परियोजना 6
पारिवारिक स्वास्थ्य पुस्तिका
यह परियोजना आपको अपने परिवार के स्वास्थ्य और उसे बनाए रखने के उपाय के विषय में सीखने में सहायता करेगी। इस परियोजना में आप एक पारिवारिक स्वास्थ्य पुस्तिका बनाएँगे और अपने परिवार के स्वास्थ्य को अच्छा बनाने के लिए आवश्यक कार्यों की पहचान करेंगे।
परियोजना के अंतर्गत आप निम्नलिखित कार्यों को करने में सक्षम होंगे-
पारिवारिक स्वास्थ्य से तात्पर्य परिवार के सभी सदस्यों के समग्र शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य से है। यह भी ध्यान रखिए कि पूरे परिवार का स्वास्थ्य एक-दूसरे से परस्पर संबंधित होता है।
अच्छा स्वास्थ्य अनेक कारकों पर निर्भर करता है, जिनमें आहार, शारीरिक दक्षता, विश्राम, निद्रा, मानसिक स्वास्थ्य एवं पर्यावरणीय कारक समाहित हैं (चित्र 6.1)। ये सभी कारक विभिन्न आयु वर्ग के लिए महत्त्वपूर्ण हैं परंतु उनकी आवश्यकताएँ भिन्न-भिन्न हो सकती हैं। यह परियोजना परिवार के विभिन्न सदस्यों की आवश्यकताओं को समझने और सभी के लिए एक पारिवारिक स्वास्थ्य पुस्तिका तैयार करने से संबंधित है।
आपने स्वास्थ्य के महत्त्व के विषय में विद्यालय के साथ-साथ परिवार और सहपाठियों से भी सीखा। आप यह भी जानते हैं कि अच्छा स्वास्थ्य, सकारात्मक दृष्टिकोण एवं मानसिक स्वास्थ्य आपके आनंद के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण है। आप योगाभ्यास तो करते ही होंगे जिससे आप यह समझ गए होंगे कि यह न केवल आपको शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने में सहायता करता है अपितु पूरे दिन शांत और ऊर्जावान भी रखता है। योग से शरीर अधिक लचीला और सशक्त बनता है। इसके साथ ही यह एकाग्रता बढ़ाने में भी सहायक होता है।
आपने शरीर की आवश्यकताओं को पूर्ण करने के लिए पौष्टिक और संतुलित आहार की आवश्यकता के विषय में भी सीखा है। भोजन के विभिन्न घटक, शरीर की विभिन्न पोषण आवश्यकताओं को पूर्ण करने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं और हमें कार्य करने और खेलने के लिए ऊर्जा प्रदान करते हैं।
इसके अतिरिक्त विश्राम भी बहुत आवश्यक है। विश्राम के समय हमारा शरीर स्वयं को पुनः ऊर्जावान बनाता है तथा स्वस्थ करता है। इसी कारण हम प्रसन्नचित होकर आगामी दिन के लिए तैयार हो जाते हैं। अतः आयु के अनुसार प्रतिदिन निश्चित समय तक नींद लेना (शयन करना) स्वास्थ्य के लिए बहुत आवश्यक है।
सकारात्मक दृष्टिकोण और मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही आवश्यक है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, व्यक्तिगत स्वच्छता, सकारात्मक विचार एवं दयालुता मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में सहायक होते हैं। इसके साथ उन कार्यों को करना आवश्यक है जो आपको रुचिकर लगते हैं और प्रियजनों के साथ समय व्यतीत करना भी महत्त्वपूर्ण है।
इन सभी प्रयासों के अतिरिक्त मनुष्य पर्यावरणीय सहित विभिन्न कारणों से अस्वस्थ होते हैं। अतः आपको स्वयं और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए सावधानी रखना आवश्यक है। उदाहरण के लिए, समय पर टीकाकरण, संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सावधानी रखना, परिसर को स्वच्छ बनाए रखना और यह सुनिश्चित करना कि कहीं ठहरा हुआ जल न हो जहाँ मच्छर रह सकें। इसके साथ ही यह जानना भी आवश्यक है कि किससे सहायता माँगनी है और चिकित्सक को कब दिखाना है।
इस प्रकार स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कारक हैं- संतुलित और पौष्टिक आहार, शारीरिक दक्षता, निद्रा, सकारात्मक दृष्टि, मानसिक स्वास्थ्य तथा पर्यावरणीय तत्व ।
इस परियोजना में आप इन कारकों के विषय में और अधिक जान पाएँगे और यह समझ सकेंगे कि अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए क्या किया जा सकता है? आप अपने स्वास्थ्य संबंधी विवरण तैयार करेंगे और परिवार स्वास्थ्य पुस्तिका में अपनी कार्य योजना के विषय में अंकित करेंगे।
मैं क्या कर पाऊँगा/पाऊँगी?
परियोजना कार्य करने के पश्चात आप निम्नलिखित कार्यों को करने में सक्षम हो सकेंगे-
1. विभिन्न आयु समूहों के व्यक्तियों की विशिष्ट आवश्यकताओं की पहचान करने में।
2. परिवार में किसी भी स्वास्थ्य समस्या का समाधान करने में।
3.विद्यालय और घर में उपयोग के लिए प्राथमिक उपचार पेटी तैयार करने में।
4.परिवार में अच्छे स्वास्थ्य और कल्याण को बनाए रखने के लिए एक योजना विकसित करने में।
मुझे किन वस्तुओं की आवश्यकता होगी?
1. स्टेशनरी, यथा-संचिका (फोल्डर), बाँधने हेतु धागे एवं अन्य सामान, अभ्यास पुस्तिका एवं पत्रक आदि।
2. प्राथमिक उपचार सामग्री (छोटी पट्टियाँ, रूई या रूई के छोटे टुकड़े, चिकित्सा-पट्टी, कीटाणुनाशक, आवरण और दस्ताने, रोगाणु-रोधक लेप, चिकित्सक के सुझाव के अनुसार आवश्यक औषधियाँ, नमक, चीनी, ओ.आर.एस., ताप-मापक, चिमटी, कतरनी और विशेषज्ञ के सुझाव के अनुसार अन्य आवश्यक वस्तुएँ)।
मैं स्वयं और दूसरों को कैसे सुरक्षित रखूँ?
