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अध्याय-1 वर्ग और घन

रानी रत्नामंजुरी ने एक इच्छापत्र (वसीयतनामा) लिखा था जिसमें उनके रत्नों के विवरण के साथ-साथ एक पहेली भी सम्मिलित थी। इच्छापत्र पढ़ने के समय रानी के पुत्र खोईसनाम और उनके 99 संबंधियों को आमंत्रित किया गया। रानी अपने सभी रत्न अपने पुत्र को देना चाहती थी परंतु रानी को ज्ञात था कि यदि मैंने ऐसा किया तो मेरे सभी 99 संबंधी मेरे पुत्र को सदैव कष्ट देते रहेंगे। रानी जानती थी कि उसने अपने पुत्र को वे सभी बातें सिखा दी हैं जो उसे इच्छापत्र में दी गई पहेली को हल करने में आवश्यक होंगी। रानी ने अपने इच्छापत्र में जो लिखा वह इस प्रकार है-

"मैंने एक पहेली बनाई है। यदि आप सभी 100 व्यक्ति इसे एक साथ हल कर लेते हैं तो रत्नों को सभी समान रूप से बाँट लेंगे। आप में से यदि कोई भी व्यक्ति इसे सबसे पहले हल कर लेता है तो वह सभी रत्नों का उत्तराधिकारी होगा। आप सभी को शुभकामनाएँ!”

खोईसनाम एवं उसके 99 संबंधियों को मंत्री एक गुप्त कक्ष में ले गए जिसमें 100 लॉकर थे।

मंत्री ने पहेली की व्याख्या इस प्रकार की -

"प्रत्येक व्यक्ति को 1 से 100 तक की संख्याओं में से एक संख्या दी जाती है।"

  • संख्या 1 वाला व्यक्ति प्रत्येक लॉकर को खोलता है।
  • ।संख्या 2 वाला व्यक्ति प्रत्येक दूसरे लॉकर (दूसरा, चौथा, छठवाँ) को घुमाता है (अर्थात यदि लॉकर खुला है तो उसे बंद कर देता है और यदि लॉकर बंद है तो उसे खोल देता है)।
  • ।संख्या 3 वाला व्यक्ति प्रत्येक तीसरे लॉकर (तीसरा, छठवाँ, नौवाँ...) को घुमाता है।
  • संख्या 4 वाला व्यक्ति प्रत्येक चौथे लॉकर को घुमाता है (चौथा, आठवाँ, बारहवाँ...) ।

यह प्रक्रिया तब तक निरंतर चलती रहेगी जब तक सभी 100 व्यक्तियों की बारी नहीं आ जाती है।

अंत में कुछ ही लॉकर खुले रह जाते हैं जिन पर अंकित संख्या रत्नों के विषय में गुप्त संकेत (कोड) बताती है।"

Screenshot 2026-03-03 164211

यदि एक लॉकर को विषम संख्या में घुमाया (खोला या बंद) जाए तो वह खुल जाएगा। अन्यथा वह बंद रहेगा। एक लॉकर को जितनी बार घुमाया गया है वह उस लॉकर संख्या के गुणनखंडों की संख्या के समान होता है। उदाहरण के लिए लॉकर संख्या 6 के लिए संख्या 1 वाला व्यक्ति इसे खोलता है, संख्या 2 वाला व्यक्ति इसे बंद करता है, संख्या 3 वाला व्यक्ति इसे खोलता है और संख्या 6 वाला व्यक्ति इसे बंद करता है। संख्याएँ 1, 2, 3 और 6 यह सभी 6 के गुणनखंड हैं। यदि गुणनखंडों की संख्या सम है तो लॉकर सम संख्या में घुमाया जाएगा और अंत में यह बंद रहेगा।

संख्या 6 के लिए-
1 × 6
2 × 3
1, 2, 3 और 6 गुणनखंड हैं।

ध्यान दीजिए कि किसी भी संख्या के प्रत्येक गुणनखंड का एक 'सह-गुणनखंड' है जिन्हें परस्पर गुणा करने पर दी गई संख्या प्राप्त होती है। यहाँ संख्या 6 के लिए 1 और 6 सह-गुणनखंडों का एक युग्म बनाते हैं। इसके साथ ही 2 और 3 इसी संख्या का एक अन्य सह-गुणनखंड युग्म बनाते हैं।

? क्या प्रत्येक संख्या के गुणनखंडों की संख्या सम संख्या होती है?

संख्या 1 के लिए -
1 × 1
एकमात्र गुणनखंड 1 है।


संख्या 4 के लिए -
1 × 4
2 × 2
गुणनखंड 1, 2 और 4 हैं।

संख्या 9 के लिए
1 × 9
3 × 3
गुणनखंड 1, 3 और 9 हैं।

कुछ स्थितियों में हम देखते हैं कि गुणनखंड युग्म में संख्याएँ समान होती हैं, जैसे - 2 × 2

? क्या आप उपर्युक्त समझ का उपयोग करके अन्य संख्याएँ ज्ञात कर सकते हैं जिनके गुणनखंडों की संख्या विषम हो?

उदाहरण के लिए 36 का एक गुणनखंड युग्म 6 × 6 है, यहाँ दोनों संख्याएँ 6 हैं। क्या इस संख्या के गुणनखंडों की संख्या विषम है? यहाँ 6 के अतिरिक्त 36 के प्रत्येक गुणनखंड का सह-गुणनखंड भिन्न है तब हम निश्चित रूप से कह सकते हैं कि 36 के गुणनखंडों की संख्या विषम होगी। क्या यह कथन सत्य है? जाँच कीजिए।

अतः उपर्युक्त समझ के आधार पर 1, 4, 9, 16 इत्यादि संख्याओं के गुणनखंडों की संख्या विषम है -

1×1,2×2,3×3, 4 × 4 ,...

