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अध्याय 5

समांतर और प्रतिच्छेदी रेखाएँ

5.1 रेखा के पार

कागज का एक वर्गाकार टुकड़ा लीजिए और इसे विभिन्न प्रकार से मोड़िए तथा इसे पुनः खोल लीजिए। अब मोड़ने से कागज पर बने मोड़ों पर मापक व पेंसिल का उपयोग करके रेखाएँ खींचिए। आपको कागज पर विभिन्न रेखाएँ दिखेंगी। रेखाओं के किसी भी युग्म को लीजिए और एक-दूसरे के साथ उनका संबंध देखिए। क्या वे परस्पर मिल रही हैं? क्या आपको लगता है कि जो रेखाएँ कागज के अंदर नहीं मिल रही है, यदि उन्हें कागज के बाहर तक बढ़ाया जाए तो वे मिलेंगी?

Screenshot 2025-12-10 170706

इस अध्याय में हम एक समतल सतह पर रेखाओं के मध्य संबंध खोजेंगे। मेज का ऊपरी भाग, आपके कागज का टुकड़ा, श्यामपट्ट (ब्लैकबोर्ड) एवं बुलेटिन बोर्ड सभी समतल सतहों के उदाहरण हैं।

आइए, रेखाओं के एक ऐसे युग्म को देखें जो एक-दूसरे से मिल रही हैं। आप ध्यान देंगे कि वे एक बिंदु पर मिलती हैं। एक समतल सतह पर जब रेखाओं का एक युग्म एक-दूसरे से एक बिंदु पर मिलता है तो इसका अर्थ है कि वे रेखाएँ एक-दूसरे को प्रतिच्छेद करती हैं। आइए, देखते हैं कि क्या होता है जब दो रेखाएँ परस्पर प्रतिच्छेद करती हैं?

? वे प्रतिच्छेदी रेखाएँ कितने कोण बना रही हैं?

चित्र 5.2 में हम देख सकते हैं कि रेखा ।, रेखा m को जहाँ प्रतिच्छेद करती है, वहाँ चार कोण बनते हैं।

Screenshot 2025-12-10 170713

? क्या दो सरल रेखाएँ एक से अधिक बिंदुओं पर प्रतिच्छेद कर सकती हैं?

गतिविधि 1

कागज की एक समतल शीट पर दो रेखाएँ इस प्रकार खींचिए कि वे परस्पर प्रतिच्छेद करें। इनसे बने चारों कोणों को चाँदे की सहायता से मापिए। ऐसी ही प्रतिच्छेदी रेखाओं के चार युग्म बनाइए और प्रतिच्छेदी बिंदुओं पर बने कोणों को मापिए।

? आपको इन कोणों के बीच कौन-सा प्रतिरूप (पैटर्न) दिख रहा है?

? चित्र 5.2 में यदि ∠a का माप 120° है तो क्या आप ∠b, Lc और ∠d का माप बिना उन्हें खीचें और मापे निकाल सकते हैं?

हम जानते हैं कि ∠a एवं ∠b दोनों का कुल माप 180° है, क्योंकि जब वे दोनों साथ मिलते हैं तो वे एक सरल कोण (ऋजु कोण) बनाते हैं जिसका माप 180° होता है। अतः यदि ∠a का माप 120° है तो ∠b का माप अवश्य ही 60° होगा।

इसी प्रकार ∠b एवं ∠c दोनों का कुल माप 180° है। अतः यदि ∠b का माप 60° है तो ∠c का माप अवश्य ही 120° होगा और ∠c एवं ∠d दोनों का कुल माप 180° है। अतः यदि ∠c का माप 120° है तो ∠d का माप अवश्य ही 60° होगा।

अर्थात चित्र 5.2 में ∠a और ∠c का माप 120° है तथा ∠b और ∠d का माप 60° है।

अत: जब दो रेखाएँ एक-दूसरे को प्रतिच्छेद करती हैं और चार कोण a, b, c एवं d बनते हैं, जैसा कि चित्र 5.2 में दर्शाया गया है तब ∠a और ∠c समान होंगे तथा ∠b और ∠d समान होंगे।

? क्या यह तथ्य प्रतिच्छेदी रेखाओं के प्रत्येक युग्म के लिए सदैव सत्य है?

∠a के विभिन्न मापों के लिए इसकी जाँच कीजिए। क्या आप इसका कारण बता सकते हैं कि इन मापों का उपयोग करके ∠a के किसी भी माप के लिए यह गुण सत्य सिद्ध होगा?

