इकाई 3

खो-खो के आधारभूत कौशल
इस इकाई में हम 'खो-खो' नामक एक रोमांचक भारतीय खेल के संदर्भ में जानेंगे कि इस रोमांचक खेल से हमारे अंदर दलीय एकजुटता का भाव भी जाग्रत होता है |
'खो-खो' एक ऐसा खेल है, जिसमें दो दल प्रतिस्पर्धा करते हैं | एक दल विपक्षी दल के सदस्यों को आउट करने की कोशिश करता है, जबकि वे आउट होने से बचते हैं | खेल में शरीर की चपलता, स्फूर्ति, द्रुतगति, पैरों की शक्ति और दलीय भाव सम्मिलित है, जिसमें खिलाड़ी बारी- बारी से रक्षा और आक्रमण करते हैं |
हमारी अग्रिम गतिविधियाँ निम्नलिखित हैं-
- खेलें और सीखें- हम आनंददायी सत्रों में, जहाँ संवादात्मक खेल खेलेंगे, वहीं सामूहिक अभ्यास के माध्यम से 'खो-खो' खेलना भी सीखेंगे |
- कौशल विकास हम 'खो-खो खेल के विभिन्न कौशल विकसित करने के लिए रोमांचक गतिविधियाँ करेंगे |
- दलीय भाव के साथ काम करना सीखेंगे- हम खेल के दौरान एक साथ काम करने और एक-दूसरे का सहयोग करना सीखेंगे |
सिटिंग (बैठक)
| बार्म-अप (ऊष्मीकरण) | कौशल | कूल-डाउन (शीतलीकरण) | मुक्तचिंतन |
|---|---|---|---|
| एक ही स्थान पर तेजी से पैरों के पंजों पर दौड़ें, सिर से पैर तक खिंचाव करें | |
सिटिंग (बैठक) |
हैमस्ट्रिंग (पृष्ठ ऊर्ध्व जानूपेशीय समूह), पिंडली की पेशियों का खिंचाव व पैरों को व्युत्क्रम में लाकर पंजों को छूना | |
शक्ति |
सिटिंग (बैठक)
स्टांस (प्रारंभिक मुद्रा
- निर्दिष्ट वर्ग में खड़े हों |
- दृष्टि सामने रखें |
एग्जीक्यूशन (कार्यान्वयन)
- भूमि पर बने एक वर्ग में अपने पंजों के बल बैठें |
- अपनी हथेलियों को भूमि पर रखें, अपनी अँगुलियों और अँगूठे से एक सेतु बनाएँ |
- थोड़ा आगे की ओर झुकें, शरीर का भार दोनों कंधों और हाथों पर संतुलित होना चाहिए, जैसा कि चित्र में दिखाया गया है |

उत्थानक खेल
एक चक्र पूरा करने के लिए खिलाड़ियों के बीच प्रतिस्पर्धा- खो-खो प्रारंभिक मुद्रा में 20 सेकेंड, उसके बाद 10 मीटर मेंढक कूद और 10 मीटर बत्तख चाल |
मुक्तचिंतन – शक्ति
- गतिविधि के दौरान आपने अपने शरीर के किस पेशीय समूह पर खिंचाव महसूस किया |
- उन गतिविधियों पर चर्चा करें जो शरीर के बल और सहनशीलता को विकसित करने में सहयोग करेंगी |
क्या आप जानते हैं?
सब जूनियर बालक/बालिका वर्ग के लिए खो-खो खेल क्षेत्र का माप 14 × 24 मी² होता है |
चेजिंग (पीछा करना)
| बार्म-अप (ऊष्मीकरण) | कौशल | कूल-डाउन (शीतलीकरण) | मुक्तचिंतन |
|---|---|---|---|
| अधोशरीर की घूर्णन गति, घुटनों को ऊपर उठाना व एड़ियों को नितंब तक लाना |
दौड़ना |
फर्श का स्पर्श, पिंडली विस्तारण, पैरों को दुबकाकर खींचना |
फुटवर्क (पदविन्यास) |
चेजिंग (पीछा करना)
स्टांस (प्रारंभिक मुद्रा)
- पीछा करने की शुरुआत बैठने की स्थिति से होगी, जो हमने पिछले सत्र में सीखी थी |
फुटवर्क (पदविन्यास)
- आप बाएँ दिशा में जाने के लिए बायाँ पैर पहले निकालेंगे और दाएँ दिशा में जाने के लिए दायाँ पैर पहले निकालेंगे |
दौड़ने की तकनीक
- अपने सिर को ऊपर उठाकर अपने शरीर को सीधा रखें |
- अपनी भुजाओं को परस्पर आगे से पीछे घुमाएँ और स्वरक्षक (डिफेंडर) की ओर ध्यान केंद्रित करके उसको आउट करने का प्रयास करें |

