अध्याय 3 व्यक्ति - चित्रण

इस अध्याय में आप व्यक्ति-चित्रण करने की विभिन्न विधियों को जान पाएँगे| आप अपने मित्रों की शारीरिक विशेषताओं को ध्यानपूर्वक देखकर उनका चित्रण करेंगे| इसके बाद आप सभी के चित्रों को एक साथ संयोजित करके एक समूह चित्र (ग्रुप पोट्रेट) का निर्माण करेंगे |
आप उन ऐतिहासिक कलाकृतियों का अध्ययन करेंगे, जिनमें लोगों को विभिन्न प्रकार से चित्रित किया गया है|
आपने देखा होगा कि कैसे प्रत्येक व्यक्ति की अलग-अलग भूमिका होती है| उन सबके वस्त्र चयन एवं पहनावे के पीछे अपने कारण होते हैं| आइए, इन कारणों की खोज करते हैं और भविष्य में आप क्या बनना चाहते हैं, इसकी कल्पना करके एक कलाकृति की रचना करते हैं|

गतिविधि 1- व्यक्ति-चित्र बनाएँ
क्या आपने कभी विचार किया है कि हम सभी अलग-अलग क्यों दिखते हैं, जबकि हमारे चहरे के विभिन्न भाग समान ही होते हैं, जैसे- आँखें, भौहें, नाक, मुँह, कान और बाल?
अपने सहपाठियों की मुखाकृति पर ध्यान दीजिए| क्या आप पहचान सकते हैं कि उनकी मुखाकृति आपकी मुखाकृति से किस प्रकार भिन्न है? क्या उनकी आँखें छोटी हैं या उनका माथा (मस्तक) बड़ा है? क्या वे चश्मा लगाते हैं? वे अपने बालों में कंघी कैसे करते हैं?
इस गतिविधि के लिए आप जोड़े बनाएँ और A4 आकार के कागज पर अपने सहपाठी का चित्र बनाएँ| आपके चित्रों का उत्कृष्ट होना आवश्यक नहीं है| आप उनमें अपने ढंग से विशिष्टताएँ दर्शा सकते हैं|

चरण 1- मुख का आकार बनाएँ| क्या यह वृत्ताकार, दीर्घवृत्ताकार या अंडाकार है या यह एक गोलाकार आयत है?
चरण 2- उनकी मुखाकृति की अन्य विशेषताओं को चित्रित कीजिए| आँखों, नाक, भौंहों, होंठों, ठुड्डी और कानों के माप एवं आकार पर ध्यान दीजिए| आँखों के बीच का स्थान, बालों की रेखाओं और भौंहों के बीच की दूरी और कानों की लंबाई पर ध्यान दीजिए |
चरण 3 आपका रेखाचित्र जब तैयार हो जाए, तो उन रंगों के बारे में विचार कीजिए जिन्हें आप व्यक्ति-चित्रण में प्रयोग करना चाहते हैं |
चरण 4- अपना चित्र पूरा कीजिए और इसे अपने साथियों के साथ साझा कीजिए| मुखाकृति की विशेषताओं में दिखाई देने वाली समानताओं और अंतरों पर चर्चा कीजिए |
चरण 5 अपने चित्रों को उनके किनारों के पास से काटें |
चरण 6- कागज के कुछ पन्नों या किसी अन्य सामग्री को जोड़कर एक बड़ी सतह तैयार कीजिए |
चरण 7- सभी चित्रों को एकत्र कीजिए| पूरी कक्षा के समूह चित्र के लिए एक व्यवस्था निर्धारित कीजिए |
चरण 8- निर्धारित की गई व्यवस्था के अनुसार प्रत्येक चित्र को चिपकाएँ| आपका कक्षा-चित्र तैयार है |
गतिविधि 2- कलाकारों की दृष्टि से
व्यक्ति-चित्र, व्यक्तियों को दर्शाने का एक माध्यम है| व्यक्ति-चित्र में किसी व्यक्ति की मुखाकृति, गर्दन, और कंधों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है, तथापि इसमें शरीर के अन्य भाग भी सम्मिलित हो सकते हैं| कलाकार कई अन्य विधियों से भी लोगों का चित्रण करते हैं|
विभिन्न काल-खंडों में निर्मित बुद्ध की कुछ छवियों को देखें| इनकी शैलियों और मुखाकृतियों की विशेषताओं की तुलना कीजिए और उनकी विशिष्टताओं में दिखाई देने वाली समानताओं तथा अंतरों पर चर्चा कीजिए|

