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संगीत, भाव और रचनात्मकता

संगीत विभिन्न भावों (रसों) को व्यक्त करता है। जब आप गाते हैं या संगीत बजाते हैं तो आप एक भावना या भाव व्यक्त कर रहे होते हैं। भारतीय प्रदर्शन कलाओं में, भावों को ही रस कहा जाता है। यह भाव कलाकारों और दर्शक, दोनों द्वारा एक साथ अनुभव किया जाता है। यह भाव ही है जो कलाकारों और दर्शकों को जोड़ता है। इसलिए, सदैव उत्साह और भाव के साथ गीत गाना स्मरण रखें।

आइए, हम संगीत के विभिन्न रूपों और उनके द्वारा अभिव्यक्त रस को सीखने की इस यात्रा को निरंतर रखें।img
नंदिकेश्वर द्वारा लिखित अभिनय दर्पण में कहा गया है, 'सभा कल्पतरु भाति' जिसका अर्थ है, दर्शक एक वृक्ष की तरह है जो आपकी आंतरिक इच्छाओं को पूरा करता है। यद्यपि यह नृत्य के संदर्भ में लिखा गया है, परंतु यह सभी कला रूपों पर लागू होता है।

भक्ति संगीत

लोग विभिन्न तरह से प्रार्थना करते हैं। संगीत लोगों को भक्ति की भावना व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है। लोग प्रायः समूहों में एक साथ आते हैं एवं विभिन्न प्रकार के शब्दों, धुनों और लय का उपयोग करके गायन की विभिन्न शैलियों में भक्ति गीत गाते हैं। आइए, समझे कि जब हम कोई भक्ति गीत गाते हैं तो शब्द, धुन एवं लय कैसे एक साथ आते हैं। यहाँ कुछ उदाहरण दिए गए हैं। शबद - शबद सिख धर्म की संगीतमय प्रार्थनाएँ हैं और गुरुद्वारे में गाई जाती हैं। आइए, हम यह गीत सीखें। कोई बोले राम राम, कोई खुदाए।
कोई सेवै गुसइयाँ कोई अल्लाहए।।
कोई नावे तीर्थ, कोई हज जाए।
कारण करन करीम।
कृपा धर रहीम ।।1।।
कोई करे पूजा, कोई सिर नवाए ।।2।।
कोई पढ़े बैद कोई कतैब ।।
कोई औढ़े नील, कोई सुपैद ॥3॥
कोई कहै तुरक, कोई कहे हिंदू,
कोई बांचै बिस्त, कोई सीर बिंदु ।।4।।
कहै नानक जिन हुकम पछाता
प्रभु साहिब का तिन भेद न जाता ।।5।।
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अर्थ

हम विभिन्न नामों से प्रार्थना करते हैं, जैसे- राम, गुरु, अल्लाह आदि, इसका उद्देश्य हमें इतनी सुंदर दुनिया देने के लिए सर्वशक्तिमान को धन्यवाद देना है।

उर्दू गीत

यह उर्दू में एक भक्ति और देशभक्ति गीत है।

लब पे आती है दुआ बन के तमन्ना

मेरी ज़िंदगी शम्मा की सूरत हो खुदाया मेरी
लब पे आती है दुआ बन के तमन्ना मेरी
हो मेरे दम से यूँ ही मेरे वतन की ज़ीनत
जिस तरह फूल से होती है चमन की ज़ीनत
ज़िंदगी हो मेरे परवाने की सूरत या रब
इल्म की शम्मा से हो मुझको मुहब्बत या रब
हो मेरा काम गरीबों की हिमायत करना
दर्दमंदों से ज़ईफों से मुहब्बत करना
मेरे अल्लाह बुराई से बचाना मुझको
नेक जो रहा हो उस राह पे चलाना मुझको