1.आपको सभी सुरक्षा निर्देशों का अनुसरण करना चाहिए तथा निर्देशानुसार साधनों व उपकरणों का उपयोग करना चाहिए।
2. चिकित्सालय या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भ्रमण के पश्चात अपने हाथों को अच्छे से धोना न भूलें। इसके साथ ही स्वयं एवं रोगियों को सुरक्षित रखने के लिए दूरी बनाए रखें और आवरण (मास्क) पहनें।
3. संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए विशेषज्ञ या अपने शिक्षक द्वारा बताए अनुसार उपयोग किए गए हाथ के दस्ताने, आवरण एवं पट्टियों का निपटान करें।
4. घायलों, छोटे विद्यार्थियों एवं वृद्धजनों के प्रति संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार रखें।
5. विविधता को स्वीकार करें- किसी मनुष्य के शरीर का आकार, कद-काठी या खान-पान का स्वाभाविकता के आधार पर आकलन न करें।
अंतर्जाल सुरक्षा - अंतर्जाल (इंटरनेट) का उपयोग करते समय अपने शिक्षक से सहायता लें। बिना परीक्षण किए कुछ भी अपलोड या डाउनलोड न करें। अपनी या किसी अन्य की व्यक्तिगत सूचना कहीं भी साझा न करें।
आरंभ करने से पहले मुझे क्या जानने की आवश्यकता है?
स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कुछ सामान्य कारकों को आप जानते हैं।
अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं अपने समूह के साथ स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कारकों पर चर्चा करें।
गतिविधि 1- स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कारक
आपके स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कुछ कारक निम्नलिखित हैं। कृपया उदाहरण दें कि वे हमें कैसे प्रभावित करते हैं? इसके अतिरिक्त यदि आपको कोई अन्य महत्त्वपूर्ण कारक लगता है तो उसे भी जोड़ें-
1. व्यक्तिगत स्वच्छता की कमी....................
2. प्रदूषण (जैसे - ध्वनि, वायु, मिट्टी, जल)................
3. अस्वच्छ वातावरण.......................
4. पौष्टिक और संतुलित आहार की कमी............
5. अकेलापन....................
6. निद्रा की कमी.................
7. व्यायाम की कमी..............
8. दूरदर्शन या मोबाइल फोन का अत्यधिक उपयोग................
9. कोई अन्य कारक जो आपके विचार में महत्त्वपूर्ण हो...............
आप किन कारकों के संदर्भ में क्या कर सकते हैं और कौन-से आपके नियंत्रण से बाहर हैं?
....................
....................
क्या आप जानते हैं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा दिए गए सुझाव निम्नलिखित हैं।
आहार और पोषण1. भोजन की आवृत्ति - दिन में नियमित स्तर पर तीन बार भोजन और नियमित अंतराल पर 1-2 पौष्टिक अल्पाहार से ऊर्जा स्तर में गिरावट को रोका जा सकता है।
2. जल-पूर्ति - पाचन, तापमान नियंत्रण एवं मानसिक ध्यान के लिए प्रतिदिन कम-से-कम 6-8 गिलास जल पीना आवश्यक है।
3.घर का बना भोजन खाएँ और प्रसंस्कृत भोजन का सेवन सीमित करें- दाल फ्राई और चावल जैसे बाहर से मँगाया गया साधारण भोजन भी पौष्टिक नहीं हो सकता है, क्योंकि आप यह सुनिश्चित नहीं कर सकते हैं कि उसमें तेल की कितनी मात्रा का उपयोग किया गया या दाल ताजी पकाई गई चिप्स, शक्कर युक्त पेय है या बासी। अतः बाहर से मँगाए गए भोजन, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ जैसे एवं तले-भुने खाद्य पदार्थों को सीमित करना स्वास्थ्य के लिए अच्छा है।निद्रा चक्र
1. निद्रा की अवधि आयु के अनुसार भिन्न-भिन्न होती है। आदर्श रूप से 6-13 वर्ष की आयु के विद्यार्थियों के लिए लगभग 9-11 घंटे की निद्रा की आवश्यकता होती है जबकि वयस्कों के लिए लगभग 8-9 घंटे की निद्रा पर्याप्त है। पाँच वर्ष से कम आयु के विद्यार्थियों को 11 घंटे से अधिक निद्रा की आवश्यकता होती है।
2. स्वस्थ शरीर की कार्यप्रणाली नियमित निद्रा चक्र (प्रतिदिन एक ही समय पर सोने जाने और जागने) से निर्धारित होती है। यह शरीर की जैविक घड़ी को नियमित करने में सहायता करता है।
3. अधिक कोलाहल, अधिक रोशनी या असुविधाजनक बिस्तर जैसी बाधाएँ निद्रा की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती हैं।
4. समय पर सोने के लिए सोने से एक घंटे पूर्व स्क्रीन टाइम, तीव्र संगीत या भारी भोजन आदि से बचें।
शारीरिक दक्षता1. दीर्घकाल तक शारीरिक गतिविधि की कमी और निष्क्रिय जीवनशैली शरीर के कार्यों पर हानिकारक प्रभाव डाल सकती है।
2. निरंतरता जीवन को सफल बनाने की कुंजी है। अतः आपको एक ऐसी शारीरिक गतिविधि का चयन करना चाहिए जो आपको रुचिकर लगे। यह योग, खेल या एक साधारण सैर भी हो सकती है।
मानसिक स्वास्थ्य संतुलनजिस प्रकार हमारा शारीरिक स्वास्थ्य अनेक कारकों से प्रभावित हो सकता है, उसी प्रकार हमारे मानसिक स्वास्थ्य के भी प्रभावित होने की संभावना है। उदाहरण के लिए, किसी सहपाठी से झगड़ा, परीक्षा का तनाव, परिवार की चिंता या कोई अन्य कारण। मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य परस्पर एक-दूसरे से संबंधित हैं और दोनों ही समान रूप से महत्त्वपूर्ण भी हैं। सहपाठियों और परिवार के साथ समय व्यतीत करना एवं खेलकूद सहित उत्पादक गतिविधियों में सम्मिलित होना मानसिक स्वास्थ्य संतुलन को बनाए रखने में सहायता करता है।
मुझे क्या करना है?
