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द्रव्य की प्रकृति तत्व, यौगिक और मिश्रण

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खोजबीन और विचार करें
  • उपर्युक्त चित्र को देखकर बताइए कि इसमें द्रव्य से क्या बना है और क्या नहीं?
  • तत्वों को संयोजित कर एक यौगिक को कैसे बनाया जा सकता है?
  • वायु से कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करने वाले यौगिक की खोज
  • पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान हेतु किस प्रकार योगदान दे सकती है?
  • अपने प्रश्नों को साझा कीजिए।

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Teachers and students

क्या आपने कभी सोचा है कि आपके आस-पास का संसार किन पदार्थों से बना है? अपने चारों ओर देखिए! आप जिन सीढ़ियों का उपयोग करते हैं, जिस वायु में श्वास लेते हैं, आपकी बोतल में जल, आपके खाने के डिब्बे में भोजन, आप जो कपड़े और जूते पहनते हैं, जो पुस्तक पढ़ते हैं, आस-पास के वृक्ष, आप जिस गेंद से खेलते हैं और यहाँ तक कि आप जिस छड़ी से खेलते हैं ये सभी द्रव्य के उदाहरण हैं जिनके विषय में आपने पहले की कक्षाओं में सीखा है।

आपने यह भी सीखा कि ये सभी वस्तुएँ सूक्ष्म कणों से निर्मित हैं। हमारे आस-पास की अधिकांश वस्तुएँ मात्र एक ही पदार्थ से नहीं बनी हैं अपितु ये दो या दो से अधिक पदार्थों के मिश्रण से बनी हैं। आइए, अब समझते हैं कि भिन्न-भिन्न पदार्थ मिलकर मिश्रण कैसे बनाते हैं।

8.1 मिश्रण क्या हैं?

क्या आपने कभी सोचा है कि आपके पोहे को इतना स्वादिष्ट क्या बनाता है (चित्र 8.1) या एक उत्तम अंकुरित सलाद कैसे बनाया जाता है? यद्यपि ये व्यंजन बहुत भिन्न लग सकते हैं परंतु इनमें एक समानता है- ये दोनों अनेक सामग्रियों को मिश्रित कर बनाए जाते हैं। हम दैनिक जीवन में पदार्थों के मिश्रित होने की प्रक्रिया का अवलोकन करते हैं। जल में घुली हुई चीनी भी एक मिश्रण है तथा इसी प्रकार से सूप और शिकंजी भी।

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चित्र 8.1 - पोहे
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चित्र 8.2 - अंकुरित सलाद

जब दो या दो से अधिक पदार्थों को मिश्रित किया जाता है और जहाँ प्रत्येक पदार्थ अपने गुणधर्मों को बनाए रखता है तब वह मिश्रण कहलाता है। जो विशिष्ट पदार्थ मिश्रण बनाते हैं, वे मिश्रण के घटक कहलाते हैं। मिश्रण के घटक परस्पर रासायनिक अभिक्रिया नहीं करते हैं। कुछ मिश्रणों में उनके घटक, जैसे-अंकुरित सलाद में मूंग, चना, प्याज और टमाटर सरलता से दिखाई देते हैं (चित्र 8.2)। ऐसे मिश्रण जहाँ विभिन्न घटक प्रायः नग्न आँखों से या किसी आवर्धक यंत्र से दिखाई देते हैं, वे विषमरूप प्रकृति के होते हैं। क्या आप अपने आस-पास विषमरूपी मिश्रणों के कुछ अन्य उदाहरण पहचान सकते हैं?

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चित्र 8.3 - जल और चीनी का -समरूपी मिश्रण

दूसरी ओर कुछ मिश्रणों में ऐसे घटक होते हैं जिन्हें सूक्ष्मदर्शी की सहायता से भी पृथक-पृथक रूप में नहीं देखा जा सकता है। उदाहरण के लिए चीनी और जल के कणों को उनके मिश्रण में अलग-अलग नहीं देखा जा सकता। ऐसे मिश्रण जहाँ घटक समान रूप से वितरित होते हैं और जिनमें भेद नहीं किया जा सकता, वे समरूप प्रकृति के होते हैं (चित्र 8.3)। क्या आप कुछ समरूप मिश्रणों की सूची बना सकते हैं?

एक सोपान ऊपर
क्या आप जानते हैं कि स्टेनलेस स्टील भी एक मिश्रण है? स्टेनलेस स्टील में लोहा, निकेल, क्रोमियम और अल्प मात्रा में कार्बन होता है। ये इतनी एकरूपता से मिश्रित होते हैं कि पूरा मिश्रण सर्वत्र एक जैसा दिखाई देता है और कोई भी इनके पदार्थों को अलग-अलग नहीं देख सकता है। ऐसे मिश्रणों को मिश्रधातु कहते हैं। मिश्रधातु के कुछ अन्य उदाहरण हैं, जैसे - ताँबे (कॉपर) और जस्ते (जिंक) का मिश्रण पीतल है तथा ताँबे (कॉपर) और टिन का मिश्रण काँसा है (चित्र 8.4)।

हमारी वैज्ञानिक परंपरा
मिश्रलोह दो या दो से अधिक धातुओं के मिश्रण को दिया जाने वाला नाम था जिसके गुणधर्म इसके घटक धातुओं के गुणधर्मों से भिन्न होते हैं। प्राचीन भारतीय ग्रंथ, जैसे -चरकसंहिता, सुश्रुतसंहिता, रसरत्नसमुच्चय, रसजलनिधि आदि औषधीय प्रयोजनों के लिए मिश्रधातुओं के उपयोग का उल्लेख करते हैं। उदाहरण के लिए काँसा (काँस्य) ताँबा (ताम्र, 4 भाग) और टिन (वंग, 1 भाग) से बनी एक मिश्रधातु है जिसका उपयोग पाचन को सुधारने और प्रतिरक्षा वर्धन के लिए किया जाता था।

8.1.1 क्या वायु एक मिश्रण है?

कक्षा 6 की पाठ्यपुस्तक जिज्ञासा में आपने 'प्रकृति की अमूल्य संपदा' अध्याय में वायु और उसके संघटन के विषय में सीखा था। क्या वायु एक मिश्रण है? यह किस प्रकार का मिश्रण है?

