भाग 3
मानव सेवाओ में कार्य करना

मानव सेवा का तात्पर्य है लोगों की सहायता करना और उनके साथ विभिन्न तरीकों से संवाद स्थापित करना। मानव सेवाओं में कार्य करने पर आधारित परियोजनाएँ, आपको यह सीखने में सहायता करेंगी कि लोगों के साथ कैसे काम करना है। आप अपने परिवार और अन्य लोगों के स्वास्थ्य की देखभाल से संबंधित परियोजनाओं का चयन कर सकते हैं। आप विभिन्न विषयों पर रोचक वीडियो और ऑडियो क्लिप बना सकते हैं, जैसे कि अपने परिवार के लिए बजट बनाना, लोगों के हाथों पर मेहंदी लगाना, या एक कॉमिक बुक बनाना। यह आप पर निर्भर है कि आप अपने साथियों के साथ क्या कल्पना करते हैं।
इस खंड में परियोजनाओं के दो उदाहरण दिए गए हैं। आपको केवल एक परियोजना ही चुननी होगी। आप इनमें से किसी एक परियोजना का चयन कर सकते हैं अथवा अपने शिक्षक की सहायता से अपनी पसंद की परियोजना तैयार कर सकते हैं।

परियोजना 5
विद्यालयी संग्रहालय
यह परियोजना संग्रहालयों के विषय में आपकी जानकारी या समझ समृद्ध करने में सहायक होगी, और आप कलाकृतियों को एकत्र करके और उनका वर्णन करके अपना स्वयं का संग्रहालय बनाएँगे।
परियोजना पर कार्य करने के पश्चात आप निम्नलिखित कार्य करने में सक्षम होंगे-
| संग्रहालयों तथा कलाकृतियों को जानने में | किसी स्थल संग्रहालय या आभासी (वर्चुअल) संग्रहालय का अवलोकन करने में | अपना स्वयं का इतिहास जानने में | कलाकृतियों को पहचानने और प्रस्तुतियाँ तैयार करने में | कलाकृतियों की प्रदर्शनी का आयोजन करने में | आगंतुकों से प्रतिपुष्टि लेने में |

आपने सामाजिक विज्ञान में इतिहास और संस्कृति को समझने के लिए कई स्रोतों के बारे में सीखा है। इन स्रोतों में मानव द्वारा बनाई गई कलाकृतियाँ अथवा वस्तुएँ हैं, जो पुरानी, अनोखी और सुंदर हैं। यह हमारी परंपराओं और संस्कृति से जुड़ी हुई हैं। ये कलाकृतियाँ प्राचीन हो सकती हैं या वर्तमान में हमारे जीवन और समाज का हिस्सा हो सकती हैं।
संग्रहालय वह स्थान है, जिसमें कलाकृतियाँ रखी जाती हैं। अपने इतिहास और संस्कृति को समझने में संग्रहालय हमारी सहायता करते हैं (चित्र 5.1)। उनसे हमें पता चलता है कि प्राचीन लोग क्या पहनते थे, किस तरह का काम करते थे, वे किस तरह की कलाकृतियाँ बनाते थे, (पेंटिंग और मूर्तियाँ) और उन्होंने क्या लिखा (पांडुलिपि) आदि। संग्रहालय हमें अपने मन में अतीत को संजोने और उन वस्तुओं को 'देखने' में सहायता करते हैं, जिन्हें हम अन्यथा कभी नहीं देख पाते।
संग्रहालय हमें देश और दुनिया के विभिन्न समूहों के लोगों की वर्तमान संस्कृति और कार्य के बारे में जानने में भी सहायता करते हैं। वे कला, परंपराओं, वास्तुकला और विज्ञान से संबंधित कलाकृतियाँ प्रदर्शित करते हैं (चित्र 5.2)। भारत में स्थित राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र अथवा संग्रहालय हमें उन वस्तुओं के बारे में जानकारी देते है जो वस्तुएँ अब अस्तित्व में नहीं हैं, जैसे डायनासोर। संग्रहालय उन वस्तुओं के विषय में भी जानकारी देते हैं जिनकी हम भविष्य में अपेक्षा कर सकते हैं। यहाँ तक कि कुछ अनोखी वस्तुएँ भी हैं, जो हमारी सोच या जानकारी से परे हैं, जैसे कि दिल्ली के राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र में पानी पर घुमने वाली 1200 किलोग्राम की ग्रेनाइट गेंद।