किसी संख्या को स्वयं से गुणा करने पर प्राप्त गुणनफल को वर्ग संख्या या वर्ग कहते हैं। केवल वर्ग ही वे संख्याएँ होती हैं जिनके गुणनखंडों की संख्या विषम होती है क्योंकि उनमें से प्रत्येक का एक गुणनखंड ऐसा होता है जिसे स्वयं से गुणा करने पर वह संख्या प्राप्त होती है। अतः प्रत्येक लॉकर जिसकी संख्या एक वर्ग है वह खुला रहेगा।

? उन लॉकर की संख्याएँ लिखिए जो खुले रहते हैं।

खोईसनाम अविलंब इन 10 लॉकर से शब्द संकेत एकत्र करता है और इन्हें पढ़ता है, "गुप्त संकेत (passcode) में पहले पाँच लॉकर की संख्याएँ सम्मिलित हैं जिन्हें ठीक दो बार घुमाया गया था।"

? ये पाँच लॉकर कौन-से हैं?
जिन लॉकरों को दो बार घुमाया गया है वे अभाज्य संख्याओं वाले लॉकर हैं क्योंकि प्रत्येक अभाज्य संख्या के दो गुणनखंड 1 और वह संख्या स्वयं होते हैं। अतः गुप्त संकेत (कोड) 2-3-5-7-11 है।

1.1 वर्ग संख्याएँ

1, 4, 9, 16, ... जैसी संख्याओं को वर्ग क्यों कहा जाता है? हम जानते हैं कि एक वर्ग (वर्ग का क्षेत्रफल) में इकाई वर्गों की संख्या उसकी भुजाओं के गुणनफल के समान होती है। नीचे दी गई तालिका विभिन्न भुजाओं वाले वर्गों के क्षेत्रफल को दर्शाती है।

Screenshot 2026-03-05 093853

हम वर्गों के लिए निम्नलिखित संकेत पद्धति का उपयोग करते हैं।

1 × 1 = 1 2 = 1
2 × 2 = 2 2 = 4
3 × 3 = 3 2 = 9
4 × 4 = 4 2 = 16
5 × 5 = 5 2 = 25
...
...
...

सामान्यतः किसी भी संख्या n के लिए हम n × n = n 2 लिखते हैं जिसे 'n का वर्ग' पढ़ा जाता है। क्या हम 3/5 या 2.5 इकाई भुजा वाला वर्ग बना सकते हैं?

हाँ, उनका क्षेत्रफल वर्ग इकाइयों में (3/5) 2 = (3/5) × (3/5) = (9/25)

और (2.5) 2 = (2.5)×(2.5) = 6.25 होगा।

प्राकृत संख्याओं के वर्गों को पूर्ण वर्ग कहते हैं। उदाहरण के लिए 1, 4, 9, 16, 25, सभी पूर्ण वर्ग हैं।

पूर्ण वर्गों के प्रतिरूप (पैटर्न) और गुण

प्रथम 30 प्राकृत संख्याओं के वर्ग ज्ञात कीजिए और उन्हें निम्न तालिका में अंकित कीजिए।

Screenshot 2026-03-05 103703

? आपने उपर्युक्त तालिका में किन प्रतिरूपों का अवलोकन किया? अपने अवलोकनों को अपने सहपाठियों के साथ साझा कीजिए एवं अनुमान लगाइए।

उर्पयुक्त तालिका में दिए गए वर्गों का अध्ययन कीजिए। इन वर्ग संख्याओं के इकाई के अंक क्या हैं? ये सभी संख्याएँ 0, 1, 4, 5, 6 या 9 पर समाप्त होती हैं। इनमें से कोई भी संख्या 2, 3, 7 या 8 पर समाप्त नहीं होती है।

? यदि कोई संख्या 0, 1, 4, 5, 6 या 9 पर समाप्त होती है तो क्या वह सदैव एक वर्ग संख्या होगी।

16 और 36 दोनों वर्ग संख्याएँ हैं जिनमें इकाई का अंक 6 है। यद्यपि 26 का भी इकाई अंक 6 है परंतु यह एक वर्ग नहीं है। अतः हम केवल इकाई के अंक को देखकर यह निर्धारित नहीं कर सकते हैं कि कोई संख्या वर्ग है या नहीं। परंतु इकाई का अंक हमें यह बता सकता है कि कोई संख्या कब वर्ग नहीं होगी। यदि कोई संख्या 2, 3, 7 या 8 पर समाप्त होती है तो हम निश्चित रूप से कह सकते हैं कि वह एक वर्ग नहीं है।

? ऐसी 5 संख्याएँ लिखिए जिनके इकाई अंक को देखकर आप यह निर्धारित कर सकें कि वे वर्ग नहीं हैं।

वर्ग 1 2 , 9 2, 11 2, 19 2, 21 2 और 29 2 इन सभी संख्याओं का इकाई अंक 1 है। अब आप ऐसे अगले दो वर्ग और लिखिए। ध्यान दीजिए यदि किसी संख्या का इकाई अंक 1 या 9 है तो उसके वर्ग का इकाई अंक 1 होता है।

? आइए, 6 पर समाप्त होने वाली वर्ग संख्याओं पर विचार करें - 16 = 4 2 ,36 = 6 2, 196 = 14 2 ,256 = 16 2, 576 = 24 2 और 676 = 26 2


निम्नलिखित में से कौन-सी संख्याओं में इकाई का अंक 6 है?