अब तक स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कारकों की पहचान कर ली है। इसके साथ ही आपने कुछ प्रश्नों पर भी ध्यान दिया होगा। जैसे-जैसे आप अपनी परियोजना पर कार्य करने में निरंतरता बनाए रखेंगे आप इन प्रश्नों के उत्तर ढूँढ़ने का प्रयास करेंगे। आप विभिन्न आयु समूहों के व्यक्तियों की आवश्यकताओं को समझेंगे और अपने आस-पास के पर्यावरणीय कारकों की पहचान करेंगे जो स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं। इसके साथ आप यह भी सीखेंगे कि प्राथमिक चिकित्सा कैसे प्रदान की जाती है और चिकित्सा देखभाल कैसे प्राप्त करें। अंत में आप स्वयं और अपने परिवार के स्वास्थ्य में सुधार करना और बनाए रखने के लिए एक कार्य योजना तैयार करेंगे। यह सभी आपकी पारिवारिक स्वास्थ्य पुस्तिका का भाग होगा।
आप अंतर्जाल (इंटननेट) पर खोज करते हुए पारिवारिक स्वास्थ्य और प्राथमिक चिकित्सा विधियों के विषय में और अधिक सूचना प्राप्त कर सकते हैं।
आप फैमिली हेल्थ (Family Health), बेसिक फर्स्ट ऐड एंड स्टेप्स (Basic First-aid and Steps), टिप्स फॉर फैमिली हेल्थ एंड वेलनेस (Tips for Family Health and Wellness), फर्स्ट-ऐड फॉर कॉमन इंजरीस (First-aid for Common Injuries) आदि की-वर्ड्स का उपयोग करके सूचना प्राप्त कर सकते हैं।
गतिविधि 2- अपने और परिवार के स्वास्थ्य संबंधी प्रश्नों का निर्माण
स्वयं और अपने परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य के संबंध में विचार करें। आपके मस्तिष्क में कौन-कौन से प्रश्न आते हैं?
इन प्रश्नों या किसी भी प्रासंगिक विचारों को अपनी पुस्तिका में लिखें। आगे अध्याय में कुछ उदाहरण दिए गए हैं, इन प्रारूप प्रश्नों में अपनी ओर से भी प्रश्न जोड़ें उत्तर लिखने के लिए स्थान छोड़ना भी स्मरण रखें।
1. मेरी चार वर्ष की छोटी बहन को बार-बार सर्दी क्यों हो जाती है?
2. यदि घर में किसी को ज्वर हो जाए तो हम उसकी देखभाल कैसे कर सकते हैं?
3. मेरे माता-पिता प्रायः ऐसा क्यों कहते हैं- "सोने से पूर्व टीवी मत देखो"।
4. मेरी दादी भोजन करने से क्यों मना करती हैं?
5.....................
.....................
6.....................
.....................
7.....................
.....................
8.....................
.....................
इनमें से कुछ प्रश्नों के उत्तर परिवार के सदस्यों, समुदाय के अन्य सदस्यों एवं शिक्षकों के पास हो सकते हैं परंतु दूसरों से उत्तर पाने के लिए आपको चिकित्सकों, नर्सों, मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं आँगनवाड़ी शिक्षकों या कार्यकर्ताओं (आशा कार्यकर्ता) जैसे विशेषज्ञों से बात करनी पड़ सकती है। आप इस परियोजना में विभिन्न गतिविधियों को करते समय इनमें से कुछ प्रश्नों का उत्तर स्वयं भी ढूँढ़ सकते हैं।
गतिविधि 3– चिकित्सालय या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भ्रमण
किसी चिकित्सालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भ्रमण करने से आपको स्वास्थ्य संबंधी कारकों की गहन समझ विकसित करने में सहायता प्राप्त होगी। आप एक स्वास्थ्य विशेषज्ञ के दैनिक कार्यों का अवलोकन कर सकेंगे।
आप यह देखिए कि वे रोगी का उपचार कैसे करते हैं? उपचार हेतु वह कौन-से उपकरणों का उपयोग करते हैं एवं रोगी की सुविधा का कैसे ध्यान रखा जाता है (चित्र 6.2)।
आप जिन विशेषज्ञों से मिलते हैं, उनसे प्राथमिक उपचार पेटी के उपयोग के संबंध में और पेटी में रखने वाली उपयोगी सामग्री और औषधियों की सूची बनाने में आपकी सहायता
करने का अनुरोध करें। इसके साथ ही लाभदायक सूचना एकत्रित करें जो भविष्य में आपकी सहायता कर सकती है (जैसे- आपातकालीन संपर्क सूत्र, आपातकालीन रोगी वाहन संपर्क सूत्र)।
आपके द्वारा पहले से ही पहचाने गए प्रश्नों के अतिरिक्त आपके द्वारा मिलने वाले चिकित्सकों और नर्सों से पूछे जाने वाले विशिष्ट प्रश्नों के उदाहरण दिए गए हैं। इसके अंतर्गत आप अपने मस्तिष्क में आने वाले अन्य प्रश्न भी जोड़ सकते हैं।
स्मरण रखें यदि इस परियोजना के समय कुछ अन्य प्रश्न भी आएँ तो तदुपरांत उन प्रश्नों से जुड़ने के लिए विशेषज्ञों से अनुमति ले सकते हैं।
भ्रमण की तिथि और समय-
स्थान-
केंद्र का प्रकार (चिकित्सालय या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या अन्य)
केंद्र का नाम
आपके द्वारा संपर्क किए गए स्वास्थ्य विशेषज्ञों का नाम-
आपातकालीन संपर्क सूत्रों के नाम-
आपातकालीन संपर्क सूत्र संख्या-
आपातकालीन रोगी वाहन के लिए संपर्क सूत्र
राष्ट्रीय आपातकालीन संपर्क सूत्र (जन रक्षक, आपातकालीन रोगी वाहन, अग्निशमन) 112
एम्बुलेंस राष्ट्रीय संपर्क सूत्र -108
कोई अन्य अवलोकन
अपनी स्वास्थ्य पुस्तिका के लिए चिकित्सालय का भ्रमण करने के पश्चात निम्नलिखित सूचना लिखें।
1. आपके केंद्र पर कौन-कौन सी सुविधाएँ उपलब्ध हैं?