आपने सीखा है कि वायु मुख्यतः नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, आर्गन, कार्बन डाइऑक्साइड और जलवाष्प का एक समरूपी मिश्रण है। अधिकांश जीवों के जीवित रहने के लिए इन गैसों में से ऑक्सीजन आवश्यक होती है। यह दहन में भी सहायक है। वायु का लगभग 78 प्रतिशत भाग नाइट्रोजन होता है जो दहन में सहायक नहीं है। हमने यह भी सीखा है कि वायु में जलवाष्प होती है। जब गरम वायु किसी ठंडी सतह को छूती है तो वायु में विद्यमान जलवाष्प द्रव जल में परिवर्तित हो जाती हैं एवं सतह पर छोटी-छोटी बूँदें बन जाती हैं। उस प्रयोग का स्मरण करें जिसमें आपने उच्छवासित (छोड़ी गई साँस) वायु में कार्बन डाइऑक्साइड की उपस्थिति का परीक्षण किया था। आइए, वायु में कार्बन डाइऑक्साइड की उपस्थिति की पुष्टि करें।

क्रियाकलाप 8.1-आइए, प्रयोग करें

  • काँच के एक गिलास को जल से आधा भरिए।
  • इसमें धीरे-धीरे थोड़ी मात्रा में कैल्सियम ऑक्साइड (क्विक लाइम) डालिए।
  • आप क्या अवलोकन कर रहे हैं ?
  • - कैल्सियम ऑक्साइड जल के साथ तीव्र अभिक्रिया करके कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड बनाता है और इस प्रक्रिया में ऊष्मा मुक्त होती है।
  • कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड का विलयन बनाने के लिए इसे निरंतर विलोडित कीजिए। इस विलयन को चूने का जल कहते हैं।
  • इसे छानिए और इसके रंग का अवलोकन कीजिए।
  • इस रंगहीन विलयन को कुछ घंटों के लिए पेट्री डिश में छोड़ दीजिए (चित्र 8.5, क)।
  • नियमित अंतराल पर विलयन को विलोडित करते रहिए।
  • आप क्या देखते हैं (चित्र 8.5, ख)?
  • क्या यह दूधिया हो जाता है?
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-चित्र 8.5 - चूने का पानी कार्बन डाइऑक्साइड की उपस्थिति में दूधिया हो जाता है।

क्या आप व्याख्या कर सकते हैं कि विलयन दूधिया क्यों हो गया है?

आप जानते हैं कि चूने का जल दूधिया तब होता है जब कार्बन डाइऑक्साइड गैस कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड के साथ अभिक्रिया करके कैल्सियम कार्बोनेट (अघुलनशील सूक्ष्म सफेद कण) और जल बनाती है (चित्र 8.5)। चूँकि वायु के संपर्क में आने पर चूने का जल दूधिया हो जाता है अतः यह क्रियाकलाप वायु में कार्बन डाइऑक्साइड की उपस्थिति को दर्शाता है।

कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड + कार्बन डाइऑक्साइड -> कैल्सियम कार्बोनेट + जल

क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि वायु में गैसों के अतिरिक्त कुछ और भी विद्यमान है? क्या आपने कभी किसी अंधकारमय कक्ष में एक सूक्ष्म छिद्र से प्रवेश करती हुई सूर्य की किरणों में छोटे-छोटे चमकते कणों को देखा है? ये कण क्या हैं?

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चित्र 8.6- कागज का काले रंग का पत्रक (क) धूलकणों से रहित (ख) धूलकणों सहित

क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि वायु में गैसों के अतिरिक्त कुछ और भी विद्यमान है? क्या आपने कभी किसी अँधकारमय कक्ष में एक सूक्ष्म छिद्र से प्रवेश करती हुई सूर्य की किरणों में छोटे-छोटे चमकते कणों को देखा है? ये कण क्या हैं?

क्रियाकलाप 8.2- आइए, खोज करें

  • एक काले रंग का पत्रक लीजिए। सुनिश्चित कीजिए कि उस पर धूल का कोई भी कण न हो।
  • काले रंग के पत्रक को बिना हिलाए किसी खुली खिड़की के पास (चित्र 8.6, क) या वाटिका में कुछ घंटों के लिए रख दीजिए।
  • आप क्या अवलोकन करते हैं?

आपको इसकी सतह पर छोटे-छोटे कण जमे हुए दिखाई दे सकते हैं। आप कणों की अधिक सूक्ष्मता से जाँच करने के लिए आवर्धक लेंस का उपयोग कर सकते हैं (चित्र 8.6, ख)।

यह दर्शाता है कि धूल के कण वायु में निलंबित होते हैं। वह वायु का अभिन्न अंग नहीं हैं और इन्हें प्रदूषक माना जाता है। वायु में धूल के कणों की प्रकृति और संख्या समय-समय पर और अलग-अलग स्थानों पर भिन्न-भिन्न हो सकती है।

एक सोपान ऊपर
वायु में विद्यमान कणिकीय पदार्थ (धूल, कालिख) एवं कार्बन मोनोऑक्साइड, ओजोन, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड जैसी गैसें प्रमुख प्रदूषक हैं। वायु गुणवत्ता सूचकांक ए. क्यू.आई एक साधन है जिसका उपयोग वायु की गुणवत्ता की व्याख्या करने हेतु किया जाता है।

8.1.2 मिश्रण के प्रकार

आप जानते हैं कि सामान्य प्रयोग में 'मिश्रण' शब्द का उपयोग दो या दो से अधिक घटकों को मिश्रित करने की ओर संकेत करता है। मिश्रण के घटक स्वयं मिश्रण हो सकते हैं, जैसे- पोहा और अंकुरित सलाद अथवा ये शुद्ध पदार्थ भी हो सकते हैं, जैसे- जल में घुले हुए चीनी या साधारण नमक। यद्यपि विज्ञान के संदर्भ में मिश्रण के सभी घटक मात्र शुद्ध पदार्थ ही होने चाहिए।

अपने घटकों की भौतिक अवस्था के आधार पर मिश्रण कई प्रकार के हो सकते हैं। कुछ मिश्रण और उनके उदाहरण तालिका 8.1 में दर्शाए गए हैं। चौथा स्तंभ पूर्ण कीजिए-

तालिका 8.1 - विभिन्न प्रकार के मिश्रण

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क्रं. सं. मिश्रण का प्रकारउदाहरणसमरूप या विषमरूप
1. गैस और गैस वायुसमरूप
2. गैस और द्रववातित जल (सोडा जल) जल में घुली ऑक्सीजन......
3.ठोस और गैसवायु में कार्बन कण.....
4.द्रव और द्रवजल में ऐसीटिक अम्ल (सिरका) तेल और जल.....
5.ठोस और द्रवरेत और जल समुद्री जल.....
6. ठोस और ठोसबेकिंग पाउडर (बेकिंग सोडा और टार्टरिक अम्ल) मिश्रधातु......

