अध्याय 2
अंकगणितीय व्यंजक
2.1 सरल व्यंजक
आपने 13 + 2, 20 - 4, 12 * 5 और 18/3 जैसे गणितीय वाक्यांश देखे होंगे। ऐसे वाक्यांश अंकगणितीय व्यंजक कहलाते हैं।
प्रत्येक अंकगणितीय व्यंजक का एक मान वह संख्या होती है जिसका मूल्याकंन किया जाता है। उदाहरण के लिए, व्यंजक 13 + 2 का मान 15 है। इस व्यंजक को '13 धन 2' या '13 और 2 का योग' पढ़ा जा सकता है। हम अंकगणितीय व्यंजक और इसके मान के बीच संबंध निरूपित करने या दर्शाने के लिए बराबर के चिह्न '=' का उपयोग करते हैं। उदाहरण के लिए -
13+2=15
? उदाहरण 1 - मल्लिका विद्यालय में भोजन के लिए प्रतिदिन ₹25 खर्च करती है। उसके द्वारा एक सप्ताह में सोमवार से शुक्रवार तक भोजन हेतु खर्च की गई कुल राशि के लिए एक व्यंजक लिखिए। कुल राशि के लिए व्यंजक 5 × 25 है।
5 × 25, '25 का 5 गुना' या '5 और 25 का गुणनफल' है।
विभिन्न व्यंजकों का मान समान हो सकता है। यहाँ 12 को दो संख्याओं और चार गणितीय संक्रियाओं +, -, × और में से किसी एक का उपयोग करके व्यक्त करने के विभिन्न तरीके हैं -
10 + 2, 15 - 3 ,3*4,24/2
? आप अपनी पसंदीदा संख्या चुनिए और उस मान के लिए आप जितने व्यंजक लिख सकते हैं, उतने लिखिए।
व्यंजकों की तुलना
जिस प्रकार हम '=' '<' और < के चिह्नों का उपयोग करके संख्याओं की तुलना करते हैं, उसी प्रकार हम व्यंजकों की भी तुलना कर सकते हैं। हम व्यंजकों की तुलना उनके मानों के आधार पर करते हैं और उसी के अनुसार 'के बराबर', 'से बड़ा है' या 'से छोटा है' का चिह्न लगाते हैं। उदाहरण के लिए -
10 + 2 > 7 + 1
क्योंकि 10 + 2 का मान 12 है जो कि 7 + 1 के मान 8 से बड़ा है।
इसी प्रकार
13 - 2 < 4 * 3
? पता लगाइए
- बराबर '=' के चिह्न के दोनों ओर के व्यंजकों को समान बनाने के लिए रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए -
(a) 13 + 4 =__ +6
(b) 22+__ = 6 * 5
(c) 8*__ = 64/2
(d) 34 -__ =25
- निम्नलिखित व्यंजकों को उनके मानों के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए।
(a) 67-19
(b) 67-20
(c) 35+25
(d) 5 * 11
(e) 120/3
? उदाहरण 2 - कौन-सा व्यंजक बड़ा है? 1023 + 125 या 1022 + 128 deg मानों को ज्ञात किए बिना एक स्थिति का अनुमान लगाने से उत्तर देने में हमें सहायता मिल सकती है। राजा के पास 1023 कंचे थे एवं आज उसे 125 कंचे और मिले। अब उसके पास 1023 + 125 कंचे हैं। जॉय के पास 1022 कंचे थे और आज उसे 128 कंचे और मिले। अब उसके पास 1022 +128 कंचे हैं। किसके पास अधिक कंचे हैं?
इस स्थिति को दाईं ओर दिए गए चित्र के अनुसार प्रदर्शित कर सकते हैं। इससे प्रारंभ करते हैं, राजा के पास जॉय की तुलना में 1 कंचा अधिक था। किंतु आज जॉय को राजा की तुलना में 3 कंचे अधिक अधिक था। किंतु आज जॉय को राजा की तुलना में 3 कंचे अधिक मिले। हम देख सकते हैं कि अब जॉय के पास राजा की तुलना में 2 कंचे अधिक हैं।
अर्थात
1023 + 125 < 1022 + 128
उदाहरण 3 - कौन-सा व्यंजक बड़ा है? 113 25 या -112 - 24 ?
एक स्थिति का अनुमान लगाएँ कि राजा के पास 113 कंचे थे। इनमें से 25 कंचे खो गए। अतः उसके पास 113 25 कंचे बचे हैं। जॉय के पास 112 कंचे थे और आज 24 कंचे खो गए। अब उसके पास 112 - 24 कंचे बचे हैं। किसके पास अधिक कंचे बचे हैं?
अर्थात
113-25=112-24
? दिए गए व्यंजकों में से प्रत्येक व्यंजक की तुलना करने के लिए '>' या '<' अथवा '=' का उपयोग कीजिए। क्या आप इसे जटिल गणनाओं के बिना कर सकते हैं? प्रत्येक स्थिति के लिए अपना अनुमान व्यक्त कीजिए।
(a) 245+289 ___246+285
(b) 273-145 ___272-144
(c) 364+587 ___363+589
(d) 124+245 ___129 +245
(e) 213-77 ___214-76
2.2 जटिल व्यंजकों को पढ़ना और उनका मान निकालना
कभी-कभी जब कोई व्यंजक किसी संदर्भ के साथ नहीं होता तब उसका मान ज्ञात करने की एक से अधिक विधियाँ हो सकती हैं। ऐसी स्थितियों में व्यंजक का अधिक सटीक मान कैसे निकाला जाए, यह निर्दिष्ट करने के लिए कुछ साधन और नियमों की आवश्यकता होती है।
भाषा के साथ एक उदाहरण देते हुए, दिए गए वाक्यों को देखिए -
(a) वाक्य - शालिनी खिलौनों के साथ एक सहेली के पास बैठी है।
अर्थ - सहेली के पास खिलौने हैं और शालिनी उसके पास बैठी है।
(b) वाक्य - शालिनी खिलौनों के साथ, एक सहेली के पास बैठी है।
अर्थ - शालिनी के पास खिलौने हैं और वह -उन्हें लेकर अपनी सहेली के पास बैठी है।
विराम चिह्न के बिना इस वाक्य के दो भिन्न प्रकार से अर्थ निकाले जा सकते हैं। अल्प-विराम का उचित उपयोग निर्देशित करता है कि वाक्य को कैसे समझा जाए।
आइए, एक व्यंजक देखते हैं जिसका मान एक से अधिक विधियों से निकाला जा सकता है।
? उदाहरण 4 - मल्लेश खेल के मैदान में 30 कंचे लाया। अरुण कंचों के 5 थैले लाया और प्रत्येक थैले में 4 कंचे थे। मल्लेश और अरुण खेल के मैदान में कितने कंचे लाए?
