Skip to content
150113

अध्याय-4 चतुर्भुज

इस अध्याय में हम चार भुजाओं वाली आकृतियों के कुछ रोचक प्रकारों का अध्ययन करेंगे तथा उन पर आधारित प्रश्नों को हल करेंगे। ऐसी आकृतियों को सामान्यतः चतुर्भुज (क्वाड्रीलेटेरल) के रूप में जाना जाता है। 'क्वाड्रीलेटेरल' शब्द का उद्भव लैटिन भाषा के क्वाड्री शब्द से हुआ है, जिसका अर्थ है चार एवं लैटस अर्थात भुजाएँ। चतुर्भुज शब्द का अर्थ चार भुजाओं वाली बंद आकृति से है।

? नीचे दी गई आकृतियों का अवलोकन कीजिए।

Screenshot 2026-03-16 093802

आकृतियाँ (i), (ii) व (iii) चतुर्भुज हैं तथा अन्य आकृतियाँ चतुर्भुज नहीं हैं। क्यों?

चतुर्भुज के कोण इसकी भुजाओं के मध्य बने कोण होते हैं, जैसे- आकृति (i), (ii) व (iii) में दर्शाए गए हैं।

हम सर्वाधिक परिचित चतुर्भुजों, जैसे- आयत तथा वर्ग से अध्ययन प्रांरभ करेंगे।

4.1 आयत तथा वर्ग

हम जानते हैं कि आयत किसे कहते हैं। आइए, परिभाषित करें।

आयत वह चतुर्भुज है जिसमें -

  1. (i) समस्त कोण समकोण (90° ) होते हैं।

  2. (ii) सम्मुख भुजाओं की लंबाई एक समान होती है।

यह परिभाषा उन नियमों का सटीक रूप से वर्णन करती है जिन्हें संतुष्ट करने पर कोई चतुर्भुज आयत कहलाता है।

? क्या आयत को परिभाषित करने की अन्य विधियाँ हैं?

आइए, आयतों की रचना से संबंधित दी गई समस्या पर विचार करें।

एक बढ़ई की समस्या

? एक बढ़ई को दो पतली लकड़ी की पट्टिकाओं को चित्र 1 में दर्शाए अनुसार इस प्रकार साथ में रखना है कि जब एक धागा इनके अंतबिंदुओं से होकर जाए तो धागे से एक आयत बन सके।

Screenshot 2026-03-16 094336

बढ़ई के पास एक 8 सेंटीमीटर लंबी पट्टिका पहले से ही उपलब्ध है। अन्य पट्टिका की लंबाई कितनी होनी चाहिए? यह भी बताइए कि उन दोनों पट्टिकाओं को कहाँ से जोड़ा जाना चाहिए?

आइए, बढ़ई को जो संरचना बनानी है उसका एक प्रतिरूप बनाएँ। पट्टिकाओं का प्रतिरूप रेखाखंडों के द्वारा दर्शाया जा सकता है। पट्टिकाएँ उस चतुर्भुज के विकर्ण हैं जो पट्टिकाओं या रेखाखंडों के अंतबिंदुओं से मिलकर बनता है। इस प्रकार प्राप्त चतुर्भुज को एक आयत होने के लिए हमें निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर देने की आवश्यकता है-

Screenshot 2026-03-16 094518

? 1. अन्य विकर्ण की लंबाई कितनी है?

? 2. दोनों विकर्णों का प्रतिच्छेद बिंदु कहाँ है?

? 3. विकर्णों के मध्य क्या कोण होना चाहिए?

? आइए, ज्यामितीय तर्क (निगमन) का उपयोग करके इन प्रश्नों का उत्तर देते हैं। यदि यह चुनौतीपूर्ण है तो कुछ आयतों की रचना करके मापने का प्रयत्न कीजिए।

आइए, इन प्रश्नों के उत्तर ज्ञात करने के लिए मान लेते हैं कि हमने विकर्णों की रचना इस प्रकार से की है कि उनके अंतबिंदु आयत के शीर्ष बिंदु बनें जैसा कि चित्र 2 में दर्शाया गया है।

निगमन 1 - अन्य विकर्ण की लंबाई क्या है?

सर्वांगसमता का उपयोग करके निगमन 1 का निष्कर्ष निम्नलिखित विधि से ज्ञात किया जा सकता है-

चूँकि ABCD एक आयत है, अतः

Screenshot 2026-03-16 095020 अत: AC = BD

चूँकि यह सर्वांगसम त्रिभुजों की संगत भुजाएँ हैं। इससे यह ज्ञात होता है कि आयत के विकर्ण समान लंबाई के होते हैं।

अतः सदैव अन्य विकर्ण भी 8 सेंटीमीटर लंबा ही होना चाहिए। आप कुछ आयतों की रचना करके एवं मापकर इस गुण को सत्यापित कर सकते हैं।

निगमन 2 - दोनों विकर्णों का प्रतिच्छेद बिंदु क्या है?

निगमन 2 को भी सर्वांगसमता से प्राप्त किया जा सकता है। चूँकि हमें OA एवं OC तथा OB एवं OD के मध्य संबंध को समझने की आवश्यकता है। इसके लिए हमें आयत ABCD के किन दो त्रिभुजों पर विचार करना चाहिए?

Screenshot 2026-03-16 095421 अतः ∠1 = ∠2 (= 90° – ∠3)

इस प्रकार सर्वांगसमता के नियम से कोण-कोण-भुजा (AAS)े से ∆AOB ≅ ∆COD

अत: OA = OC तथा OB = OD चूँकि वह सर्वांगसमता त्रिभुजों के संगत भाग हैं। अत: O, AC व BD का मध्यबिंदु है।

इससे यह ज्ञात होता है कि किसी आयत के विकर्ण सदैव उनके मध्यबिंदु पर प्रतिच्छेद करते हैं। अतः एक आयत बनाने के लिए विकर्ण इस प्रकार से खींचे जाने चाहिए कि उनकी लंबाई एक समान हों तथा वह मध्यबिंदु पर प्रतिच्छेद करते हों।

जब विकर्ण मध्यबिंदु पर प्रतिच्छेद करते हैं तो हम कह सकते हैं कि विकर्ण एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं। किसी लंबाई के समद्विभाजन का अर्थ इसे दो समान भागों में बाँटना होता है।

कुछ आयतों की रचना करें तथा उनके विकर्णों को मापकर और प्रतिच्छेद बिंदु से विकर्णों के भागों को मापकर इस गुण को सत्यापित कीजिए।

? क्या ∆AOD ≅ ∆COB सिद्ध करने के लिए निम्नलिखित समताओं का उपयोग किया जा सकता है?

AO = CO(ऊपर सिद्ध किया गया है।)

∠AOB = ∠COD (शीर्षाभिमुख कोण)

AD = CB

निगमन 3 - विकर्णों के मध्य बने कोण क्या हैं? - Screenshot 2026-03-16 100135

आइए, जाँच करें कि दाईं ओर दर्शाए गए चित्र अनुसार यदि हम द विकर्ण इस प्रकार खींचते हैं कि उनकी लंबाई समान हो, वह एक-दूसने को समद्विभाजित करते हों एवं उनके बीच एक 60 deg का यादृच्छिक कोण बनता हो। बताइए कि कौन-सा चतुर्भुज प्राप्त होता है।

? क्या आप अन्य सभी कोणों को ज्ञात कर सकते हैं?

Screenshot 2026-03-16 100855

शीर्षाभिमुख कोणों एवं रैखिक युग्मों की समझ का उपयोग करके हम विकर्णों के मध्य बने अन्य कोणों को ज्ञात कर सकते हैं।

Screenshot 2026-03-16 100933

∆AOB में चूँकि OA = OB है अतः उनके सम्मुख कोण एक समान होंगे। माना कि वह a है।

? क्या आप व का मान ज्ञात कर सकते हैं?

