शब्दरूपाणि
पुल्लिङ्ग, स्त्रीलिङ्ग एवं नपुंसकलिङ्ग शब्द रूप
पुल्लिङ्गशब्दाः
‘न्’ कारान्तः पुल्लिङ्गः ‘ब्रह्मन्’ शब्दः
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | ब्रह्मा | ब्रह्माणौ | ब्रह्माणः |
| द्वितीया | ब्रह्माणम् | ब्रह्माणौ | ब्रह्मणः |
| तृतीया | ब्रह्मणा | ब्रह्मभ्याम् | ब्रह्मभिः |
| चतुर्थी | ब्रह्मणे | ब्रह्मभ्याम् | ब्रह्मभ्यः |
| पञ्चमी | ब्रह्मणः | ब्रह्मभ्याम् | ब्रह्मभ्यः |
| षष्ठी | ब्रह्मणः | ब्रह्मणोः | ब्रह्मणाम् |
| सप्तमी | ब्रह्मणि | ब्रह्मणोः | ब्रह्मसु |
| सम्बोधनम् | हे ब्रह्मन् | हे ब्रह्माणौ | हे ब्रह्माणः |
‘न्’ कारान्तः पुल्लिङ्गः ‘गुणिन्’ शब्दः
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | गुणी | गुणिनौ | गुणिनः |
| द्वितीया | गुणिनम् | गुणिनौ | गुणिनः |
| तृतीया | गुणिना | गुणिभ्याम् | गुणिभिः |
| चतुर्थी | गुणिने | गुणिभ्याम् | गुणिभ्यः |
| पञ्चमी | गुणिनः | गुणिभ्याम् | गुणिभ्यः |
| षष्ठी | गुणिनः | गुणिनोः | गुणिनाम् |
| सप्तमी | गुणिनि | गुणिनोः | गुणिषु |
| सम्बोधनम् | हे गुणिन् | हे गुणिनौ | हे गुणिनः |
‘न्’ कारान्तः पुल्लिङ्गः ‘पथिन्’ शब्दः
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | पन्थाः | पन्थानौ | पन्थानः |
| द्वितीया | पन्थानम् | पन्थानौ | पथः |
| तृतीया | पथा | पथिभ्याम् | पथिभिः |
| चतुर्थी | पथे | पथिभ्याम् | पथिभ्यः |
| पञ्चमी | पथः | पथिभ्याम् | पथिभ्यः |
| षष्ठी | पथः | पथोः | पथाम् |
| सप्तमी | पथि | पथोः | पथिषु |
| सम्बोधनम् | हे पन्थाः | हे पन्थानौ | हे पन्थानः |
‘स्’ कारान्तः पुल्लिङ्गः ‘विद्वस्’ शब्दः
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | विद्वान् | विद्वांसौ | विद्वांसः |
| द्वितीया | विद्वांसम् | विद्वांसौ | विदुषः |
| तृतीया | विदुषा | विद्वद्भ्याम् | विद्वद्भिः |
| चतुर्थी | विदुषे | विद्वद्भ्याम् | विद्वद्भ्यः |
| पञ्चमी | विदुषः | विद्वद्भ्याम् | विद्वद्भ्यः |
| षष्ठी | विदुषः | विदुषोः | विदुषाम् |
| सप्तमी | विदुषि | विदुषोः | विद्वत्सु |
| सम्बोधनम् | हे विद्वान् | हे विद्वांसौ | हे विद्वांसः |
‘स्’ कारान्तः पुल्लिङ्गः ‘चन्द्रमस्’ शब्दः
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | चन्द्रमाः | चन्द्रमसौ | चन्द्रमसः |
| द्वितीया | चन्द्रमसम् | चन्द्रमसौ | चन्द्रमसः |
| तृतीया | चन्द्रमसा | चन्द्रमोभ्याम् | चन्द्रमोभिः |
| चतुर्थी | चन्द्रमसे | चन्द्रमोभ्याम् | चन्द्रमोभ्यः |
| पञ्चमी | चन्द्रमसः | चन्द्रमोभ्याम् | चन्द्रमोभ्यः |
| षष्ठी | चन्द्रमसः | चन्द्रमसोः | चन्द्रमसाम् |
| सप्तमी | चन्द्रमसि | चन्द्रमसोः | चन्द्रमस्सु |
| सम्बोधनम् | हे चन्द्रमः | हे चन्द्रमसौ | हे चन्द्रमसः |
‘स्’ कारान्तः पुल्लिङ्गः ‘पुंस्’ शब्दः
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | पुमान् | पुमांसौ | पुमांसः |
| द्वितीया | पुमांसम् | पुमांसौ | पुंसः |