(i)38 2 (ii)342 (iii)46 2 (iv)56 2 (v)742 (vi)822

? आपके द्वारा पूरित तालिका से संख्याओं और उनके वर्गों का अवलोकन करके ऐसे और अधिक प्रतिरूप खोजिए।

निम्नलिखित संख्याओं और उनके वर्गों पर विचार कीजिए।

Screenshot 2026-03-05 104909

? यदि किसी संख्या के अंत में 3 शून्य हैं तो उसके वर्ग के अंत में कितने शून्य होंगे?

? आपने किसी संख्या के अंत में शून्यों की संख्या और इसके वर्ग के अंत में शून्यों की संख्या के विषय में क्या अवलोकन किया? क्या ऐसा सदैव होता रहेगा? क्या हम कह सकते हैं कि वर्गों के अंत में शून्यों की संख्या केवल सम संख्या ही हो सकती है?

? किसी संख्या और उसके वर्ग की अनुरूपता के विषय में आपके क्या विचार हैं?

पूर्ण वर्ग और विषम संख्याएँ

आइए, क्रमागत वर्गों के मध्य अंतर देखें। आपने क्या अवलोकन किया?

4-1=3
9-4=5
16-9=7
25-16=9

ध्यान दीजिए कि क्या यह प्रतिरूप अगली कुछ वर्ग संख्याओं तक बना रहता है?

इस प्रतिरूप से हम देखते हैं कि 1 से आरंभ होने वाली क्रमागत विषम संख्याओं को जोड़ने पर क्रमागत वर्ग संख्याएँ प्राप्त होती हैं जैसा कि नीचे दर्शाया गया है।

1=1
1+3=4
1 + 3 + 5 = 9
1 + 3 + 5 + 7 = 16
1 + 3 + 5 + 7 + 9 = 25
1+3+5+7+9+11 = 36

Screenshot 2026-03-05 105630

क्या आपको कक्षा 6 में पढ़ा गया यह प्रतिरूप स्मरण है?

नीचे दिया गया चित्र स्पष्ट करता है कि प्रत्येक व्युत्क्रमित (उल्टा हुआ) अगली विषम संख्या क्यों देता है -

Screenshot 2026-03-05 105738

हम देखते हैं कि पहली n विषम संख्याओं का योग है। वैकल्पिक रूप से प्रत्येक वर्ग 1 से आरंभ होने वाली क्रमिक विषम संख्याओं का योग होता है।

Screenshot 2026-03-05 110045 गणित में कभी-कभी तर्क और युक्तियाँ किसी शब्द के बिना भी प्रस्तुत की जा सकती हैं। दृश्य प्रमाण स्वयं में पूर्ण हो सकते हैं।

इसके अतिरिक्त हम विषम संख्याओं को क्रमिक रूप से घटाकर यह ज्ञात कर सकते हैं कि कोई संख्या पूर्ण वर्ग है या नहीं। संख्या 25 पर विचार कीजिए इसमें से क्रमिक रूप से 1,3,5... तब तक घटाइए जब तक कि आपको 10 न प्राप्त हो जाए या वह उससे आगे न निकल जाए।

25-1=24    24-3-21    21-5-16    16-7-9        9-9=0


इसका अर्थ है कि 25 = 1 + 3 + 5 + 7 + 9 है, साथ ही यह एक पूर्ण वर्ग संख्या है। चूँकि हमने पहली पाँच विषम संख्याओं को घटा दिया है अतः 25 = 52 होगा।

? उपर्युक्त प्रतिरूप का उपयोग करके 36' ज्ञात कीजिए जबकि 35² = 1225 है।

प्रश्न के अनुसार हम जानते हैं कि 1225 पहली 35 विषम संख्याओं का योग है। 362 ज्ञात करने के लिए हमें 1225 में 36 वीं विषम संख्या को जोड़ना होगा।

? हम 36वीं विषम संख्या कैसे ज्ञात करेंगे?

पहली विषम संख्या 1 है दूसरी विषम संख्या 3 है तीसरी विषम संख्या 5 है..., छठवीं विषम संख्या 11 है और इसी प्रकार आगे भी।

? n वीं विषम संख्या क्या है?

n वीं विषम संख्या 2n-1 है।

अतः 36वीं विषम संख्या 71 है।

1225 में 71 जोड़ने पर हमें 1296 प्राप्त होता है जो 362 है।

एक संख्या, जैसे- 38 पर विचार कीजिए जो वर्ग नहीं है और उसमें 1 से आरंभ करके लगातार विषम संख्याओं को घटाइए।

38-1-37       37-3-34       34-5-29       29-7-22       22-9-13       13-11-2       2-13-11      

इससे ज्ञात होता है कि 38 को 1 से आरंभ होने वाली क्रमागत विषम संख्याओं के योग के रूप में व्यक्त नहीं किया जा सकता है।

इस प्रकार हम कह सकते हैं कि एक प्राकृत संख्या पूर्ण वर्ग नहीं होती है, यदि यह 1 से आरंभहोने वाली क्रमागत विषम प्राकृत संख्याओं के योग के रूप में व्यक्त न की जा सके। हम इस परिणाम का उपयोग यह ज्ञात करने हेतु कर सकते हैं कि क्या एक प्राकृत संख्या एक पूर्ण वर्ग है।

? ज्ञात कीजिए कि दो क्रमागत पूर्ण वर्गों के मध्य कितनी प्राकृत संख्याएँ आती हैं? क्या आपने किसी प्रतिरूप का अवलोकन किया?

? 1 और 100 के मध्य कितनी वर्ग संख्याएँ हैं? 101 से 200 के मध्य कितनी वर्ग संख्याएँ हैं? आपने पूर्व में जिस वर्ग तालिका में संख्याएँ अंकित की थी उस तालिका का उपयोग करके नीचे दिए गए स्थानों में मान अंकित कीजिए और 100 के प्रत्येक तालिका के खंड में वर्गों की संख्या को सारणीबद्ध कीजिए। इसके साथ यह भी बताइए कि 1000 से छोटा सबसे बड़ा वर्ग कौन-सा है?