∆AOB में

a + a + 60 = 180 (त्रिभुज के अंत: कोणों का योग)

अतः 2a = 120°

इस प्रकार a = 60°

अतः उपर्युक्त विधि से हम अन्य कोणों के मान भी ज्ञात कर सकते हैं।

Screenshot 2026-03-16 101316

? क्या अब हम पहचान सकते हैं कि चतुर्भुज ABCD किस प्रकार का चतुर्भुज है? ध्यान दीजिए कि इसके प्रत्येक शीर्ष कोण का योग 90° (30° + 60° ) है।

? हम इस चतुर्भुज की भुजाओं के विषय में क्या कह सकते हैं?

Screenshot 2026-03-16 101459

हम देख सकते हैं कि ∆AOB ≅ ∆COD एवं ∆AOD ≅ ∆COBहै। अत: AB = CD व AD = CB है क्योंकि वह सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग हैं।

अत: ABCD एक आयत है और यह आयत की परिभाषा को संतुष्ट करता है।

Screenshot 2026-03-16 101711

? यदि विकर्णों के मध्य कोणों को परिवर्तित कर दिया जाए तो क्या ABCD एक आयत ही रहेगा? क्या हम इसका व्यापकीकरण कर सकते हैं?

विकर्णों के मध्य एक कोण को x मान लीजिए।

Screenshot 2026-03-16 102146

हम विकर्णों के बीच चार कोणों की गणना कर सकते हैं जो इस प्रकार होंगे x, x, 180 - x एवं 180 - x

? क्या आप इसके अन्य कोण ज्ञात कर सकते हैं?

चूँकि हम जानते हैं कि ∆AOB एक समद्विबाहु त्रिभुज है अतः हम इसके दोनों आधार कोणों के माप को a व द्वारा निरूपित कर सकते हैं।

Screenshot 2026-03-16 102421

? x के पदों में a का मान (डिग्री में) क्या है?

यहाँ,
  1. a + a + x = 180

(त्रिभुज के अंत:कोणों का योग)

  1. 2a = 180 - x
  2. a = (180 – x)/2 = 90 – x/2

इसी प्रकार समद्विबाहु त्रिभुज ∆AOD में मान लीजिए आधार कोण b है।

  1. b + b + 180 - x = 180
  2. 2b = 180 - (180 - x)
  3. 2b =180 - 180 + x
  4. 2b = x
  5. b = x/2

चतुर्भुज के सभी शीर्ष कोण a + b हैं जो कि

Screenshot 2026-03-16 103152

इस प्रकार चतुर्भज ABCD के प्रत्येक कोण का माप 90° है।

? AB व CD तथा AD व BC के विषय में हम क्या कह सकते हैं?

यहाँ ∆AOB ≅ ∆COD एवंं ∆AOD ≅ ∆COB है। अत: AB = CD तथा AD = CB हैं, चूँकि वे सर्वांगसम त्रिभुजों की संगत भुजाएँ हैं।

अतः विकर्णों के मध्य चाहे कोई भी कोण बना हो यदि विकर्ण समान लंबाई के हों तथा एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हों तो बनने वाले चतुर्भुजों का प्रत्येक कोण 90° होगा एवं प्रत्येक युग्म की सम्मुख भुजाएँ समान होंगी। इस प्रकार यह चतुर्भुज एक आयत होगा।

अब हम समझ चुके हैं कि लकड़ी की पट्टिकाओं को किस प्रकार रखा जाए जिससे उनके अंत बिंदु आयत के शीर्ष बनें! पट्टिकाओं की लंबाई समान होनी चाहिए तथा वह मध्य बिंदु से जुड़ी होनी चाहिए।

Screenshot 2026-03-16 103550 Screenshot 2026-03-16 103609

वास्तव में इस विधि का उपयोग आयत बनाने के लिए किया जाता है। यूरोप में बढ़ई आयताकार फ्रेम बनाने में इस विधि का उपयोग करते हैं। विदित है कि अफ्रीका महाद्वीप के एक देश मोजांबिक में कृषक इस विधि का उपयोग घरों को बनाते समय घर का आयताकार आधार बनाने के लिए करते हैं।

गुणों को ज्ञात करने की विधि

जैसा कि हम पिछली कक्षाओं से देखते आ रहे हैं कि ज्यामितीय तर्क के द्वारा समांतर रेखाओं, कोणों व त्रिभुजों जैसी ज्यामितीय वस्तुओं या आकारों के गुणों का निगमन किया जा सकता है। इस अध्याय में हम विशेष प्रकार के चतुर्भुजों के गुणों का निगमन सतत रखेंगे।

जब आप किसी चतुर्भुज के एक गुण का निगमन कर लेंगे तो इसे व्यावहारिक रूप से चतुर्भुज के साथ सत्यापित करना सही होगा, भले ही उस चतुर्भुज की संरचना कागज पर की गई हो या कोई सामान्य से चतुर्भुज आकार की सतह हो।

यदि आप निगमन द्वारा किसी गुण को ज्ञात करने में असमर्थ हैं तो आप व्यावहारिक रूप से कोई भी चतुर्भुज आकृति लेकर प्रयोग कर सकते हैं एवं मापन के द्वारा उस गुण का अवलोकन कर सकते हैं। ध्यान दीजिए कि ये अवलोकन उस गुण के विषय में महत्त्वपूर्ण दृष्टिकोण प्रदान करते हैं। यद्यपि हम उस दृष्टिकोण के साथ मात्र अनुमान ही लगा सकते हैं। अनुमान अर्थात एक ऐसा कथन जिसके विषय में हम अत्यधिक आश्वस्त हैं पंरतु अभी तक यह सुनिश्चित नहीं है कि यह सदैव सत्य होगा या नहीं।

उदाहरण के लिए कुछ आयतों की रचना करना एवं मापन के द्वारा यह अवलोकन करना कि उनके विकर्ण एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हों। इसका यह अर्थ नहीं है कि ऐसा सदैव ही होगा। क्या हम आवश्वस्त हो सकते हैं कि हमारे द्वारा बनाए गए 1000वें आयत में भी यह गुण होगा? इस गुण के विषय में सुनिश्चित होने की एकमात्र युक्ति उस कथन की पुष्टि या प्रमाण देना है जैसा कि हमने निगमन 2 में किया था।

शिक्षक हेतु टिप्पणी - गुणधर्मों का निगमन करने या सत्यापित करने के लिए विद्यार्थियों को धीरे-धीरे प्रोत्साहित कीजिए। विद्यार्थी ऐसा करते हुए जब भी चुनौतियों का सामना करें तो उन्हें प्रयोग करने, अवलोकन करने एवं अपने अंतर्ज्ञान का उपयोग करते हुए गुणधर्मों को ज्ञात करने के लिए प्रोत्साहित कीजिए।

बढ़ई की समस्या से ज्ञात होता है कि आयत को निम्नलिखित प्रकार से भी परिभाषित किया जा सकता है

आयत – आयत एक चतुर्भुज है जिसके विकर्ण समान होते हैं और एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं।

ध्यान दीजिए कि यह परिभाषा पूर्व में दी गई परिभाषा से किस प्रकार भिन्न है। तब भी दोनों परिभाषाओं में चतुर्भुजों की एक ही श्रेणी समाहित है। इसके साथ ही हमें यह भी ज्ञात होता है कि पूर्व में दी गई परिभाषा को सरल बनाया जा सकता है।

? पूर्व परिभाषा में हमने कहा था कि (i) सम्मुख भुजाएँ समान लंबाई की होती हैं। (ii) सभी कोण 90° के होते हैं। क्या हमारा कथन त्रुटिपूर्ण होगा यदि हम आयत को एक ऐसे चतुर्भुज के रूप में परिभाषित करें जिसमें प्रत्येक कोण का माप90° हो।

? आपके विचार से यदि यह परिभाषा पूर्ण नहीं हो तब एक ऐसे चतुर्भुज की रचना करने का प्रयास कीजिए जिसमें प्रत्येक कोण का माप 90° हो परंतु सम्मुख भुजाएँ एक समान न हों।

क्या आप ऐसा चतुर्भुज बना सकते हैं?

