अध्याय-3
फूल और काँटा
हैं जनम लेते जगह में एक ही,
एक ही पौधा उन्हें है पालता।
रात में उन पर चमकता चाँद भी,
एक ही सी चाँदनी है डालता।
मेह उन पर है बरसता एक सा,
एक सी उन पर हवायें हैं बही।
पर सदा ही यह दिखाता है हमें,
ढंग उनके एक से होते नहीं।
छेद कर काँटा किसी की उँगलियाँ,
फाड़ देता है किसी का वर बसन।
प्यार-डूबी तितलियों का पर कतर,
भौर का है बेध देता श्याम तन।
फूल लेकर तितलियों को गोद में,
भौंर को अपना अनूठा रस पिला।
निज सुगंधों औ निराले रंग से,
है सदा देता कली जी की खिला।
है खटकता एक सब की आँख में,
दूसरा है सोहता सुर शीश पर।
किस तरह कुल की बड़ाई काम दे,
जो किसी में हो बड़प्पन की कसर।
-अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध'
कवि से परिचय
'उठो लाल, अब आँखें खोलो। पानी लाई हूँ, मुँह धो लो।' बचपन में यह प्यारी कविता आपने भी पढ़ी होगी। इस कविता को रचने वाले अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध' ही 'फूल और काँटा' के कवि हैं। बच्चों के लिए उन्होंने अनेक रोचक कविताएँ लिखी हैं। उनका जन्म आजमगढ़ (उत्तर प्रदेश) में हुआ था। हरिऔध जी की चर्चित काव्य-कृति प्रियप्रवास को खड़ी बोली का पहला महाकाव्य माना जाता है। बच्चों के लिए उनके अनेक कविता-संकलन प्रकाशित हैं जिनमें चंद्र-खिलौना और खेल तमाशा उल्लेखनीय हैं।
पाठ से
आइए, अब हम इस कविता पर विस्तार से चर्चा करें। आगे दी गईं गतिविधियाँ इस कार्य में आपकी सहायता करेंगी।
मेरी समझ से
(क)कविता के आधार पर नीचे दिए गए प्रश्नों का सटीक उत्तर कौन-सा है? उनके सामने तारा
बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं।
(1) कविता में काँटे के बारे में कौन-सा वाक्य सत्य है?
- काँटा अपने आस-पास की सुगंध को नष्ट करता है।
- काँटा तितलियों और भौंरों को आकर्षित करता है।
- काँटा उँगलियों को छेदता है और वस्त्र फाड़ देता है।
- काँटा पौधे को हानि पहुँचाता है।
(2) कविता में फूल और काँटे में समानताओं और विभिन्नताओं का उल्लेख किया गया है। निम्नलिखित में से कौन-सा वाक्य इन्हें सही रूप में व्यक्त करता है?
- फूल सुंदरता का प्रतीक है और काँटा कठोरता का।
- फूल और काँटे के बारे में लोगों के विचार समान होते हैं।
- फूल और काँटे एक ही पौधे पर उगते हैं, लेकिन उनके स्वभाव भिन्न होते हैं।
- फूल और काँटे को समान देखभाल मिलती है फिर भी उनके रंग-ढंग अलग होते हैं।
(3) कविता के आधार पर कौन-सा निष्कर्ष उपयुक्त है?
- व्यक्ति का कुल ही उसके सम्मान का आधार होता है।
- व्यक्ति के कार्यों के कारण ही लोग उसका सम्मान करते हैं।
- कुल की प्रतिष्ठा हमेशा व्यक्ति के गुणों से बड़ी होती है।
- यदि व्यक्ति अच्छे कार्य करता है तो उसके कुल को प्रसिद्धि मिलती है।
(4) कविता के अनुसार निम्नलिखित में से कौन-सा कथन 'बड़प्पन' के लिए सर्वाधिक उपयुक्त है?
- धन-दौलत और ताकत से व्यक्ति के बड़प्पन का पता चलता है।
- कुल के बड़प्पन की प्रशंसा व्यक्ति की कमियों को ढक देती है।
- बड़प्पन व्यक्ति के गुणों, स्वभाव और कर्मों से पहचाना जाता है।
- कुल का नाम व्यक्ति में बड़प्पन की पहचान का मुख्य आधार है।
(ख) हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-अलग या एक से अधिक उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुनें?
