास/हाथी घास | ||||
| 2. | स्थानीय नाम | हट्टी गोवत (मराठी में) | ||||
| 3. | वैज्ञानिक नाम | पेनिसेटम पर्चुरियम |
||||
| 4. | किस्म का नाम | पूसा जॉयन्ट |
||||
| 5. | रोपण विधि | तने की कटाई या भागों में बाँटना |
||||
| 6. | विशिष्ट गुण, जैसे-बुवाई का समय | बुवाई का समय फरवरी से मार्च |
||||
| 7. | उपयोग | पशुओं के चारे के रूप में तथा वन्य जीवों के आवास और आश्रय हेतु उपयोग किया जाता है। |
||||
| 8. | "स्केच" या छायाचित्र |
IV. खरपतवार पौधों में जैव विविधता का अवलोकन
1. अवलोकन की तिथि
2. स्थान
3. आवास प्रकार
4. मौसम की स्थिति
5. टिप्पणियाँ
तालिका 2.6- खरपतवार पौधों का विवरण
| क्र.सं. | विवरण | 1 (उदाहरण) | 2 | 3 | 4 | 5 |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1. | पौधे का नाम | बरमूडा घास | ||||
| 2. | स्थानीय नाम | हरल (मराठी में) | ||||
| 3. | वैज्ञानिक नाम | सिनोडोन डैक्टिलॉन |
||||
| 4. | किस्म का नाम | पूसा जॉयन्ट |
||||
| 5. | रोपण विधि | उदाहरण गन्ना, कपास, घास के मैदान, और फलदार वृक्षों के बाग। |
||||
| 6. | विशिष्ट गुण, जैसे-बुवाई का समय | यह गर्मी और सूखे के प्रति अत्यधिक सहनशील है। यह विभिन्न कीटों और वन्यजीव प्रजातियों के लिए आवास और भोजन प्रदान करता है। |
||||
| 7. | उपयोग | खेल के मैदानों, खेल के क्षेत्र और व्यस्त यातायात वाले क्षेत्रों में उपयोग किया जाता है। |
||||
| 8. | "स्केच" या छायाचित्र |
V. कीटों में जैव विविधता का अवलोकन
1. अवलोकन की तिथि
2. स्थान
3. आवास प्रकार
4. मौसम की स्थिति
5. टिप्पणियाँ
| क्र.सं. | विवरण | 1 (उदाहरण) | 2 | 3 | 4 | 5 |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1. | पौधे का नाम | आलू | ||||
| 2. | स्थानीय नाम | आलू (हिंदी में) | ||||
| 3. | वैज्ञानिक नाम | सोलनम ट्यूबरोसम |
||||
| 4. | कीट का नाम | एफिड (कीट) |
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| 5. | कीट का वैज्ञानिक नाम | माइजस पर्सिका (ग्रीन पीच एफिड) एफिस गॉसिपी (कॉटन एफिड) |
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| 6. | आवास | एफिड्स आमतौर पर पत्तियों के निचले हिस्सों, साथ ही पौधों की कोमल शाखाओं और कलियों पर पाए जाते हैं। |
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| 7. | विशिष्ट गुण, यदि है- | पँख वाले और पँखहीन दोनों रूपों में पाया जा सकता है। |
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| 8. | आक्रमण का समय या मौसम | सर्दियों के पश्चात जब तापमान में वृद्धि शुरू होती है। |
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| 9. | "स्केच" या छायाचित्र | सर्दियों के पश्चात जब तापमान में वृद्धि शुरू होती है। |
क्या आप जानते हैं?
आप अपने आस-पास किसी एक पेड़ को पंजीकृत कर सकते हैं और प्रत्येक सप्ताह चित्र अपलोड करने के लिए 'सीजन वॉच' की वेबसाइट पर जा सकते हैं। आप अन्य क्षेत्रों में भी पेड़ों को ढूँढ़ सकते हैं। क्या आपको 'सीजन वॉच' में अपने आस-पास के परिवेश में लगे हुए पेड़ों जैसा कोई पेड़ दिखाई देता है?
क्या आपको उनके बारे में अतिरिक्त जानकारी मिली?