आइए, सिद्ध करें कि यह असंभव क्यों है?

निगमन 4 - ऐसे चतुर्भुज का आकार कैसा होगा जिसका प्रत्येक कोण 90° हो।

? एक चतुर्भुज ABCD पर विचार कीजिए जिसके प्रत्येक कोण का माप 90° हो ऐसे चतुर्भुज की सम्मुख भुजाओं के विषय में हम क्या कह सकते हैं

?

B एवं D को मिलाइए ∆BAD और ∆DCB सर्वांगसम प्रतीत होते हैं। क्या यह तथ्य तर्क संगत है?

Screenshot 2026-03-16 104031

त्रिभुजों में दो समानताएँ प्रत्यक्ष रूप से देखी जा सकती हैं। ∠1 और ∠2 के विषय में हम क्या कह सकते हैं?

स्मरण कीजिए हमने निगमन 2 में ठीक ऐसी ही समस्या का समाधान किया था। हम यहाँ भी उस तर्क का उपयोग कर सकते हैं।

Screenshot 2026-03-16 104749

इसलिए ∠1 = ∠2

इस प्रकार AAS सर्वांगसमता स्थिति से ∆BAD ≅ ∆DCB होगा।

अत: AD = CB और DC = BA है, चूँकि ये सर्वांगसम त्रिभुजों की संगत भुजाएँ हैं।

? क्या ∆BAD ≅ ∆CDB लिखना त्रुटिपूर्ण होगा? यदि हाँ, तो ऐसा क्यों?

इस प्रकार हमने यह सिद्ध किया है कि जब किसी चतुर्भुज के सभी कोण समकोण हों तो सम्मुख भुजाओं की लंबाई समान होती है। अतः वह चतुर्भुज एक आयत होता है। इस प्रकार आयत को सरल शब्दों में निम्न प्रकार से परिभाषित किया जा सकता है-

आयत - आयत एक चतुर्भुज है जिसके प्रत्येक कोण का माप 90° होता है।

आइए, हम आयत के गुणों की सूची बनाएँ।

गुण 1- आयत के प्रत्येक कोण का माप 90° का होता है।

गुण 2- आयत की सम्मुख भुजाएँ समान होती हैं।

? क्या आयत की सम्मुख भुजाएँ समांतर होती हैं?

ऐसा निश्चित रूप से प्रतीत होता है। इस तथ्य को तिर्यक छेदी रेखा के गुणधर्म का उपयोग करके सत्यापित किया जा सकता है।

ध्यान दीजिए कि AB, AD और BC के लिए एक तिर्यक रेखा है तथा ∠A + ∠B = 90° + 90° = 180°

Screenshot 2026-03-16 112112

जब तिर्यक रेखा के एक ही ओर के आंतरिक कोणों का योग 180° होता है तो रेखाएँ समातंर होती हैं। इस तथ्य का उपयोग करके हम यह निष्कर्ष ज्ञात कर सकते हैं कि रेखाएँ AD और BC समांतर हैं जिन्हें हम AD || BC से भी निरूपित करते हैं।

क्या आप इसी प्रकार यह दर्शा सकते हैं कि AB, DC के समांतर है (AB || DC)?

गुण 3 - आयत की सम्मुख भुजाएँ एक-दूसरे के समांतर होती हैं।

गुण 4 आयत के विकर्णों की लंबाई सदैव समान होती है। इसके साथ ही वह एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं।

एक विशेष आयत

नीचे दिए गए चतुर्भुजों में से कौन-से चर्तुभुज आयत नहीं हैं?

Screenshot 2026-03-16 112520

उपर्युक्त सभी चतुर्भुज आयत हैं जिनमें आकृति (iv) भी सम्मिलित है। आकृति (iv) एक आयत है क्योंकि इसका प्रत्येक कोण का माप 90° है। यद्यपि यह एक विशेष आयत है जिसकी सभी भुजाएँ समान लंबाई की हैं। हम जानते हैं कि इस चतुर्भुज को वर्ग भी कहा जाता है।

वर्ग – वर्ग एक चतुर्भुज है जिसके प्रत्येक कोण का माप 90 deg का होता है और सभी भुजाएँ समान लंबाई की होती हैं।

इस प्रकार प्रत्येक वर्ग एक आयत भी है परंतु हम स्पष्ट रूप से कह सकते हैं कि प्रत्येक आयत एक वर्ग नहीं है।

Screenshot 2026-03-16 112847 मैं भारतीय हूँ और मलयाली भी हूँ।

Screenshot 2026-03-16 112928 रुकिए, आप इनमें से कौन हैं भारतीय या मलयाली? आप दोनों कैसे हो सकते हो?

इस संबंध को वेन आरेख का उपयोग करके चित्रात्मक रूप से दर्शाया जा सकता है। हम यह वेन आरेख पहले भी देख चुके हैं। वेन ओरख में वस्तुओं के एक समूह को एक बंद वक्र के अतंर्गत बिंदुओं के रूप में दर्शाया जाता है। सामान्यतः ये बंद वक्र अंडाकार या वृत्त होते हैं।

उदाहरण के लिए सभी वर्गों के समूह को इस प्रकार दर्शाया जाता है।

Screenshot 2026-03-16 113113

इस क्षेत्र में प्रत्येक बिंदु एक वर्ग का प्रतिनिधित्व करता है जिसमें संभावित सभी वर्ग सम्मिलित हैं।

चूँकि प्रत्येक वर्ग एक आयत होता है। अतः दोनों समूहों को वेन आरेख द्वारा निम्न प्रकार से दर्शाया जा सकेगा-

? आइए, हम पुनः बढ़ई की समस्या पर विचार करें। यदि लकड़ी की पट्टिकाओं को इस प्रकार रखा जाए कि अंत बिंदुओं से होकर जाने वाला धागा एक वर्ग बनाता हो तो ऐसा करने के लिए हमें क्या करना होगा?

आइए, पूर्व स्थिति के समान ही एक वर्ग बनाने का प्रयास करें जिसके एक विकर्ण की लंबाई 8 सेंटीमीटर हो।

Screenshot 2026-03-16 113321

एक आयत की स्थिति में बढ़ई की समस्या को हल करते समय हमने यह अवलोकन किया कि 90° के सभी कोणों (और समान लंबाई की सम्मुख भुजाएँ) वाला एक चतुर्भुज प्राप्त करने के लिए विकर्णों को इस प्रकार खींचा जाना चाहिए कि -

  1. (i) उन सभी की लंबाई समान हो और
  2. (ii) वह एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हों।

? भुजाओं की समान लंबाई प्राप्त करने के लिए हमें और अधिक किसकी आवश्यकता है? क्या विकर्णों के मध्य के कोण को सही प्रकार से चयनित करके यह प्राप्त किया जा सकता है? ध्यान दीजिए क्या आप तर्क अथवा प्रयोग द्वारा इसे ज्ञात कर सकते हैं?

निगमन 5 - विकर्णों के मध्य का कोण क्या होना चाहिए?

विकर्णों के मध्य का कोण सर्वांगसमता की अवधारणा का उपयोग करके प्राप्त किया जा सकता है। मान लीजिए हम समान विकर्णों को इस प्रकार मिलाते हैं कि वे एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हों और उससे एक वर्ग प्राप्त होता हो। आइए, हम इस वर्ग को ABCD से नामांकित करें।

वह दो त्रिभुज कौन-से हैं जिनकी सर्वांगसमता के द्वारा हम विकर्णों के मध्य बने कोणों को ज्ञात कर सकते हैं?