पंक्तियों पर चर्चा
पाठ में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यान से पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार अपने समूह में साझा कीजिए और लिखिए-
(क) "मेह उन पर है बरसता एक सा,
एक सी उन पर हवायें हैं बही।
पर सदा ही यह दिखाता है हमें,
ढंग उनके एक से होते नहीं।"
(ख) “किस तरह कुल की बड़ाई काम दे,
जो किसी में हो बड़प्पन की कसर।"
मिलकर करें मिलान
इस कविता में 'फूल' और 'काँटा' के उदाहरण द्वारा लोगों के स्वभावों के अंतर और समानताओं की ओर संकेत किया गया है। दूसरे शब्दों में, 'फूल' और 'काँटा' प्रतीक के रूप में प्रयोग किए गए हैं। अपने साथियों के साथ मिलकर चर्चा कीजिए कि फूल और काँटा किस-किस के प्रतीक हो सकते हैं। इन्हें उपयुक्त प्रतीकों से जोड़िए-
| दया | परोपकार | |
| स्वार्थ | प्रेम | |
| अच्छाई | फूल |
बुराई |
| सुख | दुख | |
| सुंदरता | काँटा |
कठोरता |
| कोमलता | प्रसन्नता | |
| आनंद | पीड़ा |
सोच-विचार के लिए
कविता को एक बार पुनः ध्यान से पढ़िए, पता लगाइए और लिखिए-
(क) कविता में ऐसी कौन-कौन सी समानताओं का उल्लेख किया गया है जो सभी पौधों पर समान रूप से लागू होती हैं?
(ख) आपको फूल और काँटे के स्वभाव में मुख्य रूप से कौन-सा अंतर दिखाई दिया?
(ग) कविता में मुख्य रूप से कौन-सी बात कही गई है? उसे पहचानिए, समझिए और अपने शब्दों में लिखिए।
(घ) "किस तरह कुल की बड़ाई काम दे, जो किसी में हो बड़प्पन की कसर।" उदाहरण देकर समझाइए।
(ङ) "है खटकता एक सब की आँख में, दूसरा है सोहता सुर शीश पर।" लोग कैसे स्वभाव के व्यक्तियों की प्रशंसा करते हैं और कैसे स्वभाव वाले व्यक्तियों से दूर रहना पसंद करते हैं?
अनुमान और कल्पना से
अपने समूह में मिलकर चर्चा कीजिए -
(क) कल्पना कीजिए कि चाँदनी, हवा और मेघ केवल एक पौधे पर बरसते हैं। बाकी पौधे इन सबके बिना कैसे दिखेंगे और उनके जीवन पर इसका क्या प्रभाव होगा?
(ख) यदि सभी पौधे एक जैसे होते तो दुनिया कैसी लगती?
(ग) यदि काँटे न होते और हर पौधा केवल फूलों से भरा होता तो क्या होता?
(घ) कल्पना कीजिए कि एक तितली काँटे से मित्रता करना चाहती है, उनके बीच कैसा संवाद होगा?