मल्लेश ने इसे एक गणितीय व्यंजक लिखकर संक्षिप्त किया -
30+5×4
इस व्यंजक के पीछे का संदर्भ जाने बिना पूर्णा ने इस व्यंजक का मान 140 निकाला। उसने पहले 30 और 5 को जोड़ा जिससे 35 प्राप्त हुआ और फिर 35 को 4 से गुणा करके 140 प्राप्त किया।
मल्लेश ने इस व्यंजक का मान 50 निकाला। उसने 5 और 4 को गुणा करके 20 प्राप्त किया और 20 में 30 जोड़कर 50 प्राप्त किया।
इस स्थिति में मल्लेश सही है, किंतु पूर्णा ने इसे गलत क्यों समझा?
व्यंजक 30+5 × 4 को केवल देखने से ही यह स्पष्ट नहीं होता कि हमें पहले योग करना चाहिए या गुणा। जिस प्रकार भाषा में विराम चिह्नों का उपयोग करके संदेहों को हल किया जाता है, उसी प्रकार व्यंजकों का मान निकालने में संदेहों को हल करने हेतु गणित में कोष्ठकों और पदों की धारणा का उपयोग किया जाता है।
व्यंजकों में कोष्ठक
कंचों की संख्या ज्ञात करने के व्यंजक में 30 + 5 × 4 में हमें पहले 5 और 4 को गुणा करना था और फिर इस गुणनफल को 30 के साथ जोड़ना था। संक्रियाओं का यह क्रम कोष्ठक के उपयोग द्वारा इस प्रकार स्पष्ट किया जाता है -
30+ (5 x 4)
जब कोष्ठक वाले व्यंजक का मान निकालते हैं तो हमें अन्य संक्रियाओं का पालन करने से पहले कोष्ठक के अंदर के व्यंजक का मान ज्ञात करना होता है। अतः उपरोक्त व्यंजक में हम पहले 5 × 4 का मान ज्ञात करते हैं और फिर योग करते हैं। इस प्रकार यह व्यंजक कंचों की संख्या दर्शाता है।
30 + (5 * 4) = 30 + 20 = 50
? उदाहरण 5 - इरफान ने ₹15 में बिस्कुट का एक पैकेट और ₹56 में तूर की दाल का एक पैकेट खरीदा। उसने दुकानदार को ₹100 दिए। एक व्यंजक लिखिए जो दुकानदार से इरफान को वापस मिलने वाले रुपयों की गणना करने में हमारी सहायता कर सकता हो।
इरफान ने बिस्कुट के पैकेट पर ₹15 और तूर की दाल पर ₹56 खर्च किए। अतः रुपयों में कुल मूल्य 15 + 56 है। उसने दुकानदार को ₹100 दिए। अतः उसे ₹100 में से कुल मूल्य घटाकर बाकी रुपये वापस मिलने चाहिए। क्या हम उस व्यंजक को इस प्रकार लिख सकते हैं -
100 - 15 +56?
क्या हम पहले 100 में से 15 घटाकर और फिर परिणाम में 56 जोड़ सकते हैं? ऐसा करने से हमें 141 प्राप्त होगा। यह असंगत है कि उसे दुकानदार को चुकाए गए रुपयों से अधिक रुपये मिले ! इस स्थिति में हम कोष्ठक का उपयोग कर सकते हैं-
100-(15+56)
पहले कोष्ठक के अंदर के व्यंजक का मान निकालने पर हमें 100- 71 प्राप्त होता है जो 29 है। अतः इरफान को ₹29 वापस मिलेंगे।
व्यंजकों में पद
मान लीजिए हमारे पास बिना किसी कोष्ठक का व्यंजक 30 + 5 * 4 है। क्या इसका कोई अर्थ नहीं है? जब व्यंजकों में एक से अधिक संक्रियाएँ हों और कोष्ठक के द्वारा संक्रियाओं का क्रम निर्दिष्ट न हो तो हम क्रम का निर्धारण करने के लिए पदों की धारणा का उपयोग करते हैं।पद व्यंजकों के भाग होते हैं जो '+' के चिह्न के द्वारा अलग किए जाते हैं। उदाहरण के लिए, 12 + 7 में पद 12 और 7 हैं
जैसा कि नीचे चिह्नित किया गया है।
12 + 7 =(12)+(7)
हम ऊपर की तरह ही व्यंजक के प्रत्येक पद को चिह्नित करेंगे। ध्यान रखें कि पदों को चिह्नित करने की यह विधि सामान्य विधि नहीं है। ऐसा तब तक किया जाएगा जब तक आप इस अवधारणा से परिचित नहीं हो जाते।
अब 83 - 14 में पद कौन-से हैं? हम जानते हैं कि किसी संख्या को घटाना, उस संख्या के प्रतिलोम को जोड़ने के समान ही है। याद कीजिए कि किसी दी गई संख्या के प्रतिलोम में उस संख्या के विपरीत चिह्न होता है। उदाहरण के लिए, 14 का प्रतिलोम 14 है और 14 का प्रतिलोम 14 है। इस प्रकार 83 में से 14 को घटाना, 83 में 14 को जोड़ने के समान ही है। अर्थात
83 - 14 =(83)+(-14)
इस प्रकार व्यंजक 8314 के पद 83 और – 14 हैं।
? अन्य उदाहरण लेकर जाँचिए कि घटाने को इस प्रकार जोड़ने से बदलने पर व्यंजक का मान नहीं बदलता है।
? क्या आप कक्षा 6 की गणित की पाठ्यपुस्तक में पढ़े गए पूर्णाकों के टोकन मॉडल का उपयोग करके व्याख्या कर सकते हैं कि क्यों किसी संख्या को घटाना उसके प्रतिलोम को जोड़ने के करें समान है?
