
अध्याय -5 मुहर से छपाई तक

इस अध्याय में आप मुहर या सील की रूपरेखा, उनके उद्देश्य और कलात्मक गुणों के बारे में जानेंगे| इतिहास की मुहर के उदाहरणों से प्रेरणा लेते हुए, आप अपनी स्वयं की मुहर बनाएँ तथा उसे बनाने के लिए विभिन्न सामग्रियों का प्रयोग कीजिए| इस प्रक्रिया में आप अपनी मुहर, कागज और वस्त्र दोनों पर परीक्षण करेंगे| आप इस प्रक्रिया को 'अजरख' ठप्पा छपाई (ब्लॉक प्रिंट) की वस्त्र परंपरा से भी जोड़कर देख पाएँगे| अपनी स्वयं की मुहर का उपयोग करके आप कागज, वस्त्र और अन्य सतहों पर अपने प्रिंट बनाने के लिए रुचिकर समानाकृति बना सकते हैं|


गतिविधि 1- आइए, मुहरों को देखें
क्या आपने अपने शिक्षकों, विद्यालय के प्रधानाचार्य या अपने विद्यालय के कार्यालय में किसी को मुहर और रबर स्टैंप का उपयोग करते देखा है?
मुहर लगे हुए किसी भी कागज या दस्तावेज देखने के लिए अपने शिक्षक की सहायता लीजिए | इन प्रश्नों पर चर्चा कीजिए-
1. मुहर पर छवि या लिखावट क्या है?
2. मुहर क्या दर्शाती है?
3. मुहर का उपयोग किस लिए किया जाता है?
मुहर पर चित्र, चिह्न और लिखावट आदि हो सकते हैं| वे हमें समाज, व्यक्ति, राज्य, संस्था और संगठन के जीवन, दिनचर्या, सामाजिक स्थिति और विश्वास के बारे में संकेत देते हैं|
मुहरों पर बने चित्र और प्रतीक को देखें| उनका अवलोकन कीजिए| उनकी तुलना करें| चर्चा करें कि मुहरों के प्रतीक क्या दर्शा रहे हैं?
ध्यान दें कि इन सभी मुहरों पर भिन्न-भिन्न लिपियों में कुछ लिखाई के साथ एक चित्र चिह्न भी उपस्थित है|


गतिविधि 2 - अध्ययन यात्रा
अपने स्थानीय डाकघर में जाएँ| वहाँ पोस्टमास्टर या किसी अन्य ऐसे डाक अधिकारी से मिलें, जो आपको डाक सेवाओं में प्रयोग की जाने वाली मुहरें और टिकटें दिखा सके| निम्नलिखित का पता लगाएँ और टिप्पणी (नोट) लिखें-
1. स्टैंप या मुहर में प्रयोग की जाने वाली सामग्री |
2. डाक सेवा का प्रतीक चिह्न |
3. मुहर में दी गई अन्य कोई जानकारी |
अभ्यास कीजिए
अपने परिवार के वृद्ध सदस्यों से बात कीजिए और उनसे ऐसे दस्तावेज या डाक लिफाफे माँगे जिन पर कोई मुहर लगी हो| मुहर के विवरण पर ध्यान दीजिए और जो प्रतीक और लिखावट आपको मिले, उसके बारे में टिप्पणी लिखें या उनका रेखाचित्र बनाएँ|
प्रयोग
कोई भी सिक्का लीजिए| उस पर एक कागज रखें| पेंसिल का उपयोग करके, सिक्के के ऊपर रखी कागज की सतह पर तब तक रेखाएँ बनाएँ जब तक कि सिक्के की छवि दिखाई न देने लगे|