आपने गत कक्षाओं में मिश्रणों के पृथक्करण के विषय में पढ़ा था। इसका उपयोग मिश्रण के घटकों को पृथक करने के लिए किया जाता है। वहाँ जिन उदाहरणों की चर्चा की गई थी वे दैनिक जीवन से संबंधित थे, जहाँ पृथक्करण वांछित घटक को प्राप्त करने के लिए किया जाता है एवं अन्य घटकों को हटा दिया जाता है। यद्यपि विज्ञान में मिश्रण को पृथक करने का मूल उद्देश्य शुद्ध पदार्थों को प्राप्त करना होता है।

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चित्र 8.7 - कुछ उपभोग्य वस्तुएँ

8.2 शुद्ध पदार्थ क्या हैं?

क्या आपने कभी दूध, घी और मसालों जैसी कुछ उपभोग्य सामग्रियों के पैकेट पर लिखे शब्द 'शुद्ध' पर ध्यान दिया है (चित्र 8.7)? शब्द 'शुद्ध' का अर्थ सामान्य प्रयोग में एवं विज्ञान में थोड़ा भिन्न है।

सामान्यतः शुद्ध का अर्थ मिलावट रहित उत्पाद से है। किसी उत्पाद में सस्ते व निम्न स्तर के पदार्थों को मिलाने की अवैध प्रक्रिया मिलावट कहलाती है। ऐसा सामान्यतः उत्पाद की मात्रा में वृद्धि करने या निर्माण की लागत कम करने के लिए किया जाता है। यद्यपि इससे उत्पाद की गुणवत्ता का हास होता है। इसके साथ ही यह मिलावट की प्रक्रिया उत्पादों को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक भी बना सकती है।

यद्यपि विज्ञान में शुद्ध पदार्थ वह होता है जिसमें कोई अन्य पदार्थ विद्यमान नहीं होता है। वे उत्पाद जो शुद्ध प्रतीत होते हैं, उन्हें भी वैज्ञानिक दृष्टिकोण से अशुद्ध माना जा सकता है यदि वे एक से अधिक पदार्थों से बने हों।

शुद्ध पदार्थ वह द्रव्य है जिसे किसी भी भौतिक प्रक्रिया द्वारा अन्य प्रकार के द्रव्यों से पृथक नहीं किया जा सकता है। जब कोई वैज्ञानिक किसी पदार्थ को शुद्ध कहता है तो इसका तात्पर्य है कि वह पदार्थ एक ही प्रकार के कणों से निर्मित है।

एक सोपान ऊपर

विज्ञान के अनुसार आप दूध, डिब्बाबंद फलों के रस, बेकिंग सोडा, चीनी और मृदा को मिश्रण या शुद्ध पदार्थों के रूप में कैसे वर्गीकृत करेंगे?


8.3 शुद्ध पदार्थों के प्रकार क्या हैं?

कक्षा 6 की पाठ्यपुस्तक जिज्ञासा में जल की विभिन्न अवस्थाओं के विषय में आपने जो पढ़ा था उसका स्मरण कीजिए। जल को ठंडा या गरम करने पर क्या हुआ था? हमने अवलोकन किया था कि ठंडा होने पर जल बर्फ में परिवर्तित हो जाता है और उबालने पर यह वाष्प में परिवर्तित हो जाता है। बर्फ को गरम करने या जलवाष्प को ठंडा करने पर हम जल को पुनः प्राप्त कर सकते हैं। इससे ज्ञात होता है कि इन प्रक्रियाओं के समय जल के कण समान रहते हैं। आइए, हम एक और क्रियाकलाप करें जिसमें जल में से विद्युत प्रवाहित करें और उसका प्रभाव देखें।

क्रियाकलाप 8.3- आइए, प्रयोग करें (निदर्शन क्रियाकलाप)

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(क) जल से भरी परखनलियाँ

सुरक्षा सर्वोपरि
यह क्रियाकलाप शिक्षक के निर्देशन में किया जाना चाहिए। सल्फ्यूरिक अम्ल से कार्य करते समय सावधानी रखिए। लिथियम-आयन बैटरी का प्रयोग न करें।
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(ख) जल से भरे बीकर के भीतर 9V की बैटरी रखी गई है।

  • दो छोटी परखनलियाँ, काँच का एक बीकर या गिलास और एक 9V (वोल्ट) की बैटरी लीजिए।
  • बीकर का 2/3 भाग जल से भरिए एवं उसमें तनु सल्फ्यूरिक अम्ल की कुछ बूंदें डालिए।
  • दोनों छोटी परखनलियों को बीकर से लिए गए जल से पूर्णतः भरिए (चित्र 8.8, क)।
  • बीकर के अंदर एक 9V की बैटरी रखिए (चित्र 8.8, ख)।
  • जल को छलकाए बिना चित्र में दर्शाए अनुसार जल से भरी परखनलियों को बैटरी के प्रत्येक टर्मिनल पर सावधानीपूर्वक रखिए (चित्र 8.8, ग)।
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    (ग) जल से भरी परखनलियों को बैटरी के टर्मिनलों पर रखना
    test tube
    (घ) परखनलियों में एकत्रित गैसें
    चित्र 8.8 - जल में विद्युत प्रवाहित करना
  • कुछ मिनट प्रतीक्षा कीजिए।
  • क्या आप दोनों टर्मिनलों पर रखी परखनलियों के अंदर गैस के बुलबुले बनते हुए देखते हैं?
  • इसे 10-15 मिनट तक ऐसे ही रहने दीजिए।
  • प्रत्येक परखनली में एकत्रित गैस के आयतन का अवलोकन कीजिए (चित्र 8.8, घ)।
  • क्या दोनों परखनलियों में एकत्रित गैसों के आयतन समान हैं?
  • इन परखनलियों को एक-एक करके सावधानीपूर्वक निकालिए।
  • एक जलती हुई मोमबत्ती को परखनलियों के मुँह के पास लाकर इन गैसों का एक-एक करके परीक्षण कीजिए।
  • प्रत्येक स्थिति में क्या होता है?
  • प्रत्येक परखनली में कौन-सी गैस उपस्थित है?
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  • क्या ये एकत्रित गैसें जलवाष्प हो सकती हैं?
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  • नहीं, ये गैसें जलवाष्प नहीं हैं। यदि होतीं तो ये संघनित होकर पुनः जल में परिवर्तित हो जातीं। आइए, इन गैसों की पहचान करने का प्रयास करें।
सुरक्षा सर्वोपरि
गैस परीक्षण सावधानी से कीजिए। प्रेक्षण स्थल (सेट-अप) से सुरक्षित दूरी बनाए रखिए।