Screenshot 2026-03-16 113536

? क्या इसका उपयोग विकर्णों द्वारा बनाए गए कोणों∠BOA और ∠BOC को ज्ञात करने के लिए किया जा सकता है?

चूँकि ये कोण सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत कोण हैं इसलिए ये परस्पर समान हैं। इसके अतिरिक्त ये कोण मिलकर एक सरल कोण भी बनाते हैं। अतः∠BOA + ∠BOC = 180° होगा। इस प्रकार प्रत्येक कोण का माप 90° होना चाहिए।

यह दर्शाता है किसी वर्ग के विकर्ण एक-दूसरे को समकोण पर समद्विभाजित करते हैं। अर्थात विकर्णों को इस प्रकार खींचना चाहिए कि वे समान लंबाई के हों और एक-दूसरे को समकोण पर समद्विभाजित करते हों। चूँकि विकर्णों के अंतबिंदु एक चतुर्भुज के शीर्षों को अद्वितीय रूप से निर्धारित करते हैं अतः विकर्णों के अंत बिंदुओं को जोड़ने पर एक वर्ग प्राप्त होता है।

? इस तथ्य का उपयोग करते हुए 8 सेंटीमीटर लंबाई के एक विकर्ण के साथ वर्ग की रचना कीजिए।

वर्ग के गुण

चूँकि वर्ग एक विशेष प्रकार का आयत होता है। अतः आयत के सभी गुण वर्ग के लिए भी लागू होते हैं।

? निगमन 1 और निगमन 2 के ज्यामितीय तर्क द्वारा यह सत्यापित कीजिए कि क्या उपर्युक्त तथ्य सत्य हैं? इसके साथ यह भी देखिए कि क्या वे वर्ग में भी प्रयुक्त किए जा सकते हैं?

गुण 1 - वर्ग की सभी भुजाएँ परस्पर समान होती हैं।

गुण 2-- वर्ग की सभी सम्मुख भुजाएँ परस्पर समांतर होती है।

गुण 3 - वर्ग के प्रत्येक कोण का माप 90° होता है।

गुण 4 – वर्ग के विकर्ण समान होते हैं और 90° पर एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं। वर्ग का एक और विशेष गुण होता है।

? ∠1, ∠2, ∠3 और ∠4 के माप क्या है? आइए, देखते हैं कि तर्क अथवा प्रयोगों द्वारा इसे किस प्रकार प्राप्त कर सकते हैं।

Screenshot 2026-03-16 114208

∆ADC में

∠1 + ∠3 + 90° = 180°

चूँकि AD = DC तो हमें प्राप्त होता हैै ∠1 = ∠3

अत: ∠1 = ∠3 = 45°

इसी प्रकार ∠ 2 और ∠ 4 का मान ज्ञात कीजिए।

अतः स्पष्ट है कि वर्ग का एक और गुण होता है-

गुण 5 – वर्ग के विकर्ण शीर्षकोणों को समान रूप से विभाजित करते हैं। जिसे हम इस प्रकार से भी व्यक्त कर सकते हैं कि किसी वर्ग के विकर्ण उसके शीर्ष कोणों को समद्विभाजित करते हैं।

? आइए, पता लगाएँ

1. नीचे दिए गए आयतों के अन्य सभी आंतरिक कोणों को ज्ञात कीजिए।

Screenshot 2026-03-16 114628

2. एक ऐसा चतुर्भुज बनाइए जिसके प्रत्येक विकर्ण की लंबाई 8 सेंटीमीटर हो एवं वे एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हों और निम्नलिखित कोण बनाते हों।

(i) 30° (ii) 40° (iii) 90° (iv) 140°

3. माना O केंद्र का कोई वृत्त है। जहाँ पर रेखाखंड PL और AM वृत्त के दो व्यास हैं, यह परस्पर लंबवत हैं। बताइए कि APML किस प्रकार की आकृति है? कारण और/अथवा प्रयोग द्वारा इसे ज्ञात कीजिए।

4. हमने देखा कि कागज को मोड़कर 90° का कोण कैसे बनाया जाता है। हम मान लेते हैं कि हमारे पास कागज नहीं है परंतु समान लंबाई की दो छड़ियाँ और एक धागा है। इनसे हम 90° का कोण किस प्रकार बनाएँगे?

5. हमने देखा कि आयत का एक गुण यह भी है कि उसकी सम्मुख भुजाएँ समांतर होती हैं। क्या इसे आयत की परिभाषा के रूप में प्रयुक्त किया जा सकता है? दूसरे शब्दों में प्रत्येक चतुर्भुज जिसकी सम्मुख भुजाएँ समांतर और समान हों तो क्या वह एक आयत होगा?

4.2 चतुर्भुज के कोण

? क्या ऐसे चतुर्भुज की रचना करना संभव है जिसके तीन कोण 90° के समान हों एवं चौथा कोण 90° के समान न हो?

रचनाओं द्वारा आपने ध्यानपूर्वक अवलोकन किया होगा कि ऐसा करना संभव नहीं है।

? परंतु क्यों नहीं?

ऐसा चतुर्भुजों के कोणों से संबंधित एक सामान्य गुण के कारण होता है।

हमें ज्ञात है कि त्रिभुज के तीनों अंत: कोणों का योग 180° होता है। चतुर्भुज के कोणों के योग में भी यही नियमितता होती है। एक चतुर्भुज SOME पर विचार कीजिए।

Screenshot 2026-03-16 115015

एक विकर्ण SM खींचिए। हमें दो त्रिभुज ∆SEM और ∆SOM प्राप्त होते हैं।

∆SEM में ∠1 + ∠2 + ∠3 = 180° है।

तथा ∆SOM में ∠4 + ∠5 + ∠6 = 180° है।

सभी छः कोणों का योग करने पर हमें क्या प्राप्त होता है?

हमें प्राप्त होता है

∠1+ ∠2 + ∠3 + ∠4 + ∠5 + ∠6 = 180° + 180° = 360°

अथवा (∠1+ ∠4) + (∠3 + ∠6) + ∠2 + ∠5 = 360°

चूँकि (∠1 + ∠4), (∠3 + ∠6), ∠2 एवं ∠5 चतुर्भुज SOME के कोण हैं। अतः हमें निम्न परिणाम प्राप्त होता है -

किसी भी चतुर्भुज के सभी कोणों का योगफल 360° होता है।

उपर्युक्त कथन से यह ज्ञात होता है कि किसी चतुर्भुज में तीन कोण समकोण व चौथा कोण समकोण न होना असंभव है।

4.3 समांतर सम्मुख भुजाओं वाले और चतुर्भुज

आयत (वर्ग में भी) में सम्मुख भुजाएँ समांतर होती हैं।

? क्या ऐसे चतुर्भुज हैं जिनमें सम्मुख भुजाएँ समांतर हैं परंतु वह आयत नहीं हैं?

आइए, इसकी रचना का प्रयास करते हैं।

यह कार्य दो समांतर रेखाओं के युग्मों को खींच कर सरलतापूर्वक किया जा सकता है। इस कार्य हेतु हमें यह ध्यान रखना होगा कि वह रेखाएँ समकोण पर न मिलती हों।

? मापक और सेट-स्कवेयर अथवा परकार (कम्पास) तथा मापक का उपयोग करके समांतर रेखाओं की रचना कैसे की जाती है? पूर्व तथ्यों को स्मरण करते हुए ऐसी एक आकृति की रचना कीजिए।

चतुर्भुज ABCD को ध्यानपूर्वक देखिए। इसकी सम्मुख भुजाएँ समांतर हैं परंतु यह एक आयत नहीं है।

Screenshot 2026-03-16 120407

अतः चतुर्भुजों का एक बड़ा समूह विद्यमान है जिनमें सम्मुख भुजाएँ समांतर होती हैं। ऐसे चतुर्भुजों को समांतर चतुर्भुज कहा जाता है।

? क्या एक आयत एक समांतर चतुर्भुज है?

