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अध्याय 4

अक्षर-संख्याओं के उपयोगी व्यंजक

4.1 अक्षर-संख्याओं की धारणा

इस अध्याय में हम गणितीय संबंधों एवं प्रतिरूपों को व्यक्त करने की एक संक्षिप्त विधि समझेंगे। हम देखेंगे कि कैसे यह इन संबंधों एवं प्रतिरूपों के विषय में सोचने और व्याख्या करने में हमारी सहायता करती है कि वे क्यों सत्य हो सकते हैं?

? उदाहरण 1 - शबनम, आफताब से 3 वर्ष बड़ी है। जब आफताब की आयु 10 वर्ष थी तब शबनम की आयु 13 वर्ष रही होगी। अब आफताब की आयु 18 वर्ष है तो अब शबनम की आयु कितनी होगी?

? आफताब की आयु दी गई है तो आप शबनम की आयु कैसे ज्ञात करेंगे?
सरल है, हम शबनम की आयु ज्ञात करने के लिए आफताब की आयु में 3 जोड़ते हैं।

? क्या हम इसे एक व्यंजक के रूप में लिख सकते हैं?
शबनम की आयु आफताब की आयु से 3 वर्ष अधिक है। संक्षेप में इसे इस प्रकार लिखा जा सकता है-

शबनम की आयु = आफताब की आयु + 3

इस प्रकार के गणितीय संबंधों को सामान्यतया लघु रूप में प्रदर्शित किया जाता है। उपर्युक्त संबंध में वाक्यांश 'आफताब की आयु' लिखने के स्थान पर एक सुविधाजनक प्रतीक का उपयोग करने की परंपरा है। सामान्यतया इस उद्देश्य के लिए अक्षरों या लघु वाक्यांशों का उपयोग किया जाता है।

आइए, हम आफताब की आयु को अक्षर 'a' से (हम अन्य अक्षर भी उपयोग कर सकते हैं) दर्शाते हैं एवं शबनम की आयु को अक्षर 's' से दर्शाते हैं। तब शबनम की आयु ज्ञात करने के लिए व्यंजक होगा, जिसे इस प्रकार लिखा जा सकता है -

s = a + 3

यदि व का मान 23 है (वर्षों में आफताब की आयु) तो शबनम की आयु कितनी है?

व्यंजक में a को 23 से प्रतिस्थापित करने पर हमें s = 23 + 3 = 26 वर्ष प्राप्त होता है। जिन संख्याओं को प्रदर्शित करने के लिए अक्षरों जैसे कि 'a' एवं 's' का उपयोग किया जाता है, वे अक्षर-संख्याएँ कहलाती हैं। ऐसे गणितीय व्यंजक जिनमें अक्षर-संख्याएँ हों, जैसे कि व्यंजक a + 3 तो वे बीजगणितीय व्यंजक कहलाते हैं।

? शबनम की आयु दी गई है तो आफताब की आयु ज्ञात करने के लिए एक व्यंजक लिखिए।

हम जानते हैं कि आफताब शबनम से 3 वर्ष छोटा है। अतः आफताब की आयु शबनम से 3 वर्ष कम होगी। इसको इस प्रकार लिखा जा सकता है -

आफताब की आयु = शबनम की आयु - 3

यदि पुनः हम अक्षर 'a' से आफताब की आयु को एवं अक्षर 's' से शबनम की आयु को प्रदर्शित करते हैं तो बीजगणितीय व्यंजक a = s - 3 होगा अर्थात ऽ से 3 कम।

? यदि शबनम की आयु 20 वर्ष हो तो इस व्यंजक का उपयोग करके आफताब की आयु ज्ञात कीजिए।

- ? उदाहरण 2 - पार्थिव माचिस की तीलियों से प्रतिरूप बना रहा है। वह समान L को एक के आगे एक लगा रहा है। प्रत्येक L में माचिस की दो तीलियाँ हैं, जैसा कि चित्र 4.2 में दिखाया गया है -

5L को बनाने के लिए कितनी माचिस की तीलियों की आवश्यकता है? ये 5 × 2 होंगी।

7L को बनाने के लिए कितनी माचिस की तीलियों की आवश्यकता है? ये 7 × 2 होंगी।

45 L को बनाने के लिए कितनी माचिस की तीलियों की आवश्यकता है? ये 45 × 2 होंगी।

अब L की संख्या एवं तीलियों की संख्या के बीच क्या संबंध है?

आइए, सबसे पहले यहाँ संबंध या पैटर्न का वर्णन करते हैं। प्रत्येक L में माचिस की 2 तीलियों की आवश्यकता है। अतः आवश्यक माचिस की तीलियों की संख्या L की संख्या की दुगुनी होगी। इसे इस प्रकार लिखा जा सकता है-

माचिस की तीलियों की संख्या = 2 × L की संख्या

अब हम L की संख्या प्रदर्शित करने के लिए किसी भी अक्षर का उपयोग कर सकते हैं। आइए 'n' का उपयोग करते हैं। माचिस की तीलियों के लिए बीजगणितीय व्यंजक होगा-

2 x n

यह व्यंजक बताता है कि L बनाने के लिए माचिस की कितनी तीलियाँ आवश्यक हैं। माचिस की तीलियों की संख्या ज्ञात करने के लिए हम n को L की संख्या से प्रतिस्थापित करते हैं।

? उदाहरण 3 – केतकी नारियल व गुड़ के लड्डू बनाकर उनकी आपूर्ति करती है। एक नारियल का मूल्य ₹35 है एवं 1 किलोग्राम (कि.ग्रा.) गुड़ का मूल्य ₹60 है।

? यदि वह 10 नारियल एवं 5 किलोग्राम गुड़ खरीदती है तो उसे कितने रुपये चुकाने चाहिए? 10 नारियलों का मूल्य = 10 × ₹35

5 किलोग्राम गुड़ का मूल्य = 5 × ₹60

कुल मूल्य = 10 × 35+5 × 60 = ₹350+ ₹300 = ₹650

? यदि वह 8 नारियल एवं 9 किलोग्राम गुड़ खरीदती है तो उसे कितने रुपये चुकाने होंगे?

? दी गई नारियल की संख्या एवं गुड़ की मात्रा के लिए चुकाए जाने वाले कुल रुपयों को ज्ञात करने के लिए बीजगणितीय व्यंजक लिखिए।

आइए, हम संबंधों को पहचानते हैं और फिर व्यंजक लिखते हैं।

यहाँ 'c' नारियलों की संख्या को प्रदर्शित करता है एवं 'j' गुड़ के किलोग्राम की संख्या को प्रदर्शित करता है। भुगतान की जाने वाले कुल राशि होगी-

नारियलों का मूल्य + गुड़ का मूल्य

संगत बीजगणितीय व्यंजक को इस प्रकार लिखा जा सकता है -

c * 35 + j * 60

? 7 नारियलों एवं 4 किलोग्राम गुड़ के लिए भुगतान की जाने वाली कुल राशि को ज्ञात करने के लिए इस व्यंजक का उपयोग कीजिए।

ध्यान दीजिए कि 'c' एवं 'j' के विभिन्न मानों के लिए व्यंजक का मान भी परिवर्तित होता है। इस व्यंजक को पदों के योग के रूप में लिखने पर हमें प्राप्त होता है -

[ c * 35 ] + [ j*60 ]