| तृतीया | पुंसा | पुंभ्याम् / पुम्भ्याम् | पुंभिः / पुम्भिः |
| चतुर्थी | पुंसै | पुंभ्याम् / पुम्भ्याम् | पुंभ्यः / पुम्भ्यः |
| पञ्चमी | पुंसः | पुंभ्याम् / पुम्भ्याम् | पुंभ्यः / पुम्भ्यः |
| षष्ठी | पुंसः | पुंसोः | पुंसाम् |
| सप्तमी | पुंसि | पुंसोः | पुंसु |
| सम्बोधनम् | हे पुमन् | हे पुमांसौ | हे पुमांसः |
‘स्’ कारान्तः पुल्लिङ्गः ‘वेधस्’ शब्दः
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | वेधाः | वेधसौ | वेधसः |
| द्वितीया | वेधसम् | वेधसौ | वेधसः |
| तृतीया | वेधसा | वेधोभ्याम् | वेधोभिः |
| चतुर्थी | वेधसे | वेधोभ्याम् | वेधोभ्यः |
| पञ्चमी | वेधसः | वेधोभ्याम् | वेधोभ्यः |
| षष्ठी | वेधसः | वेधसोः | वेधसाम् |
| सप्तमी | वेधसि | वेधसोः | वेधःसु / वेधस्सु |
| सम्बोधनम् | हे वेधः | हे वेधसौ | हे वेधसः |
‘द्’ कारान्तः पुल्लिङ्गः ‘सुहृद्’ शब्दः
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | सुहृद् / सुहृत् | सुहृदौ | सुहृदः |
| द्वितीया | सुहृदम् | सुहृदौ | सुहृदः |
| तृतीया | सुहृदा | सुहृद्भ्याम् | सुहृद्भिः |
| चतुर्थी | सुहृदे | सुहृद्भ्याम् | सुहृद्भ्यः |
| पञ्चमी | सुहृदः | सुहृद्भ्याम् | सुहृद्भ्यः |
| षष्ठी | सुहृदः | सुहृदोः | सुहृदाम् |
| सप्तमी | सुहृदि | सुहृदोः | सुहृत्सु |
| सम्बोधनम् | हे सुहृद् / हे सुहृत् | हे सुहृदौ | हे सुहृदः |
‘ज्’ कारान्तः पुल्लिङ्गः ‘वणिज्’ शब्दः
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | वणिग् / वणिक् | वणिजौ | वणिजः |
| द्वितीया | वणिजम् | वणिजौ | वणिजः |
| तृतीया | वणिजा | वणिभ्याम् | वणिभिः |
| चतुर्थी | वणिजे | वणिभ्याम् | वणिभ्यः |
| पञ्चमी | वणिजः | वणिभ्याम् | वणिभ्यः |
| षष्ठी | वणिजः | वणिजोः | वणिजाम् |
| सप्तमी | वणिजि | वणिजोः | वणिष्ठु |
| सम्बोधनम् | हे वणिग् / हे वणिक् | हे वणिजौ | हे वणिजः |
‘ज्’ कारान्तः पुल्लिङ्गः ‘भिषज्’ शब्दः
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | भिषग् / भिषक् | भिषजौ | भिषजः |
| द्वितीया | भिषजम् | भिषजौ | भिषजः |
| तृतीया | भिषजा | भिषभ्याम् | भिषभिः |
| चतुर्थी | भिषजे | भिषभ्याम् | भिषभ्यः |
| पञ्चमी | भिषजः | भिषभ्याम् | भिषभ्यः |
| षष्ठी | भिषजः | भिषजोः | भिषजाम् |
| सप्तमी | भिषजि | भिषजोः | भिषष्ठु |
| सम्बोधनम् | हे भिषग् / हे भिषक् | हे भिषजौ | हे भिषजः |
स्त्रीलिङ्गरूपाणि
‘च्’ कारान्तः स्त्रीलिङ्गः ‘वाच्’ शब्दः
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | वाग् / वाक् | वाचौ | वाचः |
| द्वितीया | वाचम् | वाचौ | वाचः |
| तृतीया | वाचा | वाग्भ्याम् | वाग्भिः |
| चतुर्थी | वाचे | वाग्भ्याम् | वाग्भ्यः |
| पञ्चमी | वाचः | वाग्भ्याम् | वाग्भ्यः |
| षष्ठी | वाचः | वाचोः | वाचाम् |
| सप्तमी | वाचि | वाचोः | वाङ्कु |
| सम्बोधनम् | हे वाग् / हे वाक् | हे वाचौ | हे वाचः |
‘च्’ कारान्तः स्त्रीलिङ्गः ‘त्वच्’ शब्दः