हम जानते हैं कि एक आयत में सम्मुख भुजाएँ समांतर होती हैं। अतः यह समांतर चतुर्भुज की परिभाषा की पुष्टि करता है। अतः निश्चित ही यह एक समांतर चतुर्भुज है। विशेष रूप से एक आयत एक विशिष्ट प्रकार का समांतर चतुर्भुज है जिसके प्रत्येक कोण का माप 90° होता है।

आइए, इस संबंध को वेन आरेख का प्रयोग करके समझें।

Screenshot 2026-03-16 120941

आइए, समांतर चतुर्भुज के कोणों और भुजाओं के मध्य संबंध को समझने के लिए निम्न आकृतियों की रचना करें।

? एक समांतर चतुर्भुज की रचना कीजिए जिसकी आसन्न भुजाएँ 4 सेंटीमीटर और 5 सेंटीमीटर हों तथा इनके मध्य का कोण 30° हों।

Screenshot 2026-03-16 121050

चरण 1 - एक रेखाखंड AB = 4 सेंटीमीटर और AD = 5 सेंटीमीटर इस प्रकार खींचिए कि इनके मध्य कोण 30° का हों।

Screenshot 2026-03-16 121153

चरण 2 – बिंदु D से होकर जाते हुए रेखा AB के समांतर एक रेखा खींचिए और B से होकर जाती हुई रेखा AD के समांतर एक रेखा खींचिए। वह बिंदु जहाँ दोनों रेखाएँ एक-दूसरे को प्रतिच्छेद करती हैं उसे C से चिह्नित कीजिए।

Screenshot 2026-03-16 121827

ABCD अपेक्षित समांतर चतुर्भुज है।

? समांतर चतुर्भुज के शेष कोणों के माप क्या हैं? बताइए कि शेष अन्य भुजाओं की लंबाई क्या है? क्या आप तर्क देकर एवं प्रयोग करके ज्ञात कर सकते हैं?

? निगमन 6 - हम एक समांतर चतुर्भुज के कोणों के विषय में क्या कह सकते हैं?

समांतर चतुर्भुज ABCD में AB || CD और AD उनकी तिर्यक रेखा है।

∠A + ∠D = 180° (तिर्यक रेखा के एक ही ओर के अंत: कोणों का योग)

इसलिए

∠D = 180 – ∠A = 180 – 30 = 150° है।

Screenshot 2026-03-16 123518

इसी प्रकार AD || BC और AB तथा CD

इसकी तिर्यक रेखाएँ हैं।

  1. इसलिए∠A + ∠B = 180°

  2. अत: ∠ C+ ∠D = 180°

इन समीकरणों का उपयोग करते हुए हमें ∠ B = 150° और ∠ C = 30° प्राप्त होता है।

इस समांतर चतुर्भुज में हमने देखा कि दोनों सम्मुख कोण युग्म समान होते हैं और आसन्न कोणों का योग 180° होता है।

इस प्रकार

∠A + ∠B = 180°, ∠A + ∠D = 180°, ∠C + ∠D = 180° और ∠B + ∠C = 180°

तथा
  1. ∠A = ∠C और ∠B = ∠D

चूँकि आसन्न कोण समांतर रेखाओं के युग्म के लिए तिर्यक रेखा के एक ही ओर स्थित अंतः कोण होते हैं इसलिए उनका योग 180° होना चाहिए।

? सम्मुख कोणों के विषय में आपका क्या विचार है? क्या वह सभी समांतर चतुर्भुज में एक समान होंगे? यदि हाँ, तब हम कैसे आश्वस्त हो सकते हैं?

आइए, हम इनमें से एक कोण को x मान लेते हैं। बताइए कि शेष कोण का माप कितना होगा?

Screenshot 2026-03-16 124723
  1. चूँकि ∠P + ∠R = 180°,

  2. ∠R = 180 – ∠P = 180 – x

  3. इसी प्रकार, चूँकि ∠A + ∠R = 180°,

  4. ∠A = 180 – ∠R = 180 – (180–x) = 180 – 180 + x = x हैैं।

  5. अत: ∠P = ∠A = x है।

  6. इसी प्रकार हम ∠R = ∠E = 180 – x ज्ञात कर सकते हैैं।

अत: ∠P = ∠A = x है।

इसी प्रकार हम ∠R = ∠E = 180 – x ज्ञात कर सकते हैं।

अतः इससे यह ज्ञात होता है कि समांतर चतुर्भुज के सम्मुख कोण सदैव समान होते हैं।

? निगमन 7 – हम एक समांतर चतुर्भुज की भुजाओं के विषय में क्या कह सकते हैं?

एक समांतर चतुर्भुज को देखने पर ऐसा प्रतीत होता है कि सम्मुख भुजाएँ समान होती हैं। क्या हम इसे दर्शाने के लिए पुनः सर्वांगसमता का उपयोग कर सकते हैं? इसके लिए कौन-से दो त्रिभुजों पर विचार कर सकते हैं?

∆ABD और ∆CDB में एक चाप द्वारा चिह्नित कोण समान हैं क्योंकि वे एक समांतर चतुर्भुज के सम्मुख कोण हैं।

Screenshot 2026-03-16 135333

चूँकि AD || BC और BD इनकी एक तिर्यक रेखा है। यहाँ दो चापों द्वारा चिह्नित कोण समान हैं क्योंकि वे एकांतर कोण हैं।

अतः AAS नियम द्वारा त्रिभुज सर्वांगसम हैं अर्थात ∆ABD ≅ ∆CDB

अत: AD = CB और AB = CD है।

इस प्रकार समांतर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ समान होती हैं।

? क्या ∆ABD ≅ ∆CBD लिखना त्रुटिपूर्ण है? यदि हाँ, तो ऐसा क्यों?

पूर्व निगमनों से हम समांतर चतुर्भुज की शेष भुजाओं व कोणों को ज्ञात कर सकते हैं।

Screenshot 2026-03-16 163057

आइए, समांतर चतुर्भुज के गुणों की सूची बनाएँ।

गुण 1 - समांतर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ समान होती हैं।

गुण 2 - समांतर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ समांतर होती हैं।

गुण 3 - समांतर चतुर्भुज में सम्मुख कोण समान होते हैं और आसन्न कोणों का योग 180° होता है।

? क्या एक समांतर चतुर्भुज के विकर्ण सदैव समान होते हैं? अपने द्वारा बनाए गए समांतर चतुर्भुज के साथ इसकी जाँच कीजिए।

हम देखते हैं कि एक समांतर चतुर्भुज के विकर्णों का समान होना आवश्यक नहीं है।

? क्या विकर्ण एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं? क्या वे उनके मध्य बिंदु पर प्रतिच्छेद करते हैं? इसे ज्ञात करने के लिए तर्क दीजिए अथवा प्रयोग कीजिए।

निगमन 8 - एक समांतर चतुर्भुज के दो विकर्णों का प्रतिच्छेदी बिंदु क्या है?