उत्थानक खेल
एक प्रारंभिक रेखा पर एकत्रित हों और खो-खो सिटिंग स्टांस (बैठक मुद्रा) में बैठें | लंबी सीटी की आवाज पर समाप्ति रेखा की ओर दौड़ना शुरू करें और छोटी सीटी की आवाज पर बैठ जाएँ | शिक्षक प्रत्येक सीटी के साथ विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करेंगे | गलत सीटी पर बैठना और उठना गलत माना जाएगा |
मुक्तचिंतन – पदविन्यास
- उठते समय के अपने फुटवर्क पर चर्चा करें, जैसा कि कौशल अनुभाग में बताया गया है |
- खो-खो खेल के आधारभूत नियमों को अपने शब्दों में विस्तार से बताएँ |
'खो' देना
| बार्म-अप (ऊष्मीकरण) | कौशल | कूल-डाउन (शीतलीकरण) | मुक्तचिंतन |
|---|---|---|---|
| कूदना, उठक बैठक, एड़ी का खिंचाव |
'खो' देना (खो-खो) |
भुजा को सिर के ऊपर खींचना, धड़ का परिक्रमण, क्रॉस-लेग पंजों को छूना |
खो का अनुमान लगाना |
'खो' देना
मौखिक और स्पर्श संकेत
'खो' का संकेत दल के साथी की पीठ पर छू करके 'खो' बोलते हुए देते हैं | पीठ पर हाथ का लगना और 'खो' शब्द का उच्चारण एक ही समय होना चाहिए | 'खो' देते समय कम से कम एक पैर क्रॉस-लेन के पीछे होना चाहिए |
'खो' देने की तकनीक


उत्थानक खेल
दो दल बनाइए और 'खो' देने की सभी तकनीकों का प्रयोग कर खो-खो खेल का अभ्यास करें |
मुक्तचिंतन – खो' प्राप्त करने का अनुमान
खो-खो खेलते समय आपने कैसे अनुमान लगाया कि आपको 'खो' कौन देगा?
क्या आप जानते हैं?
'खो' देने के तीन तरीके होते हैं-
- सामान्य स्पर्श
- अर्ली 'खो'
- लेट 'खो'
सीधी रेखा में दौड़ना
| बार्म-अप (ऊष्मीकरण) | कौशल | कूल-डाउन (शीतलीकरण) | मुक्तचिंतन |
|---|---|---|---|
| छलांग लगाना और कूदना, नितंब श्रेणी, मांसपेशियों में खिंचाव |
सीधी रेखा में दौड़ना |
पश्चिमोत्तानासन, उष्ट्रासन, कपोतासन |
त्रुटियों को पहचानना व उनको सुधारना |
सीधी रेखा में दौड़ना
दौड़ने का उचित स्वरूप
- छाती और सिर को सीधा रखते हुए ५० शरीर को उन्नत रखें |
- अपने हाथों की गति को सीधा और मैदान के समानांतर रखें |
त्वरण अभ्यास
- त्वरित शुरुआत करने और तेजी से गति बढ़ाने का अभ्यास करें, इससे तेजी से पीछा करने की आपकी क्षमता में सुधार होगा |
- धावनपथ का निर्माण करने के लिए सूचक चिह्न या शंकू का उपयोग करें और एक सीधी रेखा बनाए रखने के लिए अपनी दृष्टि को अंतिम बिंदु पर केंद्रित रखने के लिए स्वयं को प्रोत्साहित करें |
उत्थानक खेल
संशोधित शटल रन- 10 मीटर की दो समानांतर रेखाएँ खीचें, जिनके बीच की दूरी 30 सेंटीमीटर हो | खिलाड़ी स्टांस की मुद्रा में बैठेंगे | सीटी की आवाज पर वे उठेंगे और अंतिम रेखा की ओर दौड़ेंगे और फिर प्रारंभिक बिंदु (जहाँ से दौड़ प्रारंभ की थी) की ओर वापस आएँगे | यदि पैर सीमा रेखा को छूता है या शरीर दिशा विशेष की ओर मुड़ जाता है तो खिलाड़ी को प्रारंभ रेखा से फिर से पुनः प्रारंभ करना होगा | जो सबसे पहले दौड़ समाप्त करेगा, वह विजेता होगा |
मुक्तचिंतन- त्रुटियों को पहचानना और सुधार के चरण
उस गलती को पहचानें और समझें जो आपने संभवतया पूर्व में की थी | दौड़ प्रारंभ करने हेतु दिए गए दृश्य व श्रव्य संकेतों को समझने में आपसे जो त्रुटियाँ हुईं, उनको खोजना और पहचानना |
डॉजिंग (चकमा देना)
| बार्म-अप (ऊष्मीकरण) | कौशल | कूल-डाउन (शीतलीकरण) | मुक्तचिंतन |
|---|---|---|---|
| फिसलना और घुड़चाल से दौड़ना, घुटने को सीने से लगाना और क्वाड़िसेप का खिंचाव |
चकमा देना |
आगे व पीछे की ओर झुकना, कमर व पैरों की संधियों का घुर्णन व्यायाम |
किसी खिलाड़ी के पैरों द्वारा चकमा देना |
चकमा
चकमा देना (रक्षक)
- यह खो-खो खेल में रक्षक (धावक) के लिए एक कौशल है, क्योंकि यह उन्हें तेजी से आगे बढ़ने हेतु व पीछा करने वाले अनुधावक द्वारा किए गए आउट करने के प्रयासों से बचने का उपक्रम है | अनुधावक के प्रयासों से बचने में चकमा देना काम आता है | प्रभावी चकमा देने के लिए कदमों का त्वरित परिवर्तन, चपलता और रणनीतिक सूझबूझ का संयोजन सम्मिलित होता है |
झुकाव
- धावक अपने शरीर को एक दिशा में झुकाते हैं और पीछा करने वालों को इनकी इच्छित दिशा के बारे में गुमराह करने लिए दूसरी दिशा में दौड़ते हैं | इससे धावक अनुधावक से बचने के लिए सुरक्षित मार्ग खोज लेता है |
- त्वरित गति से मुड़ना और पिवॉट (पंजे या एड़ी से पूरे शरीर को दिशा परिवर्तन कर देना) आपको शीघ्रता से दिशा बदलने में सहयोग करते हैं, जिससे पीछा करने वाले के लिए आपकी आगामी दिशा का अनुमान लगाना कठिन हो जाता है |
गति को बदलना (अनुवाधक)
- आप समान गति से पीछा करते हुए, अचानक गतिविधि को त्वरित या धीमी करके अपने विरोधी को पकड़ते हैं |