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | त्वग् / त्वक् | त्वचौ | त्वचः |
| द्वितीया | त्वचम् | त्वचौ | त्वचः |
| तृतीया | त्वचा | त्वग्भ्याम् | त्वग्भिः |
| चतुर्थी | त्वचे | त्वग्भ्याम् | त्वग्भ्यः |
| पञ्चमी | त्वचः | त्वग्भ्याम् | त्वग्भ्यः |
| षष्ठी | त्वचः | त्वचोः | त्वचाम् |
| सप्तमी | त्वचि | त्वचोः | त्वङ्कु |
| सम्बोधनम् | हे त्वग् / हे त्वक् | हे त्वचौ | हे त्वचः |
‘ज्’ कारान्तः स्त्रीलिङ्गः ‘स्रज्’ शब्दः
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | स्रग् / स्रक् | स्रजौ | स्रजः |
| द्वितीया | स्रजम् | स्रजौ | स्रजः |
| तृतीया | स्रजा | स्रभ्याम् | स्रभिः |
| चतुर्थी | स्रजे | स्रभ्याम् | स्रभ्यः |
| पञ्चमी | स्रजः | स्रभ्याम् | स्रभ्यः |
| षष्ठी | स्रजः | स्रजोः | स्रजाम् |
| सप्तमी | स्रजि | स्रजोः | स्रक्षु |
| सम्बोधनम् | हे स्रग् / हे स्रक् | हे स्रजौ | हे स्रजः |
‘ज्’ कारान्तः स्त्रीलिङ्गः ‘रुज्’ शब्दः
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | रुग् / रुक् | रुजौ | रुजः |
| द्वितीया | रुजम् | रुजौ | रुजः |
| तृतीया | रुजा | रुभ्याम् | रुभिः |
| चतुर्थी | रुजे | रुभ्याम् | रुभ्यः |
| पञ्चमी | रुजः | रुभ्याम् | रुभ्यः |
| षष्ठी | रुजः | रुजोः | रुजाम् |
| सप्तमी | रुजि | रुजोः | रुक्षु |
| सम्बोधनम् | हे रुग् / हे रुक् | हे रुजौ | हे रुजः |
‘त्’ कारान्तः स्त्रीलिङ्गः ‘सरित्’ शब्दः
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | सरिद् / सरित् | सरितौ | सरितः |
| द्वितीया | सरितम् | सरितौ | सरितः |
| तृतीया | सरिता | सरिद्भ्याम् | सरिद्भिः |
| चतुर्थी | सरितै | सरिद्भ्याम् | सरिद्भ्यः |
| पञ्चमी | सरितः | सरिद्भ्याम् | सरिद्भ्यः |
| षष्ठी | सरितः | सरितोः | सरिताम् |
| सप्तमी | सरिति | सरितोः | सरित्सु |
| सम्बोधनम् | हे सरिद् / हे सरित् | हे सरितौ | हे सरितः |
‘त्’ कारान्तः स्त्रीलिङ्गः ‘विद्युत्’ शब्दः
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | विद्युद् / विद्युत् | विद्युतौ | विद्युतः |
| द्वितीया | विद्युतम् | विद्युतौ | विद्युतः |
| तृतीया | विद्युता | विद्युद्भ्याम् | विद्युद्भिः |
| चतुर्थी | विद्युतै | विद्युद्भ्याम् | विद्युद्भ्यः |
| पञ्चमी | विद्युतः | विद्युद्भ्याम् | विद्युद्भ्यः |
| षष्ठी | विद्युतः | विद्युतोः | विद्युताम् |
| सप्तमी | विद्युति | विद्युतोः | विद्युत्सु |
| सम्बोधनम् | हे विद्युद् / हे विद्युत् | हे विद्युतौ | हे विद्युतः |
‘व्’ कारान्तः स्त्रीलिङ्गः ‘दिव्’ शब्दः
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | द्यौः | दिवौ | दिवः |
| द्वितीया | दिवम् | दिवौ | दिवः |
| तृतीया | दिवा | द्युभ्याम् | द्युभिः |
| चतुर्थी | दिवे | द्युभ्याम् | द्युभ्यः |
| पञ्चमी | दिवः | द्युभ्याम् | द्युभ्यः |
| षष्ठी | दिवः | दिवोः | दिवाम् |
| सप्तमी | दिवि | दिवोः | द्युषु |