.......................
.......................
2. रोगियों को कौन-सी सेवाएँ प्रदान की जाती हैं (जैसे- टीकाकरण, बाह्य रोगी चिकित्सा, निदान, चिकित्सालय में चिकित्सा एवं विशेष चिकित्सा)?
.......................
.......................
3. हमारे क्षेत्र में कौन-कौन से सामान्य रोग होते हैं? हम उन्हें कैसे रोक सकते हैं?
.......................
.......................
4. हमें आपातकाल में क्या करना चाहिए? दुर्घटना होने पर हमें क्या करना चाहिए?
.......................
.......................
5. रोगी से क्या शुल्क लिया जाता है? पर्ची कैसे बनाई जाती है? भुगतान कैसे किया जाता है? क्या अन्य कोई लाभ दिया जाता है (जैसे- वरिष्ठ नागरिकों और सैन्य कर्मियों के लिए)?
.......................
.......................
6. आप कैसे सुनिश्चित करते हैं कि किसी को चिकित्सा सहायता की आवश्यकता है या हम घर पर ही इसका प्रबंध कर सकते हैं?
.......................
.......................
7. यदि कोई रात्रि में या छुट्टी के दिन बीमार हों तो हमें क्या करना चाहिए?
.......................
.......................
8. औषधि लेते समय किन सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए?
.......................
.......................
गतिविधि 4 - प्राथमिक उपचार पेटी बनाना
जब आप प्राथमिक चिकित्सा केंद्र में प्राथमिक उपचार पेटी के उपयोग को देख और समझ लेते हैं तो आप इसे विद्यालय में स्वयं बना सकते हैं। हमारे दैनिक जीवन में प्रायः छोटी-छोटी चोट, दुर्घटनाएँ, घाव एवं साधारण रोग होते रहते हैं। अतः एक प्राथमिक उपचार पेटी चिकित्सा सहायता प्रदान कर सकती है। यह आपात स्थिति के लिए मूलभूत औषधियों से लैस होती है। आपको अपनी आपातकालीन सुरक्षा योजना के एक भाग के रूप में अपने घर पर भी एक प्राथमिक उपचार पेटी रखनी चाहिए।
आप जिन प्राथमिक उपचार गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं वह निम्नलिखित हैं-
1. छोटे घावों के लिए पट्टी बाँधना (चित्र 6.3)।
2. मामूली जलन (जल जाने पर) के लिए प्राथमिक चिकित्सा (चित्र 6.4)।
3. निर्जलीकरण के समय ओ.आर.एस. घोल तैयार करना (चित्र 6.5)1
याद रखें प्राथमिक उपचार केवल आपातकालीन उपचार होता है, जब तक कि रोगी को चिकित्सक के पास न ले जाया जाए।
प्राथमिक उपचार पेटी बनाने के लिए आप अपने विद्यालय में एक कार्यशाला आयोजित कर सकते हैं। कार्यशाला का संचालन किसी विशेषज्ञ द्वारा किया जाना चाहिए जो स्वास्थ्य विशेषज्ञ, शिक्षक या अभिभावक कोई भी हो सकता है।
यह प्रारूप आपको कार्यशाला आयोजित करने में सहायता करेगा।
कार्यशाला की अवधि......................
प्रतिभागी ..............................
संचालक (विशेषज्ञ कोई भी व्यक्ति हो सकता है जिसे प्राथमिक चिकित्सा की समझ हो)....................
आवश्यक सामग्री1. साधारण रोगों के चिकित्सा के लिए प्राथमिक उपचार पेटी के महत्त्व पर चर्चा करना।
2. प्राथमिक उपचार पेटी के घटकों को ज्ञात करना यह सुनिश्चित करें कि विद्यालय प्राथमिक उपचार पेटी में क्या-क्या वस्तुएँ सम्मिलित की जा सकती हैं। विद्यालय परिसर में लगने वाली संभावित चोटों और स्वास्थ्य समस्याओं पर विचार-विमर्श करें और इसके लिए आवश्यक घटकों की पहचान करें।
3. प्राथमिक उपचार पेटी की वस्तुओं को व्यवस्थित करना और उन पर पहचान चिह्न लगाना।
4. प्राथमिक उपचार पेटी बनाना- आपके द्वारा चयनित की गई वस्तुओं को एक चौड़ी धातु की पेटी या छोटे थैली में रखा जाना चाहिए। आप गत्ता का उपयोग करके पेटी को दो या दो से अधिक भागों में विभाजित कर सकते हैं या चिकित्सा वस्तुओं को छोटे बक्से या थैली में रख सकते हैं जिससे आवश्यकता पड़ने पर आप उन्हें सहजता से ढूँढ़ सकें। ध्यान रखिए कि इस डिब्बे या थैली पर 'प्राथमिक उपचार पेटी' पहचान चिह्न अवश्य लगा होना चाहिए।
5. प्रदर्शन और अभ्यास का उपयोग जब विशेषज्ञ मूल प्रक्रियाओं की प्रस्तुति करें, जैसे- चोट पर पट्टियाँ लगाना, मामूली जलन, निर्जलीकरण, ताप आदि का उपचार करने के लिए नोट्स बनाएँ। साथ ही विशेषज्ञ की सहायता से एक बार अभ्यास करें।
6. यह सुनिश्चित करना कि प्राथमिक उपचार पेटी कहाँ रखें- प्राथमिक उपचार पेटी को विद्यालय-परिसर में सहजता से सुलभ स्थान पर रखा जाना चाहिए परंतु ध्यान रहें कि छोटे विद्यार्थियों की पहुँच से बाहर हो।
चित्र 6.6 में प्राथमिक उपचार पेटी के वस्तुओं को दर्शाया गया है। आपको क्या लगता है कि इसके अतिरिक्त और क्या आवश्यक हो सकता है?