? उदाहरण 4 - हम सामान्य आकारों के परिमाप की गणना के साथ परिचित हैं। परिमापों के लिए व्यंजक लिखिए।

किसी वर्ग का परिमाप इसकी भुजा की लंबाई का 4 गुना होता है। इसे व्यंजक 4q के रूप में लिखा जा सकता है यहाँ १ भुजा की लंबाई को दर्शाता है।

? 7 से.मी. भुजा वाले वर्ग का परिमाप क्या है? इसे ज्ञात करने के लिए व्यंजक का उपयोग कीजिए।

आप समझ गए होंगे कि अक्षर-संख्याओं एवं बीजगणितीय व्यंजकों के उपयोग सामान्य गणितीय संबंधों को संक्षिप्त रूप में व्यक्त करने में किस प्रकार हमारी सहायता करते हैं। इस प्रकार व्यक्त किए गए गणितीय संबंध सूत्र कहलाते हैं।

? पता लगाइए

  1. परिमाप के लिए सूत्र लिखिए -

    (a) समान भुजाओं वाला त्रिभुज

    (b) एक सम पंचभुज (जैसा कि हम गत वर्ष सीख चुके हैं कि हम 'सम' शब्द का उपयोग यह बताने के लिए करते हैं कि सभी भुजाओं की लम्बाई और कोणों के माप समान हैं)।

    (c) एक सम षट्भुज

  2. मुनिरत्न के पास 20 मी. लंबा पाइप है। यद्यपि उसे उसके बगीचे के लिए एक अधिक लंबे पानी के पाइप की आवश्यकता है। वह इसमें कुछ और लंबाई का एक अन्य पाइप जोड़ता है। पाइप की कुल लंबाई के लिए व्यंजक दीजिए। अन्य पाइप की लंबाई को मीटर में दर्शाने के लिए अक्षर-संख्या 'k' का उपयोग कीजिए।
  3. यदि कृतिका के पास ₹100, ₹20 एवं ₹5 के निम्नलिखित संख्या में नोट हैं तो बताइए उसके पास कुल कितने रुपये हैं? दी गई सारणी पूर्ण कीजिए-
  4. ₹100 के नोटों की संख्या ₹20 के नोटों की संख्या ₹5 के सिक्कों की संख्या व्यंजक और कुल राशि
    3 5 6
    6 4 3 6 × 100 + 4 × 20 + 3 × 5 = 695
    8 4 z
    x y z
  5. वेंकटलक्ष्मी की एक आटा चक्की है। रोलर मिल को शुरू होने में 10 सेकंड लगते हैं। एक बार शुरू हो जाने पर अनाज के प्रत्येक किलोग्राम को आटे के रूप में पीसने में 8 सेकंड लगते हैं। यह मानते हुए कि प्रारंभ में मशीन बंद थी, नीचे दिए गए व्यंजकों में से कौन-सा व्यंजक y किलोग्राम अनाज को पूर्णतया पीसने में लगने वाले समय को दर्शाता है?

    (a) 10 + 8 + y

    (b) (10 + 8) * y

    (c) 10 * 8y

    (d) 10 + 8y

    (e) 10y + 8

  6. अपनी पसंद के अक्षर का उपयोग करके बीजगणितीय व्यंजक लिखिए।

    (a) एक संख्या से 5 अधिक

    (b) एक संख्या से 4 कम

    (c) एक संख्या के 13 गुना से 2 कम

    (d) एक संख्या के 2 गुना से 13 कम

  7. निम्नलिखित बीजगणितीय व्यंजकों की संगत स्थितियों का वर्णन कीजिए -

    (a)8* x+3* y

    (b) 15*j -2* k

  8. यदि किसी कैलेंडर के महीने में चित्र में दर्शाए अनुसार दिनांकों से भरी कोई 2 * 3 जाल चुनी जाती है तो खाली बक्सों में दिनांकों के लिए व्यंजक लिखिए यदि नीचे की पंक्ति में मध्य कक्ष में दिनांक 'w' हो।
    w-1 w

4.2 अंकगणितीय व्यंजकों का पुनरावलोकन

हमने व्यंजकों को पदों के योग के रूप में लिखना सीखा जिससे अंकगणितीय व्यंजकों को पढ़ना हमारे लिए सरल हो गया। इन्हें कई बार अनेक तरीकों से पढ़ा जा सकता था जिससे यह भ्रामक लगने लगा था। हमने अदला-बदली (दो संख्याओं को किसी भी क्रम में जोड़ना) एवं समूहीकरण (संख्याओं को आसान तरीके से समूहीकरण करके जोड़ना) का उपयोग व्यंजकों के सरल तरीकों से मान निकालने के लिए किया। पदों की अदला-बदली एवं समूहीकरण से व्यंजक का मान नहीं बदलता है। हमने व्यंजकों में कोष्ठकों का उपयोग सीखा साथ ही उन कोष्ठकों का उपयोग करना भी सीखा जिनके बाहर ऋणात्मक चिह्न हो। हमने वितरण गुण (किसी योगफल का गुणज उसके गुणजों के योगफल के बराबर होता है) सीखा। आइए, इन अवधारणाओं को दोहराते हैं और निम्नलिखित व्यंजकों के मान ज्ञात करते हैं-

आइए, इन अवधारणाओं को दोहराते हैं और निम्नलिखित व्यंजकों के मान ज्ञात करते हैं -

  1. 23 - 10 * 2
  2. 83 + 28 - 13 + 32
  3. 34-14+20
  4. 42+15-(8-7)
  5. 68-(18+13)
  6. 7 * 4 + 9 * 6
  7. 20 + 8(16 - 6)

आइए, पहले व्यंजक 23 - 10 * 2 का मान ज्ञात करते हैं। सबसे पहले हम व्यंजक के पदों को लिखेंगे। ध्यान दीजिए कि इन पदों में से एक पद एक संख्या है जबकि दो पदों का योग करने से पहले अन्य पद को भी एक संख्या में बदलना होगा।

23 - 10 * 2 = 23+ - 10 * 2 = 23+ - 20 = 3

आइए, अब दूसरे व्यंजक का मान ज्ञात करते हैं। इस व्यंजक के सभी पद संख्याएँ हैं। यदि हम पदों पर ध्यान दें तो हम पाते हैं कि पदों की अदला-बदली करने से अथवा समूहीकरण करने से मान ज्ञात करना सरल हो जाता है।

83 + 28 - 13 + 32 =

आइए, अब पाँचवे व्यंजक को देखते हैं। इसमें ऋणात्मक चिह्न के साथ बाहर की ओर एक कोष्ठक है। हम दो तरह से इसका मान ज्ञात कर सकते हैं। पहले कोष्ठक हल करके (बाईं ओर हल के समान) या उचित तरीके से कोष्ठक को हटाकर (दाईं ओर के समान)।

अब अन्य अंकगणितीय व्यंजकों के मान ज्ञात कीजिए।

जब बीजगणितीय व्यंजकों में अक्षर-संख्याओं को संख्याओं से प्रतिस्थापित किया जाता है तो बीजगणितीय व्यंजकों के मान भी संख्याओं के रूप में प्राप्त होते हैं। जैसा कि उदाहरण 1 में जब आफताब की आयु 23 वर्ष थी तो शबनम की आयु ज्ञात करने के लिए हमने व्यंजक a + 3 में अक्षर-संख्या a' को 23 से प्रतिस्थापित किया था एवं इससे 26 मान प्राप्त हुआ था।

4.3 बीजगणितीय व्यंजकों में गुणा का चिह्न हटाना

इस संख्या श्रेणी को देखिए -

4, 8, 12, 16, 20, 24, 28, ...

