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इकाई- 1


शारीरिक शिक्षा और आरोग्य के मूलभूत आधार

गेंद उत्थानक खेल

इस इकाई में शारीरिक गतिविधियों और व्यक्तिगत विकास के बीच संबंध पर बल दिया गया है। इसमें आरोग्य, मानसिक दृढ़ता, दलीय-भाव और सुरक्षा नियमों के महत्व को समझाया गया है। खिलाड़ियों में शारीरिक चुनौतियों को स्वीकार करने के लिए प्रेरणा, साहस और अनुशासन विकसित करेंगे। वे अपनी प्रगति पर ध्यान देंगे और आत्म-सुधार के लिए निरंतर प्रयास करना सीखेंगे। साथ ही, वे यह भी सीखेंगे कि बुलिंग, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं तथा अनुचित व्यवहार को पहचानकर शिकायत कैसे करें, जिससे एक सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण बनाया जा सके।

गेंद उत्थानक खेल

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गेंद उत्थानक खेल एक आनंददायक और रोमांचक गतिविधि है जो समन्वय, सामूहिक कार्य और गेंद नियंत्रण क्षमता का विकास करती है। यह खेल हमें मिलकर काम करने के लिए भी प्रेरित करता है। गेंद को एक-दूसरे की ओर फेंकते हुए जब हम निर्दिष्ट चिह्नों की ओर गति करते हैं, तब यह क्रिया परस्पर सामंजस्य के साथ कार्य करना सिखलाती है।



ऊष्मीकरण गतिविधि शीतलीकरण मुक्त चिंतन
कलाई घुमाना, नितंब पेशी पर्यावर्तन गेंद उत्थानक खेल सौम्य व स्थिर प्रसारक व्यायाम मांसपेशियों को छूकर अनुभव कीजिए

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कैसे खेलें?

• सबसे पहले मैदान पर 20 मीटर लंबा और 10 मीटर चौड़ा एक आयत बना लीजिए।

• आयत की मध्य रेखा से निश्चित अंतराल पर कुछ शंकु रखिए।

• विद्यार्थियों को युग्मों में विभक्त कीजिए।

• एक समय में तीन युग्म ही खेलेंगे। अन्य युग्म आयताकार खेल क्षेत्र की समापन रेखा के पीछे रखे शंकुओं के पास खड़े होंगे।

• मध्य रेखा के निकट के शंकुओं के पास प्रत्येक युग्म एक-दूसरे की ओर मुँह करके खड़े होंगे।

• जिस विद्यार्थी के पास गेंद है वह अपने साथी की ओर गेंद फेंकेगा।


Screenshot 2025-12-30 121341 • सामने वाला विद्यार्थी गेंद को लपककर पुनः साथी की ओर गेंद फेंकेगा।

• गेंद फेंकने और लपकने की पुनरावृत्ति के साथ ही दोनों साथी अगले शंकुओं की ओर गति करेंगे।

• हर बार लपकने और साथी को गेंद फेंकने के बाद युग्म अगले लक्ष्य की ओर बढ़ते रहेंगे।

• युग्म जब अंतिम रेखा तक पहुँच जाएगा तो वे गेंद को अगले युग्म को दे देंगे।

• खेल तब तक चलता रहेगा, जब तक प्रत्येक युग्म को अवसर नहीं मिल जाता।


मुक्त चिंतन – मांसपेशियों को छूकर अनुभव कीजिए

• गोले में खड़े होकर गेंद फेंकने की प्रारंभिक मुद्रा में आइए।

• स्वयं के पैरों की मांसपेशियों को सौम्यता से स्पर्श कर सुदृढ़ता तथा मृदुलता का अनुभव कीजिए।

• अपने शिक्षक से मांसपेशियों के नाम पूछिए एवं लिखिए।

• उपरोक्त प्रक्रिया अपने सहयोगी के माध्यम से भी संपन्न कर यह पहचाना जा सकता है कि कौन-सी मांसपेशी गति करने पर क्रियाशील एवं कठोर हो जाती है।