जिस प्रकार हमने आयत में किया था उसी प्रकार हम समांतर चतुर्भुज EASY में ∆AOE और ∆YOS की सर्वांगसमता की जाँच करके यह ज्ञात कर सकते हैं कि दोनों विकर्ण एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं अथवा नहीं।

AE = YS (समांतर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ)

एक चाप एवं दो चापों द्वारा चिह्नित कोण परस्पर समान हैं

क्योंकि वे समांतर रेखाओं के एकांतर कोण हैं।

Screenshot 2026-03-16 165757

इस प्रकार ASA नियम द्वारा त्रिभुज सर्वांगसम हैं अतः

∆AOE ≅ ∆YOS

अत: OA = OY और OE = OS हैं, चूँकि ये सर्वांगसम त्रिभुजों की संगत भुजाएँ हैं।

इस प्रकार O दोनों विकर्णों का मध्य बिंदु है।

? क्या ∆AOE ≅ ∆SOY लिखना त्रुटिपूर्ण होगा? यदि हाँ, तो क्यों?

गुण 4 – एक समांतर चतुर्भुज के विकर्ण एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं।

? क्या एक समांतर चतुर्भुज के विकर्ण एक विशेष कोण पर प्रतिच्छेद करते है?

4.4 समान लंबाई की भुजाओं वाले चतुर्भुज

? क्या वर्ग एकमात्र ऐसा चतुर्भुज है जिसकी भुजाएँ समान लंबाई की होती हैं? आइए, इस प्रश्न का उत्तर रचना के माध्यम से ज्ञात करें।

दो समान लंबाई की भुजाएँ AD और AB खींचिए जो एक-दूसरे पर लंबवत नहीं हों।

Screenshot 2026-03-16 170907

? क्या हम दिए गए चित्र से पूर्ण चतुर्भुज बना सकते हैं जिससे कि इसकी सभी भुजाएँ समान लंबाई की हों?

Screenshot 2026-03-16 171024

एक बिंदु C चिह्नित कीजिए जिसकी B और D से दूरी AB (या AD) के समान हो। ऐसा करने के लिए AB को एक परकार का उपयोग करके मापिए। इस लंबाई को त्रिज्या मानकर बिंदु B और D से चाप खींचिए।

अब हमारे पास समान लंबाई की भुजाओं वाला एक चतुर्भुज है और इसका एक कोण 50° का है। ध्यान दीजिए हम 180 ° से कम का कोई कोण ( 50 ° के स्थान पर) लेकर एक चतुर्भुज बना सकते हैं।

एक चतुर्भुज जिसमें सभी भुजाएँ समान लंबाई की होती हैं, समचतुर्भुज कहलाता है।

? हमने जो समचतुर्भुज ABCD बनाया है उसके अन्य कोणों का माप ज्ञात कीजिए? यह ज्ञात करने के लिए तर्क दीजिए या प्रयोग कीजिए।

निगमन 9 – हम एक समचतुर्भुज में कोणों के विषय में क्या कह सकते हैं?

एक समचतुर्भुज GAME पर विचार कीजिए।

Screenshot 2026-03-16 171427

∆GAE में चूँकि GE = GA, अत: a = d

इसी प्रकार ∆MAE में चूँकि ME = MA अत: b = c हैं।

? ∆GAE ≅ ∆MAE यह कैसे ज्ञात किया जा सकता है?

अत: a = b ,c = d और ∠G = ∠M (चूँकि ये सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत कोण हैं।

अत: हमें a = b = c = d प्राप्त होता है।

ये तथ्य प्रत्येक समचतुर्भुज के लिए मान्य हैं। आइए, इन तथ्यों को हमारे द्वारा पूर्व में बनाए गए समचतुर्भुज ABCD पर प्रयोग करके देखें। माना विकर्ण पर बनें चार समान कोण a माप के हैं (जैसा कि आकृति में दर्शाया गया है)।

  1. ∆ADB मे
  2. a + a + 50 = 180°
  3. अत: a = 65°
Screenshot 2026-03-16 172117

इस प्रकार समचतुर्भुज ABCD के कोणों का माप 50° , 130° 50° और 130° है।

अतः एक समचतुर्भुज में सम्मुख कोण एक-दूसरे के समान होते हैं।

Screenshot 2026-03-20 094849

रोचक तथ्य यह है कि एक अन्य विधि का उपयोग करके भी हम समचतुर्भुज ABCD के अन्य कोणों को ज्ञात कर सकते हैं। हमने देखा कि एक सामान्य समचतुर्भुज GAME में एक विकर्ण द्वारा बने चारों कोण एक-दूसरे के समान हैं।

Screenshot 2026-03-20 095119

हमें ज्ञात है कि सम्मुख भुजाएँ समांतर हैं अतः GAME भी एक समांतर चतुर्भुज है। अतः प्रत्येक समचतुर्भुज एक समांतर चतुर्भुज है एवं समांतर चतुर्भुज के सभी गुण एक समचतुर्भुज हेतु भी मान्य होंगे। अतः समचतुर्भुज के आसन्न कोणों का योगफल 180° होगा और सम्मुख कोण समान होंगे (निगमन 6 A में दिए गए तथ्यों को एक समचतुर्भुज पर भी प्रयोग करके सत्यापित कीजिए)। अतः समचतुर्भुज ABCD में

Screenshot 2026-03-20 095603
  1. ∠A = ∠C = 50° और
  2. ∠D = ∠B = 180 – 50 = 130° हैै।

? इस प्रकार एक समचतुर्भुज एक समांतर चतुर्भुज होता है एवं एक आयत भी एक समांतर चतुर्भुज होता है। इसे एक वेन आरेख का प्रयोग करके कैसे दर्शाया जा सकता है?

? इस आरेख में वर्गों का समूह कहाँ होगा?

हम जानते हैं कि एक वर्ग एक आयत भी है। चूँकि वर्ग की सम्मुख भुजाएँ समांतर होती हैं अतः एक वर्ग एक समांतर चतुर्भुज भी होता है। इसके साथ ही हमें यह भी ज्ञात है कि वर्ग की सभी भुजाएँ समान लंबाई की होती हैं इसलिए वर्ग एक समचतुर्भुज भी होता है। अतः वेन आरेख इस प्रकार होगा।

Screenshot 2026-03-20 100219

आइए, हम समचतुर्भुज के गुणों की एक सूची बनाएँ।

गुण 1 - समचतुर्भुज की सभी भुजाएँ एक-दूसरे के समान होती हैं।

गुण 2 – समचतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ एक-दूसरे के समांतर होती हैं।

गुण 3 – समचतुर्भुज में आसन्न कोणों का योग 180° और सम्मुख कोण समान होते हैं।

? क्या एक समचतुर्भुज के विकर्ण समान लंबाई के होते हैं?

गुण 4 – समचतुर्भुज के विकर्ण एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं।

गुण 5 - समचतुर्भुज के विकर्ण इसके कोणों को समद्विभाजित करते हैं।

? क्या एक समचतुर्भुज के विकर्ण किसी विशेष कोण पर प्रतिच्छेद करते हैं? यह ज्ञात करने के लिए आप तर्क दीजिए अथवा प्रयोग कीजिए।

निगमन 10 – समचतुर्भुजों के विकर्णों द्वारा उनके प्रतिच्छेदी बिंदु पर बने कोणों के विषय में हम क्या कह सकते हैं?

? समचतुर्भुज GAME में हमें ∆GEO ≅∆MEO क्यों प्राप्त होता है?