गतिविधि 6 'अज्ञात' की पहचान करना
यदि आपसे कोई जानकारी छूट गई है या आपके पास कोई अतिरिक्त जानकारी है तो आपको 2.3 से 2.7 तक की तालिकाओं में उसे अंकित करना होगा। इस संदर्भ में आप समुदाय के किसी विशेषज्ञ या जानकार व्यक्ति से पूछ सकते हैं और इसके साथ आप "ए.आई." टूल या विद्यालय पुस्तकालय संसाधनों का उपयोग करके जानकारी प्राप्त कर सकते हैं (चित्र 2.6)।

चित्र 2.6- आवश्यक जानकारी प्राप्त करने के लिए सूचना के अनेक स्रोतों का उपयोग कीजिए
पौधों या फसलों या खरपतवारों या कीटों के बारे में अधिक जानकारी एकत्र करने के लिए "ए.आई." टूल का उपयोग करना
गूगल लेंस एक छवि पहचान (इमेज रिकग्निशन) तकनीक है जो मशीन लर्निंग और गूगल लेंस ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकॉग्निशन (ओसीआर) का उपयोग करती है। इसके द्वारा आप उपकरण (मोबाइल फोन, टैब आदि) के कैमरे से ली गई वस्तुओं, पाठ्य सामग्री, स्थलों की फोटो या चित्र के विषय में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही यह वस्तुओं की पहचान कर सकता है, पाठ्य सामग्री पढ़ सकता है, भाषाओं का अनुबाद कर सकता है, बारकोड और क्विक रिस्पॉस (क्यूआर) कोड स्कैन कर सकता है और विभिन्न गूगल सेवाओं के साथ एकीकृत कर सकता है। आप गूगल लेंस को गूगल फोटो ऐप या एक स्वतंत्र ऐप के रूप में उपयोग कर सकते हैं इसके साथ ही आप कैमरे को किसी वस्तु पर केंद्रित कर संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं या अनुवाद जैसे कार्य कर सकते हैं।
गूगल लेंस किसी भी चित्र का विश्लेषण कर जानकारी प्रदान करता है। आप गूगल लेंस का उपयोग कर फोटो के माध्यम से पौधों, फसलों, खरपतवारों, कीटों एवं रोगों के वैज्ञानिक नाम, और अन्य संबंधित जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं। यदि आपने पहले से फोटो नहीं ली हैं, तो आप गूगल लेंस का उपयोग करके फोटो ले सकते हैं।
1. स्मार्टफोन पर गूगल लेंस ऐप डाउनलोड कीजिए और खोलिए।
2. खोज स्थान (सर्च बार) में गूगल लेंस आइकन को ढूंढ़िए और उस पर क्लिक कीजिए, इससे गूगल लेंस सक्रिय हो जाएगा।
3. कैमरे को उस पौधे या कीट या छवि की ओर इंगित कीजिए, जिसे आप पहचानना चाहते हैं और खोज करने के लिए शटर बटन पर क्लिक कीजिए।
अब आप जैव विविधता विवरणिका में छूटी हुई जानकारी भी अंकित कर सकते हैं।
गतिविधि 7- जैव विविधता विवरणिका का प्रस्तुतिकरण
आपके द्वारा भ्रमण किये गए प्रत्येक स्थान पर एकत्रित की गई जानकारी का उपयोग करते हुए जैव विविधता पर एक प्रस्तुति बनाइए। आप चार्ट, आरेख, मॉडल या अन्य कुछ भी बना सकते हैं।
याद रखिए, प्रस्तुति केवल आपके अवलोकन और आपके द्वारा एकत्रित की गई जानकारी पर आधारित होगी। इस बात पर प्रकाश डालिए कि स्थानों और सजीव वस्तुओं में कई भिन्नताएँ हो सकती हैं। यही तो जैव विविधता है। आपका प्रस्तुतिकरण दो भागों में होगा-
भाग 1- आपके द्वारा एकत्रित जानकारी का सारांश तैयार कीजिए
अभी आपने जो जानकारी भिन्न-भिन्न तालिकाओं में अंकित की है वह भिन्न-भिन्न समय पर किये गए भ्रमणों पर आधारित है। कल्पना कीजिए कि आपको किसी आगंतुक को अपने आस-पास की जैव विविधता के बारे में बताना है। सभी तालिकाओं से जानकारी को संयोजित कर उस आगंतुक के लिए सारांश बनाएँ।
कुछ मार्गदर्शक प्रश्न नीचे दिए गए हैं। आप अन्य संभावित प्रश्नों और अपनी टिप्पणियों को संक्षेप में प्रस्तुत करने के विभिन्न तरीकों के विचार कीजिए। उत्तरों को स्पष्ट और सटीक बनाने के लिए आप उदाहरण भी जोड़ सकते हैं-
1. आपके आस-पास के क्षेत्रों में उगने वाले विभिन्न पौधे कौन-से हैं?
2. कौन-से पौधे सभी मौसमों में उगते हैं और कौन-से मौसमी हैं?