हम इस श्रेणी या प्रतिरूप का वर्णन कैसे कर सकते हैं? सरल है- ये वे संख्याएँ हैं जो 4 के पहाड़े में आती हैं (बढ़ते क्रम में 4 के गुणज)।

इस श्रेणी का तीसरा पद कौन-सा है? यह 4 * 3 है।

इस श्रेणी का 29वाँ पद कौन-सा है? यह 4 * 29 है।

? इस श्रेणी का वाँ पद ज्ञात करने के लिए बीजगणितीय व्यंजक ज्ञात कीजिए। ध्यान दीजिए कि यहाँ एक अक्षर-संख्या है जो श्रेणी में एक स्थिति दर्शाती है।

4 x n

मानक अभ्यास में हम गुणा का चिह्न हटाकर 4 x n को संक्षिप्त में 4n लिखते हैं। हम पहले संख्या लिखते हैं तथा उसके बाद अक्षर लिखा जाता है। यदि k = 4 हो तो व्यंजक 7k का मान ज्ञात कीजिए। मान 7 * 4 = 28 है। जब m = 2 हो तो व्यंजक 5m + 3 के मान को ज्ञात कीजिए। यहाँ 5m का अर्थ है 5 x m तो m = 2 के लिए। अतः व्यंजक का मान 5 * 2 + 3 = 13 है।

त्रुटियाँ ढूंढ़िए, त्रुटियाँ सुधारिए

नीचे कुछ सरलीकरण दर्शाए गए हैं जहाँ अक्षर-संख्याओं को संख्याओं से प्रतिस्थापित किया गया है एवं व्यंजक का मान प्राप्त किया गया है।

  1. इनमें से प्रत्येक का अवलोकन कीजिए और यदि कोई त्रुटि हो तो पहचानिए।
  2. यदि आपको लगता है कि कोई त्रुटि है तो व्याख्या करने का प्रयास कीजिए कि क्या त्रुटि हुई होगी।
  3. इसके बाद उन्हें सुधार कर व्यंजक का मान ज्ञात कीजिए।

4.4 बीजगणितीय व्यंजकों का सरलीकरण

पूर्व में हमने विभिन्न सम चित्रों के परिमाप को उनकी भुजाओं के पदों में ज्ञात करने के लिए व्यंजक प्राप्त किए। आइए, अब एक आयत का परिमाप ज्ञात करने के लिए एक व्यंजक ज्ञात करते हैं।

पूर्व की भाँति ही पहले हम वर्णन करेंगे कि जब एक आयत की लंबाई एवं चौड़ाई ज्ञात हो तो परिमाप कैसे ज्ञात किया जाए।

लंबाई + चौड़ाई + लंबाई + चौड़ाई का योगफल ज्ञात कीजिए।

आइए, लंबाई एवं चौड़ाई के स्थान पर अक्षर-संख्याओं क्रमशः 1 एवं b का उपयोग करते हैं। अतः हमारे पास है -

p = l + b + l + b

जैसा कि हम जानते हैं कि ये अक्षर संख्याओं को प्रदर्शित करते हैं। अतः किसी भी व्यंजक के पद को किसी भी क्रम में जोड़ा जा सकता है। अत: उपरोक्त व्यंजक को इस प्रकार लिखा जा सकता है-

p = l + l + b + b

क्योंकि l + l = 2l = 2l एवं b + b = 2b = 2b अत:

p = 2l + 2b

ध्यान दीजिए कि परिमाप के लिए हमने जो प्रारंभिक व्यंजक (l + b + l + b) एवं अंतिम व्यंजक (2l + 2b) प्राप्त किए, वे भिन्न दिखते हैं। फिर भी वे समान हैं, क्योंकि हमने प्रारंभिक व्यंजक में वही नियम एवं संक्रियाएँ लगाई हैं जो हमने पहले संख्याओं के लिए लगाई थीं। वे इस अर्थ में समान हैं कि जब अक्षर-संख्याओं को संख्याओं से प्रतिस्थापित किया जाता है तो उन दोनों के समान मान प्राप्त होते हैं।

उदाहरण के लिए, यदि हम l = 3, b = 4 मान रखते हैं हमें प्राप्त होता है -

l + b + l + b = 3 + 4 + 3 + 4 = 14

या 2l + 2b = 2 * 3 + 2 * 4 = 14

हम व्यंजक 2l + 2b को l + b + l + b का सरलीकृत रूप कहते हैं। आइए, सरलीकरण के कुछ अन्य उदाहरण देखते हैं।

? उदाहरण 5 – यहाँ सारणी में एक दुकान पर बेची गई पेंसिल एवं रबर की संख्याएँ दिखाई गईं हैं। प्रत्येक पेंसिल की कीमत है एवं प्रत्येक रबर की कीमत व है। दुकानदार द्वारा इन तीन दिनों में अर्जित किए गए कुल रुपयों को ज्ञात कीजिए।

आइए, पहले पेंसिल की बिक्री से अर्जित किए गए रुपयों को ज्ञात करते हैं।

पहले दिन पेंसिल बेचकर अर्जित किए गए रुपये 5c हैं। इसी प्रकार दूसरे दिन पेंसिल बेचकर अर्जित किए गए रुपये __हैं एवं तीसरे दिन __हैं।

पेंसिल की बिक्री से अर्जित किए गए कुल रुपये 5c + 3c + 10c हैं। क्या हम इस व्यंजक को आगे हल कर सकते हैं एवं पदों की संख्या कम कर सकते हैं?

व्यंजक का अर्थ है कि के 5 गुने को c के 3 गुने में जोड़ा गया है एवं फिर इसे c के 10 गुने में जोड़ा गया है। अतः कुल मिलाकर अक्षर-संख्या को (5 + 3 + 10) बार जोड़ा गया है। यह मान वही है जो हम संख्याओं के वितरण गुण के रूप में देख चुके हैं। इस प्रकार

5c + 3c + 10c = (5 + 3 + 10) * c

(5 + 3 + 10) * c को 18 x c = 18c के रूप में सरल किया जा सकता है।

? यदि c = mathbb * 50 हो तो पेंसिल की बिक्री से अर्जित की गई कुल राशि ज्ञात कीजिए।

? रबर की बिक्री से अर्जित किए गए कुल रुपयों के लिए व्यंजक लिखिए फिर व्यंजक को हल कीजिए।

इन तीन दिनों में पेंसिल एवं रबर की बिक्री से अर्जित किए गए कुल रुपयों के लिए व्यंजक 18c + 11d है।

? क्या व्यंजक 18c + 11d को आगे हल किया जा सकता है?

इस व्यंजक को आगे हल करने की कोई अन्य विधि नहीं है, क्योंकि इसमें भिन्न अक्षर-संख्याएँ हैं। अभी यह अपने सरलतम रूप में है।

इस प्रश्न में हमने व्यंजक 5c + 3c + 10c को व्यंजक 18c तक सरल होते देखा।

? जाँचिए कि यदि को विभिन्न संख्याओं से प्रतिस्थापित किया जाए तो क्या दोनों व्यंजकों के मान समान प्राप्त होंगे?