दोनों परखनलियों में उपस्थित गैसों की जाँच करने के लिए प्रत्येक परखनली के मुँह के पास एक जलती हुई मोमबत्ती लाएँ। एक परखनली से फट् की ध्वनि सुनाई देगी जो हाइड्रोजन गैस की उपस्थिति का संकेत देती है (चित्र 8.9, क)। दूसरी परखनली में जलती हुई मोमबत्ती की लौ अधिक प्रदीप्त होगी जो ऑक्सीजन गैस की उपस्थिति की पुष्टि करती है (चित्र 8.9, ख)।

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चित्र 8.9 - गैस की प्रकृति का परीक्षण (क) हाइड्रोजन (ख) ऑक्सीजन

क्रियाकलाप 8.3 से हम यह निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि जल दो भिन्न घटकों-हाइड्रोजन और ऑक्सीजन से बना है।

जल -> - हाइड्रोजन + ऑक्सीजन

क्या आपके संज्ञान में है...
जब जल में विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है तो हाइड्रोजन और ऑक्सीजन गैसें प्राप्त होती हैं। यह परिवर्तन रासायनिक है या भौतिक? इसके लिए आप कक्षा 7 की पाठ्यपुस्तक जिज्ञासा के अध्याय 'हमारे आस-पास के परिवर्तन भौतिक एवं रासायनिक' का स्मरण कीजिए।

8.3.1 तत्व

क्रियाकलाप 8.3 में निर्मित दोनों पदार्थ हाइड्रोजन और ऑक्सीजन शुद्ध पदार्थ हैं और इन्हें तत्व कहा जाता है। प्रत्येक तत्व समान कणों से निर्मित होता है जिन्हें परमाणु कहा जाता है। ये कण किसी भी अन्य तत्व के कणों से भिन्न होते हैं। तत्व ऐसे पदार्थ होते हैं जिन्हें और अधिक सरल पदार्थों में विभाजित नहीं किया जा सकता। वे सभी पदार्थों के निर्माण खंड होते हैं। तत्वों के कुछ अन्य उदाहरण सोना, चाँदी, सल्फर, कार्बन इत्यादि हैं।

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चित्र 8.10 - (क) हाइड्रोजन (ख) ऑक्सीजन के अणुओं का चित्रण

एक सोपान ऊपर
अधिकांश तत्वों के परमाणु स्वतंत्र रूप से अस्तित्व में नहीं रह सकते। ऐसे दो या दो से अधिक परमाणु मिलकर उस तत्व का एक स्थायी कण बनाते हैं जिसे हम अणु कहते हैं। उदाहरण के लिए हाइड्रोजन के दो परमाणु मिलकर हाइड्रोजन का एक अणु बनाते हैं। इसी प्रकार ऑक्सीजन के दो परमाणु मिलकर ऑक्सीजन का एक अणु बनाते हैं (चित्र 8.10)।

तत्वों को धातु और अधातु में वर्गीकृत किया जा सकता है। आप पहले ही पढ़ चुके हैं कि सोना, चाँदी, मैग्नीशियम, लोहा और ऐलुमिनियम धातुएँ होती हैं जबकि कार्बन, सल्फर, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन अधातुएँ होती हैं। क्या यह जानना रुचिकर नहीं है कि कुछ तत्वों, जैसे – सिलिकॉन और बोरॉन में धातुओं और अधातुओं के मध्यवर्ती गुणधर्म होते हैं? इन्हें उपधातुएँ कहा जाता है। इनके विषय में आप उच्च कक्षाओं में पढ़ेंगे।

एक सोपान ऊपर
  • वर्तमान में ज्ञात तत्वों की संख्या 118 है और उनमें से अधिकांश तत्व ठोस अवस्था में विद्यमान हैं।
  • कक्ष के तापमान पर ग्यारह तत्व गैसीय अवस्था में पाए जाते हैं जो सभी अधातु हैं, जैसे- ऑक्सीजन, हीलियम, नाइट्रोजन आदि।
  • कक्ष के तापमान पर केवल दो तत्व द्रव अवस्था में होते हैं- पारा (एक धातु है) और ब्रोमीन (एक अधातु है)।
  • यद्यपि गैलियम और सीजियम ठोस तत्व हैं परंतु वे लगभग 30 degC (303 K) तापमान पर द्रव में परिवर्तित हो जाते हैं।

एक सोपान ऊपर
मोबाइल फोन के उत्पादन में 45 से अधिक विभिन्न तत्व, जैसे- ऐलुमिनियम, ताँबा, सिलिकॉन, कोबाल्ट, लीथियम, सोना, चाँदी इत्यादि का उपयोग किया जाता है। इसमें मोबाइल फोन की स्क्रीन, बैटरी और अन्य घटक सम्मिलित हैं।

8.3.2 यौगिक

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चित्र 8.11 - जल के अणुओं का चित्रण

हम जल में उपस्थित हाइड्रोजन और ऑक्सीजन को भौतिक साधनों द्वारा पृथक क्यों नहीं कर सकते हैं?

जल में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के कण एक-दूसरे से इतनी प्रबलता से जुड़े होते हैं कि भौतिक विधियों के उपयोग द्वारा इन्हें पृथक करना सामान्यतः असंभव होता है। अतः जल एक यौगिक है। विभिन्न तत्व एक निश्चित अनुपात में संयोजित होकर पूर्णतया नया पदार्थ बनाते हैं जिसे यौगिक कहते हैं। निर्मित यौगिकों के गुणधर्म उस यौगिक को बनाने वाले तत्वों के गुणधर्मों से भिन्न होते हैं। किसी यौगिक के घटक तत्वों को - किसी भी भौतिक विधि द्वारा पृथक नहीं किया जा सकता है। क्रियाकलाप 8.3 द्वारा हम समझ पाते हैं कि जल के अणु दो अलग-अलग तत्वों हाइड्रोजन और ऑक्सीजन (चित्र 8.11) के एक निश्चित अनुपात में रासायनिक संयोजन से निर्मित होते हैं। जल में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के परमाणुओं की संख्या का अनुपात 2:1 पाया गया है।

साधारण नमक और चीनी क्या हैं- तत्व या यौगिक? आइए, ज्ञात करें।

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  • ओह! यह वास्तव में रोचक है कि हाइड्रोजन एक ईंधन है। यह ऑक्सीजन दहन में सहयोग करता है जबकि जल आग को बुझाता है।

सोडियम एक नरम धातु है और क्लोरीन एक हानिकारक गैस है। ये दोनों मिलकर एक हानि रहित परंतु स्वाद बढ़ाने वाले पदार्थ का निर्माण करते हैं जो हमारे जीवन के लिए आवश्यक है। इस पदार्थ को सोडियम क्लोराइड कहते हैं। यह सोडियम और क्लोरीन के कणों से 1:1 के अनुपात से बना होता है। हमें ज्ञात है कि घुले हुए सोडियम क्लोराइड (साधारण नमक) को वाष्पीकरण की भौतिक प्रक्रिया द्वारा जल से पृथक किया जा सकता है।

क्या सोडियम क्लोराइड को भौतिक प्रक्रियाओं द्वारा उसके घटक तत्वों में पृथक करना संभव है?