चित्र 5.2 के लिए ∠a के मानों का अनुमान लगाए बिना हम अपने तर्क का सामान्यीकरण कर सकते हैं।

हम जानते हैं कि सरल या ऋजु कोण का माप 180° होता है, अत: ∠a + ∠b = ∠a + ∠d = 180° ही होगा। इस प्रकार ∠b एवं ∠d हमेशा समान होंगे। इसी प्रकार ∠b + ∠a = ∠b + angle c = 180 deg है। अतः ∠a एवं ∠c अवश्य समान ही होंगे।

दो रेखाओं को एक-दूसरे को प्रतिच्छेद करने से बनने वाले आसन्न कोण, रैखिक युग्म कहलाते हैं, जैसे - La और ∠b तथा रैखिक युग्मों का योग सदैव 180° होता है।

दो रेखाओं के एक-दूसरे को प्रतिच्छेद करने से बनने वाले सम्मुख कोण शीर्षाभिमुख कोण कहलाते हैं, जैसे - ∠b और ∠d । शीर्षाभिमुख कोण सदैव एक-दूसरे के समान होते हैं।

उपरोक्त तर्क से हम यह निष्कर्ष निकालते हैं कि जब कभी भी दो रेखाएँ प्रतिच्छेद करती हैं तो शीर्षाभिमुख कोण समान होते हैं। इस प्रकार का औचित्य गणित में उपपत्ति (proof) कहलाता है।

? पता लगाइए

चित्र 5.3 में आप जिन रैखिक युग्मों एवं शीर्षाभिमुख कोणों को देखते हैं, उन सभी की सूची बनाइए -

Screenshot 2025-12-10 170721

मापन एवं ज्यामिति

आपने ध्यान दिया होगा कि जब आप रैखिक युग्मों को मापते हैं तो कभी-कभी उनका योग 180 deg नहीं आता अथवा जब आप शीर्षाभिमुख कोणों को मापते हैं तो कभी-कभी वे असमान हो सकते हैं। इसके क्या कारण हैं? इसके विभिन्न कारण हो सकते हैं -
  • मापन उपकरणों, जैसे चाँदा आदि के उपयुक्त रूप से उपयोग नहीं करने के कारण होने वाली मापन त्रुटियाँ।
  • खींची गई रेखाओं की मोटाई में अंतर के कारण ज्यामिति में 'आदर्श' रेखा में कोई मोटाई नहीं होती, किंतु हमारे लिए बिना मोटाई की रेखाएँ बनाना संभव भी नहीं है।
ज्यामिति में हम अपने आस-पास दिखने वाली रेखाओं तथा अन्य आकारों के आदर्श रूप बनाते हैं और उनके मध्य संबंधों का विश्लेषण करते हैं। उदाहरण के लिए, हम जानते हैं एक सरल रेखा द्वारा बनने वाला कोण 180 deg है। अतः यदि अन्य रेखा इस कोण को दो भागों में बाँटती है तो दोनों भागों का योगफल 180 deg होना चाहिए। हम यहाँ तक केवल तर्क के द्वारा पहुँचे हैं न कि मापन द्वारा। जब हम किसी उपकरण के द्वारा मापों को मापते हैं तो हो सकता है कि ऊपर बताए गए कारणों के कारण ये माप हमारे पूर्वानुमान जितने सही न हों फिर भी ये माप हमारे पूर्वानुमान के बहुत निकट ही प्राप्त होते हैं, इसी कारण ज्यामिति का व्यापक अनुप्रयोग विभिन्न विषयों में होता है, जैसे- भौतिकी, कला अभियान्त्रिकी एवं वास्तुकला इत्यादि।

5.2 लम्ब रेखाएँ

? क्या आप प्रतिच्छेदी रेखाओं का एक युग्म इस प्रकार बना सकते हैं जिसमें सभी चारों कोण समान हों? क्या आप पता लगा सकते हैं कि प्रत्येक कोण का माप क्या होगा?Screenshot 2025-12-10 170728

यदि दो रेखाएँ प्रतिच्छेद करती हैं एवं सभी चारों कोण समान हों तो प्रत्येक कोण अवश्य ही एक समकोण (90°) होगा।

लम्ब रेखाएँ रेखाओं का ऐसा युग्म होता है जहाँ वे रेखाएँ एक-दूसरे को समकोण (90°) पर प्रतिच्छेद करती हैं। चित्र 5.4 में हम कह सकते हैं कि रेखाएँ । एवं m एक-दूसरे पर लम्ब हैं।

5.3 रेखाओं के मध्य

चित्र 5.5 देखिए एवं प्रत्येक स्थिति में रेखाखंडों के मिलने या आर-पार जाने के तरीके का उचित गणितीय शब्दों (एक बिंदु, एक अंत-बिंदु, मध्य-बिंदु, अवसंधि- जहाँ दो रेखाएँ मिलती हैं, प्रतिच्छेद करती है) और प्रत्येक कोण की डिग्री माप के साथ वर्णन कीजिए।

उदाहरण के लिए, रेखाखंड FG एवं FH अंत-बिंदु F पर कोण 115° पर मिलते हैं।

Screenshot 2025-12-10 170736

यदि रेखाखंडों ST एवं UV को आगे बढ़ाया जाए तो क्या इन रेखाओं के मिलने की संभावना है?

