अध्याय-11
नृत्य शब्दावली और तकनीक
नृत्त, नृत्य एवं नाट्य नृत्य में कई इकाइयाँ सम्मिलित हैं जो एक-दूसरे के साथ सुंदरता से जुड़ी हुई हैं। कुछ में केवल आनंदपूर्ण गतियाँ होती हैं तो कुछ में कहानी या परिस्थिति का वर्णन होता है और कुछ में पूरी कहानी होती है। नीचे नृत्त, नृत्य और नाट्य की परिभाषाएँ अभिनय दर्पण नामक ग्रंथ से ली गई है, जो शास्त्रीय नर्तकों द्वारा व्यापक रूप से अनुसरण किया जाने वाला ग्रंथ है।
- नृत्तं - भावाभिनयहीनं तु नृत्तमित्यभिधीयते ॥ १७॥ -
- नृत्त में केवल गतियों वाला नृत्य होता है, जिसमें कोई विशिष्ट भावात्मक विषयवस्तु या कथा नहीं होती।
- नृत्यं - रसभावव्यञ्जनादियुक्तं नृत्यमितीर्यते ॥ १६॥
- नृत्यकला रस एवं भाव के साथ नृत्य को कहानी कथन या परिस्थिति के साथ जोड़ती है।
- नाट्यं - नाट्यं तन्नाटकं चैव पूज्यं पूर्वकथायुतम् ।
- नाट्य एक नृत्य नाटक है, जिसमें प्रदर्शन के सभी पहलुओं को एकीकृत कर एक पूरी कहानी व्यक्त की जाती है।
इस अध्याय में आप नृत्त और नृत्य की कुछ शब्दावलियों का अन्वेषण करेंगे।
किसी नृत्य शैली की सबसे महत्वपूर्ण इकाई मूल चरण हैं, जिन्हें सीखना आवश्यक है। ये चरण नृत्य शब्द भंडार को बनाते हैं। फिर विभिन्न चरणों को एक साथ जोड़कर नृत्य बनाया जाता है।
आप अपनी पिछली कक्षाओं से चरण और लय के बारें में सीखते चले आ रहे हैं, अब कुछ अलग लयबद्ध मात्रा, यानी 5, 6 और 7 मात्रा को समझने का प्रयास करें। इसमें कुछ क्रम परिवर्तन और संयोजन जोड़ें। नीचे कुछ विभिन्न तालों की खोज करते हुए चरणों के सुझाए गए
संयोजन दिए गए हैं। क्या आप इन्हें विभिन्न लय के साथ अपने स्वयं के चरण संयोजन का प्रयास कर सकते हैं?
पैरों का उपयोग विभिन्न प्रकार से किया जा सकता है, जिनका विवरण नीचे दिया गया है-
आप अपने नृत्य को उत्तम बनाने के लिए इन पैर की स्थितियों और गतियों का उपयोग करेंगे।
शिक्षक के लिए निर्देश - सुझावात्मक चरण संयोजन पृष्ठ 118 पर दिए गए हैं। वास्तविक अभ्यास क्षेत्र, सीखने के स्तर, उपयुक्तता और सुविधा के आधार पर किया जा सकता है। आरंभ में बच्चे शिक्षक द्वारा तय किए गए सरल चरणों के साथ लय का प्रयास कर सकते हैं। गिनती और ताल को उत्तम ढंग से समझने के लिए इसे गणित के साथ जोड़ा जा सकता है। बोल (लयबद्ध शब्दांश) और मात्रा की गिनती शिक्षक या बच्चों द्वारा निश्चित की जा सकती है।
उदाहरण के लिए, 5 मात्रा या कदम संख्या
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
कदम संयोजन 1
दाहिने पैर से आरंभ करें
| दाएँ | बाएँ | दाएँ | बाएँ | दाएँ |
| पैर की थाप | पैर की थाप | एड़ी | पैर की थाप | पैर की थाप |
अब बाएँ पैर से दोहराएँ
| बाएँ | दाएँ | बाएँ | दाएँ | बाएँँ |
| पैर की थाप | पैर की थाप | एड़ी | पैर की थाप | पैर की थाप |
कदम संयोजन 2
दाहिने पैर से आरंभ करें
| दाएँ | दाएँ | बाएँ | दाएँ | बाएँ |
| उछलना | कदम | क्रॉस | कदम | पैर की थाप |
अब बाएँ पैर से दोहराएँ
| बाएँ | बाएँ | दाएँ | बाएँ | दाएँ |
| उछलना | कदम | क्रॉस | कदम | पैर की थाप |