आइए, अब देखते हैं कि क्या हम चीनी के घटक तत्वों को पृथक कर सकते हैं!

क्रियाकलाप 8.4- आइए, प्रयोग करें

  • एक क्वथन नली में एक चम्मच चीनी लीजिए।
  • इसे चित्र 8.12 (क) में दर्शाए अनुसार इसे धीरे-धीरे गरम करें।
  • आप क्या अवलोकन करते हैं?
सुरक्षा सर्वोपरि
यह क्रियाकलाप एक शिक्षक की उपस्थिति ही में किया जाना चाहिए।

आप जैसे ही चीनी को गरम करते हैं वह भूरे रंग की हो जाती है (चित्र 8.12, ख)। तत्पश्चात यह जलना आरंभकर देती है अर्थात काली हो जाती है (चित्र 8.12, ग)।

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(क) चीनी को गरम करना

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(ख) गरम करने पर चीनी का रंग परिवर्तित हो जाता है।
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(ग) वाच-ग्लास में रखा चारकोल
चित्र 8.12 - क्वथन नली में चीनी को गरम करना

आपको क्वथन नली के खुले सिरे के समीप अंदर की ओर जल की छोटी-छोटी बूँदें दिखाई देंगी। यह जल कहाँ से आया? क्या यह शुष्क चीनी में था या वायु की जलवाष्प के संघनन से आया? चूँकि हम परखनली को गरम कर रहे हैं तो हम कह सकते हैं कि जल शुष्क चीनी से आया होगा न कि वायु से। क्या आप अनुमान लगा सकते हैं कि क्या शेष रहा? कार्बन परखनली में शेष रह जाता है। आप इसे वाच-ग्लास में निकाल सकते हैं (चित्र 8.12, ग) और ज्ञात कर सकते हैं कि क्या यह कोयले की तरह जलता है।

चीनी गरम करने पर विघटित हो जाती है जिससे हमें कार्बन और जल की प्राप्ति होती है। जैसाकि आप जानते हैं कि जल हाइड्रोजन और ऑक्सीजन से मिलकर बना होता है। अतः चीनी एक तत्व नहीं हो सकती। यह कहा जा सकता है कि चीनी एक रासायनिक यौगिक है जिसमें कार्बन, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन तत्व सम्मिलित होते हैं। आइए, यौगिकों के विषय में और अधिक खोज करें।

क्रियाकलाप 8.5- आइए, प्रयोग करें
(निदर्शन क्रियाकलाप)

सुरक्षा सर्वोपरि
यह क्रियाकलाप शिक्षक द्वारा प्रदर्शित किया जा सकता है। इसे धूम्र-कक्ष या हवादार स्थान में संपन्न किया जा सकता है। ध्यान रखिए कि आप गैसों को श्वास में अंदर न लें।
  • एक वाच-ग्लास पर 5.6 ग्राम लौह चूर्ण (चित्र 8.13, क) और 3.2 ग्राम सल्फर चूर्ण (चित्र 8.13, ख) लीजिए। इन्हें ध्यानपूर्वक देखिए।
  • Screenshot 2026-02-24 121142
    चित्र 8.13 - (क) लौह चूर्ण (ख) सल्फर चूर्ण -
  • इन्हें एक वाच-ग्लास में भली-भाँति मिश्रित कीजिए। इस मिश्रण को प्रतिदर्श 'अ' (चित्र 8.14) के रूप में चिह्नित कीजिए।
  • Screenshot 2026-02-24 124041
    चित्र 8.14 - लोहे के चूर्ण और सल्फर के चूर्ण का मिश्रण
  • इसे ध्यानपूर्वक देखिए।
  • क्या यह एक समरूप मिश्रण है अथवा विषमरूप? क्या आप लोहे और सल्फर दोनों पदार्थों को अभी भी पृथक-पृथक देख सकते हैं?
  • Screenshot 2026-02-24 124050
    चित्र 8.15 - (क) प्रतिदर्श 'अ' को गरम करना (ख) काला पदार्थ
  • प्रतिदर्श 'अ' का आधा भाग एक चीनी मिट्टी के पात्र में लीजिए और उसे एक मिट्टी काँच की छड़ की सहायता से निरंतर हिलाते हुए धीरे-धीरे तब तक गरम कीजिए (चित्र 8.15, क) जब तक वह एक काले रंग का पदार्थ न बन जाए।
  • चीनी मिट्टी के पात्र की सामग्री को ठंडा होने दीजिए।
  • इस काले पदार्थ को एक ओखल में डालिए और मूसल की सहायता से पीस लीजिए।
  • अब इसे एक दूसरे वाच-ग्लास में रखिए और इसे प्रतिदर्श 'ब' (चित्र 8.15, ख) के रूप में चिह्नित कीजिए।
  • अब आपके पास दो प्रतिदर्श हैं- प्रतिदर्श 'अ' और प्रतिदर्श 'ब' (चित्र 8.16, क और 8.16, ख)। दोनों प्रतिदर्शों 'अ' और 'ब' की निम्नलिखित चरणों के अनुसार तुलना कीजिए और अपने प्रेक्षणों को तालिका 8.2 में अंकित कीजिए।
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चित्र 8.16 - (क) प्रतिदर्श 'अ' (ख) प्रतिदर्श 'ब'
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(क) प्रतिदर्श अ

चरण 1- स्वरूप

  • प्रतिदर्श 'अ' और प्रतिदर्श 'ब' के स्वरूपों, जैसे- रंग और बनावट की तुलना कीजिए।

चरण 2 - चुंबक परीक्षण

  • एक चुंबक लीजिए और उसे प्रतिदर्श 'अ' (चित्र 8.17, क) और प्रतिदर्श 'ब' (चित्र 8.17 ख) पर बारी-बारी से घुमाएँ।
  • आपने क्या अवलोकन किया?
Screenshot 2026-02-24 124115
(ख) प्रतिदर्श ब
चित्र 8.17 - प्रतिदर्श 'अ' -और 'ब' की चुंबक के प्रति अनुक्रियाएँ