जहाँ विज्ञान संग्रहालय मुख्य रूप से विज्ञान से संबंधित अवधारणाओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं, वहीं सामान्य संग्रहालय विभिन्न प्रकार की वस्तुओं को प्रदर्शित करते हैं, जिनमें पारंपरिक वस्त्र और उनको पहनने की शैली सम्मिलित होती है। कुछ संग्रहालयों में जानवरों के अवशेषों को संरक्षित करके प्रदर्शित किया जाता है।
क्या आपके घर में पारंपरिक वस्तुएँ हैं जिन्हें संग्रहालय में प्रदर्शित किया जा सकता है? उन्हें अपने आस-पास ढूंढ़िए और कक्षा में लाइए। यदि आप इन कलाकृतियों को कक्षा में नहीं ला सकते हैं, तो उनकी तस्वीरें या चित्र ले लीजिए और इन्हें अपने विद्यालयी संग्रहालय का हिस्सा बनाएँ।

चित्र 5.3- किसामा हेरिटेज विलेज में ओपन एयर संग्रहालय है, जिसमें नागालैंड की विभिन्न जनजातियों के घर प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें प्रत्येक घर का एक अनूठा डिजाइन है।
मैं क्या कर पाऊँगा/पाऊँगी?
परियोजना कार्य करने के पश्चात आप निम्नलिखित कार्य करने में सक्षम होंगे-
- आप यह वर्णन कर पाएँगे कि संग्रहालय इतिहास और परंपराओं को कैसे संरक्षित करते हैं।
- उन कलाकृतियों की पहचान कर सकेंगे, जो आपके और आपके साथियों के लिए रुचिकर हों।
- अपने साथियों के साथ एक विद्यालयी संग्रहालय बना पाएँगे।
- प्रस्तुति के विभिन्न रूपों का उपयोग करके कलाकृतियों का इतिहास प्रस्तुत कर पाएँगे।
मुझे किन वस्तुओं की आवश्यकता होगी?
- स्थानीय रूप से एकत्रित कलाकृतियाँ या उनके चित्र, जो पुराने एवं सुंदर या आपके परिवार के लिए महत्वपूर्ण हो।
- भंडारण डिब्बे और प्रदर्शन डिब्बे।
- सफाई ब्रश और कपड़ा।
- लेबल बनाने के लिए चार्ट पेपर या कार्ड।
- मार्कर, स्केच पेन, ड्रॉइंग पेंसिल, कलर पेन और कैंची।
- प्रस्तुतिकरण के लिए कंप्यूटर और प्रोजेक्टर।
- अन्य उपकरण और सामग्री।
मैं स्वयं और दूसरों को कैसे सुरक्षित रखूँ?
- हमारी विरासत हमारे गौरव और सम्मान का स्रोत है, इसे संरक्षित करना हमारा कर्तव्य है। कलाकृतियों का ध्यान रखा जाना चाहिए और उन्हें किसी भी तरह की क्षति से बचाने के लिए संजोकर रखना चाहिए।
- किसी संग्रहालय की यात्रा के दौरान, कलाकृतियों से सीधे संपर्क करने से बचें क्योंकि वे संवेदनशील सामग्री से बनी हो सकती हैं।
- कृपया संग्रहालय में लगे निर्देशपट्ट पर दिए गए सभी निर्देशों का पालन कीजिए।
आपने सामाजिक विज्ञान में सिंधु-सरस्वती सभ्यता के विषय में पढ़ा है। आपने धौलावीरा (चित्र 5.4) के विषय में भी पढ़ा है। भारत के मानचित्र पर धौलावीरा स्थान को खोजिए।

