अध्याय-6
गिरिधर कविराय की कुंडलिय
(1)
बिना बिचारे जो करै सो पाछे पछिताय। काम बिगारे आपनो जग में होत हँसाय ॥ जग में होत हँसाय चित्त में चैन न पावै । खान पान सन्मान राग रंग मनहिं न भावै ॥ कह गिरिधर कविराय दुःख कछु टरत न टारे। खटकत है जिय माहिं कियो जो बिना बिचारे ॥
बीती ताहि बिसारि दे आगे की सुधि लेइ। जो बनि आवै सहज में ताही में चित देइ॥ ताही में चित देइ बात जोई बनि आवै। दुर्जन हँसै न कोइ चित्त में खता न पावै॥ कह गिरिधर कविराय यहै करु मन परतीती। आगे को सुख होइ समुझि बीती सो बीती॥
गिरिधर कविराय
कवि से परिचय
अठारहवीं सदी में जन्मे गिरिधर कविराय को उनकी लोकप्रचलित कुंडलियों के लिए याद किया जाता है। उनकी रचनाओं में बहुत से ऐसे नीतिपरक पद मिलते हैं जिन्हें अक्सर कहावत के रूप में सुना जाता है जैसा कि अभी आपने पढ़ा- "बिना बिचारे जो करै सो पाछे पछिताय" या "बीती ताहि बिसारि दे आगे की सुधि लेइ।" उनकी कविताएँ जन-मानस में इतनी प्रसिद्ध हैं कि लोग उनका कहावतों की तरह उपयोग करते हैं। उन्होंने अपनी कविताओं में लाठी जैसी वस्तु के उपयोग भी बताए और यह भी बताया कि धन अधिक हो जाए तो क्या करना चाहिए। अपनी रचनाओं में लोकनीति या घर-गृहस्थी के साधारण लोक व्यवहार की बातें सीधे और सरल शब्दों में कहने के लिए भी वे जाने जाते हैं।पाठ से
आइए, अब हम इन कुंडलियों पर विस्तार से चर्चा करें। आगे दी गई गतिविधियाँ इस कार्य में आपकी सहायता करेंगी।
मेरी समझ से
(क) पाठ के आधार पर नीचे दिए गए प्रश्नों का सही उत्तर कौन-सा है? उसके सामने तारा (4) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं।
(1)"बिना बिचारे" काम करने के क्या परिणाम होते हैं?
- दूसरों से प्रशंसा मिलती है।
- मन में शांति बनी रहती है।
- अपना काम बिगड़ जाता है।
- खान-पान सम्मान मिलता है।
(2)"चित्त में चैन” न पा सकने का मुख्य कारण क्या है?
- प्रयास करने पर भी टाला न जा सकने वाला दुख
- बिना सोचे-समझे किए गए कार्य की असफलता
- खान-पान, सम्मान और राग-रंग का अभाव
- दुनिया द्वारा की जाने वाली निंदा और उपहास
(3) "बीती ताहि बिसारि दे आगे की सुधि लेइ" पंक्ति द्वारा कौन-सी सलाह दी गई है?
- भविष्य की सफलता के लिए अतीत की गलतियों से सीखने की
- अतीत की असफलताओं को भूलकर भविष्य पर ध्यान देने की
- अतीत और भविष्य दोनों घटनाओं को समान रूप से याद रखने की
- अतीत और भविष्य दोनों को भूलकर केवल वर्तमान में जीने की
(4) "जो बनि आवै सहज में ताही में चित देइ" पंक्ति का क्या अर्थ है?
- हमें कठिनाइयों और चुनौतियों से बचना चाहिए।
- हमें आराम की तलाश करने में मन लगाना चाहिए।
- हमें असंभव और कठिन कार्यों पर ध्यान देना चाहिए।
- हमें सहज जीवन पर ध्यान देना चाहिए।
(ख) हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-अलग उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?