चरण 3 - गैस परीक्षण

  • एक परखनली में प्रतिदर्श 'अ' की थोड़ी मात्रा लीजिए और उसमें तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की कुछ बूंदें डालिए (चित्र 8.18, क)।
  • Screenshot 2026-02-24 124134
    चित्र 8.18 - हाइड्रोक्लोरिक अम्ल तनु में प्रतिदर्श 'अ' और 'ब'
  • आप क्या अवलोकन करते हैं?
  • Screenshot 2026-02-24 124143
    चित्र 8.19- किसी उत्सर्जित गैस की गंध लेने का तरीका
  • उत्सर्जित गैस को हाथ से अपनी नाक की ओर लाते हुए धीरे से सूँधिए (चित्र 8.19)।
  • जलती हुई तीली या जलती हुई मोमबत्ती को परखनली के मुख पर लाकर उत्सर्जित गैस का परीक्षण कीजिए (चित्र 8.20, क)।
  • Screenshot 2026-02-24 124156
    (क) प्रतिदर्श 'अ' (ख) प्रतिदर्श 'ब'
    चित्र 8.20 - गैसों का परीक्षण
  • आप क्या देखते हैं?
  • सुरक्षा सर्वोपरि
    कभी भी किसी पदार्थ को सीधे ना सूँधें।
  • उपर्युक्त चरणों को प्रतिदर्श 'ब' के साथ भी दोहराइए (चित्र 8.18, ख और 8.20, ख)।

तालिका 8.2 - प्रतिदर्श 'अ' और 'ब' की तुलना



क्र. सं. प्रयोग अवलोकन
प्रतिदर्श 'अ' प्रतिदर्श 'ब'
1. स्वरूप
(i) रंग
(ii) बनावट
2. चुंबकीय परीक्षण
3. गैसीय परीक्षण
(i) गंध
(ii) जलना

चर्चा के कुछ बिंदु

  • क्या प्रतिदर्श 'अ' और 'ब' एक समान दिखते हैं?
  • कौन-सा प्रतिदर्श चुंबकीय गुण प्रदर्शित करता है?
  • क्या हम प्रतिदर्शों 'अ' और 'ब' के घटकों को पृथक कर सकते हैं?
  • तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल मिलाने पर क्या दोनों प्रतिदर्शों 'अ' और 'ब' से गैस निकलती है?
  • दोनों ही स्थितियों में क्या गैसों की गंध एक जैसी है अथवा भिन्न है?
  • इस क्रियाकलाप में प्रयुक्त पदार्थों को मिश्रण, यौगिक और तत्वों में भी वर्गीकृत कीजिए।
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प्रतिदर्श 'अ'

प्रतिदर्श 'अ'- हम कह सकते हैं कि प्रतिदर्श 'अ' दो तत्वों लोहे (आयरन) एवं सल्फर का मिश्रण है। इसके घटक अपने गुणधर्म बनाए रखते हैं और उसमें काले और पीले रंग के कण देखे जा सकते हैं। प्रतिदर्श 'अ' के पास चुंबक लाने पर लौह चूर्ण चुंबक की ओर आकर्षित हो जाता है। अतः लोहे और सल्फर को पृथक किया जा सकता है।

आपने अवलोकन किया होगा कि प्रतिदर्श 'अ' के मिश्रण में उपस्थित लोहा तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करके आयरन क्लोराइड और हाइड्रोजन गैस बनाता है। यह गैस रंगहीन होती है, इसकी कोई गंध नहीं होती और यह एक 'फट्' की ध्वनि के साथ जलती है।

इस अभिक्रिया को निम्नलिखित रूप में दर्शाया जा सकता है —

आयरन + तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल -> आयरन क्लोराइड + हाइड्रोजन गैस

दूसरी ओर सल्फर परखनली के तल पर एक पीले ठोस के रूप में शेष रह जाता है। यह दर्शाता है कि सल्फर हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया नहीं करता है।

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प्रतिदर्श 'ब'

प्रतिदर्श 'ब' - प्रतिदर्श 'ब' में प्राप्त काला द्रव्यमान आयरन सल्फाइड है। हम अवलोकन करते हैं कि पूरे पदार्थ में इसकी बनावट और रंग एक समान है। यह दो तत्वों आयरन और सल्फर को एक साथ गरम करने से बनता है। यह चुंबक द्वारा आकर्षित नहीं होता। नए पदार्थ के गुण पूर्णतया भिन्न होते हैं तथा इसमें से आयरन और सल्फर को अब पृथक नहीं किया जा सकता। अतः हम कह सकते हैं कि अब एक एक यौगिक बन गया है। क्या आप अब समझा सकते हैं कि प्रतिदर्श 'ब' पर चुंबक का कोई प्रभाव क्यों नहीं पड़ता?

प्रतिदर्श 'ब' आयरन सल्फाइड तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करके आयरन क्लोराइड और हाइड्रोजन सल्फाइड गैस बनाता है। यह गैस रंगहीन होती है और इसकी गंध सड़े हुए अंडे जैसी होती है।

अभिक्रिया को इस प्रकार दर्शाया जा सकता है-

आयरन सल्फाइड + तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ->आयरन क्लोराइड + हाइड्रोजन सल्फाइड

8.4 हम तत्वों, यौगिकों और मिश्रणों का उपयोग कैसे करते हैं?

तत्व, यौगिक और मिश्रण हमारे चारों ओर विद्यमान हैं। हम जिस वायु में श्वास लेते हैं वह अनेक गैसों, जैसे- ऑक्सीजन, नाइट्रोजन और कार्बन डाइऑक्साइड का मिश्रण है। जल जो जीवन के लिए आवश्यक है, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन जैसे तत्वों से बना एक यौगिक है। लोहे और एलुमिनियम जैसे तत्वों का उपयोग पुलों, भवनों और वाहनों के निर्माण में किया जाता है।

इन अवधारणाओं को समझने का उद्देश्य मात्र इतना ही नहीं है कि हम अपने परिवेश को पहचान सकें अपितु ये तो नवाचार की कुंजी भी है। उदाहरण के लिए रसायनज्ञ यह अध्ययन करते हैं कि अनेक तत्व आपस में मिलकर यौगिक कैसे बनाते हैं। इससे वे बीमारियों से लड़ने के लिए जीवन रक्षक दवाओं का और वैक्सीन का आविष्कार कर पाते हैं। यह ज्ञान उर्वरकों के निर्माण में भी सहायता करता है जिससे फसल उत्पादन में वृद्धि होती है जो वैश्विक स्तर पर निरंतर बढ़ती मानव जनसंख्या का पोषण करती है।