पदों की पहचान करने के लिए किसी व्यंजक में सभी घटाव इसी प्रकार से योग में बदले जाते हैं।
यहाँ व्यंजकों और उनके पदों के कुछ अन्य उदाहरण दिए गए हैं -
ध्यान दीजिए कि 6 * 5 और 4 * 6 एकल पद हैं, क्योंकि उनमें कोई '+' का चिह्न नहीं है। नीचे दी गई सारणी में कुछ व्यंजक दिए गए हैं। सारणी को पूरा कीजिए।
अब हम देखेंगे कि व्यंजक का मान ज्ञात करने के लिए कैसे पदों का उपयोग संक्रियाओं के क्रम का निर्धारण करने में किया जाता है।
| व्यंजक | पदों के योग के रूप में व्यंजक | पद |
|---|---|---|
| 13-2+6 | (13) +(-2)+(6) | 13,-2,6 |
| 5 + 6 * 3 | (5) + (6 * 3) | |
| 4+15-9 | ()+()+() | |
| 23 - 2 * 4 + 16 | ()+()+() | |
| 28+19-8 | ()+()+() |
अब हम देखेंगे कि व्यंजक का मान ज्ञात करने के लिए कैसे पदों का उपयोग संक्रियाओं के क्रम का निर्धारण करने में किया जाता है।
हम उन व्यंजकों से प्रारंभ करेंगे जिनमें केवल योग (सभी घटावों को उचित रूप से योगों में बदलने के साथ) हों।
? क्या पदों के योग के क्रम को परिवर्तित करने से अलग मान प्राप्त होता है?
अदला-बदली और समूहीकरण
आइए, केवल दो पदों वाले सरल व्यंजक पर विचार करते हैं।
? उदाहरण 6- मधु छत से एक ड्रोन उड़ा रही है। ड्रोन 6 मीटर ऊपर जाता है और फिर 4 मीटर नीचे आता है। यह दिखाने के लिए कि छत से ड्रोन की अंतिम स्थिति कितनी ऊँचाई पर है, एक व्यंजक लिखिए।
ड्रोन छत से 6 - 4 = 2 मीटर ऊपर है। इसे पदों के योग के रूप में लिखने पर -
6)+ (- 4) =(2)
यदि हम पदों की अदला-बदली कर दें तो क्या योग बदलेगा?
(- 4) + (6) =(2)
इस स्थिति में ऐसा नहीं है।
हमें ज्ञात ही है कि जब दोनों पद धनात्मक संख्याएँ हों तो पदों की अदला-बदली से योग नहीं बदलता है।
? क्या तब भी ऐसा ही होगा जब पदों में ऋणात्मक संख्याएँ भी हों? कुछ अन्य व्यंजक लीजिए और जाँच कीजिए।
क्या आप कक्षा 6 की गणित की पाठ्यपुस्तक में हमने जो पूर्णांकों का टोकन मॉडल देखा था, उसका उपयोग करके व्याख्या कर सकते हैं कि ऐसा क्यों हो रहा है?
इस प्रकार दो पदों वाले किसी व्यंजक में पदों की अदला-बदली से मान नहीं बदलता है।
(पद 1) + (पद 2) = (पद 2) + (पद 1)
अब तीन पदों वाले एक व्यंजक पर विचार कीजिए -
(-7)+ (10) +(-11)
आइए, निम्नानुसार दो विभिन्न विधियों से इन पदों का योग ज्ञात करते हैं -
(पहले दो पदों का योग ज्ञात करके और फिर उनके योग को तीसरे पद में जोड़कर)

(अंतिम दो पदों का योग ज्ञात करके और फिर उनके योग को पहले पद में जोड़कर)
आप क्या देखते हैं? दोनों ही स्थितियों में योगफल समान हैं।
पुनः हम जानते हैं कि धनात्मक संख्याओं को जोड़ते समय उन्हें उपरोक्त दो विधियों से में कि भी विधि से समूहीकरण करने पर योगफल समान ही प्राप्त होता है।
? क्या तब भी ऐसा ही होगा जब पदों में ऋणात्मक संख्याएँ हों? कुछ और व्यंजक लीजिए अ जाँच कीजिए।
? क्या आप कक्षा 6 की गणित की पाठ्यपुस्तक में पढ़े गए पूर्णांकों के टोकन मॉडल का उपयोग करके व्याख्या कर सकते हैं कि ऐसा क्यों हो रहा है?
इस प्रकार किसी व्यंजक के पदों का समूहीकरण नीचे दिए गए तरीकों में से किसी भी तरीके से करने पर समान मान प्राप्त होता है।

आइए, व्यंजक (- 7) + 10 + (- 11) पर पुनः विचार करें। क्या होगा जब हम क्रम को बदल देते हैं और पहले – 7 और 11 को जोड़ते हैं और फिर इस योगफल को 10 में जोड़ते हैं? क्या हमें --पहले के समान ही योगफल प्राप्त होगा?
हम देखते हैं कि व्यंजक (- 7) + 10 + (- 11) के पदों को किसी भी क्रम में जोड़ने पर समान योगफल – 8 ही प्राप्त होता -
? क्या किसी व्यंजक के पदों को किसी भी क्रम में जोड़ने पर समान मान प्राप्त होता है? कुछ और व्यंजक लीजिए और जाँचिए। 3 पदों से अधिक पदों वाले व्यंजकों पर भी विचार कीजिए।
इस प्रकार पदों के किसी भी क्रम में जोड़ने से समान मान प्राप्त होता है। अर्थात केवल जोड़ने वाले किसी व्यंजक में इस बात से अंतर नहीं आता कि पदों को किस क्रम में जोड़ा गया है, उन सभी में समान मान प्राप्त होता है।
आइए, उन व्यंजकों पर विचार करते हैं जिनमें गुणा और भाग भी हों और जिनमें कोष्ठकों द्वारा संक्रियाओं का क्रम निर्दिष्ट न हो। पहले प्रत्येक पद का मान ज्ञात करके ऐसे व्यंजकों का मान ज्ञात किया जाता है। एक बार सभी पदों का मान ज्ञात करके उन्हें जोड़ दिया जाता है।
उदाहरण के लिए, व्यंजक 30 + 5 * 4 का मान इस प्रकार प्राप्त किया जाता है -
30 + 5 * 4 = (30) + (5 * 4) = (30) + (20) =(50)
व्यंजक 5(3 + 2) + 7 * 8 + 3 का मान इस प्रकार प्राप्त किया जाता है -
5(3 + 2) + 7 * 8 + 3 = (5(3 + 2)) + (7 * 8) + (3)
यहाँ पहले (3 + 2) का मान प्राप्त किया जाता है और फिर इस योगफल को 5 से गुणा किया जाता है पद का मान 56 प्राप्त होता है। इस व्यंजक का हल प्राप्त होता है। 25 + 56 + 3 = 84 7 * 8 (= 25 )!
मनसा संख्याओं की एक लंबी सूची का योग ज्ञात कर रही है। उसे उन सभी को जोड़ने में पाँच मिनट लगते हैं और वह उत्तर 11749 प्राप्त करती है। फिर उसे पता चलता है कि वह चौथी संख्या 9055 को तो मिलाना भूल गई थी। क्या उसे फिर से आरंभिक संख्या से योग प्रारंभ करना होगा?
