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अध्याय -7

तीन प्रतिच्छेदी रेखाओं की एक कथा



एक त्रिभुज सबसे अधिक आधारभूत बंद आकार है। जैसा कि हम जानते हैं कि इसमें निम्नलिखित बिंद अंतर्विष्ट होते हैं -

  • तीन कोने के बिंदु जिन्हें हम इस त्रिभुज के शीर्ष कहते हैं तथा

  • तीन रेखाखंड अर्थात त्रिभुज की भुजाएँ जो शीर्षों को युग्मों में जोड़ती हैं।

त्रिभुज विभिन्न आकारों में दिखाई देते हैं। इनमें से कुछ आकारों को नीचे दर्शाया गया है -

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ध्यान दीजिए कि एक त्रिभुज को व्यक्त करने के लिए कौन-सा प्रतीक प्रयुक्त किया जाता है तथा त्रिभुजों को उनके शीर्षों का उपयोग करते हुए किस प्रकार नामांकित किया गया है। एक त्रिभुज को नामांकित करते समय इसके शीर्ष किसी भी क्रम में आ सकते हैं।

कोनों पर तीनों रेखाओं के मिलने पर तीन कोण बनते हैं जिन्हें हम उस त्रिभुज के कोण कहते हैं।

उदाहरणार्थ ΔABC में ये कोण और ∠CAB, ∠ABC और ∠BCA हैं, जिन्हें हम क्रमशः ∠A, ∠B और ∠C और के रूप में व्यक्त करते हैं।

? जब तीनों शीर्ष एक सरल रेखा पर स्थित होते हैं तब क्या होता है?

7.1 समबाहु त्रिभुज सभी त्रिभुजों में समबाहु त्रिभुज सबसे अधिक सममित (symmetric) होते हैं। ये ऐसे त्रिभुज हैं जिनकी सभी भुजाओं की लंबाई समान होती हैं। आइए, इनकी रचना करने का प्रयास करें।

? एक ऐसे त्रिभुज की रचना कीजिए जिसकी सभी भुजाओं की लंबाई 4 से.मी. हो।

आपने इस त्रिभुज की रचना किस प्रकार की तथा आपने कौन-कौन से साधन उपयोग किए हैं? क्या यह रचना केवल एक मापक और एक पेंसिल के उपयोग से की जा सकती है?

केवल एक मापक के उपयोग से इस त्रिभुज की रचना निश्चित रूप से संभव है, परंतु इसके लिए अनेक बार प्रयत्न करने की आवश्यकता हो सकती है। मान लीजिए कि हम 4 से.मी. लंबाई का आधार खींचते हैं तथा इसे AB नाम देते हैं (नीचे दिए गए चित्र को देखिए)। अब यदि मापक के उपयोग से तीसरा बिंदु C इस प्रकार अंकित कीजिए कि AC = 4 से.मी. है तो यह संभव हो सकता है कि BC की लंबाई 4 से.मी. नहीं हो। यदि ऐसा होता है तो हमें C को बार-बार इस प्रकार अंकित करने का प्रयास करना पड़ेगा कि हमें BC की लंबाई 4 से.मी. प्राप्त हो जाए।

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आपने इस त्रिभुज की रचना किस प्रकार की तथा आपने कौन-कौन से साधन उपयोग किए हैं? क्या यह रचना केवल एक मापक और एक पेंसिल के उपयोग से की जा सकती है? केवल एक मापक के उपयोग से इस त्रिभुज की रचना निश्चित रूप से संभव है, परंतु इसके लिए

केवल एक मापक के उपयोग से इस त्रिभुज की रचना निश्चित रूप से संभव है, परंतु इसके लिए अनेक बार प्रयत्न करने की आवश्यकता हो सकती है। मान लीजिए कि हम 4 से.मी. लंबाई का आधार खींचते हैं तथा इसे AB नाम देते हैं (नीचे दिए गए चित्र को देखिए)। अब यदि मापक के उपयोग से तीसरा बिंदु C इस प्रकार अंकित कीजिए कि AC = 4 से.मी. है तो यह संभव हो सकता है कि BC की लंबाई 4 से.मी. नहीं हो। यदि ऐसा होता है C को बार-बार इस प्रकार अंकित करने का प्रयास करना पड़ेगा कि हमें BC की लंबाई 4 से.मी. प्राप्त हो जाए।

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? हम इस रचना को किस प्रकार अधिक सक्षम बना सकते हैं?

पिछली कक्षा में (रचनाओं से खेलना अध्याय में) एक परकार के उपयोग से ऐसी ही समस्या को हल करने की विधि का स्मरण कीजिए। हमें 'घर' के शीर्ष बिंदु को अंकित करना पड़ा था जो दो अन्य बिंदुओं से 5 से.मी. की दूरी पर था। जो विधि हमने उस बिंदु को प्राप्त करने में प्रयुक्त की थी वही विधि यहाँ भी प्रयुक्त की जा सकती है।

AB = 4 से.मी. की रचना के बाद हम निम्नलिखित विधि का प्रयोग कर सकते हैं -

चरण 1 - एक परकार का उपयोग करते हुए बिंदु A को केंद्र लेकर 4 से.मी. त्रिज्या का एक पर्याप्त रूप से लंबा चाप खींचिए जैसा कि नीचे चित्र में दर्शाया गया है। बिंदु C इसी चाप पर कहीं स्थित होगा। हम इसे किस प्रकार अंकित करें?

Screenshot 2025-12-05 121611

चरण 2 - अब केंद्र B लेकर त्रिज्या 4 से.मी. के एक अन्य चाप की रचना कीजिए।

Screenshot 2025-12-05 121915

? यह रचना सुनिश्चित करती है कि AC और BC दोनों की ही लंबाई 4 से.मी. है। क्या आप बता सकते हैं कि ऐसा क्यों है?

चरण 3 – वांछित समबाहु त्रिभुज प्राप्त करने के लिए AC और BC को जोड़िए।

Screenshot 2025-12-05 121830

7.2 दी गई भुजाओं से एक त्रिभुज की रचना करना

हम उन त्रिभुजों की रचना किस प्रकार करते हैं जो समबाहु नहीं हैं?

? एक ऐसे त्रिभुज की रचना कीजिए जिसकी भुजाओं की लंबाई 4 से.मी., 5 से.मी. और 6 से.मी. हो। पिछली स्थिति की तरह इस त्रिभुज की रचना भी केवल एक मापक के उपयोग से की जा सकती है; परंतु इसके लिए हमें अनेक प्रयास करने होंगे।

? हम इस त्रिभुज की रचना अधिक सक्षमता से किस प्रकार कर सकते हैं?

दी हुई इन लंबाइयों में से किसी एक को त्रिभुज का आधार मान लीजिए, जैसे 4 से.मी. को त्रिभुज का आधार चुना। मान लीजिए कि A और B इस आधार के शीर्ष हैं तथा तीसरे शीर्ष को C कहिए। मान लीजिए कि से.मी. है तथा से.मी. है। AC = 5 से.मी. है तथा BC = 6 से.मी. है।

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जैसा कि हमने समबाहु त्रिभुज की स्थिति में किया था, आइए वैसे ही सर्वप्रथम वे सभी बिंदु प्राप्त करें जो A से 5 से.मी. की दूरी पर हैं। ये बिंदु उस वृत्त पर स्थित हैं जिसका केंद्र A है और त्रिज्या 5 से.मी. है। बिंदु C को भी इसी वृत्त पर कहीं स्थित होना चाहिए। हम इसे कैसे ज्ञात करते हैं?

