अध्याय -4 कागज के शिल्प
इस अध्याय में, आप सभी कागज को एक आकर्षक और कलात्मक माध्यम के रूप में जान पाएँगे| आप कागज को मोड़ने, काटने और सूत्रात्मक रूप में प्रस्तुत करने (बुनाई) जैसी विभिन्न तकनीकों का प्रयोग करेंगे| इसके साथ ही, आप कागज काटने की 'सांझी' जैसी भारतीय कला परंपराओं के बारे में भी जानेंगे और सीखेंगे| आपको इस बहुमुखी सामग्री के साथ प्रयोग करने की कई रचनात्मक विधियाँ भी जानेंगे|



गतिविधि 1- कागज मोड़ना
कागज को मोड़ने की कला को 'ओरिगामी' के नाम से जाना जाता है| यह एक कला है, जिसकी उत्पत्ति जापान में हुई और अब यह पूरे विश्व में फैल चुकी है| हो सकता है कि आपने कागज को मोड़कर कुछ वस्तुओं को बनाना सीख लिया हो|
क्या आप 'सदाको और हजार कागजी सारस' की कहानी जानते हैं? सदाको 11 साल की एक छोटी जापानी लड़की थी| 1945 में हिरोशिमा पर परमाणु बम गिरने के नकारात्मक प्रभाव से उसे एक असाध्य रोग हो गया था| जब सदाको की अस्पताल में चिकित्सा चल रही थी, तब उसकी सहेली ने उसे कागज के सारस बनाने की किंवदंती (पुरानी कहानी) सुनाई| सदाको ने
अपने जीवन को आगे बढ़ाने की आशा मे हजार कागज के सारस बनाने आरंभ कर दिए| लेकिन 644 सारस बनाने के कुछ समय बाद ही सदाको की मृत्यु हो गई| लेकिन वह स्वयं पूरे विश्व में एक किंवदंती के रूप में प्रसिद्ध हो गई| आज भी विश्वभर से लोग कागज के सारस बनाकर, जापान में बच्चों के शांति स्मारक पर भेजते हैं| इस प्रकार कागज के सारस शांति के प्रतीक बन गए|
आप कागज को मोड़कर कई प्रकार की वस्तुएँ बना सकते हैं| अपने शिक्षक, माता-पिता और मित्रों से सीखें कि कागज को मोड़कर विभिन्न प्रकार की आकर्षक वस्तुएँ कैसे बनाई जाती हैं|


कागज से सारस बनाने के निर्देश
गतिविधि 2- कागज काटना
'सांझी' एक ऐसी पारंपरिक कला है, जो उत्तर प्रदेश के मधुरा और उसके आस-पास के क्षेत्रों में प्रचलित है| ऐसा माना जाता है कि इस कला का उपयोग मूल रूप से रंगोली के साँचों के रूप में किया जाता था| आजकल, यह साँचे कागज से बने होते हैं और बहुत ही जटिल तरीके से विभिन्न प्रकार की संरचना और छवियों में काटे जाते हैं|
आप विन्यास की कल्पना करके स्वयं के सरल साँचे और चित्र बना सकते हैं| आप इन कटे हुए कागजों का उपयोग लालटेन और अन्य सजावट की वस्तुएँ बनाने के लिए भी कर सकते हैं|
यहाँ कुछ विचार दिए गए हैं| स्वयं प्रयोग कीजिए और आपस में नए विचार अपनी कक्षा में साझा कीजिए|

कागज से सांझी काटरा

क्या आप जानते हैं?
त्योहारों और अन्य अवसरों के समय धागों पर लटकाए जाने वाले कागज कपड़े या प्लास्टिक की सजावट को ध्वज पताका (बटिंग) कहा जाता है| ये बहुत रंगीन होते हैं| इनमें से विभिन्न प्रकार के आकारों और समानाकृतियों (पैटर्न) को काटकर इन्हें और अधिक सुंदर बनाया जा सकता है|
कागज काटने के लिए कैची और तीक्ष्य उपकरणों का उपयोग करते समय सभी सुरक्षा सावधानियों का ध्यान अवश्य रखें|
गतिविधि 3- कागज की बुनाई
कागज एक जादुई सामग्री है| जैसा कि आपने पिछली गतिविधि में देखा, कागज सरलतापूर्वक अपना रूप परिवर्तित कर सकता है| कुछ काट-छाँट और मोड़ के साथ यह जीवों और वस्तुओं का आकार ले सकता है|
आइए, कागजी शिल्प की एक और विधि या बुनाई के साथ प्रयोग करें| यदि आप अपने आस-पास किसी भी वस्त्र को ध्यान से देखें, तो आप देख पाएँगे कि यह दृढ़तापूर्वक तथा एक-दूसरे से आड़े-तिरछे लिपटे धागों से बना है| इस आड़ी-तिरछी बुनावट को ताना-बाना भी कहा जाता है| आइए, कागज के साथ ऐसा करने का प्रयास कीजिए| चित्रों को देखिए और अपनी स्वयं की चटाई बुनने का प्रयास कीजिए |

अभ्यास कीजिए
बुनाई के लिए अन्य माध्यमों, जैसे- प्राकृतिक तन्तु, कागज, कपास, ऊन, बाँस, अखबार, जूट, ताड, वस्त्र की बेकार पड़ी पट्टियाँ आदि का प्रयोग कीजिए|