1 माँ, कह एक कहानी
"माँ, कह एक कहानी।"
"बेटा, समझ लिया क्या तूने
मुझको अपनी नानी?"
"कहती है मुझसे यह चेटी,
तू मेरी नानी की बेटी !
कह माँ, कह, लेटी ही लेटी,
राजा था या रानी?
राजा था या रानी?
माँ, कह एक कहानी।"
“तू है हठी मानधन मेरे,
सुन, उपवन में बड़े सबेरे,
तात भ्रमण करते थे तेरे,
जहाँ, सुरभि मनमानी।"
"जहाँ सुरभि मनमानी?
हाँ, माँ, यही कहानी।"
“वर्ण वर्ण के फूल खिले थे,
झलमल कर हिम-बिंदु झिले थे,
हलके झोंके हिले-मिले थे,
लहराता था पानी।"
"लहराता था पानी?
हाँ, हाँ, यही कहानी।"
"गाते थे खग कल कल स्वर से,
सहसा एक हंस ऊपर से,
गिरा, बिद्ध होकर खर-शर से,
हुई पक्ष की हानी!"
"हुई पक्ष की हानी?
करुणा-भरी कहानी!"
"चौंक उन्होंने उसे उठाया,
नया जन्म-सा उसने पाया।
इतने में आखेटक आया,
लक्ष्य-सिद्धि का मानी।"
"लक्ष्य-सिद्धि का मानी?
कोमल-कठिन कहानी।"
"माँगा उसने आहत पक्षी,
तेरे तात किंतु थे रक्षी। तब उसने,
जो था खगभक्षी-
हठ करने की ठानी।"
"हठ करने की ठानी?
अब बढ़ चली कहानी।"
"हुआ विवाद सदय-निर्दय में,
उभय आग्रही थे स्वविषय में,
गई बात तब न्यायालय में
सुनी सभी ने जानी।"
“सुनी सभी ने जानी?
व्यापक हुई कहानी।"
"राहुल, तू निर्णय कर इसका-
न्याय पक्ष लेता है किसका?
कह दे निर्भय, जय हो जिसका।
सुन लूँ तेरी बानी।"
"माँ, मेरी क्या बानी?
मैं सुन रहा कहानी।
कोई निरपराध को मारे,
तो क्यों अन्य उसे न उबारे?
रक्षक पर भक्षक को वारे,
न्याय दया का दानी!"
"न्याय दया का दानी?
तूने गुनी कहानी।"
- मैथिलीशरण गुप्त
कवि से परिचय
मैथिलीशरण गुप्त द्वारा रचित कविता का यह अंश 'माँ, कह एक
कहानी' उनकी काव्य-कृति यशोधरा से लिया गया है। यह माँ
यशोधरा और बेटे राहुल के बीच संवाद शैली में रचा गया है। मैथिलीशरण गुप्त का जन्म चिरगाँव, झाँसी (उत्तर प्रदेश) में हुआ था। पंद्रह-सोलह वर्ष की आयु में ही वे कविता करने लगे थे। प्रारंभ में ब्रज भाषा में और फिर हिंदी में आजीवन लेखन कार्य करते रहे। स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी रचनाओं ने लोगों में देशप्रेम की भावना जगाने का काम किया। राष्ट्रकवि के रूप में इनकी ख्याति सर्वविदित है। इनकी अधिकांश कृतियों में भारत की धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और राष्ट्रीय चेतना के स्वर हैं। साकेत, भारत-भारती और यशोधरा उनकी काव्य-कृतियाँ हैं।
पाठ से
आइए, अब हम इस कविता पर विस्तार से चर्चा करें। आगे दी गई गतिविधियाँ इस कार्य में आपकी सहायता करेंगी।

मेरी समझ से
(क) नीचे दिए गए प्रश्नों का सबसे सही उत्तर कौन-सा है? उनके सामने तारा (4) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं।
(1) माँ अपने बेटे को करुणा और न्याय की कहानी क्यों सुनाती है?