Screenshot 2025-12-05 122133

हम इस तथ्य का उपयोग करेंगे कि यह बिंदु C, बिंदु B से 6 से.मी. की दूरी पर है। केंद्र B लेकर त्रिज्या 6 से.मी. की एक चाप खींचिए।

Screenshot 2025-12-05 122118

वांछित बिंदु C इन दोनों वृत्तों के प्रतिच्छेद बिंदुओं में से एक बिंद होगा।

यह प्रतिच्छेद बिंदु त्रिभुज का तीसरा शीर्ष क्यों है?

इसका कारण भी समबाहु त्रिभुजों को बनाने के समान ही है, जो पहले बताया जा चुका है। यह बिंदु दोनों वृत्तों पर स्थित होता है। अतः A से इसकी दूरी A पर केंद्रित वृत्त की त्रिज्या (5 से.मी.) है तथा B से इसकी दूरी B पर केंद्रित वृत्त की त्रिज्या (6 से.मी.) है।

यह ध्यान रखते हुए कि तीसरे शीर्ष को प्राप्त करने के लिए पूर्ण वृत्तों की रचना आवश्यक नहीं है। आइए, इस रचना के चरणों को सारांश रूप में लिखें (चित्र 7.2 और 7.3 को देखिए) -

Screenshot 2025-12-05 123211

चरण 1 - किसी एक भुजा की लंबाई के आधार AB की रचना कीजिए। आइए AB = 4 से.मी. चुनें (चित्र 7.1 देखिए)।

चरण 2 - केंद्र A लेकर त्रिज्या 5 से.मी. के एक पर्याप्त रूप से लंबे चाप की रचना कीजिए (चित्र 7.2 देखिए)।

चरण 3 - केंद्र B लेकर त्रिज्या 6 से.मी. का एक चाप खींचिए ताकि वह पहले चाप को प्रतिच्छेद करे (चित्र 7.3 देखिए)।

चरण 4 – वह बिंदु जहाँ दोनों चाप मिलते हैं वह वांछित तीसरा शीर्ष बिंदु C है। AC और BC को मिलाकर ∆ABC प्राप्त कीजिए।

रचना कीजिए

? निम्नलिखित लंबाइयों की भुजाओं वाले त्रिभुजों की रचना कीजिए (सभी इकाइयाँ से.मी. में हैं) -

(a) 4,4,6
(b) 3, 4, 5
(c) 1,5, 5
(d) 4, 6, 8
(e) 3.5, 3.5, 3.5

हम देख चुके हैं कि वे त्रिभुज जिनकी तीनों भुजाएँ समान होती हैं, वे समबाहु (equilateral) त्रिभुज कहलाते हैं। वे त्रिभुज जिनकी दो भुजाएँ समान होती हैं, वे समद्विबाहु (isosceles) त्रिभुज कहलाते हैं।

?पता लगाइए

1. समद्विबाहु त्रिभुज को बनाने के लिए दिए गए वृत्त पर स्थित बिंदुओं या केंद्र बिंद का उपयोग करें।

Screenshot 2025-12-05 123134

2. समद्विबाहु और समबाहु त्रिभुजों को बनाने के लिए दिए गए वृत्तों या केंद्रों पर स्थित बिंदुओं का उपयोग कीजिए। ये सभी वृत्त समान मापों के हैं।

Screenshot 2025-12-05 124715 Screenshot 2025-12-05 124738

क्या किसी भी लंबाई के त्रिभुज बनाने संभव हैं?

क्या आप किसी भी दी गई लंबाई वाली भुजाओं से त्रिभुजों की रचना कर सकते हैं? क्या ऐसी लंबाइयाँ हैं जिनसे एक त्रिभुज की रचना असंभव है? आइए, इसका पता लगाएँ।

? एक ऐसे त्रिभुज की रचना कीजिए जिसमें उसकी भुजाओं की लंबाई 3 से.मी., 4 से.मी. और 8 से.मी. हो। क्या आप ऐसे एक त्रिभुज की रचना कर पा रहे हैं?

? यहाँ लंबाइयों का एक अन्य समूह भी है - 2 से.मी., 3 से.मी. और 6 से.मी.। जाँच कीजिए कि क्या इन लंबाइयों की भुजाओं से एक त्रिभुज बनाना संभव है।

? भुजाओं की लंबाइयों के कुछ अन्य समूह ज्ञात करने का प्रयास कीजिए जिनके लिए -त्रिभुज की रचना असंभव है। देखिए कि क्या आप इनमें कोई पैटर्न ज्ञात कर सकते हैं?

हम देखते हैं कि लंबाइयों के कुछ समूहों के लिए तो एक त्रिभुज की रचना संभव है, परंतु अन्य के लिए संभव नहीं है। हम किस प्रकार जाँच कर सकते हैं कि लंबाइयों के एक दिए हुए समूह के लिए एक त्रिभुज का अस्तित्व है या नहीं? एक विधि यह है कि उस त्रिभुज की वास्तविक रूप से रचना करने का प्रयास किया जाए तथा जाँच की जाए कि क्या यह संभव है? क्या इसकी जाँच करने की कोई अन्य अधिक प्रभावी विधि है?

त्रिभुज असमिका

10 से.मी., 15 से.मी. और 30 से.मी. लंबाइयों पर विचार कीजिए। क्या इन लंबाइयों की भुजाओं वाले किसी त्रिभ्ञ्ज का अस्तित्व संभव है?

आइए, इस प्रश्न को हल करने के लिए त्रिभुजों के एक गुण का अध्ययन करें। एक छोटे समतल भूमिखंड की कल्पना कीजिए जिस पर एक तंबू, एक पेड़ और एक खंभा स्थित है। कल्पना कीजिए कि आप तंबू के प्रवेश द्वार पर हैं तथा आप उस पेड़ तक जाना चाहते हैं। कौन-सा मार्ग छोटा है -(i) पेड़ तक सरल रेखा मार्ग (लाल मार्ग) या (ii) तंबू से खंभे तक सरल रेखा मार्ग और फिर उसके बाद खंभे से पेड़ तक सरल रेखा मार्ग (पीला मार्ग)?

स्पष्टतः तंबू से पेड़ तक सीधा सरल रेखा मार्ग खंभे से होकर घूमकर पेड़ तक जाने वाले मार्ग की तुलना में छोटा है। वस्तुतः तंबू से पेड़ तक जाने के लिए सीधा सरल रेखा मार्ग ही सबसे छोटा संभावित मार्ग है।

Screenshot 2025-12-05 124947

क्या दो बिंदुओं के बीच में सीधा मार्ग किसी तीसरे बिंदु से होकर घूमकर जाने वाले मार्ग की तुलना में छोटा होगा? स्पष्टतः, इसका उत्तर 'हाँ' है।

? क्या 10 से.मी., 15 से.मी. और 30 से.मी. की लंबाइयों की भुजाओं वाले एक त्रिभुज के अस्तित्व के विषय में कुछ बताने के लिए इस समझ का उपयोग किया जा सकता है?

आइए, मान लें कि इन लंबाइयों के इस समूह का एक त्रिभुज है। याद रखिए कि अभी तक हम त्रिभुज के अस्तित्व के विषय में निश्चित नहीं हैं, परंतु हम केवल मान रहे हैं कि इसका अस्तित्व है। आइए एक रफ आरेख खींचें।

Screenshot 2025-12-05 125129

क्या इस त्रिभुज में सब कुछ सही दिख रहा है?