? उदाहरण 6 – एक बड़े आयत को नीचे दर्शाए अनुसार दो छोटे आयतों में बाँटा गया है। बड़े आयत का क्षेत्रफल ज्ञात करने के लिए व्यंजक लिखिए।

छोटे आयतों के क्षेत्रफल 4v वर्ग इकाई एवं 3v वर्ग इकाई हैं।

बड़े आयत का क्षेत्रफल दो प्रकार से ज्ञात किया जा सकता है-

(i) इसकी पहली भुजा v एवं दूसरी भुजा (4 + 3) का उपयोग करके या (ii) छोटे आयतों के क्षेत्रफल जोड़कर।

पहली विधि से हमें 7v प्राप्त होता है और दूसरी विधि से हमें 4v + 3v प्राप्त होता है। हम जानते हैं कि ये दोनों ही समान हैं - 4v + 3v = 7v और यह बड़े आयत के क्षेत्रफल के लिए आवश्यक व्यंजक है।

पूर्व की तरह एक बड़े आयत को नीचे दर्शाए अनुसार दो छोटे आयतों में बाँटा गया है। आयत AEFD का क्षेत्रफल ज्ञात करने के लिए व्यंजक लिखिए।

इस स्थिति में भी आयत AEFD का क्षेत्रफल दो विधियों से ज्ञात किया जा सकता है-

(i) भुजाओं n एवं (12 – 4) को सीधे उपयोग करके या (ii) आयत ABCD के क्षेत्रफल में से आयत EBCF का क्षेत्रफल घटाकर ।

पहली विधि से हमें 8n प्राप्त होता है एवं दूसरी विधि से हमें 12n - 4n = 8n प्राप्त होता है और ये दोनों समान ही हैं, क्योंकि है। यह आयत AEFD क्षेत्रफल के लिए व्यंजक है।

जिन पदों के समूह में संख्याएँ होती हैं, वे सजातीय पद कहलाते हैं। जैसे -(5c, c, 10c) और (12n - 4n) | जिन पदों के समूह में अलग-अलग अक्षर संख्याएँ होती हैं, वे विजातीय पद कहलाते - (18c, 11d)

? उदाहरण 7 - एक दुकान एक दिन के उपयोग के लिए कुर्सियाँ एवं मेज किराए पर देती है। उन्हें किराए पर लेने के लिए पहले प्रत्येक वस्तु के अनुसार निम्नलिखित राशि चुकानी होती है।

जब फर्नीचर वापस लौटाया जाता है तो दुकानदार निम्नानुसार कुछ राशि वापस लौटाता है।

यदि x कुर्सियाँ एवं y मेज किराए पर ली गई हों तो भुगतान किए गए कुल रुपयों के लिए व्यंजक लिखिए।

आइए, x कुर्सियों एवं y मेज के लिए प्रारंभ में भुगतान की गई राशि तथा फर्नीचर को लौटाने के बाद वापस मिलने वाली राशि को ज्ञात करते हैं।

? इन राशियों को प्राप्त करने की विधि का वर्णन कीजिए।

प्रारंभ में भुगतान की गई राशि रुपयों में 40x + 75y है और वापस लौटाई गई कुल राशि रुपयों में 6x + 10y है।

अतः भुगतान की गई कुल राशि = (40x + 75y) - (6x + 10y)

क्या हम इस व्यंजक को हल कर सकते हैं? यदि हाँ, तो कैसे? यदि नहीं, तो क्यों नहीं?
जब हम किसी बीजगणितीय व्यंजक के कोष्ठक खोलने की विधि को याद करते हैं तो हमें प्राप्त होता है -

(40x + 75y) - (6x + 10y) = (40x + 75y) - 6x - 10y

क्योंकि पदों को किसी भी क्रम में जोड़ा जा सकता है और जब बचे हुए कोष्ठक को खोला जाता है तो व्यंजक 40x + 75y + (- 6x) + (- 10y) हो जाता है।

हम सजातीय पदों को एक साथ समूह में रख सकते हैं, ऐसा करने से हमें प्राप्त होता है -

40x + -6x + 75y + -10y
= (40 - 6) * x + (75 - 10) * y
= 34x + 65y

व्यंजक (40x + 75y) - (6x + 10y) को 34x + 65y के रूप में सरल किया गया है, यह रुपयों में भगतान की गई कल राशि है।

? क्या हम प्रारंभिक व्यंजक को इस प्रकार लिख सकते थे-
(40x + 75y) + (- 6x - 10y) ?

? उदाहरण 8 - चारु प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के तीन चरणों में पहुँची। तीन चरणों में उसके अंक 7p - 3q 8p - 4q एवं 6p - 2q हैं। यहाँ सही उत्तर के लिए अंक को p से दर्शाया गया है एवं गलत उत्तर के लिए दण्ड के रूप में कटने वाले अंक को q से दर्शाया गया है।

? प्रत्येक व्यंजक का क्या अर्थ है?

यदि एक सही उत्तर के लिए 4 अंक (p = 4) हो एवं गलत उत्तर के लिए दण्ड के रूप में कटने वाला अंक 1 (q = 1) हो तो पहले चरण में चारु के द्वारा प्राप्त किए गए अंक ज्ञात कीजिए।

चारु के अंक 7 * 4 - 3 * 1 हैं। हम व्यंजक को पदों के योग के रूप में लिखकर इस व्यंजक का मान ज्ञात कर सकते हैं।

7 * 4 - 3 * 1 = 7 * 4 + (- 3 * 1)

= 28 + (- 3) = 25

दूसरे एवं तीसरे चरण में उसके कितने अंक हैं?

क्या होगा यदि गलत उत्तर देने पर दण्ड के रूप में अंक न करें? उस स्थिति में १ का मान क्या होगा? तीनों चरणों के बाद उसके अंतिम अंक कितने होंगे? उसके अंतिम अंक तीनों अंकों का योगफल होंगे-

(7p - 3q) + (8p - 4q) + (6p - 2q)

क्योंकि पदों को किसी भी क्रम में जोड़ा जा सकता है तो हम कोष्ठकों को हटा भी सकते हैं एवं लिख भी सकते हैं।

7p + -3q + 8p + -4q + 6p + -2q = 7p + 8p + 6p + - (3q) + - (4q) + - (2q) (पदों की अदला-बदली एवं समूहीकरण द्वारा)

= (7 + 8 + 6) * p + -(3 + 4 + 2) * q

= 21p + -9q

= 21p - 9q

तीनों चरणों के बाद चारु के कुल अंक 21p - 9q हैं। उसकी सखी कृषिता के तीनों चरणों के बाद अंक 23p - 7q हैं।

? कृषिता के लिए प्राप्त तीनों चरणों में कुछ ऐसे संभावित अंक बताइए जिससे कि उनका योगफल 23p - 7q हो।

? क्या हम बता सकते हैं कि किसके अंक अधिक हैं और क्यों?

कृषिता ने चारु से कितने अधिक अंक प्राप्त किए, दोनों अंकों के बीच का अंतर ज्ञात करके यह पता लगाया जा सकता है।

23p - 7q - (21p - 9q)

? इस व्यंजक को आगे हल कीजिए।

? उदाहरण 9 - व्यंजक 4(x + y) - y को हल कीजिए।

वितरण गुण का उपयोग कर इस व्यंजक को हल किया जा सकता है।

4(x + y) - y = 4x + 4y - y
= 4x + 4y - y
= 4x + (4 - 1) * y
= 4x + 6y

? उदाहरण 10 - क्या व्यंजक 5 एवं 5 + u एक-दूसरे के समान हैं?