उत्थानक खेल
सुरक्षा की ओर बढ़ें-
- 20 मीटर पर प्रारंभिक रेखा और अंतिम (फिनिश) रेखा को चिह्नित करें | खिलाड़ियों को दो भागों में विभाजित करें |
- धावक प्रारंभिक रेखा पर खड़े होंगे और अनुधावक मध्य भाग पर खड़े होंगे |
- धावकों को दौड़ना होता है और अनुधावकों को चकमा देना होता है | बिना आउट हुए अंतिम रेखा तक पहुँचना होता है |
- अंतिम रेखा तक पहुँचने वाले सदस्यों की संख्या, दल द्वारा बनाए गए अंकों की संख्या होंगी |
- अब भूमिकाएँ बदलें और फिर से खेलें |
मुक्तचिंतन – अनुपयुक्त कदम
एक दिशा में अपना कंधा झुकाकर और दिग्भ्रमित करके दूसरी दिशा में जाकर किसी खिलाड़ी को भ्रमित करने की अपनी रणनीति विस्तार से समझाएँ |
जिग-जैग (उत्तरोत्तर तिरछी) दौड़
| बार्म-अप (ऊष्मीकरण) | कौशल | कूल-डाउन (शीतलीकरण) | मुक्तचिंतन |
|---|---|---|---|
| कमर व पैरों की पेशियों का खिंचाव, आगे की ओर त्वरित कूदने का व्यायाम, एकल व दोनों पैरों के साथ व्यायाम, बैठक कूद |
जिग-जैग दौड़ |
कपोतासन, शैशवासन व भुजंगासन |
प्रतिक्रिया समय |
जिग-जैग दौड़
खो-खो खेल में दो प्रकार के जिग-जैग का उपयोग किया जाता है | एक सीधी दौड़ एवं दूसरी तिरछी दौड़ |
धीमी गति
- धीरे से चलकर व दौड़कर जिग-जैग गति प्रारंभ करें, दिशा परिवर्तन व कदमों के उचित स्थापन पर ध्यान केंद्रित रखें |
- खो-खो की विशिष्ट गतिविधियों में चकमा देना, पकड़ना एवं नियंत्रित तरीके से धावक या अनुधावक को पकड़ना |
- खिलाड़ी को धीरे-धीरे जिग-जैग गति बढ़ानी चाहिए एवं त्वरित व नियंत्रित गति पर ध्यान दिया जाना चाहिए