यदि यह त्रिभुज संभव होता है तो किन्हीं भी दो शीर्षों के बीच सीधा मार्ग तीसरे बिंदु से होकर घूमकर जाने वाले मार्ग की तुलना में छोटा होना चाहिए। क्या यह हमारे इस रफ आरेख के लिए सत्य है?

आइए, B और C के बीच के मार्गों पर विचार करें।

सीधे मार्ग की लंबाई = BC = 10 से.मी. है।

बिंदु A से होकर जाने वाले मार्ग की लंबाई क्या है? यह रेखाखंडों BA और AC की लंबाइयों का योग है।

घूमकर जाने वाले मार्ग की लंबाई = BA + AC = 15 से.मी. + 30 से.मी. = 45 से.मी. है। क्या सीधे मार्ग की लंबाई घूमकर जाने वाले मार्ग की लंबाई से छोटी है?

आइए, अब A और B के बीच के मार्गों पर विचार करें।

सीधे मार्ग की लंबाई = AB = 15 से.मी. है।

शीर्ष C से होकर घूमकर जाने वाले मार्ग की लंबाई ज्ञात करने पर हम प्राप्त करते हैं कि घूमकर जाने वाले मार्ग की लंबाई AC + CB = 30 से.मी. + 10 से.मी. = 40 से.मी. है। =

क्या सीधे मार्ग की लंबाई घूमकर जाने वाले मार्ग की लंबाई की तुलना में छोटी है? हाँ, अंत में C और A के बीच के मार्गों पर विचार कीजिए।

सीधे मार्ग की लंबाई = CA = 30 से.मी. है।

घूमकर जाने वाले मार्ग की लंबाई = CB + BA = 10 से.मी. + 15 से.मी. = 25 से.मी. है।

क्या सीधे मार्ग की लंबाई घूमकर जाने वाले मार्ग की लंबाई की तुलना में छोटी है? इस स्थिति में सीधे मार्ग की लंबाई घूमकर जाने वाले मार्ग की लंबाई से बड़ी है जो कि निरर्थक है। क्या ऐसे त्रिभुज का कोई अस्तित्व है? नहीं।

अत: 10 से.मी., 15 से.मी. और 30 से.मी. लंबाइयों की भुजाओं वाले किसी त्रिभुज का अस्तित्व नहीं हो सकता है।

इस प्रकार बिना रचना किए हम यह ज्ञात करने में समर्थ हो पाए कि 10 से.मी., 15 से.मी. और 30 से.मी. की लंबाइयों के समूह के लिए एक त्रिभुज का अस्तित्व क्यों नहीं हो सकता। हम यह कार्य स्थानिक सहज ज्ञान से तथा तर्कण (विवेचन) के माध्यम से कर पाने में समर्थ हुए।

स्मरण कीजिए कि हमने किस तरह इसी प्रकार के सहज ज्ञान और तर्कण का उपयोग प्रतिच्छेदी और समांतर रेखाओं के गुणों की खोज करने में किया था। हम यह कार्य आगे भी ज्यामिति से संबंधित गुणों की खोज करते समय जारी रखेंगे।

? क्या हम 3 से.मी., 3 से.मी. और 7 से.मी. लंबाइयों की भुजाओं वाले एक त्रिभुज के अस्तित्व के बारे में जान सकते हैं? अपने उत्तर का सत्यापन इसकी रचना द्वारा कीजिए।

Screenshot 2025-12-05 140445

? "चित्र 7.4 में दिए गए रफ आरेख में क्या लंबाइयों को एक भिन्न क्रम में नियत करना संभव है ताकि सीधे मार्ग सदैव घूमकर जाने वाले मार्गों की तुलना में छोटे रहें? यदि ऐसा संभव है तो एक त्रिभुज का अस्तित्व हो सकता है।"

? क्या त्रिभुज में लंबाइयों की ऐसी पुनर्व्यवस्था संभव है?

?पता लगाइए

1.हमने रचना द्वारा जाँच की है कि भुजाओं की लंबाइयों 3 से.मी., 4 से.मी. और 8 से.मी. तथा 2 से.मी., 3 से.मी. और 6 से.मी. वाले त्रिभुज बनाने संभव नहीं हैं। जाँच कीजिए कि क्या आप त्रिभुज की रचना किए बिना इस तथ्य का पता लगा सकते थे?

2. क्या हम लंबाइयों के निम्नलिखित समूहों में से प्रत्येक के लिए एक त्रिभुज के अस्तित्व के बारे में बता सकते हैं?

(a) 10 कि.मी., 10 कि.मी. और 25 कि.मी.

(b) 5 मि.मी., 10 मि.मी. और 20 मि.मी.

(c) 12 से.मी., 20 से.मी. और 40 से.मी.

आपने अनुभव किया होगा कि एक रफ चित्र का उपयोग करके तथा सीधे मार्ग की लंबाइयों को उनके संगत घूमकर जाने वाले मार्गों की लंबाइयों से तुलना करना प्रत्येक लंबाई की अन्य दोनों लंबाइयों के योग से तुलना करने के समान है तथा इस प्रकार की तीन तुलनाएँ करनी पड़ती हैं।

3. अभी तक देखी गई लंबाइयों के प्रत्येक समूह में आपने इस ओर अवश्य ही ध्यान दिया होगा कि न्यूनतम दो तुलनाओं में एक सीधी लंबाई अन्य दो लंबाइयों के योग से कम थी (यदि नहीं तो पुनः जाँच कीजिए)। उदाहरणार्थ, 10 से.मी., 15 से.मी. और 30 से.मी. की लंबाइयों के समूह के लिए ऐसा घटित होने वाली दो तुलनाएँ ये हैं -

10 < 15 + 30
15 < 10 + 30

परंतु यह बात तीसरी लंबाई के लिए घटित नहीं होती है- 30 > 10 + 15 है।

? क्या ऐसा सदैव होगा? अर्थात लंबाइयों के किसी भी समूह के लिए न्यूनतम दो तुलनाएँ होंगी जिनमें एक लंबाई अन्य दो लंबाइयों के योग से कम होगी? लंबाइयों के भिन्न-भिन्न समूहों के लिए इसका पता लगाइए।

? आगे लंबाइयों के एक दिए हुए समूह के लिए क्या बिना किसी परिकलन के इसकी तुरंत पहचान करना संभव है कि कौन-सी लंबाई अन्य दोनों लंबाइयों के योग से कम है? (संकेत – बढ़ते क्रम में सीधी लंबाइयों पर विचार कीजिए।)

? भुजाओं की तीन लंबाइयाँ प्राप्त करने पर हमें एक त्रिभुज के अस्तित्व की जाँच करने के लिए किसकी तुलना करने की आवश्यकता है?

यदि प्रत्येक लंबाई अन्य दो लंबाइयों के योग से कम है तो हम कहते हैं कि ये लंबाइयाँ त्रिभुज असमिका (triangle inequality) को संतुष्ट करती हैं। उदाहरणार्थ, समूह 3, 4, 5 त्रिभुज असमिका को संतुष्ट करता है, जबकि समूह 10, 15, 30 त्रिभुज असमिका को संतुष्ट नहीं करता है।

हमने देखा कि जो लंबाइयाँ त्रिभुज असमिका को संतुष्ट नहीं करतीं वे किसी त्रिभुज की भुजाओं की लंबाइयाँ नहीं हो सकती हैं, जैसे- 10, 15, 30 जैसी लंबाइयाँ।

क्या 4 से.मी., 5 से.मी. और 8 से.मी. की भुजाओं की लंबाइयों वाले एक त्रिभुज का अस्तित्व है? ये त्रिभुज असमिका को संतुष्ट करती हैं -

8 < 4 + 5 = 9

? हमें अन्य दो भुजाओं की जाँच करने की आवश्यकता क्यों नहीं है?