शिक्षकों के लिए सुझाव

विद्यार्थियों को प्रोत्साहित कीजिए कि वे अपने अग्रबाहु और अन्य मांसपेशियों की क्रिया के दौरान उनका अवलोकन करें। उन्हें समझाइए कि हमें अपने शरीर की जानकारी रखना आवश्यक है। साथ ही, ध्यान रखिए कि सभी विद्यार्थी एक-दूसरे की व्यक्तिगत मर्यादा का सम्मान करें। जेंडर संवेदनशीलता और आदर भाव बनाए रखें।


अनुभूति

जब आपके द्वारा गेंद फेंकी तथा लपकी गई तो उस क्रिया के समय क्या आपने अपने ऊर्ध्व तथा अधोकायिक मांसपेशियों की गति को अनुभव किया?




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घोरपड़ीची शेपटी (गोह की पूँछ)

घोरपड़ीची शेपटी खेल अत्यंत रोचक एवं आनंददायक है, इससे सहयोग करने की प्रवृत्ति और शारीरिक क्षमता का विकास होता है। सोचिए कि आप एक घोरपड़ (जिसे गोह या गोयरा भी कहते हैं) की तरह दौड़ रहे हैं और अब खेलते-खेलते पीछा करने के इस खेल का आनंद लीजिए।
ऊष्मीकरण गतिविधि शीतलीकरण मुक्त चिंतन
पार्श्व चाल, पश्च चाल और मध्यम गति की दौड़ गोह की पूँछ एक पैर का घुटना मोड़कर सीने से लगाना, दोनों घुटनों को मोड़कर सीने से लगाना सामूहिक कार्य करना

कैसे खेलें?---------

• विद्यार्थियों को पाँच या आठ सदस्यों के समान संख्या के दलों में विभाजित कीजिए।

• प्रत्येक दल एक सीधी रेखा में अपने आगे खड़े हुए साथी विद्यार्थी की कमर पकड़ते हुए 'गोह' का निर्माण करेंगे।

• चिह्नों तथा शंकुओं द्वारा खेल मैदान का सीमांकन करेंगे।

• प्रत्येक दल के अग्रिम पंक्ति का विद्यार्थी, दूसरी दल के सबसे अंतिम विद्यार्थी अर्थात पूँछ को छूने का प्रयत्न करेगा, परंतु सुनिश्चित करेगा कि इस प्रयास में अपनी पंक्ति के अंतिम विद्यार्थी अर्थात पूँछ को स्पर्श न करें।

• शिक्षक के संकेत पर सभी दल खेल प्रारंभ कर देगा तथा विद्यार्थी एक-दूसरे की पूँछ को छूने का प्रयास करेंगे।

Screenshot 2025-12-30 125145 • विद्यार्थी अपने-अपने दल में संवाद एवं एकजुटता बनाए रखेंगे।

• जब भी किसी दल का प्रथम विद्यार्थी दूसरे दल के अंतिम विद्यार्थी को स्पर्श कर लेगा, उस दल को 1 अंक मिलेगा।

• विद्यार्थी अंक अर्जित करने के उपरांत क्रम स्थिति में परिवर्तन किए बिना भी खेल को निरंतर खेला जा सकता है।

• यह खेल निर्दिष्ट समय (जैसे 10 मिनट) तक चलेगा।

• पूर्व निर्धारित समय-सीमा में जो दल सर्वाधिक अंक अर्जित करेगा, वह दल विजयी होगा।

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3 मुक्त चिंतन - साथ मिलकर कैसे काम करें

• 'गोह' की पूँछ खेल में हमने सीखा कि कैसे परस्पर सहयोग से त्वरित गतियाँ संभव हैं। चिंतन कीजिए, कि तीव्र गति से खेलते समय आपको किससे सहायता मिली?