3. क्या सभी फसलों और फलों की उपज एक ही मौसम में काटी जा सकती हैं?
4. क्या सभी पौधे एक ही मौसम में वृद्धि करते हैं?
5. क्या पौधे हमारे लिए उपयोगी हैं? यदि हाँ, तो कैसे?
6. क्या एक ही प्रकार का चारा साल भर उपलब्ध रहता है। क्या वे केवल कुछ ही मौसम में ही उपलब्ध होते है?
7. क्या सभी पौधे खरपतवार से प्रभावित होते हैं?
8. क्या कुछ खरपतवार उपयोगी हैं? कृपया कुछ खरपतवारों के नाम बताएँ और उनके उपयोग का वर्णन कीजिए।
9. क्या सभी पौधे किसी न किसी प्रकार के कीटों से प्रभावित होते हैं?
10. क्या पौधे कुछ विशेष मौसमों में विशेष कीटों से अधिक प्रभावित होते हैं?
11. आपने समुदाय के लोगों से क्या जानकारी एकत्र की (उदाहरण के लिए पौधों का औषधि के रूप में उपयोग, चारे के रूप में या पवित्र पौधे आदि)?
इस तरह आप आगंतुक को पूरी जानकारी प्रदान कर सकते हैं।

चित्र 2.7- जैव विविधता विवरणिका पर प्रस्तुतिकरण
भाग 2- आपके द्वारा एकत्रित की गई जानकारी से आगे बढ़िए
अब उन तरीकों के बारे में सोचिए जिनसे आप अपने आस-पास की जैव विविधता के बारे में गहरी समझ के लिए एकत्रित की गई जानकारी को प्रस्तुत कर सकते हैं।
आपकी प्रस्तुति में कुछ आरेख और कुछ स्पष्टीकरण सम्मिलित होंगे। इसे तैयार करने के रोचक तरीकों के बारे में विचार कीजिए (चित्र 2.7)। कुछ मार्गदर्शक प्रश्न नीचे दिए गए हैं, इसके अतिरिक्त और प्रश्नों पर भी विचार कीजिए।
1. क्या आपने एक स्थान पर अन्य की तुलना में अधिक सजीव वस्तुएँ देखी?
2. आपने जिन स्थानों का भ्रमण किया वहाँ आपने कितने प्रकार के पौधे और कीट देखे?
3. क्या आपने एक से अधिक स्थानों पर एक ही प्रकार के कीड़े, कीट, या कृमि देखे?
4. क्या आपने इस गतिविधि के लिए किसी "ए.आई." टूल का उपयोग किया? यदि हाँ, तो कौन-से और कैसे?
5. क्या आपने जानकारी इकट्ठा करने के लिए किसी अन्य स्रोत का उपयोग किया?
आप अपनी प्रस्तुति के माध्यम से जो निष्कर्ष या विचार साझा करना चाहते हैं उसे सम्मिलित कीजिए।
मैंने दूसरों से क्या सीखा?
विशेषज्ञों के साथ बातचीत
आपने विशेषज्ञों के साथ उन सभी उपायों पर चर्चा की है जो इस क्षेत्र में जैव विविधता को संरक्षित करने के लिए उपयोग किए जा सकते हैं। आपको क्या लगता है कि इसमें से कौन-सा उपाय प्रभावी होगा?
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समुदाय के सदस्यों के साथ बातचीत
आपने ग्रामीण क्षेत्र में किसी किसान, शहर के किसी नर्सरी कर्मचारी/माली या ग्रामीण या शहरी क्षेत्र के किसी समुदाय के सदस्य से बात की होगी।
उस जानकारी के अनुसार पिछले 10 या 20 वर्षों में जैव विविधता में किस तरह से परिवर्तन आया है। इस बारे में लिखिए।
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मैंने क्या कार्य किया और इसमें कितना समय लगा?
यह समझना महत्वपूर्ण है कि किसी गतिविधि को पूरा करने में कितना समय लगता है।
प्रत्येक गतिविधि पर आपने लगभग कितना समय व्यतीत किया, इसका अनुमान लगाइए। इसे नीचे दी गई समयरेखा पर अंकित कीजिए। यदि आपने पुस्तिका में दी गई गतिविधियों के अतिरिक्त गतिविधियाँ की है, तो उनकी संख्या और समय भी जोड़िए।
यह संभव है कि आप अपनी समय-सारणी के अनुसार एक ही स्थान पर एक से अधिक बार गए हों। यह भी संभव है कि जानकारी एकत्रित करने के लिए कई बार वापस गए हों। प्रत्येक गतिविधि पर बिताए गए कुल समय की संख्या की गणना कीजिए।

क्या आप जानते हैं?