पंक्तियों पर चर्चा
पाठ में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यान से पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार अपने समूह में साझा कीजिए और लिखिए।
(क) “बिना बिचारे जो करै सो पाछे पछिताय।
काम बिगारे आपनो जग में होत हँसाय ॥"
(ख) "बीती ताहि बिसारि दे आगे की सुधि लेइ।
जो बनि आवै सहज में ताही में चित देइ॥"
मिलकर करें मिलान
नीचे स्तंभ 1 में कुछ पंक्तियाँ दी गई हैं, उनसे संबंधित अर्थ वाली स्तंभ 2 की पंक्तियों से उनका मिलान कीजिए-
| स्तंभ 1 | स्तंभ 2 |
|---|---|
| 1. जग में होत हँसाय चित्त में चैन न पावै। खान पान सन्मान राग रंग मनहिं न भावै ॥ | 1. जो कार्य बिना विचार किए किया जाता है, वह लंबे समय तक मन में खटकता रहता है और उसकी पीड़ा से छुटकारा पाना मुश्किल होता है। |
| 2. कह गिरिधर कविराय दुख कछु टरत न टारे। टकत है जिय माहिं कियो जो बिना बिचारे।। | 2. बिना विचार के किए गए कार्य के कारण मन अशांत रहता है। अच्छा खान-पान, सम्मान या जीवन की खुशियाँ भी उस व्यक्ति को सुख नहीं दे पातीं। |
| 3.ताही में चित देइ बात जोई बनि आवै। दुर्जन हँसै न कोइ चित्त में खता न पावै ।। | 3. अपने मन को इस बात पर विश्वास करना सिखाओ कि भविष्य की खुशी को समझते हुए अतीत के दुखों को भुलाकर आगे बढ़ना चाहिए। |
| 4.कह गिरिधर कविराय यहै करु मन परतीती। आगे को सुख होइ समुझि बीती सो बीती।। | 4. ऐसे कार्य कीजिए कि किसी बुरे व्यक्ति को हँसने का मौका न मिले और मन में किसी प्रकार का दोष या अपराधबोध न हो। |
सोच-विचार के लिए
पाठ को एक बार पुनः पढ़िए, पता लगाइए और लिखिए।
(क) “बिना बिचारे जो करै सो पाछे पछिताय।" कविता में बिना विचार किए कार्य करने के क्या नुकसान बताए गए हैं?
(ख) “बिना बिचारे जो करै सो पाछे पछिताय।" कुंडलिया में जो बातें सैंकड़ों साल पहले कही गई थीं, क्या वे आपके लिए भी उपयोगी हैं? कैसे? उदाहरण देकर समझाइए।
(ग) “खान पान ..सन्मान... राग रंग ..मनहिं... न भावै।।"
इस पंक्ति में रेखांकित शब्दों के अर्थ शब्दकोश से देखकर लिखिए। प्रत्येक के लिए एक-एक उदाहरण भी दीजिए।
अनुमान और कल्पना से
अपने समूह में मिलकर चर्चा कीजिए-
(क) आपने पढ़ा है कि "बिना बिचारे जो करै सो पाछे पछिताय...।" कल्पना कीजिए कि आपके एक मित्र ने बिना सोचे-समझे एक बड़ा निर्णय लिया है। वह निर्णय क्या था और उसका क्या प्रभाव पड़ा? इसके बारे में एक रोचक कहानी अपने साथियों के साथ मिलकर बनाइए और कक्षा में प्रस्तुत कीजिए।
(ख) कल्पना कीजिए कि "बीती ताहि बिसारि दे आगे की सुधि लेइ...." कविता निम्नलिखित के लिए लिखी गई है-
- आप
- आपका कोई सहपाठी
- आपका कोई परिजन
- आपके कोई शिक्षक
- कोई पक्षी
- कोई पशु
इनकी कौन-कौन सी समस्याएँ होंगी? यह कविता उन्हें कैसे प्रेरित करेगी?
(ग) कल्पना कीजिए कि आप एक ऐसे व्यक्ति से मिले हैं, जो हमेशा बीती बातों में खोया रहता है। आप उसे समझाने के लिए क्या-क्या कहेंगे?