अभियंता और वैज्ञानिक पदार्थ यौगिकों और मिश्रणों के विषय में अपनी समझ के आधार पर अद्वितीय गुणधर्मों वाले पदार्थों का निर्माण करते हैं। उदाहरण के लिए उन्होंने स्टेनलेस स्टील जैसी मिश्रधातु निर्मित की जो शुद्ध लोहे से भी अधिक सुदृढ़ और टिकाऊ होती है। भवन निर्माण सामग्री के रूप में प्रयुक्त लकड़ी, स्टील और कंक्रीट सभी मिश्रण होते हैं। आपने सीखा कि खनिजों से विभिन्न धातुएँ प्राप्त होती हैं। आइए, इन खनिजों के विषय

आपने सीखा कि खनिजों से विभिन्न धातुएँ प्राप्त होती हैं। आइए, इन खनिजों के विषय में जानकारी प्राप्त करें।

एक सोपान ऊपर
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चित्र 8.21
पदार्थ वैज्ञानिकों द्वारा विकसित ग्रैफीन एरोजेल 'अद्भुत' पदार्थ का एक उदाहरण है। यह कार्बन से निर्मित है एवं इसे पृथ्वी का सबसे हल्का पदार्थ कहा जाता है। यह इतना हल्का होता है कि घास भी इसका बोझ उठा सकती है (चित्र 8.21)। यह अत्यधिक छिद्रदार होता है जिस करण से इसकी अवशोषण क्षमता उच्च होती है। अतः इसका उपयोग पर्यावरणीय शोधक के रूप में भी किया जा सकता है। उदाहरण के लिए इसका उपयोग समुद्र और भूमि दोनों पर तेल रिसाव को साफ करने के लिए किया जाता है। यह ऊर्जा बचत करने वाले उपकरणों और भवनों के लिए विशिष्ट लेपों के निर्माण में भी उपयोगी होता है।

8.5 खनिज क्या हैं?

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चित्र 8.22 – कुछ खनिज

अधिकांश चट्टानें खनिजों का मिश्रण होती हैं जिन्हें आँखों से या आवर्धक लेंस से अथवा सूक्ष्मदर्शी की सहायता से देखा जा सकता है। कुछ खनिजों को मूल खनिज कहा जाता है जो कि यौगिक नहीं अपितु शुद्ध तत्व होते हैं। ये खनिज सोना, चाँदी, ताँबा इत्यादि जैसी धातुएँ अथवा सल्फर एवं कार्बन जैसी अधातुएँ हो सकती हैं।

अधिकांश खनिज एक से अधिक तत्वों से निर्मित यौगिक होते हैं। खनिजों के कुछ सामान्य उदाहरणों में क्वार्ज, कैल्साइट, अभ्रक, पाइरॉक्सीन और ओलीवाइन सम्मिलित हैं (चित्र 8.22)। हमारे दैनिक जीवन में उपयोग की जाने वाली अनेक वस्तुएँ खनिजों अथवा खनिजों से निष्कर्षित तत्वों से निर्मित होती हैं। उदाहरण के लिए सीमेंट को कैल्साइट, क्वार्ट्ज, ऐलुमिना और आयरन ऑक्साइड से बनाया जाता है। ये स्वयं खनिज हैं या खनिजों से प्राप्त होते हैं। टैल्कम पाउडर टैल्क नामक खनिज से बनाया जाता है।

हमारी वैज्ञानिक परंपरा

भारतीय कला में तत्वों, यौगिकों और मिश्रणों का उपयोग

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चित्र 8.23 - ढोकरा कला
ढोकरा कला बिहार और ओडिशा की एक प्राचीन आदिवासी कला है जिसमें विभिन्न धातुओं का उपयोग कर प्रकृति से प्रेरित सुंदर आकृतियाँ बनाई जाती हैं (चित्र 8.23)। यह प्रक्रिया मोम से एक साँचा बनाने से आरंभ होती है। इस मोम के साँचे पर मृदा का लेप किया जाता है। मृदा के सूखने के उपरांत मोम को पिघलाकर बाहर निकाल लिया जाता है जिससे एक खोखला स्थान बन जाता है। तत्पश्चात इस खोखले स्थान को पिघले हुए पीतल या काँसे से भर दिया जाता है जिससे ढोकरा कलाकृति मजबूत होती है और इसे एक चमकदार सुनहरा रंग प्रदान करती है। ये आकृतियाँ अधिकांशतः जीवों, मनुष्यों और प्रकृति को प्रदर्शित करती हैं जो आदिवासी रचनात्मकता और परंपरा को दर्शाती हैं।

तत्व और यौगिक हमारे आस-पास के द्रव्य (प्रत्येक वह वस्तु जिसमें द्रव्यमान होता है और जो स्थान घेरती है) के निर्माण खंड हैं। ये उन पदार्थों का निर्माण करते हैं जिन्हें हम प्रतिदिन देखते हैं और जिनका उपयोग करते हैं। यद्यपि हमारे चारों ओर सब कुछ पदार्थ नहीं है। प्रकाश, ऊष्मा, विद्युत यहाँ तक कि विचार और भावनाएँ भी हमारे संसार के महत्वपूर्ण भाग हैं परंतु ये पदार्थ से नहीं बने हैं। पदार्थ क्या है और क्या नहीं है, यह समझने से हमें अपने आस-पास के परिवेश को भली-भाँति समझने में सहायता मिलती है।

स्मरणीय बिंदु
  • मिश्रण में दो या दो से अधिक पदार्थ एक साथ मिश्रित होते हैं। ये पदार्थ मिश्रण में अपने-अपने गुणधर्मों को बनाए रखते हैं और परस्पर रासायनिक रूप से अभिक्रिया नहीं करते हैं।
  • मिश्रण बनाने वाले भिन्न-भिन्न पदार्थ मिश्रण के घटक कहे जाते है।
  • किसी शुद्ध पदार्थ में एक ही प्रकार के कण होते हैं। उस पदार्थ के सभी घटक कण एकसमान व्यवहार करते हैं।
  • शुद्ध पदार्थ या तो एक तत्व हो सकता है अथवा एक यौगिक।
  • तत्व सबसे सरल पदार्थ होते हैं जिन्हें और अधिक सरल पदार्थों में विभाजित नहीं किया जा सकता। ये सभी द्रव्य के निर्माण खंड होते हैं।
  • ऐसे पदार्थ जो दो या दो से अधिक तत्वों के रासायनिक रूप से एक निश्चित अनुपात में संयोजित होने से बनते हैं और अपने घटक तत्वों से भिन्न गुणधर्म रखते हैं, वे पदार्थ यौगिक कहलाते हैं।
  • खनिज पृथ्वी पर पाए जाने वाले प्राकृतिक ठोस पदार्थ हैं। इनका एक निश्चित रासायनिक संघटन होता है। ये अधिकांशतः यौगिक होते हैं परंतु कदाचित ये शुद्ध तत्व भी हो सकते हैं।