भारत में कई जैव विविधता धरोहर स्थल (बीएचएस) हैं, जो अपनी अनूठी जैव विविधता के लिए जाने जाते हैं। इन स्थलों का उद्देश्य क्षेत्र की जैव विविधता की रक्षा करना और प्राकृतिक पर्यावरण से संबंधित पारंपरिक सांस्कृतिक प्रथाओं को सुनिश्चित करने में उनकी महत्ता को पहचानना है।
भारत में कुछ उल्लेखनीय जैव विविधता विरासत स्थल निम्नलिखित हैं-
- कर्नाटक में नल्लूर इमली ग्रोव में इमली के पेड़ हैं, जो 400 वर्ष से अधिक पुराने हैं।
- बिहार में गोगाबील पक्षी प्रेमियों के लिए एक स्वर्ग है, जहाँ पक्षियों की 90 से अधिक प्रजातियाँ हैं, जिनमें से कई मध्य एशिया जैसे सुदर स्थानों से आती हैं।
- पश्चिम बंगाल के टोंग्लू में ऐसे पौधे हैं, जो आपको संसार में कहीं और नहीं मिलेंगे।
- हैदराबाद की अमीनपुर झील 200 से अधिक पक्षी प्रजातियों का घर है, भले ही यह एक व्यस्त शहर के बीच में है।
- असम में माजुली संसार का सबसे बड़ा नदी द्वीप है और इसमें 'सत्रास' नामक मठ है।
- केरल में मिरिस्टिका स्वैम्प प्राचीन "जायफल" के पेड़ों का घर है, जो एक मसाला है जिसका उपयोग हम खाना पकाने में करते हैं।
- कर्नाटक में काली टाइगर रिजर्व बंगाल के बाघों और हाथियों जैसे अन्य बड़े जानवरों के लिए एक सुरक्षित स्वर्ग है।
- पश्चिम बंगाल में चिल्कीगढ़ कनक दुर्गा 'सेक्रेड ग्रोव' में पारंपरिक चिकित्सा में उपयोग किए जाने वाले विशेष पौधे हैं; यह उपवन स्थानीय लोगों द्वारा संरक्षित है।
- अरुणाचल प्रदेश की जीरो वैली में लोग अनोखे तरीके से चावल और मछली एक साथ उगाते हैं।
- मेघालय में मावफलांग 'सेक्रेड ग्रोव' स्थानीय जनजातियों द्वारा संरक्षित हैं और दुर्लभ पौधों और औषधीय जड़ी-बूटियों से
मैं और क्या कर सकता/सकती हूँ?
आप अपने घर और अन्य स्थानों पर जैव विविधता का अवलोकन जारी रख सकते हैं। अपनी टिप्पणियों का दस्तावेजीकरण कीजिए और एक प्रकृति पत्रिका (नेचर जर्नल) या डिजिटल स्क्रैपबुक बनाइए।
ध्यान दीजिए कि आप शहर में चील जैसे पक्षियों और नेवले जैसे जानवरों को भी देख सकते हैं। कुछ वैज्ञानिकों ने इन जानवरों को 'शहरी वन्यजीव' के रूप में संदर्भित करना शुरू कर दिया है।
अपने घर में आने वाले पक्षियों का निरीक्षण कीजिए। ध्यान दीजिए कि वे कैसे दिखते हैं और कैसे व्यवहार करते हैं। उनका स्थानीय नाम एवं वैज्ञानिक नाम पता कीजिए, इसके साथ ही पक्षियों के बारे में जितना हो सके उतना पता लगाइए।
परिवार के सदस्यों और समुदाय के बुजुर्गों से उन पक्षियों और जानवरों के बारे में पूछिए जिन्हें वे बचपन से देखते आ रहे हैं।
सोचिए और जवाब दीजिए
1. आपको क्या करने में आनंद आया?
2. आपको किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा?
3. अगली बार आप क्या अलग करेंगे?
4. आपके अनुसार जैव विविधता विवरणिका का क्या महत्व है ?
5. परियोजना से संबंधित अन्य कौन-सी नौकरियाँ हैं? अपने आस-पास देखिए, लोगों से बात कीजिए और अपना उत्तर लिखिए।
6. आपके द्वारा क्रियान्वित की गई गतिविधि से संबंधित नौकरियों के कुछ उदाहरण वन अधिकारी, वैज्ञानिक और संरक्षणवादी हैं।
अपने पर्यावरण और पृथ्वी का संरक्षण कीजिए