अतः∠GOE = ∠MOE(सर्वांगसम त्रिभुज के संगत कोण) चूँकि इनका योगफल 180° होगा। अतः प्रत्येक कोण का माप 90° का होना चाहिए।

गुण 6 – एक समचतुर्भुज के विकर्ण एक-दूसरे को 90° के कोण पर प्रतिच्छेद करते हैं।

? आइए, पता लगाएँ

1. निम्नलिखित चतुर्भुजों के शेष कोणों का माप ज्ञात कीजिए।

Screenshot 2026-03-20 101325

2. विकर्ण के गुणों को आधार बनाते हुए एक समांतर चतुर्भुज की रचना कीजिए जिसके विकर्ण की लंबाई 7 सेंटीमीटर तथा 5 सेंटीमीटर हो। इसके साथ ही ये विकर्ण 140° के कोण पर प्रतिच्छेद भी करते हों।

3. विकर्ण के गुणों का प्रयोग करके एक समचतुर्भुज की रचना कीजिए जिसके विकर्णों की लंबाई 4 सेंटीमीटर और 5 सेंटीमीटर हो।

4.5 चतुर्भुजों के साथ खेल

जियोबोर्ड गतिविधि

एक जियोबोर्ड और कुछ रबड़ बैंड लीजिए। यदि आपके पास यह उपलबध नहीं है तो आप पुस्तक के अंत में दिए गए बिंदु जाल (ग्रिड) कागज को इस गतिविधि के लिए प्रयोग कर सकते हैं।

Screenshot 2026-03-20 101604

विकर्ण बनाने के लिए समान लंबाई के दो रबड़ बेंड को एक-दूसरे पर लंबवत रूप में व्यवस्थित कीजिए। इसके साथ सिरों को जोड़िए।

Screenshot 2026-03-20 101646

? आपको जो चतुर्भुज प्राप्त हुआ वह किस प्रकार का है? अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए। दोनों में से किसी एक विकर्ण को दोनों ओर 2 सेंटीमीटर तक विस्तारित कीजिए।

Screenshot 2026-03-20 101729

? अब आपको जो चतुर्भुज प्राप्त हुआ वह किस प्रकार का होगा? अपने उत्तर के औचित्य को सिद्ध कीजिए।

त्रिभुजों को जोड़ना

1. 8 सेंटीमीटर भुजा वाले समबाहु त्रिभुज के कार्ड बोर्ड के दो कटआउट लीजिए।

Screenshot 2026-03-20 101909

? क्या आप उपर्युक्त कार्डबोर्ड कटआउट को जोड़कर एक चतुर्भुज बना सकते हो?

Screenshot 2026-03-20 101954

? उपर्युक्त चतुर्भुज किस प्रकार का है? अपने उत्तर का सत्यापन कीजिए।

2. 8 सेंटीमीटर, और 6 सेंटीमीटर भुजाओं वाले समद्विबाहु त्रिभुज के कार्डबोर्ड के दो कटआउट लीजिए।

Screenshot 2026-03-20 102101

? क्या आप उपर्युक्त कार्डबोर्ड कटआउट को जोड़कर एक चतुर्भुज बना सकते हो?

Screenshot 2026-03-20 102340

? उपर्युक्त चतुर्भुज किस प्रकार का है? अपने उत्तर का सत्यापन कीजिए।

2. 8 सेंटीमीटर, और 6 सेंटीमीटर भुजाओं वाले समद्विबाहु त्रिभुज के कार्डबोर्ड के दो कटआउट लीजिए।

Screenshot 2026-03-20 102549

? उपर्युक्त को एक साथ जोड़कर एक चतुर्भुज बनाने के विभिन्न प्रकार क्या हैं?

इन्हें इस प्रकार जोड़ने से प्राप्त होते है-

Screenshot 2026-03-20 103448

इन्हें इस प्रकार जोड़ने से प्राप्त होते है-

Screenshot 2026-03-20 103550

? ऊपर दर्शाए गए दोनों चतुर्भुज किस प्रकार के चतुर्भुज हैं? अपने उत्तर का सत्यापन कीजिए।

3. 6 सेंटीमीटर, 9 सेंटीमीटर और 12 सेंटीमीटर भुजाओं वाले एक विषमबाहु त्रिभुज के कार्डबोर्ड के दो कटआउट लीजिए।

Screenshot 2026-03-20 103720

? इन्हें एक साथ जोड़कर एक चतुर्भुज बनाने के विभिन्न प्रकार क्या होंगे?

? क्या आप त्रिभुजों को जोड़कर प्राप्त होने वाले विभिन्न चतुर्भुजों की पहचान कर सकते हैं? चतुर्भुज की पहचान करने के पश्चात आप अपने उत्तर का सत्यापन कीजिए।

4.6 पतंग और समलंब चतुर्भुज

पतंग

6 सेंटीमीटर, 9 सेंटीमीटर और 12 सेंटीमीटर भुजाओं वाले दो त्रिभुजों को एक साथ जोड़ने की एक विधि यह है -

Screenshot 2026-03-20 104004

यह चतुर्भुज पतंग के समान प्रतीत होता है। ध्यान दीजिए इसकी आसन्न भुजाएँ समान लंबाई की होती हैं।

पतंग – पतंग एक चतुर्भुज है जिसे ABCD से नामांकित किया जा सकता है जिसमें AB = BC और CD = DA होता है।

? गुण 1 - पतंग ABCB में विकर्ण BD-

(i) ∠ABC और ∠ADC को समद्विभाजित करता है। (ii) विकर्ण AC को समद्विभाजित करता है अर्थात AO = OC है। इसके साथ AC पर लंबवत भी है।

संकेत - क्या ∆AOB ≅ ∆COB ?

समलंब चतुर्भुज

समांतर चतुर्भुज वह चतुर्भुज है जिसमें सम्मुख भुजाएँ समांतर होती हैं। यदि हम इस नियम को हटा दें तो हमें एक नए प्रकार का चतुर्भुज प्राप्त होता है। इसे समलंब चतुर्भुज कहते हैं।

Screenshot 2026-03-20 104418

समलंब चतुर्भुज - समलंब चतुर्भुज एक ऐसा चतुर्भुज होता है जिसमें कम से कम एक युग्म की सम्मुख भुजाएँ समांतर होती हैं।

? एक समलंब चतुर्भुज की रचना कीजिए। इसके आधार कोणों (आकृति में अंकित) को भी मापिए।

? क्या आप शेष कोणों को मापे बिना ज्ञात कर सकते हैं?

चूँकि हमारे पास PQ || SR है तो हमें ज्ञात होता है -

गुण 1- ∠ S + ∠P = 180° और ∠R + ∠Q = 180°

इन तथ्यों का प्रयोग करके शेष कोण सरलता से ज्ञात किए जा सकते हैं। इन्हें ज्ञात करने के पश्चात अपने उत्तर को सत्यापित कीजिए।

जब एक समलंब चतुर्भुज की असमांतर भुजाएँ समान लंबाई की हों तो उसे समद्विबाहु समलंब चतुर्भुज कहा जाता है।

? हम समद्विबाहु समलंब चतुर्भुज की रचना किस प्रकार करते हैं?

? एक समद्विबाहु समलंब चतुर्भुज UVWX की रचना कीजिए जिसमें UV || XW हो। इसके ∠U को मापिए।

Screenshot 2026-03-20 105128

क्या आप बिना मापे शेष कोणों का मान ज्ञात कर सकते हैं?

क्या ऐसा प्रतीत होता है कि सम्मुख भुजाओं के एक ही ओर बनने वाले सम्मुख कोण ∠U और ∠V भी समान हैं? क्या हम यहाँ सर्वांगसम त्रिभुज को ज्ञात कर सकते हैं? UV के लंबवत रेखाखंड XY और WZ पर विचार कीजिए।

? XWZY किस प्रकार का चतुर्भुज है?

चूँकि XW || UV

(तिर्यक रेखा के एक ओर के अंत: कोणों का योग 180° होता है।) अत: XWZY एक आयत है। Screenshot 2026-03-20 105853

? अब दर्शाया जा सकता है कि ∆UXY ≅ ∆VWZ (कैसे)?