(ङ) कल्पना कीजिए कि आपको किसी काँटे, फूल या दोनों के गुणों के साथ जीवन जीने का अवसर मिलता है। आप किसके गुणों को अपनाना चाहेंगे? कारण सहित बताइए।
शब्द से जुड़े शब्द
नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में 'बड़प्पन' से जुड़े शब्द अपने समूह में चर्चा करके लिखिए-
बड़प्पन
'बड़प्पन' शब्द 'बड़ा' और 'पन' से मिलकर बना है। इसका अर्थ होता है- बड़ाई, श्रेष्ठ या बड़ा होने का भाव, महत्व, गौरव। इसका उपयोग मुख्य रूप से व्यक्तित्व, गुण और चरित्र की ऊँचाई या महानता बताने के लिए किया जाता है, जैसे उनकी सादगी और बड़प्पन ने सबका मन जीत लिया।
- नीचे कुछ शब्द दिए गए हैं जो किसी भाव को व्यक्त करते हैं। इनमें से जो शब्द 'बड़प्पन' के भाव व्यक्त करते हैं, उन पर एक गोला बनाइए, जो बड़प्पन का भाव व्यक्त नहीं करते हैं, उनके नीचे रेखा खींचिए।
| सहनशीलता | दया | अहंकार | विश्वास | घमंड |
|---|---|---|---|---|
| द्वेष | प्रतिशोध | क्रूरता | उदारता | विनम्रता |
| संतोष | समर्पण | आदर | सम्मान | निष्ठा |
| सद्भावना | स्वार्थ | अपमान | अविश्वास | झूठ |
| लालच | झगड़ालूपन | ईर्ष्या | त्याग | अधीरता |
| परोपकार |
कविता की रचना
"फूल लेकर तितलियों को गोद में,
भौर को अपना अनूठा रस पिला।
निज सुगंधों ...औ.. निराले रंग से,
है सदा देता कली का जी खिला।"
इस पंक्ति में रेखांकित शब्द पर ध्यान दीजिए। क्या आपने इस शब्द को पहले कहीं पढ़ा है? यह शब्द है-'और'। कविता में 'र' वर्ण नहीं लिखा गया है। कई बार बोलते हुए हम शब्द की अंतिम ध्वनि उच्चरित नहीं करते हैं। कवि भी कविता की लय के अनुसार ऐसा प्रयोग करते हैं। इस कविता में ऐसी अनेक विशेषताएँ छिपी हैं, जैसे- 'प्यार में डूबी तितलियों' के स्थान पर 'प्यार-डूबी तितलियों' का प्रयोग किया गया है। हर दूसरी पंक्ति का अंतिम शब्द मिलती-जुलती ध्वनि वाला यानी 'तुकांत' है आदि।
(क) अपने समूह के साथ मिलकर इन विशेषताओं की सूची बनाइए। अपने समूह की सूची को कक्षा में सबके साथ साझा कीजिए।
(ख) नीचे इस कविता की कुछ विशेषताएँ और वे पंक्तियाँ दी गई हैं जिनमें ये विशेषताएँ झलकती हैं। विशेषताओं का सही पंक्तियों से मिलान कीजिए। आप कविता की पंक्तियों में एक से अधिक विशेषताएँ भी ढूँढ़ सकते हैं।
| कविता की विशेषताएँ | कविता की पंक्तियाँ । |
|---|---|
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कविता का सौंदर्य
(क) आगे कविता की कुछ पंक्तियाँ दी गई हैं। इनमें कुछ शब्द हटा दिए गए हैं और साथ में मिलते-जुलते अर्थ वाले शब्द भी दिए गए हैं। इनमें से प्रत्येक शब्द से वह पंक्ति पूरी करके देखिए जो शब्द उस पंक्ति में जँच रहे हैं, उन पर घेरा बनाइए।
1. हैं जनम लेते जगह में एक ही,
एक ही पौधा उन्हें है पालता।
..............में उन पर चमकता...................भी, (रात, रात्रि, रजनी, निशा) (शशि, चंद्रमा, चाँद, राकेश, इंदु) एक ही सी चाँदनी है डालता।
2...... उन पर है बरसता एक सा, (मेह, बादल, मेघ, जलद)
एक सी उन पर हैं बही। (वायु, पवन, समीर, मारुत, बयारे, हवायें)
पर सदा ही यह दिखाता है हमें,
ढंग उनके एक से होते नहीं।
(ख) अपने समूह में चर्चा करके पता लगाइए कि कौन-सा शब्द रिक्त स्थानों में सबसे अधिक साथियों को जँच रहा है और क्यों?
