अध्याय -15
भारतीय नृत्य

आइए, नृत्य की अपनी यात्रा आरंभ करें| अपने घुंघरूओं को पहनिए और नृत्य के संसार में गोता लगाने के लिए तैयार हो जाइए|
मातृभूमि के लिए नृत्य- स्थानीय लय और संचलन की खोज
यह अध्याय उन श्रेष्ठ नृत्य शैलियों की खोज से संबंधित है, जो हमारे देश को रंगीन और जीवन से भरपूर बनाते हैं|
आइए, उन नृत्य शैलियों पर निकट से दृष्टि डालें जो आपके अपने स्थानीय परिपेक्ष में हैं|
इस गतिविधि में, आप उन नृत्यों की खोज करेंगे जो आपके क्षेत्र से संबंधित हैं|
समृद्ध पारंपरिक लोक नृत्य से लेकर स्थानीय उत्सवों की ऊर्जावान धुनों तक, ये विभिन्न नृत्य आपके समाज में गहराई से निहित हैं|
अपने क्षेत्र की भावना प्रदर्शन करने वाली नृत्य शैली की खोज करने के लिए तैयार हो जाइए और हमारे सांस्कृतिक नृत्य मंच को लय और आनंद के साथ जीवंत बनाइए|
जानकारी प्राप्त करना
अपनी कक्षा, शिक्षक तथा माता-पिता से चर्चा करके, अपने क्षेत्र के विभिन्न क्षेत्रीय नृत्यों के नाम सूचीबद्ध कीजिए |
कोई भी क्षेत्रीय नृत्य चुनें और स्थानीय कलाकारों के साथ उस क्षेत्र की यात्रा करें या वीडियो देखें|
यदि संभव हो, तो उनके साथ एक छोटी कार्यशाला आयोजित करें और स्थानीय नृत्य शैली से संबंधित विचार और नृत्य करने की आवश्यकता एवं कारण को स्पष्ट कीजिए|
उनकी मुद्राओं, हाव-भाव और सुंदर संचलनों को सीखने का प्रयास करें|
इस तरह आप अपने क्षेत्रीय नृत्य के विषय में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं|
भ्रमरी (चक्कर), घुमावों, उत्कृष्ट संचलनों, सुंदर पद संचलन, रंग-बिरंगी वेशभूषा और भावों का अवलोकन कीजिए| इससे अत्यधिक मात्रा में सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है|
उदाहरण
क्षेत्र भ्रमण के समय नृत्य शैली को नोट करने का ढंग|
गुजरात से गरबा नृत्य-
क. परिचय
यह नृत्य शैली नवरात्रि के त्योहार के अवसर पर की जाती है| जहाँ देवी दुर्गा की पूजा की जाती है| यह नृत्य सामुदायिक भावना और एकजुटता के प्रदर्शन के साथ-साथ संस्कृति और परंपरा का भी उत्सव है|

ख. नृत्य की विशेषताएँ
- जीवंत और ऊर्जावान संचलन |
- लयबद्ध ताली|
- नर्तकों द्वारा संकेंद्रित घेरे में वृत्ताकार प्रारूप की संरचना|
ग. संगतकार
- पारंपरिक लोक संगीत|
- ढोल (ड्रम), तबला और डांडिया स्टिक जैसे वाद्ययंत्र|