• क्या आपने कभी कनखजूरा देखा है? वह अपने सारे पैर एकसाथ हिलाता है। अगर हमें भी अपने पैरों को मिलाकर चलना हो तो हम कैसे चलेंगे, जिससे हम तीव्रता से चल सकें?

• चर्चा कीजिए कि मराठी योद्धा तानाजी मालुसरे ने दुर्गों पर विजय प्राप्त करने के लिए किस प्रकार गोह का सहयोग लेते थे।


अनुभूति

समूह खेलों में सामंजस्यपूर्ण गतिविधियाँ अच्छे परिणाम प्राप्त करने में सहायक होती हैं।




नालुगु राल्ला अत्ता (चार पत्थरों का खेल) नालुगु राल्ला अत्ता एक पारंपरिक भारतीय खेल है, जो खासकर दक्षिण भारत, जैसे कि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में बहुत लोकप्रिय है। इस खेल का नाम तेलुगु भाषा में है और इसका अर्थ है 'चार पत्थरों का खेल'। वहाँ यह खेल पाँच बच्चों द्वारा खेला जाता है। इनमें से चार खिलाड़ी मिलकर खेलते हैं और एक खिलाड़ी होता है जिसे दाँव देने वाला (डेनर) कहा जाता है, जिसका काम अन्य खिलाड़ियों को पकड़ना होता है। इस खेल में चारों खिलाड़ियों को डेनर से बचकर भूमि पर रखे हुए चार पत्थरों को इकट्ठा करना होता है। इसके लिए उन्हें चतुराई से चलना, तीव्रता से दौड़ना और एक-दूसरे का सहयोग करना होता है।
ऊष्मीकरण गतिविधि शीतलीकरण मुक्त चिंतन
पैरों के खिंचाव हेतु व्यायाम, टखने घुमाव, हाथों का घुमाव, पंजों का उठाना नालुगु राल्ला अत्ता (चार पत्थर का खेल) बुद्धिमता से पत्थरों को इकट्ठा करने का अभ्यास जाँघ की आगे की मांसपेशी का समूह (क्वाड्रिसेप्स) एवं फोरआर्म मांसपेशियों का खिंचाव (कलाई का खिंचाव व्यायाम) मानसिक क्षमता का विकास


कैसे खेलें?-----------

• सबसे पहले, वैसा ही मैदान बनाइए जैसा चित्र में दिखाया गया है। उसमें बॉक्स और रास्ते बने होंगे।
• अब उन रास्तों के केंद्र में चार पत्थर रख दीजिए।
• चार बच्चे अपने-अपने बॉक्स के अंदर खड़े होंगे और बीच वाले रास्ते पर, जैसा चित्र में दिखाया गया है, चारों पत्थर रखे जाएँगे। पाँचवाँ विद्यार्थी दाँव देने वाला 'डेनर' बनेगा।

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• आपको बीच में रखे पत्थरों को उठाना है, लेकिन ध्यान रहे कि दाँव देने वाला विद्यार्थी आपको न पकड़े। दाँव देने वाला विद्यार्थी केवल बॉक्स के साथ बने रास्ते में घूम सकता है, वह किसी भी बॉक्स के अंदर नहीं जा सकता।

• पत्थर उठाने के लिए आप चाहें तो अपने साथियों के साथ मिलकर प्रयास कर सकते हैं या अकेले भी प्रयास कर सकते हैं। अंत में यह आवश्यक है कि प्रत्येक बच्चे के पास एक-एक पत्थर होना चाहिए।

• जब सब बच्चों के पास पत्थर आ जाएँगे तो सब मिलकर दाँव देने वाले विद्यार्थी से पूछेंगे 'गुंपू या चुटू?'