इसका अर्थ यह है कि सभी सीधे मागों की लंबाइयाँ घूमकर जाने वाले मागों की लंबाइयों से कम हैं। क्या इससे एक त्रिभुज के अस्तित्व की पुष्टि होती है?

यदि एक भी सीधे मार्ग की लंबाई बड़ी होती तो हम निष्कर्ष निकाल सकते थे कि निश्चित रूप से त्रिभुज का अस्तित्व नहीं होगा। परंतु इस स्थिति में हम केवल यह कह सकते हैं कि त्रिभुज का अस्तित्व हो सकता है तथा नहीं भी हो सकता है।

त्रिभुज के अस्तित्व के लिए तीसरे शीर्ष को प्राप्त करने के लिए हमारे द्वारा खींचे गए दोनों चापों को आवश्यक रूप से प्रतिच्छेद करना चाहिए। क्या बिना वास्तविक रचना किए यह निर्धारित करना संभव है कि ऐसा होगा या नहीं?

वृत्तों की रचना का चित्रीयकरण

आइए, कल्पना करें कि हम सबसे लंबी भुजा को आधार बनाकर रचना प्रारंभ कर रहे हैं। मान लीजिए कि 8 से.मी. लंबाई का AB आधार है। अगला चरण है कि अन्य दो लंबाइयों 4 से.मी. और 5 से.मी. के संगत पर्याप्त लंबे चापों की रचना की जाए।

आइए, चापों की केवल रचना करने के स्थान पर वृत्तों को पूरा बनाएँ। मान लीजिए कि हम केंद्र A लेकर त्रिज्या 4 से.मी. का एक वृत्त बनाते हैं।

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? अब मान लीजिए कि B को केंद्र लेकर त्रिज्या 5 से.मी. के एक वृत्त की रचना की जाती है। क्या आप इस परिणामी चित्र का एक रफ आरेख बना सकते हैं?

ध्यान दीजिए कि आगे दिए गए चित्र AX = 4 में से.मी. है तथा AB = 8 से.मी. है। अत: BX क्या है? क्या यह लंबाई परिणामी चित्र के चित्रीयकरण में सहायता करती है

क्योंकि BX = 4से.मी. है तथा केंद्र B वाले वृत्त की त्रिज्या 5 से.मी. है। अतः यह स्पष्ट है कि ये दोनों वृत्त परस्पर दो बिंदुओं पर प्रतिच्छेद करेंगे।

Screenshot 2025-12-05 154323

यह तथ्य एक त्रिभुज के अस्तित्व के विषय में हमें क्या बताता है? बिंदु A और बिंदु B, वृत्तों के दो प्रतिच्छेद बिंदुओं में से किसी एक बिंदु सहित हमें वांछित त्रिभुज प्रदान करेंगे। इस प्रकार 4 से.मी., 5 से.मी. और 8 से.मी. की लंबाइयों की भुजाओं वाले एक त्रिभुज का अस्तित्व है।

?पता लगाइए

1. निम्नलिखित में से कौन-सी लंबाइयाँ एक त्रिभुज की भुजाओं की लंबाइयाँ हो सकती हैं? अपने उत्तरों को स्पष्ट कीजिए। ध्यान दीजिए कि प्रत्येक समूह में तीनों लंबाइयों के मापन की इकाई समान है।

(a) 2,2,5
(b) 3,4,6
(c) 2,4,8
(d) 5,5,8
(e) 10, 20, 25
(f) 10, 20, 35
(g) 24, 26, 28

पिछले प्रश्नों से हम देखते हैं कि जब भी तीन लंबाइयों का समूह त्रिभुज असमिका को संतुष्ट करता है (प्रत्येक लंबाई < अन्य दोनों लंबाइयों का योग) तब एक त्रिभुज का अस्तित्व होता है, जिसकी भुजाओं की लंबाइयाँ ये तीनों लंबाइयाँ होती हैं।

? क्या तब त्रिभुजों का अस्तित्व सदैव ही होता है जब तीन लंबाइयों का एक समूह त्रिभुज असमिका को संतुष्ट करता है? हम इसके लिए किस प्रकार सुनिश्चित हो सकते हैं?

हम त्रिभुज के अस्तित्व को लेकर तभी सुनिश्चित हो सकते हैं जब हम यह दर्शा सकें कि त्रिभुज असमिका के संतुष्ट होने पर दोनों वृत्त आंतरिक रूप से प्रतिच्छेद करें (जैसा चित्र 7.5 में है)। परंतु जब दो वृत्तों को बनाया जाता है तब अन्य कौन-सी संभावनाएँ हो सकती है आइए, इनका चित्र बनाकर अध्ययन करें।

निम्नलिखित संभावित भिन्न स्थितियाँ हो सकती हैं -

Screenshot 2025-12-05 155429

ध्यान दीजिए कि इन वृत्तों की रचना करते समय हम –

(a) आधार AB की लंबाई = दी हुई लंबाइयों में सबसे अधिक लंबाई को लेते हैं।

(b) वृत्तों की त्रिज्याएँ अन्य दोनों छोटी लंबाइयों को लेते हैं।

हम ऊपर बताई गई स्थितियों में से किससे त्रिभुज बना पाएँगे? स्पष्टतः त्रिभुज केवल तभी बनेंगे जब वृत्त परस्पर आंतरिक रूप से प्रतिच्छेद करेंगे (स्थिति 3)।

? आइए, इनमें से प्रत्येक स्थिति का, त्रिज्याओं (दो छोटी लंबाइयों) का तथा AB (सबसे बड़ी लंबाई) के बीच एक संबंध ज्ञात करते हुए अध्ययन करें।

स्थिति 1– वृत्त परस्पर एक बिंदु पर स्पर्श कर रहे हैं

इस स्थिति के घटित होने के लिए

दोनों त्रिज्याओं का योग = AB है

अथवा

दोनों छोटी लंबाइयों का योग = सबसे बड़ी लंबाई है।

Screenshot 2025-12-05 160118 स्थिति 2- वृत्त आंतरिक रूप से प्रतिच्छेद नहीं कर रहे हैं

? इस स्थिति के घटित होने के लिए त्रिज्याओं और AB के बीच क्या संबंध होना चाहिए?

यह आकृति से देखा जा सकता है कि

दोनों त्रिज्याओं का योग < AB

अथवा

दोनों छोटी लंबाइयों का योग < सबसे बड़ी लंबाई

Screenshot 2025-12-05 160459
स्थिति 3- वृत्त परस्पर प्रतिच्छेद कर रहे हैं
Screenshot 2025-12-05 160528

AB एक त्रिज्या और दूसरी त्रिज्या के एक भाग से मिलकर बना है। अतः

दोनों त्रिज्याओं का योग > AB

अथवा

दोनों छोटी लंबाइयों का योग > सबसे बड़ी लंबाई

? क्या हम इस विश्लेषण का उपयोग यह बताने में कर सकते हैं कि एक त्रिभुज का अस्तित्व तब होता है जब इसकी लंबाइयाँ त्रिभुज असमिका को संतुष्ट करती हैं?