घ. वेशभूषा
- महिलाओं के लिए चनिया चोली (घाघरा)|
- पुरुषों के लिए केड़यू-काफनी (धोती और कुर्ता का एक प्रकार)|
अन्य नृत्य विधाओं का पता लगाना
आप अब हमारे देश के अन्य क्षेत्रों की स्थानीय नृत्य शैलियों का पता लगाने जा रहे हैं|
इस नृत्य यात्रा में आप किसी एक स्थानीय नृत्य शैली को सीखने के अलावा अन्य नृत्य शैलियों का भी पता लगाएँगे|
गतिविधि 2- अन्य नृत्य शैलियों का पता लगाना
अन्य क्षेत्रीय नृत्य शैलियों के वीडियो देखें|
आइए, मिलकर बैठें और दूसरे क्षेत्र के नृत्य के संबंध में सार्थक चर्चा कीजिए|
| राज्य | नृत्य का नाम | सहायक संगीत उपकरण | वेशभूषा | नृत्य का अवसर |
| केरल | तिरूवथिरकली (महिलाओं द्वारा प्रस्तुति)| | लोक गीत के साथ ताली तथा लयबद्ध नृत्य| | केरल के पारंपरिक आभूषणों, केरल की साधारण वेशभूषा मुंडु और वेष्टि के साथ| | तिरूवाथिरा शिवरात्रि, ओणम और कुछ अन्य त्योहारों के अवसर पर| |
| ओडिशा | सैला नृत्य (आदिवासी समुदायों के द्वारा प्रस्तुति)| | ढोल (एक बैरल के आकार का ड्रम), नगाड़ा (केटल ड्रम) और बाँसुरी| | रंगबिरंगी साड़ियाँ और धोती, जनजातीय आभूषण, मोती, शंख और धातु के आभूषण| | चैत्र पर्व के अवसर पर जब कृषि की शुरूआत होती है| |
| कश्मीर | रोफ नृत्य (महिलाओं द्वारा समूह में प्रस्तुति)| |
तुम्बकनारी (एक छोटा केतली ड्रम), रबाब (एक तंत्री वाद्य) और हारमोनियम| | कश्मीरी वस्त्र फिरन (एक ढीला व रंगीन कढ़ाई वाला वस्त्र अथवा कुर्ता) आभूषण, झुमके, हार, चूड़ियाँ| | ईद, बैसाखी और नवरोज साथ ही विवाह, फसल कटाई के उत्सव एवं अन्य सामाजिक सभाओं के अवसर पर| |
अपने देश के राज्यों से संबंधित नृत्य शैलियों को सूचीबद्ध कीजिए| यहाँ कुछ राज्यों की नृत्य शैलियों को उदाहरण के रूप में दिखाया गया है| हाँ......अब आप सारणीबद्ध प्रक्रिया से विभिन्न नृत्य शैलियों की जानकारी को सारणी के रूप में व्यवस्थित कर सकते हैं| अद्भुत ! बहुत अच्छा! आइए, अब अपनी नृत्य यात्रा के अगले स्तर पर चलें|
क्षेत्रीय नृत्य रूपों की तुलना
अपनी नृत्य यात्रा में, आप कई स्थानीय नृत्य शैलियों से परिचित हुए होंगे| आप अब एक स्तर ऊपर उठते हुए अपने क्षेत्र की स्थानीय नृत्य शैलियों की तुलना दूसरे क्षेत्र की नृत्य शैलियों से कीजिए|
राज्य |
नृत्य का नाम | सहायक संगीत उपकरण | वेशभूषा | नृत्य का अवसर |
गतिविधि 3- क्षेत्रीय नृत्य शैलियों में विविधता एवं तुलनात्मक अध्ययन
मोचिए, यदि आप राजस्थान से हैं और कालबेलिया स्थानीय नृत्य शैली को चुनते हैं, तो इसकी तुलना अन्य स्थानीय नृत्य अर्थात मेघालय के नॉगक्लेम नृत्य से कीजिए|
नीचे दिए गए उदाहरण को संदर्भ में लेकर एक तुलनात्मक चार्ट बनाएँ -
नीचे दिए गए उदाहरण को संदर्भ में लेकर एक तुलनात्मक चार्ट बनाएँ-
नृत्य का नाम |
कालबेलिया | नोंगक्रेम |
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राज्य
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राजस्थान |
मेघालय |
परिधान |
महिलाएँ शरीर के ऊपरी भाग पर अंगरखी नाम की चोली, सिर के लिए ओढ़नी और निचले शरीर के हिस्सों पर छोटे शीशे की कढ़ाई वाला लहंगा पहनती है| |
पारंपरिक वेशभूषा में लड़किया या पुरुष सामान्यतया चमकीले रंगों से सजे होते हैं और तलवार तथा सफेद याक के बालों की बनी छड़ी पकड़ते हैं| |
नृत्य का अवसर |
अनुष्ठान से जुडी, प्रायः पौराणिक कहानियों को दशति हुए होली के अवसर पर विशेष नृत्य किए जाते हैं| |
शरद ऋतु के समय भरपूर फसल और लोगों की समृद्धि के लिए शक्तिस्वरूपा देवी को प्रसन्न करने के लिए इस उत्सव को मनाया जाता है| |
प्रस्तुतकर्ता या प्रदर्शनकर्ता |
महिलाओं द्वारा नृत्य और पुरुषों द्वारा गीत प्रस्तुतीकरण| |
पुरुष और महिला दोनों के द्वारा प्रस्तुतीकरण| |
सहायक संगीत उपकरण |
पारंपरिक लोक संगीत और लकड़ी के वाद्ययंत्र - पूंगी, ताल वाद्ययंत्र-डफली, बीन, खनीरा के साथ प्रस्तुति| |
पारंपरिक संगीत के साथ ढोल और सुषिर वाद्य तंगमुरी का प्रयोग| |
| नृत्य का नाम | ||
राज्य
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वेशभूषा |
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नृत्य का अवसर |
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प्रस्तुतकर्ता या प्रदर्शनकर्ता |
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सहायक संगीत उपकरण |
गतिविधि 4– क्षेत्रीय नृत्य शैली पर परियोजना
क्या आपको गतिविधि 1 स्मरण है| जहाँ स्थानीय नृत्य शैली का अध्ययन करने के लिए क्षेत्रीय यात्रा की गई है|
क्षेत्रीय नृत्य शैली पर रचनात्मक चित्र बनाकर या उससे संबंधित चित्र चिपकाकर एक परियोजना तैयार कीजिए|
नृत्य से संबंधित एक लोकगीत लिखें, किसी विशेष नृत्य शैली के लिए बनाए गए आभूषणों के छोटे मॉडल चिपकाएँ|
अंत में अपनी परियोजना को सभी शिक्षकों और मित्रों के सामने प्रस्तुत कीजिए|

गतिविधि 5- प्रसिद्ध नृत्य हस्तियों पर टिप्पणी
आधुनिक भारत के सुप्रसिद्ध नृतकों में से अपने किसी एक प्रिय नृत्यकार पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए| रचनात्मक लेख लिखें और चित्र चिपकाएँ| इस परियोजना के साथ-साथ उसे लोकप्रिय नृत्य की मुद्राओं और भावों का अनुकरण करने का प्रयास कीजिए|