Screenshot 2026-03-05 112240

पूर्ण वर्ग और त्रिभुजाकार संख्याएँ

क्या आपको त्रिभुजाकार संख्याएँ स्मरण हैं?

Screenshot 2026-03-05 112745

? क्या आप त्रिभुजाकार संख्याओं और वर्ग संख्याओं में कोई संबंध देख सकते हैं? दर्शाए गए प्रतिरूप को आगे बढ़ाइए और अगले चरण को रेखांकित कीजिए।

Screenshot 2026-03-05 112833
वर्गमूल

? एक वर्ग का क्षेत्रफल 49 वर्ग सेंटीमीटर है। बताइए इसकी एक भुजा की लंबाई क्या है?

हमें ज्ञात है 7 × 7 = 49 या 72 = 49 है।

अतः 49 वर्ग सेंटीमीटर क्षेत्रफल वाले वर्ग की एक भुजा 7 सेंटीमीटर है।

हम कहते हैं कि 49 का वर्गमूल 7 है।

सामान्यतः यदि y = x 2 तो y का वर्गमूल x है।

? 64 का वर्गमूल क्या है?

हमें ज्ञात है कि 8 × 8 = 64 होता है। अत: 64 का वर्गमूल 8 है। - 8 × - 8 के विषय में आप क्या कहेंगे?

82 = 64 और (-8)² = 64

अत: 64 के वर्गमूल + 8 और – 8 हैं।

प्रत्येक पूर्ण वर्ग संख्या के वर्गमूल दो पूर्णांक संख्याएँ होती हैं। इनमें एक धनात्मक संख्या तथा दूसरी ऋणात्मक संख्या होती है। किसी संख्या का वर्गमूल √ चिह्न द्वारा दर्शाया जाता है।

इसलिए √(64) =+ - 8 और √ (100) = + -10 होता है।

ध्यान दीजिए कि (8 √ 2) = +- 8 और (10 2) = plus/minus 10 होंगे एवं व्यापक रूप से (n 2) = +- n होगा।

इस अध्याय में हम केवल धनात्मक वर्गमूल पर विचार करेंगे।

? यदि 327 या 576 जैसी कोई संख्या दी गई हो हम कैसे ज्ञात करेंगे कि यह एक पूर्ण वर्ग है?

यदि यह एक पूर्ण वर्ग है तो हम इसका वर्गमूल किस प्रकार ज्ञात कर सकते हैं?

हमें ज्ञात है कि पूर्ण वर्ग संख्याएँ 1, 4, 9, 6, 5 या शून्य के युग्मों पर समाप्त होती हैं परंतु यह निश्चित नहीं है कि यदि कोई इस गुण को संतुष्ट करे तो वह वर्ग ही हो।

हम स्पष्ट रूप से कह सकते हैं कि 327 एक पूर्ण वर्ग संख्या नहीं है। यद्यपि हम निश्चित रूप से नहीं कह सकते कि 576 एक पूर्ण वर्ग संख्या है।

1. हम सभी पूर्ण वर्ग संख्याओं को क्रम से सूचीबद्ध कर सकते हैं और ज्ञात कर सकते हैं कि 576 इनमें है या नहीं। हम जानते हैं कि 20² = 400 हम 21, 22, 23, आदि के वर्ग ज्ञात कर सकते हैं और यह तब तक करते रहेंगे जब तक कि 576 या उससे बड़ी संख्या प्राप्त नहीं हो जाती है।

202 = 400
212 = 441
222 = 484
232 = 529
242 = 576

यद्यपि यह प्रक्रिया बड़ी संख्याओं हेतु उपयुक्त नहीं है।

2. स्मरण कीजिए प्रत्येक वर्ग संख्या को 1 से आरंभ होने वाली क्रमागत विषम संख्याओं के योग के रूप में दर्शाया जा सकता है।

√(81) पर विचार कीजिए।

81-1=80
80-3=77
77-5=72
72-7=65
65-9=56
56-11=45
45-13=32

32-15=17
17-17=0

81 में से हमने 1 से आरंभ करके क्रमागत विषम संख्याएँ उत्तरोत्तर रूप से घटाईं जब तक कि 9वें चरण में शेषफल 0 नहीं हो गया। अतः √(81) = 9 है।

क्या हम इस विधि के माध्यम से 729 का वर्गमूल ज्ञात कर सकते हैं? हाँ, परंतु इसमें अधिक समय व्यतीत होगा।

3. हम जानते हैं कि किसी एक पूर्णांक को स्वयं से गुणा करके एक पूर्ण वर्ग प्राप्त किया जा सकता है। क्या किसी संख्या के अभाज्य गुणनखंडन उसके पूर्ण वर्ग के निर्धारण में हमारी सहायता करेगा?

हाँ, यदि हम किसी संख्या के अभाज्य गुणनखंडों को दो समान भागों में बाँट देते हैं तो किसी भी भाग के अभाज्य गुणनखंडों की गुणा संख्या का वर्गमूल दर्शाती है।

? क्या 324 एक पूर्ण वर्ग है?

  1. 324 = 2 * 2 * 3 * 3 * 3 * 3

इन्हें इस प्रकार समूहों में बाँटा जा सकता है-

  1. 324 = (2 * 3 * 3)(2 * 3 * 3)
  1. = (2 * 3 * 3) 2 = 18 2

हम अभाज्य गुणनखंडों को युग्मों के रूप में इस प्रकार से भी लिख सकते हैं-

  1. 324 = (2 * 2)(3 * 3)(3 * 3)

जो यह दर्शाता है कि 324 एक पूर्ण वर्ग है।

  1. 324 = (2 * 3 * 3) 2 = 18 2
  1. अतः 18 2=324
  1. इसलिए √324 = 18

? क्या 156 एक पूर्ण वर्ग है?