• अगर दाँव देने वाला विद्यार्थी गुंपू कहेगा तो सभी बच्चे अपने पत्थर लेकर एक ही चुने हुए बॉक्स में इकट्ठा हो जाएँगे।

• अगर दाँव देने वाला विद्यार्थी चुटू कहेगा तो प्रत्येक विद्यार्थी तीन चक्कर बॉक्स के चारों ओर लगाएगा और फिर अपनी जगह पर लौटेगा। इस बीच दाँव देने वाला विद्यार्थी उन्हें पकड़ने का प्रयास करेगा।

• अगर कोई विद्यार्थी बॉक्स के बीच रास्ते से निकलते समय दाँव देने वाला विद्यार्थी द्वारा छू लिया जाता है तो वह खेल से बाहर हो जाएगा। खेल तब तक चलता रहेगा जब तक अंतिम विद्यार्थी बाहर नहीं हो जाता।

मुक्त चिंतन- मानसिक रूप से सशक्त बनना

• सबसे पहले, अपने साथियों से बात कीजिए और बताइए कि किस-किस को बॉक्स को पार करते समय पकड़े जाने का डर लगा?

• जब आपको पकड़े जाने, हारने या खेल से बाहर होने का डर लग रहा था तो आपने इस डर का सामना कैसे किया?


आनुभूति
हमें नए-नए कौशलों को सीखना चाहिए तथा बिना परिणाम की चिंता किए खेलों को पूरे आनंद से खेलना चाहिए। अगर हम सीखने पर अधिक ध्यान देंगे तो हम मानसिक रूप से सशक्त बनेंगे।


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गिद्ध गुडकावन



गिद्ध गुडकावन यह एक पारंपरिक भारतीय खेल है, जिसमें गिद्ध और मुर्गियाँ का पीछा करने का दृश्य बनाया जाता है। इसमें एक खिलाड़ी गिद्ध बनता है और बाकी खिलाड़ी मुर्गी बनते हैं। मुर्गियों को उनकी माँ बचाने का प्रयास करती है। यह खेल गाँवों में बहुत खेला जाता है और इससे फुर्ती, सामूहिकता और रणनीति कौशल का विकास होता है। तीव्र गति से भागने और एक-दूसरे की सहायता करने वाला यह खेल पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलता आया है और यह हमें सक्रिय और स्वस्थ्य बनाए रखता है।



ऊष्मीकरण गतिविधि शीतलीकरण मुक्त चिंतन
कंधों को घुमाना, वामावर्त पाद प्रसार, हाथों को आगे-पीछे झुलाना गिद्ध गुडकावन जाँघ की आगे की मांसपेशियों (क्वाड्रिसेप्स) में खिंचाव, हाथों को सिर के ऊपर ले जाकर खींचना एक-दूसरे के लिए कार्य करना


कैसे खेलें?-----------

• सबसे पहले एक विद्यार्थी को गिद्ध के रूप में चयनित कीजिए, अन्य सभी विद्यार्थी मुर्गियाँ बनेंगे। मुर्गियाँ एक पंक्ति में तथा सबसे आगे 'मुर्गियों की माँ' खड़ी होगी।

• गिद्ध मुर्गियों को पकड़ेगा, यह ऐसे हैं जैसे गिद्ध अपना शिकार पकड़ने का प्रयास करता है। मुर्गियों की माँ का काम है अपनी मुर्गियों को बचाना और गिद्ध को रोकना।

• सारी मुर्गियाँ एक-दूसरे की कमर पकड़कर पंक्ति बनाएँगी। गिद्ध हमेशा पंक्ति की अंतिम मुर्गी को पकड़ने का प्रयास करेगा। मुर्गी की माँ अपने बच्चों को बचाने के लिए बीच में आकर रास्ता रोकेगी।

Screenshot 2025-12-30 143612 •खेल तब तक चलता रहेगा जब तक सारी मुर्गियाँ पकड़ी न जाएँ या गिद्ध हार मानकर छोड़ न दें।

•गिद्ध जिस मुर्गी को पकड़ लेगा, वह बाहर हो जाएगी। अंत में जो अंतिम मुर्गी बची रहेगी, वही अगली बार गिद्ध बनेगी।

•बच्चों को प्रोत्साहित कीजिए कि वह इसे खेलते हुए एकाग्र रहें और फुर्ती से खेलें, जिससे वह पकड़ में आने से बच पाएँ।

मुक्त चिंतन- एक-दूसरे के लिए कार्य करना

•जब गिद्ध अंतिम मुर्गी को पकड़ने आया तो तुमने उसे बचाने में क्या भूमिका निभाई?