पार्श्व गतियाँ (विधिमुक्त)
- जब आप शंकुओं के बीच दिशा बदलते हैं, तो एक पैर को दूसरे पैर के पार्श्व रखकर अभ्यास करें, इससे चपलता एवं समन्वय में सुधार करने में सहायता मिलती है |
- एक बार जब खिलाड़ी आश्वस्त हो जाता है कि शिक्षक जिग-जैग पैटर्न में यादृच्छिक परिवर्तनों को बढ़ावा देने के लिए दिशानिर्देश देना या दृश्य संकेतों का उपयोग करेंगे, तो प्रतिभागी का तुरंत प्रतिक्रिया करने के लिए चुनौती देगा |
उत्थानक खेल
खो-खो खेल खेलना, सिंगल चेन पोल टू पोल दौड़ कौशल के साथ खो-खो खेलें | सबसे कम समय में मैदान कोर्ट का दौड़कर चक्र पूर्ण करने वाला खिलाड़ी विजेता होगा |
मुक्तचिंतन - प्रतिक्रिया समय
खो-खो खेलते समय अपना अनुभव साझा करें कि आपने यादृच्छिक दृश्य संकेत या प्रारंभिक संकेतों का अनुमान कैसे लगाया?
पोल टर्न (स्तंभ पर घूमना)
| बार्म-अप (ऊष्मीकरण) | कौशल | कूल-डाउन (शीतलीकरण) | मुक्तचिंतन |
|---|---|---|---|
| बाएँ-दाएँ चलना, पीछे चलना, धीमी दौड़ का अभ्यास करना |
पोल पर घूमना |
धनुरासन, मकरासन, चक्रासन |
पोल पर घूमने की विधियाँ |
पोल पर घूमना
पोल पर घूमना एक कौशल है, जिसका उपयोग त्वरित गति से घूमकर अनुधावकों द्वारा धावकों को छूने या आउट करने के लिए किया जाता है |
पोल तक पहुँचना
- जब आप पोल के पास जाएँ तो नियंत्रित और संतुलित रहें, दौड़ें और जब आप घूमें तो अपनी दृष्टि पोल पर रखें |
- जैसे ही आप पोल पर पहुंचते हैं, पोल के पास वाला अपना भीतरी पैर (जो पैर पोल के करीब होता है) रखकर मुड़ना प्रारंभ करें |
- पैर से धुरी गति का उपयोग करके अपने शरीर को मुड़ने वाली दिशा की ओर घुमाएँ |
- साथ ही अपने मुक्त पैर को अपने मुड़ने वाली दिशा में पोल से दूरी रखते हुए दूसरे पैर की ओर घुमाएँ |
- जैसे ही आप प्रवाह की दिशा में मुड़ते हैं, इसी के साथ पोल पर दिशा के विपरीत धक्का लगाएँ |