चित्र 5.4 किले के पूर्वी द्वार पर प्रहरी कक्ष, धौलावीरा
पुरातात्विक स्थल ऐसे स्थल हैं, जहाँ प्राचीन मानव जीवन के साक्ष्य संरक्षित हैं। इन स्थलों की खुदाई पुरातत्वविदों द्वारा की जाती है।
वे इन स्थलों की सावधानीपूर्वक खुदाई करते हैं और जो कलाकृतियाँ एवं अन्य अवशेष सामने आते है, उनका विश्लेषण करते हैं। ये कलाकृतियाँ हमें यह समझाने में सहायता करती हैं कि इन स्थलों पर कई वर्षों पहले किस प्रकार की सभ्यताएँ अस्तित्व में थीं। खुदाई के दौरान प्राप्त वस्तुओं को स्थल के निकट स्थित संग्रहालय में रखा जाता है।
आंरभ करने से पहले मुझे क्या जानने की आवश्यकता है?
अपने घर और आस-पास में ध्यान से देखिए। उन पाँच कलाकृतियों की सूची बनाएँ जो आपको रोचक लगती हैं क्योंकि वे आपके लिए या आपके परिवार के लिए पुरानी या विशेष हैं। उदाहरण के तौर पर पुराने सिक्के, टेलीफोन, बर्तन, टिकट, लकड़ी की नक्काशी, फर्नीचर, पत्थर की नक्काशी, शिलालेख (पत्थर या गुफाओं अथवा इमारतों की दीवारों पर खुदे हुए लेख), प्राचीन एवं धार्मिक पांडुलिपियाँ, मूर्तियाँ, रेडियो, ग्रामोफोन, कैमरा, चश्मे, लकड़ी की लाठी, प्राचीन पुस्तकें, पारंपरिक वस्त्र इत्यादि।
गतिविधि 1- संग्रहालय का भ्रमण करना
संग्रहालय भ्रमण करने से आपको अपने विद्यालय में संग्रहालय स्थापित करने में सहायता मिलेगी। यदि आप स्वयं किसी संग्रहालय का भ्रमण करने में सक्षम नहीं हैं तो आप अपने मित्रों या अन्य लोगों से पूछ सकते हैं कि क्या उन्होंने संग्रहालय का भ्रमण किया है और भ्रमण के दौरान उन्होंने क्या देखा। आप किसी संग्रहालय की वेबसाइट पर भी जा सकते हैं और वहाँ प्रदर्शित प्राचीन चीजें देख सकते हैं। संग्रहालयों के विवरण पर ध्यान दीजिए। कुछ संग्रहालयों में 'आभासी' (वर्चुअल) प्रदर्शनियाँ होती हैं।
आभासी (वर्चुअल) संग्रहालय भ्रमण
आप भारत के संग्रहालयों का आभासी भ्रमण भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की वेबसाइट पर देख सकते हैं। (इसे इंटरनेट पर खोजने के लिए 'संस्कृति मंत्रालय' + 'वर्चुअल म्यूजियम' जैसे शब्दों का उपयोग कीजिए)। चित्र 5.5 में भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा बनाई गई वेबसाइट का स्क्रीनशॉट दिखाया गया है।