उपरोक्त पाँच मात्रा कदम के संयोजन की तरह, एड़ी को आगे, एड़ी को बगल में तथा अन्य विविधताओं के साथ अधिक कदम को संयोजित करें।
छह मात्रा दो बार तीन मात्रा का संयोजन है (3 + 3)
उदाहरण के लिए, छह मात्रा या कदम संख्या
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
कदम संयोजन 1
दाहिने पैर से आरंभ करें
| दाएँ | बाएँ | दाएँ | बाएँ | दाएँ | बाएँ |
| पैर की उँगलियों को क्रॉस करना | पैर की थाप | एड़ी आगे | पैर की थाप | पैर की थाप | पैर की थाप |
अब बाएँ पैर से दोहराएँ
| बाएँ | दाएँ | बाएँ | दाएँ | बाएँ | दाएँ |
| पैर की उँगलियों को क्रॉस करना | पैर की थाप | एड़ी आगे | पैर की थाप | पैर की थाप | पैर की थाप |
कदम संयोजन 2
दाहिने पैर से आरंभ करें
| दाएँ | बाएँ | दाएँ | दाएँ | बाएँ | दाएँ |
| एड़ी | पैर की थाप | पैर की थाप | पैर की उँगलियों को क्रॉस करना | पैर की थाप | पैर की थाप |
अब बाएँ पैर से दोहराएँ
| बाएँ | दाएँ | बाएँ | बाएँ | दाएँ | दाएँ |
| एड़ी | पैर की थाप | पैर की थाप | पैर की उँगलियों को क्रॉस करना | पैर की थाप | पैर की थाप |
उपरोक्त उदाहरण का अनुसरण करें और पैर की गतिविधियों के विभिन्न संयोजनों का प्रयास करें।
सात मात्रा तीन बार चार मात्रा का संयोजन है (3 + 2 + 2) या (4 + 3)
उदाहरण के लिए, सात मात्रा या कदम संख्या| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 |
कदम संयोजन 1
दाहिने पैर से आरंभ करें दाएँ बाएँ दाएँ बाएँ बाएँ दाएँ दाएँ पैर की थापपंजापैर की थापएड़ी पैर की थाप एड़ी पैर की थाप अब बाएँ पैर से दोहराएँ| बाएँ | दाएँ | बाएँ | दाएँ | दाएँ | बाएँ | बाएँ |
|---|---|---|---|---|---|---|
| पैर की थाप | पंजा | पैर की थाप | एड़ी | पैर की थाप | एड़ी | पैर की थाप |
कदम संयोजन 2
दाहिने पैर से आरंभ करें
| दाएँ | बाएँ | दाएँ | बाएँ | दाएँ | बाएँ | दाएँ |
|---|---|---|---|---|---|---|
| एड़ी | पैर की थाप | पैर की थाप | क्रॉस | पैर की थाप | पैर की थाप | पैर की थाप |
अब बाएँ पैर से दोहराएँ
| बाएँ | दाएँ | बाएँ | दाएँ | बाएँ | दाएँ | बाएँ |
|---|---|---|---|---|---|---|
| एड़ी | पैर की थाप | पैर की थाप | क्रॉस | पैर की थाप | पैर की थाप | पैर की थाप |
ऊपर बताई गई लय का अभ्यास अलग-अलग स्वरूप में करें। आप संगीत कक्षा में दी गई गायन बंदिशों का उपयोग कर सकते हैं और अपनी पसंद के अनुसार हस्त गति भी जोड़ सकते हैं।
नृत्य
कृति कक्षा 6 की पाठ्यपुस्तक का आरंभ आपने अभिनय दर्पण के एक श्लोक से किया था जिसमें हस्त के हाव-भाव के प्रयोग की अवधारणा को दिया गया था। यह सफल प्रदर्शन के लिए रसों को जाग्रत करने हेतु भाव में मन की एकाग्रता और कथन से जुड़ा है। आइए, अब हम आपके नृत्य को प्रस्तुत करने के लिए श्लोक और उसके अर्थ को फिर से दोहराते हैं।जहाँ हस्त होता है वहीं दृष्टि होती है, जहाँ दृष्टि होती है वहाँ मन होता है, जहाँ मन होता है, वहीं पर भाव होता है, जहाँ भाव होता है, वहीं रस होता है।
क्या आप इसे पहले दिए गए नृत्य के वर्णन से जोड़ सकते हैं?