व्यंजक 5u का अर्थ है संख्या ॥ का 5 गुना एवं व्यंजक 5 + u का अर्थ है संख्या 1 से 5 अधिक। ये दोनों भिन्न संक्रियाएँ होने से u के अधिकतर मानों के लिए उनके भिन्न मान प्राप्त होने चाहिए।

आइए, इसे जाँचते हैं।

? अक्षर-संख्याओं को संख्याओं से प्रतिस्थापित करके नीचे दिए गए रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए, एक उदाहरण दर्शाया गया है। फिर 5u एवं 5 + u के मानों की तुलना कीजिए।

यदि व्यंजक 5 एवं 5 + u समान हैं तो u के किसी दिए गए मान के लिए उन्हें समान मान प्राप्त होने चाहिए। किंतु हम देख सकते हैं कि उन्हें समान मान प्राप्त नहीं होते हैं। अतः ये दोनों व्यंजक समान नहीं हैं।

क्या व्यंजक 10y - 3 एवं 10(y - 3) समान हैं?

10y - 3 सरल रूप में 10y - 3 अर्थात y के 10 गुना से 3 कम

10(y - 3) सरल रूप में 10(y - 3) अर्थात y से 3 कम का 10 गुना

आइए, y के विभिन्न मानों के लिए इन व्यंजकों के मानों की तुलना करते हैं।

? क्या आपको लगता है कि दोनों आरेखों में रिक्त स्थानों की पूर्ति करने के बाद दोनों व्यंजक समान हैं?

? उदाहरण 11 - चित्र में दी गई संख्याओं का योग क्या है? (अज्ञात मानों को अक्षर-संख्याओं द्वारा प्रदर्शित किया गया है) इसके लिए अनेक विधियाँ हैं। उनमें से कुछ इस प्रकार हैं।

  1. पंक्तिवार जोड़ने पर प्राप्त होता है -

    (4 * 3) + (r + s) + (r + s) + (4 * 3)

  2. सजातीय पदों को साथ में जोड़ने पर प्राप्त होता है -

    (8 * 3) + (r + r) + (s + s)

  3. ऊपर का आधा भाग जोड़कर उसे दुगुना करने पर प्राप्त होता है-

    2(4 * 3 + r + s)

तीनों व्यंजक भिन्न दिखाई दे सकते हैं। हम प्रत्येक व्यंजक को सरल कर सकते हैं। हम देखते हैं कि वे सभी समान हैं ---- 2r + 2s + 24

? पता लगाइए

  1. आगे दिए गए प्रत्येक चित्र में संख्याओं का योग कीजिए। उनके संगत व्यंजक लिखिए और उन्हें हल कीजिए। प्रत्येक चित्र में संख्याओं का कम से कम तीन अलग-अलग प्रकार से योग करने का प्रयत्न कीजिए एवं देखिए कि क्या आपको समान मान प्राप्त होता है।
  2. नीचे दिए गए व्यंजकों में से प्रत्येक को सरल रूप में व्यक्त कीजिए-

(a) p+p+p+p,p+p+p+q,

(b) p + q + p - q ,

(c) p - q + p - q

(d) p + q - p + q ,

(e) p + q - (p + q)

(f) p - q - p - q

(g) 2d - d - d - d

(h) 2d - d - d - c

(i) 2d - d - (d - c)

(j) 2d - (d - d) - c

(k) 2d - d - c - c

त्रुटियाँ ढूंढ़िए, त्रुटियाँ सुधारिए

नीचे कुछ बीजगणितीय व्यंजकों को सरल किया गया है। दाईं ओर दिए गए व्यंजक अपने सरलतम रूप में होने चाहिए।

  • प्रत्येक व्यंजक का निरीक्षण कीजिए और यदि कोई त्रुटि हो तो देखिए।
  • यदि आपको लगता है कि कोई त्रुटि है तो व्याख्या करने का प्रयत्न कीजिए कि क्या त्रुटि हुई होगी।
  • फिर इसे सही विधि से सरल कीजिए।
व्यंजक सरलतम रूप सही सरलतम रूप
1. 3a + 2b 5
2. 3b – 2b – b 0
3. 6 (p + 2) 6p + 8
4. (4x + 3y) – (3x + 4y) x + y
5. 5 – (2 – 6z) 3 – 6z
6. 2 + (x + 3) 2x – 6
7. 2y + (3y – 6) –y + 6
8. 7p – p + 5q – 2q 7p + 3q
9. 5(2w + 3x + 4w) 10w + 15x + 20w
10. 3j + 6k + 9h + 12 3(j + 2k + 3h + 4)
11. 4(2r + 3s + 5) - 20 - 8r - 12s

? सभी सही सरलतम रूपों पर दृष्टि डालिए (जैसे कोष्ठकों को हटा दिया गया है, सजातीय पदों का योग कर दिया गया है एवं केवल संख्याओं वाले पदों का भी योग कर दिया गया है)। क्या इन व्यंजकों में पदों की संख्या एवं अक्षर-संख्याओं की संख्या में कोई संबंध है?

4.5 प्रतिरूप (पैटर्न) चुनिए तथा संबंध बताइए

प्रथम भाग में हमने इसकी एक झलक देखी कि बीजगणितीय व्यंजकों और सामान्य प्रतिरूप एवं संबंधों को संक्षिप्त व सुरुचिपूर्ण ढंग से व्याख्या करने में कैसे उपयोग किया जाए। अब हम विभिन्न स्थितियों में मात्राओं के बीच सामान्य संबंधों को खोजना, पैटर्नी को ढूँढ़ना एवं यहाँ तक कि यह व्याख्या करना कि ये पैटर्न क्यों बनते हैं, जारी रखते हैं।

दो बातें याद रखें। पहला इनका सामान्य भाषा में वर्णन करने का महत्व, दूसरा इनको व्यंजकों के रूप में लिखने का प्रयत्न करने से पहले गणितीय संबंधों को दृष्टिगत करना याद रखिए।

सूत्र खोजो

दिए गए चित्र को देखिए। हर बार संख्या-मशीन 'Y' के शीर्ष पर 2 संख्याओं को निविष्ट (Input) के रूप में लेती है, कुछ संक्रियाएँ करती है एवं नीचे परिणाम देती है। हर बार मशीन अपने निविष्ट (Input) पर समान संक्रियाएँ करती है।

? इस संख्या-मशीन के सूत्र का पता लगाइए।

ऊपर दी गई संख्या-मशीन के लिए सूत्र है, 'पहली संख्या के दुगुने में से दूसरी संख्या घटाना'। जब यह बीजगणितीय व्यंजक के रूप में लिखा जाता है तो सूत्र 2a - b है। पहले निविष्टों के समूह के लिए व्यंजक 2 * 5 - 2 = 8 है। जाँचिए कि प्रत्येक निविष्ट के समूह के लिए क्या यह सूत्र सही है?