उत्थानक खेल
पोल शटल दौड़ : दो दल बनाएँ | जो दल कम समय में पोल शटल दौड़ पूरी कर लेगा वह दल विजेता होगा | दल के सदस्यों को पोल से 4 मीटर की दूरी पर बैठने के लिए कहें, दल का पहला खिलाड़ी पोल की ओर दौड़ता है, चक्र पूर्ण कर वापस आता है और दूसरे खिलाड़ी को 'खो' देता है | अगला खिलाड़ी इसी प्रक्रिया को दोहराता है | यह क्रम तब तक चलता रहता है, जब तक कि सभी खिलाड़ी शटल दौड़ पूरी नहीं कर लेते, दोड़ की शुरुआत में और दौड़ के अंत में समय नोट किया जाता है | इसी प्रकार दूसरा दल भी यह प्रक्रिया को दोहराएगा |
मुक्तचिंतन – पोल पर घूमने की तकनीक
इस बात पर चर्चा करें कि पोल पर घूमते समय कोहनी मोड़कर और कोहनी बिना मोड़े की गई क्रिया में क्या विविधता थी |
कवरिंग चेज
| बार्म-अप (ऊष्मीकरण) | कौशल | कूल-डाउन (शीतलीकरण) | मुक्तचिंतन |
|---|---|---|---|
| छलांग लगाना और कूदते रहना, नितंब व पैल्विक (श्रोणि) मांसपेशियों में खिंचाव |
कवरिंग चेज |
छाती की पेशियों का खिंचाव, स्कंध संधि घूर्णन, स्कंध संधि का विपरीत दिशा में खिंचाव |
पूर्वानुमान |
कवरिंग चेज
कवरिंग
- कवरिंग करने से खिलाड़ी को अनुधावक दल की (पीछा करने वाली) रणनीति के महत्व को समझने में सहायता मिलती है, जिससे अन्य धावक अपना रणनीतिक समन्वय स्थापित कर सकते हैं | साथ ही वे उचित दूरी बनाए रखते हुए और धावक का प्रभावी रूप से पीछा किया जाए, इस महत्वपूर्ण क्रिया को भी सीखेंगे |
समन्वय गतिविधियाँ
- इसमें धावकों की गति को समझना और उसके अनुसार अपनी शैली समायोजित करना निहित है | इस कौशल में अनुधावक खड़ा होता है और सीधी रेखा में धावक की ओर चलता है और जब भी उसे अवसर मिलता है, तो अनुधावक तीव्रगति से सीधे, बाएँ या दाएँ चाल बनाकर धावक की ओर लपकता है |

व्यक्तिगत रूप से पीछा करने का अभ्यास
- अनुधावकों द्वारा एक प्रति एक धावकों का पीछा करने का अभ्यास करें, जहाँ कवरिंग करने वाले अनुधावक एक ही धावक का पीछा करने का प्रयास करते हैं | यह आपके कौशल, जैसे- गति, समय और धावकों की गतिविधियों का अनुमान लगाने की क्षमता को और सशक्त बनाने में सहयोग करता है |
उत्थानक खेल
कबरिंग चेज रिले - दो दल 'अ' और 'ब' बनाएँ | जो दल पहले प्रक्रिया पूर्ण करेगा, वह मैच जीतेगा | दल 'अ' सबसे पहले केंद्र रेखा पर बैठता है | दल 'अ' के खिलाड़ी को सिटिंग स्टांस (बैठने की स्थिति) में 'खो' मिलता है, तब खिलाड़ी क्रॉस लाइन में 3 कदम चलता है एवं बाएँ ओर आक्रमण करता है और 45° के कोण पर रखे शंकु को छूता है और बाएँ ओर मुड़ता है तथा वर्ग संख्या 2 में बैठे दूसरे खिलाड़ी को 'खो' देने के लिए वापस आता है | सभी खिलाड़ी इसे तब तक दोहराते हैं, जब तक की 8वाँ खिलाड़ी ऐसा न कर दे और पोल को छूने के लिए वापस न आ जाए | दूसरा दल भी यही प्रक्रिया दोहराता है | इसी प्रकार उसी रिले को दाएँ ओर मुड़कर भी खेला जा सकता है | जो दल न्यूनतम समय में रिले समाप्त करता है, वह खेल जीत जाता है |
मुक्तचिंतन – पूर्वानुमान
कवर करने व पीछा करने की रणनीति की सचित्र व्याख्या करें कि कैसे कवर करने के अवसर का अनुमान लगाया जाए और फिर पीछा किया जाए |
क्या आप जानते हैं?
'खो' प्राप्त करते समय अनुधावक के दोनों हाथ केंद्रीय रेखा से बाहर होने चाहिए
चेन 'खो'
| बार्म-अप (ऊष्मीकरण) | कौशल | कूल-डाउन (शीतलीकरण) | मुक्तचिंतन |
|---|---|---|---|
| छलांग लगाना और कूदना, नितंब और श्रोणि (पेल्विक) मांसपेशियों में खिंचाव |
चेन 'खो' |
धड़ परिक्रमण, पिंडली का खिंचाव, अग्र ऊर्ध्व जानूपेशी (क्वाड्रिसेप) का खिंचाव |
प्रतिक्रिया समय |
चेन 'खो'
अवधारणा
- आप व आपका दल जो धावकों का पीछा करेगा, अनुधावकों के सहयोग से अवरोध उत्पन्न करेंगे, जिसका उद्देश्य धावक को एक दिशा में सीमित कर उन्हें केंद्रीय रेखा को पार करने से रोकना है |
- सुनिश्चित करें कि आप चेन में अपनी निर्दिष्ट स्थिति को समझते हैं | मैच के प्रारंभ में खिलाड़ियों को जिस क्रम में खड़ा किया गया है, उसके आधार पर स्थान आवंटित किए जाएँगे | चेन में प्रत्येक खिलाड़ी की अवरोध को बनाए रखने में एक विशिष्ट भूमिका होती है |
- एक सशक्त रक्षात्मक संरचना बनाए रखने के लिए आपको एक इकाई के रूप में एक साथ आगे बढ़ना चाहिए | प्रारंभ में धीमी गति में चेन का अभ्यास करें और केवल क्रिया पर ध्यान केंद्रित करें |