•अलग-अलग क्षमताओं और जेंडर वाले विद्यार्थी मिलकर खेलेंगे तो वे किस तरह की योजना बनाकर खेलेंगे जिससे वह मुर्गियों को बचा सकें?


अनुभूति समूह के रूप में जीतना आवश्यक है, न कि केवल अपनी व्यक्तिगत उपलब्धियों पर ध्यान देना।

स्टैंड अप, स्पीक आउट

स्टैंड अप, स्पीक आउट या बुली रोल प्ले एक बहुत ही उपयोगी गतिविधि है। इसके माध्यम से बच्चे सीखते हैं कि बुलिंग करने (चिढ़ाने, डराने या परेशान करने) के क्या-क्या असर होते हैं, बुलिंग किन-किन रूपों में हो सकती है और ऐसी स्थिति में हमें किस तरह सही प्रतिक्रिया देनी चाहिए। इस गतिविधि में विद्यार्थी अलग-अलग भूमिकाएँ निभाते हैं- कभी बुलिंग करने वाले की, कभी जिसे बुलिंग किया जा रहा है और कभी आस-पास खड़े देखने वालों की भूमिका। इस तरह भूमिका अभिनय (रोल-प्ले) के माध्यम से बच्चे वास्तविक परिस्थितियों में सही और उपयुक्त व्यवहार करना सीखते हैं।

ऊष्मीकरण गतिविधि शीतलीकरण मुक्त चिंतन
बगल में झुकना, रस्सी कूदना, कूल्हे (ग्लूट्स) की मांसपेशियों में खिंचाव खड़े होकर अपनी बात कहना हाथ झुलाना, कंधे घुमाना, जाँघ की पीछे मांसपेशी (हेमस्ट्रिंग) तथा पिंडली की मांसपेशियों में खिंचाव एक-दूसरे के प्रति आदरपूर्ण व्यवहार


कैसे खेलें?-------

• सबसे पहले सभी बच्चों को दो दलों में विभाजित कर दीजिए।

• बच्चे सामान्य रूप से खो-खो खेलेंगे।

• यहाँ रोचक बात यह होगी कि शिक्षक बिना किसी को बताए चार बच्चों को अलग-अलग भूमिकाएँ देंगे। याद रखिए कि यह भूमिका किसी को भी नहीं बतानी हैं।

• ये भूमिका होंगी-

1. बुलिंग - यह विद्यार्थी दूसरों को अलग-अलग नामों से चिढ़ाएगा, धक्का देगा या गुस्सा दिखाएगा।

2. लक्षित या पीड़ित - विद्यार्थी ऐसे दिखाएगा, जैसे उसे बहुत परेशान किया जा रहा है, भले ही वह जानता हो कि बुली जान बूझकर अभिनय कर रहा है।

3. बायस्टैंडर- ये बच्चे बस देखते रहेंगे, लेकिन इनमें से कुछ बच्चे बुली के साथ मिलकर लक्षित या पीड़ित को अधिक परेशान करेंगे।

4. अप-स्टैंडर - यह विद्यार्थी आगे आकर बुली का सामना करेगा और लक्षित या पीड़ित का साथ देगा।

5. खेल पूरा होने के बाद, हम सब मुक्त चिंतन करेंगे तो बुलिंग पर चर्चा करेंगे।

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मुक्त चिंतन – एक-दूसरे के साथ अच्छा व्यवहार करना

सब गोल घेरे में बैठिए और इन प्रश्नों पर चर्चा कीजिए।

•अगर आपके साथ बुलिंग होती तो आपको कैसा लगता

•कोई विद्यार्थी दूसरों को बुली क्यों करता है?