? नीचे दी गई संख्या-मशीनों के लिए सूत्रों का पता लगाइए और प्रत्येक समूह के निविष्ट के लिए व्यंजक लिखिए।

? अब आप स्वयं का एक सूत्र बनाइए। उस सूत्र का उपयोग करके उदाहरणों के रूप में कुछ संख्या-मशीनें लिखिए। अपने सहपाठियों को इसका पता लगाने की चुनौती दीजिए।

शिक्षक हेतु टिप्पणी - केवल प्रश्न हल करना ही नहीं अपितु नए प्रश्न बनाना भी गणित सीखने का एक भाग है।

प्रतिरूप (पैटर्न) का वर्णन करने के लिए बीजगणितीय व्यंजक

? उदाहरण 12- सोमजीत ने एक साड़ी के किनारे पर एक दोहराव वाले पैटर्न को देखा।

? सोमजीत को आश्चर्य होता है कि क्या सभी स्थितियों का वर्णन करने की कोई ऐसी विधि है जहाँ (i) डिजाइन A, (ii) डिजाइन B एवं (iii) डिजाइन C विद्यमान है।

आइए, अभिकल्पना (डिजाइन) C से प्रारंभ करते हैं। यह सबसे पहले तीसरे स्थान पर दिखता है, फिर दूसरी बार छठे स्थान पर।

? डिजाइन C nवीं बार कहाँ दिखाई देगा?

हम देख सकते हैं कि यह डिजाइन उन स्थानों पर दिखाई देता है, जो 3 के गुणज हैं। अतः nवीं बार डिजाइन C, 3n स्थान पर विद्यमान होगा।

? इसी प्रकार अन्य डिजाइनों के लिए वीं बार विद्यमान होने की स्थितियों के लिए सूत्र ज्ञात कीजिए।

ऐसे स्थान जहाँ B विद्यमान है वे हैं- 2, 5, 8, 11, 14 एवं इसी प्रकार क्रमशः आगे तक।

हम देख सकते हैं कि डिजाइन B के वीं बार विद्यमान होने का स्थान डिजाइन C के वीं बार विद्यमान होने की स्थान से एक कम है। इस प्रकार डिजाइन B के वीं बार विद्यमान होने की स्थिति है-

3n-1

इसी प्रकार, डिजाइन A के वीं बार विद्यमान होने के स्थान बताने के लिए व्यंजक 31 -2 है।

? दी गई संख्या के लिए क्या हम बता सकते हैं कि वहाँ कौन-सा डिजाइन विद्यमान होगा? स्थिति 122 पर कौन-सा डिजाइन विद्यमान होगा?

जैसा कि पहले देखा गया है कि यदि स्थान संख्या 3 का गुणज है तो स्पष्टतया वहाँ डिजाइन C होगा। यदि स्थान संख्या 3 के गुणज से एक कम है तो वहाँ डिजाइन B है एवं यदि यह 3 के गुणज से 2 कम है तो वहाँ डिजाइन A विद्यमान है।

? क्या इसके लिए स्थान संख्या को 3 से विभाजित करने पर प्राप्त शेषफल को उपयोग में लाया जा सकता है? नीचे दी गई सारणी को ध्यान से देखिए।

स्थान संख्या 3 से विभाजित करने पर भागफल शेषफल
99 33 0
122 40 2
148 49 1

? इस सारणी का उपयोग स्थितियों 99, 122 एवं 148 पर विद्यमान डिजाइन को ज्ञात करने में कीजिए।

कैलेंडर (तिथिपत्र) में पैटर्न

यहाँ नवंबर 2024 का कैलेंडर दिया गया है। 2 * 2 के वर्ग लीजिए जैसा कि कैलेंडर में चिह्नित है। इस वर्ग में संख्याएँ एक रोचक गण दर्शाती हैं।

आइए, चिह्नित 2 * 2 वर्ग लेते हैं एवं विकर्णों पर विद्यमान संख्याओं 12 एवं 20; 13 एवं 19 को लेते हैं। इनका योगफल ज्ञात कीजिए; 12 + 20, 13 + 19 | आपने क्या देखा?

12 13
19 20

ये समान है।

आइए, कैलेंडर में संख्याओं को 30 के आगे बढ़ाकर अनंत पंक्तियाँ बनाते हैं।

? क्या इस अनंत जाल में प्रत्येक 2 * 2 वर्ग में विकर्ण संख्याओं के योगफल समान होंगे? हम कैसे सुनिश्चित कर सकते हैं? यह सुनिश्चित करने के लिए हम सभी 2 * 2 वर्गों की जाँच नहीं कर सकते, क्योंकि यहाँ असीमित संख्या में वर्ग हैं। आइए, एक 2 * 2वर्ग पर विचार करते हैं। इसकी ऊपरी बाईं संख्या कोई भी संख्या हो सकती है। आइए, इसे 'a' कहते हैं।

? जैसा कि हम ऊपरी बाईं संख्या जानते हैं तो इस 2 * 2 वर्ग में हम अन्य संख्याएँ कैसे ज्ञात करेंगे?

a ?
? ?

आइए, पहले अन्य संख्याओं को शब्दों में वर्णित करें। जैसा कि हम करते आए हैं-

  • 'a' के दाईं ओर की संख्या इससे 1 अधिक होगी।
  • 'a' के नीचे की संख्या इससे 7 अधिक होगी।
  • 'a' से विकर्ण स्थिति पर संख्या इससे 8 अधिक होगी।
a a+1
a+7 a+8

अतः 2 * 2 वर्ग में अन्य संख्याएँ जाल में दर्शाए अनुसार प्रदर्शित की जा सकती हैं। आइए, विकर्ण-संख्याओं के योगफल ज्ञात करते हैं; a + (a + 8) और (a + 1) + (a + 7)

आइए, अब इन्हें सरल करते हैं। क्योंकि पदों को किसी भी क्रम में जोड़ा

क्योंकि पदों को किसी भी क्रम में जोड़ा जा सकता है, अतः कोष्ठकों को हटाया जा सकता है।

a + (a + 8) = a + a + 8 = 2a + 8

(a + 1) + (a + 7) = a + 1 + a + 7 = a + a + 1 + 7 = 2a + 8

हम देखते हैं कि दोनों विकर्ण संख्याओं के योगफल समान हैं जो 2a + 8 हैं (a के दुगुने से 8 अधिक)।

? कोई भी 2 * 2 वर्ग लेकर एवं इसकी ऊपरी बाईं संख्या को 'a' मानकर विकर्ण संख्याओं के योगफल के लिए इस व्यंजक की जाँच कीजिए।

इस प्रकार हमने प्रदर्शित किया कि 'a' के किसी भी मान के लिए अर्थात किसी भी 2 * 2 वर्ग के लिए विकर्ण संख्याओं के योगफल समान हैं।

यह प्रश्न एक उदाहरण है जो यह जाँचने में बीजगणितीय मॉडल की शक्ति को दर्शाता है कि क्या कोई एक पैटर्न लगातार चलता रहेगा।

अनंत पंक्तियों वाले कैलेंडर से नीचे दिए गए आकार में संख्याओं के एक समूह पर विचार कीजिए।

? सभी संख्याओं का योगफल ज्ञात कीजिए। इसकी तुलना मध्य में लिखी संख्या 15 से कीजिए। इस आकार में संख्याओं के अन्य समूह के लिए इसे दोहराइए। आपने क्या देखा?