चित्र 5.5- भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा संचालित वेबसाइट का स्क्रीन ग्रेब
संग्रहालय की संगृहीत सामग्री पर अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए गूगल लेंस या ऑप्टिकल करैक्टर रिकग्निशन (ओसीआर) का उपयोग कीजिए।
इसके साथ ही आप अपने अनुभव साझा कीजिए कि गूगल लेंस ने टूर के दौरान आपकी किस प्रकार से सहायता की।
इंटरनेट सुरक्षा- इंटरनेट का उपयोग करते समय अपने शिक्षक से सहायता लीजिए। सावधान रहें कि कुछ भी अपलोड या डाउनलोड न करें, साथ ही व्यक्तिगत जानकारी भी किसी के साथ साझा न करें।
संग्रहालय का भ्रमण करते समय, संग्रहालय के लेआउट और प्रमुख प्रदर्शनियों को ध्यानपूर्वक देखिए एवं समझने का प्रयास कीजिए। संग्रहालय के बारे में जानने, प्रदर्शनियों का अवलोकन करने, सूचना पट्ट पढ़ने और जाँचने के लिए पर्याप्त समय लीजिए। यह भी देखिए कि क्या वहाँ सहभागी गतिविधियाँ हो रही हैं, जैसे प्रदर्शनियों के कुछ हिस्सों को उजागर करना, कुछ हिस्सों को हिला-डुला कर देखना, या कोई प्रश्नोत्तरी जिसमें आप भाग ले सकते हैं आदि। यदि संभव हो तो अपने अवलोकन की चर्चा किसी विशेषज्ञ (जैसे संग्रहालय की कलाकृतियों आदि की देखभाल करने वाला व्यक्ति, क्यूरेटर, या स्थानीय इतिहासकार आदि) के साथ कीजिए और अपने प्रश्न पूछिए।
उपरोक्त के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
1. संग्रहालय में आपने सबसे रोचक प्रदर्शनी कौन-सी देखी?
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2. आपको यह प्रदर्शनी रोचक क्यों लगी?
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3. एक ऐसी प्रदर्शनी का वर्णन कीजिए जिसका हमारे जीवन में आज भी महत्व बना हुआ है।
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गतिविधि 2- अपने परिवार और क्षेत्र का इतिहास जानिए
आरंभ करने के लिए यह महत्वपूर्ण है कि आप जिस स्थान पर रहते है और संबंधित परिवार की गतिविधि के विषय में अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त कीजिए। नीचे दिए गए प्रश्न इसमें आपकी सहायता करेंगे।
1. क्या आपके गाँव या कस्बे या शहर का कभी कोई दूसरा नाम था?
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2. क्या आप जानते हैं कि शहर की स्थापना कब हुई थी? यदि हाँ, तो वर्ष लिखिए।
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3. आपका परिवार मूल रूप से कहाँ से आया था?
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4. क्या आपकी कोई पारिवारिक परंपराएँ या रीति-रिवाज हैं जो पीढ़ियों से चली आ रही है?
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5. क्या गाँव या कस्बे या शहर से जुड़ी कोई स्थानीय कहानियाँ या परंपराएँ हैं? (उदाहरण के लिए, क्षेत्र के बारे में कोई कहानी, इतिहास से कोई संबंध, वर्ष का कोई भी समय जब बहुत से लोग घूमने आते हैं आदि) अपने गाँव या कस्बे या शहर से जुड़ी कहानी या परंपरा के बारे में लिखिए।
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6. क्या आपके गाँव, शहर या कस्बे में कोई ऐतिहासिक स्मारक स्थल या इमारतें हैं? यदि हाँ, तो उनमें से किसी एक के बारे में संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
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7. क्या आपने कोई पुराना संस्थान या स्मारक देखा है? यदि हाँ, तो यह क्यों प्रसिद्ध है?
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8. आपके घर में सबसे पुरानी कलाकृतियाँ कौन-सी हैं? उनके नाम लिखिए।
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गतिविधि 3– कलाकृतियों को पहचानना और उनके बारे में जानना
अपने घर में कम से कम पाँच कलाकृतियों की पहचान कीजिए और उनके बारे में तालिका 5.1 में लिखिए।
तालिका 5.1- कलाकृतियों का विवरण
| प्रश्न | कलाकृति 1 | कलाकृति 2 | कलाकृति 3 | कलाकृति 4 | कलाकृति 5 |
|---|---|---|---|---|---|
| कलाकृति क्या है? | |||||
| इसका स्वामी कौन है? | |||||
| यह कितनी पुरानी है? | |||||
| क्या आप इसे कक्षा में लाएँगे या इसका कोई चित्र लाएँगे? |
ध्यान दीजिए- यदि आप कक्षा में चित्र लाने की योजना बना रहे हैं, तो सुनिश्चित कीजिए कि आप इन चित्रों को विभिन्न कोणों से लें, ताकि चित्रों को देखने वाला कोई भी व्यक्ति कलाकृति को ऐसे 'देख' सके जैसे वह उसके सामने हो।
गूगल लेंस का उपयोग करना

चित्र 5.6- पुरानी पीतल की घंटियाँ
आप "ए.आई." टूल जैसे गूगल लेंस का उपयोग कर वस्तुओं और स्मारकों या स्थलों के विषय में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, आपको बस स्मार्टफोन कैमरा को उन पर इंगित करना होगा। गूगल लेंस कलाकृतियों, ऐतिहासिक कलाकृतियों और प्रसिद्ध स्थलों के बारे में भी जानकारी प्रदान कर सकता है, जिससे हमें अपनी कला और संस्कृति के बारे में अधिक जानने का अवसर मिलता है।
संग्रहालयों के आभासी भ्रमण (वर्चुअल टूर) से पुराने टिकट (स्टाम्प) और सिक्कों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए कई अन्य ऐप भी उपलब्ध हैं।
आप संग्रहालय में प्रदर्शित की गई किसी कलाकृति को चुन सकते हैं। उसके इतिहास और विकास को दिखाते हुए एक कालक्रम बनाइए, जिसमें यह सम्मिलित हो कि इसका आमतौर पर कब उपयोग किया जाता था और यदि अभी भी इसका उपयोग हो रहा है, तो कैसे किया जा रहा है। आप इससे जुड़ी किसी महत्वपूर्ण घटना का विवरण भी तैयार कर सकते हैं, जैसे कि किसी रिश्तेदार ने इसे दादा-दादी की शादी के अवसर पर उपहार के रूप में दिया था और यह गाँव में अपनी तरह की पहली वस्तु थी (जैसे- एक पुराना रेडियो या कैमरा)।
गतिविधि 4- संग्रहालय के लिए कलाकृतियों का चयन करना