शब्द से जुड़े शब्द
नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में 'चित्त' या 'मन' से जुड़े शब्द कुंडलियों में से चुनकर लिखिए-
कविता की रचना
इन पंक्तियों को लय के साथ बोलकर देखिए। इन्हें बोलने में बराबर समय लगा या अलग? आपने ध्यान दिया होगा कि इन पंक्तियों को बोलने में बराबर समय लगता है। इस कारण इन कुंडलियों की सुंदरता बढ़ गई है।
आप ध्यान देंगे तो इन कुंडलियों में आपको ऐसी अनेक विशेषताएँ दिखाई देंगी। जैसे प्रत्येक कुंडलिया का पहला या दूसरा शब्द उसका अंतिम शब्द भी है। दो-दो पंक्तियों में बातें कही गई हैं। कुंडलिया पढ़ते हुए ऐसा लगता है मानो कोई हमसे संवाद या बातचीत कर रहा है आदि। कुछ विशेषताएँ आपको दोनों कुंडलियों में दिखाई देंगी, कुछ विशेषताएँ दोनों में से किसी एक में दिखाई देंगी।
(क) अब आप पाठ में दी गई दोनों कुंडलियों को ध्यान से देखिए और अपने-अपने समूह में मिलकर इनकी विशेषताओं की सूची बनाइए। अपने समूह की सूची को कक्षा में सबके साथ साझा कीजिए।
| जो विशेषताएँ दोनों कुंडलियों में हैं | जो विशेषताएँ किसी एक कुंडलिया में हैं |
|---|---|
| ——————————— | ——————————— |
| ——————————— | ——————————— |
(ख) नीचे एक स्तंभ में कविता की पंक्तियों की कुछ विशेषताएँ दी गई हैं और उनसे संबंधित पंक्तियाँ दूसरे स्तंभ में दी गई हैं। कविता की विशेषताओं का सही पंक्तियों से मिलान कीजिए-
| कविता की विशेषताएँ | कविता की पंक्तियाँ |
|---|---|
| 1. पंक्ति के अंतिम शब्द की ध्वनि आपस में मिलती-जुलती है। | 1. कह गिरिधर कविराय यहै करु मन परतीती ।। |
| 2. कवि के नाम का उल्लेख किया गया है। | 2. ताही में चित देइ बात जोई बनि आवै। दुर्जन हँसै न कोइ चित्त में खता न पावै।। |
| 3. एक-दूसरे के विपरीत विचार एक साथ आए हैं। | 3. बिना बिचारे जो करै सो पाछे पछिताय। |
| 4. एक ही वर्ण से शुरू होने वाले एक से अधिक शब्द एक ही पंक्ति में आए हैं। | 4. बीती ताहि बिसारि दे आगे की सुधि लेइ। |
(संकेत- आप कविता की पंक्तियों में कुछ और विशेषताएँ भी खोज सकते हैं।)
काल से जुड़े शब्द
"बीती ताहि बिसारि दे आगे की सुधि लेइ।"
इस वाक्य में 'बीती' शब्द अतीत यानी 'भूतकाल' के कार्यों को व्यक्त कर रहा है और 'आगे' शब्द 'भविष्य' के कार्यों को व्यक्त कर रहा है। इसी प्रकार 'वर्तमान' समय में होने वाले कार्यों को 'आज' जैसे शब्दों से व्यक्त किया जा सकता है। रोचक बात यह है कि अनेक शब्दों का प्रयोग बीते हुए समय, आने वाले समय और वर्तमान समय को बताने वाले, तीनों प्रकार के वाक्यों में किया जा सकता है।
(क) नीचे कुछ शब्द दिए गए हैं। इनका प्रयोग करते हुए तीनों प्रकार के 'काल' व्यक्त करने वाले तीन-तीन वाक्य बनाइए-
| भूतकाल | वर्तमान काल | भविष्य काल |
|---|---|---|
| कल | आज | कल |
| परसों | अभी-अभी | परसों |
| पहले | अब | अगले दिन/साल/महीने |
| पिछला | हमेशा | आगामी (आने वाले समय में) |
| बीते हुए | आजकल | जल्दी ही |
(ख) आपने जो वाक्य बनाए हैं, उन्हें ध्यान से देखिए। पहचानिए कि इन वाक्यों में किन शब्दों से पता चल रहा है कि वाक्य में कार्य भूतकाल में हुआ, वर्तमान काल में हुआ है या भविष्य काल में होगा? वाक्यों में उन शब्दों को रेखांकित कीजिए।
पाठ से आगे
आपकी बात
(क) “खटकत है जिय माहिं कियो जो बिना बिचारे।।" का अर्थ है 'बिना सोचे किए गए कार्य मन में चुभते रहते हैं।' क्या आपने कभी ऐसा अनुभव किया है? उस घटना को साझा कीजिए।
(ख) "बीती ताहि बिसारि दे आगे की सुधि लेइ।" का अर्थ है 'अतीत को भूलना और भविष्य पर ध्यान देना चाहिए।' क्या आप इस बात से सहमत हैं? क्यों? उदाहरण देकर समझाइए।
(ग) पाठ में दी गई दोनों कुंडलियों के आधार पर आप अपने जीवन में कौन-कौन से बदलाव लाना चाहेंगे?