- राजाओं की कहानियों से उसका मनोरंजन करने के लिए।
- उसमें सही और गलत की समझ विकसित करने के लिए।
- उसे परिवार की विरासत और पूर्वजों के बारे में बताने के लिए।
- उसे प्रकृति और जानवरों के बारे में जानकारी देने के लिए।
(2) कविता में घायल पक्षी की कहानी का उपयोग किस लिए किया गया है?
- निर्दोष पक्षी के प्रति आखेटक की क्रूरता दिखाने के लिए।
- पिता की वीरता और साहस पर ध्यान दिलाने के लिए।
- करुणा और हिंसा के बीच के संघर्ष को दिखाने के लिए।
- मित्रता और निष्ठा के महत्व को उजागर करने के लिए।
(3) कविता के अंत तक पहुँचते-पहुँचते बच्चे को क्या समझ में आने लगता है?
- न्याय सदैव करुणा के साथ होना चाहिए।
- निर्णय लेते समय सदैव निडर रहना चाहिए।
- आखेटकों का सदैव विरोध करना चाहिए।
- जानवरों की हर स्थिति में रक्षा करनी चाहिए।
मिलकर करें मिलान
इस पाठ में आपने माँ और पुत्र के बीच की बातचीत को एक कविता के रूप में पढ़ा है। इस कविता में माँ अपने पुत्र को उसके पिता की एक कहानी सुना रही हैं। क्या आप जानते हैं कि ये माँ, पुत्र और पिता कौन हैं? अपने समूह में इन पर चर्चा कीजिए और उन्हें पहचानकर सुमेलित कीजिए। इसके लिए आप शब्दकोश, इंटरनेट या अपने शिक्षकों की सहायता ले सकते हैं।
| पात्र | ये शब्द किनके लिए आए हैं |
|---|---|
| 1. बेटा | 1. यशोधरा, एक राजकुमारी, सिद्धार्थ की पत्नी |
| 2. माँ | 2. सिद्धार्थ, एक राजकुमार जो बाद में गौतम बुद्ध के नाम से प्रसिद्ध हुए |
| 3. तात (पिता) | 3. सिद्धार्थ और यशोधरा के पुत्र राहुल |
पंक्तियों पर चर्चा
पाठ में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यान से पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार अपने समूह में साझा कीजिए और लिखिए-
(क) "कोई निरपराध को मारे,
तो क्यों अन्य उसे न उबारे?
रक्षक पर भक्षक को वारे,
न्याय दया का दानी!"
(ख) "हुआ विवाद सदय-निर्दय में,
उभय आग्रही थे स्वविषय में,
गई बात तब न्यायालय में,
सुनी सभी ने जानी।"
सोच-विचार के लिए
कविता को एक बार फिर से पढ़िए, पता लगाइए और लिखिए-
(क) आपके विचार से इस कविता में कौन-सी पंक्ति सबसे महत्वपूर्ण है? आप उसे ही सबसे महत्वपूर्ण क्यों मानते हैं?
(ख) आखेटक और बच्चे के पिता के बीच तर्क-वितर्क क्यों हुआ था?
(ग) माँ ने पुत्र से "राहुल, तू निर्णय कर इसका" क्यों कहा?
(घ) यदि कहानी में आप उपवन में होते तो घायल हंस की सहायता के लिए क्या करते? आपके अनुसार न्याय कैसे किया जा सकता था?
(ङ) कविता में माँ और बेटे के बीच बातचीत से उनके बारे में क्या-क्या पता चलता है? (संकेत - कविता पढ़कर आपके मन में माँ-बेटे के बारे में जो चित्र बनता है, जो भाव आते हैं या जो बातें पता चलती हैं, उन्हें भी लिख सकते हैं।)
अनुमान और कल्पना से
अपने समूह में मिलकर चर्चा कीजिए-(क) माँ ने अपने बेटे को कहानी सुनाते समय अंत में कहानी को स्वयं पूरा नहीं किया, बल्कि उसी से निर्णय करने के लिए कहा। यदि आप किसी को यह कहानी सुना रहे होते तो कहानी को आगे कैसे बढ़ाते?