हस्त प्रयोग द्वारा बातचीत
अध्याय 1 में आपने सीखा कि कैसे हस्तों का उपयोग मूर्तियों में भावों को व्यक्त करने और विशिष्ट संदेश संप्रेषित करने के लिए कुशलता से किया जाता था। ये हस्त दृश्य और प्रतीकात्मक विधियों से भावों और कथाओं को चित्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आप असम्युता हस्त के प्रयोगों से परिचित हैं, जो आपने पहले भी सीखा है।
टिप्पणी - कृपया असम्युता हस्त के प्रयोग के लिए कृति कक्षा 6 की पाठ्यपुस्तक देखें।
गतिविधि 11.2
आइए, अब समझें कि आप संयुक्त हस्तों का किस प्रकार से उपयोग कर सकते हैं। यहाँ विभिन्न उपयोगों वाले कुछ संयुक्त हस्त दिए गए हैं।
गतिविधि 11.3
अब कक्षा में असंयुक्त और संयुक्त हस्तों की वर्तनी या भाषा का उपयोग करके बातचीत करें (कक्षा 6 से असंयुक्त हस्तों के उपयोगों का संदर्भ लें)।
अपने मित्रों के सम्मुख असंयुक्त और संयुक्त, दोनों हस्तों का उपयोग करके एक सार्थक वाक्य का प्रदर्शन करें और उन्हें इसके अर्थ का अनुमान लगाने दें।
पहले छोटे वाक्यांश उपयोग करें, जैसे-
मेरे मित्र आपका स्वागत है
हम साथ हैं
लड़ाई एवं क्रोध न करें
यहाँ वन में हिरण था
यहाँ नदी में मछलियाँ हैं
अब मिलकर पूर्ण वाक्य बनाइए। आप दोनों हस्त संकेतों से अपनी रचनात्मकता को दिखा सकते हैं।
उदाहरण-- स्वागत है मेरे मित्र। क्रोध एवं लड़ाई न करें, चलो साथ में खेलते हैं।
- वन में एक हिरण था, उड़ती हुई चिड़िया और मछलियाँ थीं।
शिक्षक के लिए निर्देश- शिक्षक
द्वारा प्रत्येक विद्यार्थी को वाक्य दिया जा सकता है।
उछलना और पैर की उँगलियों पर घूमना (चक्कर लगाना)
आप नृत्य में कितनी विधियों से कूद और घूम सकते हैं?