(घ) “खान पान सन्मान राग रंग मनहिं न भावै।।"
इस पंक्ति में खान-पान, सम्मान और राग-रंग अच्छा न लगने की बात की गई है। आप इसमें से किसे सबसे आवश्यक मानते हैं? अपने उत्तर के कारण भी बताइए।
हँसी
"जग में होत हँसाय"
(क)कभी-कभी लोग दूसरों की गलतियों पर ही नहीं, उनके किसी भी कार्य पर हँस देते हैं। अपने समूह के साथ मिलकर ऐसी कुछ स्थितियों की सूची बनाइए, जब किसी को आप पर या आपको किसी पर हँसी आई हो।
(ख)ऐसी दोनों स्थितियों में आपको कैसा लगता है और दूसरों को कैसा लगता होगा?
(ग) सोचिए कि कोई व्यक्ति आपकी किसी भूल पर हँस रहा है। ऐसे में आप क्या कहेंगे या क्या करेंगे ताकि उसे एहसास हो जाए कि इस बात पर हँसना ठीक नहीं है?
सोच-समझकर
"बिना बिचारे जो करै सो पाछे पछिताय।"
(क) आज के समय में कुछ लोग जल्दी में कार्य कर देते हैं या जल्दी में निर्णय ले लेते हैं। कुछ ऐसी स्थितियाँ बताइए जहाँ जल्दबाजी में निर्णय लेना या कार्य करना हानिकारक हो सकता है।
(ख)मान लीजिए कि आपको या आपके किसी परिजन को नीचे दिए गए संदेश मिलते हैं। ऐसे में आप क्या करेंगे?
| संदेश | आप करें | |
|---|---|---|
| 1. | आपका बैंक खाता बंद होने वाला है। | ओ.टी.पी. किसी को न दें। तुरंत कॉल काट दें। अपने बैंक से संपर्क करें। |
| 2. | बधाई हो! आपने 10 लाख रुपये की लॉटरी जीती है। सत्यापन के लिए ₹5000 इस नंबर पर अभी भेज दें। | संदिग्ध वेबसाइट पर कोई भुगतान (पेमेंट) न करें। ऐसी वेबसाइट को साइबर क्राइम सेल में रिपोर्ट करें। |
| 3. | गलती से आपके नंबर पर ₹1000 का रिफंड भेजा है। कृपया रिफंड वापस भेज दें। | किसी अनजान को पैसा न भेजें। अपने बैंक ऐप में सभी लेन-देन की जाँच करें। यदि पैसा कट गया है तो तुरंत बैंक को सूचित करें। |
| 4. | आपका सिम कार्ड बंद होने वाला है। के. वाई.सी. अपडेट करने के लिए हमें आधार और पैन की फोटो भेजें। | इस प्रकार के कॉल को तुरंत काट दें। बैंक से सीधे संपर्क करें। फोन पर आधार या पैन या कोई व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। |
| 5. | आपके मनपसंद मोबाइल पर 70 प्रतिशत तक की छूट, ऑफर खत्म होने से पहले यहाँ पेमेंट करें। | संदिग्ध छूट वाले या मुफ्त वाले झाँसे में न फँसे। लिंक पर क्लिक न करें। |
| 6. | मैं तुम्हारा चाचा बोल रहा हूँ। ट्रेन में फँसा हूँ। तुरंत ₹5000 इस नंबर पर भेज दो। | व्यक्ति की पहचान की पुष्टि करें, तुरंत पैसे ट्रांसफर न करें। परिवार के अन्य सदस्यों से बात करें। |
| 7. | इस ऐप को डाउनलोड करें और ₹1000 का कैशबैक पाएँ। | किसी अनजानी वेबसाइट से कोई ऐप डाउनलोड न करें। ऐप की समीक्षा और रेटिंग की जाँच करें। संदिग्ध ऐप को फोन आदि से हटा दें। |