यद्यपि हमारे सर्वोत्तम प्रयास होने के पश्चात भी आपात स्थितियाँ हो सकती हैं परंतु कुछ रोगों को 'निवारक उपायों' द्वारा टाला जा सकता है। इसका अर्थ यह है कि पोषण और आहार, निद्रा, शारीरिक दक्षता, मानसिक विकास एवं पर्यावरण को सुनिश्चित करने के लिए सावधानी रखनी चाहिए जिससे लोग स्वस्थ रहें। ऐसा करने के लिए आपको विभिन्न आयु वर्ग के व्यक्तियों की आवश्यकताओं को समझना चाहिए।
गतिविधि 5 - विभिन्न आयु वर्गों में स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कारक
विभिन्न आयु में लोगों की भिन्न-भिन्न आवश्यकताएँ होती हैं। आपने देखा होगा कि शिशु खाद्य और पेय पदार्थ ग्रहण करते हैं और बहुत सोते हैं। इसके साथ ही वृद्धजनों को मध्याह्न में विश्राम करना अच्छा लगता है। अपने परिवार के सदस्यों की विशिष्ट आवश्यकताओं को पहचानने के लिए आपको विभिन्न आयु में स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कारकों को समझना आवश्यक है।
प्रत्येक परिवार भिन्न होता है, जैसे- कुछ परिवारों में माता-पिता और उनके एक या उससे अधिक बच्चे होते हैं, कुछ संयुक्त परिवार होते हैं जिनमें अनेक पीढ़ियाँ एक ही घर में रहती हैं, कुछ में केवल एक अभिभावक और एक बच्चा होता है। इस प्रकार प्रत्येक परिवार में विभिन्न प्रकार की विविधताएँ हो सकती हैं। यद्यपि हम सभी में से अधिकांश लोगों के विस्तारित परिवारों में सभी आयु वर्ग के सदस्य होंगे या भिन्न-भिन्न आयु के पारिवारिक मित्र होंगे।
इसी बिंदु को ध्यान में रखते हुए दिए गए आयु समूहों के लिए मूल स्वास्थ्य आँकडे और दैनिक दिनचर्या से संबंधित कुछ अवलोकन एकत्रित करें और उनका प्रलेखन करें - (क) 5 वर्ष से कम, (ख) 6-18 वर्ष, (ग) 19-30 वर्ष, (घ) 31-45 वर्ष, (ङ) 46-60 वर्ष, (च) 60 वर्ष से अधिक।
यदि आपके परिवार में इनमें से किसी भी आयु वर्ग का कोई सदस्य नहीं है तो भी आप किसी संबंधी या पड़ोसी या सहपाठी से सूचना एकत्र कर सकते हैं। आप अपनी पुस्तिका में प्रत्येक सदस्य के लिए 3-4 पृष्ठों या आवश्यकतानुसार प्रत्येक आयु वर्ग के लिए भिन्न-भिन्न अनुभाग बना सकते हैं। आप जो प्रश्न पूछ सकते हैं, उनके कुछ उदाहरण तालिका 6.1 में उल्लेखित हैं। आप अपनी आवश्यकता के अनुसार इन प्रश्नों में कुछ और प्रश्न भी जोड़ सकते हैं।
सभी प्रश्न किसी विशेष व्यक्ति के लिए प्रासंगिक नहीं हो सकते हैं, अतः आप उन्हें छोड़ सकते हैं। 5 वर्ष से कम आयु वर्ग के विद्यार्थियों के लिए उनके माता-पिता से बात करने के पश्चात सूचना अंकित करें।
तालिका 6.1-मूल संगृहीत स्वास्थ्य आँकडों का सारणीकरण
| नाम | -------- |
|---|---|
| विद्यार्थी के साथ संबंध | |
| लिंग | |
| आयु |
| श्रेणी | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| आहार और पोषण | आप दिन में कितनी बार भोजन करते हैं? | 1/2/3/अधिक |
| आप प्रायः कितनी बार फल और सब्जियाँ ग्रहण करते हैं? | दैनिक/सप्ताह में 3-4 बार/सप्ताह में 0-2 बार | |
| क्या आप अपने भोजन में दाल और अनाज को सम्मिलित करते हैं? | हाँ/नहीं | |
| क्या आप अपने भोजन में दुग्ध उत्पाद या माँस को समाहित करते हैं? | हाँ/नहीं | |
| आप कितनी बार अपौष्टिक खाद्य (जंक फूड) जैसे- चिप्स, और मीठे या शीतल पेय लेते हैं? | दैनिक/साप्ताहिक/कभी-कभी | |
| क्या आप प्रतिदिन जल की पर्याप्त मात्रा ग्रहण करते हैं? (लगभग कितने गिलास जल पीते हैं)? | हाँ/नहीं | |
| शारीरिक स्वास्थ्य | क्या आप किसी प्रकार की शारीरिक गतिविधियाँ या व्यायाम करते हैं? | |
| यदि हाँ, तो आप किस प्रकार के व्यायाम करते हैं? (जैसे- पैदल चलना, योग, खेल) | ||
| आप सप्ताह में कितने दिन व्यायाम करते हैं? | ||
| निद्रा चक्र | आप प्रतिदिन औसतन कितने घंटे की नींद लेते हैं? | |
| साधारणतः आप कितने बजे सोते हैं और जागते हैं? | ||
| क्या आप दिन में झपकी लेते हैं? यदि हाँ, तो कितने समय तक? | ||
| क्या आप निद्रा से पूर्व इलेक्ट्रॉनिक उपकरण (टेलीविजन, फोन, संगणक) का उपयोग करते हैं? यदि हाँ, तो सोने से कितने समय पूर्व करते हैं? | ||
| क्या निद्रा स्थल (स्लीपिंग एरिया) शांत और आरामदायक है? | हाँ/नहीं | |
| मानसिक स्वास्थ्य संतुलन | आप प्रायः कितनी बार तनावग्रस्त या चिंतित अनुभव करते हैं? | सदैव/कभी-कभी कभी नहीं |