यदि दी गई लंबाइयाँ त्रिभुज असमिका को संतुष्ट करती हैं तो दो छोटी लंबाइयों का योग सबसे बड़ी लंबाई से बड़ा होता है। इसका अर्थ है कि यह हमें स्थिति 3 पर पहुँचा देता है, जहाँ वृत्त परस्पर आंतरिक रूप से प्रतिच्छेद करते हैं तथा इसीलिए त्रिभुज का अस्तित्व है।

? लंबाइयों के उस समूह के लिए दोनों वृत्त किस प्रकार के बनेंगे जो त्रिभुज असमिका को संतुष्ट नहीं करते हैं? ऐसी लंबाइयों के समूहों के तीन-तीन उदाहरण ज्ञात कीजिए जिनके लिए वृत्त -

(a) परस्पर एक बिंदु पर स्पर्श करते हैं
(b) परस्पर प्रतिच्छेद नहीं करते हैं।

? एक संपूर्ण प्रक्रिया बनाइए जिसका उपयोग एक त्रिभुज के अस्तित्व की जाँच करने में किया जा सके।

निष्कर्ष

यदि तीन लंबाइयों का दिया हुआ एक समूह त्रिभुज असमिका को संतुष्ट करता है तो ऐसी लंबाइयों वाली भुजाओं के लिए एक त्रिभुज का अस्तित्व होता है। यदि यह समूह त्रिभुज असमिका को संतुष्ट नहीं करता है तो ऐसी लंबाइयों वाली भुजाओं के लिए त्रिभुज का अस्तित्व नहीं होता है।

?पता लगाइए

1.जाँच कीजिए कि निम्नलिखित लंबाइयों के प्रत्येक समूह के लिए एक त्रिभुज का अस्तित्व है या नहीं (लंबाइयाँ समान इकाई में हैं) -

(a) 1, 100, 100
(b) 3,6,9
(c) 1, 1,5
(d) 5, 10, 12

2. क्या भुजाओं 50, 50, 50 (समान इकाई में) वाले एक समबाहु त्रिभुज का अस्तित्व है? क्या व्यापक रूप में किसी भी लंबाई की भुजा वाले एक समबाहु त्रिभुज का अस्तित्व है? अपने उत्तर का औचित्य दीजिए।

3.निम्नलिखित में से प्रत्येक के लिए तीसरी लंबाई के न्यूनतम 5 संभावित मान दीजिए ताकि इन्हें भुजाओं की लंबाइयों के रूप में लेने पर एक त्रिभुज का अस्तित्व हो (दशमलव मानों को भी चुना जा सकता है) –

(a) 1,100
(c) 3,7
(b) 5,5

देखिए कि क्या आप प्रत्येक स्थिति में तीसरी भुजा की सभी संभावित लंबाइयों की व्याख्या कर सकते हैं ताकि इन लंबाइयों की भुजाओं के त्रिभुज का अस्तित्व हो जाए। उदाहरणार्थ स्थिति (a) में 99 और 101 के बीच की सभी संख्याएँ संभव होंगी।

7.3 दी गई भुजाओं और कोणों के माप से त्रिभुजों की रचना करें

हम देख चुके हैं कि त्रिभुजों की रचना कैसे की जाती है, जब उनकी भुजाओं की लंबाइयाँ दी हुई हों। अब हम उन रचनाओं को लेंगे जब कुछ भुजाओं की लंबाइयों के स्थान पर कोणों के माप दिए गए हों।

दो भुजाएँ और अंतर्गत कोण

हम एक त्रिभुज की रचना कैसे करते हैं जब उसकी दो भुजाएँ तथा उनके अंतर्गत कोण दिए हुए हों?

यहाँ कुछ उदाहरण दिए गए हैं जो अंतर्गत कोणों के माप दर्शा रहे हैं -

Screenshot 2025-12-05 162556

? एक त्रिभुज ABC की रचना कीजिए जिसमें AB = 5 से.मी., AC = 4 से.मी. और < A = 45° है।

आइए, दी हुई भुजाओं में से एक भुजा AB को त्रिभुज का आधार लेते हैं।

Screenshot 2025-12-05 162659 चरण 1 - 5 से.मी. लंबी एक भुजा AB की रचना कीजिए।

चरण 2 - कोण की दूसरी भुजा को खींचकर ∠A = 45° की रचना कीजिए।

चरण 3 - इस दूसरी भुजा पर बिंदु C इस प्रकार अंकित कीजिए कि AC = 4से.मी. रहे।

चरण 4 – वांछित त्रिभुज प्राप्त करने के लिए BC को मिलाइए।

Screenshot 2025-12-05 163039

? पता लगाइए

1. निम्नलिखित मापों के लिए त्रिभुजों की रचना कीजिए जहाँ कोण भुजाओं के बीच में है-

(a) 3 से.मी., 75°, 7 से.मी.

(b) 6 से.मी., 25° 3 से.मी.

(c) 3 से.मी., 120° 8 से.मी.

? हम देख चुके हैं कि भुजाओं की लंबाइयों के सभी समूहों के लिए त्रिभुजों का अस्तित्व नहीं होता है। क्या दो भुजाओं और उनके अंतर्गत कोण की स्थिति में माप का कोई ऐसा संयोजन है जहाँ एक त्रिभुज की रचना संभव नहीं हो? इनकी रचना करते समय आपने जो प्रेक्षित किया है उसका उपयोग करते हुए अपने उत्तर का औचित्य दीजिए।

दो कोण और अंतर्गत भुजा

इस स्थिति में हमें दो कोण और एक भुजा दी हुई है। यह भुजा दोनों कोणों का एक भाग है जिसे अंतर्गत भुजा कहा जाता है। यहाँ ऐसे मापों के कुछ उदाहरण दिए जा रहे हैं -

Screenshot 2025-12-05 163249

? एक त्रिभुज ABC की रचना कीजिए जिसमें AB = 5 से.मी., ∠A = 45° और ∠B = 80° है।

आइए, दी हुई भुजा को आधार मानें।

Screenshot 2025-12-05 164700

चरण 1 - 5 से.मी. लंबाई का आधार AB खींचिए। -

चरण 2 - क्रमशः 45° और 80° मापों के ∠A और ∠B खींचिए।

चरण 3 – दो नए रेखाखंडों का प्रतिच्छेद बिंदु तीसरा शीर्ष C है।


Screenshot 2025-12-05 163430

? पता लगाइए

1. निम्नलिखित मापनों के लिए त्रिभुजों की रचना कीजिए-

(a) 75°, 5 से.मी., 75°
(b)25°, 3 से.मी., 60°
(c)120°, 6 से.मी., 30°

क्या त्रिभुजों का अस्तित्व सदैव संभव है?

? क्या दो कोणों और उनकी अंतर्गत भुजाओं के प्रत्येक संयोजन के लिए त्रिभुज बन सकते हैं? पता लगाइए।

जिस प्रकार जब हमें तीनों भुजाएँ दी जाती हैं तो प्रत्येक बार एक त्रिभुज बनना आवश्यक नहीं होता, उसी प्रकार दो कोण और उसके बीच के प्रत्येक संयोजन से भी सदैव त्रिभुज नहीं बनता।

? ऐसे दो कोणों और उनकी अंतर्गत भुजाओं के मापन के उदाहरण ज्ञात कीजिए जहाँ एक त्रिभुज की रचना संभव नहीं है।

आइए, एक ऐसी स्थिति को दर्शाने का प्रयास करें। एक बार आधार खींचने के बाद कल्पना करने का प्रयास कीजिए कि अन्य दोनों भुजाएँ किस प्रकार की होनी चाहिए कि वे परस्पर मिलें नहीं।

यहाँ कुछ स्पष्ट उदाहरण दिए जा रहे हैं -

Screenshot 2025-12-05 170016

यदि इन दो कोणों में से एक समकोण और दूसरा 90° से अधिक या उसके बराबर है तो यह स्पष्ट है कि ऐसी स्थिति में कोई त्रिभुज संभव नहीं है।

अब हम आधार कोणों में से एक को न्यून कोण 40° का कोण बनाते हैं। अन्य कोण के मान संभवतः क्या होने चाहिए ताकि ये रेखाएँ परस्पर न मिलें?