(ख) मान लीजिए कि कहानी में हंस और तीर चलाने वाले के बीच बातचीत हो रही है। कल्पना से बताइए कि जब उसने हंस को तीर से घायल किया तो उसमें और हंस में क्या-क्या बातचीत हुई होगी? उन्होंने एक-दूसरे को क्या-क्या तर्क दिए होंगे?
(ग) मान लीजिए कि माँ ने जो कहानी सुनाई है, आप भी उसके एक पात्र हैं। आप कौन-सा पात्र बनना चाहेंगे? और क्यों?
- तीर चलाने वाला
- पक्षी
- पक्षी को बचाने वाला व्यक्ति
- न्यायाधीश
- कोई अन्य पात्र जो आप कहानी में जोड़ना चाहें
संवाद
इस कविता में एक माँ और उसके पुत्र का संवाद दिया गया है लेकिन कौन-सा कथन किसने कहा है, यह नहीं बताया गया है। आप कविता में दिए गए संवादों को पहचानिए कि कौन-सा कथन किसने कहा है और उसे दिए गए उचित स्थान पर लिखिए। उदाहरण के लिए, माँ और पुत्र का एक-एक कथन दिया गया है।
| पुत्र द्वारा कहे गए कथन | माँ द्वारा कहे गए कथन |
|---|---|
| 1. "माँ, कह एक कहानी।" | 1. "बेटा, समझ लिया क्या तूने |
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| ———————— | ———————— |
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शब्द से जुड़े शब्द
नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में प्रकृति से जुड़े शब्द कविता में से चुनकर लिखिए-
पंक्ति से पंक्ति
नीचे स्तंभ 1 और स्तंभ 2 में कुछ पंक्तियाँ दी गई हैं। मिलती-जुलती पंक्तियों को रेखा खींचकर मिलाइए-
| स्तंभ 1 | स्तंभ 2 |
|---|---|
1. कहती है मुझसे यह चेटी 2. तू है हठी मानधन मेरे 3. झलमल कर हिम-विंदु झिले थे 4. गिरा, बिद्ध होकर खर-शर से 5. हुआ विवाद सदय-निर्दय में 6. कह दे निर्भय, जय हो जिसका। 7. तूने गुनी कहानी। 8. उभय आग्रही थे स्वविषय में 9. तब उसने, जो था खगभक्षी-हठ करने की ठानी। 10. रक्षक पर भक्षक को वारे न्याय दया का दानी! |
1. दोनों ही अपनी-अपनी बात पर अड़े हुए थे। 2.तू बिना डरे कह दे कि जीत किसकी होनी चाहिए। 3. दयालु और निर्दयी व्यक्ति में झगड़ा हुआ। 4. न्याय में दया सम्मिलित होती है, न्याय मारने वाले के स्थान पर बचाने वाले का पक्ष लेता है। 5. हिम-कण/ओस की बूँदें झिलमिला रही थीं। 6. तूने कहानी को समझ लिया है। 7. यह सेविका मुझसे यह कहती है। 8. तेज धार वाले तीर से घायल होकर गिर गया। 9. हे मेरे पुत्र, तू बहुत हठ करता है। 10. तब उस तीर चलाने वाले ने हठ करने का निश्चय कर लिया। |
कविता की रचना
"राजा था या रानी?
राजा था या रानी?