गणित में हम “पदों की अदला-बदली से योगफल नहीं बदलता है" कहने के स्थान पर इसे जोड़ का क्रमविनिमेयता गुण (commutative property) कहते हैं। इसी प्रकार, "समूहीकरण से योगफल नहीं बदलता है" जोड़ का साहचर्यता गुण कहलाता है।
दैनिक जीवन में वस्तुओं के क्रम की अदला-बदली
मनसा बाहर खेलने जा रही है। उसकी माँ कहती हैं, "अपनी टोपी और जूते पहनो!"
उसे पहले क्या पहनना चाहिए? वह पहले अपनी टोपी पहनकर फिर अपने जूते पहन सकती है या वह पहले अपने जूते पहनकर फिर अपनी टोपी पहन सकती है।
दोनों ही स्थितियों में मनसा एकदम समान दिखेगी। एक अन्य स्थिति का अनुमान लगाइए - मनसा की माँ कहती है, "अपने मोजे और जूते पहनो।” अब क्रम महत्वपूर्ण है। उसे पहले मोजे और फिर जूते पहनने चाहिए। यदि वह पहले जूते पहनती है और फिर मोजे पहनती है तो वह बहुत असहज अनुभव करेगी और बहुत ही अलग दिखेगी।
कुछ अधिक व्यंजक और उनके पद
? उदाहरण 7 - अमू, चरण, मधु और जॉन एक होटल में गए और चार दोसे मँगवाए। प्रत्येक दोसे का मूल्य ₹23 है और वे परोसनेवाला (वेटर) को ₹5 की धन्यवाद राशि (टिप) देकर धन्यवाद देना चाहते हैं। कुल मूल्य की व्याख्या करने वाला व्यंजक लिखिए।
4 दोसे का मूल्य = 4 * 23
क्या धन्यवाद राशि (टिप) के साथ कुल मूल्य को 4 * 23 + 5 लिखा जा सकता है? इसका मान ज्ञात करने पर हमें प्राप्त होता है -
4 * 23 + 5 = (4 * 23) + (5) = (92) + (5) =(97)
इस प्रकार व्यंजक को लिखने की सही विधि 4 * 23 + 5 है।
यदि दोसों की कुल संख्या 7 तक पहुँच जाती है और धन्यवाद राशि वही रहती है तो उन्हें कितने रुपये देने होंगे? इस स्थिति के लिए एक व्यंजक लिखिए और इसके पदों की पहचान कीजिए।
? उदाहरण 8 - एक कक्षा में विद्यार्थी खेल रहे हैं, "पहाड़ पर आग लगी है भागो, भागो, भागो!" जब भी शिक्षक कोई संख्या बोलते हैं तो विद्यार्थियों को स्वयं को उस संख्या के समूहों में व्यवस्थित करना होता है। जो कोई भी घोषणा किए गए समूह के आकार का भाग नहीं बनता, वह खेल से बाहर हो जाता है।
रूबी आराम करना चाहती थी इसलिए कक्षा में एक तरफ बैठकर उनका खेल देख रही थी। अन्य 33 विद्यार्थी कक्षा में खेल खेल रहे थे।
शिक्षक ने '5' बोला। जैसे ही विद्यार्थी समूहों में व्यवस्थित हो गए तो रूबी ने 6 * 5 + 3 लिखा (उसने 6 * 5 से 3 अधिक समझा)
सोचिए और चर्चा कीजिए कि उसने यह क्यों लिखा? पदों के योग के रूप में लिखा गया व्यंजक है-
(6 * 5) + (3)
नीचे दी गई प्रत्येक स्थिति के लिए व्यंजक लिखिए और उसके पदों को पहचानिए -
यदि शिक्षक ने '4' बोला होता तो रुबी लिखती __________
यदि शिक्षक ने '7' बोला होता तो रुबी लिखती ___________
उपरोक्त विधि के समान अपनी कक्षा के विद्यार्थियों की संख्या के लिए व्यंजक लिखिए।
? उदाहरण 9 - रघु ने थोक बाजार से 100 कि.ग्रा. चावल खरीदे और उन्हें 2 कि.ग्रा. के पैकेट में पैक किया। उसके पास पहले से ही 2 कि.ग्रा. के चार पैकेट थे। अब उसके पास 2 कि.ग्रा. चावल के कितने पैकेट हैं, उस संख्या के लिए व्यंजक लिखिए और पदों की पहचान कीजिए।
हम उसके पास पहले से 4 पैकेट थे। 2 कि.ग्रा. चावल के नए पैकेटों की संख्या 100/2 है, जिसे के 100/2 रूप में भी लिखते हैं।
अब उसके पास 2 कि.ग्रा. चावल के पैकेट की संख्या 4 + 100/2 हैं। इसके पद हैं -
(4)+( 100/2)
? उदाहरण 10 - कन्नन को ₹1 और ₹5 के सिक्कों और ₹10, ₹20, ₹50 और ₹100 के नोटों का उपयोग करके दुकानदार को ₹432 चुकाने हैं। वह यह कैसे कर सकता है?
यहाँ एक से अधिक संभावनाएँ हैं। उदाहरण के लिए -
432 = 4 * 100 + 1 * 20 + 1 * 10 + 2 * 1
अर्थात, ₹100 के 4 नोट, ₹20 का 1 नोट, ₹10 का 1 नोट और ₹1 के 2 सिक्के
432 = 8 * 50 + 1 * 10 + 4 * 5 + 2 * 1 अर्थात ₹50 के 8 नोट, ₹10 का 1 नोट, ₹5 के 4 सिक्के और ₹1 के 2 सिक्के
? उपरोक्त दोनों व्यंजकों में पदों की पहचान कीजिए।
? क्या आप किसी को ₹432 देने के कुछ अन्य तरीके सोच सकते हैं?
? उदाहरण 11 - यहाँ दो चित्र दिए गए हैं। दोनों व्यवस्थाओं में से कौन-सी व्यवस्था व्यंजक से मेल खाती है? 5 * 2 + 3
आइए. इस व्यंजक को पदों के योग के रूप में लिखते हैं।
(5*2)+ (3) = (10) + (3) =(13)
यह व्यंजक 5 * 2 + 3, 5 * 2 से 3 अधिक के रूप में समझा जा सकता है जो बाईं ओर की व्यवस्था को दर्शाता है।
? पीले और नीले वर्गों की संख्या का उपयोग करते हुए दाईं ओर की व्यवस्था के लिए क्या व्यंजक होगा?