चित्र 5.7- 1950 के दशक का पुराना चल इस्त्री (ट्रैवलिंग आयरन) जो बिजली से संचालित होती थी।
आप अपने सभी साथियों के साथ मिलकर पाँच कलाकृतियों का चयन कीजिए जो संग्रहालय में प्रदर्शनी का हिस्सा होगी। आपको यह चयन सावधानीपूर्वक करना होगा और यह भी बताना होगा कि आपने इन कलाकृतियों को क्यों चुना और अन्य को क्यों नहीं।
![]() चित्र 5.8- पुराने रेलवे लालटेन |
![]() चित्र 5.9-1998 के वर्ष का मोबाइल फोन |
सभी कलाकृतियों का अपना महत्व है भले ही आपकी कलाकृति प्रदर्शनी के अंतिम चरण में सम्मिलित न हो, लेकिन आप स्थानीय इतिहास और संस्कृति के बारे में जानेंगे।
निम्नलिखित प्रश्न आपको कलाकृतियों को अंतिम रूप देने में सहायता करेंगे-
1. आप प्रदर्शनी के लिए अंतिम पाँच कलाकृतियों का चयन कैसे करेंगे? कलाकृति चुनते समय आप किन कारकों को ध्यान में रखेंगे?
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![]() चित्र 5.10-1960 के दशक की शुरुआत के कैमरा, फ्लैश और लेंस |
![]() चित्र 5.11-1940 के दशक की पीतल की छलनी |
गूगल लेंस, माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस लेंस, एडोब स्कैन और टेक्स्ट फेयरी जैसे सभी एआई टूल ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकॉग्निशन (ओसीआर) का उपयोग करके छवियों से शब्द या पाठ (टेक्स्ट) पढ़ सकते हैं। आप उनका उपयोग पुराने दस्तावेजों को 'पढ़ने' के लिए कर सकते हैं जिन्हें पढ़ना कठिन है। इसके साथ ही दस्तावेजों का उस भाषा में अनुवाद करने के लिए भी उपयोग कर सकते हैं, जिसे आप समझते हैं।