हस्त व मौखिक संकेत
- चेन प्रारंभ करने के लिए हाथ और ध्वनि संकेत का उपयोग करें | खिलाड़ियों को इस बात की सूचना होनी चाहिए कि कब चेन बनाना शुरू अपनी स्थिति को कब समायोजित करना है |
उत्थानक खेल
सिटिंग रिले रेस: दो दल बनाएँ, जिसमें प्रत्येक दल में 9 सदस्य हों, प्रत्येक दल से एक खिलाड़ी खड़ा होगा | अन्य 2-3 मीटर की दूरी पर खो-खो की स्थिति में बैठें | लेन के सामने खड़ा खिलाड़ी पास बैठे साथी की ओर दौड़कर दौड़ प्रारंभ करेगा और फिर उनकी पीठ पर 'खो' देगा और यह क्रम तब तक चलता रहेगा, जब तक कि अंतिम साथी प्रक्रिया दोहराते हुए दौड़ पूरी नहीं कर लेता | जो दल पहले प्रक्रिया पूर्ण करेगा, वह विजेता होगा |
मुक्तचिंतन – प्रतिक्रिया समय
प्रतिक्रिया समय – विस्तार से बताएँ कि आपने 'खो' का अनुमान कैसे लगाया और 'खो' और पीछा करने के लिए खड़े होने के बीच के समय को कैसे कम किया जाए |
फेक 'खो' (भ्रामक 'खो')
| बार्म-अप (ऊष्मीकरण) | कौशल | कूल-डाउन (शीतलीकरण) | मुक्तचिंतन |
|---|---|---|---|
| फिसलना और घुड़चाल में दौड़ना, घुटने को सीने तक खींचना और क्वाड्रिसेप का खिंचाव |
फेक 'खो' |
कपोतासन, शैशवासन, भुजंगासन |
अप्रत्याशित फेक 'खो' |
फेक 'खो'
फेक 'खो'
- यह धावकों को गुमराह करने, उन्हें आउट करने के अवसर उपलब्ध करवाने की एक रणनीति है |
- समय और अप्रत्याशितता बहुत महत्वपूर्ण है, जब आप फेक 'खो' को क्रियान्वित करते हैं | खेल की निरंतरता बनाए रखते हुए फेक 'खो' को संपूर्ण व समग्र खेल में ऐसे संयोजित करना चाहिए कि क्रिया निर्बाध चलती रहे |
प्रतिक्रिया समय का अभ्यास
- ऐसे परिदृश्य स्थापित करें, जहाँ आपको सूत्रों या संकेतों पर त्वरित प्रतिक्रिया करने की आवश्कता हो, अपनी प्रतिक्रिया में फेक 'खो' को सम्मिलित करने से वास्तविक खेल के समय फेक 'खो' को और अधिक सहजता से दे पाने में सरलता रहती है |