| आप विश्रान्ति (relax) के लिए क्या करते हैं? (जैसे- किसी से बात करना, संगीत सुनना, व्यायाम करना आदि) | ||
| आपकी रुचियाँ क्या हैं? या ऐसी कोई गतिविधियाँ हैं जिनका आप आनंद लेते हैं? यदि हाँ तो कृपया उल्लेख करें। | ||
| क्या आप अपने परिवार और सहपाठियों से आवश्यकता होने पर सहायता माँगते हैं? | सदैव/कभी-कभी/कम ही | |
| आप कितनी बार विश्रान्ति या ध्यान करते हैं? | दैनिक/कभी-कभी/कभी नहीं | |
| क्या आपकी कोई विशेष स्वास्थ्य आवश्यकताएँ हैं? (जैसे- टीकाकरण की आवश्यकता, किसी ऐसी स्थिति जिसके लिए नियमित औषधि की आवश्यकता हो, चिकित्सक का कोई विशेष सुझाव) | ||
| कोई अन्य प्रासंगिक सूचना? | ||
दिए गए प्रश्न आहार और पोषण, शारीरिक संतुलन, निद्रा और मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित हैं। हालाँकि, पर्यावरणीय कारक भी स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अपने आस-पास के वातावरण का अवलोकन करें और तालिका 6.2 में दिए गए प्रश्नों के उत्तर दें।
तालिका 6.2- पर्यावरणीय कारकों से संबंधित प्रश्न| पर्यावरण | क्या आपके घर के निकटतम खुली नाली है? क्या कहीं जल सग्रहित होता है? |
|
|---|---|---|
| क्या कोई ऐसा स्थान है जहाँ ठहरा हुआ जल मच्छरों का प्रजनन स्थल बन सकता है? | ||
| क्या आपके घर के समीप समय पर अपशिष्ट संग्रहण होता है? | ||
| आपके पड़ोस में किसी नदी या अन्य जलस्रोत की स्थिति कैसी है? | ||
| क्या आपके घर के समीप औद्योगिक अपशिष्ट का निपटान स्थल है? | ||
| आपके घर में वायु की गुणवत्ता कैसी है? (प्रदूषण/धुआँ/औद्योगिक निकास आदि) | ||
| क्या आपके घर के समीप किसी ध्वनि प्रदूषण का स्रोत है? |
प्रदूषण के विषय पर डाटा एकत्र करने के लिए टैबलेट या स्मार्टफोन का उपयोग करना
ध्वनि को डेसिबल (डीबी) में मापा जाता है। 85 डेसिबल से ऊपर की ध्वनि मनुष्यों के लिए हानिकारक मानी जाती है।
आप टैबलेट या स्मार्टफोन पर ऐप का उपयोग करके ध्वनि प्रदूषण को माप सकते हैं। 'नॉइस मेजरिंग ऐप' (Noise Measuring App) की-वर्ड्स का प्रयोग करके ऐप की खोज कर सकते हैं।
आप भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आई.एम.डी.) द्वारा प्रबंधित पर्यावरण निगरानी सेवा की MAUSAM वेबसाइट पर अपने भौगोलिक चिह्नांकन स्थान का वायु गुणवत्ता सूचकांक (ए.क्यू.आई.) का पता लगा सकते हैं।
अब आपके पास परिवार के सदस्यों के सर्वेक्षण से प्राप्त डाटा उपलब्ध है। इसके साथ ही पर्यावरण संबंधी अवलोकन भी आपके पास हैं। इस डाटा का विश्लेषण करने से आपको अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए एक कार्य योजना बनाने में सहायता प्राप्त होगी।
क्या आप जानते हैं?
पीने योग्य जल की गुणवत्ता का परीक्षण
अच्छे स्वास्थ्य के लिए स्वच्छ पेयजल की आवश्यकता होती है। दूषित जल से अतिसार, हैजा, आंत्रज्वर (टाइफाइड) और अन्य दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याएँ हो सकती हैं। जल की गुणवत्ता के स्तर की जाँच यह सुनिश्चित करने में सहायता करती है कि यह जल पीने के लिए सुरक्षित है जिससे आपका परिवार हानिकारक रोगों से सुरक्षित रह सकता है।
यह परीक्षण करना बहुत सरल है कि जल पीने योग्य है या नहीं। H2S स्ट्रिप परीक्षण पेटी जल में जीवाणु के संदूषण का परीक्षण करने के लिए उपयोग की जाने वाली एक सरल विधि है।
H2S स्ट्रिप परीक्षण पेटी का उपयोग करना- 1. जल के प्रतिदर्श (सैंपल) को काँचपात्र में दिए गए चिह्न (20 मिली) तक डालें।
- 2. काँचपात्र का ढक्कन लगाकर अच्छी प्रकार से मिलाएँ। जल का रंग परिवर्तित होकर सुनहरा भूरा हो जाएगा।
- 3. इस काँचपात्र को कमरे के तापमान (लगभग 25-35°C) पर रखें। कम तापमान होने पर काँचपात्र को गर्म वस्त्र में लपेटकर किसी गर्म स्थान पर रखना चाहिए।
- 4. काँचपात्र को 24-28 घंटे तक न हिलाएँ।
- 5. अब प्रतिदर्श के रंग का अवलोकन करें (चित्र 6.7)।
- 1. यदि रंग कोई परिवर्तन नहीं होता है और जल का रंग सुनहरा भूरा रहता है तो यह जल पीने के लिए सुरक्षित है।
- 2. यदि जल का रंग काला हो जाता है तो जल हानिकारक जीवाणु से दूषित है और पीने के लिए सुरक्षित नहीं है।
जल के प्रतिदर्श का स्रोत.............
