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प्रदर्शन

एक सफल प्रदर्शन के लिए कई चरणों से गुजरना होता है। यह समझना आवश्यक है कि एक सफल प्रदर्शन केवल गाने या बजाने तक सीमित नहीं होता। यदि आप मंच पर न भी हों, तब भी एक सफल प्रदर्शन में आप विभिन्न प्रकार से अपना योगदान दे रहे होते हैं। सफल प्रदर्शन की ओर आपकी यात्रा को सरल बनाने के लिए इस अध्याय को तीन भागों में विभाजित किया गया है-योजना, तैयारी और प्रदर्शन !

भाग अ- योजना

अन्य गतिविधियों की तरह, किसी प्रदर्शन को तैयार करने में योजना सबसे महत्वपूर्ण चरण होता है। आपका प्रदर्शन प्रभावी और सफल हो सके, इसके लिए योजना के सभी चरणों का पालन कीजिए।
गतिविधि 9.1 - एक प्रदर्शन की कल्पना कीजिए
अपनी योजना प्रारंभ करने के लिए इन बातों पर विचार कीजिए-
  • यह प्रदर्शन कहाँ होगा?
  • यह प्रदर्शन कब होगा?
  • इसकी समयावधि कितनी होगी?
  • आपके दर्शक कौन होंगे?
  • क्या प्रदर्शन का कोई विषय और शीर्षक होगा?
  • क्या यह प्रदर्शन किसी विशेष कार्यक्रम या अवसर के लिए तैयार किया जा
  • रहा है? किन्हीं अन्य प्रदर्शनों में से क्या कोई ऐसा तत्व भी है जिसे आपने विशेष रूप से पसंद किया और अपने प्रदर्शन में सम्मिलित करना चाहेंगे?
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गतिविधि 9.2 – गीतों की एक सूची तैयार कीजिए
अपने शिक्षक के साथ मिलकर प्रदर्शन के लिए उपयोग किए जाने वाले गीतों की एक सूची बनाइए। सभी लोग ऐसे गीतों का सुझाव दे सकते हैं, जो वे जानते और पसंद करते हैं और प्रदर्शन के लिए उपयुक्त हो सकते हैं। आप इस पुस्तक में दिए गए गीतों को चुन सकते हैं या ऐसे गीत सम्मिलित कर सकते हैं जो आप पहले से जानते हैं। यहाँ एक गीत दिया गया है जिसे आप प्रारंभिक या स्वागत गीत के रूप में गा सकते हैं।

स्वागतम् शुभ स्वागतम्

स्वागतम् शुभ स्वागतम्।
अथ स्वागतम्, शुभ स्वागतम्।
आनंद मंगल मंगलम (×2)
नित प्रियं भारत भारतम् ।
अथ स्वागतम्, शुभ स्वागतम् (×2)

नित्य निरंतरता, नवता, मानवता, समता, ममता।
सारथि साथ मनोरथ का जो अनिवार नहीं थमता।
संकल्प अविजित अभिमतम् आनंद मंगल मंगलम्।।।।।

अथ स्वागतम्, शुभ स्वागतम्
कुसुमित नई कामनाएँ सुरभित नई साधनाएँ
मैत्रीमात क्रीडांगन में प्रमुदित बन्धु भावनाएँ
शाश्वत सुविकसित इति शुभम् आनंद मंगल मंगलम्

क्या आप जानते हैं

imgसंगीत कई महत्वपूर्ण आयोजनों का भाग रहा है। एक अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन, 1982 के एशियाई खेल, नई दिल्ली में आयोजित किए गए थे। इसके उद्घाटन समारोह में प्रसिद्ध सितार वादक पंडित रविशंकर द्वारा रचित गीत, "स्वागतम शुभ स्वागतम्" गाया गया था।
गतिविधि 9.3 - लोक संगीत को सम्मिलित करना
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अपने प्रदर्शन की योजनाओं को ध्यान में रखते हुए, अपनी परंपरा के अतिरिक्त किसी अन्य परंपरा का एक लोक गीत खोजिए। आप इसके लिए ऑनलाइन शोध कर सकते हैं या अपने किसी जानने वाले संगीतज्ञ और संगीत के शिक्षकों से पूछ सकते हैं। आप उन गीतों में से भी कोई गीत चुन सकते हैं जो आपने पहले से सीखे हैं।