क्या आपको कोष्ठकों का उपयोग याद है? इसके लिए हमें कोष्ठक का उपयोग करने की आवश्यकता है।
2(5 + 3)
ध्यान दीजिए कि इस व्यवस्था को इस प्रकार भी दर्शाया जा सकता है -
5 + 3 + 5 + 3
या
5 * 2 + 3 * 2
? पता लगाइए
- प्रत्येक स्थिति में पदों को लिखते हुए नीचे दिए गए व्यंजकों के मान ज्ञात कीजिए -
(a) 28-7+8
(b) 39 - 2 * 6 + 11
(c) 40 - 10 + 10 + 10
(d) 48 - 10 * 2 + 16/2
(e) 6 * 3 - 4 * 8 * 5
- नीचे दिए गए व्यंजकों में से प्रत्येक के लिए एक कहानी या स्थिति लिखिए और व्यंजकों के मान ज्ञात कीजिए -
(a) 89+21-10
(b) 5 * 12 - 6
(c) 4×9+2×6
- नीचे दी गई स्थितियों में से प्रत्येक के लिए स्थिति का वर्णन करने वाला व्यंजक लिखिए, इसके पदों की पहचान कीजिए और व्यंजक का मान ज्ञात कीजिए।
(a) रानी आलिया ने पिछले वर्ष राजकुमारी एल्सा और राजकुमारी एना को 100 सोने के सिक्के दिए। राजकुमारी एल्सा ने सिक्कों का उपयोग एक व्यवसाय शुरू करने में किया और अपने सिक्कों को दुगुना कर लिया। राजकुमारी एना ने आभूषण खरीदे और अब उसके पास केवल आधे सिक्के बचे हैं। राजकुमारी एल्सा और राजकुमारी एना दोनों के पास कितने सोने के सिक्के हैं, यह वर्णन करने के लिए एक व्यंजक लिखिए।
(b) दो स्टेशनों के बीच मेट्रो ट्रेन का टिकट वयस्क के लिए ₹40 का और बच्चे के लिए ₹20 का है। टिकटों की कुल लागत कितनी है -
- चार वयस्क और तीन बच्चों के लिए?
- दो समूहों के लिए जिसमें से प्रत्येक में तीन वयस्क हों?
कोष्ठकों को हटाना - I
आइए, इस व्यंजक का मान ज्ञात करते हैं -
200-(40+3)
पहले हम कोष्ठक के अंदर के पद का मान 43 ज्ञात करते हैं और फिर इसे 200 में से घटाते हैं।
किंतु 200 में से पहले 40 को घटाना अधिक आसान है।
200-40160
और फिर 160 में से 3 घटाना
160-3 = 157
हमने यहाँ जो किया, वह 200 – 403 था। ध्यान दीजिए कि हमने ऐसा नहीं किया -
200-40+3
अत: 200 - (40+3)=200-40-3
उदाहरण 12 - हमने इसे पहले भी एक स्थिति में देखा है जहाँ इरफान ₹15 में बिस्कुट का एक पैकेट और ₹56 में तूर दाल का एक पैकेट खरीदता है। जब उसने ₹100 चुकाए तो जो रुपये उसे वापस मिले -
100-(15+56) = 29
वापस मिले रुपयों की गणना निम्नानुसार भी की जा सकती थी -
(a) पहले 100 में से बिस्कुट के पैकेट का मूल्य (15) घटाइए -
100-15=85
ये इरफान के वे रुपये हैं जो दुकानदार के पास थे यदि उसने केवल बिस्कुट ही खरीदा होता। क्योंकि उसने तूर की दाल भी खरीदी थी अतः इसका मूल्य बचे हुए 85 रुपयों में से ही लिया जाएगा।
(b) अतः वापस मिलने वाले रुपये जानने के लिए हमें तूर की दाल का मूल्य 85 में से घटाना होगा।
85-56= 29
यहाँ हमने 100 - 15 - 56 किया
अतः 100 - (15 + 56) = 100 - 15 - 56
ध्यान दीजिए कि जिन कोष्ठकों के आगे ऋणात्मक चिह्न लगा हो उन्हें हटाते समय कोष्ठकों के अंदर के पदों के चिह्न बदल जाते हैं। पहले उदाहरण में 40 और 3 के चिह्नों तथा दूसरे उदाहरण में 15 और 56 के चिह्नों का ध्यान से देखिए।
? उदाहरण 13 - व्यंजक 500 (250-100) पर विचार कीजिए। क्या इस व्यंजक को कोष्ठक के बिना लिखना संभव है?
इस व्यंजक का मान ज्ञात करने के लिए हमें 250 – 100 = 150 को 500 में से घटाना होगा -
500-(250-100) = 500-150 = 350
यदि हम 500 में से 250 सीधे घटाते तो हमें जितना घटाना था उससे 100 अधिक घटा देते। अतः हमें 500 - (250 – 100) के समान मान प्राप्त करने के लिए व्यंजक 500 - 250 में 100 फिर से जोड़ने चाहिए। संक्रियाओं का यह क्रम 500 250 + 100 है। इस प्रकार -
500 - (250 - 100) = 500 - 250 + 100
जाँच कीजिए कि 500-(250-100), 500 – 250 - 100 समान नहीं है।
पुनः ध्यान दीजिए कि जब उन कोष्ठकों को हटाया जाता है जिनके आगे ऋणात्मक चिह्न लगा हो तो कोष्ठकों के अंदर के पदों के चिह्न बदल जाते हैं। इस स्थिति में 250 और 100 के चिह्न बदल कर - 250 और 100 में लिखे जाते हैं।
? उदाहरण 14 - हीरा के पास दुर्लभ सिक्कों का संग्रह है। उसके पास एक थैले में 28 सिक्के और दूसरे थैले में 35 सिक्के हैं। वह दूसरे थैले में से 10 सिक्के अपने मित्र को उपहार में दे देती है। हीरा के पास बचे सिक्कों की संख्या के लिए एक व्यंजक लिखिए।
इसे 28 + (35 – 10) द्वारा दर्शाया जा सकता है।
हम जानते हैं कि यह 28 + \{35 + (- 10)\} के समान है क्योंकि पदों को किसी भी क्रम में जोड़ा जा सकता है। इस व्यंजक को सामान्य रूप से 28 + 35 + (- 10) या 28 +35 -10 के रूप में लिखा जा सकता है। इस प्रकार -
28 + (35 - 10) = 28 + 35 - 10 = 53
जब कोष्ठकों के आगे ऋणात्मक चिह्न नहीं लगा हो तो कोष्ठकों को हटाते समय उनके अंदर लिखे पदों के चिह्न नहीं बदलते हैं। उपरोक्त उदाहरण में पदों 35 और-10 के चिह्नों पर ध्यान दीजिए।
पदों में परिवर्तन (टिंकर) I
यदि हम एक व्यंजक के किसी एक पद का मान बढ़ाते या घटाते हैं तो व्यंजक के मान पर क्या प्रभाव पड़ता है?