हम देखते हैं कि कुल योगफल मध्य में लिखी संख्या से सदैव 5 गुना होता है।

? क्या सदैव ऐसा होगा? आप इसे कैसे दर्शाएँगे?

(संकेत - इस आकार में संख्याओं के एक सामान्य समूह पर विचार कीजिए। मध्य में लिखी संख्या 'a' को लीजिए। अन्य संख्याओं को 'a' के पदों में व्यक्त कीजिए।)

अन्य आकार ज्ञात कीजिए जिनके लिए चित्र के अंदर की संख्याओं का योगफल हमेशा उनमें से किसी एक संख्या का गुणज है।

माचिस की तीलियों से प्रतिरूप (पैटर्न)

नीचे दिए गए चित्रों को देखिए। यह माचिस की तीलियों से बनाया गया एक पैटर्न है। क्या आप पहचान सकते हैं कि पैटर्न क्या है?

हम देख सकते हैं कि चरण 1 में 1 त्रिभुज है, चरण 2 में 2 त्रिभुज हैं, चरण 3 में 3 त्रिभुज हैं एवं इसी प्रकार आगे भी हैं।

क्या आप बता सकते हैं कि अगले चरण (5वें चरण) में कितनी माचिस की तीलियाँ होंगी? ये 11 होंगी। आप भी इसका आरेख खींचकर देख सकते हैं।

? चरण 33, चरण 84 एवं चरण 108 में कितनी माचिस की तीलियाँ होंगी? अवश्य, हम आरेख खींच सकते हैं एवं गिन सकते हैं किंतु क्या यहाँ विद्यमान पैटर्न का उपयोग करके शीघ्रता से उत्तर देने की कोई विधि है?

अगले चरण में माचिस की तीलियों की संख्या ज्ञात करने का सामान्य नियम क्या है? हम देख सकते हैं कि प्रत्येक चरण में अगला चरण प्राप्त करने के लिए माचिस की 2 तीलियाँ रखी गई हैं अर्थात प्रत्येक समय माचिस की 2 तीलियाँ बढ़ती हैं।

इसका उपयोग करके चरण 33 में माचिस की तीलियों की संख्या ज्ञात करने (सतत संख्याएँ लिखे बिना) की एक विधि पर विचार कीजिए।

क्योंकि प्रत्येक बार माचिस की 2 तीलियाँ जोड़ी जाती हैं तो चरण 33 में कितनी बार 2 जोड़े जाएँगे। नीचे दी गई सारणी को देखिए एवं ज्ञात करने का प्रयत्न कीजिए।

33 त्रिभुज (चरण संख्या 33) बनाने के लिए आवश्यक माचिस की तीलियों की संख्या है। इसी प्रकार चरण संख्या 84 एवं चरण संख्या 108 के लिए आवश्यक माचिस की तीलियों की संख्या ज्ञात कीजिए।

किसी भी चरण में माचिस की तीलियों की संख्या ज्ञात करने के लिए नियम या सूत्र का वर्णन करने के लिए कौन-सा व्यंजक हो सकता है? पैटर्न इस प्रकार है कि चरण संख्या 10 में 9 बार 2 एवं 3 जोड़कर (3 + 2 * 9) माचिस की तीलियों की संख्या ज्ञात होती है; चरण संख्या 11 में 10 बार 2 एवं 3 जोड़कर (3 + 2 * 10) माचिस की तीलियों की संख्या ज्ञात होती है। चरण संख्या y के लिए व्यंजक क्या है?

यह y से एक कम का दुगुना अर्थात 2 (y-1) और 3 का योग है।

अतः व्यंजक है

3 + 2(y - 1)

यह व्यंजक चरण संख्या में माचिस की तीलियों की संख्या बताता है। अब हम किसी भी चरण संख्या में माचिस की तीलियों की संख्या शीघ्र ज्ञात कर सकते हैं।

आपने ध्यान दिया ही होगा कि पहले चरण में भी 2 सम्मिलित है, 3 = 1 + 2 इसका उपयोग करके हमें जो व्यंजक प्राप्त होता है, वह है

2y + 1

क्या उपरोक्त व्यंजक किसी भी चरण में माचिस की तीलियों की संख्या बताता है? क्या ये दोनों व्यंजक समान हैं?

हम व्यंजक 3 + 2(y - 1) को सरल करके इसकी जाँच कर सकते हैं-

3 + 2(y - 1) = 3 + 2y - 2

= 2y + 1

दोनों ही व्यंजक समान हैं।

यहाँ गिनने या पैटर्न को देखने की एक भिन्न विधि है। आइए, चित्र को फिर से देखते हैं।

माचिस की तीलियों को दो अभिविन्यासों में रखा गया है। (a) ऊपर एवं नीचे क्षैतिज रूप से एवं (b) मध्य में विकर्ण रूप से। उदाहरण के लिए, चरण संख्या 2 में माचिस की 2 तीलियाँ क्षैतिज रूप में माचिस की 3 तीलियाँ विकर्ण रूप से रखी गई हैं।

? चरण संख्या 3 एवं चरण संख्या 4 में ये संख्याएँ क्या हैं?

? चरणों के बढ़ने के साथ प्रत्येक अभिविन्यास में माचिस की तीलियों की संख्या कैसे बदलती है? प्रत्येक अभिविन्यास में चरण संख्या y पर माचिस की तीलियों की संख्या के लिए व्यंजक लिखिए। क्या दोनों व्यंजकों का योगफल 2y + 1 आता है?

? पता लगाइए

आपसे पूछे गए प्रश्नों तथा उचित व्यंजकों को ज्ञात करने के लिए सबसे पहले वर्णित स्थिति में विभिन्न मात्राओं के बीच संबंध समझने का प्रयत्न कीजिए। यदि आवश्यक हो तो अज्ञात के लिए कुछ मानों की कल्पना कीजिए एवं संबंध ज्ञात करने का प्रयत्न कीजिए।
  1. एक प्लेट ज्वार की रोटी का मूल्य ₹30 है एवं एक प्लेट पुलाव का मूल्य ₹20 है। यदि एक दिन में ज्वार की रोटी x प्लेट एवं पुलाव की y प्लेट का आर्डर दिया गया तो उस दिन अर्जित कुल राशि को रुपयों में वर्णित करने के लिए कौन-सा व्यंजक होगा?

    (a) 30x + 20y

    (b) (30 + 20)(x + y)

    (c) 20x + 30y

    (d) (30 + 20) * x + y

    (e) 30x - 20y

  2. पुष्पिता स्वतंत्रता दिवस पर चंपा एवं गेंदे के दो तरह के फूल बेचती है p' ग्राहक केवल चंपा खरीदते हैं, 'q' ग्राहक केवल गेंदा खरीदते हैं एवं 'r' ग्राहक दोनों खरीदते हैं। उसी दिन वह प्रत्येक ग्राहक को एक छोटा राष्ट्रीय झंडा देती है। उस दिन वह कितने झंडे देती है?