156 का अभाज्य गुणनखंडन 2 × 2 × 3 × 13 है।

हम इन गुणनखंडों के युग्म नहीं बना सकते हैं।

इसलिए 156 एक पूर्ण वर्ग नहीं है।

? अभाज्य गुणनखंडन का उपयोग करके ज्ञात कीजिए कि 1156 और 2800 पूर्ण वर्ग है या नहीं।

हम निकटतम ज्ञात पूर्ण वर्गों को देखकर अंतराल को सीमित करके बड़े पूर्ण वर्गों के वर्गमूल का अनुमान लगा सकते हैं।

उदाहरण के लिए √(1936) ज्ञात करने हेतु हम निम्न प्रकार से तर्क कर सकते हैं -

  1. (i) 1936, 1600 (40) और 2500 (50) के मध्य है इसलिए 40 < √(1936) < 50

  2. (ii) 1936 का अंतिम अंक 6 है। अतः वर्गमूल का अंतिम अंक 4 या 6 होना चाहिए। यह 44 या 46 भी हो सकता है।

  3. (iii) यदि हमें 452 की गणना करना है तो हम 1936 के लिए 40-50 को आधे अंतराल, 40-45 या 45-50 से तुलना करके ज्ञात कर सकते हैं।

  4. हम 452 को (40 + 5)(40 + 5) = 40 2 + 2 * 40 * 5 + 5 2 = 1600 + 400 + 25 = 2025 के रूप में भी लिख सकते हैं।

  5. (iv) 2025 > 1936 है। अतः 40 < √(1936) < 45 है।

  6. (v) उपर्युक्त तर्क (ii) से हम अनुमान लगा सकते हैं और जाँच कर सकते हैं कि√(1936) = 44 है।

निम्नलिखित स्थितियों पर विचार कीजिए।

अरिबम और बिजॉय एक खेल खेलते हैं। उनमें से एक संख्या बोलता है और दूसरा उसका वर्गमूल बताता है। अरिबम आरंभ करता है और वह 25 कहता है एवं बिजॉय 5 बोलकर तुरंत उत्तर देता है। इसके पश्चात बिजॉय 81 कहता है और अरिबम 9 बोलकर उत्तर देता है। यह खेल तब तक चलता रहता है

जब तक अरिबम 250 नहीं कह देता। बिजॉय उत्तर नहीं दे पाता क्योंकि 250 पूर्ण वर्ग संख्या नहीं है। अरिबम, बिजॉय से पूछता है कि वह ऐसी संख्या भी बता सकता है जो 250 के वर्गमूल के निकटतम हो।

इसके लिए बिजॉय को 250 के वर्गमूल का अनुमान लगाना होगा।

हम जानते हैं कि 100 < 250 < 400 तथा √(100) = 10 और √(400) = 20

अतः 10 <√(250) < 20 है।

परंतु अभी भी हम उस संख्या के समीप नहीं हैं जिसका वर्ग 250 है।

हम जानते हैं कि 152 = 225 और 162 = 256 होता है।

अत: 15 < √(250) < 16 है। चूँकि 256, 225 की तुलना में 250 के अधिक निकट है अतः√(250) लगभग 16 है। हम यह भी जानते हैं कि यह 16 से कम है।

यहाँ एक और समस्या है जिसमें वर्गमूल का अनुमान लगाना है।

अखिल के पास 125 वर्ग सेंटीमीटर क्षेत्रफल वाला एक वस्त्र है। वह जानना चाहता है कि क्या वह 15 सेंटीमीटर भुजा वाला एक वर्गाकार रुमाल काट सकता है। यदि नहीं तो वह इस टुकड़े से अधिकतम कितनी लंबी पूर्णांक भुजा वाला वर्गाकार रुमाल काट सकता है।

125 एक पूर्ण वर्ग नहीं है। निकटतम पूर्ण वर्ग 112= 121 और 12² = 144 हैं। अतः हम कह सकते हैं कि इस कपड़े के टुकड़े से काटे जा सकने वाले पूर्णांक भुजा वाले सबसे बड़े वर्गाकार रुमाल की भुजा 11 सेंटीमीटर है।

? आइए, पता लगाएँ

1. निम्नलिखित में से कौन-सी संख्याएँ पूर्ण वर्ग नहीं हैं?

  1. (i) 2032
  2. (ii) 2048
  3. (iii) 1027
  4. (iv) 1089
  1. 2. 642 , 1082 , 2922 , 362 में से किसका इकाई अंक 4 है?
3. यदि 1252 = 15625 तो 1262 का मान क्या है?
  1. (i) 15625+126
  2. (ii) 15625 + 262
  3. (iii) 15625+253
  4. (iv) 15625+251
  5. (v) 15625 + 512

4. 441 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाले वर्ग की भुजा की लंबाई ज्ञात कीजिए।

5. वह छोटी से छोटी वर्ग संख्या ज्ञात कीजिए जो 4, 9 और 10 से विभाजित होती हो।

6. वह छोटी से छोटी संख्या ज्ञात कीजिए जिसे 9408 से गुणा करने पर पूर्ण वर्ग प्राप्त हो। प्राप्त गुणनफल का वर्गमूल भी ज्ञात कीजिए।

7. निम्नांकित संख्याओं के वर्गों के मध्य कितनी संख्याएँ हैं?