स्पर्धात्मक रूप में फेक 'खो' कौशल का अभ्यास
- प्रतिस्पर्धात्मक अभ्यासों का आयोजन करें, जो विशेष रूप से फेक 'खो' पर ध्यान केंद्रित करते हों | उदाहरण के लिए, एक-पर-एक की स्थिति बनाकर खेलें ताकि आप धावक तक पहुँचने के लिए फेक 'खो' का सफलतापूर्वक उपयोग कर सकें |
उत्थानक खेल
"फेक 'खो' के सम्राट" :नौ खिलाड़ी प्रति दल की संख्या से 3 से 4 दल बनाएँ | प्रत्येक दल के खिलाड़ियों को खो-खो की संरचना में बैठेंगे एवं एक खिलाड़ी खेल प्रारंभ करेगा | प्रत्येक दल का लक्ष्य जल्दी से जल्दी तीन वास्तविक 'खो' और दो फेक 'खो' देना है, पाँच 'खो' पूर्ण होते ही ऊँचे स्वर में 'पंचम' का उद्घोष करना है | पहले समाप्त करने वाला दल विजेता होगा | जो दल पहले समाप्त करेगा, वही प्रथम रहेगा |
मुक्तचिंतन – अप्रत्याशिक फेक 'खो'
चर्चा करें कि आपके फेक खो का कोई पूर्वानुमान न लगा सके, ऐसा कौशल कैसे विकसित किया जा सकता है |
क्या आप जानते हैं?
फेक 'खो' का उपयोग पोल के पास भी किया जाता है |
पोल डाइव
| बार्म-अप (ऊष्मीकरण) | कौशल | कूल-डाउन (शीतलीकरण) | मुक्तचिंतन |
|---|---|---|---|
| जंपिंग जैक, मेंढक कूद, सीना व पीठ की पेशियाँ क्वाड्रिसेप का विस्तारण |
पोल डाइव |
ट्राइसेप्स का विस्तारण, धड़ का परिक्रमण, पैरों को क्रॉस करके पंजों को छूएँ |
पोल डाइव के लिए कदमों का समुचित प्रयोग व सुरक्षात्मक प्रयास |
पोल डाइव
अप्रोच (पहुँच)
- त्वरित गति के लिए, जैसे ही आप पोल के समीप पहुँचते हैं, नियमित और सुरक्षित गति बनाए रखें |
- अपने शरीर को भूमि की ओर नीचे झुकाएँ और डाइव (गोता) मारने की दिशा में थोड़ा झुके रहें |
- जैसे ही आप पोल तक पहुँचते हैं, आप पोल के बाएँ ओर से डाइव मारते हैं, अपने बाएँ पंजों को पोल के बगल रखें और डाइव करने लिए के दाहिने हाथ से पोल को पकड़ें | यदि आप दाएँ ओर से पोल डाइव कर रहे हैं तो दाएँ पैर को पोल के बगल में रखें और बाएँ हाथ से पोल को पकड़ें |
- खिलाड़ी को आउट करने के लिए अपने हाथ और धड़ की गति बढ़ाएँ |
- जैसे ही डाइव पूरी होने लगे, बाहरी पैर और दोनों हाथों से पोल को धक्का दें | डाइव से बाहर निकलने के लिए अपने बाहर वाले पैर को पोल के चारों ओर घुमाएँ |

मुक्तचिंतन – पोल डाइव के लिए फुटवर्क और सुरक्षा
- पोल डाइव करने के लिए फुटवर्क क्यों महत्वपूर्ण है? उचित उदाहरणों के साथ समझाएँ |
- सिर या पैर को पोल से टकराने से बचाने के बारे में जानकारी देते हुए निर्देशों की एक सूची बनाएँ |
उत्थानक खेल
कोहनियों का द्वंद्व : दो दल बनाएँ | दोनों दलों को लगभग 6 मीटर की दूरी पर विपरीत दिशा में एक-दूसरे के सामने खड़ा करें | प्रत्येक दल का एक खिलाड़ी मध्य में आएगा और एक-दूसरे की कोहनी (चित्रानुसार) बंद कर देगा | दोनों खिलाड़ी वृत्ताकार घूमते हुए किसी लोक-गीत की एक या दो पंक्तियाँ गाएँगे | जैसे ही छंद समाप्त या पूर्ण होगा, दोनों खिलाड़ियों में से कोई दूसरे खिलाड़ी को सफलतापूर्वक अपनी ओर खींच लेता है, उसे एक अंक मिलता है | इस प्रक्रिया को तब तक दोहराएँ, जब तक कि सभी को अपनी बारी न मिल जाए |

टो-टेपिंग (पैर के पंजों को छूना)
| बार्म-अप (ऊष्मीकरण) | कौशल | कूल-डाउन (शीतलीकरण) | मुक्तचिंतन |
|---|---|---|---|
| कमर व पैर की पेशियों का परिक्रमण, घुटने को सीने तक उठाना और एड़ियाँ नितंब तक लाना |
पैर के पंजों को छूना |
कमर व पैर की पेशियों का परिक्रमण बद्ध कोणासन |
प्रसार के लिए खिंचाव |
टो-टेपिंग (पैर के पंजों को छूना)
स्थिति
- खिलाड़ी बैठने की स्थिति में होगा (जैसा हमने पहले सीख रखा है | धावक की क्रिया पर तुरंत प्रतिक्रिया करने के लिए तैयार होंगे |
- आपको धावक की गति पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है | उसकी गति, दिशा और स्वरूप का अनुमान लगाना है कि उसका अगला कदम क्या हो सकता है |
- समय महत्वपूर्ण होता है | जैसे-जैसे धावक पास में आता है, आपको अपना एक हाथ आगे बढ़ाते हुए धावक के पैर के पंजों अथवा बिना केंद्रीय रेखा पर गिरे हुए | पैर को छूने की कोशिश करनी चाहिए |