यदि रेखाखंडों ST एवं UV को आगे बढ़ाया जाए तो क्या इन रेखाओं के मिलने की संभावना है? यदि रेखाखंडों OP एवं QR को आगे बढ़ाया जाए तो क्या इन रेखाओं के मिलने की संभावना है? यहाँ रेखाओं के कुछ उदाहरण दिए गए हैं जिन्हें हम अपने आस-पास देखते हैं-

Screenshot 2025-12-10 170743

ऊपर दिए गए चित्रों में रेखाओं के लिए क्या सर्वनिष्ठ/उभयनिष्ठ है? उनके एक-दूसरे को प्रतिच्छेद करने की संभावना प्रतीत नहीं होती। ऐसी रेखाएँ समांतर रेखाएँ कहलाती हैं।

रेखाओं का वह युग्म जो एक ही तल (Plane) पर विद्यमान होती हैं एवं कभी एक-दूसरे से नहीं मिलती चाहे हम इन रेखाओं को दोनों सिरों पर कितना भी आगे बढ़ा दें, वे समांतर रेखाएँ कहलाती हैं।

कुछ ऐसी समांतर रेखाओं के नाम बताइए जिन्हें आप अपनी कक्षा में देख सकते हैं।

Screenshot 2025-12-10 170749

समांतर रेखाओं का उपयोग प्रायः कलाकृतियों में एवं छायांकन में किया जाता है।

? नीचे दिए गए चित्र 5.6 में रेखाओं के कौन-से युग्म समांतर प्रतीत होते हैं?

Screenshot 2025-12-10 170757
शिक्षक हेतु टिप्पणी - यह महत्वपूर्ण है कि रेखाएँ एक ही तल पर विद्यमान हों। हो सकता है कि मेज पर खींची गई एक रेखा एवं बोर्ड पर खींची गई एक रेखा परस्पर कभी न मिलें परंतु इससे वे समांतर नहीं बनती हैं।

5.4 कागज को मोड़ने में समांतर एवं लम्ब रेखाएँ

? गतिविधि 2

एक सपाट वर्गाकार कागज लीजिए (इस गतिविधि के लिए एक समाचार-पत्र का उपयोग कीजिए)।

  • आप कागज के सम्मुख किनारों की व्याख्या किस प्रकार करेंगे? वे एक-दूसरे के _________ हैं।
  • आप कागज के आसन्न किनारों की व्याख्या किस प्रकार करेंगे? आसन्न किनारे एक-दूसरे के _________ हैं। वे एक बिंदु पर मिलते हैं। वे समकोण बनाते हैं।
  • कागज को क्षैतिज रूप से आधे भाग में मोड़िए। इससे एक नई रेखा बनती है (चित्र 5.7 देखिए)।
  • अब आप कितनी समांतर रेखाएँ देखते हैं? नया रेखाखंड ऊर्ध्वाधर भुजाओं (वर्टिकल) से किस प्रकार संबंधित है?
  • Screenshot 2025-12-10 170803
  • मुड़े हुए कागज में एक और क्षैतिज मोड़ बनाइए। अब आप कितनी समांतर रेखाएँ देखते हैं?
  • यदि आप पुनः एक बार ऐसा करें तो क्या होगा? आपको कितनी समांतर रेखाएँ प्राप्त होंगी? क्या यहाँ कोई पैटर्न है? यदि आप एक और क्षैतिज मोड़ बनाते हैं तो जाँचिए कि क्या यह पैटर्न आगे बढ़ता है।
  • वर्गाकार कागज में एक ऊर्ध्वाधर मोड़ बनाइए। यह नई ऊर्ध्वाधर रेखा पहले से बनी क्षैतिज रेखाओं को __________ है।
  • शीट को विकर्ण के अनुदेश से मोड़िए। क्या आप वह मोड़ ज्ञात कर सकते हैं जो विकर्ण रेखा के समांतर रेखा बनाता हो?

अभ्यास करने हेतु आपके लिए यहाँ एक अन्य गतिविधि भी दी गई है।

  • एक वर्गाकार कागज लीजिए, इसे मध्य से मोड़िए एवं मोड़ को खोल दीजिए।
  • किनारों को मध्य रेखा की ओर मोड़िए एवं उन मोड़ों को खोल दीजिए।
  • ऊपरी दाएँ कोने को एवं निचले बाएँ कोने के मोड़ की रेखा पर इस प्रकार मोड़िए कि त्रिभुज बनें। चित्र 5.8 को देखिए।
  • ये त्रिभुज मोड़ की रेखा के पार नहीं जाने चाहिए।
  • क्या a, b एवं c क्रमशः p, q एवं r के समांतर हैं? यदि हाँ, तो क्यों? यदि नहीं, तो क्यों नहीं?
  • Screenshot 2025-12-10 170811