विशेषण
"भौर का है बेध देता श्याम तन।" 'श्याम तन' का अर्थ है- काला शरीर। यहाँ 'श्याम' शब्द भँवरे के 'शरीर' की विशेषता बता रहा है, अर्थात् 'श्याम' 'विशेषण' है। 'तन' एक संज्ञा शब्द है जिसकी विशेषता बताई जा रही है अर्थात् 'तन' 'विशेष्य' शब्द है।
(क) नीचे दी गई पंक्तियों में विशेषण और विशेष्य शब्दों की पहचान करके लिखिए -
| पंक्ति | विशेषण | विशेष्य |
|---|---|---|
| 1. भौर का है बेध देता श्याम तन | श्याम | तन |
| 2. फाड़ देता है किसी का वर बसन | ........ | ........ |
| 3. भौर को अपना अनूठा रस पिला | ....... | ......... |
| 4. निज सुगंधों औ निराले ढंग से | ...... | ....... |
(ख) नीचे दिए गए विशेष्यों के लिए अपने मन से विशेषण सोचकर लिखिए -
1. फूल —————— ——————2. काँटा —————— ——————
3. मेह —————— ——————
4. चाँद —————— ——————
5. रात. —————— ——————
पाठ से आगे
आपकी बात
(क) यदि आपको फूल और कॉंटे में से किसी एक को चुनना हो तो आप किसे चुनेंगे और क्यों?
(ख) कविता में बताया गया है कि फूल अपनी सुगंध और व्यवहार से चारों ओर प्रसन्नता और आनंद फैला देता है। आप अपने मित्रों या परिवार के जीवन में प्रसन्नता और आनंद लाने के लिए क्या-क्या करते हैं और क्या-क्या कर सकते हैं?
(ग) 'फूल' और 'काँटे' एक-दूसरे से बिलकुल भिन्न हैं फिर भी साथ-साथ पाए जाते हैं। अपने आस-पास से ऐसे अन्य उदाहरण दीजिए।
(संकेत वस्तुएँ, जैसे नमक और चीनीः स्वभाव, जैसे शांत और क्रोधी; स्वाद, जैसे-खट्टा-मीठा; रंग, जैसे काला-सफेद; अनुभव, जैसे सुख-दुख आदि)
(घ) “छेद कर काँटा किसी की उँगलियाँ, फाड़ देता है किसी का वर बसन।" आप अपने आस-पास की किसी समस्या का वर्णन कीजिए जिसे आप 'काँटे' के समान महसूस करते हैं। उस समस्या का समाधान भी सुझाइए।
सृजन
(क) इस कविता के बारे में एक चित्र बनाइए। आप चित्र में जहाँ चाहें, अपने मनोनीत रंग भर सकते हैं। आप बिना रंगों या केवल उपलब्ध रंगों की सहायता से भी चित्र बना सकते हैं। चित्र बिलकुल मौलिक लगे इसकी चिंता करने की भी आवश्यकता नहीं है। आप अपनी कल्पना को जैसे मन करे, वैसे साकार कर सकते हैं।
(ख) मान लीजिए कि फूल और काँटे के बीच बातचीत हो रही है। उनकी बातचीत या संवाद अपनी कल्पना से लिखिए।
संवाद का विषय निम्नलिखित हो सकता है
- उनके गुणों और विशेषताओं पर चर्चा।
- यह समझाना कि उनका जीवन में क्या योगदान है।
उदाहरण
- फूल - मैं दूसरों के जीवन में सुगंध और सुख फैलाने आया हूँ।
- काँटा - और मैं संघर्ष की याद दिलाने और सुरक्षा देने के लिए हूँ।
वाद-विवाद
विभिन्न समूह बनाकर कक्षा में एक वाद-विवाद गतिविधि का आयोजन कीजिए। इसके लिए विषय है-'जीवन में फूल और काँटे, दोनों की आवश्यकता होती है'।
कक्षा में वाद-विवाद गतिविधि का आयोजन करने के लिए कुछ सुझाव निम्नलिखित हैं-
- 1. आपकी कक्षा में पहले से सात-आठ समूह बने होंगे। आधे समूह 'फूल' के पक्ष में तर्क देंगे। आधे समूह 'काँटे' के पक्ष में तर्क देंगे।
- 2. एक समूह निर्णायक मंडल की भूमिका निभाएगा। निर्णायक मंडल का काम होगा-
- तर्कों को ध्यान से सुनना।
- प्रस्तुति शैली और तर्कों की गहराई के आधार पर अंकों का निर्धारण करना।