उदाहरण के लिए, यहाँ एक लोक गीत दिया गया है जिसे आप सीख सकते हैं-

उड़िया गीत

यह ओड़िशा के कोरापुट क्षेत्र के जनजातीय लोगों का एक लोक गीत है। इसे चैत परबा उत्सव के दौरान बड़े पैमाने पर गाया जाता है। यह गीत एक साथ आकर प्रेम और उत्साह के साथ उत्सव मनाने के बारे में है।

ईला या लोरी ला ला ला लोरी
ई ला या लोरी ला ला ला लोरी

लोरी दांगुडा लोरी बुलाई दे
लोरी दांगुडा लोरी बुलाई दे

बराने बराने सीता कनिया
बराने बराने सीता कनिया
सीता कनिया मागी अइलु

लखमी कनिया बिभा है बू
सीता कनिया बिभा है बू
आचे बोइले आचे बाला हां

पुरुबा नीति के मागी अइलु
पुरुबा नीति के मागी अइलु

लोरी के लोरी ला ला लोरी
लोरी के लोरी ला ला लोरी
लोरी के लोरी ला ला ला लोरी

बेतु दांगुडा बेतु बुलाई दे
बेतु दांगुडा बेतु बुलाई दे

बराने बराने लखमी कनिया
बराने बराने लखमी कनिया

लखमी कनिया मागी अइलु

नई बाइले नायब आला या

पुरुबा नीति के बुलि अइलु
पुरुबा नीति के बुलि अइलु

ईला या लोरी ला ला लोरी
ईला या लोरी ला ला लोरी

भाग ब - तैयारी

गतिविधि 9.4 – पूर्वाभ्यास एवं प्रतिक्रिया
  • एक बार जब आप अपना गीत या गीतों का समूह चुन लें तो उसका अभ्यास कीजिए।
  • यदि आप समूह के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं तो एक साथ अभ्यास कीजिए ताकि सभी लोग अच्छा प्रदर्शन कर सकें।
  • प्रथम अध्याय में आपके द्वारा सीखे गए तत्वों को उपयोग में लाने के तरीके खोजिए, जैसे- टुकड़ों या कैनन (बार-बारी से) में गाना या शरीर से ताल और समन्वय का उपयोग करना।
  • यदि आप गायक हैं तो गीत के बोल, भावनाओं और कहानी के बारे में सोचिए, जिन्हें आप व्यक्त करना चाहते हैं।
  • यदि आप वादक हैं तो इस बारे में सोचिए कि कैसे आप उतार-चढ़ाव और भावनाओं को अभिव्यक्त कर सकते हैं। यह समझने का प्रयास कीजिए कि कब आप मुख्य भूमिका में हैं और कब आप दूसरों का साथ दे रहे हैं।
  • सभी प्रदर्शनकर्ताओं के लिए संगीत के भाग निर्धारित कीजिए। देखिए कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी क्षमता का उपयोग कैसे कर रहा है और प्रदर्शन को बेहतर बना रहा है। यदि आपके पास वाद्ययंत्र नहीं हैं तो सोचिए कि आप प्रदर्शन का समर्थन अन्य किस प्रकार से कर सकते हैं। कुछ समय के लिए आप ताल देने के लिए एक छड़ी का भी उपयोग कर सकते हैं।
  • आप जब तैयार हों तो अपने शिक्षक या किसी मित्र के सामने प्रदर्शन करें और उनकी प्रतिक्रिया माँगें। यह आपकी क्षमता को बढ़ाने और कमजोरियों पर काम करने में सहायता करेगा।
  • प्राप्त हुई प्रतिक्रिया के आधार पर एक अभ्यास योजना बनाइए।
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गतिविधि 9.5 निर्माण, प्रचार और सहयोग
एक सफल प्रदर्शन के लिए अभी और भी बहुत कुछ करने की आवश्यकता है-
  • आप मंच को अपनी विषयवस्तु के अनुरूप कैसे सुसज्जित कर सकते हैं?
  • क्या प्रकाश और ध्वनि उपकरण की आवश्यकता है?img
  • आप प्रदर्शन स्थल का सर्वोत्तम उपयोग कैसे कर सकते हैं?
  • क्या आपको किसी सहायक सामग्री की आवश्यकता होगी?
  • क्या आपको घोषणा करने के लिए और दर्शकों को जोड़े रखने के लिए एक सूत्रधार (एंकर) की आवश्यकता है?img
  • क्या दर्शकों के लिए कुर्सियों की आवश्यकता होगी?
  • सफल प्रदर्शन के लिए और क्या आवश्यक है? प्रत्येक बात की योजना बनाइए और तैयारी कीजिए।
  • आप लोगों तक प्रदर्शन के बारे में सूचना का प्रचार कैसे करेंगे?img
  • क्या आप अपने विद्यालय में प्रत्येक जगह लगाने के लिए आकर्षक पोस्टर बना सकते हैं? इसके लिए आप अपनी दृश्य कला कक्षाओं से सहायता ले सकते हैं।
  • क्या आप सोशल मीडिया पर अपने प्रदर्शन को बढ़ावा देने के लिए सामग्री तैयार कर सकते हैं?
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भाग स – प्रदर्शन