संकेतन

गणित में हम रेखाओं के समूह को समांतर दर्शाने के लिए तीर के चिह्न (>) का उपयोग करते हैं। यदि समांतर रेखाओं के एक से अधिक समूह होते हैं (जैसा कि चित्र 5.9 में है) तो दूसरे समूह को तीर के दो चिह्नों से दर्शाया जाता है एवं इसी प्रकार ही आगे भी दर्शाया जाता है। लम्बवत रेखाओं को उनके बीच एक वर्ग कोण के साथ चिह्नित किया जाता है।

Screenshot 2025-12-10 170821

? पता लगाइए

  1. चित्र 5.10 में बिंदुकित कागज पर दी गई रेखाओं के लम्बवत कुछ रेखाएँ खींचिए।
  2. Screenshot 2025-12-10 170829
  3. चित्र 5.11 में ऊपर दिए गए संकेतनों (एकल तीर का चिह्न, दो तीर के चिह्न आदि) का उपयोग करके समांतर रेखाओं को चिह्नित कीजिए। लम्ब रेखाओं के बीच कोण को वर्ग के प्रतीक से चिह्नित कीजिए।
  4. (a) आपने लम्बवत रेखाओं को कैसे पहचाना?

    (b) आपने समांतर रेखाओं को कैसे पहचाना?

    Screenshot 2025-12-10 170837
  5. नीचे दिए बिंदुकित कागज पर समांतर रेखाओं के विभिन्न समूह बनाइए। रेखाखंड विभिन्न लंबाइयों के हो सकते हैं किंतु उनके अंत-बिंदु बिंदुकित होने चाहिए।
  6. अपनी समझ का उपयोग करके बताइए कि समांतर रेखाएँ कैसी दिखती हैं तथा इस बिंदुकित कागज पर दिए गए रेखाखंडों के समांतर रेखाएँ खींचने का प्रयत्न कीजिए।
  7. Screenshot 2025-12-10 170845

    (a) क्या आपको इनमें से कुछ रेखाएँ खींचना चुनौतीपूर्ण लगा?

    (b) कौन-सी रेखाएँ खींचना चुनौतीपूर्ण लगा?

    (c) आपने इसे कैसे किया?

  8. चित्र 5.13 में कौन-सी रेखा, रेखा व के समांतर है - रेखा b या रेखा ? आपने यह कैसे सुनिश्चित किया?
  9. Screenshot 2025-12-10 170852
शिक्षक हेतु टिप्पणी - आयताकार बिंदुकित कागज पर ऊर्ध्वाधर रेखाएँ, क्षैतिज रेखाएँ एवं 45° पर झुकी रेखाएँ खींचना सरल होता है, किंतु भिन्न अभिविन्यास वाली रेखा के समांतर रेखा खींचना थोड़ा कठिन होता है। इसके लिए विद्यार्थियों को उनके अंतर्ज्ञान का उपयोग करने दीजिए।

पिछली प्रश्नावलियों से हमने देखा कि कभी-कभी हमारे लिए यह सुनिश्चित करना कठिन होता है कि दो रेखाएँ समांतर हैं अथवा नहीं। यह सुनिश्चित करने के लिए हम तिर्यक रेखाओं (transversals) की अवधारणा का उपयोग करते हैं।

5.5 तिर्यक रेखाएँ

यहाँ हम देख सकते हैं कि तब क्या होता है जब दो रेखाएँ विभिन्न तरीकों से प्रतिच्छेद करती हैं। आइए, पता लगाते हैं कि क्या होता है जब एक रेखा दो भिन्न रेखाओं को प्रतिच्छेद करती है।

Screenshot 2025-12-10 170901

चित्र 5.14 में एक रेखा । है जो रेखाओं / एवं m को प्रतिच्छेद करती है। यहाँ । एक तिर्यक रेखा है (ऐसी रेखा जो दो रेखाओं को प्रतिच्छेद करे वह तिर्यक रेखा कहलाती है)। ध्यान दीजिए कि जब एक रेखा दो रेखाओं के समूह को पार कर जाती है तो 8 कोण बनते हैं।

? क्या यह संभव है कि सभी 8 कोणों के माप भिन्न हों? यदि हाँ, तो क्यों? यदि नहीं, तो क्यों नहीं?

? 5 भिन्न कोणों 6, 5, 4, 3 और 2 के विषय में आपके क्या विचार हैं?