नीचे तीन स्तंभों में कुछ व्यंजक दिए गए हैं। प्रत्येक स्तंभ में पहले व्यंजक के एक या दो पदों को बदला गया है। पहले स्तंभ में उदाहरण को देखिए और जितनी संभव हो उतनी कम गणना करके रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए।
? पता लगाइए
- रिक्त स्थानों को संख्याओं से और रिक्त बक्सों को संक्रियाओं तथा चिह्नों से इस प्रकार भरिए कि बराबर चिह्न के दोनों ओर समान व्यंजक हों।
(a) 24 + (6 - 4) = 24 + 6[] __
(b) 38+( __ [] __)=38+9-4
(c) 24 - (6 + 4) =24[] _6-4
(d) 24-6-4=24-6
(e) 27 - (8 + 3) =27 [](8[]3)
(f) 27-(__[] __ )= 27 - 8 + 3
- कोष्ठक को हटाइए और समान मान वाला व्यंजक लिखिए।
(a) 14 + (12 + 10)
(b) 14-(12+10)
(c) 14+(12-10)
(d) 14-(12-10)
(e) -14+(12-10)
(f) 14-(-12-10)
- नीचे दिए गए व्यंजकों के मान ज्ञात कीजिए। प्रत्येक युग्म के लिए, पहले यह अनुमान लगाने का प्रयत्न कीजिए कि क्या उनके मान समान हैं। दोनों व्यंजक कब समान हैं?
(a) (6+10)-2 और 6 + (10-2)
(b) 16-(8-3) और (16-8)-3
(c) 27-(18+4) और 27 + (-18-4)
- दिए गए व्यंजकों के प्रत्येक समूह में उन समूहों को पहचानिए जिनके मान समान हैं। आपको इनके मान ज्ञात नहीं करने हैं. किंत इसके स्थान पर अपने पदों की समझ का उपयोग कीजिए।
(a) 319 + 537 319-537,537+319, 537-319
(b) 87 + 46 - 109 8746109, 87 +46109, 87-46+109 87(46+109), (87-46) + 109
- व्यंजकों में उचित स्थानों पर कोष्ठकों का उपयोग कीजिए जिससे दर्शाए गए मान प्राप्त हों।
(a) 34-9+12 = 13
(b) 56-14-8=34
(c) - 22 - 12 + 10 + 22 = - 22
- पद के मान बदलने के तर्कों का उपयोग करते हुए रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए जिससे बराब
(=) चिह्न के दोनों ओर के व्यंजक समान हों।
(a) 423 +__ = 419+__
(b) 207-68 = 210-__
- आवश्यकता के अनुसार संख्याओं 2, 3 और 5 का उपयोग करते हुए और संक्रियाओं और '-' व कोष्ठकों का उपयोग करते हुए जितने विभिन्न मान संभव हों उतने मानों वाल व्यंजक बनाइए। उदाहरण के लिए, 2 - 3 + 5 = 4 और 3-(5-2) = 0
- यशोदा को जब कभी भी किसी संख्या में से 9 घटाना होता है तो वह 10 घटाती है और इसम 1 जोड़ देती है। उदाहरण के लिए, 369 = 26 + 1
(a) क्या आप सोचते हैं कि उसे हमेशा सही उत्तर प्राप्त होता है? क्यों?
(b) क्या आप ऐसी ही अन्य युक्तियों के विषय में सोच सकते हैं? कुछ उदाहरण दीजिए।
- इन दो व्यंजकों पर विचार कीजिए - (a) 73 – 14 + 1, (b) 73 - 14 - 1 प्रत्येक व्यंजक के लिए नीचे दिए गए समूह में से व्यंजकों को पहचानिए जो इनके समान हों।
(a) 73-(14+1)
(b) 73-(14-1)
(c) 73 + (- 14 + 1)
(d) 73+(-14-1)
कोष्ठकों को हटाना - II
उदाहरण 15 - ल्हामो और नोर्बु एक भोजनालय गए। उनमें से प्रत्येक ने एक वड़ा और एक रसगुल्ला मँगवाया। एक वड़ा का मूल्य ₹43 है और एक रसगुल्ले का मूल्य ₹24 है। उस राशि के लिए एक व्यंजक लिखिए, जो उन्हें चुकाने होगी।
चूँकि उनमें से प्रत्येक के पास एक वड़ा और एक रसगुल्ला था, अतः उनमें से प्रत्येक का भाग 43 + 24 द्वारा प्रदर्शित किया जा सकता है।
? उन्हें कुल कितने रुपये चुकाने हैं? क्या इसे व्यंजक 2 * 43 + 24 के द्वारा प्रदर्शित किया जा सकता है?
इसे पदों के योग के रूप में लिखने पर प्राप्त होता है-
(2 x 43)+ (24)
इस व्यंजक का अर्थ 2 * 43 से 24 अधिक है।
किंतु हमें वह व्यंजक चाहिए जिसका अर्थ 43 + 24 का दुगुना हो।
हम ऐसा व्यंजक लिखने के लिए कोष्ठक का उपयोग कर सकते हैं-
2(43 + 24)
अतः हम कह सकते हैं कि दोनों को मिलकर 2(43 + 24) चुकाने होंगे। यह दो वड़ा और दो रसगुल्लों के लिए रुपये चुकाने के समान भी है -
2 * 43 + 2 * 24
अर्थात
2(43 + 24) = 2 * 43 + 2 * 24
? यदि उनका एक अन्य मित्र संगमू उनसे आकर मिलता है और खाने की वही वस्तुएँ मँगवाता है तो चुकाए जाने वाले कुल रुपयों के लिए व्यंजक क्या होगा?
? उदाहरण 16 - गणतंत्र दिवस की परेड में बाल स्काउट और बालिका गाइड साथ में मार्च कर रहे हैं। स्काउट 4 पंक्तियों में मार्च कर रहे हैं और प्रत्येक पंक्ति में 5 स्काउट हैं। गाइड 3 पंक्तियों में मार्च कर रही हैं और प्रत्येक पंक्ति में 5 गाइड हैं (नीचे दिए गए चित्र को देखिए)। इस परेड में कितने स्काउट और गाइड मार्च कर रहे हैं?