माँ, कह एक कहानी।"
इन पंक्तियों पर ध्यान दीजिए। इन पंक्तियों की तरह इस पूरी कविता में अनेक स्थानों पर कुछ पंक्तियाँ दो बार आई हैं। इस कारण कविता में पाठक को माँ-बेटे की बातचीत और अच्छी तरह समझ में आ जाती है। इससे कविता के सौंदर्य में भी वृद्धि हुई है।
आप ध्यान देंगे तो इस कविता में आपको ऐसी अनेक विशेषताएँ दिखाई देंगी (जैसे- कविता में माँ-बेटे का संवाद दिया गया है जिसे 'संवादात्मक शैली' कहते हैं; प्रकृति और कार्यों आदि का वर्णन किया गया है जिसे 'वर्णनात्मक शैली' कहा जाता है)।
(क) इस कविता को एक बार पुनः पढ़िए और अपने समूह में मिलकर इस कविता की विशेषताओं की सूची बनाइए। अपने समूह की सूची को कक्षा में सबके साथ साझा कीजिए।
(ख) नीचे इस कविता की कुछ विशेषताएँ और वे पंक्तियाँ दी गई हैं जिनमें ये विशेषताएँ दिखाई देती हैं। विशेषताओं का सही पंक्तियों से मिलान कीजिए। आप कविता की पंक्तियों में एक से अधिक विशेषताएँ भी ढूँढ़ सकते हैं।
| कविता की विशेषताएँ | कविता की पंक्तियाँ |
|---|---|
1. संवाद दिए गए हैं। 2. पंक्ति के अंतिम शब्द की ध्वनि आपस में मिलती-जुलती है। 3. कुछ शब्द दो बार और साथ-साथ आए हैं। 4. कुछ विपरीतार्थक शब्द साथ-साथ आए हैं। 5. प्रकृति का वर्णन किया गया है। 6. एक ही वर्ण से शुरू होने वाले एक से अधिक शब्द एक ही पंक्ति में आए हैं। 7. प्रश्न-उत्तर दिए गए हैं। 8. शब्द की वर्तनी बदलकर उपयोग किया गया है। |
1. हुआ विवाद सदय-निर्दय में 2. हुई पक्ष की हानी। 3. बेटा, समझ लिया क्या तूने मुझको अपनी नानी? कहती है मुझसे यह चेटी, तू मेरी नानी की बेटी ! 4. तू है हठी मानधन मेरे, सुन, उपवन में बड़े सबेरे 5. कोमल-कठिन कहानी। 6. वर्ण वर्ण के फूल खिले थे, झलमल कर हिम-विंद झिले थे, हलके झोंके हिले-मिले थे, लहराता था पानी। |
रूप बदलकर
"सुन, उपवन में बड़े सबेरे,
तात भ्रमण करते थे तेरे,"
कविता की इन पंक्तियों को निम्न प्रकार से बदलकर लिखा जा सकता है-
"सुनो! आपके पिता एक उपवन में बहुत सवेरे भ्रमण किया करते थे... "
अब आप भी पाठ के किसी एक पद को एक अनुच्छेद के रूप में लिखिए।
कविता में विराम चिह्न
"माँ, कह एक कहानी।"
इस पंक्ति में आपको अनेक विराम चिह्न दिखाई दे रहे हैं,जैसे-
- अल्प विराम (,)
- पूर्ण विराम (1)
- उद्धरण चिह्न ("")
- कविता पाठ करते समय कहाँ थोड़ा रुकना है (,), कहाँ अधिक रुकना है (1)
- कौन सी पंक्ति किसने कही है? पुत्र ने या माँ ने ("")
- कहाँ प्रश्न पूछा गया है (?)
- कौन-सी बात आश्चर्य से बोली गई है (!)
इस कविता में विराम चिह्नों का बहुत अच्छा प्रयोग किया गया है। विराम चिह्न इस कविता में अनेक कार्य कर रहे हैं, जैसे यह बताना कि-
(क) नीचे कविता का एक अंश बिना विराम चिह्नों के दिया गया है। इसमें उपयुक्त स्थानों पर विराम चिह्न लगाइए-
राहुल तू निर्णय कर इसका-
न्याय पक्ष लेता है किसका
कह दे निर्भय जय हो जिसका
सुन लूँ तेरी बानी
माँ मेरी क्या बानी
मैं सुन रहा कहानी
कोई निरपराध को मारे
तो क्यों अन्य उसे न उबारे
रक्षक पर भक्षक को वारे
न्याय दया का दानी
न्याय दया का दानी
तूने गुनी कहानी
(ख) अब विराम चिह्नों का ध्यान रखते हुए कविता को अपने समूह में सुनाइए।
पाठ से आगे
आपकी बात
(क)“सुन, उपवन में बड़े सबेरे, तात भ्रमण करते थे तेरे," आप या आपके परिजन भ्रमण के लिए कहाँ-कहाँ जाते हैं? और क्यों?