चित्र 5.14 में क्योंकि ∠1 और ∠3 शीर्षाभिमुख कोण हैं, अतः वे समान माप के हैं। क्या शीर्षाभिमुख कोणों के अन्य युग्म भी हैं? हम देख सकते हैं कि शीर्षाभिमुख कोणों के कुल 4 युग्म हैं एवं प्रत्येक युग्म में कोण एक-दूसरे के समान हैं।

इस प्रकार जब दो रेखाओं को एक तिर्यक रेखा प्रतिच्छेद करती है तो अधिक से अधिक 4 भिन्न मापों के 8 कोण बनते हैं।

5.6 संगत कोण

हम चित्र 5.14 में देखते हैं कि तिर्यक रेखा कोणों के दो समूह बनाती है- एक रेखा l के साथ एवं दूसरा रेखा m के साथ। स्थिति के आधार पर पहले समूह के कोण दूसरे समूह में कोणों के संगत हैं। ∠1 एवं ∠5 संगत कोण कहलाते हैं। इसी प्रकार ∠2 और ∠6 , ∠3 और ∠7 , ∠4 तथा ∠8 तिर्यक रेखा t द्वारा रेखाओं l और m को प्रतिच्छेद करने पर बनने वाले संगत कोण हैं।

? गतिविधि 3

एक रेखा-युग्म एवं एक तिर्यक रेखा इस प्रकार खींचिए कि वे दो भिन्न कोण बनाएँ।

चरण 1- रेखा / खींचिए एवं इस रेखा को बिंदु X पर प्रतिच्छेद करती हुई तिर्यक रेखा । खींचिए।

Screenshot 2025-12-10 173009

चरण 2- रेखाओं / और 1 द्वारा बनने वाला ∠a मापिए। (आइए इसे 60 deg मान लेते हैं।)

Screenshot 2025-12-10 173019

अब कितने विभिन्न कोण बने हैं?

यदि एक कोण 60° है तो रैखिक युग्म का अन्य कोण 120° होना चाहिए। अतः हमारे पास दो भिन्न कोण हैं।

अब हम तिर्यक रेखा को प्रतिच्छेद करती हुई अन्य रेखा खींचकर केवल 60° और 120° बनाना चाहते हैं।

चरण 3 – रेखा । पर एक बिंदु Y चिह्नित कीजिए।

Screenshot 2025-12-10 173026

चरण 4 – बिंदु Y से होकर जाती हुई एक रेखा m खींचिए जो रेखा । के साथ 60 deg का कोण बनाती है। हम इसे या तो अनुरेखण कागज (ट्रेसिंग पेपर) से ∠a का नकल करके या चाँदे के उपयोग से कोणों को मापकर बना सकते हैं।

Screenshot 2025-12-10 173033

रेखाओं l व m के बारे में आपने क्या ध्यान दिया? क्या ये एक-दूसरे के समांतर प्रतीत होती हैं
हाँ, वे निश्चित रूप से ही एक-दूसरे के समांतर प्रतीत होती हैं।
तिर्यक रेखा t द्वारा रेखाओं l व m पर बने कोण ∠a व ∠b, संगत कोण हैं। ये संगत कोण एक-दूसरे के समान होते हैं।

इससे हम देख सकते हैं कि-

जब एक तिर्यक रेखा द्वारा एक रेखा-युग्म पर बने संगत कोण एक-दूसरे के समान होते हैं तो उस युग्म की रेखाएँ एक-दूसरे के समांतर होती हैं।

मान लीजिए कि दो समांतर रेखाओं को प्रतिच्छेद करने वाली एक तिर्यक रेखा है, तो संगत कोणों के बारे में क्या कहा जा सकता है?

? गतिविधि 4

चित्र 5.19 में समांतर रेखाएँ l व m हैं (चित्र में समांतर रेखाएँ चिह्नित करने के लिए किस संकेतन का उपयोग किया गया है)। रेखा t इन दोनों रेखाओं की तिर्यक रेखा है। ∠a व ∠b संगत कोण हैं। एक अनुरेखण कागज (ट्रेसिंग पेपर) लेकर उस पर ∠a को अनुरेख (ट्रेस) कीजिए। अब इस अनुरेखण कागज को पर रखिए एवं देखिए कि क्या कोण पूर्णतः संपाती हैं। आप देखेंगे कि कोण समान हैं। चित्र में अन्य संगत कोणों की चाँदे की सहायता से जाँच कीजिए। क्या सभी संगत कोण एक-दूसरे के समान हैं?

एक तिर्यक रेखा द्वारा समांतर रेखाओं के युग्म को प्रतिच्छेद करने पर बने संगत कोण सदैव एक-दूसरे के समान होते हैं।

Screenshot 2025-12-09 171310 ? गतिविधि 5

चित्र 5.20 में रेखाओं l व m की तिर्यक रेखा इस प्रकार खींचिए कि संगत कोणों का एक युग्म समान हो। आप कोणों को एक चाँदे द्वारा माप सकते हैं।

Screenshot 2025-12-09 171349

क्या आपको ऐसी तिर्यक रेखा खींचने में कठिनाई आ रही है जिससे संगत कोण समान हों?

जब एक रेखा-युग्म में रेखाएँ एक-दूसरे के समांतर नहीं होती हैं तो तिर्यक रेखा द्वारा बनने वाले संगत कोण कभी भी एक-दूसरे के समान नहीं हो सकते।

5.7 समांतर रेखाएँ खींचना

क्या आप एक मापक एवं एक समकोणक (सेट स्कवेयर) का उपयोग करके समांतर रेखाओं का एक युग्म बना सकते हैं?