चित्र 5.12- अनुवाद के लिए ए. आई. टूल का उपयोग
यदि आप विद्यालयी संग्रहालय की कलाकृतियों में पुराने दस्तावेजों को सम्मिलित करना चाहते हैं तो यह आपके लिए सहायक होगा।
1. स्मार्टफोन पर गूगल ऐप डाउनलोड कीजिए और खोलिए।
2. सर्च बार में गूगल लेंस आइकन ढूंढ़िए और उस पर क्लिक कीजिए। यह गूगल लेंस को सक्रिय (एक्टिव) करता है।
3. अपने कैमरे को उस पाठ्य सामग्री की ओर इंगित कीजिए जिसे आप पढ़ना चाहते हैं। बेहतर परिणामों के लिए सुनिश्चित कीजिए कि पाठ्य सामग्री स्पष्ट और केंद्र (फोकस) में हो। पाठ्य सामग्री के जरूरी हिस्से को चयनित करने के लिए हाइलाइटर का उपयोग कीजिए।
4. आपके आवश्यक कार्य के अनुसार-
- पढ़ने के लिए- गूगल लेंस स्वचालित रूप से पाठ्य सामग्री को पहचानने और आपकी स्क्रीन पर प्रदर्शित करने का प्रयास करेगा, जिससे उसे पढ़ना सुगम हो जाएगा, विशेषकर जटिल स्थितियों जैसे छोटे फॉन्ट में।
- कॉपी करने के लिए- गूगल लेंस पर 'होमवर्क' ऑप्शन पर क्लिक कीजिए। आपको कई विकल्प दिखाई देंगे, जैसे 'कॉपी टेक्स्ट' या 'कॉपी टू कंप्यूटर'। पाठ्य सामग्री को अपने क्लिपबोर्ड पर कॉपी करने के लिए 'कॉपी' क्लिक कीजिए। इसके बाद आप इसे नोट्स या दस्तावेज (डॉक्यूमेंट) जैसे किसी अन्य ऐप में पेस्ट कर सकते हैं।
- अनुवाद करने के लिए- स्क्रीन के निचले भाग में 'अनुवाद' विकल्प देखिए। उस पर क्लिक कीजिए। इसके पश्चात इच्छित भाषा चुनिए जिसमें आप पाठ्य सामग्री का अनुवाद करना चाहते हैं। लेंस अनुवादित पाठ्य सामग्री को मूल पाठ्य सामग्री के साथ प्रदर्शित करेगा।
आपके द्वारा चुनी गई प्रत्येक वस्तु का एक चित्र बनाइए या एक चित्र चिपकाएँ। नीचे दी गई तालिका 5.2 में उसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि या उपयोगिता का संक्षिप्त विवरण लिखिए।
तालिका 5.2- पहचानी गई कलाकृतियों का विवरण अंकित करना
| वस्तु | चित्र | ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और उपयोगिता | क्या इसका वर्तमान में भी उपयोग किया जा रहा है? (हाँ या नहीं) |
|---|---|---|---|
| वस्तु 1 | |||
| वस्तु 2 | |||
| वस्तु 3 | |||
| वस्तु 4 | |||
| वस्तु 5 |
गतिविधि 5- कलाकृतियों को सुरक्षित रखना

चित्र 5.13- 1960 के दशक के टेलीग्राम और टिकट
जिस तरह एक पीतल की वस्तु को धोकर पॉलिश करने की, लकड़ी की वस्तु को मुलायम ब्रश से साफ करने की आवश्यकता होती है और कपड़ों को किसी भी कील या नुकीले किनारों से दूर सावधानीपूर्वक लटकाने की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार चित्रों को सावधानीपूर्वक लिफाफे में ऐसे रखने की आवश्यकता होती है जिससे कि वे मुड़े या खराब न हों और उनका आकार सुरक्षित रहे।

चित्र 5.14- कश्मीर के पीतल का समोवर (चाय बनाने का बर्तन)
किन्हीं दो कलाकृतियों का चयन कीजिए और निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए-
1. कलाकृतियाँ सुरक्षित और अच्छी स्थिति में रहें यह सुनिश्चित करने के लिए आप क्या करेंगे?
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गतिविधि 6- कलाकृतियों पर प्रस्तुति तैयार करना

चित्र 5.15- पुनर्चक्रित ऊन और कपड़े से बना एक पुराना हस्तनिर्मित पंखा जिसका उपयोग सभी घरों में बिजली पहुँचने से पहले किया जाता था।
प्रत्येक कलाकृति के पीछे एक कहानी होती है और आपको इसे विद्यालयी संग्रहालय आने वाले प्रत्येक आगंतुक के सामने प्रस्तुत करना होगा। आप इसे कई तरीकों से प्रस्तुत कर सकते हैं, जैसे कलाकृति के बारे में कोई लोककथा बता सकते हैं या स्वयं इसके विषय में एक कहानी विकसित कर सकते हैं। आप वीडियो भी बना सकते हैं, (विशेषकर उन वस्तुओं की जिन्हें आप विद्यालय नहीं ला सकते हैं या किसी व्यक्ति का साक्षात्कार कर सकते हैं जो वस्तु के ऐतिहासिक तथ्यों के बारे में जानकारी दे) डिजिटल स्लाइड बना सकते हैं,
ब्लॉग या विकिपीडिया लेख लिख सकते हैं या कलाकृति का वर्णन करने के लिए चार्ट और कलर पेन का उपयोग करके पोस्टर तैयार कर सकते हैं।
निम्नलिखित प्रश्नों पर सोचिए और उत्तर दीजिए-
1. आप किस तरह की प्रस्तुति देंगे? (जैसे- डिजिटल स्लाइड प्रस्तुति, पोस्टर, वीडियो, आदि)
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2. आपने इस प्रस्तुति का चयन क्यों किया?
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3. आपकी प्रस्तुति की विशिष्टताएँ क्या हैं (जैसे पोस्टर का आकार, वीडियो की अवधि, आदि)?
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आगंतुकों को प्रदर्शित करने से पहले अपने समूह में कलाकृति का मौखिक वर्णन देने का अभ्यास कीजिए।