| सम्बोधनम् | हे द्यौः | हे दिवौ | हे दिवः |
‘श्’ कारान्तः स्त्रीलिङ्गः ‘दिश्’ शब्दः
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | दिश् / दिव् | दिशौ | दिशः |
| द्वितीया | दिशम् | दिशौ | दिशः |
| तृतीया | दिशा | दिभ्याम् | दिभिः |
| चतुर्थी | दिशे | दिभ्याम् | दिभ्यः |
| पञ्चमी | दिशः | दिभ्याम् | दिभ्यः |
| षष्ठी | दिशः | दिशोः | दिशाम् |
| सप्तमी | दिशि | दिशोः | दिक्षु |
| सम्बोधनम् | हे दिश् / हे दिव् | हे दिशौ | हे दिशः |
नपुंसकलिङ्गरूपाणि
‘त्’ कारान्तः नपुंसकलिङ्ग ‘जगत्’ शब्दः
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | जगद् / जगत् | जगती | जगन्ति |
| द्वितीया | जगद् / जगत् | जगती | जगन्ति |
| तृतीया | जगता | जगद्भ्याम् | जगद्भिः |
| चतुर्थी | जगते | जगद्भ्याम् | जगद्भ्यः |
| पञ्चमी | जगतः | जगद्भ्याम् | जगद्भ्यः |
| षष्ठी | जगतः | जगतोः | जगताम् |
| सप्तमी | जगति | जगतोः | जगत्सु |
| सम्बोधनम् | हे जगद् / हे जगत् | हे जगती | हे जगन्ति |
‘न्’ कारान्तः नपुंसकलिङ्ग ‘नामन्’ शब्दः
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | नाम | नाम्नी / नामनी | नामानि |
| द्वितीया | नाम | नाम्नी / नामनी | नामानि |
| तृतीया | नाम्ना | नामभ्याम् | नामभिः |
| चतुर्थी | नाम्ने | नामभ्याम् | नामभ्यः |
| पञ्चमी | नाम्नः | नामभ्याम् | नामभ्यः |
| षष्ठी | नाम्नः | नाम्नोः | नाम्नाम् |
| सप्तमी | नाम्नि / नामनि | नाम्नोः | नामसु |
| सम्बोधनम् | हे नामन् / हे नाम | हे नाम्नी / हे नामनी | हे नामानि |
‘न्’ कारान्तः नपुंसकलिङ्ग ‘कर्मन्’ शब्दः
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | कर्म | कर्मणी | कर्माणि |
| द्वितीया | कर्म | कर्मणी | कर्माणि |
| तृतीया | कर्मणा | कर्मभ्याम् | कर्मभिः |
| चतुर्थी | कर्मणे | कर्मभ्याम् | कर्मभ्यः |
| पञ्चमी | कर्मणः | कर्मभ्याम् | कर्मभ्यः |
| षष्ठी | कर्मणः | कर्मणोः | कर्मणाम् |
| सप्तमी | कर्मणि | कर्मणोः | कर्मसु |
| सम्बोधनम् | हे कर्मन् / हे कर्म | हे कर्मणी | हे कर्माणि |
‘न्’ कारान्तः नपुंसकलिङ्ग ‘चर्मन्’ शब्दः
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | चर्म | चर्मणी | चर्माणि |
| द्वितीया | चर्म | चर्मणी | चर्माणि |
| तृतीया | चर्मणा | चर्मभ्याम् | चर्मभिः |
| चतुर्थी | चर्मणे | चर्मभ्याम् | चर्मभ्यः |
| पञ्चमी | चर्मणः | चर्मभ्याम् | चर्मभ्यः |
| षष्ठी | चर्मणः | चर्मणोः | चर्मणाम् |
| सप्तमी | चर्मणि | चर्मणोः | चर्मसु |
| सम्बोधनम् | हे चर्मन् / हे चर्म | हे चर्मणी | हे चर्माणि |
‘स्’ कारान्तः नपुंसकलिङ्ग ‘मनस्’ शब्दः
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | मनः | मनसी | मनांसि |
| द्वितीया | मनः | मनसी | मनांसि |
| तृतीया | मनसा | मनोभ्याम् | मनोभिः |
| चतुर्थी | मनसे | मनोभ्याम् | मनोभ्यः |
| पञ्चमी | मनसः | मनोभ्याम् | मनोभ्यः |
| षष्ठी | मनसः | मनसोः | मनसाम् |