चित्र 5.21 दर्शाता है कि आप इसे किस प्रकार कर सकते हैं।

एक मापक द्वारा एक रेखा l खींचिए। अपने समकोणक को खिसकाकर आप रेखा l के लम्बवत दो रेखाएँ खींच सकते हैं।

क्या ये दोनों रेखाएँ एक-दूसरे के समांतर हैं? हमने कैसे सुनिश्चित किया कि वे एक-दूसरे के समांतर हैं? इन रेखाओं एवं रेखा lके बीच कौन-से कोण बने हैं?

Screenshot 2025-12-09 171553

क्योंकि हमने समकोणक का उपयोग किया है, अतः कोणों का माप 90° है। रेखाओं की स्थिति भिन्न है, किंतु वे l के साथ समान कोण बनाती हैं। यदि रेखा l को दो नई रेखाओं के साथ तिर्यक रेखा के रूप में देखा जाए तो संगत कोणों का माप 90° होगा।

Screenshot 2025-12-09 171619

जैसा कि हम जानते हैं कि ये संगत कोण हैं एवं समान हैं, अतः हम सुनिश्चित कर सकते हैं कि ये रेखाएँ समांतर हैं।

चित्र 5.22 में दर्शाए अनुसार समकोणक की लम्बी भुजा का उपयोग करके दो और समांतर रेखाएँ खींचिए।

आपको कैसे ज्ञात हुआ कि ये दोनों रेखाएँ समांतर हैं? क्या आप जाँच सकते हैं कि संगत कोण समान हैं या नहीं?

शिक्षक हेतु टिप्पणी - विद्यार्थियों को संगत कोणों की समानता की जाँच करने के लिए कोणों को मापने की अनुरेख विधि एवं चाँदे के उपयोग हेतु भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। संगत कोणों एवं समांतर रेखाओं के बीच संबंध बनाने के लिए उपयोग की जाने वाली भाषा पर ध्यान दीजिए। रेखा-युग्म की रेखाओं के एक-दूसरे के समांतर होने के लिए संगत कोणों की समानता आवश्यक एवं पर्याप्त, दोनों है।

? पता लगाइए

क्या आप रेखा l के समांतर एक रेखा खींच सकते हैं जो बिंदु A से होकर जाती है? आप इसे अपने ज्यामिति बॉक्स के उपकरणों से कैसे करेंगे? अपनी विधि का उल्लेख कीजिए।

Screenshot 2025-12-09 171755

कागज मोड़कर समांतर रेखाएँ बनाना

आइए, कागज मोड़कर समांतर रेखाएँ बनाने का प्रयत्न करते हैं। किसी रेखा । (मोड़ के रूप में दी हुई) के समांतर कोई रेखा किस प्रकार खींच सकते हैं जो रेखा बिंदु A से होकर गुजरती हो? हम जानते हैं कि कैसे किसी कागज के टुकड़े को मोड़कर रेखा l के लम्बवत रेखा प्राप्त की जा सकती है। अब । की इस लम्बवत रेखा के लिए कागज को इस प्रकार मोड़ने का प्रयत्न कीजिए कि यह बिंदु A से होकर जाए। आइए, इस नए मोड़ से बनी रेखा को । कहें।

अब t के लम्बवत रेखा के लिए कागज को इस प्रकार मोड़िए जो पुनः बिंदु A से होकर जाए। आइए, इस रेखा को m कहें। रेखाएँ l एवं m एक-दूसरे के समांतर रेखाएँ हैं।

Screenshot 2025-12-09 171828

? रेखाएँ l व m एक-दूसरे के समांतर रेखाएँ क्यों हैं?

5.8 एकांतर कोण

चित्र 5.25 में ∠d , ∠f का एकांतर कोण (alternate angle) कहलाता है एवं angle C angle e का एकांतर कोण कहलाता है।

आप दिए गए कोण का एकांतर कोण ज्ञात कर सकते हैं। मान लीजिए का एकांतर कोण ज्ञात करने के लिए हम पहले के संगत कोण को ज्ञात करेंगे जो angle b है एवं फिर angle b के शीर्षाभिमुख कोण को ज्ञात करेंगे जो कि है। angle f angle f angle d