चित्र 5.16- विद्यालय के संग्रहालय में शैक्षिक खिलौनों का ऐतिहासिक महत्त्व दर्शाया गया है
स्वयं की प्रस्तुति का अनुवाद करना
ऐसे कई ए.आई. टूल हैं (जैसे भाषिणी अनुवाद और गूगल अनुवाद) जिनका उपयोग अन्य भाषाओं में ऑडियो प्रस्तुतियाँ तैयार करने के लिए किया जा सकता है।
भाषिणी अनुवाद - भाषिणी अनुवाद ए.आई. टूल का एक सेट है जो बोले गए शब्दों का एक भाषा से दूसरी भाषा में अनुवाद कर सकता है। यह भारतीय भाषाओं में अनुवाद, प्रतिलेखन (ट्रांसक्रिप्शन) और लिप्यंतरण (ट्रांस्लिट्रेशन) करने में सहायता करता है। यह उपयोगकर्ताओं को अपनी पसंदीदा भारतीय भाषाओं में संचार करने, जानकारी तक पहुँचने और सामग्री बनाने में सक्षम बनाता है।
गूगल अनुवाद - गूगल अनुवाद एक टूल है जो अंग्रेजी के शब्दों, वाक्यांशों और वेब पेजों का तुरंत 100 से अधिक अन्य भाषाओं में अनुवाद करता है।
| भाषिणी अनुवाद | गूगल अनुवाद |
|---|---|
चरण 1- भाषिणी पर पहुँचिए
चरण 2- अपनी भाषा चुनिए
चरण 3- अपनी पाठ्य सामग्री (टेक्स्ट) लिखिए
चरण 4- अनुवाद कीजिए और सुनिए
चरण 5- प्रयोग और अन्वेषण कीजिए
|
गूगल अनुवाद
चरण 1- गूगल अनुवाद पर पहुँचिए
चरण 2- अपनी भाषा चुनिए
चरण 3- अपनी पाठ्य सामग्री (टेक्स्ट) लिखिए
चरण 4- अनुवाद कीजिए और सुनिए
चरण 5- अतिरिक्त सुविधाओं का अन्वेषण कीजिए
चरण 6- अभ्यास कीजिए और आनंद लीजिए
|

1. आप अपने साथियों के साथ शिक्षक के मार्गदर्शन में विद्यालय में कला-शिल्प की प्रदर्शनी आयोजित कर सकते हैं। विद्यालय के परिसर में एक उपयुक्त तारीख और स्थान निर्धारित कीजिए। यह सुनिश्चित कीजिए कि चयनित स्थान उचित प्रदर्शनी और आगंतुकों के लिए पर्याप्त हो।
2. संग्रहालय के लिए पाँच कलाकृतियों की देखभाल की जिम्मेदारी लेने के लिए अपने साथियों के साथ मिलकर काम कीजिए। प्रत्येक कलाकृति के संक्षिप्त विवरण पर चर्चा करके उसे अंतिम रूप दीजिए। अंतिम विवरण को उचित ढंग से सूचक पत्र पर लिखिए। चर्चा कीजिए कि ये सूचक पत्र किस प्रकार लगाए जाएँगे डिस्प्ले बोर्ड पर या कलाकृतियों के पास चार्ट पर (तालिका 5.3)।
3. टेबल, स्टैंड और डिस्प्ले बोर्ड को व्यवस्थित कीजिए। सुनिश्चित कीजिए कि कलाकृतियाँ सुरक्षित रूप से प्रदर्शित और चिह्नित की गई हों।
4. प्रदर्शनी को बढ़ावा देने के लिए पोस्टर, फ्लायर्स और सोशल मीडिया पोस्ट बनाइए।
5. माता-पिता, परिवार, दोस्तों, स्कूल स्टाफ और समुदाय के सदस्यों को निमंत्रण भेजिए। अपने दोस्तों और परिवार को भी आमंत्रित कीजिए।
6. कलाकृतियों की प्रदर्शनी का आयोजन निर्धारित समयानुसार कीजिए और आगंतुकों, विद्यार्थियों और शिक्षकों से प्रतिपुष्टि प्राप्त कीजिए ताकि यह समझा जा सके कि क्या अच्छा हुआ और क्या सुधार की आवश्यकता है।
तालिका 5.3- वस्तुओं को संक्षेप में वर्णित करने के सूचक पत्र (लेबल)
| वस्तु | सूचक पत्र पर विवरण |
|---|---|
| वस्तु 1 | |
| वस्तु 2 | |
| वस्तु 3 | |
| वस्तु 4 | |
| वस्तु 5 |
कलाकृतियों को किस प्रकार प्रदर्शित किया जाएगा इसका लेआउट दिखाने के लिए एक रेखाचित्र बनाएँ।