| 8. | यहाँ मुफ्त गिफ्ट पाने का मौका है। इस लिंक पर क्लिक करें और जानकारी दर्ज करें। | किसी संदिग्ध ऐड (विज्ञापन) पर क्लिक न करें। अपने ब्राउजर में पॉप-अप ब्लॉकर चालू करें। |
| 9. | आपको बिना गारंटी के तुरंत ₹50,000 का ऋण मिल सकता है। अभी प्रोसेसिंग फीस भरें। | केवल अधिकृत बैंकों से संपर्क करें। ऋण मंजूरी फीस के नाम पर किसी को पैसा न भेजें। साइबर क्राइम सेल में 1930 नंबर पर सूचित करें। |
| 10. | इस लिंक पर क्लिक करें और ₹100 का फ्री मोबाइल रिचार्ज पाएँ। | ऐसी किसी भी लॉटरी पर भरोसा न करें। इसके विषय में साइबर सेल को सूचित करें। |
| 11. | आपके ए.टी.एम. कार्ड की वैधता समाप्त हो रही है। इसे तुरंत अपडेट करने के लिए पिन बताएँ। | ए.टी.एम. कार्ड की जानकारी किसी के साथ साझा न करें। बैंक के असली उपभोक्ता सहायता फोन नंबर पर संपर्क करें। ए.टी.एम. पिन तुरंत बदलें। |
| 12. | आपका पेमेंट फँसा हुआ है। इसे रिफंड करने के लिए ये क्यू.आर. कोड स्कैन करें। | किसी अज्ञात व्यक्ति के भेजे क्यू.आर. कोड को स्कैन न करें। किसी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत बैंक और पुलिस को रिपोर्ट करें। |
* राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल https://cybercrime.gov.in
(ग) नीचे कुछ स्थितियाँ दी गई हैं। इन स्थितियों में बिना सोचे-समझे कार्य करने या निर्णय लेने के क्या परिणाम हो सकते हैं-
- सोशल मीडिया पर झूठा संदेश या असत्य समाचार पर भरोसा करके उसे सबको भेज दिया।
- जल्दबाजी में बिना हेलमेट के बाइक चलाने पर पुलिस ने चालान काट दिया।
- बिना माता-पिता से पूछे ऑनलाइन गेम पर पैसे खर्च कर दिए।
आज की पहेली
"खान पान सन्मान"
इस पंक्ति के तीनों शब्दों में केवल एक मात्रा का बार-बार उपयोग किया गया है। (आ की मात्रा)
ऐसे ही दो वाक्य नीचे दिए गए हैं जिसमें केवल एक मात्रा का उपयोग किया गया है-
नीली नदी धीमी थी।
चींटी चीनी जीम गई।
अब आप इसी प्रकार के वाक्य अलग-अलग मात्राओं के लिए बनाइए। ध्यान रहे, आपके वाक्यों का कोई न कोई अर्थ होना चाहिए। आप एक वाक्य में केवल एक मात्रा को बार-बार या बिना मात्रा वाले शब्दों का ही उपयोग कर सकते हैं।
| मात्रा | वाक्य |
|---|---|
| आ | |
| इ | |
| ई | |
| उ | |
| ऊ | |
| ऋ | |
| ए | |
| ऐ | |
| ओ | |
| औ |
खोजबीन के लिए
आपने इस पाठ में गिरिधर कविराय की कुंडलिया "बिना विचारे जो करै....।" को पढ़ा। अब आप नीचे दी गई इंटरनेट कड़ी का प्रयोग करके एक अन्य कहानी "बिना विचारे करो न काम" सुन सकते हैं-
बिना विचारे