    (a) p + q + r

    (b) p + q + 2r

    (c) 2(p + q + r)

    (d) p + q + r + 2

    (e) p + q + r + 1

    (f) 2(p + q)

  3. एक घोंघा एक गहरे कुएँ की दीवार पर चढ़ने का प्रयत्न कर रहा है। दिन के समय यह 4 ^ 7 से.मी. चढ़ता है एवं रात के समय वह धीरे से 'd' से.मी. नीचे फिसल जाता है। 10 दिनों एवं 10 रातों तक ऐसा होता है। (a) घोंघा अपनी प्रारंभिक स्थिति से कितना दूर है, यह बताने के लिए एक व्यंजक लिखिए। (b) यदि d > u तो हम घोंघे की गति के बारे में क्या कह सकते हैं?
  4. राधा साइकिल दौड़ की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयारी कर रही है एवं प्रतिदिन अभ्यास करती है। पहले सप्ताह में वह प्रतिदिन 5 कि.मी. साइकिल चलाती है। प्रत्येक सप्ताह वह प्रतिदिन प्र साइकिल चलाने की दूरी को `` Z' कि.मी. बढ़ाती है। 3 सप्ताह के बाद राधा कितने कि.मी. साइकिल चला चुकी होगी?
  5. नीचे दिए गए चित्र को ध्यान से देखिए कि कैसे व्यंजक w + 2 एक रास्ते के माध्यम से व्यंजक 4w + 20 हो जाता है। अन्य रास्तों पर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए। अंडाकार स्थानों में व्यंजक लिखें जाएँगे एवं बक्सों में गणितीय संक्रियाएँ लिखी जाएँगी?
  6. यहाँपुर से वहाँपुर जाने वाली एक लोकल ट्रेन मार्ग में समान दूरी पर तीन स्टेशनों पर रुकती है। एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक दूरी तय करने में मिनटों में लगने वाला समय समान है एवं इसे 1 से प्रदर्शित किया गया है। ट्रेन तीनों स्टेशनों पर 2 मिनट के लिए रुकती है। (a) यदि t = 4 हो तो यहाँपुर से वहाँपुर की यात्रा में लगने वाला समय क्या होगा? (b) यहाँपुर से वहाँपुर की यात्रा में लगने वाले समय के लिए बीजगणितीय व्यंजक क्या होगा? (संकेत – स्थिति के दृश्यीकरण के लिए एक रफ आरेख खींचिए।)
  7. दिए गए व्यंजकों को सरल कीजिए-

    (a) 3a + 9b - 6 + 8a - 4b - 7a + 16

    (b) 3(3a - 3b) - 8a - 4b - 16

    (c) 2(2x - 3) + 8x + 12

    (d) 8x - (2x - 3) + 12

    (e) 8h - (5 + 7h) + 9

    (f) 23 + 4(6m - 3n) - 8n - 3m - 18

  8. नीचे दिए गए व्यंजकों का योग ज्ञात कीजिए -

    (a) 4d - 7c + 9 और 8c - 11 + 9d

    (b) - 6f + 19 - 8s और - 23 + 13f + 12

    (c) 8d - 14c + 9 और 16c - (11 + 9d)

    (d) 6f - 20 + 8s और 23 - 13f - 12s

    (e) 13m - 12n और 12n - 13m

    (f) - 26m + 24n और 26m - 24n

  9. नीचे दिए गए व्यंजकों का घटाव कीजिए -

    (a) 9a - 6b + 14 से 6a + 9b - 18

    (b) - 15x + 13 - 9y से 7y - 10 + 3x

    (c) 17g + 9 - 7h से 11 - 10g + 3h

    (d) 9a - 6b + 14 से 6a - (9b + 18)

    (e) 10x + 2 + 10y से - 3y + 8 - 3x

    (f) 8g + 4h - 10 से 7h - 8g + 20

  10. दिए गए बीजगणितीय व्यंजकों के लिए संगत स्थितियों का वर्णन कीजिए -

    (a) 8x + 3y

    (b) 15x - 2x

  11. कल्पना कीजिए कि एक सीधी रस्सी है। यदि इसे चित्र में दर्शाए अनुसार एक बार काटा जाए तो हमें 2 टुकड़े प्राप्त होंगे। यदि रस्सी को चित्र में दर्शाए अनुसार एक बार मोड़कर काटा जाए तो हमें 3 टुकड़े प्राप्त होंगे। पैटर्न को ध्यान से देखिए एवं बताइए कि यदि रस्सी को 10 बार मोड़कर काटा जाए तो हमें रस्सी के कितने टुकड़े प्राप्त होंगे। यदि रस्सी को बार मोड़कर काटा जाए तो टुकड़ों की संख्या के लिए व्यंजक क्या होगा? ft
  12. नीचे दी गई माचिस की तीलियों के पैटर्न को ध्यान से देखिए और पहचानिए। ऐसे 10 वर्ग बनाने के लिए माचिस की कितनी तीलियों की आवश्यकता होगी? w वर्ग बनाने के लिए माचिस की कितनी तीलियों की आवश्यकता होगी?
  13. क्या आपने ध्यान दिया कि ट्रैफिक सिग्नल में रंग कैसे बदलते हैं? रंग-परिवर्तन का क्रम नीचे दर्शाया गया है। स्थिति 90, 190 एवं 343 पर रंग ज्ञात कीजिए। प्रत्येक रंग की स्थिति का वर्णन करने के लिए व्यंजक लिखिए।
  14. दिए गए पैटर्न को ध्यान से देखिए। चरण 4, चरण 10 एवं चरण 50 में कितने वर्ग होंगे? एक सामान्य सूत्र लिखिए। यदि हम सभी वर्गों के कोनों की संख्या को गिनना चाहते हैं तो सूत्र कैसे बदलेगा?
  15. 15. इस अनंत 4 स्तंभीय ग्रिड में संख्याएँ एक विशेष क्रम में लिखी गई हैं।

    (a) दिए गए एक स्तंभ (1, 2, 3, 4) में सभी संख्याएँ निर्मित करने के लिए व्यंजक दीजिए।

    (b) बताइए कि नीचे दी गई संख्याएँ किस पंक्ति एवं किस स्तंभ में विद्यमान होंगी -

    1. 124
    2. 147
    3. 201

    (c) कौन-सी संख्या पंक्ति 'r' एवं स्तंभ varsigma c' में विद्यमान होगी?

    (d) 3 के गुणजों की स्थितियों को ध्यान से देखिए।

    क्या आपको इसमें कोई पैटर्न दिख रहा है? आप जो अन्य पैटर्न देखते हैं, उनकी सूची बनाइए।

सारांश

  • बीजगणितीय व्यंजकों का उपयोग मात्राओं के बीच पैटों का मॉडल बनाने व गणितीय संबंध बनाने तथा पूर्वकथन बनाने हेतु सूत्रों में किया जाता है।
  • बीजगणितीय व्यंजकों में केवल संख्याओं का ही उपयोग नहीं होता, अपितु अक्षर-संख्याओं का भी उपयोग होता है। अंकगणितीय व्यंजकों को हल करने के नियम बीजगणितीय व्यंजकों पर भी लागू होते हैं। ये नियम बीजगणितीय व्यंजकों को उनके सरलतम रूपों में बदलने के लिए उपयोग किए जा सकते हैं।
  • बीजगणितीय व्यंजकों का सामान्य भाषा में वर्णन किया जा सकता है एवं सामान्य भाषा में दी गई स्थितियों को बीजगणितीय व्यंजकों में बदला जा सकता है। बीजगणित द्वारा सरलता से लिखे जाने वाले पैटर्न या संबंध, सामान्य भाषा में प्रायः लंबे एवं जटिल हो सकते हैं। यह बीजगणित का एक लाभ है।