Screenshot 2025-12-05 165932

? यह स्पष्ट है कि यदि B से होकर जानी वाली रेखा दाईं ओर पर्याप्त रूप से झुकी हुई होगी तो वह रेखा / से नहीं मिलेगी।

(a) ऐसा घटित होने के लिए (ऊपर आकृति में अंकित) एक संभावित ∠B ज्ञात करने का प्रयास कीजिए।

(b) इन रेखाओं के न मिलने के लिए angle B का न्यूनतम मान क्या हो सकता है?

Screenshot 2025-12-05 170301

नीली रेखा / से न मिलने वाली रेखा है जो दाईं ओर न्यूनतम झुकी हुई है।

चित्र से यह स्पष्ट है कि जो रेखा न्यूनतम ∠B की रचना करती है उसे रेखा l के समांतर होना चाहिए। आइए, इस समांतर रेखा को रेखा m कहें।

क्या आप इस स्थिति में ∠B का वास्तविक मान बता सकते हैं?

(संकेत - ध्यान दीजिए कि AB एक तिर्यक रेखा है।)

हम देख चुके हैं कि जब दो रेखाएँ समांतर होती हैं तब तिर्यक रेखा के एक ही ओर के दोनों अंत: कोणों का योग 180° होता है। इसलिए ∠B = 140° है।

इसलिए ∠B के किन मानों के लिए एक त्रिभुज का अस्तित्व नहीं होगा? क्या लंबाई AB की इसमें कोई भूमिका है?

उपरोक्त चर्चा से यह देखा जा सकता है कि एक त्रिभुज के अस्तित्व के निर्णय लेने में लंबाई AB की कोई भूमिका नहीं है। हम कह सकते हैं कि जब ∠B का मान 140° अथवा इससे अधिक हो तब एक त्रिभुज का अस्तित्व संभव नहीं है।

? पता लगाइए

1. निम्नलिखित कोणों में से प्रत्येक कोण के लिए एक अन्य कोण ज्ञात कीजिए जिसके लिए एक त्रिभुज (i) संभव है (ii) अथवा संभव नहीं है। प्रत्येक श्रेणी के लिए न्यूनतम दो भिन्न-भिन्न कोण ज्ञात कीजिए।

(a) 30°
(b) 70°
(c) 54°
(d) 144°

2. निर्धारित कीजिए कि निम्नलिखित में से कौन-से युग्म एक त्रिभुज के कोण हो सकते हैं तथा कौन-से नहीं हो सकते हैं-

((a) 35°, 150°
(b) 70°, 30°
(c) 90°, 85°
(d) 50°, 150°

? त्रिभुज असमिका की तरह क्या आप एक नियम ऐसा बना सकते हैं जो उन दो कोणों की व्याख्या करे जिनके लिए एक त्रिभुज का निर्माण संभव है?

क्या इस नियम को बनाने में दोनों कोणों के योग का उपयोग किया जा सकता है?

जब दिए हुए दो कोणों का योग 180° से कम है तो इन कोणों वाले एक त्रिभुज का अस्तित्व होता है। यदि यह योग 180° अथवा इससे अधिक है तो इन कोणों वाले किसी त्रिभुज का कोई अस्तित्व नहीं होता।

आइए, दो कोणों को लें। मान लीजिए कि हम 60° और 70° के कोण लेते हैं जिनका योग 180° से कम है। मान लीजिए कि इसकी अंतर्गत भुजा 5 से.मी. है।

? तीसरे कोण का माप क्या हो सकता है? यदि आधार की लंबाई को बदलकर कोई अन्य मान कर दिया जाए, जैसे 7 से.मी. तो क्या इस माप में कोई परिवर्तन होगा? रचना कीजिए तथा पता लगाइए?

? व्यापक रूप में देखें तो दो कोणों के निश्चित हो जाने पर क्या तीसरा कोण अंतर्गत भुजा की लंबाई पर निर्भर करता है? कोणों के भिन्न-भिन्न युग्म तथा भुजा की लंबाइयाँ लेकर प्रयास कीजिए।

माप ये दर्शा सकते हैं कि भुजा की लंबाई का तीसरे कोण पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता (या बहुत ही कम प्रभाव पड़ता है)। इस प्रेक्षण के साथ ही आइए देखें कि क्या हम रचना और माप किए बिना तीसरे कोण को ज्ञात कर सकते हैं।

? विभिन्न त्रिभुजों के साथ यह देखने के लिए प्रयोग करने का प्रयास कीजिए कि क्या किन्हीं दो कोणों तथा तीसरे कोण के बीच कोई संबंध है। इस संबंध को ज्ञात करने के लिए आप कौन-से आँकड़ों का संग्रह करेंगे तथा इन संग्रहित आँकड़ों को किस प्रकार संगठित करेंगे?

? एक त्रिभुज ABC पर विचार कीजिए जिसमें ∠B = 50° और ∠C = 70° हैं। आइए देखें कि हम बिना किसी त्रिभुज की रचना किए ∠A किस प्रकार ज्ञात कर सकते हैं।

Screenshot 2025-12-05 172530

हमने देखा कि समांतर रेखाओं की धारणा यह निर्धारित करने में उपयोगी थी कि त्रिभुज के किन्हीं दो कोणों का योग 180° से कम होता है। समांतर रेखाओं का उपयोग तीसरे कोण ∠BAC को ज्ञात करने में भी किया जा सकता है।

मान लीजिए कि हम शीर्ष A से होकर एक रेखा XY को आधार BC के समांतर खींचते हैं।

? हम देख सकते हैं कि यहाँ नए कोण बन गए हैं। ये कोण ∠XAB और ∠YAC हैं। इनके मान क्या हैं?

क्योंकि रेखा XY आधार BC के समांतर है इसलिए ∠XAB = ∠B और ∠YAC = ∠C है, क्योंकि ये तिर्यक AB और AC से बने एकांतर कोण हैं।

Screenshot 2025-12-08 093745

अत: ∠XAB = 50°और ∠YAC = 70° है। क्या हम इससे ∠BAC ज्ञात कर सकते हैं? हम जानते हैं कि ∠XAB, ∠YAC और ∠BAC मिलकर 180° का कोण बनाते हैं।

∠XAB + ∠YAC + ∠BAC = 180°

50° + ∠BAC + 70° = 180°

120° + ∠BAC = 180°

इस प्रकाार ∠BAC = 180° – 120° = 60°

अब BC की कोई भी उपयुक्त लंबाई लेकर एक त्रिभुज की रचना कीजिए तथा सत्यापन कीजिए क्या वास्तव में ऐसी स्थिति संभव है।

? पता लगाइए

1. यदि दो कोण दिए गए हों तो एक समांतर रेखा के उपयोग से त्रिभुज का तीसरा कोण ज्ञात कीजिए।

(a) 36°, 72°
(b) 150°, 15°
(c) 90°, 30°
(d) 75°, 45°

2. क्या आप एक ऐसे त्रिभुज की रचना कर सकते हैं जिसके सभी कोण 70° के बराबर हैं? यदि दो कोण 70° के हैं तो तीसरा कोण क्या होगा? यदि किसी त्रिभुज के सभी कोण बराबर हैं तो प्रत्येक कोण का माप क्या होगा? खोजिए और ज्ञात कीजिए?