•खेल में जो बच्चे केवल देखते रहे (बायस्टैंडर्स), उन्होंने क्या किया और इस कारण से स्थिति पर क्या प्रभाव पड़ा?

•बुलिंग को रोकने या रोकथाम करने के लिए और क्या किया जा सकता था?



अनुभूति
दूसरों के साथ वैसा ही व्यवहार कीजिए जैसा कि आप अपने लिए अपेक्षा करते हैं। जब आप सबके साथ अच्छा व्यवहार करेंगे तो आप स्वयं भी प्रसन्न रहेंगे।

बुलिंग निवारक नाटक

बुलिंग निवारक नाटक का उद्देश्य यह है कि कैसे मुश्किल परिस्थितियों का सामना करने में आत्मविश्वासी बनें और आपस में सम्मान और सुरक्षा का वातावरण बनाए रखें। किसी को भी शारीरिक, मानसिक या भावनात्मक रूप से परेशान करना बहुत गलत है। इसका बुरा प्रभाव न केवल पीड़ित पर पड़ता है, अपितु जो परेशान करता है, उसके लिए भी गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इस नाटिका के माध्यम से हम सीखेंगे कि हमें ऐसे बुरे व्यवहार को कैसे रोकना है और इसे समाज से पूरी तरह कैसे दूर करना है।


ऊष्मीकरण गतिविधि शीतलीकरण मुक्त चिंतन
अपने मुख के हाव-भाव से क्रोध, आनंद, पीड़ा, सुख और व्याकुलता जैसी भावनाओं को प्रकट करने का अभ्यास बुलिंग निवारक नाटक गहरी साँसों द्वारा क्रोध और चिंता को दूर करने का अभ्यास करना प्रत्येक से अच्छा व्यवहार करना


कैसे खेलें ?----------

• सबसे पहले विद्यार्थियों को 7-8 समूहों में बाँटिए।

• प्रत्येक समूह को कुछ परिस्थितियाँ दी जाएँगी। इनमें ऐसी परिस्थितियाँ होंगी जैसे किसी का उपहास उड़ाते समय असहज या गलत टिप्पणी करना (जिसमें अशोभनीय बातें हों), अनुचित ढंग छूना या चुभोना या साथियों द्वारा दबाव डालना। (जो बातें पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत गलत मानी जाती हैं।)

• प्रत्येक परिस्थिति में बच्चों को अलग-अलग भूमिकाएँ दी जाएँगी, जैसे- अपराधी, पीड़ित आदि। नाटक अभिनय के उद्देश्य को विस्तार से समझाया जाएगा कि उत्पीड़न कैसा होता है और हमें इससे कैसे बचना चाहिए?

• इसके पश्चात प्रत्येक विद्यार्थी अपनी-अपनी भूमिका निभाते हुए उस स्थिति को नाटक के रूप में प्रस्तुत करेगा।

• नाटक खत्म होने के पश्चात सभी अपना अनुभव साझा करेंगे और वास्तविक जीवन में ऐसी स्थिति से कैसे बचा जाए, यह सीखेंगे।

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मुक्त चिंतन- उत्पीड़न निवारण के बारे में चर्चा करेंगे

एक घेरे में बैठकर इन विषयों पर चर्चा करेंगे-

• बुलिंग की परिस्थिति का सामना करना एवं प्रतिउत्तर देना आपके लिए किस प्रकार चुनौतीपूर्ण था? • यदि वास्तविक जीवन में आपके सामने ऐसी ही स्थिति आ जाए तो आप उससे किस प्रकार निपटेंगे?