विभिन्न काल-खंडो एवं शैलियों में बनाई गई बुद्ध की कलाकृतियाँ |

गतिविधि 3- मैं बनना चाहता हूँ ...
आप बड़े हो जाने के बाद अन्य लोगों के जीवन में क्या भूमिका निभाना चाहेंगे? क्या आप लोगों को उनके बल्ब ठीक करने में मदद करना चाहेंगे? या आप यह सुनिश्चित करना चाहेंगे कि लोग स्वस्थ रहें? इन भूमिकाओं को निभाते हुए स्वयं का चित्र बनाएँ| अगर आपको नहीं पता कि आपको कौन-सी भूमिकाएँ निभानी हैं, तो कोई बात नहीं| आप स्वतंत्र रूप से स्वयं की अनेक भूमिकाओं में कल्पना कर सकते हैं| आपके मस्तिष्क में जितने भी विकल्प आ रहे हैं, उनमें से किन्हीं तीन से पाँच भूमिकाओं का चित्रण करें | कक्षा में सभी के द्वारा बनाए गए चित्रों को देखें| क्या आपको इन चित्रों में कुछ विशेष दिखाई देता है? या कुछ ऐसा जो असामान्य है? आपको कौन-से चित्र रोचक लगे और क्यों?

गतिविधि 4 -वस्त्र और उनकी भूमिकाएँ
कोई व्यक्ति कलाकार या किसान है, यह हमें कैसे पता चल सकता है? क्या हम सभी किसानों की कल्पना एक ही प्रकार से करते हैं या फिर इनमें कोई अंतर है? समानताएँ और अंतर क्या हैं? आइए, जानें!
अपनी कल्पना से किसान का एक चित्र बनाएँ| अपनी कक्षा में बनाए गए सभी चित्रों को देखें| बनाए गए चित्रों में किसानों का जेंडर क्या है? वे किस कद-काठी के हैं? उन्होंने किस प्रकार के वस्त्र पहने हुए हैं?
आइए, इस विषय पर चर्चा कीजिए-
1. आपने अपने चित्रों के लिए ये निर्णय कैसे लिए?
2. क्या आपको सभी जेंडर के किसान मिलते हैं?
3. आपने किसानों के चित्र कहाँ-कहाँ देखे हैं?
4. यदि वे अपने कपड़े परिवर्तित कर लें, तो क्या वे किसान होंगे?

दिए गए चित्र में आपको कौन-से संगीत वाद्ययंत्र दिखाई दे रहे हैं?
आप जिस प्रकार अपने प्राकृतिक वातावरण का अवलोकन करते हैं, उसी प्रकार लोगों का भी ध्यानपूर्वक अवलोकन कीजिए| ध्यान दें कि हम में से प्रत्येक व्यक्ति का स्वरूप एवं वेशभूषा अनोखी होती है|
अपने आस-पास भिन्न-भिन्न भूमिकाओं वाले किन्हीं तीन लोगों का अवलोकन कीजिए और उनका चित्र बनाएँ| उनकी अन्य संभावित भूमिकाओं की कल्पना कीजिए|
अब अपने सहपाठियों के बनाए गए चित्रों को देखें| चित्रों में आपको कौन-से भिन्न-भिन्न लोग दिखाई दे रहे हैं? क्या सभी जेंडर के लोगों को भिन्न-भिन्न भूमिकाओं में दर्शाया गया है?
इन चित्रों की तुलना किसान के चित्र से कीजिए| क्या आपके विचारों को प्रस्तुत करने की विधि में कुछ परिवर्तन आया?
अभ्यास कीजिए
अपने आस-पास परिवार और पड़ोस में लोगों का अवलोकन करें| ध्यान दें कि उन्होंने क्या पहना हुआ है| आप जिस भूमिका में उन्हें देखते हैं, उनका एक चित्र बनाएँ| अब उन्हीं वस्त्रों में, लेकिन एक बहुत ही अलग भूमिका निभाते हुए उनका एक और चित्र बनाएँ| प्रयास कीजिए कि आपका चित्र विलक्षण हो और दर्शकों को प्रेरित करे|