गतिविधि 3- अपनी मुहर स्वयं बनाएँ
अब तक आप मुहरों की विशेषताओं और उद्देश्यों से परिचित हो गए है| क्या अब आप अपनी मुहर बनाना चाहेंगे?
सबसे पहले आप मुहर के विन्यास या संरचना से शुरुआत कीजिए| एक कागज और पेंसिल लें और अपने विचारों के अनुसार प्रारंभिक रेखाचित्र बनाएँ|
चरण -1 प्राप्त की गई वस्तुओं के साथ प्रयोग कीजिए
- थोड़ी-सी मिट्टी या आटा तैयार कीजिए|
- कुछ छोटी बस्तु, जैसे-बटन, बोतल के ढक्कन, छड़ें, पत्ते, सिक्के आदि इकट्ठा कीजिए| अपनी मिट्टी की सतह को गीला करके समतल कीजिए|
- आपके द्वारा इकट्ठा की गई बस्तुओं को तैयार की गई सतह पर रखकर दबाएँ और देखें कि क्या वे चिह्न छोड़ते हैं?
- पता कीजिए कि कौन-सी वस्तु स्पष्ट चिह्न बनाती हैं और क्यों?
चरण 2- मुहर की बनावट
- सबसे पहले अपना व्यक्तिगत प्रतीक तैयार कीजिए | यह एक साधारण चित्र हो सकता है जो आपका प्रतिनिधित्व करता हो एक मुखाकृति, पत्ती, फूल, फल, वस्तु, पशु, अक्षर, चिह्न, आदि| यह आपके मूल्यों को दर्शा सके अथवा आपके गुणों को परिलक्षित करने वाला होना चाहिए|
- अपने सरचना (डिजाइन) को सरल रखिए|
चरण- 3 अपनी मुहर बनाएँ
- मुहरें बनाने के लिए प्रयोग में आने वाली आवश्यक सामग्री को एकत्रित कीजिए जैसा कि आपने कुछ मुहरों में देखा है |
- विद्यालय में सहजता से उपलब्ध विकल्पों के बारे में सोचें| उदाहरण के लिए, मिट्टी, कार्डबोर्ड, जूट की रस्सी, स्पंज, रबर आदि का प्रयोग किया जा सकता है |
- आप जिस सामग्री का प्रयोग करेंगे उसकी सतह को समतल कीजिए| याद रखें कि मुहर का चिह्न तभी स्पष्ट होगा जब उसके डिजाइन (विन्यास) के सभी भाग समतल होंगे |
- ऐसे उपकरण चुनें, जिन्हें आप काटने, तराशने और अपने डिजाइन (विन्यास) को आकार देने के लिए सुरक्षित रूप से प्रयोग में ला सकें |
- अगर आपको लगता है कि आपके डिजाइन (विन्यास) को तराशना कठिन है, तो इसे सरल बनाएँ और अपने डिजाइन को पूरा कीजिए |


चरण 4- अपनी मुहर का परीक्षण कीजिए
- अपनी मुहर लगाने के लिए सामग्री या सतह चुनें जिस पर मुहर लगाई जानी है| यदि आपकी मुहर गोल है और सपाट नहीं है, तो आप इसे गीली मिट्टी या आटे पर दबा सकते हैं, जैसा कि आपने पहले परीक्षण में वस्तुओं के साथ किया था |
- यदि आपकी मुहर सपाट है, तो उस पर रंग या स्याही लगाकर किसी भी कागज पर छापें |
- परिणाम के आधार पर, आप अपनी मुहर के विन्यास में तब तक परिवर्तन और सुधार कर सकते हैं, जब तक कि आप वांछित प्रभाव प्राप्त न कर लें |

गतिविधि 4- छपाई
अब आपके पास एक ऐसी मुहर है, जिसका प्रयोग बार बार किया जा सकता है| स्टैंप पैड में स्याही लगी होती है| जब हम मुहर को स्टैंप पैड में दबाते हैं, तो उस पर स्याही लग जाती है, जिसे दबाकर कागज पर चिह्नित किया जाता है|

यही प्रक्रिया छपाई की कई पृथक-पृथक पारंपरिक प्रक्रियाओं में देखी जा सकती है| आइए, हाथ से की जाने वाली छपाई की प्रक्रिया देखें, क्योंकि यह रबर स्टैंप और आपके द्वारा बनाई गई मुहरों से काफी मिलती-जुलती है|
यह एक नक्काशीदार लकड़ी का ठप्पा या ब्लॉक है | अब उन भागों पर ध्यान दीजिए, जहाँ समानाकृति (पैटर्न) उभरी हुई है| इस ब्लॉक को लकड़ी की नक्काशी में पारंगत एक कलाकार ने सावधानीपूर्वक तराशा है| क्या आपके आस-पास बढ़ई और लकड़ी की नक्काशी बनाने वाले कलाकार हैं?
उनसे मिलें, यह चित्र दिखाएँ और उनसे पूछें कि इस तरह के विन्यास को कैसे उकेरा जाता है| उनसे पूछें कि कौन-से उपकरण प्रयोग में लाएँ जाते हैं और इसे हाथों से उकेरने में कितना समय लगेगा| इस लकड़ी के ठप्पे का प्रयोग, वस्त्रों पर छपाई के लिए किया जाता है| इन वस्त्रों को 'हैंड ब्लॉक प्रिंटेड टेक्सटाइल' कहा जाता है|
हाथ से ठप्पे की छपाई करने वाले चित्र को देखिए और स्याही वाले ठप्पे को कपड़े पर सावधानी से रखें| एक ही ठप्पे का प्रयोग निरंतर समानाकृति (पैटर्न) बनाने के लिए बार-बार किया जाता है| वह 'अजरख' नामक एक विशेष वस्त्र बना रहा है, जो गुजरात के कच्छ में प्रचलित है|
क्या आपको लगता है कि आप अपनी मुहर से कोई समानाकृति (पैटर्न) बना सकते हैं? आप एक और मुहर भी बना सकते हैं, जो निरंतर समानाकृति (पैटर्न) के लिए उपयुक्त हो| कुछ डिजाइन बनाएँ और उन्हें प्रयोग में लाकर देखें|