- 3. प्रत्येक समूह को तैयारी के लिए 15 मिनट का समय मिलेगा ताकि वे अपने तर्क तैयार कर सकें। सभी समूह अपने-अपने तर्क मिलकर सोचेंगे और लिखेंगे।
- 4. प्रत्येक समूह को अपने पक्ष में बोलने के लिए तीन-चार मिनट का समय मिलेगा। दूसरा समूह पहले समूह के तर्कों पर एक-दो मिनट में उत्तर देगा या उनसे प्रश्न पूछेगा।
- 5. सभी प्रतिभागियों को एक-दूसरे की बात ध्यान से सुननी होगी। बीच में टोकने की अनुमति किसी को नहीं होगी।
- 6. सभी समूहों का क्रम तय किया जाएगा। वाद-विवाद के लिए क्रम इस प्रकार हो सकता है-
- समूह 1 (फूल के पक्ष में)
- समूह 2 (काँटे के पक्ष में)
- समूह 3 (फूल के पक्ष में)
- समूह 4 (काँटे के पक्ष में)
- और इसी क्रम से आगे बढ़ें।
- 7. जो समूह निर्णायक मंडल का कार्य कर रहा है, वह वाद-विवाद के अंतराल में तर्क, भाषा कौशल और प्रस्तुति शैली के आधार पर अंकों का निर्धारण करेगा।
- 8. निर्णायक मंडल अंकों के आधार पर विजेता समूह का निर्णय करेगा।
- 9. समूहों के प्रयासों के लिए तालियाँ बजाएँ और उनकी प्रशंसा करें। संभव हो तो विजेता समूह को कोई पुरस्कार या प्रमाणपत्र दिया जा सकता है।
- 10. विद्यार्थी वाद-विवाद गतिविधि के अनुभवों पर एक अनुच्छेद भी लिख सकते हैं।
आज की पहेली
नीचे कुछ ऐसे पेड़-पौधों के चित्र दिए गए हैं जिनमें फूल और काँटे साथ-साथ पाए जाते हैं। चित्रों को सही नामों के साथ रेखा खींचकर जोड़िए-
| वर्णन | चित्र |
| 1.बबूल
फूल - पीले या सफेद छोटे गुच्छेदार।
काँटे - लंबे और नुकीले। विशेषता- इसका उपयोग ईंधन, चारा और औषधियों में किया जाता है। |
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| 2. गुलाब
फूल -विभिन्न रंगों में, विशेष रूप से लाल, सफेद, और गुलाबी।
काँटे -तने पर छोटे और तीखे। विशेषता-सजावटी पौधा और इत्र बनाने के लिए प्रसिद्ध । |
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| 3.नागफनी
फूल-रंग-बिरंगे, पीले, नारंगी या गुलाबी।
काँटे - पूरी सतह पर छोटे या लंबे। विशेषता -सूखे क्षेत्रों में पाया जाता है और सजावटी पौधे के रूप में भी उगाया जाता है। |
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| 4.बेर
फूल -छोटे और हल्के पीले।
काँटे-शाखाओं पर छोटे-छोटे। विशेषता-इसके फल खाद्य और औषधीय होते हैं। |
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| 5.करौंदा
फूल -छोटे, सफेद और सुगंधित।
काँटे-शाखाओं पर छोटे-छोटे और तीखे । विशेषता-फूल सजावटी और मधुर सुगंध वाले होते हैं। इसके फल से अचार, जैम और जेली बनाई जाती हैं। यह शुष्क और पहाड़ी क्षेत्रों में उगता है। | ![]() |
| 6.नीबू
फूल - छोटे, सफेद और हल्की गुलाबी छाया लिए हुए। सुगंधित और गुच्छेदार।
काँटे-शाखाओं पर छोटे और तीखे काँटे। विशेषता-फल खट्टे और विटामिन सी से भरपूर होते हैं। इनका उपयोग पेय पदार्थ, अचार, औषधियों और खाना बनाने में किया जाता है। |
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खोजबीन के लिए
- रंग-बिरंगे फूलों से
- फूलों की घाटी में - कविता
https://www.youtube.com/watch?v=rIXpoQy4sHc
https://www.youtube.com/watch?v=yyrbxCtbgWg
फूल
काँटा