  1. (i) 16 और 17
  2. (ii) 99 और 100

8. निम्नलिखित प्रतिरूप में विलुप्त संख्या अंकित कीजिए।

  1. 12+22+22=32
  1. 22+32+62=72
  1. 32+42+122=132
  1. 42+52+202=(—)2
  1. 92+102+(——)2=(—)2

9. निम्नांकित चित्र में छोटे वर्गों की संख्या कितनी हैं? छोटे वर्गों की संख्या का अभाज्य गुणनखंडन लिखिए।

Screenshot 2026-03-05 141244

1.2 घन संख्याएँ

आप ज्यामिति विषय से संबंधित घन शब्द से पूर्व परिचित हैं। घन एक ठोस आकृति होती है जिसकी सभी भुजाएँ समकोण पर मिलती हैं और एक समान होती हैं। 1 सेंटीमीटर भुजा वाले कितने घनों से 2 सेंटीमीटर भुजा वाला एक घन बनता है?

Screenshot 2026-03-05 100902

? 1 सेंटीमीटर भुजा वाले कितने घनों से 3 सेंटीमीटर भुजा वाला एक घन बनता है?

आइए, संख्या 1, 8, 27, ... पर विचार करते हैं।

ये संख्याएँ पूर्ण घन कहलाती हैं। क्या आप बता सकते हैं कि इन्हें ये नाम क्यों दिया गया? इनमें से प्रत्येक संख्या किसी संख्या को स्वयं से तीन बार गुणा करके प्राप्त की जाती है। हम देखते हैं कि

  1. 1 = 1 * 1 * 1
  2. 8 = 2 * 2 * 2
  3. 27 = 3 * 3 * 3
Screenshot 2026-03-05 100933

? क्या 9 एक पूर्ण घन है?

हम देखते हैं कि 2 * 2 * 2 = 8 और 3 * 3 * 3 = 27 होता है। इससे ज्ञात होता है कि 9 एक पूर्ण घन नहीं है एवं न ही 10 से 26 तक कोई भी संख्या पूर्ण घन है।

? क्या आप 4 इकाई की भुजा वाले घन में इकाई घनों की संख्या का अनुमान लगा सकते हैं?

इसमें 64 घन इकाई हैं! यदि आप ध्यानपूर्वक देखें तो इस घन की प्रत्येक परत में 4 × 4 इकाई घन हैं। प्रत्येक वर्गाकार परत में 16 इकाई घन (4 × 4) हैं और ऐसी 4 परतें हैं।

अतः इकाई घनों की कुल संख्या 4 × 4 × 4 = 64 है।

इसी प्रकार 5 3 = 5× 5 × 5 = 125 125 घन हैं। Screenshot 2026-03-05 100953 सामान्यतः किसी भी संख्या n के लिए हम घन n ×n ×n को n 3 लिखते हैं।

? नीचे दी गई तालिका को पूर्ण कीजिए।

Screenshot 2026-03-05 101225 Screenshot 2026-03-05 101300

? उर्पयुक्त तालिका में आप क्या प्रतिरूप देखते हैं?

? हम जानते हैं कि वर्गों के लिए 0, 1, 4, 5, 6, 9 ही संभावित इकाई अंक होते हैं। बताइए कि पूर्ण घनों के संभावित इकाई अंक क्या होंगे?

? क्या आप वर्गों के समान 1 अंक, 2 अंक और 3 अंक वाले पूर्ण घनों की संख्या ज्ञात कर सकते हैं? आप क्या अवलोकन करते हैं?

? क्या एक पूर्ण घन के अंत में दो शून्य (00) हो सकते हैं? व्याख्या कीजिए।

जिस प्रकार हम भिन्नों या दशमलवों (2/3) 2, (13.08) 2 और (- 6) 2 के वर्ग कर सकते हैं

उसी प्रकार हम (2/3) 3 (13.08) 3और (- 6) 3 जैसी संख्याओं के घनों की गणना भी कर सकते हैं।

  1. (2/3) 3 = (2/3)(2/3)(2/3) = (8/27)

  2. (13.08) 3 = 13.08 × 13.08 ×13.08 = 2237.810112

  3. (- 6) 3 = (- 6)(- 6)(- 6) = - 216
टैक्सीकैब संख्याएँ

एक बार जब श्रीनिवास रामानुजन कैंब्रिज विश्वविद्यालय में जी.एच. हार्डी के साथ कार्य कर रहे थे, उस समय हार्डी अस्वस्थ रामानुजन से मिलने चिकित्सालय आए थे। हार्डी 1729 संख्या वाली टैक्सी में सवार थे जिसके विषय में उन्होंने कहा कि 1729 'अत्यंत नीरस संख्या है' साथ ही आशंका प्रकट की कि कहीं यह कोई बुरा संकेत तो नहीं। रामानुजन ने अचानक उत्तर दिया, "नहीं, हार्डी यह एक बहुत ही रोचक तथा वह न्यूनतम प्राकृत संख्या है जिसे दो घनों के योग के रूप में दो भिन्न प्रकार से व्यक्त किया जा सकता है।"

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  1. 1729 = 13+ 12 3

  2. = 9 3 + 10 3

इस कहानी के परिणामस्वरूप 1729 को हार्डी-रामानुजन संख्या के रूप में जाना जाता है। तभी से ऐसी संख्याएँ जिन्हें दो घनों के योग के रूप में दो अलग-अलग प्रकार से व्यक्त किया जा सकता है वह टैक्सीकैब संख्याएँ कहलाती हैं।

? 1729 के पश्चात अगली दो टैक्सीकैब संख्याएँ 4104 और 13832 हैं। इनमें से प्रत्येक को दो धनात्मक घनों के योग के रूप में व्यक्त करने की दो विधियाँ से ज्ञात कीजिए।

