स्वतंत्र होन की लड़ाई कठपुतलियों ने कैसे लड़ी होगी और स्वतंत्र होने के बाद उन्होंने स्वावलंबी होने के लिए क्या-क्या प्रयत्न किए होंगे? यदि उन्हें फिर से धागे में बाँधकर नचाने के प्रयास हुए होंगे तब उन्होंने अपनी रक्षा किस तरह के उपायों से की होगी?

स्वतंत्रता की बात पर धीरे-धीरे सभी कठपुतलियों ने आपस में विचार विमर्श किया होगा और एक साथ आवाज उठाने का निर्णय लिया होगा। उन सबने एक साथ अपनी लड़ाई लड़ी होगी और जीत हासिल की होगी। फिर से धागे में बाँधकर नचाने के प्रयास होने पर उन्होने अपनी आने वाली पीढ़ी को शिक्षा के प्रति जागरूक किया, जिससे वे शिक्षित होकर इस बंधन से मुक्त हो सकें और अपनी स्वतंत्रता की रक्षा खुद कर सकें। अपनी स्वतंत्रता की रक्षा के लिए उन्होंने जी-जान से प्रयास कर पढ़ाई पूरी की होगी ताकि उन्हें फिर से परतंत्रतापूर्ण जीवन जीना पड़े|


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