अपनी प्रस्तुति से संबंधित प्रतिपुष्टि और टिप्पणियों, प्रदर्शित कलाकृतियों और अन्य सुझावों के लिए एक आगंतुक पुस्तिका रखिए।
मैंने दूसरों से क्या सीखा?
यदि आप किसी संग्रहालय का भ्रमण करने गए थे, तो पता लगाएँ कि संग्रहालयों में कलाकृतियों को कैसे संग्रहीत और देखभाल किया जाता है। संग्रहालयों द्वारा उपयोग की जाने वाली कम से कम तीन विधियाँ लिखिए।
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विशेषज्ञों से सीखें
किसी ऐसे व्यक्ति को आमंत्रित कीजिए जो आपके प्रश्नों का उत्तर दे सके, उदाहरण के लिए- कोई ऐसा व्यक्ति जो संग्रहालय में काम करता हो, कोई इतिहासकार या पुरातत्वविद् अपनी कक्षा के साथ ऐतिहासिक कलाकृतियों पर चर्चा करने के लिए कम-से-कम तीन बातें लिखिए जो आपने सीखीं।
कलाकृतियों पर लघु वृत्तचित्र संवाद कार्यक्रम (टॉक शो) सुनिए और जानिए कि कैसे ये कलाकृतियाँ हमें प्राचीन काल में लोगों के जीवन को समझने में सहायता करती हैं।
कम से कम तीन बातें लिखिए जो आपने सीखीं हों।
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आगंतुकों से सीखना
आगंतुकों से प्राप्त प्रतिपुष्टि के कोई तीन उदाहरण लिखिए।
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इस प्रतिपुष्टि से आपने क्या सीखा?
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मैंने क्या कार्य किया और इसमें कितना समय लगा?
यह समझना महत्वपूर्ण है कि किसी गतिविधि को पूरा करने में कितना समय लगता है।

प्रत्येक गतिविधि पर आपने लगभग कितना समय व्यतीत किया, इसकी गणना कीजिए। उन्हें समयरेखा पर चिह्नित कीजिए। यदि आपने पुस्तिका में सुझाई गई गतिविधियों से अधिक गतिविधियाँ की हैं, तो उन अतिरिक्त गतिविधियों की संख्या और उनके लिए व्यतीत समय को भी जोड़िए।
मैं और क्या कर सकता/सकती हूँ?
विभिन्न शहरों में रहने वाले अपने रिश्तेदारों के साथ परियोजना पर चर्चा कीजिए। उनसे अपने घर या क्षेत्र में उपस्थित संग्रहालय में रखी कुछ कलाकृतियों के बारे में जानकारी साझा करने या बताने के लिए कहिए। अपनी कक्षा में वस्तु या चित्र लाकर उन्हें प्रदर्शित कीजिए।
सोचिए और जवाब दीजिए
1. आपको क्या करने में आनंद आया?
2. आपको किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा?
3. आप क्या अलग करना चाहेंगे?
4. संग्रहालय हमें अपनी विरासत और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के बारे में जानने में कैसे सहायता करते हैं?
5. परियोजना से संबंधित अन्य कौन-सी नौकरियाँ हैं? आस-पास देखिए, लोगों से बात कीजिए और अपना उत्तर लिखिए। आपके द्वारा किए गए कार्य से संबंधित नौकरियों के कुछ उदाहरण हैं, पुरातत्वविद्, इतिहासकार, संग्रहालय क्यूरेटर और टूर गाइड आदि।