3. यहाँ एक त्रिभुज है जिसमे हमे ज्ञात है कि ∠B = ∠C और ∠ A = 50° है। क्या आप ∠B और ∠C ज्ञात कर सकते हैं?

Screenshot 2025-12-08 093942

कोण के योग का गुण

? किसी त्रिभुज के कोणों के योग के बारे में हम क्या कह सकते हैं?

एक त्रिभुज ABC पर विचार कीजिए। इसके कोणों का योग ज्ञात करने के लिए हम आधार के समांतर रेखा खींचने वाली विधि का ही उपयोग कर सकते हैं- A से होकर BC के समांतर एक रेखा की रचना कीजिए।

हमेें∠A + ∠B + ∠C ज्ञात करना है।

हम जानते हैैं कि ∠B = ∠XAB और ∠C = ∠YAC

इसलिए ∠A + ∠B + ∠C = ∠A + ∠XAB + ∠YAC = 180° है क्योंकि ये तीनों कोण मिलकर एक ऋजु (सरल) कोण बनाते हैं।

इस प्रकार हमने सिद्ध कर दिया कि किसी त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180° होता है। यह अद्भुत परिणाम त्रिभुजों के कोणों के योग का गुण कहलाता है।

Screenshot 2025-12-08 094009

इस बात पर सोचने में कुछ समय लगाइए कि हमने इस कोण योग गुण का किस प्रकार पता लगाया। प्रारंभ में तीसरे कोण तथा अन्य दो कोणों के बीच संबंध स्पष्ट नहीं था। परंतु ऊपर के शीर्ष से होकर आधार के समांतर एक समांतर रेखा खींचने के एक सरल से विचार ने (चित्र 7.7 देखिए) इस संबंध को तुरंत स्पष्ट बना दिया। इस उत्तम विचार को गणित के इतिहास की एक प्रभावशाली पुस्तक दी एलिमेंट्स (The Elements) में देखा जा सकता है। इस पुस्तक को लिखने का श्रेय एक यूनानी गणितज्ञ यूक्लिड (Euclid) को दिया जाता है। इनका जीवन-काल लगभग 300 सामान्य संवत् था।

यह हल एक और ऐसा उदाहरण है जो बताता है कि गणित में सृजनात्मक चिंतन किस प्रकार एक मुख्य भूमिका का निर्वाह करता है!

इस कोण योग गुण के सत्यापन की एक सुविधाजनक विधि है। इस विधि में एक कागज के त्रिभुजाकार कटआउटों को मोड़ा जाता है। क्या आप देख रहे हैं कि यह विधि किस प्रकार दर्शाती है कि इस त्रिभुज में कोणों का योग 180° है?

Screenshot 2025-12-08 094058

बहिष्कोण किसी त्रिभुज की एक भुजा को बढ़ाने पर उसके द्वारा एक अन्य भुजा के साथ बनाया गया कोण उस त्रिभुज का बहिष्कोण (exterior angle) कहलाता है। इस चित्र में angle ACD एक बहिष्कोण है।

Screenshot 2025-12-08 112144
यदि ∠A = 50° और ∠B = 60° है तो ∠ACD ज्ञात कीजिए।

कोण योग गुण द्वारा हम जानते हैं कि

50° + 60° + ∠ACB = 180°

110° + ∠ACB = 180°


इसलिए ∠ACB= 70° है।

क्योंकि ∠ACD = 180 °–70° = 110° अत: ∠ACB और ∠ACD मिलकर एक ऋजु कोण बनाते हैं।

∠A और ∠B के विभिन्न मापों के लिए बहिष्कोण ज्ञात कीजिए। क्या आप बहिष्कोण और इन दोनों कोणों के बीच कोई संबंध देखते हैं?

(संकेत – कोण योग गुण द्वारा हमें ∠A + ∠B + ∠ACB = 180°प्राप्त है।) हमें ∠ACD + ∠ACB = 180°भी प्राप्त है, क्योंकि ये ऋजु कोण बनाते हैं। यह क्या दर्शाता है?

7.4 त्रिभुजों के शीर्षलम्बों से संबंधित रचनाएँ

एक त्रिभुज के सापेक्ष उपयोगी माप का एक अन्य समूह है। यह समूह प्रत्येक शीर्ष की ऊँचाई एवं उसकी सम्मुख भुजा के संबंध में है।

अपने आस-पास के संसार में हम विभिन्न वस्तुओं की ऊँचाइयों की बात करते हैं, जैसे- एक व्यक्ति की लंबाई, एक पेड़ की ऊँचाई, एक भवन की ऊँचाई इत्यादि। शब्द 'ऊँचाई' से हमारा क्या तात्पर्य होता है?

Screenshot 2025-12-08 113723

एक त्रिभुज ABC पर विचार कीजिए। शीर्ष A की सम्मुख भुजा BC से कितनी ऊँचाई है तथा इसे किस प्रकार मापा जा सकता है?

मान लीजिए कि A से BC पर खींचा गया लम्ब रेखाखंड AD है। AD की लंबाई शीर्ष A से BC की ऊँचाई है। रेखाखंड AD इस त्रिभुज के 'शीर्षलम्बों' (altitudes) में से एक शीर्षलम्ब है।

नीचे दिए गए चित्र में अन्य शीर्षलम्ब BE और CF हैं जो अन्य शीर्षों से संगत सम्मुख भुजाओं पर खींचे गए लंब हैं।

जब भी हम त्रिभुज की ऊँचाई शब्द का उपयोग करते हैं तब सामान्यतः यह शीर्षलम्ब की लंबाई के संदर्भ में होता है, चाहे हम आधार के रूप में किसी भी भुजा को लें (चित्र 7.8 की स्थिति में यह शीर्षलम्ब AD है)।

इस त्रिभुज में A से भुजा BC तक शीर्षलम्ब क्या होगा?

Screenshot 2025-12-08 114448

हम BC को आगे बढ़ाते हैं तथा फिर A से इस रेखा पर लम्ब डालते हैं।

कागज मोड़ने के उपयोग से शीर्षलम्ब

? कागज का एक त्रिभुजाकार टुकड़ा काटिए। तीनों भुजाओं में से किसी एक भुजा को आधार के रूप में निश्चित कीजिए। इसे इस प्रकार मोड़िए कि परिणामी मोड़ का चिह्न ऊपरी शीर्ष से आधार पर शीर्षलम्ब हो। इसका औचित्य दीजिए कि मोड़ के चिह्न को आधार पर लंब क्यों होना चाहिए?

किसी त्रिभुज के शीर्षलम्बों की रचना

एक त्रिभुज की रचना कीजिए। BC को आधार लेते हुए शीर्षों को A, B और C से नामांकित कीजिए।

? A से भुजा BC पर शीर्षलम्ब खींचिए।

केवल एक मापक के उपयोग से शीर्षलम्ब खींचना सही नहीं होगा। 90 deg का एक सटीक कोण प्राप्त करने के लिए हम एक समकोण के साथ एक मापक का उपयोग करते हैं।

? क्या आप देख सकते हैं कि ऐसा कैसे किया जाता है?