मार्च कर रहे बाल स्काउट की संख्या 4 * 5 है। मार्च कर रही बालिका गाइड की संख्या 3 * 5 है।
स्काउट और गाइड की कुल संख्या
4 * 5 + 3 * 5 होगी।
इसे पहले पंक्तियों की कुल संख्या पता लगाना है, जो कि 4 + 3 है और फिर उनके योगफल को प्रत्येक पंक्ति में खड़े विद्यार्थियों की संख्या के साथ गुणा करके भी ज्ञात किया जा सकता है। इस प्रकार बालक और बालिकाओं की संख्या को (4 + 3) * 5 के द्वारा भी पता लगाया जा सकता है।
अर्थात 4 * 5 + 3 * 5 = (4 + 3) * 5
इन व्यंजकों को हल करने पर हमें प्राप्त होता है
4 * 5 + 3 * 5 = (4 * 5) + (3 * 5) = (20) + (15) =(35)
(4 + 3) * 5 = 7 * 5 = 35
? 5*4+3 ne 5(4 + 3) क्या आप व्याख्या कर सकते हैं कि ऐसा क्यों है?
क्या 5(4 + 3) = 5(3 + 4) = (3 + 4) * 5 ?
पिछले दो उदाहरणों में हमने जो अवलोकन किया उसे सामान्य तरीके से इस प्रकार देखा जा सकता है -
10 * 98 + 3 * 98 पर विचार कीजिए। इसका अर्थ है कि 10 बार 98 और 3 बार 98 का योगफल करना है।
स्पष्टतया यह 10 + 3 = 13 बार 98 के समान ही है। इस प्रकार
10 * 98 + 3 * 98 = (10 + 3) * 98
इस समानता को अन्य तरीके से लिखने पर हमें प्राप्त होता है
(10+3) 98 = 10 * 98 + 3 * 98
उपरोक्त गुणा में संख्याओं की अदला-बदली करने पर इस गुणा को निम्नानुसार देखा जा सकता है -
98 * 10 + 98 * 3 = 98(10 + 3) और
98(10 + 3) = 98 * 10 + 98 * 3
आइए, इसी प्रकार व्यंजक 14×10-6 × 10 पर विचार करते हैं। इसका अर्थ है कि 6 बार 10 को 14 बार 10 में से घटाना है।
स्पष्टतया यह 14 - 6 = 8 बार 10 है। इस प्रकार -
14 * 10 - 6 * 10 = (14 - 6) * 10
या
(14 - 6) * 10 = 14 * 10 - 6 * 10
इस गुण को (जिसे वितरण या बंटन गुण कहा जाता है) अच्छी तरह से संक्षेप में इस प्रकार कहा जा सकता है -
किसी योगफल (अंतर) का गुणज गुणजों के योगफल (अंतर) के समान होता है।
पदों में परिवर्तन (टिंकर) II
आइए, समझते हैं कि जब हम किसी गुणा में संख्याओं को बदलते हैं तो क्या होता है?
? उदाहरण 17 - 53 x 18 = 954 दिया गया है। 63 × 18 का पता लगाइए।
क्योंकि 63 × 18 का अर्थ 63 बार 18 है।
इसलिए 63 * 18 = (53 + 10) * 18
=53 * 18 + 10 * 18
= 954 + 180
= 1134
? उदाहरण 18 - 97 × 25 का मान ज्ञात करने की एक प्रभावी विधि ज्ञात कीजिए।
97 × 25 का अर्थ है 97 बार 25
हम इसे (100 – 3) × 25 के रूप में लिख सकते हैं।
हम जानते हैं कि यह 100 बार 25 और 3 बार 25 के अंतर के समान ही है
97 * 25 = 100 * 25 - 3 * 25
उपरोक्त का मान ज्ञात कीजिए।
? निम्नलिखित गुणनफलों को ज्ञात करने के लिए इस विधि का प्रयोग कीजिए -
(a) 95 × 8
(b) 104 × 15
(c) 49 × 50
क्या आप सामान्यतया गुणा करने की जिस विधि का उपयोग करते हैं, उसकी तुलना में इस विधि से शीघ्र हल प्राप्त होता है?
? उपरोक्त गुणनफल के समान कौन-से अन्य गुणनफल शीघ्र प्राप्त किए जा सकते हैं?
? पता लगाइए
- रिक्त स्थानों को संख्याओं से और बक्सों को चिह्नों से भरिए जिससे कि दोनों ओर के व्यंजक समान हों।
(a) 3(6 + 7) = 3 * 6 + 3 * 7
(b) (8 + 3) * 4 = 8 * 4 + 3 * 4
(c) 3(5 + 8) = 3 * 5[] 3 x __
(d) (9 + 2) * 4 =9*4[]2 x __
(e) 3 *(__ +4)=3__+__
(f) (__ +6)*4= 13 * 4 +__
(g) 3*(__ +__ )= 3 * 5 + 3 * 2
(h) (__ +__ )*__ = 2 * 4 + 3 * 4
(i) 5(9 - 2) =5*9-5*__
(j) (5 - 2) * 7 =5*7-2*__
(k) 5(8 - 3) = 5 * 8[] 5 X __
(1) (8 - 3) * 7 = 8 * 7 []3×7
(m) 5×(12-_________)= __ [] 5 x __
(n) (15-__ )*7=__[] 6 * 7
(o) 5*(__ -__)= 5 * 9 - 5 * 4
(p) (__ -__)*__ = 17 * 7 - 9 * 7
- दाईं और बाईं ओर के व्यंजकों का विश्लेषण करके नीचे बक्सों में '>', '<' या '=' भरिए। इसका पता लगाने के लिए व्यंजकों को हल किए बिना, तर्क और पदों व कोष्ठकों की समझ का उपयोग कीजिए।
(a) (8 - 3) * 29 [](3 - 8) * 29
(b) 15 + 9 * 18 [](15 + 9) * 18
(c) 23(17 - 9) []23 * 17 + 23 * 9
(d) (34 - 28) * 42 [] 34 * 42 - 28 * 42
- यहाँ 14 बनाने का एक तरीका 2(1 + 6) = 14 है। क्या 14 प्राप्त करने के अन्य तरीके भी हैं? उन्हें नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में भरिए -
(a) __ * (__ +__ )= 14
(b)__ * (__ +__ )= 14
(c)__ * (__ +__ )= 14
(d)__ * (__ +__ )= 14
- नीचे दिए गए प्रत्येक चित्र में संख्याओं का योगफल (कम से कम दो अलग तरीकों से) ज्ञात कीजिए। व्याख्या कीजिए कि आपने इसे व्यंजकों के द्वारा कैसे हल किया?