गतिविधि 9.6 - अंतिम प्रदर्शन
अंतिम प्रदर्शन के दिन दर्शकों का स्वागत कीजिए और कार्यक्रम का परिचय दीजिए, प्रस्तुति का प्रदर्शन कीजिए और एक धन्यवाद संदेश के साथ इसे समाप्त कीजिए। प्रस्तुति को रिकॉर्ड करने का प्रयास कीजिए।

प्रस्तुति के पश्चात, अपने दर्शकों से प्रतिक्रिया प्राप्त कीजिए और अपने समूह के साथ इस पर चर्चा कीजिए।

बधाई हो! अब आप एक युवा कलाकार बन गए हैं।

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अध्याय 9 — प्रदर्शन

सी.जी. सी. सीखने के प्रतिफल अध्यापक स्वयं
3 3.1 आत्मविश्वास और सहयोग की भावना के साथ प्रदर्शन में स्वेच्छा से भाग लेता है।
3 3.1 प्रदर्शन की योजना बनाने में सक्रिय भूमिका निभाता है, जिसमें प्रदर्शनों की सूची का चयन भी सम्मिलित है।
3 3.1 अभ्यास और पूर्वाभ्यास के माध्यम से उत्तमदृष्टि प्रदर्शन की तैयारी करता है।
3 3.2 तैयारी के दौरान एक पत्रिका का नियोजन करता है।

शिक्षक की टिप्पणी और विद्यार्थी का अवलोकन


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संकलनात्मक आकलन

संकलनात्मक आकलन के उदाहरण संकलनात्मक आकलन के मानदंड
व्यक्तिगत
  • विद्यार्थी से कहा जाता है कि वह दिए गए विषय पर एक गीत चुने और उसे प्रस्तुत करे।
  • विद्यार्थी से कहा जाता है कि वह एक कहानी बनाए और उसे ध्वनि और संगीत से सजाए।
  • विद्यार्थी से कहा जाता है कि वह आरोहण एवं अवरोहण के साथ एक सरल शास्त्रीय रचना प्रस्तुत करे और ताल का ध्यान रखे।
  • स्वर और ताल में सामंजस्य रखते हुए, उपयुक्त रूप से गाना चुनने और सहयोग से गाने की क्षमता
  • स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति, संगीत चयन और समय प्रस्तुति
  • राग के सही स्वरों और ताल के साथ गाने की क्षमता
समूह
  • कक्षा एक प्रदर्शन की तैयारी करती है, जिसमें गानों के चयन की योजना बनाना, कार्यक्रम का प्रारूप बनाना और आयोजन की अन्य आवश्यकताएँ सम्मिलित होती हैं।
  • कक्षा समूह में सीखे गए गीतों को सम्मिलित करके एक एकल, परिष्कृत प्रस्तुत करती है।
  • सृजनात्मक विचार, समन्वय, समूह और उत्साह

शिक्षक की टिप्पणी और विद्यार्थी के अवलोकन

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