Screenshot 2025-12-09 172125

? गतिविधि 6

चित्र 5.25 में यदि ∠f का माप 120 deg है तो इसके एकांतर कोण ∠d का माप क्या है? यदि हमें ∠b का माप ज्ञात हो तो क्या ∠d का माप ज्ञात कर सकते हैं? क्योंकि ये दोनों शीर्षाभिमुख कोण हैं। याद रखिए कि शीर्षाभिमुख कोण सदैव समान होते हैं। ∠b का माप क्या है? इसका माप 120 deg है, क्योंकि यह ∠f का संगत कोण है। अतः ∠d का माप भी 120 deg होगा। वास्तव में, ∠f = ∠b, चाहे ∠f की माप कुछ भी हो। क्यों? क्योंकि ∠b ,∠f का संगत कोण है। इसी प्रकार ∠b = ∠d है, चाहे ∠b का माप कुछ भी हो। क्यों? क्योंकि ∠d , ∠b का शीर्षाभिमुख कोण है। अतः यह स्थिति निश्चित रूप से हमेशा ऐसी ही होगी- ∠f = ∠d संगत कोणों के प्रति हमारी समझ से हमने बिना किसी मापन के उपयोग से यह सिद्ध कर दिया कि एकांतर कोण सदैव समान होते हैं।

समांतर रेखाओं के एक युग्म को तिर्यक रेखा द्वारा प्रतिच्छेद करने पर बनने वाले एकांतर कोण हमेशा एक-दूसरे के समान होते हैं।

? उदाहरण 1 - चित्र 5.26 में समांतर रेखाएँ l व m तिर्यक रेखा t द्वारा प्रतिच्छेद की जाती हैं। यदि ∠ का माप 135° हो तो अन्य कोणों का माप क्या होगा?

हल - यदि ∠6 का माप 135 deg है तो ∠2 का माप भी 135 deg ही होगा क्योंकि यह ∠ 6 का संगत कोण है एवं रेखाएँ l और m समांतर हैं। ∠8 का माप 135 deg है, क्योंकि यह ∠6 का शीर्षाभिमुख कोण है। ∠4 का माप 135 deg है, क्योंकि यह ∠8 का संगत कोण है। ∠2 का माप 135 deg है, क्योंकि यह ∠4 का शीर्षाभिमुख कोण है। अतः ∠2 , ∠4, ∠6 एवं ∠8 सभी का माप 135 deg है।

Screenshot 2025-12-09 172456

∠5 व ∠6 रैखिक युग्म बनाते हैं अर्थात दोनों का माप मिलकर 180 deg है। यदि ∠6 का माप 135 deg है तो
इसी ∠5 = 180 deg - 135 deg = 45 deg प्रकार हम ज्ञात कर सकते हैं कि , ∠1 ∠3 एवं ∠7 का माप 45° है। ∠7

? उदाहरण 2- चित्र 5.27 में रेखाएँ l व m तिर्यक रेखा द्वारा प्रतिच्छेद की जाती हैं। यदि ∠a का माप 120° हो एवं ∠f का माप 70° हो तो क्या रेखाएँ l व m एक-दूसरे के समांतर हैं?

Screenshot 2025-12-09 172411

हल - ∠a का माप 120° है, अतः ∠b का माप 60° होगा, क्योंकि ∠a ,∠b एक रैखिक युग्म बनाते हैं।

∠b,∠f का संगत कोण है। यदि l व m समांतर हैं तो ∠b को ∠f के समान होना चाहिए, परंतु ये परस्पर समान नहीं हैं।

अतः रेखाएँ l व m एक-दूसरे के समांतर नहीं हैं, क्योंकि तिर्यक रेखा । द्वारा बनने वाले संगत कोण एक-दूसरे के समान नहीं हैं।

? उदाहरण 3- चित्र 5.28 में तिर्यक रेखा । समांतर रेखाओं l व m को प्रतिच्छेद करती है। यदि का माप 50° है तो का माप क्या होगा? angle 6 angle 3

Screenshot 2025-12-09 172435

हल - ∠3 का माप 50 deg है, अतः ∠2 का माप 130 deg होगा, क्योंकि ∠2 और a∠3 रैखिक युग्म बनाते हैं तथा रैखिक युग्म के कोणों का योग हमेशा 180 deg होता है। ∠2 और ∠6 संगत कोण हैं तथा उन्हें समान होना चाहिए, क्योंकि रेखाएँ / व m समांतर हैं। अतः ∠6 का माप 130 deg है।

कोण ∠3 और ∠6 तिर्यक रेखा के एक ही ओर के अंत: कोण (interior angle) कहलाते हैं।

क्या कोण ∠3 और ∠6 के बीच कोई संबंध है? आप ∠3 के विभिन्न माप लेकर एवं ∠6 के माप देखकर इस संबंध को ज्ञात करने का प्रयत्न कर सकते हैं। जब आपको यह संबंध ज्ञात हो जाए तो इसकी जाँच करने का प्रयत्न करें एवं सिद्ध करने का प्रयत्न करें कि क्या यह संबंध सदैव सत्य ही है। आपको ज्ञात होगा कि तिर्यक रेखा के एक ही ओर के अंत: कोणों का योग हमेशा 180 deg होता है।

? उदाहरण 4- चित्र 5.29 में रेखाखंड AB रेखाखंड CD के समांतर है एवं रेखाखंड AD रेखाखंड BC के समांतर है। ∠ADC का माप 60 deg है। ∠CAB, ∠ABC एवं ∠BCD के माप क्या हैं?