अर्थ

मैं अपने होठों पर शब्दों के साथ हृदय में एक कामना करता हूँ कि जीवन सभी के लिए एक मार्गदर्शक प्रकाश की तरह चमकता रहे। मेरा काम ऐसा हो कि कुछ लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने की सामर्थ्य रख सके, जैसे फूल प्रकृति में सुंदरता लाते हैं। मेरे कर्तव्य दूसरों के जीवन को उत्तम बनाने में सक्षम हों। जीवन को देखभाल और करुणा से चिह्नित करूँ और मेरा उद्देश्य मेरे साथियों को आशा की किरण प्रदान करना हो।img
गतिविधि 6.1
आपने जो भक्ति गीत सीखा है, उसके बारे में विचार कीजिए-
  • आपने जो गीत गाया है उसमें क्या भाव है?
  • यह किस भाषा में गाया जाता है?
  • गीत के महत्वपूर्ण शब्दों को नोट कीजिए और उनका अर्थ समझिए। यह किसी भाषा में अपनी शब्दावली बढ़ाने की एक उत्तम विधि है।
शिक्षकों के लिए निर्देश- विद्यार्थी एक या दोनों गीत सीख सकते हैं या फिर अपनी संस्कृति अथवा आस्था से भक्ति गीत चुनिए।

रचनात्मकता एवं कथा-कथन

गतिविधि 6.2 - संगीत के माध्यम से चित्रकारी को समझना
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अपनी बाईं ओर के चित्र को देखिए-
  • इसे ध्यान से देखिए। इस चित्रकारी की शैली के आधार पर क्या आप पहचान सकते हैं कि यह किस राज्य या क्षेत्र की है?
  • दो पंक्तियाँ बनाएँ जो एक-एक करके प्लेटों का वर्णन करें। यह आपकी मूल भाषा में हो सकता है। पंक्तियाँ लयबद्ध होनी चाहिए, गाना गाने में सरलता होनी चाहिए। उदाहरण के लिए, “देखो देखो सखी द्वार पे सज संवार के कौन खड़ा"
  • इसे समूह में गाएँ और अगली प्लेट का अवलोकन करें। दृश्य छवियों के अनुसार पंक्तियाँ बनाना निरंतर रखें और पूरी रचना गाएँ।
  • आप समूहों में काम कर सकते हैं, जैसे-जैसे आप किसी विशेष धुन और लय में पंक्तियाँ बनाते और गाते हैं, आपको यह अभ्यास रोचक लगेगा। पूरी प्रक्रिया को रिकॉर्ड करें एवं उसका दस्तावेजीकरण करें, तब आप समझ पाएँगे कि कैसे शब्द और संगीत मिलकर भावों को जगाते हैं।
शिक्षकों के लिए निर्देश-
  • यह चित्रकारी एक संदर्भ के रूप में उपलब्ध कराई गई है।
  • आप अपनी पसंद या अपने क्षेत्र से कोई भी चित्रकला का चयन कर सकते हैं।
  • इस गतिविधि में चित्रकला के विषय को जानने के लिए संगीत का उपयोग करें।
  • विभिन्न संग्रहालयों में प्रदर्शित कुछ रागमाला चित्रकलाओं को देखने का प्रयास करें।
गतिविधि 6.3 संगीतमय कथा
  • अपनी सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक के इतिहास भाग से कोई विषय चुनिए। यहाँ कुछ विकल्प दिए गए हैं-
    • चंद्रगुप्त मौर्य एवं कौटिल्य।
    • प्रभावती गुप्त ।
    • चंद्रगुप्त द्वितीय, विक्रमादित्य एवं उनके नवरत्न।
    • पृथ्वीराज चौहान।
  • घटना का वर्णन करने वाला एक अनुच्छेद लिखिए।
  • घटना को चित्रित करने के लिए एक चित्र बनाइए।
  • अपनी पसंद की किसी भी भाषा का उपयोग करते हुए कुछ वाक्यों में दृश्य का वर्णन कीजिए।
  • अपनी पसंद की धुन में अपनी लिखी हुई पंक्तियाँ गाएँ। अद्भुत ! इसी प्रकार संगीतिक एवं संगीतमय कथा रची जाती है।
  • भारत में संगीतमय कथा कहने के बहुत-से ऐसे रूप हैं जिनमें पोवाड़ा, कावड़ कथा, आल्हा ऊदल और अन्य सम्मिलित हैं। आप इनके विषय में और अधिक शोध पढ़ सकते हैं।
  • इसे उन अन्य कला रूपों से जोड़िए, जिन्हें आप सीख रहे हैं एवं अपने अनुभव साझा कीजिए।
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शिक्षकों के लिए निर्देश- कला एकीकरण शैक्षणिक दृष्टिकोण से एक अंतर-पाठ्यचर्या है जो विषयों में अवधारणाओं को सीखने के आधार के रूप में कला और संस्कृति के विभिन्न पहलुओं और रूपों का उपयोग करता है। अनुभवात्मक सीखने पर बल देने के एक भाग के रूप में कला-एकीकृत शिक्षा को न केवल आनंदमय कक्षाएँ बनाने के लिए, अपितु प्रत्येक स्तर पर शिक्षण और सीखने की प्रक्रिया में भारतीय कला और संस्कृति के एकीकरण के माध्यम से भारतीय लोकाचार को आत्मसात करने के लिए कक्षा के लेन-देन में सम्मिलित किया जाएगा। यह कला-एकीकृत दृष्टिकोण शिक्षा और संस्कृति के बीच संबंधों को सशक्त करेगा (एन.ई.पी. 2020, 4.7) 1