रामानुजन को यह कैसे पता चला? रामानुजन को संख्याओं से बहुत लगाव था। वह जीवनपर्यंत संख्याओं के साथ खेलते रहे। कैंब्रिज में रामानुजन के समय में उनके सहकर्मी प्रायः संख्याओं में गहन प्रतिरूप देखने की उनकी क्षमता पर आश्चर्यचकित होते थे। परंतु यह अन्य व्यक्तियों को विवेकहीन लगता था। उनके सहयोगी जॉन लिटिलवुड ने एक बार कहा था, “प्रत्येक धनात्मक पूर्णांक उनके अभिन्न मित्रों में से एक था।”

पूर्ण घन संख्याएँ और क्रमागत विषम संख्याएँ

घनों के साथ क्रमागत विषम संख्याओं की भी भूमिका होती है। निम्नलिखित प्रतिरूप को ध्यान से देखिए -

  1. 1=1=13

  2. 3 + 5 = 8 = 2 3

  3. 7 + 9 + 11 = 27 = 3 3

  4. 13 + 15 + 17 + 19 = 64 = 43

  5. 21 + 23 + 25 + 27 + 29 = 125 = 5 3

  6. 31 + 33 + 35 + 37 + 39 + 41 = 216 = 6 3

आगे बढ़ते हुए इस श्रेणी में हमें क्रमागत विषम संख्याओं का निम्नलिखित योग प्राप्त होता है-

  1. 91 + 93 + 95 + 97 + 99 + 101 + 103 + 105 + 107 + 109

? क्या आप गणना किए बिना ज्ञात कर सकते हैं कि उपर्युक्त का योगफल कितना है?

घनमूल

हम जानते हैं कि 8 = 23 है।

हम 2 को 8 का घनमूल कहते हैं और इसे 2 = ∛8 से दर्शाते हैं।

सामान्यतः यदि y = x 3 तो y का घनमूल x होगा। इसे x = ∛y से दर्शाया जाता है।

अतः ∛8 = ∛23 = 2 है।


इसी प्रकार ∛27 = ∛33 = 3 और ∛1000 = ∛10 = 10 होगा। सामान्यतः ∛ n3 = n होता है।

हम कैसे पता लगाएँ कि कोई संख्या घन है या नहीं? आइए, वर्गों के उदाहरण से प्रेरणा लेते हुए देखें कि क्या हम अभाज्य गुणनखडों का प्रयोग कर सकते हैं?

? आइए, देखें कि क्या 3375 एक पूर्ण घन है?

  1. 3375 = 3 * 3 * 3 * 5 * 5 * 5

क्या गुणनखंडों को एक समान तीन समूहों में विभाजित किया जा सकता है? 3375 के लिए हम (3 × 5) के तीन समुह बना सकते हैं।

अतः
  1. 3375 = (3 * 5)(3 * 5)(3 * 5)

  2. = (3 * 5) 3 = 15 3

दूसरी विधि के माध्यम से यह जाँचना है कि क्या गुणनखंडों को त्रिक (तीन) समूहों में बाँटा जा सकता -

3375 = (3 * 3 * 3)(5 * 5 * 5) = 3 3 * 5 3 = (15) 3

इसका अर्थ है - ∛ 3375, = 15

? क्या 500 एक पूर्ण घन है?


500 = 2 * 2 * 5 * 5 * 5 है।

अतः हम देखते हैं कि गुणनखंडों को एक समान तीन समूहों में विभाजित नहीं किया जा सकता है। अतः 500 एक पूर्ण घन नहीं है।

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अवलोकन कीजिए कि किसी संख्या का प्रत्येक अभाज्य गुणनखंड उसके घन के अभाज्य गुणनखंडों में तीन बार आता है।

? निम्न संख्याओं के घनमूल ज्ञात कीजिए।

(i) ∛64= (ii) ∛512 = (iii) ∛729 =

क्रमागत अंतर

हम जानते हैं कि क्रमागत पूर्ण वर्गों का अंतर हमें विषम संख्याओं का अनुक्रम प्रदान करता है। नीचे दी गई आकृति का अवलोकन कीजिए। इस आकृति में पूर्ण वर्गों के अनुक्रम में अंतर ज्ञात किया गया है। यहाँ दो चरण के पश्चात सभी अंतर एकसमान हैं।

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? क्रमागत पूर्ण घनों के अंतर उस चरण तक ज्ञात कीजिए जब तक कि अंतर एकसमान न हो जाए।

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1.3 इतिहास की एक झलक

पूर्ण वर्ग और पूर्ण घन की प्रथम सूची बेबिलोन निवासियों द्वारा सामान्य संवत् पूर्व 1700 में संकलित की गई थी। मिट्टी की पट्टिकाओं पर पाई जाने वाली इन सूचियों का उपयोग एक वर्गमूल और घनमूल को शीघ्रता से ज्ञात करने के लिए किया जाता था। इसमें भूमि मापन, वास्तुशिल्प अभिकल्पना (डिजाइन) तथा अन्य ज्यामितीय गणना की समस्याएँ आवश्यकतानुसार हल की जाती थी।

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प्राचीन संस्कृत ग्रंथों में वर्ग शब्द का प्रयोग वर्गाकार आकृति या उसके क्षेत्रफल एवं वर्ग दोनों के लिए किया जाता था। इसी प्रकार घन शब्द का प्रयोग ठोस घन के साथ-साथ किसी संख्या के स्वयं से तीन बार गुणनफल के लिए भी किया जाता था। चतुर्थ घात को वर्ग-वर्ग कहा जाता था। ये शब्द भारत में कम से कम सामान्य संवत् तीसरी शताब्दी पूर्व से प्रयोग में लाए जाते थे।

आर्यभट्ट (सामान्य संवत् 499) के अनुसार

"चार एकसमान भुजाओं वाली एक वर्गाकार आकृति और उसके क्षेत्रफल को दर्शाने वाली संख्या को वर्ग कहते हैं। दो समान संख्याओं के गुणनफल को भी वर्ग कहते हैं।"

इस प्रकार वर्ग शब्द की उत्पत्ति वर्ग घात के लिए एक वर्गाकार आकृति के आलेखी निरूपण से हुई है।

गणितीय संक्रिया √ (वर्गमूल, घनमूल आदि) के लिए 'मूल' (पौधे की जड़) शब्द का प्रयोग क्यों किया जाता है?