परीक्षण की तिथि...........
परिणाम की तिथि (परीक्षण के 24-48 घंटे पश्चात).........
काँचपात्र में जल का रंग....................
जल पीने के लिए सुरक्षित है। हाँ/नहीं...............
यदि आपको लगता है कि जल पीने योग्य नहीं है तो उसका उपयोग करने वाले व्यक्तियों को संभावित संकट के विषय में सूचित करें। उदाहरण के लिए, आप एक प्रदर्श-पत्र (पोस्टर) बनाकर उसे जलस्रोत के समीप स्थापित कर सकते हैं।
अपने शिक्षक और परिवार के बड़े सदस्यों के साथ परिणामों पर चर्चा करें और समझें कि जल को पीने से पूर्व कैसे शुद्ध किया जा सकता है।
गतिविधि 6- सर्वेक्षण से प्राप्त परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य संबंधी डाटा का विश्लेषण
आपके समीप प्रत्येक परिवार के सदस्य के लिए विभिन्न कारकों से संबंधित जो डाटा है उसका विश्लेषण करें। इससे आपको यह समझने में सहायता मिलेगी कि उनकी आवश्यकताएँ क्या हैं। आप इस विश्लेषण के आधार पर तालिका 6.3 में विवरण अंकित कर सकते हैं।
तालिका 6.3- परिवार के सदस्यों का स्वास्थ्य संबंधी डाटा| स्वास्थ्य विश्लेषण सारांश | |||
|---|---|---|---|
| नाम | आयु | ||
| कारक | क्या यह किसी चिंता का कारण है? | इस समस्या का समाधान कौन कर सकता/सकती है? | इस पर कार्यवाही करने का उत्तरदायित्व किसका है? (समाज, स्वयं, चिकित्सक, परिवार के सदस्य, अन्य) |
| आहार और पोषण | |||
| शारीरिक स्वास्थ्य | |||
| निद्रा चक्र | |||
| मानसिक स्वास्थ्य संतुलन | |||
| पर्यावरण | |||
आप विश्लेषण करते समय वरिष्ठ लोगों (जैसे- ध्वनि प्रदूषण के कारण निद्रा की कमी), शिशुओं (जैसे - विशेष प्रकार का भोजन तैयार करना) और दिव्यांग या अति विशिष्ट व्यक्तियों की विशिष्ट आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखें।
गतिविधि 7- अपने और परिवार के स्वास्थ्य में सुधार की योजना बनाना
आपने पर्यावरण में कुछ वस्तुओं की अनुपस्थिति और उपस्थिति को देखा होगा। यह जानने का प्रयास करें कि किन कार्यों को करने की आवश्यकता है और उन्हें कौन करेगा? उदाहरण के लिए, आप आस-पास के क्षेत्रों में मच्छरों को समाप्त करने के लिए क्या कर सकते हैं? क्या आप स्वच्छता अभियान प्रारंभ करेंगे? या इस समस्या को संबंधित नगरपालिका प्राधिकरण तक पहुँचाने के लिए बड़ों का सहयोग लेंगे?
तालिका 6.4 को अपने विश्लेषण के आधार पर भरें।
तालिका 6.4- निवारक स्वास्थ्य सेवा कार्यवाही| क्र.सं. | कौन-से पर्यवेक्षण आपको चिंता में डालते हैं? | इसकी देखरेख का उत्तरदायित्व किसका है? | आप उन्हें कैसे सूचित करेंगे? | क्या आप कुछ कर सकते हैं? यदि हाँ तो क्या? |
|---|---|---|---|---|
शोषक गर्त
ठहरा हुआ जल मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल होता है। अतः रसोई या धुलाई क्षेत्रों के निकटतम अतिरिक्त जल को सोखने के लिए शोषक गर्त बनाया जाता है। एक शोषक गर्त बोरवेल या कुएँ या अन्य जलस्रोत से कम से कम 5 मीटर की दूरी पर और इमारतों से भी 5 मीटर की दूरी पर बनाया जाना चाहिए (चित्र 6.8)।
शोषक गर्त बनाने के लिए निम्नलिखित चरणों का अनुसरण करें (चित्र 6.9)
- 1. 1 मीटर × 1 मीटर × 1 मीटर का गड्ढा खोदें जहाँ अतिरिक्त जल छोड़ा जाना है।
- 2. रेत और ईंट की क्रमशः 20 सेंटीमीटर की परतें बनाएँ।
- 3. इसके पश्चात परतों के ऊपर रेत की 10 सेंटीमीटर मोटी परत बनाएँ।
- 4. अतिरिक्त जल को शोषक गर्त तक ले जाने की व्यवस्था करें।
आप गड्ढे में एक पुराना ड्रम भी रख सकते हैं। इसमें छेद करें और ऊपर दिए गए निर्देशों के अनुसार ड्रम के अंदर परतें बनाएँ (चित्र 6.9)।
यह शोषक गर्त स्थिर जल को रोकेगा और इस प्रकार मच्छरों के प्रजनन को भी रोकेगा।
अपने समूह के सदस्यों से डाटा के विश्लेषण पर चर्चा करें। इस चर्चा के आधार पर विद्यालय में और उसके आस-पास के पर्यावरणीय कारकों के कारण होने वाले रोगों की रोकथाम हेतु आपकी कक्षा द्वारा किए जाने वाले सबसे महत्त्वपूर्ण उपायों को लिखें।
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गतिविधि 8– पर्यावरण को हानि पहुँचाने वाले कार्यों की रोकथाम
निदान की अपेक्षा रोकथाम सदैव बेहतर होती है तो अब तक की गतिविधियों के आधार पर स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए आप प्रत्येक कारक से संबंधित किस प्रकार के उपाय करेंगे?
अपने परिवार के साथ अपनाए जाने वाले प्रमुख कार्यों पर विचार करें।
1. पौष्टिक आहार (जैसे- घर का बना भोजन, चिप्स और डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ जैसे-अपौष्टिक खाद्य (जंक फूड) से बचें)
(क)...............................