उपरोक्त निर्देश के अनुसार, इस सत्र की योजना बनाइए। इसे इतिहास के पाठ के साथ सहयोग करने दीजिए, जिससे विद्यार्थी देश में प्रचलित कलात्मक परंपराओं को आत्मसात करें और इसे अन्य पाठ्यचर्या क्षेत्रों से जोड़ सकें।

गतिविधि 6.4 - सक्रिय श्रवण
सक्रिय श्रवण एक शब्द है जिसका उपयोग तब किया जाता है जब आप किसी चीज को ध्यान से सुनते हैं और उसे समझने का प्रयास करते हैं। संगीत में सक्रिय श्रवण बहुत महत्वपूर्ण है, जितना अधिक आप संगीत की एक विस्तृत श्रृंखला सुनते हैं, उतना ही आप विभिन्न शैलियों, संरचनाओं एवं तकनीकों को समझना आरंभ करते हैं, जिन पर आपने पहले ध्यान नहीं दिया था। यह आपके कानों को विभिन्न शैलियों, लय और यहाँ तक कि उत्पादन में बारीकियों के लिए खोलता है जिन्हें आप अन्यथा नहीं पहचान पाते।
  • अपनी पसंद का कोई लोक, जनजातीय, आधुनिक अथवा समकालीन गीत या अपने शिक्षक द्वारा दी गई सूची में से कोई गीत सक्रियता से सुनिए।
  • पता लगाएँ कि गीत एवं धुन किस प्रकार कहानी कहते हैं।
  • गीत एवं धुन की मनोदशा तथा भाव क्या हैं?
  • अब इसी क्रियाकलाप को वाद्य संगीत के साथ दोहराएँ।
  • मनोदशा एवं भावों में आप क्या अंतर देखते हैं?
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गतिविधि 6.5 अभिनय करके दिखाएँ
  • किसी फिल्म का वाद्य संगीत या पृष्ठभूमि संगीत सुनिए।
  • संगीत के अंश का विश्लेषण एवं व्याख्या करने के लिए बारी-बारी से कार्य कीजिए।
  • वे कौन-से भाव हैं, जिन्हें आप पहचान सकते हैं?
  • विभिन्न रचनाओं में भावों को प्रस्तुत करने का प्रयास कीजिए।
  • संगीत के भावों एवं कहानी को व्यक्त करने के लिए रंगमंच तथा नृत्य में सीखे गए तत्वों का उपयोग करने में संकोच न करें।
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शिक्षकों के लिए निर्देश- इस गतिविधि के लिए, आप शक्ति, पंडित रविशंकर, डॉ. एल. सुब्रमण्यम या विभिन्न राज्यों के लोक वाद्य वादन के एल्बमों से वाद्य संगीत के अंश का उपयोग कीजिए।

अध्याय 6 - संगीत, भाव और रचनात्मकता

सी.जी. सी. सीखने के प्रतिफल अध्यापक स्वयं
1 1.2 गीत एवं संगीत के माध्यम से कथा-कथन को समझने में सक्षम है।
1 2.1 संगीत के किसी अंश में व्यक्त भावों को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत करने में सक्षम है।
1 2.2 नए गीत एवं संगीत के नए रूप सीखने के लिए उत्सुक है।।
1 3.1 संगीत की विभिन्न भूमिकाओं को समझने एवं स्पष्ट रूप से व्यक्त करने में सक्षम है।

शिक्षक की टिप्पणी और विद्यार्थी के अवलोकन