(ख) इस पाठ में एक माँ अपने पुत्र को कहानी सुना रही है। आप किस-किस से कहानी सुनते हैं या थे? आप किसको और कौन-सी कहानी सुनाते हैं?
(ग) माँ ने कहानी सुनाने के बीच में एक प्रश्न पूछ लिया था। क्या कहानी सुनाने के बीच में प्रश्न पूछना सही है? क्यों?
(घ)कविता में बालक अपनी माँ से बार-बार 'वही' कहानी सुनने की हठ करता है। क्या आपका भी कभी कोई कहानी बार-बार सुनने का मन करता है? अगर हाँ, तो वह कौन-सी कहानी है और क्यों?
निर्णय करें
"राहुल, तू निर्णय कर इसका-"
नीचे कुछ स्थितियाँ दी गई हैं। बताइए कि इन स्थितियों में आप क्या करेंगे?
1. खेलते समय आप देखते हैं कि एक मित्र ने भूल से एक नियम तोड़ा है।
2. एक सहपाठी को कक्षा में दूसरों द्वारा चिढ़ाया जा रहा है।
3.एक समूह परियोजना के बीच एक सहपाठी अपने भाग का कार्य नहीं कर रहा है।
4. आपके दो मित्रों के बीच एक छोटी-सी बात पर तर्क-वितर्क हो रहा है।
5.एक सहपाठी को कुछ ऐसा करने के लिए अनुचित रूप से दंडित किया जा रहा है जिसे उसने नहीं किया।
6.एक सहपाठी प्रतियोगिता में हार जाने पर उदास है।
7.कक्षा में चर्चा के बीच एक सहपाठी संकोच कर रहा है और बोलने का अवसर नहीं पा रहा है।
8. सहपाठी किसी विषय में संघर्ष कर रहा है और आपसे सहायता माँगता है।
सुनी कहानी
हमारे देश और विश्व में अनेक कहानियाँ लोग एक-दूसरे को सैकड़ों-हजारों सालों से सुनते-सुनाते रहे हैं। इन कहानियों को लोककथाएँ कहते हैं। अपने घर या आस-पास सुनी-सुनाई जाने वाली किसी लोककथा को लिखकर कक्षा में सुनाइए। आपने जिस भाषा में लोककथा सुनी है या जिस भाषा में आप लोककथा लिखना चाहें, लिख सकते हैं। कक्षा के सभी समूहों द्वारा एकत्रित लोककथाओं को जोड़कर एक पुस्तिका बनाइए और कक्षा के पुस्तकालय में उसे सम्मिलित कीजिए।
आज की पहेली
नीचे कुछ पहेलियाँ दी गई हैं। इनके उत्तर आपको कविता में से मिल जाएँगे। पहेलियाँ बूझिए-
पहेली 1नानी की बेटी है कौन?
मामा की बहना है कौन?
भार्या है पिता की कौन?
भाभी है चाचा की कौन?
पहेली 2
आसमान में उड़-उड़ जाए,
तरह-तरह के गाने गाए,
पर फैलाकर करता सैर,
दो हैं जिसके पर और पैर।
पहेली 3
बागों में जो सुगंध फैलाती,
फूल-फूल में बसती गाती,
हवा-हवा में घुल-मिल जाए,
कौन है जो यह नाम बताए?
खोजबीन के लिए
- माँ, कह एक कहानी https://www.youtube.com/watch?v=nQUltEEDx4s&ab_channel=NCERTOFFICIAL
- हंस किसका https://www.youtube.com/watch?v=O6Jnj49jMGc&ab_channel=NCERTOFFICIAL
- मैथिलीशरण गुप्त द्वारा एक कविता का पाठ https://www.youtube.com/watch?v=sIWB9ZasRNY&t=126s&ab_ channel=PrasarBharatiArchives