चरण 1- मापक को आधार के अनुदिश रखिए। अब समकोणक को चित्र में दर्शाए अनुसार मापक पर रखिए ताकि समकोण के किनारों में से एक किनारा मापक को स्पर्श करे।

Screenshot 2025-12-08 120129

चरण 2- समकोणक को मापक के अनुदिश तब तक सरकाइए जब तक कि समकोणक का ऊर्ध्वाधर किनारा शीर्ष A को छू न ले।

Screenshot 2025-12-08 120313

चरण 3- समकोणक के ऊर्ध्वाधर किनारे का उपयोग करते हुए A से होकर BC पर शीर्षलम्ब खींचिए।

? क्या ऐसे किसी त्रिभुज का अस्तित्व है जिसमें एक भुजा भी एक शीर्षलम्ब हो?

ऐसे त्रिभुज की कल्पना कीजिए तथा एक रफ आरेख खींचिए।

हम देखते हैं कि ऐसा उन त्रिभुजों में होता है जिनमें एक कोण समकोण होता है।

एक समकोण वाले त्रिभुज समकोणीय त्रिभुज (right-angled) या केवल समकोण त्रिभुज (right-triangle) कहलाते हैं।

A से BC पर शीर्षलम्ब

Screenshot 2025-12-08 120740

7.5 त्रिभुजों के प्रकार

त्रिभुजों के अध्ययन में हमारे समक्ष निम्नलिखित प्रकार के त्रिभुज आए हैं- समबाहु, समद्विबाहु, विषमबाहु और समकोण त्रिभुज।

? क्या आपने किसी अन्य प्रकार का त्रिभुज भी देखा था?

समबाहु और समद्विबाहु त्रिभुजों का वर्गीकरण भुजाओं की समानता के आधार पर था।

समबाहु त्रिभुज में सभी भुजाओं की लंबाई समान होती है। समद्विबाहु त्रिभुज में दो भुजाओं की लंबाई समान होती है। विषमबाहु त्रिभुज में सभी भुजाओं की लंबाई असमान होती है।

Screenshot 2025-12-08 121148

क्या ऐसा ही वर्गीकरण कोणों की समता के आधार पर किया जा सकता है? क्या इन दो वर्गीकरणों में कोई संबंध है? हम इन प्रश्न का उत्तर आगे के एक अध्याय में देंगे।

जब हमने एक त्रिभुज को समकोण त्रिभुज के रूप में वर्गीकृत किया था तब हमने कोणों के मापों का उपयोग किया था।

? कोणों के मापों के आधार पर त्रिभुजों के अन्य कौन-से प्रकार हैं?

त्रिभुजों का उनके कोणों के मापों के आधार पर एक वर्गीकरण न्यून कोण, समकोण और अधिक कोण त्रिभुज है। हम पहले से ही जानते हैं कि एक समकोण त्रिभुज क्या होता है। यह एक ऐसा त्रिभुज होता है जिसका एक कोण समकोण होता है। इसी प्रकार एक अधिक कोण त्रिभुज में एक कोण अधिक कोण होता है।

? एक न्यून कोण त्रिभुज क्या हो सकता है? क्या हम इसे एक न्यून कोण वाले त्रिभुज के रूप में परिभाषित कर सकते हैं? क्यों नहीं?

एक न्यून कोण त्रिभुज में सभी तीनों कोण न्यून कोण होते हैं।

? पता लगाइए

1. एक त्रिभुज ABC की रचना कीजिए जिसमें BC = 5 से.मी., AB = 6 से.मी. और CA = 5 से.मी. है। A से भुजा BC पर शीर्षलम्ब की रचना कीजिए।

2. एक त्रिभुज TRY की रचना कीजिए जिसमें RY = 4 से.मी., TR = 7 से.मी. और ∠R = 140° है। T से भुजा RY पर शीर्षलम्ब की रचना कीजिए।

3. एक समकोण त्रिभुज ABC की रचना कीजिए जिसमें ∠B= 90° और AC = 5 से.मी है। इन मापनों के कितने भिन्न-भिन्न त्रिभुज हो सकते हैं?

(संकेत – ध्यान दीजिए कि अन्य मापन कोई भी मान ग्रहण कर सकते हैं। AC को आधार लीजिए। ∠A और ∠C और के क्या-क्या मान ले सकते हैं ताकि अन्य कोण 90° का हो?)

4. रचना के माध्यम से पता लगाइए कि क्या एक ऐसे समबाहु त्रिभुज की रचना संभव है जिसमें (i) एक समकोण हो और (ii) एक अधिक कोण हो। साथ ही ऐसे समद्विबाहु त्रिभुज की भी रचना कीजिए जिसमें (i) एक समकोण हो और (ii) एक अधिक कोण हो।

सारांश

  • एक परकार का उपयोग त्रिभुजों की रचना को उस स्थिति में सरलीकृत कर देता है जब उनकी भुजाओं की लंबाइयाँ दी गई होती हैं।

  • तीन लंबाइयों का एक समूह उस स्थिति में त्रिभुज असमिका को संतुष्ट करता है जब प्रत्येक लंबाई अन्य दो लंबाइयों के योग से कम होती है।

  • एक त्रिभुज की भुजाओं की लंबाइयाँ त्रिभुज असमिका को संतुष्ट करती हैं और यदि दी गई लंबाइयों का एक समूह त्रिभुज असमिका को संतुष्ट करता है तो उन लंबाइयों की भुजाओं वाले एक त्रिभुज की रचना की जा सकती है।

  • त्रिभुजों की रचना तब भी की जा सकती है जब निम्नलिखित मापन दिए गए हों-
  • (a) दो भुजाएँ और उनका अंतर्गत कोण
    (b) दो कोण और उनकी अंतर्गत भुजा

  • किसी त्रिभुज के कोणों का योग सदैव 180° होता है।

  • एक त्रिभुज का शीर्षलम्ब उसके एक शीर्ष से सम्मुख भुजा पर खींचा गया लम्ब रेखाखंड होता है।

  • समबाहु त्रिभुजों में भुजाएँ समान लंबाइयों की होती हैं। समद्विबाहु त्रिभुजों में दो भुजाएँ समान लंबाइयों की होती हैं तथा विषमबाहु त्रिभुजों में तीनों भुजाएँ तीन भिन्न-भिन्न लंबाइयों की होती हैं।

  • त्रिभुजों को उनके कोणों के मापों के आधार पर न्यून कोण त्रिभुज, समकोण त्रिभुज तथा अधिक कोण त्रिभुज के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।


पहेली का समय !

एक बक्से में सबसे छोटा मार्ग

Screenshot 2025-12-08 123633

एक बक्से के एक कोने में एक मकड़ी बैठी है। वह सबसे अधिक दूरी वाले सम्मुख कोने (आकृति में चिह्नित) पर पहुँचना चाहती है। क्योंकि वह उड़ नहीं सकती है, इसलिए वह उस सम्मुख कोने तक उस बक्से की सतहों पर चलकर ही पहुँच सकती है। वह कौन-से सबसे छोटे मार्ग से होकर जा सकती है?

Screenshot 2025-12-08 123700

एक गत्ते (कार्डबोर्ड) का बक्सा लीजिए तथा उस पर वह मार्ग चिह्नित कीजिए जो आपके अनुसार एक कोने से सम्मुख कोने तक पहुँचने में सबसे छोटा होगा। इस मार्ग की लंबाई की तुलना अपने मित्रों द्वारा चिह्नित मार्गों की लंबाइयों से कीजिए।