Screenshot 2025-12-09 172653

हल - आइए, समांतर रेखाओं AB और CD को देखें। AD इन दोनों रेखाओं की एक तिर्यक रेखा है।

हम जानते हैं कि समांतर रेखाओं के युग्म को एक तिर्यक रेखा द्वारा प्रतिच्छेद करने पर उस तिर्यक रेखा के एक ही ओर बनने वाले अंतः कोणों का योग 180° होता है।

अतः,

∠ADC+ ∠DAB = 180 deg

या 60^ + ∠DAB = 180 deg

अतः ∠DAB = 120 deg

क्या हम इससे ∠CAB को ज्ञात कर सकते हैं?

∠DAB = ∠DAC+ ∠CAB

अतः 120^ =65^ + ∠CAB

अतः angle CAB = 55 deg

आइए, समांतर रेखाखंडों AD और BC को देखते हैं। इन दोनों को तिर्यक रेखा CD प्रतिच्छेद करती है। अतः ∠ADC+ ∠BCD = 180 deg है, क्योंकि ये तिर्यक रेखा के एक ही ओर बने अंतः कोण हैं। क्योंकि ∠ADC का माप 60 deg दिया गया है इसलिए ∠BCD = 120 deg है। इसी प्रकार, हमें ∠ABC = 60 deg होता है। अतः चित्र 5.29 में ∠CAB = 55 deg, ∠ABC = 60 deg एवं ∠BCD = 120 deg है।

? पता लगाइए

  1. नीचे दिए गए चिह्नित कोणों को ज्ञात कीजिए - Screenshot 2025-12-10 094318
  2. नीचे दी गई आकृतियों में संकेत व द्वारा निर्देशित कोणों का मान ज्ञात कीजिए - Screenshot 2025-12-10 094402
  3. नीचे दिए गए चित्रों में कोण x और y के क्या मान हैं? Screenshot 2025-12-10 094601
  4. चित्र 5.33 में ∠ABC = 45 deg और ∠IKJ = 78 deg है। ∠GEH, ∠HEF और ∠FED ज्ञात कीजिए।

    Screenshot 2025-12-10 094710
  5. चित्र 5.34 में AB, CD के समांतर है एवं CD, EF के समांतर है। साथ ही EA, AB पर लम्ब है। यदि ∠BEF = 55 deg हो तो x और y के मान ज्ञात कीजिए। Screenshot 2025-12-10 094956
  6. चित्र 5.35 में कोण ∠NOP का माप क्या है? Screenshot 2025-12-10 095109

    (संकेत-बिंदुओं N और O से होकर जाती हुई LM व PQ के समांतर रेखाएँ खींचिए।)

5.9 समांतर भ्रम

ऐसा प्रतीत हो रहा है कि यहाँ कोई समांतर रेखाएँ नहीं हैं। अथवा हैं भी? Screenshot 2025-12-10 095204

इन भ्रमों के क्या कारण हैं?

सारांश

  • जब दो रेखाएँ प्रतिच्छेद करती हैं तो चार कोण बनते हैं। शीर्षाभिमुख कोण समान होते हैं एवं रैखिक युग्म के कोणों का योग 180 deg होता है।
  • जब दो रेखाएँ प्रतिच्छेद करती हैं एवं उनके बीच 90 deg के कोण बनते हैं (अर्थात सभी चारों कोण समान हों) तो रेखाएँ एक-दूसरे पर लम्ब कहलाती हैं।
  • जब किसी समतल पर दो रेखाएँ एक-दूसरे को कभी प्रतिच्छेद नहीं करती तो वे समांतर रेखाएँ कहलाती हैं।
  • जब एक रेखा । अन्य रेखा-युग्म को प्रतिच्छेद करती है तो यह तिर्यक रेखा कहलाती है एवं यह 4 कोणों के 2 समूह बनाती है। पहले समूह के 4 कोणों में से प्रत्येक कोण का एक संगत कोण दूसरे समूह में होता है।
  • जब एक तिर्यक रेखा समांतर रेखाओं के एक युग्म को प्रतिच्छेद करती है तो संगत कोण समान होते हैं। यदि एक तिर्यक रेखा एक रेखा-युग्म को प्रतिच्छेद करती है एवं संगत कोण समान हों तो रेखा-युग्म की रेखाएँ समांतर होती हैं।
  • जब एक तिर्यक रेखा एक समांतर रेखा-युग्म को प्रतिच्छेद करती है तो एकांतर कोण समान होते हैं।
  • एक तिर्यक रेखा द्वारा एक समांतर रेखा-युग्म को प्रतिच्छेद करने पर तिर्यक रेखा के एक ही ओर बने अंतः कोणों का योग सदैव 180 deg होता है।