शिक्षक के लिए सुझाव

• इस नाटक से पूर्व शिक्षकों को 'पॉक्सो एक्ट' के अंतर्गत 'यौन उत्पीड़न' के प्रावधानों को पढ़ना चाहिए।

• शिक्षक को 7 से 8 विद्यार्थियों का समूह बनवाकर अलग-अलग काल्पनिक परिस्थितियों पर नाटक तैयार करने का प्रयास करना चाहिए।

• यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि यह नाटक एक सुरक्षित वातावरण में हो, जिससे बच्चे बिना डर के अपनी बातें और भावनाएँ साझा कर सकें।

• ध्यान दें कि नाटक की सभी परिस्थितियाँ, पात्र और उनकी भूमिकाएँ काल्पनिक हैं तथा सीखने हेतु सुरक्षित परिवेश है।

• नाटक इस तरह से तैयार कीजिए कि बच्चे 'गुड टच' और 'बैड टच' की पहचान कर सकें।

• विद्यार्थियों को इस संबंध में जागरूक करें कि यौन उत्पीड़न से संबंधित घटनाओं की शिकायत कहाँ और कैसे कर सकते हैं और कैसे सहायता प्राप्त कर सकते हैं।



अनुभूति
यौन उत्पीड़न एक दंडात्मक अपराध है इसमें कठोर न्यायिक दंड मिल सकता है।

स्व-आकलन

कथन को पढ़िए और अपने लिए सबसे उपयुक्त उत्तर पर निशान लगाइए-

खेल के मैदान पर सुरक्षा

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मुझे लगता है कि खेल सुरक्षित हो सकते हैं। कुछ खेल दूसरों की तुलना में अधिक सुरक्षित हैं। अधिकांश खेल सुरक्षित हैं। सभी खेल सुरक्षित हैं। यदि खेल सुरक्षित नहीं हैं तो हम उन्हें सुरक्षित बनाने के लिए उनमें परिवर्तन कर सकते हैं।


देखभालपूर्ण दृष्टिकोण
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मुझे अकेले खेलना पसंद है। कभी-कभी मुझे अपने सहपाठियों के साथ खेलना अच्छा लगता है। मैं अधिकतर समय मैदान में खेलना पसंद करता/करती हूँ। मुझे सदैव समूह में खेलना पसंद है। मुझे समूह में खेलना पसंद है, क्योंकि मैं दूसरों के साथ खेलने के लाभों को समझता/समझती हूँ।




बुलिंग को समझना
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मेरे आस-पास बुलिंग नहीं होती। जब मेरे आस-पास बुलिंग होती है तो मैं बुलिंग को पहचान लेता/लेती हूँ। मैं बुलिंग को पहचानने में सक्षम हूँ और ऐसा होने पर मैं विरोध करता/करती हूँ। मैं बुलिंग को पहचान कर बुलिंग से पीड़ित के प्रति सहानुभूति रखता/रखती हूँ। अगर मेरे आस-पास कोई बुलिंग करता है तो मैं उसका सामना करने में सक्षम हूँ।


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मेरे आस-पास बुलिंग नहीं होती। बुलिंग होती है तो मैं इसे पहचानने में सक्षम हूँ।। मैं बुलिंग को पहचानने में सक्षम हूँ और ऐसा होने पर मैं विरोध करता/करती हूँ। मैं बुलिंग की पहचान करने और पीड़ित के प्रति सहानुभूति रखने में सक्षम हूँ। यदि मेरे आस-पास बुलिंग होती है तो मैं उसका सामना करने में सक्षम हूँ।


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मुझे अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखना मुश्किल लगता है। मुझे निराशा होती है, जब परिस्थितियाँ मेरे अनुसार से नहीं होती। कभी-कभी स्वयं पर नियंत्रण नहीं रहता, जिससे निराशा हो जाती है, लेकिन मैं बहुत शीघ्र सामान्य हो जाता/जाती हूँ। मैं खेल के दौरान शांत रहने में सक्षम हूँ। मैं शांत रहने में सक्षम हूँ और दूसरों को शांत होने में सहायता करता/करती हूँ।