यह इसलिए किया जाता है क्योंकि प्राचीन भारत में संस्कृत शब्द 'मूल' (जिसका अर्थ - पौधे की जड़, आधार, कारण उत्पत्ति आदि होता है) का प्रयोग वर्गमूल लेने की गणितीय संक्रिया के लिए किया जाता था।

संस्कृत में वर्गमूल के लिए वर्ग-मूल (आधार, कारण, उत्पत्ति) और घनमूल के लिए घन-मूल का प्रयोग किया जाता था। तत्पश्चात संस्कृत शब्द 'मूल' की गणितीय अवधारणा का अनुकरण अरबी और लैटिन में पौधे की जड़ के लिए प्रयुक्त उनके शब्दों क्रमशः जिध्र और मूलांक (radix) के माध्यम से किया गया था। भारत में 'मूल' शब्द का प्रयोग कम से कम पहली शताब्दी सामान्य संवत् पूर्व से होता आ रहा है। एक अन्य प्रयुक्त शब्द पाद (पाद, आधार, कारण, उत्पत्ति) था। बह्मगुप्त (628 सामान्य संवत्) के अनुसार, "किसी कृति (वर्ग) का पाद (मूल) वह है जिसका वह वर्ग होता है।"

? आइए, पता लगाएँ

1. 27000 और 10648 का घनमूल ज्ञात कीजिए।

2. 1323 को घन संख्या बनाने के लिए आप किस संख्या से गुणा करेंगे?

3. निम्न में से सत्य या असत्य बताइए। साथ ही अपने तर्क की व्याख्या कीजिए।

  1. (i) किसी विषम संख्या का घन सम होगा

  2. (ii) ऐसा कोई पूर्ण घन नहीं जो 8 पर समाप्त होता है।

  3. (iii) 2 अंकीय संख्या का घन 3 अंकीय संख्या हो सकता है।

  4. (iv) 2 अंकों वाली संख्या के घन में सात या अधिक अंक हो सकते हैं।

  5. (v) घन संख्याओं के गुणनखंडों की संख्या विषम होती है।

4. आपको बताया जाता है कि 1331 एक पूर्ण घन संख्या है। इस संख्या का गुणनखंड किए बिना क्या आप अनुमान लगा सकते हैं कि इसका घनमूल क्या है? इसी प्रकार 4913, 12167 और 32768 के घनमूलों का अनुमान लगाइए।

5. निम्नलिखित में से सबसे बड़ा कौन है? अपने तर्क की व्याख्या कीजिए।

(i) 67 3 - 66 3 (ii) 43 3 - 42 3 (iii) 67 2 - 66 2 (iv) 43 2 - 42 2

सारांश

  • किसी संख्या को स्वयं से गुणा करने पर प्राप्त संख्या को वर्ग संख्या कहते हैं। प्राकृत संख्याओं के वर्गों को पूर्ण वर्ग कहते हैं।

  • सभी पूर्ण वर्ग संख्याएँ 0, 1, 4, 5, 6 या 9 पर समाप्त होती हैं। वर्गों के अंत में केवल सम संख्या में शून्य हो सकते हैं।

  • वर्गमूल वर्ग की व्युत्क्रम संक्रिया है। प्रत्येक पूर्ण वर्ग के दो पूर्णांक वर्गमूल होते हैं। किसी संख्या का धनात्मक वर्गमूल √ चिह्न द्वारा दर्शाया जाता है। उदाहरण के लिए √9 = 3 है।

  • किसी संख्या को स्वयं से तीन बार गुणा करने पर प्राप्त संख्या को घन कहते हैं। उदाहरण के लिए 1,8,27,... घन हैं।

  • एक संख्या पूर्ण वर्ग होती है यदि उसके अभाज्य गुणनखंडों को दो समान समूहों में विभाजित किया जा सके।

  • एक संख्या पूर्ण घन होती है यदि उसके अभाज्य गुणनखंड़ों को तीन समान समूहों में विभाजित किया जा सके।

  • ∛ का चिह्न घनमूल को दर्शाता है। उदाहरण के लिए ∛27 = 3 है।


पहेली का समय !
वर्गाकार युग्म !

दी गई संख्याओं को देखिए- 3 6 10 15 1

ये इस प्रकार व्यवस्थित की गई हैं कि संलग्न संख्याओं का युग्म जोड़ने पर एक वर्ग प्राप्त होता है।

  1. 3+6=9,6+10=16, 10+15=25, 15+1 = 16

1 से 17 तक की संख्याओं को एक पंक्ति में इस प्रकार व्यवस्थित करने का प्रयास कीजिए कि प्रत्येक संलग्न संख्या युग्म जोड़ने पर एक वर्ग प्राप्त हो।

क्या आप इन संख्याओं को एक से अधिक प्रकार से व्यवस्थित कर सकते हैं? यदि नहीं तो क्या आप इसकी व्याख्या कर सकते हैं?

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क्या आप इसी प्रकार की व्यवस्था 1 से 32 तक (पुनः बिना पुनरावृत्ति) की संख्याओं से कर सकते हैं परंतु इस बार सभी संख्याएँ एक वृत्त पर व्यवस्थित करनी हैं?

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