उछाल, उत्प्लावन, पैर की उँगलियों पर घूमना और भ्रामरी (चक्कर) नृत्य प्रदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उछाल और पैर की उँगलियों पर घूमने का निष्पादन नृत्य शब्दावली की एक और इकाई है, जिसका उपयोग शुद्ध नृत्य में या भावनात्मक सामग्री को बढ़ाने के लिए किया जा सकता है।
उछाल और पैर की उँगलियों पर घूमने का दोनों को संगीत की लय के साथ किया जा सकता है, जिससे नृत्य का समग्र प्रभाव बढ़ जाता है। नृत्य, कहानियों के साथ बिना लय के हो सकता है।
गतिविधि 11.4 – उछलने और घूमने के साथ अपने नृत्य को बढ़ाएँ
आपने खेलते समय, नृत्य करते समय या दैनिक गतिविधियों में भाग लेते समय उछलना और घूमना किया होगा। नीचे कुछ उदाहरण उछलने और घूमने के लिए दिए गए हैं।
जानवरों की छलांगें और पैर की उँगलियों पर घूमना
अवलोकन करें कि विभिन्न जानवर अपनी प्राकृतिक गतियों में कैसे छलाँगें और चक्कर लगाते हैं, उदाहरण के लिए—
यह अंग-संचालन हमारे लोक, पारंपरिक और शास्त्रीय नृत्य रूपों का अभिन्न अंग हैं। कर्नाटक के यक्षगान में, कलाकार खड़े होकर और घुटनों के बल पर नृत्य करते हैं, प्रायः वे इसे अलग-अलग समय में करते हैं। कालबेलिया, राजस्थान का एक पारंपरिक नृत्य है, जिसमें वृत्ताकार गति में नृत्य किया जाता है, गोलाकार पथ पर नृत्य करते हुए नृत्य किया जाता है। मणिपुर के पुंग चोलोम नृत्य में ढोल बजाने वाले ढोल पकड़कर उछलते और घूमते हैं और उत्तर भारत के शास्त्रीय नृत्य रूप कथक की विशेषता नर्तक द्वारा किए जाने वाले चक्करों से होती है।
गतिविधि 11.5
नीचे दिए गए नृत्य रूपों को खोजें और देखें। चर्चा करें और चिह्नित करें कि क्या वे उछलना, पैर की उँगलियों पर घूमना या दोनों में सम्मिलित हैं।| नृत्य रूप | उछलना | पैर की उँगलियों पर घूमना |
|---|---|---|
| अरुणाचल प्रदेश से अंजी लामू | ||
| छत्तीसगढ़ से छेरछेरा | ||
| तमिलनाडु से पोइक्कल कुथितई अट्टम | ||
| हरियाणा से गूगा घमोड़ा | ||
| लद्दाख से चाम | ||
| गोवा से फुगड़ी नृत्य |
विद्यार्थियों को चार समूहों में विभाजित करें एवं प्रत्येक समूह कुछ इस प्रकार उछलना और पैर की उँगलियों पर घूमने का प्रयास करें, जैसा आपने इन नृत्यों में देखा है।
गतिविधि 11.6 - कथा वाचन
स्वयं के नृत्य तकनीकों के साथ कथा वाचनअब जब आप मूल चरण सीख चुके हैं तो स्थिति के आधार पर, भावों को उचित रूप से व्यक्त करते हुए, हस्तकों के प्रभावी उपयोग को उछलने और पिरौएट से जोड़ें। सभी तत्वों को समाविष्ट करते हुए स्थितियों का अनुक्रम बनाएँ और इसे संकेत के माध्यम से कुशलता से व्यक्त करें।
खेल का समय - मुकाभिनयदो समूह को बनाएँ। पहला समूह भावों और हस्तों के संकेतों का उपयोग करके एक छोटी स्थिति का अभिनय करेगा। दूसरे समूह को स्थिति का अनुमान लगाना है। कुछ देर तक के लिए खेल जारी रखें और फिर विजेता समूह का चयन करें।
यह बहुत आनंदमयी होगा।
शिक्षकों के लिए निर्देश- बच्चों को उनके स्तर और क्षमता के आधार पर विभिन्न परिस्थितियों का सुझाव दें।
आकलन
अध्याय 11 – नृत्य शब्दावली और तकनीक
| सी.जी. | सी. | सीखने के प्रतिफल. | शिक्षक | स्वयं | |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | 1.1 | गति के लिए पैरों के विभिन्न भागों को संयोजित करने की मूलभूत तकनीकों का ज्ञान। | |||
| 1 | 1.2 | मूलभूत नृत्य चरणों का अभ्यास करने के लिए उपयोग किए जाने वाले लयबद्ध तत्वों का ज्ञान। | |||
| 1 | 1.2 | संचार के साधन के रूप में हस्त-मुद्राओं या संकेतों के महत्व का ज्ञान। | |||
| 2 | 2.2 | उछलने और घूमने का अभ्यास करने में सहज अनुभव करना। | |||
| 2 | 2.2 | विभिन्न नृत्यों में उछलने और घूमने को सह-संबंधित करना। | |||
| 2 | 2.2 | स्वयं को अभिव्यक्त करने के लिए सभी तकनीकों का उपयोग करना। शिक्षक की टिप्पणी और विद्यार्थी के अवलोकन | |||
शिक्षक की टिप्पणी और विद्यार्थी के अवलोकन
.............................
...........................
..............................