अत: ∠U = ∠V है।

इस तथ्य का प्रयोग करके समद्विबाहु समलंब चतुर्भुज के शेष कोणों को ज्ञात किया जा सकता है। कोणों को मापकर अपने उत्तर को सत्यापित कीजिए।

गुण 2 – समद्विबाहु समलंब चतुर्भुज में समान भुजाओं के एक ही ओर बनने वाले सम्मुख कोण समान होते हैं।

? आइए, पता लगाएँ

1. 4 सेंटीमीटर भुजा वाले दो समबाहु त्रिभुजों को जोड़कर प्राप्त चतुर्भुज के सभी कोणों और सभी भुजाओं को ज्ञात कीजिए।

2. एक पतंग की रचना कीजिए जिसके विकर्णों की लंबाई 6 सेंटीमीटर और 8 सेंटीमीटर हो।

3. निम्नलिखित समलंब चतुर्भुज के शेष कोणों का मान ज्ञात कीजिए -

Screenshot 2026-03-20 110509

4. एक वेन आरेख बनाइए जिसमें समांतर चतुर्भुज, पतंग, समलंब चतुर्भुज आयत और वर्गों के समूह को दर्शाया गया हो। तत्पश्चात निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-

  1. (i) वह कौन-सा चतुर्भुज है जो पतंग और समांतर चतुर्भुज दोनों है?
  2. (ii) क्या ऐसा कोई चतुर्भुज हो सकता है जो एक पतंग और एक आयत दोनों हों?
  3. (iii) क्या प्रत्येक पतंग एक समचतुर्भुज है? यदि नहीं, तो इन दो प्रकार के चतुर्भुजों के मध्य का संबंध क्या है?

5. यदि PAIR और RODS दो आयत हों तो angle IOD ज्ञात कीजिए।

Screenshot 2026-03-20 110643

6. चाँदे (प्रोट्रेक्टर) का प्रयोग किए बिना 6 सेंटीमीटर विकर्ण वाले एक वर्ग की रचना कीजिए।

7. CASE एक वर्ग है। बिंदु U, V, W और X वर्ग की भुजाओं के मध्य बिंदु हैं। UVWX किस प्रकार का चतुर्भुज है? इसे ज्यामितीय तर्क, रचना और मापन के उपयोग द्वारा ज्ञात कीजिए। एक वर्ग के अंतर्गत एक अन्य वर्ग की रचना करने की विधियाँ ज्ञात कीजिए। ध्यान रखिए कि आंतरिक वर्ग के शीर्ष बाहरी वर्ग की भुजाओं पर स्थित हों जैसा कि आकृति (b) में दर्शाया गया है।

Screenshot 2026-03-20 110803

8. यदि एक चतुर्भुज की चारों भुजाएँ समान हों और एक कोण 90° का हो तो क्या यह एक वर्ग होगा? ज्यामितीय तर्क, रचना और मापन के उपयोग द्वारा उत्तर ज्ञात कीजिए।

9. वह चतुर्भुज किस प्रकार का है जिसमें सम्मुख भुजाएँ समान हों? अपने उत्तर का सत्यापन कीजिए।

संकेत – एक विकर्ण बनाइए और सर्वांगसम त्रिभुजों की जाँच कीजिए।

10. क्या आकृति में दिए गए चतुर्भुज के सभी कोणों का योगफल 360° होगा? ज्यामितीय तर्क के साथ ही इस आकृति की रचना करके और मापन के उपयोग द्वारा अपना उत्तर ज्ञात कीजिए।

Screenshot 2026-03-20 111026

11. बताइए कि निम्नलिखित कथन सत्य हैं अथवा असत्य। अपने उत्तर को सत्यापित कीजिए।

  1. (i) एक चतुर्भुज जिसके विकर्ण समान लंबाई के हों और एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हों वह निश्चित ही एक वर्ग होगा।
  2. (ii) एक चतुर्भुज जिसके तीन कोण समकोण हैं निश्चित ही एक आयत है।
  3. (iii) एक चतुर्भुज जिसके विकर्ण परस्पर समद्विभाजित करते हैं निश्चित ही एक समांतर चतुर्भुज है।
  4. (iv) एक चतुर्भुज जिसके विकर्ण एक-दूसरे पर लंबवत हों निश्चित ही एक समचतुर्भुज है।
  5. (v) एक चतुर्भुज जिसमें सम्मुख कोण समान हैं निश्चित ही एक समांतर चतुर्भुज है।
  6. (vi) एक चतुर्भुज एक आयत होगा यदि इसका प्रत्येक कोण समान हैं।
  7. (vii) समद्विबाहु समलंब चतुर्भुज, समांतर चतुर्भुज होते हैं।

सारांश

  • एक आयत एक चतुर्भुज है जिसके प्रत्येक कोण का माप 90° होता है।
एक आयत के गुण
  • एक आयत की सम्मुख भुजाएँ समान होती हैं।
  • एक आयत की सम्मुख भुजाएँ एक-दूसरे के समांतर होती हैं।
  • एक आयत के विकर्ण समान लंबाई के होते हैं और वे एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं।

एक वर्ग एक चतुर्भुज है जिसके प्रत्येक कोण का माप 90° का होता है और सभी भुजाओं की लंबाई समान होती है।

एक वर्ग के गुण
  • एक वर्ग की सम्मुख भुजाएँ एक-दूसरे के समांतर होती हैं।
  • एक वर्ग के विकर्ण समान लंबाई के होते हैं और वे एक-दूसरे को 90° पर समद्विभाजित करते हैं।
  • एक वर्ग के विकर्ण वर्ग के कोणों को समद्विभाजित करते हैं।
  • एक समांतर चतुर्भुज एक चतुर्भुज है जिसकी सम्मुख भुजाएँ समांतर होती हैं।
एक समांतर चतुर्भुज के गुण
  • समांतर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ समान होती हैं।
  • एक समांतर चतुर्भुज में आसन्न कोणों का योग 180° होता है और सम्मुख कोण समान होते हैं।
  • एक समांतर चतुर्भुज के विकर्ण एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं।
  • एक समचतुर्भुज एक ऐसा चतुर्भुज है जिसकी सभी भुजाएँ समान लंबाई की होती हैं।
एक समचतुर्भुज के गुण
  • एक समचतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ एक-दूसरे के समांतर होती हैं।
  • एक समचतुर्भुज में आसन्न कोणों का योग 180° होता है और सम्मुख कोण समान होते हैं।
  • एक समचतुर्भुज के विकर्ण एक-दूसरे को समकोण पर समद्विभाजित करते हैं।
  • एक समचतुर्भुज के विकर्ण इसके कोणों को समद्विभाजित करते हैं।

एक पतंग एक चतुर्भुज है जिसमें समान लंबाई वाली दो आसन्न भुजाओं के युग्म होते हैं जो अतिव्यापी न हो।

एक समलंब चतुर्भुज एक चतुर्भुज होता है जिसमें सम्मुख भुजाओं का कम से कम एक युग्म समांतर होता है।

एक चतुर्भुज के कोणों की माप का योग 360° होता है।

Screenshot 2026-03-20 111927

पहेली का समय !
कौन-सा चौकोर ? खेल खेलना

1. एक कागज को आधा मोड़िए।

Screenshot 2026-03-20 115100

2. अब इसे एक बार पुनः एक चौथाई में मोड़िए।

Screenshot 2026-03-20 115649

3. कागज के कोने पर एक त्रिकोण बनाइए जो कि कागज के मध्य में है।

Screenshot 2026-03-20 115748

4. कागज को खोलिए और देखिए कि मोड़ के चिह्नों से क्या आकार बनता है?

Screenshot 2026-03-20 115820

5. निम्नलिखित छाया चित्र में दर्शाए अनुसार क्रीज के प्रकारों को प्राप्त करने के लिए आप एक चौथाई कागज को किस प्रकार मोड़ेंगे?

Screenshot 2026-03-20 115900

6. आप एक चौथाई कागज को किस प्रकार मोड़ेंगे कि एक वर्ग बन जाए?

Screenshot 2026-03-16 110549