उत्थानक खेल
शंकु (कोन) पकड़ना : लगभग 3 से 5 मीटर की दूरी पर एक प्रारंभिक रेखा और प्रतिबंधित रेखा चिह्नित करें | नीचे दिखाए गए चित्र के अनुसार तीन शंकु को प्रतिबंधित रेखा से | मीटर की दूरी पर रखें | प्रत्येक खिलाड़ी प्रारंभिक रेखा से दौड़ते हुए निर्देशों के अनुसार खिलाड़ी (मध्य, दाएँ, बाएँ) शंकु की तरफ दौड़ेगा और प्रतिबंधित रेखा को पार किए बिना शंकु को छुएगा | शिक्षक निर्देशों के मध्य समय अंतरालों को धीरे-धीरे कम करेगा |

शंकु को छूने के लिए रेखा पार न करें
प्रारंभिक रेखा
मुक्तचिंतन – पहुँचने के लिए खिंचाव
विद्यार्थी प्रतिबंधित रेखा को काटे बिना शंकु तक पहुँचने के लिए प्रयोग की जाने वाली तकनीक पर चर्चा करेंगे |
3-2-3 चेन 'खो'
| बार्म-अप (ऊष्मीकरण) | कौशल | कूल-डाउन (शीतलीकरण) | मुक्तचिंतन |
|---|---|---|---|
| छलांग व कूदना, नितंब व श्रोणि का मांसपेशियों का खिंचाव |
3-2-3 चेन |
लंजेज़ (पैरों को आगे व पीछे ले जाकर बारी-बारी से झुलाना) |
प्रदर्शन की सराहना करना |
3-2-3 चेन
धारणा
- खो-खो खेल में 3-2-3 चेन में आगे तीन अनुधावक, मध्य में दो और पीछे की ओर तीन के साथ खेलते हैं | ये विशिष्ट रक्षात्मक युक्ति होती है, इस संरचना का उपयोग एक सुदृढ़ रक्षा कवच बनाता है, जैसा कि चित्र में दर्शाया गया है |
स्थिति
- यह सुनिश्चित करें कि आप 3-2-3 में स्वयं के लिए निर्दिष्ट स्थिति को समझ गए होंगे | खिलाड़ी मैच के प्रारंभ से ही आवंटित क्रम के अनुसार खेल क्षेत्र में उतरते हैं | चेन में प्रत्येक खिलाड़ी के पास बाधा को पार करने के लिए एक विशिष्ट भूमिका होती है |

प्रदर्शन
- 3-2-3 चेन गठन में प्रत्येक खिलाड़ी जो सम्मुख, मध्य या पृष्ठ भाग में होगा तथा उक्त भूमिकाओं का निर्वहन इस प्रकार करेगा, ताकि सक्षमता से धावक को पकड़ा जा सके | इसका निर्धारण आपके शिक्षक करेंगे, ताकि प्रदर्शन हेतु प्रत्येक स्थिति की भूमिका को संप्रेषित किया जा सके |
अभ्यास
- शुरुआत में अनुधावक के बिना 3-2-3 चेन बनाने का अभ्यास शुरू करें, इससे चेन बनाने की तकनीक पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे और विपक्षी दल के दबाव के बिना अपनी गति व क्रियाओं को सुदृढ़ कर सकेंगे |
उत्थानक खेल
स्टैंडिंग खो-खो (खड़े-खड़े खो-खो) : एक वृत्त बनाएँ | 6 दलों का गठन करें और वृत्त के किनारे पर खड़े हो जाएँ | आप में से एक अनुधावक होगा और सारे धावक होंगे | अनुधावक वृत में प्रवेश कर सकता है, लेकिन धावक नहीं | जब धावक उस पर जाना चाहे तभी घेरे में प्रवेश की अनुमति है | फिर धावक उस पंक्ति में सम्मिलित हो जाएगा, जिसमे अंतिम व्यक्ति धावक है | अनुधावक अगर धावक को पकड़ लेता है, तो धावक अनुधावक में परिवर्तित हो जाता है |
मुक्तचिंतन – प्रदर्शन की सराहना
क्या आप प्रतिद्वंद्वी दलों के खिलाड़ी के प्रदर्शन की सराहना करेंगे, और क्यों?