(ख)...............................
(ग)...............................
2. निद्रा (जैसे - एक ही समय पर निद्रा लेना, निद्रा से पूर्व मोबाइल जैसे उपकरणों से बचना)
(क)...............................
(ख)...............................
(ग)...............................
3. शारीरिक सुदृढ़ता (जैसे- सहपाठियों और परिवार के साथ योग करना).
(क)...............................
(ख)...............................
(ग)...............................
4. मानसिक स्वास्थ्य (जैसे- रात में एक साथ भोजन, परिवार और सहपाठियों के साथ खेल खेलना).
(क)...............................
(ख)...............................
(ग)...............................
5. पर्यावरण (जैसे- मच्छरदानी का उपयोग करना, अपशिष्ट का निपटान करना).
(क)...............................
(ख)...............................
(ग)...............................
6. क्या कोई विशेष आवश्यकताएँ पूरी की जानी हैं?
(क)...............................
(ख)...............................
(ग)...............................
क्या आप जानते हैं?
मलेरिया हमारे देश की प्रमुख स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। यह संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से होता है। यद्यपि मलेरिया से बचाव का एक सरल उपाय है- मच्छरदानी का उपयोग। इसके उपयोग से मच्छरों के काटने से बचाव होता है और मलेरिया के केस में कमी आती है।
नियमित रूप से किए गए प्रयासों के फलस्वरूप परिणाम अवश्य आते हैं। वह पाँच मुख्य क्रियाएँ बताएँ जो आप करेंगे। तालिका 6.5 में दी गई रूपरेखा का उपयोग करते हुए उन्हें मासिक रूप से प्रविष्ट करें।
तालिका 6.5- स्वस्थ जीवन हेतु अपनाई गई क्रियाओं का विवरण| कार्य विवरण (माह | ||||
|---|---|---|---|---|
| दिनांक/ प्रमुख कार्य | रात 9:30 बजे सोना | एक साथ रात का भोजन करना | योग करना | |
हमारे पूर्वज स्वास्थ्य के महत्त्व को भली-भाँति समझते थे। बृहदारण्यक उपनिषद के एक श्लोक में कहा गया है-
ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः।सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत ।।
इसका अनुवाद इस प्रकार है-
सभी प्राणियों को शांति मिले
किसी को रोग न हो
जो शुभ है उसे सभी देखें, किसी को कष्ट न हो।
स्वयं को और आपने परिवार को सुरक्षित रखने के लिए परिवार स्वास्थ्य पुस्तिका का बुद्धिमानी से उपयोग करें।
मैंने दूसरों से क्या सीखा?
1. स्वास्थ्य केंद्र भ्रमण के समय और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के साथ वार्तालाप से आपने कौन-सी दो सबसे महत्त्वपूर्ण बातें सीखीं?
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2. साधरणतः हम भली-भाँति जानते हैं कि हमें क्या करना है और फिर भी हम इसका अभ्यास नहीं करते हैं। उदाहरण के लिए, हम सभी जानते हैं कि व्यायाम महत्त्वपूर्ण है परंतु हम इसे छोड़ देते हैं। आपको क्या लगता है इसका कारण क्या है? इसे परिवर्तित करने के लिए क्या किया जा सकता है?
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मैंने क्या कार्य किया और इसमें कितना समय लगा?
यह समझना महत्त्वपूर्ण है कि किसी गतिविधि को पूर्ण करने में कितना समय लगता है?
प्रत्येक गतिविधि को क्रियान्वित करने में आपने कितना समय व्यतीत किया, इसका आकलन अवश्य कीजिए। इसे आगे दी गई समयावधि पर चिह्नित कीजिए।
यदि आपने पुस्तिका में सुझाई गई गतिविधियों से अधिक गतिविधियाँ की हैं तो कृपया उनकी संख्या और उसमें लगा समय जोड़िए।
मैं और क्या कर सकता/सकती हूँ?
- 1. स्वास्थ्य से संबंधित आवश्यकताओं में 'अपशिष्ट' भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उदाहरण के लिए, शिशुओं के डाइपर्स, बुजुर्गों के डाइपर्स, अनुपयोगी या उपयोग तिथि समाप्त हो चुकी औषधियाँ आदि। क्या आपने कभी सोचा है कि इस अपशिष्ट का निपटान कैसे किया जाता है? अपने घर और विद्यालय में ऐसे अपशिष्ट के निपटान की एक योजना बनाकर लिखें।
- 2. स्थानीय स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सहायता से अपने समुदाय में विभिन्न आयु के विद्यार्थियों के टीकाकरण की योजना बनाएँ। आप भी पोलियो टीकाकरण अभियान में भाग लें।
- 3. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा प्रबंधित ऑनलाइन पोर्टल ई-संजीवनी की दूरस्थ या दूरसंचार चिकित्सा (टेलीमेडिसन) सेवा सुविधा का पता लगाएँ। इसके साथ ही पता लगाएँ कि इस सुविधा का उपयोग चिकित्सक से परामर्श लेने के लिए कैसे किया जा सकता है?
सोचिए और उत्तर दीजिए
1. दी गई गतिविधियों को करने में आपको क्या आनंद आया?
2. आपने किन-किन चुनौतियों का सामना किया?
3. अगली बार आप क्या भिन्न करना चाहेंगे?
4. आपके अनुसार पेयजल कैसे प्रदूषित होता है और आप यह कैसे सुनिश्चित करेंगे कि यह पीने के लिए सुरक्षित है?
5. आपने जो कार्य किया है उससे संबंधित कुछ रोजगार के उदाहरण दें। यथा-चिकित्सक, नर्स, आशा कार्यकर्ता, आँगनवाड़ी कार्यकर्ता, सलाहकार। क्या आप स्वास्थ्य से संबंधित कोई अन्य प्रकार के कार्य के संबंध में विचार कर सकते हैं? आस-पास के लोगों से बात करें और अपना उत्तर लिखें।