? पता लगाइए
- आगे दी गई स्थितियों को पढ़िए। उनमें से प्रत्येक के लिए उचित व्यंजक लिखिए और उनके मान ज्ञात कीजिए।
(a) बेगुर में जिला बाजार सप्ताह के सातों दिन खुलता है। रहीम अपने बगीचे से प्रत्येक दिन 9 किलोग्राम आम और श्याम अपने बगीचे से प्रत्येक दिन 11 किलोग्राम आम इस बाजार में भेजता है। स्थानीय जिला बाजार में उनके द्वारा एक सप्ताह में भेजे गए आमों की मात्रा ज्ञात कीजिए।
(b) बीनू प्रत्येक माह ₹20,000 अर्जित करती है। वह प्रत्येक माह ₹5000 किराए पर, ₹5000 भोजन पर और ₹2000 अन्य वस्तुओं पर खर्च करती है। एक वर्ष के अंत में बीनू कितने रुपयों की बचत करेगी?
(c) एक घोंघा दिन के समय एक खंभे पर 3 से.मी. चढ़ता है और रात के समय सोते हुए गलती से 2 से.मी. फिसल जाता है। यह खंभा 10 से.मी. ऊँचा है और इसके ऊपरी भाग पर एक स्वादिष्ट भोजन है। घोंघे को कितने दिनों में भोजन मिलेगा?
- मेल्विन मंगलवार और शनिवार के अतिरिक्त प्रत्येक दिन दो पृष्ठों की एक कहानी पढ़ता है। वह 8 सप्ताहों में कितनी कहानियाँ पूरी पढ़ लेगा? निम्नलिखित में से कौन-सा व्यंजक इस स्थिति को दर्शाता है?
(a) 5 * 2 * 8
(b) (7 - 2) * 8
(c) 8 * 7
(d) 7 * 2 * 8
(e) 7 * 5 - 2
(f) (7 + 2) * 8
(g) 7 * 8 - 2 * 8
(h) (7 - 5) * 8
- नीचे दिए गए व्यंजकों के मान ज्ञात करने की विभिन्न विधियाँ ज्ञात कीजिए -
(a) 1 - 2 + 3 - 4 + 5 - 6 + 7 - 8 + 9 - 10
(b) 1 - 1 + 1 - 1 + 1 - 1 + 1 - 1 + 1 - 1
- नीचे दिए गए व्यंजकों के युग्मों की तुलना '<', '>' या '=' से या फिर तर्क के उपयोग द्वारा कीजिए।
(a) 49-7+8 [ ] 49-7+8
(b) 83 * 42 - 18 [ ] 83 * 40 - 18
(c) 145 - 17 * 8 [ ] 145 - 17 * 6
(d) 23 * 48 - 35 [ ] 23(48 - 35)
(e) (16 - 11) * 12 [ ] - 11 * 12 + 16 * 12
(f) (76 - 53) * 88 [ ] 88(53 - 76)
(g) 25(42 + 16) [ ] 25(43 + 15)
(h) 36(28 - 16) [ ] 35(27 - 15)
- गणना किए बिना पहचानिए कि दिए गए व्यंजक के बराबर कौन-सा व्यंजक है। आप पदों का उपयोग करके और कोष्ठकों को हटाकर व्यंजकों को पुनः लिख सकते हैं। दिए गए व्यंजक के बराबर एक से अधिक व्यंजक हो सकते हैं।
- 83-37-12
- 84-38-12
- 84-(37+12)
- 83-38-13
- -37+83-12
- 93 + 37 * 44 + 76
- 37 + 93 * 44 + 76
- 93 + 37 * 76 + 44
- (93 + 37)(44 + 76)
- 37 * 44 + 93 + 76
- 83-37-12
- एक संख्या चुनिए और उस मान वाले दस भिन्न व्यंजक बनाइए।
सारांश
- हम कुछ समय से सामान्य व्यंजकों को पढ़ते और उनका मान निकालते आए हैं। यहाँ हमने कुछ सरल व्यंजकों के अर्थ तथा उनके मानों को दोहराकर प्रारंभ किया।
- हमने सीखा कि कैसे कुछ व्यंजकों के सीधे मान निकालने के स्थान पर तर्क द्वारा उनकी तुलना की जाए।
- जटिल व्यंजकों को बिना भ्रम के पढ़ने और हल करने में सहायता करने के लिए हम पदों और कोष्ठकों का उपयोग करते हैं।
- जब कोई व्यंजक पदों के योग के रूप में लिखा गया हो तो पदों का क्रम बदलने से या पदों का समूहीकरण करने से व्यंजक का मान नहीं बदलता है। ऐसा क्रमशः 'योग के क्रमविनिमेयता गुण' और 'योग के साहचर्यता गुण' के कारण होता है।
- कोष्ठकों के अंदर व्यंजकों का मान ज्ञात करने के लिए हमने देखा कि जब हम ऐसे कोष्ठक को हटाते हैं जिसके आगे ऋणात्मक चिह्न लगा हो तो कोष्ठक के अंदर लिखे पदों के चिह्न बदल जाते हैं।
- हमने "वितरण के गुण” के बारे में भी सीखा कोष्ठक के अंदर लिखे व्यंजक को किसी संख्या से गुणा करना, उस संख्या को कोष्ठक के अंदर लिखे प्रत्येक पद से गुणा करने के समान होता है।
पहेली का समय !
व्यंजक इंजीनियर
तीन बार 3 लेकर और आवश्यकता के अनुसार चार संक्रियाएँ (योग, घटाव, गुणा और भाग) तथा कोष्ठकों का उपयोग करके हम बहुत से व्यंजक बना सकते हैं। उदाहरण के लिए, (3 + 3) / 3 = 2, 3 + 3 - 3 = 3, 3 * 3 + 3 = 12 और इसी प्रकार अनेक ।चार बार 4 लेकर व्यंजक बनाइए जिनके 1 से 20 तक सभी मान प्राप्त होते हों।
संख्याओं 1, 2, 3, 4 और 5 का केवल एक बार किसी भी क्रम में उपयोग करके 10 और +10 के बीच जितने संभव हों, उतने मान प्राप्त कीजिए।
0 से 9 तक की संख्याओं का केवल एक बार किसी भी क्रम में उपयोग करके 100 मान वाला एक व्यंजक बनाइए।
आप कौन-कौन से इसी प्रकार के अन्य रोचक प्रश्न पूछ सकते हैं?