अपनी जिज्ञासा बनाए रखें
  1. . निम्नलिखित अभिक्रिया पर विचार कीजिए जहाँ दो पदार्थ 'अ' और 'ब' संयोजित होकर एक उत्पाद 'स' बनाते हैं-

    अ + ब -> स

    मान लीजिए कि 'अ' और 'ब' को रासायनिक अभिक्रियाओं द्वारा सरल पदार्थों में नहीं तोड़ा जा सकता है। इस जानकारी के आधार पर निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
    1. 'अ', 'ब' और 'स' सभी यौगिक हैं और केवल 'स' का संघटन निश्चित है।
    2. 'स' एक यौगिक है और 'अ' एवं 'ब' का संघटन निश्चित है।
    3. 'अ' और 'ब' यौगिक हैं एवं 'स' का संघटन निश्चित है।
    4. 'अ' और 'ब' तत्व हैं 'स' एक यौगिक है तथा इसका संघटन निश्चित है।
  2. अभिकथन - वायु एक मिश्रण है।कारण - मिश्रण तब बनता है जब दो या दो से अधिक पदार्थ बिना किसी रासायनिक परिवर्तन के मिश्रित होते हैं।
    1. अभिकथन और कारण दोनों सत्य हैं और कारण अभिकथन की सही व्याख्या करता है।
    2. अभिकथन और कारण दोनों सत्य हैं परंतु कारण अभिकथन की सही व्याख्या नहीं करता है।
    3. अभिकथन सत्य है परंतु कारण असत्य है।
    4. अभिकथन असत्य है परंतु कारण सत्य है।
  3. जल ऑक्सीजन और हाइड्रोजन तत्वों से निर्मित एक यौगिक है। इसके गुणधर्म ऑक्सीजन और हाइड्रोजन के गुणधर्मों से भिन्न हैं। इस कथन की पुष्टि कीजिए।
  4. -. निम्नलिखित में से किसमें सभी उदाहरण सही सुमेलित हैं? अपने उत्तरों के समर्थन में कारण दीजिए।
    1. तत्व- जल, नाइट्रोजन, लोहा, वाय्।
    2. समरूप मिश्रण - खनिज, समुद्री जल, काँसा, वायु।
    3. शुद्ध पदार्थ - कार्बन डाइऑक्साइड, लोहा, ऑक्सीजन, चीनी।
    4. विषमरूप मिश्रण - वायु, रेत, पीतल, गदला जल।
  5. लोहा आर्द्र वायु के साथ अभिक्रिया करके आयरन ऑक्साइड बनाता है और मैग्नीशियम ऑक्सीजन में दहन के पश्चात मैग्नीशियम ऑक्साइड बनाता है। उपर्युक्त अभिक्रियाओं में सम्मिलित सभी पदार्थों को तत्वों, यौगिकों या मिश्रणों के रूप में औचित्य सहित वर्गीकृत कीजिए।
  6. निम्नलिखित को तालिका 8.3 में तत्वों, यौगिकों या मिश्रणों के रूप में वर्गीकृत कीजिए। कार्बन डाइऑक्साइड, रेत, समुद्री जल, मैग्नीशियम ऑक्साइड, गदला जल, ऐलुमिनियम, सोना, ऑक्सीजन, जंग, आयरन सल्फाइड, ग्लूकोस, वायु, जल, फलों का रस, नाइट्रोजन, सोडियम क्लोराइड, सल्फर, हाइड्रोजन, बेकिंग सोडा।
  7. तालिका 8.3



    तत्व यौगिक मिश्रण






    इनमें से शुद्ध पदार्थों की पहचान कीजिए एवं इन्हें नीचे सूचीबद्ध कीजिए।

    शुद्ध पदार्थ



    fig
    चित्र 8.24
  8. लौह चूर्ण और गंधक चूर्ण के मिश्रण को गरम करने पर कौन-सा नया पदार्थ बनता है और यह मूल मिश्रण से किस प्रकार भिन्न होता है? अभिक्रिया का समीकरण शब्दों में लिखिए।
  9. क्या किसी पदार्थ को तत्व और यौगिक दोनों के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है? स्पष्ट कीजिए कि क्यों अथवा क्यों नहीं।
  10. यदि जल एक यौगिक न होकर हाइड्रोजन और ऑक्सीजन का मिश्रण होता तो हमारा दैनिक जीवन किस प्रकार प्रभावित होता?
  11. चित्र 8.24 का विश्लेषण कीजिए। गैस (अ) की पहचान कीजिए। साथ ही रासायनिक अभिक्रिया का समीकरण शब्दों में लिखिए।
  12. मात्र अधातुओं से निर्मित किन्हीं दो यौगिकों के नाम लिखिए और प्रत्येक के दो उपयोगों का उल्लेख भी कीजिए।
  13. सोने को खनिज और धातु दोनों के रूप में कैसे वर्गीकृत किया जा सकता है?
खोजें, अभिकल्पित करें और चर्चा करें
  • दैनिक जीवन में तत्वों, यौगिकों एवं मिश्रणों के अनेक उदाहरण आपने देखे हैं। इन उदाहरणों का उपयोग करते हुए इन तीनों के मध्य अंतर को स्पष्ट करने हेतु चित्रों की सहायता से कॉमिक स्ट्रिप की रचना कीजिए तथा उनके गुणधर्मों तथा उपयोगों को स्पष्ट कीजिए।
  • कुछ तत्वों (जैसे - फॉस्फोरस, सोडियम), यौगिकों (जैसे – पेनिसिलिन) और मिश्रणों (जैसे - पीतल, काँसा, स्टेनलेस स्टील) के आविष्कारों के विषय में खोज कीजिए। अपनी खोज के परिणामों को कक्षा में प्रस्तुत कीजिए।
  • आइए ढूँढ़ें- अपमार्जक या अल्पाहार जैसी वस्तुओं पर लगे लेबल पढ़िए और उनमें विद्यमान मिश्रणों और यौगिकों को सूचीबद्ध करने का प्रयास कीजिए।
  • समूहों में कार्य कीजिए- एक नाटिका का मंचन कीजिए जिसमें विद्यार्थियों का प्रत्येक समूह किसी तत्व, यौगिक या मिश्रण की भूमिका का निर्वाह करेगा। चर्चा कीजिए कि इनमें से कौन-सी श्रेणी सबसे महत्वपूर्ण है।