| सप्तमी | मनसि | मनसोः | मनःसु / मनस्सु |
| सम्बोधनम् | हे मनः | हे मनसी | हे मनांसि |
‘स्’ कारान्तः नपुंसकलिङ्ग ‘तपस्’ शब्दः
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | तपः | तपसी | तपांसि |
| द्वितीया | तपः | तपसी | तपांसि |
| तृतीया | तपसा | तपोभ्याम् | तपोभिः |
| चतुर्थी | तपसे | तपोभ्याम् | तपोभ्यः |
| पञ्चमी | तपसः | तपोभ्याम् | तपोभ्यः |
| षष्ठी | तपसः | तपसोः | तपसाम् |
| सप्तमी | तपसि | तपसोः | तपःसु / तपस्सु |
| सम्बोधनम् | हे तपः | हे तपसी | हे तपांसि |
‘स्’ कारान्तः नपुंसकलिङ्ग ‘पयस्’ शब्दः
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | पयः | पयसी | पयांसि |
| द्वितीया | पयः | पयसी | पयांसि |
| तृतीया | पयसा | पयोभ्याम् | पयोभिः |
| चतुर्थी | पयसे | पयोभ्याम् | पयोभ्यः |
| पञ्चमी | पयसः | पयोभ्याम् | पयोभ्यः |
| षष्ठी | पयसः | पयसोः | पयसाम् |
| सप्तमी | पयसि | पयसोः | पयःसु / पयस्सु |
| सम्बोधनम् | हे पयः | हे पयसी | हे पयांसि |
‘स्’ कारान्तः नपुंसकलिङ्ग ‘शिरस्’ शब्दः
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | शिरः | शिरसी | शिरांसि |
| द्वितीया | शिरः | शिरसी | शिरांसि |
| तृतीया | शिरसा | शिरोभ्याम् | शिरोभिः |
| चतुर्थी | शिरसे | शिरोभ्याम् | शिरोभ्यः |
| पञ्चमी | शिरसः | शिरोभ्याम् | शिरोभ्यः |
| षष्ठी | शिरसः | शिरसोः | शिरसाम् |
| सप्तमी | शिरसि | शिरसोः | शिरःसु / शिरस्सु |
| सम्बोधनम् | हे शिरः | हे शिरसी | हे शिरांसि |
‘स्’ कारान्तः नपुंसकलिङ्ग ‘छन्दस्’ शब्दः
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | छन्दः | छन्दसी | छन्दांसि |
| द्वितीया | छन्दः | छन्दसी | छन्दांसि |
| तृतीया | छन्दसा | छन्दोभ्याम् | छन्दोभिः |
| चतुर्थी | छन्दसे | छन्दोभ्याम् | छन्दोभ्यः |
| पञ्चमी | छन्दसः | छन्दोभ्याम् | छन्दोभ्यः |
| षष्ठी | छन्दसः | छन्दसोः | छन्दसाम् |
| सप्तमी | छन्दसि | छन्दसोः | छन्दःसु / छन्दस्सु |
| सम्बोधनम् | हे छन्दः | हे छन्दसी | हे छन्दांसि |
‘ष्’ कारान्तः नपुंसकलिङ्ग ‘चक्षुष्’ शब्दः
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | चक्षुः | चक्षुषी | चक्षूंषि |
| द्वितीया | चक्षुः | चक्षुषी | चक्षूंषि |
| तृतीया | चक्षुषा | चक्षुष्याम् | चक्षुष्मिः |
| चतुर्थी | चक्षुषे | चक्षुष्याम् | चक्षुष्येः |
| पञ्चमी | चक्षुषः | चक्षुष्याम् | चक्षुष्येः |
| षष्ठी | चक्षुषः | चक्षुषोः | चक्षुषाम् |
| सप्तमी | चक्षुषि | चक्षुषोः | चक्षुःषु / चक्षुष्पु |
| सम्बोधनम् | हे चक्षुः | हे चक्षुषी | हे चक्षूंषि |
सुप्-प्रत्ययाः
(पुल्लिङ्गे स्त्रीलिङ्गे नपुंसकलिङ्गे च)
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | सु | औ | जस् |
| द्वितीया | अम् | औट् | शस् |
| तृतीया | टा | भ्याम् | भिस् |
| चतुर्थी | ङे | भ्याम् | भ्यस् |
| पञ्चमी | ङसि | भ्याम् | भ्यस् |
| षष्ठी | ङस् | ओस् | आम् |
| सप्तमी | ङि | ओस् | सुप् |